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  • CM योगी आज मेरठ में करेंगे शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा, कांवड़ियों के स्वागत की खास तैयारी

    CM योगी आज मेरठ में करेंगे शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा, कांवड़ियों के स्वागत की खास तैयारी

    मेरठ में शिवभक्तों पर आज पुष्पवर्षा करेंगे मुख्यमंत्री योगी

    हिंडन से मेरठ तक कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण और मोदीपुरम में शिवभक्तों का अभिनंदन करेंगे सीएम योगी

    शिवभक्तों की आस्था के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार

    लखनऊ/मेरठ
     सावन में शिवमय आस्था के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ में कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का पुष्पवर्षा से स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के प्रति श्रृद्धा, सम्मान और प्रदेश सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री इस दौरे में कांवड़ यात्रा का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री हिंडन एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर द्वारा मेरठ पहुंचेंगे। इस दौरान वह हिंडन से मेरठ तक पूरे कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण कर सुरक्षा, यातायात और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मोदीपुरम क्षेत्र स्थित दुल्हैड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। कार्यक्रम स्थल पर मंच, बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सीएम के आगमन के लिए शोभित विश्वविद्यालय परिसर में हेलिपैड तैयार किया गया है। एलआईयू, एंटी-सबोटाज और बम निरोधक दस्ता लगातार क्षेत्र की जांच कर रहा है, जबकि कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    शुक्रवार को एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल और एसएसपी अविनाश पांडेय ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसपी सिटी ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से मोदीपुरम से रुड़की रोड तक कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी की।

    प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कांवड़ मार्ग पर चिकित्सा शिविर, पेयजल, विश्राम स्थल एवं स्वच्छता बनाए रखने की व्यापक व्यवस्था की गई है। शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और प्रतिदिन लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा को शिवभक्तों के सम्मान और आस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है।

  • UP Sports Infrastructure: गोरखपुर का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तेजी से आकार ले रहा, 3 महीने में 20% निर्माण पूरा

    UP Sports Infrastructure: गोरखपुर का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तेजी से आकार ले रहा, 3 महीने में 20% निर्माण पूरा

    योगी सरकार की खेल क्रांति: गोरखपुर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मात्र तीन महीने में लगभग 20% तैयार

    भूमिपूजन के बाद युद्धस्तर पर काम, पाइल फाउंडेशन पूरा

    46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला बनेगा स्टेडियम

    स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों की आधुनिक खेल सुविधाएं होंगी उपलब्ध

    पूर्वांचल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया केंद्र

    लखनऊ 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। महज तीन महीने में ही करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस स्टेडियम के बन जाने से पूर्वांचल में न केवल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन संभव होगा, बल्कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 

    भूमिपूजन के तीन महीने बाद निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

    स्टेडियम का 16 मई 2026 को भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने ईपीसी मोड पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मुख्य स्टेडियम परिसर की लेवलिंग और पाइल फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाहरी क्षेत्र में लेवलिंग, सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। अब तक परियोजना के लिए 110 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि स्टेडियम का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित 24 माह की अवधि में पूरा कराया जाए।

    46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

    प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी स्वीकृत कर जारी कर दी है। इससे पहले 63.39 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की लागत और समय-सीमा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। 

    विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

    स्टेडियम का निर्माण ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट पिच, आधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, अत्याधुनिक ब्रॉडकास्टिंग सुविधाएं, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम, अभ्यास सुविधाएं और दर्शकों के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्टेडियम की सभी तकनीकी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, इसके लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विषय विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित की गई है। यह समिति पिच के आयाम, आउटफील्ड, लाइटिंग, सिटिंग व्यवस्था और प्रसारण सुविधाओं सहित सभी तकनीकी पहलुओं की निगरानी कर रही है।

    आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर

    निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। परियोजना में वित्तीय किश्तों का भुगतान भी गुणवत्ता परीक्षण से जोड़ा गया है और न्यूनतम पांच स्थलीय निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर ही अगली किश्तें जारी की जाएंगी। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी बनी रहेगी। स्टेडियम का क्षेत्र अपेक्षाकृत लो-लाइंग है, इसलिए भविष्य में जलभराव की किसी भी संभावना से बचने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक स्वीकृतियां भी सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि भविष्य में संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। 

    गोरखपुर में निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम  शासन व सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। शासन स्तर से इसकी प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में यह स्टेडियम पूर्वांचल क्षेत्र के महत्वपूर्ण क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित होगा।

    कुमार विनीत, विशेष सचिव, खेल विभाग

  • UP Budget: पंचायतों को और सशक्त बनाएगी योगी सरकार, अनुपूरक बजट में मिले ₹241.31 करोड़

    UP Budget: पंचायतों को और सशक्त बनाएगी योगी सरकार, अनुपूरक बजट में मिले ₹241.31 करोड़

    पंचायतों को और सशक्त बनाएगी योगी सरकार, अनुपूरक बजट में मिले 241.31 करोड़ रुपये

    प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 109.98 करोड़ रुपये का प्रावधान

    ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना के लिए 70 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान

    लखनऊ
     योगी सरकार ने पंचायतों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में 241.31 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायतों को सामाजिक, प्रशासनिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।

    हर विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन

    अनुपूरक बजट में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए 109.98 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। योगी सरकार का उद्देश्य पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई तक सीमित न रखकर उन्हें ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और सामाजिक आयोजनों का सशक्त केंद्र बनाना है।

    ग्राम सचिवालयों में मिलेंगी डिजिटल सेवाएं

    ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए प्रदेश के सभी ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए अनुपूरक बजट में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और अधिकांश सुविधाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।

    सौर ऊर्जा से गांव होंगे आत्मनिर्भर

    योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत 30 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। इससे ग्राम पंचायतों में ऊर्जा संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने और बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

  • बायोएनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी, CM योगी करेंगे India Bioenergy & Tech Expo 2026 का शुभारंभ

    बायोएनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी, CM योगी करेंगे India Bioenergy & Tech Expo 2026 का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026 का शुभारंभ

    उत्तर प्रदेश बनेगा देश के सबसे बड़े बायोएनर्जी सम्मेलन का केंद्र

    11 से 13 अगस्त तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा देश का सबसे बड़ा बायोएनर्जी सम्मेलन एवं प्रदर्शनी

    आईबेट एक्सपो 2026 उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी निवेश, नवाचार और नीतिगत संवाद के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करेगा

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करने जा रहा है। इसी दिशा में  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 से 13 अगस्त 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले तीसरे इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो में शामिल होने की सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।

    इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी एवं एमएम एक्टिव साइ-टेक कम्युनिकेशंस द्वारा उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के सह आयोजन में आयोजित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य प्रदेश को बायोएनर्जी, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, हरित उद्योगों और सतत औद्योगिक विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।

    इस आयोजन को भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग का सहयोग प्राप्त है। "कम-कार्बन विश्व के लिए उन्नत बायोएनर्जी समाधान" विषय पर आधारित यह आयोजन देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और निवेशकों को एक साझा मंच पर लाएगा।
    स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से उभरते उत्तर प्रदेश के लिए आईबीईटी एक्सपो 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, उद्योग साझेदारी और नीतिगत विमर्श का राष्ट्रीय मंच बनने जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नेट-जीरो लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की भूमिका को और सशक्त बनाना है।

         इस अवसर पर आईएफजीई के महानिदेशक संजय गजू ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहभागिता उत्तर प्रदेश की बायोएनर्जी क्षेत्र के विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आईबेट एक्सपो 2026 नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, नवाचारकर्ताओं और निवेशकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां नई साझेदारियों, निवेश के अवसरों और अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। हमें विश्वास है कि यह आयोजन भारत के बायोएनर्जी क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली और निर्णायक मंच बनकर उभरेगा तथा देश की हरित अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

        तीन दिवसीय इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के साथ एक विशाल प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें कम्प्रेस्ड बायोगैस, एथेनॉल, बायोडीज़ल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायो-मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, मरीन फ्यूल्स, बायोमास पेलेट एवं ब्रिकेट्स, कार्बन मार्केट, ग्रीन एट्रिब्यूट्स तथा अन्य उभरती बायोएनर्जी तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।

       इस सम्मेलन में विद्युत मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, नीति आयोग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग  तथा भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी सहित विभिन्न मंत्रालयों एवं संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे।

        आईबीईटी एक्सपो 2026 में 25 से अधिक तकनीकी सत्र, 120 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 150 से अधिक प्रदर्शक, 1,000 से अधिक प्रतिनिधि तथा 15,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है। इससे यह आयोजन भारत के बायोएनर्जी क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रभावशाली उद्योग सम्मेलन बनने जा रहा है।

        इस आयोजन को प्राज इंडस्ट्रीज़, रिलायंस बायोएनर्जी, अशोक लेलैंड, गैस लैब एशिया, ट्रूऑल्ट बायोएनर्जी, नोवोनेसिस, टीवीएस, ग्रूनर, एएम ग्रीन, हीरो मोटोकॉर्प, इंडियनऑयल, अडानी वेंचर्स तथा गेल जैसी अग्रणी कंपनियों का समर्थन प्राप्त है। वहीं जीआईज़ेड , ईवाई , द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) तथा चीनीमंडी जैसे प्रतिष्ठित नॉलेज पार्टनर भी इस आयोजन से जुड़े  हैं।
    सरकार, उद्योग, निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक मंच पर लाकर आईबीईटी एक्सपो 2026 नई साझेदारियों को बढ़ावा देने, अत्याधुनिक बायोएनर्जी तकनीकों के व्यावसायिक उपयोग को गति देने तथा भारत को कम कार्बन, ऊर्जा सुरक्षित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

  • योगी सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर किए बड़े इंतजाम

    योगी सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर किए बड़े इंतजाम

    सावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब

    -योगी सरकार ने की कांवड़ियों के स्वागत की भव्य तैयारी, चाक-चौबंद सुरक्षा के इंतजाम 

    -ड्रोन कैमरों, जियो फेंसिंग और हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य

    योगी सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर किए बड़े इंतजाम 

    -वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से लेकर गांवों तक के शिवालयों में भव्य श्रृंगार
     

    लखनऊ.
     ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष से सावन की पावन बेला में समूचा प्रदेश शिवमय हो उठा है। भोलेनाथ की भक्ति में डूबे कांवड़ियों के कंधों पर सजी कांवड़ और श्रद्धालुओं के मन में उमड़ती आस्था, दोनों मिलकर इस सोमवार को अलौकिक बनाएंगे। बाबा भोलेनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा ही है कि देर रात से ही श्रद्धालुओं का शिवालयों की ओर पहुंचना शुरू हो गया और अंधेरे में ‘बोल बम’ के उद्घोष गूंजते रहे। बाबा के जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए कतार में खड़े नजर आएंगे। योगी सरकार ने वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, बागपत, कानपुर, आगरा और संभल सहित कई जिलों में सुरक्षा, सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    रात से ही उमड़ने लगे श्रद्धालु
    आस्था का यह ज्वार सोमवार सुबह से पहले ही दिखने लगा। कानपुर के परमट स्थित ऐतिहासिक आनंदेश्वर मंदिर में रविवार को भी भक्तों की भीड़ रही। इस बार यहां लगभग 3 लाख से अधिक शिवभक्तों के पहुंचने का अनुमान है। बागपत के प्राचीन परशुरामेश्वर (पुरा महादेव) मंदिर में भी रविवार रात से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया, जबकि मेरठ के औघड़नाथ और सिद्धपीठ बाबा बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार तड़के चार बजे मंगला आरती के साथ जलाभिषेक होगा, जहां 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बिल्वेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी हरीशचंद जोशी के अनुसार, मंगला आरती के बाद भगवान शिव का विशेष श्रृंगार होगा और उसके तुरंत बाद जलाभिषेक शुरू कराया जाएगा। 

    भव्य श्रृंगार और अनूठी परंपराएं
    वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है, जहां बाबा का 'शंकर स्वरूप' श्रृंगार होगा और श्रद्धालुओं-कांवड़ियों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया जाएगा। गोरखपुर में पर्यटन विकास योजनाओं के तहत मानसरोवर, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, पितेश्वरनाथ और मोटेश्वर महादेव जैसे शहर और गांव, दोनों के शिवालयों का कायाकल्प हुआ है। संभल जिले की तहसील चन्दौसी स्थित लगभग 118 वर्ष पुराने प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर में भी विशेष तैयारियां हैं, जहां सावनभर 50 हजार से 1 लाख तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस मंदिर की खास पहचान झाड़ू चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे लेकर मान्यता है कि इससे भोलेनाथ की कृपा से कायिक-मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

    चाक-चौबंद सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
    सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए हर जिले में खास तकनीक और जनबल तैनात किया गया है। वाराणसी में एंटी ड्रोन प्रणाली और जियो फेंसिंग के साथ शहर को 5 जोन व 15 सेक्टरों में बांटकर करीब 5,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, वहीं प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग की एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखी गई है। मेरठ और बागपत के पुरा महादेव मंदिर परिसर व कांवड़ मार्ग पर पीएसी और आरएएफ सहित 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, बैरिकेडिंग की गई है और ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी होगी। कानपुर के आनंदेश्वर मंदिर में इस बार हर सेवादार और कर्मचारी के लिए जूना अखाड़ा व पुलिस की मुहर वाला फोटो पास अनिवार्य किया गया है। जाजमऊ के सिद्धनाथ, नवाबगंज के जागेश्वर महादेव और पीरोड के बनखंडेश्वर मंदिर में भी बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। संभल में भी रूट डायवर्जन और छह पुलिस चौकियां 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।

    महिला शिवभक्तों के लिए विशेष प्रबंध
    प्रयागराज में शिव भक्ति के साथ नारी शक्ति की भी बड़ी सहभागिता देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगा-यमुना का जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रही हैं। इसके लिए घाटों पर विशेष व्यवस्था के साथ महिला पुलिस फोर्स और आपदा सखियों को तैनात किया गया है, जो मार्गों में महिला श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेंगी।

  • उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी

    उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी

    योगी सरकार, बुलेट की रफ्तार

    बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी

     मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी

     उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी

     तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

     विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।

    तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

    बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
    बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।

    माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
    माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
    26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।

    मिशन मोड में चल रहा है अभियान
    महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

  • आस्था का सागर उमड़ा, शिवालयों में उमड़ी भक्ति की लहर

    आस्था का सागर उमड़ा, शिवालयों में उमड़ी भक्ति की लहर

    हर-हर महादेव का उद्घोष, कंधों पर आस्था लिए बढ़ चले शिवभक्त

    योगी सरकार ने किए हैं सेवा-सुरक्षा दोनों के भरपूर इंतजाम

    आस्था का सागर उमड़ा, शिवालयों में उमड़ी भक्ति की लहर

    लखनऊ
     सावन का पहला दिन, न कोई थकान, न कोई चिंता, बस एक ही धुन, एक ही गूंज ‘बम-बम भोले!’। कंधे पर कांवड़, होठों पर जयकारा और मन में एक अटूट विश्वास कि शिव कल्याण करेंगे। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालयों में घंटियों की गूंज शुरू हो गई और भक्तों की कतारें मंदिरों के बाहर लंबी होती चली गईं। उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग श्रद्धा-आस्था से प्रकाशमान हो चले हैं। उत्तराखंड की ओर से आनेवाले कांवड़िये यूपी सीमा पर अपने सत्कार से अभिभूत हैं। काशी, अयोध्या और प्रयागराज में भी शिवभक्त लंबी यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। सबका भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर है जो हर साल ही उनके लिए हर इंतजाम करती आई है। सरकार ने इस बार भी सेवा और सुरक्षा दोनों के इंतजाम कर रखे हैं। 

    कंधे का बोझ नहीं, आस्था का प्रसाद है कांवड़
    कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, यह त्याग, संयम और समर्पण की एक जीती-जागती मिसाल है। यह तपस्या भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। रास्ते भर लगे सेवा शिविरों में जैसे ही उनका डेरा पहुंचता है, अनजान हाथ उन्हें पानी का गिलास थमाते हैं। जाति, धर्म और भेद की कोई दीवार नहीं, बस एक ही भाव शेष है, सेवा का भाव। हरिद्वार से 131 लीटर गंगाजल लेकर बागपत की ओर बढ़ रहे कांवड़िया अभिषेक त्यागी की आंखों में गजब की चमक थी। उन्होंने कहा, ‘योगी सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा और सेवा शिविरों की उत्कृष्ट व्यवस्था है। पुलिस की मुस्तैदी से श्रद्धालु निश्चिंत होकर यात्रा कर रहे हैं। इससे हमारी आस्था की यात्रा और अधिक सुगम व सुरक्षित बनी है।‘

    नन्हे कदमों में अटूट श्रद्धा
    इस यात्रा की सबसे मार्मिक तस्वीरें तब सामने आती हैं जब उम्र की सीमाएं भी आस्था के आगे बौनी पड़ जाती हैं। हरियाणा के कैथल निवासी महज 11 वर्ष के एक बालक ने हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल उठाया और अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा। सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र में जब यह नन्हा शिवभक्त पहुंचा, तो उसका उत्साह देखकर स्थानीय थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी स्वयं भी उसके साथ काफी दूरी तक चलते हुए उसका हौसला बढ़ाते नजर आए। यह दृश्य ऐसा लगता है जैसे योगी सरकार इस बालक का नमन कर रही हो। कांवड़ यात्रा पूरे समाज का साझा आस्था का उत्सव बन चुकी है, जिसमें प्रशासन भी भक्ति के रंग में रंग गया है।

    सेवा शिविरों में बहती स्नेह की धारा
    मार्ग में जगह-जगह लगे सेवा शिविर इस यात्रा की आत्मा हैं। मेरठ के पूठखास गांव में शुरू हुए एक ऐसे ही शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, जल और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। ऐसे सैकड़ों शिविर पूरे मार्ग पर सजे हैं, जहां स्वयंसेवक बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात सेवा में जुटे हैं। यही निःस्वार्थ सेवा भाव इस यात्रा को केवल एक धार्मिक परंपरा से आगे बढ़ाकर मानवता के एक महान उत्सव में बदला है।

    सीमा द्वारों से गुजरते ही होती है अलौकिक अनुभूति
    उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बने भव्य सीमा द्वार, जिन्हें विशेष रूप से सजाया गया है। यहां मुख्यमंत्री य़ोगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कांवड़ियों का सत्कार हो रहा है। जैसे ही शिवभक्त इन द्वारों से गुजरते हैं, उनके मन में एक अलौकिक अनुभूति जागृत होती है, मानो पूरा उत्तर प्रदेश ही उनकी अगवानी कर रहा हो। यह क्षण हर कांवड़िए के लिए यात्रा की थकान को भुला देने वाला होता है, जहां आस्था अपने चरम पर पहुंच जाती है।

    हर कदम में गूंजता एक ही भाव ‘शिवोहम्’
    पंचक काल के चलते भले ही अभी कांवड़ियों की संख्या सीमित हो, लेकिन जो भी भक्त निकल पड़े हैं, उनके कदमों में कोई शिथिलता नहीं। वे जानते हैं कि उनकी यह यात्रा केवल गंगाजल ढोने की नहीं, बल्कि स्वयं को शिव तत्व से जोड़ने की है। हर हर महादेव के जयघोष के बीच, धूल भरे रास्तों पर नंगे पांव चलते ये शिवभक्त असल में यह संदेश देते हैं कि सच्ची भक्ति में न मौसम की परवाह होती है, न राह की कठिनाई की, बस मन में एक ही भाव होता है, समर्पण का, ‘शिवोहम्’ का। उन्हें किसी बात की चिंता नहीं। जानते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी सुरक्षा सेवा के हर इंतजाम कर रखे हैं।

  • 650वीं जयंती वर्ष पर संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचे CM योगी, मंदिर में की पूजा-अर्चना

    650वीं जयंती वर्ष पर संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचे CM योगी, मंदिर में की पूजा-अर्चना

    सद्गुरु संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर सीएम योगी ने उनकी जन्मस्थली स्थित मंदिर जाकर टेका मत्था

    मुख्यमंत्री ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सामाजिक समरसता का दिया संदेश

    भदोही का नाम पुनः 'संत रविदास नगर' करने की घोषणा से अनुयायियों में उत्साह

    अनुयायियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार, फैसले का किया स्वागत

    11 हजार से अधिक दीपों की रोशनी से आलोकित हुए रविदास पार्क और रविदास घाट

     

    वाराणसी
    संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'समरसता संकल्प सभा' में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर पहुंचकर उनकी प्रतिमा के आगे श्रद्धापूर्वक शीश नवाया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने रविदास स्मारक में लगी उनकी विशाल कांस्य प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।

    जनसभा के बाद रविदास पार्क एवं रविदास घाट पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जनप्रतिनिधियों समेत अन्य लोगो ने 11 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता, और सद्भाव का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से 'संत रविदास नगर' किए जाने की घोषणा का संत रविदास के अनुयायियों ने स्वागत किया। धर्मपाल सिंह और अविनाश चंद्र ने कहा कि गुरु रविदास के नाम पर जिले का नाम होना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। वहीं, वरिंदर बब्लू, देशराज और कृष्ण लाल ने भदोही का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे संत रविदास के प्रति सम्मान बताया।

  • CM ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन-पूजन, लिया आशीर्वाद

    CM ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन-पूजन, लिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर किया बाबा विश्वनाथ का दर्शन

    काशी कोतवाल काल भैरव के चरणों में की पूजा-अर्चना

    मुख्यमंत्री ने श्रावण मास से पर्व बाबा के दर पर शीश झुककर की लोक कल्याण की कामना 

    वाराणसी,
    गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर 'काशी कोतवाल' बाबा काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर जनमानस के सुख, समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को श्रावण मास में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री बुधवार को पहले 'काशी कोतवाल' बाबा काल भैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया।

    इसके बाद मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में प्रवेश कर षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि एवं लोक कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

    श्रावण मास की पूर्व संध्या पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन माह के दौरान दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन, सुरक्षा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि सभी भक्तों को सहज और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सके।

    दर्शन-पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  बच्चों को चॉकलेट दिया तथा उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार भी किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से बच्चे और उनके परिजन उत्साहित रहे।

    दर्शन-पूजन के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद तरुण चुग, प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण आदि मौजूद रहे।

  • UP में SC/ST छात्रों को बड़ा सहारा, योगी सरकार ने 1.39 करोड़ से ज्यादा छात्र-छात्राओं को दी आर्थिक मदद

    UP में SC/ST छात्रों को बड़ा सहारा, योगी सरकार ने 1.39 करोड़ से ज्यादा छात्र-छात्राओं को दी आर्थिक मदद

    योगी सरकार में अब तक अनुसूचित जाति/जनजाति के 1.39 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं मिली आर्थिक सहायता   

    बीते नौ साल में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना से छात्र-छात्राओं को किया गया सशक्त 

    योगी सरकार का लगातार प्रयास, आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा में न बने बाधा

    लखनऊ,
    शिक्षा को सामाजिक सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए योगी सरकार ने अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से बीते नौ वर्षों में 1.39 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और वह विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा तक अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सके।

    तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता, समय पर मिली सहायता 

    योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कई सुधार किए हैं। ओटीआर, बायोमेट्रिक सत्यापन, एस-कोड वैलिडेशन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं से छात्रवृत्ति सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और पात्र विद्यार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाना आसान हुआ है।

    हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंचा लाभ

    पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 4,16,860 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को लाभ मिला। इसके बाद 2018-19 में 5,24,426, 2019-20 में 5,41,386, 2020-21 में 3,62,511, 2021-22 में 3,20,390, 2022-23 में 3,86,139, 2023-24 में 3,74,963, 2024-25 में 4,11,797 तथा 2025-26 में 4,39,647 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वहीं दशमोत्तर स्तर पर 2017-18 में 12,80,515, 2018-19 में 11,43,804, 2019-20 में 13,60,376, 2020-21 में 8,02,648, 2021-22 में 12,29,471, 2022-23 में 9,42,939, 2023-24 में 10,35,766, 2024-25 में 11,76,281 तथा 2025-26 में 11,54,567 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है।

    शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव की पहल

    योगी सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है। छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के बेहतर अवसरों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि, बीते नौ वर्षों में छात्रवृत्ति व्यवस्था में हुए सुधारों ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। सरकार की कोशिश है कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिले और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें।