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  • यूपी में नौकरी की बड़ी सौगात! 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, योगी बोले- हर हफ्ते बांटेंगे नियुक्ति पत्र

    यूपी में नौकरी की बड़ी सौगात! 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, योगी बोले- हर हफ्ते बांटेंगे नियुक्ति पत्र

    लखनऊ 

    यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को खुद इसे लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह प्रदान किए जाएंगे। कहा कि सभी परीक्षाएं पूरी कर ली गई हैं। अब केवल रिजल्ट की प्रक्रिय चल रही है। उन्होंने आयोगों और बोर्ड से कहा कि समयसीमा को औऱ सीमित करे।

    सीएम योगी लखनऊ में 'मिशन रोजगार' के अंतर्गत कृषि विभाग में प्राविधिक सहायकों और राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में मंडी सचिवों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान 3400 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया।

    सीएम योगी ने कहा कि युवा नौकरी के लिए भटकते हैं तो अच्छा नहीं लगता है। हमने आयोग और बोर्ड की बैठक में भी यह कहा है कि इतनी स्वतंत्रता दे रखी है तो परिणाम भी समय पर लाइए। सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा तीन महीने में होती थी और तीन महीने रिजल्ट आने में लगते थे। साल में छह महीने तो ऐसे ही बर्बाद होते थे। फिर पर्व त्योहारों के कारण बच्चों को पढ़ाई के तीन महीने भी नहीं मिल पाते थे।

    पिछली सरकारों खासकर सपा पर हमला करते हुुए कहा कि उस समय सरकार नकल करवाती थी और युवाओं को किसी लायक नहीं छोड़ती थी। अब यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 14 दिनों में संपन्न हो रही हैं और अगले 14 दिनों में परीक्षा परिणाम भी घोषित किए जा रहे हैं। यानी एक महीने से भी कम समय में प्रदेश का युवा अपना परिणाम प्राप्त कर देश के किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन ले सकता है।

    पहले चाचा भतीजा वसूली को निकल जाते थे
    सीएम योगी ने कहा कि जब हम योग्यतम युवाओं का चयन करते हैं तो इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। पिछले नौ साल के अंदर हमने नौ लाख तीस हजार से अधिक यूपी के युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है और एक भी नियुक्ति पर प्रश्नचिह्न नहीं लगा है। सपा पर हमला करते हुए कहा कि पहले नियुक्ति का विज्ञापन निकलता था और चाचा भतीजे की जो़ड़ी और पूरा महाभारत खानदान वसूली के लिए प्रदेश भर में निकल पड़ता था।

    राजनेताओं की गलती के कारण भटकता था युवा
    सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवान भटकता रहता था। न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी। लोग युवाओं को गलत मानते थे कि नौकरी नहीं हासिल कर पा रहा है। जबकि गलती युवाओं की नहीं, उस समय के राजनेताओं और भ्रष्ट सिस्टम की होती थी। अब सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है।

  • योगी सरकार का दावा- पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई यूपी सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा

    योगी सरकार का दावा- पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई यूपी सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा

    योगी सरकार ने पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई यूपी सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा 

    परीक्षा के 24 घंटे में आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की गई प्रोविजनल आंसर शीट

    आयोग की वेबसाइट पर 30 अगस्त तक प्रोविजनल आंसर शीट देख सकेंगे अभ्यर्थी 

    लखनऊ/प्रयागराज
    विगत 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देने वाली योगी सरकार प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शिता के साथ तय समय पर संपादित करा रही है, ताकि युवाओं को उसका पूरा लाभ मिल सके। इसी क्रम में एक और प्रतियोगी परीक्षा न सिर्फ शुचितापूर्वक और पारदर्शी रूप से सम्पन्न हो गई, बल्कि 24 घंटे में इसकी प्रोविजनल आंसर शीट उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की वेबसाइट पर उपलब्ध भी करा दी गई है।

    आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा (प्रा०अ०प०-2025)/08 के अन्तर्गत विभिन्न विभागों के विज्ञापित पदों पर चयन हेतु मुख्य परीक्षा सोमवार 23 अगस्त को संपन्न हुई। आयोग ने इस परीक्षा से संबन्धित समस्त अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि इस लिखित परीक्षा की प्रोविजनल आंसर शीट आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in पर अपलोड कर दी गई है। आयोग की तरफ इसका लिंक https://drive.google.com/file/d/1LKnAXU7pmFRvGthWF1R4xDCZD9PSJEN6/view?usp=sharing भी जारी किया गया है। प्रोविजनल आंसर शीट दिनांक 30-08-2026 तक आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

  • ₹100 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नजर, यूपी में अब थर्ड पार्टी करेगी क्वालिटी ऑडिट

    ₹100 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नजर, यूपी में अब थर्ड पार्टी करेगी क्वालिटी ऑडिट

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की अब थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) कराई जाएगी. सड़कों, पुलों, सीवर, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता से जुड़े कामों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों को सौंपी गई है. वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग मंडलों के लिए IITs को प्रोजेक्ट्स की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। 

    इसके तहत IIT कानपुर को कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन मंडल के जिलों में चल रहे ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता जांच का जिम्मा मिला है. वहीं IIT BHU वाराणसी को बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में परियोजनाओं की जांच करनी होगी. जबकि IIT रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ मंडल के प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। 

    राज्य सरकार परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है और बड़ा फैसला लिया है. यानी कि 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा.परियोजनाओं का कम से कम पांच बार निरीक्षण होगा. रिपोर्ट निरीक्षण के दिन से अधिकतम एक माह के भीतर उपलब्ध करानी होगी. यूपी में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सभी निर्माण परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट होगा. सड़क, पुल, पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन और सीवरलाइन संबंधी कार्य का ऑडिट होगा. आईआईटी और एनआईटी समेत विभिन्न तकनीकी संस्थानों को मंडलवार जिम्मेदारी दी गई है। 

    आईआईटीज ऐसे करेंगी ऑडिट
    योजना विभाग की पहल पर शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा मानकों की निगरानी करना है. थर्ड पार्टी ऑडिट में किसी बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी द्वारा परियोजना की डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री और तय मानकों के पालन की जांच की जाती है. इससे परियोजनाओं की निगरानी में पारदर्शिता आती है और किसी भी तरह के हितों के टकराव की संभावना कम होती है। 

    अधिकारियों के मुताबिक IITs की टीम प्रोजेक्ट शुरू होने से लेकर उसके पूरा होने तक अलग-अलग चरणों में निरीक्षण करेगी. निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। 

  • राहुल के बयान पर भड़के योगी आदित्यनाथ, पूछा- भारत की विरासत क्यों बर्बाद करना चाहते हैं?

    राहुल के बयान पर भड़के योगी आदित्यनाथ, पूछा- भारत की विरासत क्यों बर्बाद करना चाहते हैं?

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को राहुल गांधी के मनुस्‍मृति वाले बयान की तीखी आलोचना की। साथ ही उन्होंने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया कि वह क्‍यों अर्बन नक्सलियों के हाथों भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को खराब करना चाहते हैं?

    सोमवार को योगी आदित्यनाथ 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरीराना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर रायबरेली में आयोजित भाव समर्पण समारोह में पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित 'राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार' का लोकार्पण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों के परिजनों का सम्मान, अवध केसरी स्मारिका और विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन भी किया। इस मौके पर उन्होंने केंद्र के विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

    भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं राहुल
    रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गढ़ में मनुस्मृति को लेकर उनके पुणे में दिये गये कथित बयान का जिक्र करते हुए योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि भारत को राहुल गांधी से व्यक्तिगत तौर पर कोई उम्मीद नहीं है लेकिन लोकसभा में आपके पास जो नेता प्रतिपक्ष का पद है उससे जरूर उम्मीद है। अपने सवालों को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'आप क्‍यों भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं, क्‍यों भारत के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं? आपसे एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा यह देश रखता था, लेकिन आपने उन भूमिकाओं को बर्बाद कर दिया।

    गांधी परिवार को ढोता रहा रायबरेली और अमेठी
    योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में आगे कहा, 'आपने उन जिम्मेदारियों से अपने आपको पूरी तरह अलग कर दिया। अमेठी और रायबरेली इस परिवार को ढोता तो रहा, लेकिन इस क्षेत्र के सामने इस परिवार ने हमेशा पहचान का संकट खड़ा किया। यहां के संस्थानों के नाम, यहां के स्मारकों के नाम, एक परिवार के नाम पर हो जाएं, इनको अच्छा लगता था, लेकिन राना बेनी माधव बख्श सिंह या किसी वीरा पासी के नाम पर आपने या आपके लोगों ने सोचा भी नहीं।'

    राहुल गांधी ने मनुस्मृति के नियम को बताया था शर्मनाक
    दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम छात्रों की गूंज में कहा था कि महिलाओं का अपना अस्तित्व है। उनकी पहचान को उनके पिता, पति या बेटों के अधीन नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति के उस नियम को शर्मनाक बताया, जिसके अनुसार महिला को जीवन के हर चरण में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहना चाहिए।

  • पशुपालन से आत्मनिर्भर बनने की चाह, पूनम की बात सुनते ही CM योगी ने अफसरों को दिए मदद के निर्देश

    पशुपालन से आत्मनिर्भर बनने की चाह, पूनम की बात सुनते ही CM योगी ने अफसरों को दिए मदद के निर्देश

     लखनऊ
    सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में सोमवार को सीतापुर की एक महिला अपनी अलग इच्छा लेकर पहुंचीं. हरगांव के गुरुदेव नगर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कहा कि वह गाय पालन के जरिए अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं. उनके पास पहले से पांच गाय हैं और रखने के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध है. पूनम की बात सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी मदद का भरोसा दिया और अधिकारियों को आदेश दिया कि  उन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और नियमानुसार योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए। 

    पूनम देवी ने मुख्यमंत्री को दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन को अपने परिवार की आय का जरिया बनाना चाहती हैं. उनके पास अभी पांच गाय हैं. वह कुछ और गाय पालना चाहती हैं, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें. मुख्यमंत्री ने महिला की इच्छा को ध्यान से सुना और तत्काल अपर मुख्य सचिव, पशुधन को निर्देशित किया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराया जाए. साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा. पूनम देवी का कहना है कि वह किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं. उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्हें पालने के लिए पर्याप्त जगह भी है. अब वह गोपालन का विस्तार करना चाहती हैं. उनका मानना है कि अगर उन्हें कुछ और गाय मिल जाएं तो दूध की बिक्री से नियमित आमदनी हो सकती है. इससे वह अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगी. जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें हरसंभव नियमानुसार मदद उपलब्ध कराई जाए। 

    सीएम योगी ने कहा- गोसेवा करिए, बाधाएं और कष्ट दूर होंगे
    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने उन्हें गोसेवा के लिए भी प्रेरित किया. सीएम योगी ने कहा कि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास माना गया है. उन्होंने पूनम से कहा कि मन से गोसेवा करें. मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धा और मन से की गई गोसेवा से जीवन की बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं. पूनम देवी ने भी अपनी इच्छा पूरी करने की दिशा में मुख्यमंत्री की ओर से मिले भरोसे के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि श्रावण मास में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने और मदद का आश्वासन मिलने से उन्हें खुशी हुई है। 

    जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं लोगों की समस्याएं
    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक कर लोगों से मुलाकात की. उन्होंने लोगों का हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं. संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए. जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो. जनता दर्शन में एक दिव्यांग व्यक्ति भी अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचा. उसने बताया कि उसकी जमीन पर किसी व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया है. शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की जांच कराने और नियमानुसार पीड़ित की यथासंभव मदद करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायत की जांच कराकर समस्या का जल्द समाधान कराया जाए। 

    योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में आए लोगों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की लापरवाही न हो. पूनम देवी का मामला भी इसी पहल से जुड़ा है. वह गोपालन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाकर परिवार को आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पशुधन विभाग की ओर से उन्हें उपलब्ध योजनाओं और निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 

  • योगी सरकार की बड़ी सौगात, PRD स्वयंसेवकों का भत्ता ₹500 से बढ़ा; ‘मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना’ भी शुरू

    योगी सरकार की बड़ी सौगात, PRD स्वयंसेवकों का भत्ता ₹500 से बढ़ा; ‘मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना’ भी शुरू

    लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों की डबल सौगात दी है। जवानों और उनके परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की कैशलेस सुविधा देने के साथ ही दैनिक ड्यूटी भत्ता में बढ़ोतरी कर दी है। पीआरडी जवानों को अब 500 की जगह 600 रुपये ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी तीन बार जवानों का भत्ता बढ़ा चुके हैं।

     गोरखपुर में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में सीएम योगी ने पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण कर ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास किया।

    आठ साल में चौथी बार बढ़ाया गया भत्ता
    पीआरडी जवानों के लिए नई घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को 2019 तक 250 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था। 2019 में उन्होंने इसे बढ़ाकर 375 रुपये और 2022 में बढ़ाकर 395 रुपये किया था। 2025 में भत्ता वृद्धि फिर से की और बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया। अब पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता 500 से रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने जा रहे हैं। 8 वर्ष में ही यह 250 से बढ़कर 600 रुपये होने जा रहा है। यह वृद्धि सौ प्रतिशत से भी अधिक है।

    अब ड्यूटी के लिए कम पड़ रहे जवान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक अपनी भूमिका समर्पण भाव से निभाते हैं। पर, इसके बावजूद 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी। जबकि आज उनके महत्व को समझा गया तो ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा हो, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, ट्रैफिक संचालन में सहयोग, चुनाव ड्यूटी हो या अन्य किसी भी कार्य में प्रशासन-पुलिस का सहयोग, पीआरडी जवानों ने अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव से कार्य किया।

    किसी भी सरकारी और इम्पैनल्ड अस्पताल में मुफ्त इलाज
    सीएम योगी ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रदेश को प्रगति में योगदान, समर्पण और सेवाभाव को धन्यवाद देते हुए प्रदेश सरकार उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा दे रही है। इसके अंतर्गत 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को किसी भी सरकारी और सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा प्रतिवर्ष मिलेगी। पीआरडी जवानों की संख्या को उनके परिवार के लिहाज से औसत रूप में देखें तो 1 लाख 55 हजार से अधिक सदस्य इससे लाभान्वित होंगे।

    दस स्वयंसवेकों को योगी के हाथों मिला चिकित्सा कार्ड
    प्रांतीय रक्षक दल के सम्मेलन में दस स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्राप्त हुआ। इनमें गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र, उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत, अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता शामिल रहे।

  • जापान का प्रतिनिधिमंडल बनेगा इस होटल का पहला अतिथिः मुख्यमंत्री

    जापान का प्रतिनिधिमंडल बनेगा इस होटल का पहला अतिथिः मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी ने दिया नया मंत्र- बड़ा सोचो, यूपी जैसा सोचो

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ के गोमतीनगर में किया होटल ताज पैलेस का उद्घाटन

    बोले सीएम योगी आदित्यनाथ- ‘हॉट लैंड ऑफ इंडिया’ है यूपी की धरा

    यूपी की उपलब्धि बता बोले सीएम- अब यूपी के मुकाबले नहीं है कोई देश व भारत के अन्य राज्य

    जापान का प्रतिनिधिमंडल बनेगा इस होटल का पहला अतिथिः मुख्यमंत्री 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोमतीनगर के विभूति खंड में फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलन कर होटल ताज पैलेस का उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने होटल का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्था भी देखी और इसे लखनऊ की उपलब्धि बताई। इसके पश्चात समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘थिंक बिग, थिंक लाइक यूपी’ (बड़ा सोचो, यूपी जैसा सोचो) का मंत्र दिया। उन्होंने होटल ताज पैलेस के एमडी को बधाई दी और कहा कि यह होटल इस टैगलाइन के साथ खुद को जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन समेत कई शहर ऐसे होटल की मांग कर रहे हैं, आशा है कि इसमें वृद्धि होगी। 

    उत्तर प्रदेश में बसती है भारत की आत्मा
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश में बसती है। उस आत्मा को नकारने का प्रयास किया गया, जिससे पहचान का संकट आया। यूपी के पास लंबी श्रृंखला है, जिसने भारत की इस आत्मा को पहचान दी। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, काशी, प्रयागराज, भगवान बुद्ध की जन्मस्थली/महापरिनिर्वाण स्थली/ज्ञान स्थली, सर्वाधिक जैन तीर्थंकर इस धरती पर पैदा हुए। दुनिया की सबसे पवित्र नदियों में मां गंगा, यमुना, सरयू उत्तर प्रदेश में है। गंगा-यमुना यूपी में सबसे अधिक दूरी तय करती हैं। इतना कुछ होने के बावजूद जब हम लोगों ने खुद को ही विस्मृत कर दिया तो पहचान का संकट आया था। 

    ‘हॉट लैंड ऑफ इंडिया है’ यूपी की धरा
    सीएम ने कहा कि हम लोगों ने साढ़े नौ वर्ष में इस आत्मा को पहचाना और साबित किया कि यूपी अनलिमिटेड पोंटेशियल का स्टेट है। यूपी की धरा ‘हॉट लैंड ऑफ इंडिया’ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 2017 में हमारी सरकार बनी थी तो पर्यटन क्षेत्र में हम देश में तीसरे स्थान पर थे, लेकिन 2025 में 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश के काशी, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन, अयोध्या आदि तीर्थस्थलों पर आए। 10 वर्ष पहले यूपी के बारे में धारणा बहुत अच्छी नहीं थी। ताज पैलेस जैसे होटल बनना सपना था लेकिन 2017 के पहले जैसी स्थिति के बावजूद ताजमहल होटल अब तक बना हुआ है तो यह इस धऱती का प्रभाव है।   

    दुनिया का कोई देश व भारत का कोई राज्य अब यूपी के मुकाबले नहीं आता है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि विकास करना है तो विरासत को विस्मृत न करो। विकास व विरासत के बीच में बेहतरीन समन्वय होना चाहिए। हमने इसे आपस में जोड़कर यूपी को पर्यटन के बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है। दुनिया का कोई देश व भारत का कोई राज्य भी अब यूपी के मुकाबले नहीं आता है। यूपी सब पर भारी है। उन्होंने कहा कि एक जिला- एक उत्पाद के बाद एक जिला-एक व्यंजन को पहचान दिलाई जा रही है। 

    लखनऊ तीसरा शहर, जहां ताजमहल और ताज पैलेस दोनों होटल
    सीएम ने कहा कि ताज ग्रुप की लंबी श्रृंखला है। 1903 में ताज ग्रुप का पहला होटल मुंबई में बना। वहां ताजमहल व ताज पैलेस के नाम पर दो होटल बने। इसके उपरांत दिल्ली में बने। लखनऊ तीसरा शहर है, जहां ताजमहल और ताज पैलेस दोनों है। लखनऊ अपनी विरासत, सांस्कृतिक परंपरा के लिए जाना जाता है। यूनेस्को ने लखनऊ को विशेष रूप से महत्व दिया है। 

    सीएम ने ताज पैलेस की खूबियों से भी कराया अवगत 
    सीएम योगी ने कहा कि जब हम लोगों ने यूपी की पहचान को बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया तो यह माना कि यहां की संभावनाओं को एक्सप्लोर करने का समय है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा का माहौल और आमजन के मन में खुद को कार्यों से जोड़ने के लिए भाव भी चाहिए। यूपी में अब यह परिवर्तन दिख रहा है। टाटा ग्रुप के होटल चेन की लंबी श्रृंखला देश व यूपी में खड़ी हुई है और यह आज की आवश्यकता भी है। सीएम ने कहा कि ताज पैलेस को बेहतरीन स्वरूप देने का कार्य हुआ है। यूपी के अंदर टूरिज्म पॉलिसी के अंदर जो प्रावधान तय किए थे, उसमें यहां बेहतरीन सुविधाएं भी दी गई हैं। होटल में 181 रूम व शूट्स के साथ ही यहां भव्य प्रेसिडेंसियल शूट भी है। 10,000 वर्गफुट का पिलरलेस बैंक्वेट हॉल भी है। 

    जापान का प्रतिनिधिमंडल बनेगा इस होटल का पहला अतिथि 
    सीएम ने कहा कि कल व आज दिल्ली में यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट का आयोजन किया गया। सीएम ने टेक्नोलॉजी, रिसर्च में जापान की उपलब्धि को भी चिह्नित किया और कहा कि भारत में पहली बार कोई राज्य 200 से अधिक फॉरेन इन्वेस्टर्स, इंड्स्ट्री लीडर व इंड्स्ट्री सीईओज को एक साथ बुलाने में सफल हुआ है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, मॉडर्न टेक्नोलॉजी, सेमीकंड्क्टर, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक, ऑटोमोबाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों में यूपी में निवेश को लेकर उत्सुकता दिखाई है। सीएम ने कहा कि जापान से आया प्रतिनिधि मंडल इस होटल का सबसे पहला अतिथि होगा। 

    600 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोग पाएंगे रोजगार 
    सीएम ने कहा कि ऐसे स्थलों पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, समारोह, मांगलिक, सार्वजनिक कार्यक्रमों को करने में बेहतरीन सुविधाएं प्राप्त होती हैं। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में राज्य में नया ईकोसिस्टम खड़ा करता है। सीएम ने कहा कि अक्सर लोग होटल, हॉस्पिटल, मॉल, इंस्टीट्यूशन को व्यक्ति का निवेश मानते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं मानते। यह क्षेत्र इकोसिस्टम को प्रभावित करता है और अनेक लोगों को रोजगार देता है। होटल ताज पैलेस प्रत्यक्ष रूप से 600 व अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोग इसकी सप्लाई चेन से जुड़कर रोजगार पाएंगे। 

    अब बदल चुका है यूपी, देश में एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत इसी प्रदेश में
    सीएम ने कहा कि यूपी अब बदल चुका है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के कारण इसकी नई पहचान बनी है। देश के अंदर एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत शेयर यूपी के पास है। यूपी के सर्वाधिक शहरों में मेट्रो संचालित है। यहां पहली रैपिड रेल, इनलैंड वाटर वे भी प्रारंभ हुआ है। अब यहां सुरक्षा का बेहतरीन माहौल भी है। अब यूपी ने यहां के हॉस्पिटैलिटी समेत हर क्षेत्र में विकास के रूप में अलग पहचान बनाई है। ओडीओपी से यूपी दो लाख करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट कर रहा है। इससे अनेक लोगों को रोजगार से जोड़ने में मदद मिली है। 

    विकसित भारत के विकसित यूपी में हॉस्पिटैलिटी के बेहतरीन केंद्र भी आवश्यक 
    मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के विकसित भारत की संकल्पना की कड़ी में यूपी के जुड़ाव की भी बात कही और बताया कि शॉर्ट टर्म, मीडियम व लॉन्ग टर्म प्लानिंग तय की है। 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करेंगे। देश जब आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब विकसित भारत के विकसित यूपी में हॉस्पिटैलिटी के बेहतरीन केंद्र भी आवश्यक हैं। 

    जिस परंपरा से जुड़ें, वहां स्थानीय खानपान को और भी महत्व दें
    सीएम ने कहा यूनेस्को ने लखनऊ के खानपान को लेकर इसे ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता दी है। यूनेस्को लखनऊ के खानपान, परंपरा को स्वीकार कर रहा है। सीएम ने ताज ग्रुप के अधिकारियों से कहा कि जिस परंपरा से जुड़ें, वहां के लोकल सुविधाओं को भी जोड़ें। यहां की लजीज गली बहुत प्रसिद्ध है, वहां हर परिवार भी जाता है। सीएम ने स्टैंडर्ड हाईजीन किचन की भी तारीफ की और बलिया के लोगों के गमछे में बंधे सत्तू का भी जिक्र किया। कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बाटी-चोखा, सत्तू (रेडिमेड भोजन) समेत अवध के खानपान को और महत्व दें। मिलेट्स में भी काफी संभावनाएं हैं। 

    सिर्फ वर्तमान में न जिएं, बल्कि भविष्य के बारे में भी सोचें 
    सीएम ने कहा कि हम केवल वर्तमान में ही न जिएं, बल्कि भविष्य के बारे में भी सोचें। युवाओं के स्किल को स्किलिंग से जोड़ें तो डबल सरकार की स्पीड यूपी को वहां पहुंचाएगी, जहां अनलिमिटेड पोटेंशियल के साथ-साथ भारत के इकॉनमिक ग्रोथ इंजन को लीड करने वाले राज्य के रूप में खुद को स्थापित करेगा। 9 वर्ष में हम बॉटम थ्री से टॉप थ्री में स्थापित हुए हैं। 

    इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के एमडी पुनीत चटवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। 

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, होटल ताज पैलेस लखनऊ के एमडी अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।

  • योगी सरकार ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, 310 कर्मचारियों को फायदा; जानें किसे कितना मिलेगा

    योगी सरकार ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, 310 कर्मचारियों को फायदा; जानें किसे कितना मिलेगा

    परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों को योगी सरकार का तोहफा, मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

    तीन पदों के लिए जुलाई से बढ़ा मानदेय, आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सीधा लाभ

    प्रदेश सरकार कर्मचारियों एवं कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील: परिवहन मंत्री

    परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण

    लखनऊ
     योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की वृद्धि की है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के मानदेय में यह बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस निर्णय से इन कार्मिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।

    परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई से इन कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

    वेतन वृद्धि का ब्योरा
    इस वृद्धि का लाभ परिवहन निगम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के 249 कार्मिकों को मिलेगा। इनका मानदेय लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक हो जाएगा। इसी तरह लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है और उनका वेतन लगभग वरिष्ठता के क्रम में 20 हजार से 26 हजार रुपये तक हो जाएगा। वहीं प्रोग्रामर पद पर कार्यरत 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो जाएगा।

    परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके मानदेय में नियमित वृद्धि से न केवल उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी।

  • आज युवा-युवा चिल्लाने वालों ने अपनी सत्ता में युवाओं के लिए कुछ नहीं किया : मुख्यमंत्री

    आज युवा-युवा चिल्लाने वालों ने अपनी सत्ता में युवाओं के लिए कुछ नहीं किया : मुख्यमंत्री

    युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है माफिया प्रवृत्ति: मुख्यमंत्री योगी

    पूर्व की सरकारों के एजेंडे में नहीं था युवा, तब सब कुछ माफिया की गिरफ्त में : मुख्यमंत्री

    आज युवा-युवा चिल्लाने वालों ने अपनी सत्ता में युवाओं के लिए कुछ नहीं किया : मुख्यमंत्री

    गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने

    युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले माफिया की जब्त कर रहे पूरी सम्पत्ति : मुख्यमंत्री
     
    गोरखपुर,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति, युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है। शिक्षा माफिया हो, पेशेवर माफिया, खेल माफिया, ड्रग माफिया हो या किसी भी फील्ड का माफिया। यदि माफिया प्रवृत्ति बढ़ेगी तो सबसे ज्यादा क्षति युवा शक्ति की होगी। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को बचाने के लिए आवश्यक है कि डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सकारात्मक सोच के साथ सार्थकता प्रदान की जाए। 

    सीएम योगी सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर खेल विभाग और जिला कुश्ती संघ की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। आज जो लोग युवा-युवा कहकर चिल्ला रहे हैं, वास्तव में उनके एजेंडे में युवा कभी था ही नहीं। यह केवल युवाओं का दुरुपयोग करना चाहते हैं। जब इनको सत्ता में रहने का अवसर मिला तो उन्होंने युवाओं के हितों के लिए कुछ भी नहीं किया। तब उन्होंने सबकुछ माफिया की गिरफ्त में डाल दिया था। 

    सीएम योगी ने कहा कि युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी माफिया, चाहे वह नकल माफिया हो, शिक्षा माफिया या किसी भी फील्ड का माफिया, अगर उसने किसी युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ किया तो उसकी पूरी प्रॉपर्टी को जब्त करते हुए हम उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।

    खेल संस्कृति में हुआ व्यापक परिवर्तन
    सीएम योगी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में हम सबने बदलते हुए भारत को देखा है। यहां खेल संस्कृति के क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन हुआ है। खेल के लिए खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग के माध्यम से नई-नई प्रतियोगिताएं आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अभी कॉमनवेल्थ खेलों में आपने देखा होगा कि भारत के खिलाड़ियों का जोश हाई था। भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे, देश के लिए मेडल जीते। उत्तर प्रदेश के भी नौ खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उनमें से तीन खिलाड़ियों ने मेडल प्राप्त किए हैं। एक गोल्ड मेडल, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल यूपी से जुड़े हुए खिलाड़ियों ने देश के लिए प्राप्त किए हैं। 

    शीघ्र ही 500 और खिलाड़ियों को देंगे सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खेल नीति लाकर यह व्यवस्था बनाई है कि जो भी खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतेगा, हम उसको सीधे सरकारी नौकरी देंगे। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके हैं। खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी तक का पद खिलाड़ियों को दिया गया है। बहुत शीघ्र, अगले एक महीने के अंदर फिर से 500 पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के जो खिलाड़ी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतते हैं उनको 6 करोड़, सिल्वर मेडल जीतने वाले को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 2 करोड़ रुपये यूपी सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने पर 10 लाख और कॉमनवेल्थ व एशियाड में 5-5 लाख की सहायता दी जाती है। नेशनल गेम्स के लिए भी उन्हें फैसिलिटेट करते हैं। 

    खेल संस्कृति को बढ़ाने के लिए समाज को भी जुड़ना होगा, निजी एकेडमियों की करेंगे मदद
    सीएम योगी ने कहा कि खेल और खेल की संस्कृति को बढ़ाने के लिए सरकार के साथ समाज को जुड़ना होगा, स्वयंसेवी संगठनों को जुड़ना होगा। दूसरों की गलती निकालने की बजाय हमें अपने स्तर पर भी उस कार्यक्रम में सहभागी बनना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी एकेडमी कोई चलाएगा तो सरकार उसको सहायता प्रदान करेगी क्योंकि वह युवाओं को तराशने का काम कर रहा है। हमारे पहलवान, पुराने उस्ताद अपने अखाड़े चलाते थे, उनका भी रजिस्ट्रेशन हो। उनके लिए अखाड़ों का निर्माण हो, उनके लिए मैटिंग पर और अन्य सहायता दी जाएगी। कोचेज के लिए, मैनेजर के लिए, सहायता प्राप्त हो, इसकी व्यवस्था बनाई जाएगी।  उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स के जिस भी क्षेत्र में निजी क्षेत्र सहयोग करेगा, राज्य सरकार की खेल नीति उसमें सहयोग करने की है, हम उसको पूरा सहयोग करेंगे। सीएम योगी ने गाजीपुर की खेल संस्कृति की चर्चा करते हुए कहा कि ओलंपिक में देश के लिए मेडल प्राप्त करने वाले दो खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल गाजीपुर के ही एक निजी स्टेडियम से पनपे हैं, आगे बढ़े हैं। 

    खेल के लिए सरकार ने बनाया इको सिस्टम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर गांव में खेल का मैदान हो, ओपन जिम का निर्माण हो, हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम, हर जनपद में स्टेडियम, हर कमिश्नरी स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज और हर स्पोर्ट्स कॉलेज में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हो। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मतलब किसी एक खेल को लेकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर की जो भी विशिष्टताएं हैं, उन विशिष्टताओं को लेकर के हम इन प्रतियोगिताओं को, पुराने खिलाड़ियों को कोचेज के रूप में रख करके उन प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाने का कार्य करें। एक तरह से इको सिस्टम बनाने का काम सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी नहीं थी। हमने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में स्पोर्ट्स युनिवर्सिटी बना दी है। अब वहां पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं। नई-नई प्रतियोगिताएं वहां प्रारंभ हो गई हैं। वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जा रहा है। डबल इंजन की सरकार के स्तर पर कोई कमी नहीं है। युवाओं को इस अवसर का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2030 का कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होने जा रहे है और भारत की इस प्रतियोगिता में कोई खिलाड़ी चूकना नहीं चाहिए। इसकी तैयारी अभी से यूपी के अंदर प्रारंभ हो जानी चाहिए।

    ड्रग और स्मार्टफोन, दोनों के नशे से दूर रहें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि याद रखना चाहिए, खेल और खेलकूद की गतिविधियों से जितना हमारा युवा जुड़ेगा, उतना ही नशा से दूर रहेगा। दो प्रकार का नशा वर्तमान में पूरी युवा पीढ़ी के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक नशा वह है जो ड्रग आदि नशीले पदार्थों के कारण पैदा हुआ है। नशा माफिया युवा पीढ़ी को निगल करके भारत को खोखला बनाना चाहता है। हमें उसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होना पड़ेगा। हर एक जागरूक नागरिक को, हर राष्ट्रभक्त को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयारी करनी चाहिए। और, दूसरा स्मार्टफोन का नशा। जितना समय आप स्मार्टफोन पर खर्च करते हैं, उसमें से 90 फीसदी फिजूल का है। 10 फीसदी ही मात्र आपके उपयोग का है, बाकी आपके उपयोग के लिए भी नहीं है। अगर उसमें से 5-6 घंटे आप बचत कर सकें, उसमें से केवल एक घंटा अपने शरीर के लिए दे सकें, तो स्वस्थ हो जाएंगे। शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा। मस्तिष्क स्वस्थ होगा तो भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में आप अपना बेहतरीन योगदान दे पाएंगे। मानसिक तनाव से बचे रहेंगे। किसी भी प्रकार की चुनौती से अपने आप को मुकाबला करने के लिए तैयार पाएंगे।  

    खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म अनुशासन का
    सीएम योगी ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म अनुशासन का होता है, आत्मसंयम का होता है। वह समय पर जगता है, समय पर सोता है, खान-पान के नियमों का पालन करता है। गुरु-शिष्य की परंपरा का पालन करता है। उन्होंने कहा कि आप देखते होंगे जब पहलवान अखाड़े में आता है तो कोच, उस्ताद को प्रणाम करके आता है। श्रद्धा का यह भाव उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता है, उसको एक ताकत देता है। क्योंकि पुराने जो खिलाड़ी हैं, पहलवान हैं, पुराने उस्ताद हैं, ये कोचेज हैं, इन्होंने अपने जीवन को तपाया है, खपाया है। अलग विषय है कि उनके समय में संसाधन नहीं था, प्रोत्साहन नहीं था। अन्यथा उनको भी प्रोत्साहन और संसाधन मिलता, तो वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम आगे कर सकते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा जो पहलवान होता है, वह सात्विक भी होता है और बजरंगबली का उपासक भी होता है। "बल बुद्धि बिद्या देहु मोहि, हरहु कलेस बिकार", यानी सभी प्रकार के क्लेश को दूर करने वाले, बल, बुद्धि और वैभव देने वाले बजरंगबली की उपासना करता है। 

    बहुत शीघ्र युवा नीति लाने वाली है यूपी सरकार
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत शीघ्र अपनी नई 'युवा नीति' लेकर आ रही है। युवा नीति में हम युवाओं के लिए ढेर सारे आयोजन करने जा रहे हैं। ढेर सारे प्रोग्राम को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'अभ्युदय कोचिंग' को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने सुनिश्चित किया है, हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनें। एम्प्लॉयमेंट जोन का मतलब है कि एक छत के नीचे नौजवान की स्किलिंग भी होगी और उसको एम्प्लॉयमेंट भी मिलेगा। 

    सीएम योगी ने दी नागपंचमी की बधाई, बताया आध्यात्मिक महत्व
    मुख्यमंत्री ने सभी को नागपंचमी और सावन माह के तीसरे सोमवार की बधाई देते हुए कहा कि प्राचीन काल में हमारे यहां शक्ति को तौलने का माध्यम हॉर्स पावर था। ऐसे ही आध्यात्मिक शक्ति को तौलने और जानने का माध्यम सर्पेंट पावर है। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य के अंदर एक शक्ति है और उस शक्ति में संतुलन बनाने का काम जो नाड़ी करती है, वह सुषुम्ना नाड़ी है। आध्यात्मिक जगत में शक्ति की जिस आधारशिला को हमारे ऋषि-मुनियों ने देखा है, वह ताकत लौकिक जगत में हम नाग पंचमी के रूप में नाग देवता की उपासना के माध्यम से देखते हैं। 

    मुख्यमंत्री ने बढ़ाया पहलवानों का उत्साह, किया पुरस्कृत
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार व उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु खिताब के लिए फाइनल मुकाबले का अवलोकन किया और ताली बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश केसरी का खिताब जीतने वाले गौतमबुद्ध नगर के आकाश को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता गाजियाबाद के प्रशांत कुमार को 51 हजार रुपये, उत्तर प्रदेश कुमार का खिताब जीतने वाले वाराणसी के सौरभ को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता जौनपुर के अमित को 51 हजार, वीर अभिमन्यु का खिताब जीतने वाले गाजीपुर के सूरज यादव को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता गोरखपुर के जनार्दन यादव को 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। इसी क्रम में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश केसरी के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों मेरठ के अभिषेक खोखर व एनई रेलवे के वीरेश कुमार को, उत्तर प्रदेश कुमार के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों यूपी पुलिस के आयुष व गौतमबुद्ध नगर के देवा, वीर अभिमन्यु के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों वाराणसी के शिवाजीत व शिवम को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया। 

    सीएम योगी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के हित मे हुए ऐतिहासिक कार्य : गिरीश यादव
    प्रदेश स्तरीय प्राइजमनी कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, चिकित्सा, खेल सहित हरेक क्षेत्र में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। यूपी में खेल क्षेत्र चमक उठा है और खिलाड़ियों के चेहरे पर खिलखिलाहट आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए यूपी में रोजगार की गारंटी है। समारोह को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे ने भी संबोधित किया। 

    इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, खेल विभाग के सचिव सुहास एलवाई, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, जिला कबड्डी संघ गोरखपुर के अध्यक्ष अरुणेश शाही, हॉकी संघ के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, कुश्ती संघ के पदाधिकारीगण आदित्य सिंह आगू, मायाशंकर शुक्ल, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी राजेश सोनकर, कुश्ती प्रशिक्षक चंद्रविजय समेत बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, अधिकारी व गणमान्यजन मौजूद रहे।

  • 14 अगस्त को लखनऊ में CM योगी की मौन पदयात्रा, विस्थापित परिवार साझा करेंगे विभाजन की पीड़ा

    14 अगस्त को लखनऊ में CM योगी की मौन पदयात्रा, विस्थापित परिवार साझा करेंगे विभाजन की पीड़ा

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम योगी के नेतृत्व में निकलेगी मौन पदयात्रा

    सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक पदयात्रा

    विस्थापित परिवार साझा करेंगे विभाजन की पीड़ा, सीएम योगी भी करेंगे संबोधित

    लखनऊ, 
    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मौन पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार (14 अगस्त) को लखनऊ में जीपीओ स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक प्रस्तावित पदयात्रा उन लोगों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बनेगी, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपार पीड़ा झेली।

    जारी कार्यक्रम के अनुसार, लोकभवन प्रेक्षाग्रह में विभाजन विभीषिका से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्यों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म के माध्यम से उस दौर की पीड़ा और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान सीएम योगी भी संबोधित करेंगे।  

    इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल, महापौर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमा सिंह, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, विधान परिषद सदस्य इंजी. अवनीश कुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, विधायक सरोजनी नगर डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक लखनऊ उत्तर डॉ. नीरज बोरा, विधायक मलिहाबाद जयदेवी, विधायक बख्शी का तालाब योगेश शुक्ला, विधायक लखनऊ पूर्व ओपी श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा ब्रज बहादुर, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा अर्चना मिश्रा, महानगर अध्यक्ष भाजपा आनंद द्विवेदी, प्रतिनिधि, पंजाबी समाज, प्रतिनिधि, सिख समाज, प्रतिनिधि सिंधी समाज और प्रतिनिधि, बंगाली समाज समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।