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  • सीएम योगी करेंगे स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट को संबोधित, 7 स्टार्टअप्स का होगा सम्मान

    सीएम योगी करेंगे स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट को संबोधित, 7 स्टार्टअप्स का होगा सम्मान

    सीएम योगी की अध्यक्षता में 27 अगस्त को होगा यूपी स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट 2026

    स्टार्टअप नीति-2026 का होगा विमोचन, यूपी स्टार्टअप मिशन वेबसाइट भी होगी लॉन्च

    सीएम योगी करेंगे स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट को संबोधित, 7 स्टार्टअप्स का होगा सम्मान

    लोक भवन में जुटेंगे यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख हितधारक

    यू-हब पर भी होगा प्रस्तुतीकरण, लखनऊ-नोएडा में बनेंगे डीप-टेक हब

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट 2026 आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार की ओर से प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य संबोधन देंगे।

    कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन और यूपी स्टार्टअप मिशन वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही यूपी स्टार्टअप मिशन और यू-हब पर वीडियो प्रस्तुति भी होगी। भारत इनोवेट्स में चयनित उत्तर प्रदेश के सात स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाएगा।

    9 इनक्यूबेटर्स को दी जाएगी प्रोत्साहन राशि
    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को विभिन्न प्रोत्साहनों का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा नौ इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रदान की जाएगी। 

    कार्यक्रम की शुरुआत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार का स्वागत उद्बोधन और विभागीय मंत्री सुनील कुमार शर्मा का विशेष संबोधन होगा। मुख्यमंत्री योगी का मुख्य संबोधन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स, विभिन्न समितियों के सदस्य, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रतिनिधि और सिडबी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

    बॉक्स
    यूपी में 120 से बढ़कर 24,243 हुए डीपीआईटी सत्यापित स्टार्टअप

    उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ नए प्रोत्साहनों और संस्थागत व्यवस्था का विस्तार किया है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप पंजीकृत थे, जबकि अब डीपीआईटी द्वारा सत्यापित स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 24,243 और इनक्यूबेटर्स की संख्या 88 हो गई है।

    नई नीति में कई तरह के लाभ
    नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को 20 हजार रुपये प्रतिमाह निर्वाह भत्ता, 10 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप अनुदान और 15 लाख रुपये तक सीड अनुदान मिलेगा। निवेश के अनुरूप 5 करोड़ रुपये तक समतुल्य अनुदान और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज सहायता का भी प्रावधान है। डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए 40 करोड़ रुपये तक दीर्घकालिक पूंजी की व्यवस्था की गई है। लखनऊ और नोएडा में डीप-टेक यू-हब स्थापित किए जाएंगे।

  • यूपी में आधुनिक हो रही परिवहन व्यवस्था, 23 बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर हो रहे विकसित

    यूपी में आधुनिक हो रही परिवहन व्यवस्था, 23 बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर हो रहे विकसित

    देश की सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश

    स्क्रैप पॉलिसी में यूपी देश में नंबर वन, एटीएस व ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में दूसरा और तीसरा स्थान मिला

    यूपी में आधुनिक हो रही परिवहन व्यवस्था, 23 बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर हो रहे विकसित

    महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए जीपीएस-पैनिक बटन से लैस निगम की बसें, 1090 से भी कनेक्ट

    6 नए बस अड्डों को स्वीकृति, 4 हजार करोड़ के निवेश की संभावना: परिवहन मंत्री

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश में योगी सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में हुए बदलावों का असर अब बसों के आधुनिक बेड़े से लेकर अत्याधुनिक बस अड्डों और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। यूपी की बसों की औसत आयु 5 साल 3 महीने है और इस मामले में उत्तर प्रदेश देश की सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बन गया है। स्क्रैप पॉलिसी के मामले में यूपी देश में नंबर-1 पर पहुंच गया है।

    देश की सबसे युवा बस फ्लीट
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ एवं विशेष बसों को फ्लैग-ऑफ किए जाने के अवसर पर परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन निगम के पास देश की सबसे युवा बस फ्लीट है। यूपीएसआरटीसी की बसों की औसत आयु 5 साल 3 महीने है। ये सबसे अच्छी बसें हैं। योगी सरकार की तरफ से 3 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें भी आ चुकी हैं। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए निगम को 400 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

    एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) की तैनाती का रास्ता साफ
    परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने योगी सरकार में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तर प्रदेश स्क्रैप पॉलिसी में देश में नंबर एक पर पहुंच गया है। स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) स्थापित करने और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में यूपी क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर है। योगी सरकार की अनुमति मिलने के साथ ही देश में पहली बार एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) के 352 पदों की स्वीकृति होने से विभाग के कार्यक्षेत्र का विस्तार तहसीलों तक भी होगा, जो अभी जिला स्तर पर था।

    एयरपोर्ट के स्तर पर तैयार हो रहें 23 बस अड्डे
    परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में परिवहन निगम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट के स्तर पर जा रहा है। गोमती नगर में आधुनिक बस डिपो का निर्माण हो रहा है, जिस पर 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। अमौसी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये और चारबाग रेलवे स्टेशन के पास 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस अड्डा बन रहा है। मंगलवार को 6 से ज्यादा नए बस अड्डों के लिए स्वीकृति मिली है। इसमें 4 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश होगा। 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ये सभी काम प्रदेश के विकास को गति देंगे।

    निगम की 14 हजार से ज्यादा बसों में पूरी सुरक्षा
    परिवहन मंत्री ने कहा कि निगम की 14 हजार से ज्यादा बसों में बुजुर्ग महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए उन्होंने सीएम योगी को धन्यवाद दिया। कहा कि रक्षाबंधन के लिए भी निशुल्क बस सेवा का संचालन होगा, जिससे माता-बहनों को कहीं भी आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी। निगम की सभी बसों में जीपीएस व पैनिक बटन लगे हुए हैं, साथ ही इनकी ऑनलाइन ट्रैकिंग भी हो रही है। इन बसों को 1090 से भी जोड़ा गया है। यात्रा के दौरान माताओं-बहनों को कोई भी परेशान करेगा तो फौरन निगम की टीम के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच जाएगी।

  • फर्जीवाड़े से जमीन गिरवी रख लिया ऋण, योगी सरकार का बड़ा एक्शन; 944 हेक्टेयर भूमि वापस ली

    फर्जीवाड़े से जमीन गिरवी रख लिया ऋण, योगी सरकार का बड़ा एक्शन; 944 हेक्टेयर भूमि वापस ली

    जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, आवंटन रद्द कर वापस ली सारी भूमि  

     कंपनियों ने कानपुर देहात में 15 साल में भी नहीं शुरू किया पावर प्लांट, नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

    योगी सरकार का अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: कानपुर देहात जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश 

    – राज्यपाल की अनुमति के बाद प्रक्रिया तेज, खतौनी में 944.029 हेक्टेयर जमीन ऊर्जा विभाग और राज्य सरकार के नाम होगी

    कानपुर देहात
    योगी सरकार ने जालसाजी-अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कानपुर देहात में दो कंपनियों को आवंटित 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर उसे सरकार के पक्ष में दर्ज करने का अंतिम निर्देश जारी कर दिया है। वर्ष 2011 में थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील में जमीनें आवंटित की गई थीं। कंपनियों ने 15 साल बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं किया और बिना इजाजत जमीनों को बैंकों में गिरवी रख दिया। राज्यपाल की अनुमति मिलते ही ऊर्जा विभाग ने कानपुर देहात के जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं कि खतौनी से दोनों कंपनियों का नाम खारिज कर यह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज की जाए।  

    यह है पूरा मामला
    इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2011 को हुई थी, जब ऊर्जा विभाग और दोनों कंपनियों के बीच एग्रीमेंट हुआ था। मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगाँव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी।  

    कंपनियों ने तोड़ी अनुबंध की शर्त, की धोखाधड़ी
    अनुबंध की शर्त के अनुसार, कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। हालांकि तीन साल से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों ने पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं किया। इस तरह दोनों ही कंपनियों ने एग्रीमेंट की पहली सबसे बड़ी शर्त का सीधा उल्लंघन किया। 

    इसके बाद जांच में धोखाधड़ी की दूसरी बड़ी बात सामने आई। एग्रीमेंट की शर्त में साफ लिखा था कि कंपनियां राज्य सरकार की अनुमति के बिना जमीन को किसी को बेच नहीं सकतीं, न ही लीज पर दे सकती हैं और न ही गिरवी रख सकती हैं। इसके बावजूद मैसर्स हिमावत पावर ने बिना किसी अनुमति के जमीन को आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दिया। वहीं मैसर्स लैन्को अनपरा पावर ने भी सरकार को बिना बताए जमीन को केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया। कंपनियों ने इस संबंध में ऊर्जा विभाग को कोई पत्र नहीं भेजा और न ही शासन से कोई इजाजत ली, जिससे राज्य सरकार को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंची। 

    शर्तों का उल्लंघन होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया और अनुबंध की शर्त 4(6) के तहत 25 मई 2026 को दोनों कंपनियों को 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस कंपनियों के रजिस्टर्ड पते और ईमेल पर भेजा गया, जो कंपनियों को प्राप्त भी हो गया। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे स्पष्ट हो गया कि कंपनियों के पास शर्तों के उल्लंघन का कोई जवाब नहीं था। 

    कंपनियों द्वारा जान-बूझकर काम न करने, सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने और नोटिस का जवाब न देने के कारण 25 अगस्त 2026 को अपर मुख्य सचिव डॉ आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश निर्गत कर दिया। आदेश में राज्यपाल की अनुमति से पूरी 944.029 हेक्टेयर जमीन को ऊर्जा विभाग में वापस निहित करने के लिए कहा गया। साथ ही, आदेश की प्रति कानपुर देहात जिलाधिकारी को भेजकर यह निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में इस पूरी जमीन को ऊर्जा विभाग व राज्य सरकार के नाम अंकित कराने की नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

  • 2017 के पहले सपना देखने से भी डरती थी बेटी,  हम 50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन: सीएम

    2017 के पहले सपना देखने से भी डरती थी बेटी, हम 50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन: सीएम

    स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को स्कूटी अक्टूबर-नवंबर में: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का किया शुभारंभ, 60 वर्ष व उससे अधिक आयु की प्रदेश की महिलाएं परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निःशुल्क यात्रा 

    चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रहीं महिलाएं: मुख्यमंत्री

    2017 से पहले यूपी की हर योजना पर मंडराती थी कमीशनखोरी की ‘काली छाया’- मुख्यमंत्री

    2017 के पहले सपना देखने से भी डरती थी बेटी,  हम 50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन: सीएम 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले नारी शक्ति को कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएंगी। सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष व उससे अधिक आयु की प्रदेश की महिलाएं निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। सीएम ने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में 27 से 29 अगस्त तक महिला व एक सहकर्मी को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं।

    यूपी में साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी
    इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन व नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है। हर बेटी-बहन-माता आत्मनिर्भर महसूस करे, यही हमारी नीति है। डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान को ईकोसिस्टम से जोड़ने का काम किया है। सीएम ने बहनों से अपील की कि रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ ही सैनिकों, पूर्व सैनिकों व पुलिस के जवानों को रक्षासूत्र बांधकर सुरक्षा के ईकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने में योगदान दें।

    महिला स्वावलंबन की मिसाल हैं ‘लोकमाता’ 
    सीएम ने कहा कि देश जब मुगल आक्रांताओं की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ समेत देश में सैकड़ों मंदिर का पुनरुद्धार लोकमाता ने किया था। लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था रहेगी।

    सरकार ने आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाया 
    सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी जी के कारण पहली बार आधी आबादी को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनी। जीवन के हर पड़ाव पर सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी दी है। सरकार का हर निर्णय, योजना व बजट इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समर्पित है। आधी आबादी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले, सरकार ने इसे सुनिश्चित किया। 

    पहले हर योजना पर मंडराती थी कमीशन की 'काली छाया' 
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा तत्कालीन गवर्नेंस मॉडल का नाम था, जब हर बेटी की सुरक्षा पर संकट था। सुरक्षा, सम्मान नहीं था तो स्वावलंबन कहां से होता। इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन, कमांड सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला बीट सिस्टम, महिला हेल्पडेस्क भी नहीं थी। पेंशन व छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। पुष्टाहार पर माफिया का कंट्रोल था। उत्सव से पहले उपद्रव होते थे। कर्फ्यू लगने पर माताओं-बहनों को सर्वाधिक परेशानी होती थी।
     
    लैंड, सैंड, वन, पशु, नकल व भू-माफिया प्रदेश की पहचान थे। माफिया सिंडिकेट की समानांतर सत्ता चलती थी। बुंदेलखंड में माताओं की जिंदगी मटके में पानी ढोते-ढोते व्यतीत हो जाती थी। गरीबों के घर में शौचालय नहीं था। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति समेत हर योजना पर कमीशन की ‘काली छाया’ मंडराती थी। योजनाओं के पैसे बीच में ही गायब हो जाते थे। बेटी के जन्मदिन पर खुशी नहीं, बल्कि चिंता होती थी क्योंकि परिवार को पढ़ाई और शादी का बोझ दिखता था।

    50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन 
    सीएम ने कहा कि आधी आबादी घर पर बैठ जाएगी तो यूपी को बीमारू होना ही था। पहले यूपी में महिला कार्यबल महज 12 फीसदी था, अब यह 36 फीसदी हो गया है। हमारा प्रयास है कि वीमेन पार्टिसिपेशन 50 फीसदी तक पहुंचना चाहिए। अब बेटियां बेफिक्र होकर नाइट शिफ्ट कर रही हैं। अब हर योजना की केंद्रबिंदु आधी आबादी है। हमने बेटी को फिजिकल, मेंटल और हेल्थ सिक्योरिटी दी। आज मिशन शक्ति केंद्र, हर शहर में एआई बेस्ड सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 व 112 का इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम है। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह है। 

    कभी सपना देखने से भी डरती थीं बेटियां
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले नकल उद्योग बन चुका था। मेधावी बेटी मेहनत करती थी, लेकिन पैसे वाला माफिया डिग्री नीलाम करता था। बेटी सिर्फ बस पकड़ने से ही नहीं, बल्कि सपना देखने से भी डरती थी। उस दौर को याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तब दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव, असुरक्षा, योजनाओं में बेईमानी व भ्रष्टाचार होता था, लेकिन धर्मचक्र बदला और यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो उपद्रव उत्सव में बदल गया। 

    नई भर्ती के बाद यूपी में होंगी 50,000 महिला पुलिसकर्मी 
    सीएम ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। यूपी में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। हमने पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की। अभी 32 हजार भर्ती प्रक्रिया में हैं। नई भर्ती के बाद पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 50,000 हो जाएगी। पिछली सरकारों ने पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी थीं। हमने उनके गठन के साथ ही तीन महिला पीएसी बटालियनें (लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई, बदायूं में अवंती बाई) स्थापित कीं। पिंक बूथ, वन स्टॉप सेंटर की अब समुचित व्यवस्था है। शिकायत दर्ज होने के बाद ट्रैकिंग, टाइमलाइन व जवाबदेही भी है। पहले बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर थी, आज सिस्टम, डेटा व टेक्नोलॉजी पर है। बेटी घर से निकले, काम/कारोबार करे और रात में सुरक्षित घर लौट आए, सरकार यह गारंटी दे रही है।

    ‘उज्ज्वला’ योजना ने बीमारियों से दी मुक्ति
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो। हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना प्रारंभ किया। 

    महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को पॉलिसी सपोर्ट 
    सीएम ने कहा कि हमने महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को भी पॉलिसी सपोर्ट से जोड़ा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई की सुविधा का प्लेटफॉर्म बना। सामूहिक विवाह योजना ने पिता की चिंताओं को दूर किया। सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। निराश्रित, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन पेंशन में 1.10 करोड़ परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक मिल रहा है। सपा 300 रुपये देती थी, इसमें आधा खा भी लेती थी। हमने सपाइयों की डकैती को रोका। एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में जहां उनका मकान है, उसका घरौनी के रूप में मालिकाना अधिकार दिया है। 65 लाख परिवारों को आवास, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से मां-बच्चे के पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिसने मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया है। हमने आधी आबादी को सुविधा व ओनरशिप दी है। 

    डिजिटल इंटरप्रेन्योर में आधी संख्या महिलाओं की होगी
    सीएम ने कहा कि आय करने वाली महिला के निर्णय लेने की क्षमता और पहचान बनाने वाली महिला का आत्मविश्वास बढ़ता है। जिस महिला का आर्थिक योगदान है, उसके कारण गांव व परिवार की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर की आधी संख्या महिलाओं की होगी। सरकार आधी आबादी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल, हैंडीक्रॉफ्ट आदि स्थानीय गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। बीसी सखी गांव-गांव में बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रही हैं। 
     
    फैसले लेने वाली मेज पर भी बैठेंगी महिलाएं

    सीएम ने कहा कि 31 जनपदों में काम कर रही बलिनी-काशी, सामर्थ्य, सृजिनी, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में कार्यरत 4 लाख से अधिक बहनें आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हुई हैं। एफपीओ में महिला किसानों की भागीदारी बढी है। ओडीओपी व एमएसएमई में हजारों महिला उद्यमी बनी हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 50 फीसदी भागीदारी महिलाओं की है। स्वावलंबन तभी पूर्ण होगा, जब महिलाओं के पास उत्पाद ही नहीं, बल्कि मार्केट भी हो। महिला समूहों को ब्रॉडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, प्रदर्शनियों में उत्पाद को ले जाने और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है। शी-मार्ट जैसे मॉडल एसएचजी उत्पादों के लिए डेडिकेटेड रिटेल प्लेटफॉर्म व बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बढ़ रहे हैं। महिला उद्यमियों के उत्पाद गांव में बनें, उनकी ब्रांडिंग व डिलीवरी प्रदेश व देश-दुनिया तक हो, हमने यह मॉडल बनाया है। आधी आबादी की आर्थिक आत्मनिर्भरता तभी पूरी होगी, जब फैसले लेने वाली मेज पर भी बहनें बैठेंगी। 

    प्रतिनिधित्व चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलना चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन है। पंचायत व स्थानीय निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। बेटियां ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, विश्व, नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत रही हैं। हाल में कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता। त्रिपुरा में जन्मी इस बेटी को यूपी में सही माहौल व प्लेटफॉर्म मिला। प्रशासन, सेना, शिक्षा, स्टार्टअप समेत हर क्षेत्र में आधी आबादी नेतृत्व दे रही है। प्रयास है कि आधी आबादी को उसी अनुपात में प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र करते हुए कहा कि सपा व कांग्रेस ने इसका विरोध कर दिया। 

    समारोह में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

  • यूपी में EV चार्जिंग नेटवर्क को मिली रफ्तार, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में देश का तीसरा स्थान

    यूपी में EV चार्जिंग नेटवर्क को मिली रफ्तार, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में देश का तीसरा स्थान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

    उत्तर प्रदेश में अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हुए पंजीकृत

    इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता हुई कम

    इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या से यूपी में स्वच्छ और हरित परिवहन को मिल रहा बढ़ावा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता भी लगातार बढ़ रही है। अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हो चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि प्रदेश में लोग पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहे हैं।

    पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद
    इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में अलग ऊर्जा व्यवस्था पर आधारित होने के कारण जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने में सहायक है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में वैकल्पिक एवं टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा मिल रहा है।

    चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार हो रहा विस्तार
    यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की सुविधा मिल रही है और ईवी अपनाने को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार विशेष रूप से प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा
    उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार की नीतियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है। आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के और विस्तार तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

    ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ता यूपी
    उत्तर प्रदेश का पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचना और प्रदेश में 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह बदलाव न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

  • स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा कर सकेंगी माताएं-बहनें

    ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया

    स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को विशेष उपहार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम व सिटी बसों में 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की निःशुल्क यात्रा जा सकेगी। निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस अवसर पर सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ करते हुए विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की।

    विशेष बसों को दिखाई झंडी, महिलाओं के साथ ली सेल्फी 
    इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बारिश के बीच झंडी दिखाकर विशेष बसों को रवाना किया। बसों में बैठी महिलाओं ने इस उपहार के लिए हाथ जोड़कर सीएम का अभिनंदन किया तो सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर उनके प्रति आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस में यात्रा करने वाली महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिए स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई
    मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में मंच पर ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को स्मार्ट कार्ड प्रदान किए। सीएम ने उपहार स्वरूप इन महिलाओं को बैग, साड़ी व मिठाई भी दी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनका हालचाल जाना, सभी को रक्षाबंधन की बधाई भी दी। सीएम के हाथों उपहार पाने वाली महिलाओं में राजरानी, गणेश देवी, कलावती, मिठाना, प्रभुदेई, शम्मी, शांति देवी, मंजूलता, शिवकली, द्रौपदी व मीरा आदि शामिल रहीं।

  • बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व,  सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व, सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    ‘अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे’, निशुल्क सफर की सौगात पर भावुक हुईं बुजुर्ग

    मुख्यमंत्री से संवाद में बोलीं- अब यात्रा के लिए किसी पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

    बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व,  सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    लखनऊ
     निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलने के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं और बोलीं कि अब उन्हें यात्रा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अयोध्या, काशी या प्रदेश में कहीं और जाने के लिए किराये की चिंता नहीं करनी होगी। इस दौरान उत्साहित बेटियों ने कहा कि हमें योगी जी पर गर्व है। सीएम को देखते ही सभी महिलाओं ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया।

    ‘अब जहां चाहेंगे, वहां जाएंगे’

    गोसाईंगंज की गणेश देवी ने मुख्यमंत्री की इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि अब वह निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। वहीं, राजरानी ने कहा कि अब जहां जाने की इच्छा होगी, वहां जा सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माताओं को बड़ा उपहार दिया है। लखनऊ के निजामपुर की मिठाना देवी ने कहा कि योगी सरकार ने ऐसी सुविधा दी है कि अब यात्रा के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    महिलाओं के लिए यह सुविधा केवल पारिवारिक यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगी। कार्यक्रम में आईं कई बुजुर्ग महिलाओं ने अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा की इच्छा जताई। उनका कहना था कि किराये की चिंता खत्म होने से अब तीर्थयात्रा करना भी आसान होगा।

    छात्राओं में रक्षाबंधन के सफर को लेकर उत्साह

    मुंशी पुलिया की रहने वाली और नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजली श्रीवास्तव ने कहा कि वह रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने जाएंगी और मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेंगी। जानकीपुरम की आस्था राजपूत ने बताया कि वह अपनी मां के साथ राखी बांधने जाएंगी और दोनों इस सुविधा का लाभ उठाएंगी।

    खदरा की शगुन निषाद भी योजना को लेकर उत्साहित दिखीं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं को साड़ी और मिठाई का उपहार भी दिया गया। अहमामऊ की रचना रावत ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं के बारे में सुनना उत्साह बढ़ाने वाला है।

    ‘महिलाओं और बच्चों की चिंता करते हैं मुख्यमंत्री’

    फैजुल्लागंज की हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री की सोच और योजनाएं देखकर गर्व महसूस होता है। वहीं, सिद्धार्थनगर की दिव्या पाठक ने कहा कि महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री की सम्मान देने वाली सोच है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    कार्यक्रम में सरोजनीनगर की कृष्णावती, जनक दुलारी और उबराजा समेत बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। इनमें कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और योगी सरकार के सहयोग से सिलाई, कताई-बुनाई जैसे काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

    महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का जताया आभार 

    महिलाओं ने संवाद के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपने मन की बात रखी और अपने अनुभव साझा किए। उन्नाव की सुनीता अवस्थी ने योगी सरकार की ओर से महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का आभार जताया। बेहद भावुक होकर उन्होंने सीएम से कहा कि आपने इतनी बड़ी सौगात दी है कि अगर परिवार वाले पैसा रुपया न भी दें, तो भी हम लोग मुफ्त में यात्रा कर सकेंगे। आपने महिलाओं के लिए बहुत अच्छा काम किया है। हम यही चाहेंगे कि आपकी सरकार बार-बार आए। वहीं, उन्नाव की ही पुष्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से मुफ्त बस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बहुत अच्छा लग रहा है।

    लखनऊ की उषा पाल ने कहा कि अब महिलाओं को कहीं आने-जाने के लिए किसी का मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। वे जब चाहें, निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने सीएम से कहा कि जो महिलाएं सफर करेंगी, वे आपका ही नाम लेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप अच्छे लोगों को चुनते हैं तो अच्छा ही होता है।

    वहीं, सीतापुर की रीता सक्सेना ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब सीतापुर से लखनऊ आना जाना आसान हो जाएगा। रीता ने खुशी जताते हुए योजना को महिलाओं के लिए बड़ी सहूलियत बताया। उन्होंने कहा कि अब किसी के आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। जब भी इच्छा करेगी मंदिर, अयोध्या, बनारस अब कहीं भी जा सकते हैं। इसके बाद गाजीपुर की रहने वाली लायका खातून ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब हमारा सफर आसान हो गया है। इस पर सीएम ने कहा कि जब अच्छी सरकार चुनी जाती है तो ढेर सारी सुविधाओं का लाभ ऐसे ही सभी को प्राप्त होता है।

  • नेपाल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा

    नेपाल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री ने सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

    सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें : सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी ने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की

    लखनऊ
    नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई क्षति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए महाराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    नेपाल में बाढ़ के प्रभाव से महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।
    उन्होंने कहा है कि नेपाल में आई बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की है।

  • पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा, मैनपुरी में बनेगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा, मैनपुरी में बनेगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    योगी सरकार का बड़ा फैसला, मैनपुरी में विकसित होगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    योगी कैबिनेट में 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी मिली

    इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, आधारभूत सुविधाओं से संवरेगा क्षेत्र

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्राकृतिक और पर्यावरणीय स्थलों को पर्यटन की नई पहचान देने की दिशा में समान पक्षी विहार के निकट पर्यटन विकास के लिए 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने को मंजूरी मिली है, यह स्थल मयंक ऋषि पक्षी विहार के नाम से जाना जाएगा। इस फैसले से पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का रास्ता साफ होगा।

    मैनपुरी स्थित समान पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वेटलैंड और रामसर साइट है। यह बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल है। विशेष रूप से गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित यह मौसमी झील पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना, पर्यटन की अपार संभावनाएं
    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि समान पक्षी विहार में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेश से भी अनेक प्रजातियों के पक्षी प्रवास के दौरान पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सैंडी पक्षी विहार, हरदोई, बखिरा पक्षी विहार, संत कबीरनगर, विजय सागर पक्षी विहार, महोबा, लाख बहोसी पक्षी विहार, हमीरपुर, समसरोवर पक्षी विहार, आगरा सहित कई महत्वपूर्ण पक्षी विहार हैं। इन स्थलों पर बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी विशेष रूप से शरद ऋतु में पहुंचते हैं। समान पक्षी विहार की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता इसे बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति पर्यटन के लिए आदर्श स्थल बनाती है। यहां नाव से पक्षियों को नजदीक से देखने और वॉच टावर के माध्यम से पक्षियों का अवलोकन करने की संभावनाएं भी हैं।

    इको-टूरिज्म को बढ़ावा, आधारभूत सुविधाओं से संवरेगा क्षेत्र
    योगी सरकार की ओर से पक्षी विहारों के विकास के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में इन्हें शामिल करने, आधारभूत सुविधाओं का विकास, वॉच टावर, साइन बोर्ड, सोलर लाइटिंग और जैव विविधता अध्ययन केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधा के लिए कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। समान पक्षी विहार के निकट 6 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित होने से यहां पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

  • गन्ना किसानों के खातों में पहुंची बड़ी रकम, सरकार ने किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान

    गन्ना किसानों के खातों में पहुंची बड़ी रकम, सरकार ने किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान

    योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान 

    सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश 

    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का किया जा चुका भुगतान 

    गन्ना, शीरा और एथेनॉल के उत्पादन में देश में शीर्ष पर बना है उत्तर प्रदेश 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 

    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई करते हुए 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 के बीच गन्ने का उत्पादन 1486.57 लाख टन से बढ़कर 2362 लाख टन हो गया है, जबकि चीनी का उत्पादन भी 87.73 लाख टन से बढ़कर 89.52 लाख टन पहुंच गया है। औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 10.18 मीट्रिक टन अतिरिक्त गन्ने की उपज प्राप्त हो रही है। इसी अवधि में औसत चीनी परता भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।

    गन्ना पेराई क्षमता को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए 04 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई। 07 बंद चीनी मिलों को पुनः चालू किया गया और 44 चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार किया गया। इससे प्रदेश में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ। इसके अतिरिक्त खांडसारी उद्योग में ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू करने और सुलभ नीतियों के कारण 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे 41,900 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।