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  • योगी सरकार की नीति स्पष्ट: अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई होगी अपराध के अनुसार

    योगी सरकार की नीति स्पष्ट: अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई होगी अपराध के अनुसार

    योगी सरकार अपराधी की जाति नहीं देखती, अपराध के अनुसार करती है कार्रवाई

    अंकित बालियान हत्याकांड पर अखिलेश के आरोपों का भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने दिया करारा जवाब
     

    लखनऊ,
     शामली के अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा और सहयोगी नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने अखिलेश यादव के बयान को गलत नैरेटिव करार देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। योगी सरकार अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई नहीं करती बल्कि उसके द्वारा किए गए अपराध के अनुसार एक्शन लेती है।

    केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा विपक्ष
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष और खासकर अखिलेश यादव को अब किसी भी संस्था पर विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने कहाकि विपक्ष केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जाति की राजनीति कर रहे हैं।

    अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा 
    मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी अपराधी की पहचान कर उसे पकड़ने, जांच करने और उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाने में समय लगता है, लेकिन कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और पीड़ित को न्याय मिले। 

    अखिलेश यादव के कार्यकाल में नहीं था कानून का राज

    परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन अपराधियों को पहले राजनीतिक संरक्षण मिलता था, उनमें कई प्रदेश छोड़कर भाग गए, कई जेल में हैं और कई मुठभेड़ में मारे गए हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। अखिलेश के कार्यकाल में कानून का राज नहीं था। उस समय समाजवादी पार्टी के संरक्षण में गुंडे खुलेआम गुंडागर्दी करते थे। उन्होंने कहा कि आज वही पुलिस, वही एसएसपी और वही डीजीपी हैं, लेकिन व्यवस्था बदल गई है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। 

    अपराधियों को दंड मिलने पर सवाल क्यों

    भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान की हत्या करने वाले अपराधियों को दंड देने के लिए पुलिस अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रही थी। ऐसे में पुलिस की आलोचना करना दुखद है। अंकित बालियान लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे और उनकी जघन्य हत्या की गई थी। अपराधी सीसीटीवी में भी कैद हुए थे। ऐसे अपराधियों को विधिक प्रक्रिया के तहत दंड मिला तो इसमें गलत क्या है। अगर कोई पुलिस के साथ छेड़छाड़ करेगा तो पुलिस उसका जवाब देगी।

    अखिलेश की सरकार ने आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की

    भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के आरोपों को फर्जी नैरेटिव बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की सरकार में आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी, जिनमें रामपुर हमले से जुड़े दो पाकिस्तानी आरोपियों के मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ और एटीएस पर सवाल उठाने के बजाय उनके काम को देखा जाना चाहिए।

    पीड़ित परिवारों को मिला न्याय

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव शायद भूल जाते हैं कि उनकी और उनके पिता की सरकारों में प्रदेश में किस तरह की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अपराध की घटनाएं होने पर भी अपराधियों को सजा मिल रही है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई हो रही है, वह पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिली।

    कानून व्यवस्था से समझौता नहीं

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार गलत नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर रखा है कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि माफिया और शूटरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

    अपराधी की कोई जाति नहीं होती
    भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने सपा पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। सपा सरकारों में जाति चिन्हित करके भर्ती, जमीन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निष्पक्षता के साथ काम कर रही है। अपराधी की कोई जाति नहीं होती।

  • श्रमिकों को सस्ता भोजन और बेहतर सुविधाएं, योगी सरकार लेबर अड्डों को बनाएगी मॉडल

    श्रमिकों को सस्ता भोजन और बेहतर सुविधाएं, योगी सरकार लेबर अड्डों को बनाएगी मॉडल

    लखनऊ
     तमिलनाडु राज्य की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर अब प्रदेश में श्रमिकों को सरकार सस्ते दर पर भोजन की थाली मुहैया कराएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस कदम से अब गांव से आकर शहरों में मजदूरी करने वाले कहीं पर भूखे नहीं रहेंगे। लेबर अड्डों पर श्रमिकों के लिए कैंटीन खोली जाएंगी, जहां उन्हें सस्ते दर पर नाश्ता और भोजन मिलेगा। भोजन की थाली की कीमत पांच से दस रुपये होगी। प्रदेश में पंजीकृत 1.95 करोड़ श्रमिक इससे लाभान्वित होंगे।

    विधान सभा चुनाव से पहले कैंटीन सेवा का लाभ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 1.95 करोड़ श्रमिकों को देने के लिए सरकार सितंबर में सात नगर निगमों के 13 लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र निर्माण का शिलान्यास करने जा रही है। सुविधा केंद्रों पर श्रमिकों को अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

    चुनाव के मद्देनजर सरकार विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही हर वर्ग को साधने में जुटी है। हाल ही में युवाओं व महिलाओं से संबंधित कई अहम निर्णय करने के बाद सरकार अब निर्माण श्रमिकों को तोहफा देने की तैयारी में है।

    लेबर अड्डों पर बनाए जाने वाले श्रमिक सुविधा केंद्र में श्रमिकों के लिए बैठने, स्वच्छ पानी, शौचालय की सुविधा के साथ ही कैंटीन की सुविधा भी रहेगी। इसके साथ ही सुविधा केंद्र में श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के काउंटर तथा कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था भी होगी।

    सरकार के निर्देश पर श्रम विभाग ने सभी शहरों में उन लेबर अड्डों का चयन कर लिया हैं, जहां सुविधा केंद्र बनाए जाने हैं। लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारियों से जमीन मुहैया कराने को कहा गया है।

    न्यूनतम दर पर श्रमिकों को भोजन की थाली
    श्रम मंत्री अनिल राजभर के मुताबिक गाजियाबाद, झांसी, मुरादाबाद, लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के 13 लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र के लिए जगह मिल गई है। इन अड्डों पर सुविधा केंद्र बनाने के लिए अगले महीने शिलान्यास कार्यक्रम होगा। गाजियाबाद में तीन, झांसी में दो, मुरादाबाद में दो, लखनऊ में एक, मेरठ में तीन, गोरखपुर में दो तथा वाराणसी में एक लेबर अड्डे के पास जमीन मिल गई है।

    तीन मंजिला तक सुविधा केंद्र
    उन्होंने बताया कि इसी वर्ष कैंटीन शुरू कर देने की कोशिश है। भोजन थाली पांच से दस रुपये की होगी। तीन मंजिला तक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने अम्मा कैंटीन शुरू की थी। इनमें श्रमिकों, गरीबों, छात्रों आदि को तीन से पांच रुपये में सांभर-चावल, दही आदि दिया जाता है। गुजरात, महाराष्ट्र सहित कई और राज्यों में भी ऐसी कैंटीन संचालित हैं।

     

  • पेयजल को और सुरक्षित बनाने की तैयारी, योगी सरकार गहन जांच में शामिल करेगी माइक्रोप्लास्टिक और PFAS

    पेयजल को और सुरक्षित बनाने की तैयारी, योगी सरकार गहन जांच में शामिल करेगी माइक्रोप्लास्टिक और PFAS

    योगी सरकार करेगी पेयजल की गुणवत्ता का परीक्षण ज्यादा गहनता से, माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस की भी होगी जांच 

    विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का कराया जा रहा तेजी से निर्माण 

    माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषक के परीक्षण के लिए आवश्यक उन्नत उपकरणों का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना में शामिल 

    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार के सचिव ने मौजूदा स्टेट लैब का किया था निरीक्षण 

    प्रदेश में 1 स्टेट, 3 क्षेत्रीय, 72 जिला एवं 62 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रयोगशालाओं का नेटवर्क 

     राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में उन्नत स्तर की परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध, इसके 50 मानक एनएबीएल प्रमाणित 

     लखनऊ
     प्रदेश में ग्रामीण पेयजल की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को और अधिक उन्नत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। जल निगम (ग्रामीण) द्वारा विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका कार्य तेजी से पूर्ण कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। नई स्टेट लैब में अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक सुविधाओं के साथ पेयजल में उभरते प्रदूषक (इमर्जिंग कंटेमिनेंट्स) जैसे माइक्रोप्लास्टिक या पीएफएएस की जांच क्षमता विकसित करने की योजना है।

    केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने मौजूदा स्टेट लैब का किया था निरीक्षण
    हाल ही में उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की मौजूदा स्टेट लैबोरेटरी का निरीक्षण किया था। इस दौरान जल गुणवत्ता परीक्षण सुविधाओं, उन्नत उपकरणों तथा भविष्य में विकसित की जाने वाली परीक्षण क्षमताओं पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक तथा पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच की सुविधा भी स्टेट लैब स्तर पर विकसित किए जाने पर जोर दिया। 

    प्रदेश में व्यापक जल गुणवत्ता प्रयोगशाला नेटवर्क
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पेयजल गुणवत्ता की निगरानी एवं परीक्षण के लिए बहुस्तरीय प्रयोगशाला नेटवर्क कार्यरत है। इसमें 1 राज्य स्तरीय,  3 क्षेत्रीय, 72 जिला स्तरीय तथा 62 जल शोधक संयंत्र प्रयोगशालाएं हैं। राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में उन्नत स्तर की परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके 50 मानक एनएबीएल प्रमाणित हैं। इस नेटवर्क के माध्यम से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल गुणवत्ता की नियमित निगरानी एवं आवश्यकतानुसार विस्तृत प्रयोगशाला परीक्षण किया जाता है।

    माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस दो अलग श्रेणियों के प्रदूषक
    माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस को एक ही पदार्थ मानना तकनीकी रूप से सही नहीं है। माइक्रोप्लास्टिक सामान्यतः 5 मिमी से छोटे प्लास्टिक कणों को कहा जाता है, जबकि पीएफएएस फ्लोरीन युक्त कृत्रिम रसायनों का व्यापक समूह है, जिन्हें पर्यावरण में अत्यधिक स्थायित्व के कारण इसे फॉरएवर कैमिकल कहा जाता है। दोनों की नमूना परीक्षण तथा तकनीकी जांचें अलग-अलग होती हैं।

    कैसे होगी माइक्रोप्लास्टिक की जांच
    माइक्रोप्लास्टिक परीक्षण में प्रदूषक मुक्त सैंपलिंग अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नमूने को इस प्रकार एकत्र एवं संभाला जाता है कि इसे इकट्ठा करने का फ्लास्क या बर्तन, वातावरण, कपड़ों अथवा प्रयोगशाला सामग्री से बाहरी प्लास्टिक कण नमूने में न मिलें। इसके बाद जल शोधन एवं आवश्यक नूमने परीक्षण के माध्यम से कणों को अलग किया जाता है। माइक्रोस्कोपित परीक्षण से सैंपल या नमूनों में संदिग्ध कणों की संख्या, आकार, आकृति और रंग जैसी विशेषताओं का आकलन किया जा सकता है, जबकि पॉलीमर की पुष्ट पहचान के लिए एफटीआरआर या रमन माइक्रोस्कोपी जैसी स्पेकट्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग किया जाता है।

    बीआईएस मानकों एवं जल जीवन मिशन के प्रोटोकॉल के अनुरूप पेयजल गुणवत्ता निगरानी
    जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी निर्धारित राष्ट्रीय प्रोटोकॉल तथा लागू भारतीय मानकों के अनुरूप की जाती है। प्रयोगशालाओं के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रशिक्षित महिलाओं/जल गुणवत्ता निगरानी समूहों द्वारा फील्ड टेस्टिंग किट से प्रारंभिक निगरानी की व्यवस्था भी इस प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आवश्यकता एवं निर्धारित परीक्षण कार्यक्रम के अनुसार नमूनों को प्रयोगशालाओं में भेजकर विस्तृत जांच की जाती है।

    भविष्य की जल गुणवत्ता चुनौतियों के लिए तैयार होगी नई स्टेट लैब
    नई स्टेट लैबोरेटरी को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस करने का उद्देश्य प्रदेश में मजबूत राज्य रेफरल, आधुनिक रेफरल प्रयोगशाला की क्षमता विकसित करना है। माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे प्रदूषक की परीक्षण सुविधा विकसित होने से भविष्य में बेसलाइन डाटा तैयार करने, संभावित प्रदूषण स्रोतों की पहचान, वैज्ञानिक निगरानी तथा राष्ट्रीय स्तर पर विकसित होने वाले मानकों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप परीक्षण व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी।

    तेज गति से पूरा कराया जाएगा कार्यः प्रबंध निदेशक
    उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने बताया कि नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और इसे विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टेट लैब की उन्नत परीक्षण क्षमता से जल निगम के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार अन्य सरकारी विभागों एवं संस्थाओं को भी उच्च स्तरीय जल परीक्षण में सहयोग मिल सकेगा। माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच को विकसित करना, भविष्य की जल गुणवत्ता चुनौतियों के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पहल है।

  • एआई से इलाज के विश्लेषण, शिकायत निवारण, अस्पतालों की निगरानी और सुविधाओं के सुधार में मिलेगी मदद

    एआई से इलाज के विश्लेषण, शिकायत निवारण, अस्पतालों की निगरानी और सुविधाओं के सुधार में मिलेगी मदद

    योगी सरकार एआई आधारित वाइस बॉट से मरीजों से लेगी फीडबैक  
     
     सीएम योगी के निर्देश पर साचीज विकसित कर रहा एआई आधारित वाइस बॉट, मरीजों के अनुभव बनेंगे सुधार का आधार

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले, फोन पर मरीजों से ली जाएगी इलाज और अस्पताल के बारे में जानकारी 
                                                                                                    
     एआई से इलाज के विश्लेषण, शिकायत निवारण, अस्पतालों की निगरानी और सुविधाओं के सुधार में मिलेगी मदद

    लखनऊ
     योगी सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोडल स्टेट हेल्थ एजेंसी ‘साचीज’ द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए मरीजों के अनुभव और उनकी राय को महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि साचीज आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एआई आधारित वाइस बॉट विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मरीजों से फोन पर सीधे उनके इलाज और अस्पताल में मिले अनुभव की जानकारी ली जाएगी।

    मरीजों से फोन पर सीधे पूछा जाएगा अनुभव
    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप एआई आधारित वाइस बॉट का उद्देश्य केवल मरीजों से फीडबैक लेना नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिक्रियाओं का तकनीक की मदद से विश्लेषण कर ऐसी जानकारी सामने लाना है, जिस पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इससे अस्पतालों की निगरानी, शिकायतों के समाधान, ऑडिट और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एआई वाइस बॉट के माध्यम से इलाज करा चुके मरीजों से फोन पर बातचीत कर उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली जाएगी। मरीज से यह पूछा जा सकेगा कि उसे अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत उपचार मिला या नहीं। इलाज के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी हुई या नहीं, अस्पताल में उपलब्ध सेवाएं कैसी रहीं और अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा। यह भी पता लगाया जा सकेगा कि योजना के तहत मिलने वाले उपचार के लिए मरीज या उसके परिवार से कोई अनधिकृत राशि तो नहीं ली गई। इलाज के बाद मरीज कितना संतुष्ट है, इसकी जानकारी भी फीडबैक के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। इस तरह मरीज की आवाज सीधे स्वास्थ्य महकमे तक पहुंचेगी और उसके अनुभव के आधार पर कमियों की पहचान करना आसान होगा।

    फीडबैक से सामने आएंगे कार्रवाई योग्य मामले
    साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि पहल का उद्देश्य मरीजों की प्रतिक्रियाओं में से उन मामलों की पहचान करना है, जिनमें आगे कार्रवाई की जरूरत है। एआई आधारित विश्लेषण के जरिए बड़ी संख्या में प्राप्त फीडबैक को व्यवस्थित किया जा सकेगा। यदि किसी मरीज द्वारा उपचार न मिलने, अनधिकृत शुल्क लेने, खराब व्यवहार या किसी अन्य समस्या की जानकारी दी जाती है, तो ऐसे मामलों को संबंधित संचालन टीमों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे शिकायतों पर कार्रवाई करने और अस्पतालों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मरीज के वास्तविक अनुभव को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीमित संख्या में मरीजों से मैनुअल कॉल के माध्यम से फीडबैक लिया जाता है। इसमें समय और मानव संसाधन अधिक लगता है। एआई वाइस बॉट के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों तक पहुंचकर उनसे फीडबैक लेने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे कम समय में अधिक मरीजों से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। बड़ी संख्या में प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर बेहतर डेटा तैयार होगा। इस डेटा का विश्लेषण कर अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान की जा सकेगी।

    मरीज के अनुभव को स्वास्थ्य व्यवस्था में मिलेगा अधिक महत्व
    साचीज की सीईओ ने बताया कि पहल का उद्देश्य केवल लाभार्थियों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें सही, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो। मरीजों का प्रत्यक्ष अनुभव स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एआई वाइस बॉट के माध्यम से प्राप्त फीडबैक का व्यवस्थित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला संभव, आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

    चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला संभव, आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

    लखनऊ 

    चुनावी साल में आधी आबादी को साधने के लिए प्रदेश सरकार एक और बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 50 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

    इस फैसले से प्रदेश की करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 1.67 लाख सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल में ही उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने की घोषणा की थी। इसी के क्रम में विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर वित्त, कार्मिक और न्याय विभाग के स्तर पर सहमति मिल चुकी है।

    मानदेय वृद्धि से प्रदेश सरकार के खजाने पर सालाना 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि प्रस्तावित बढ़ोतरी का पूरा अतिरिक्त भार राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी और इसके लिए केंद्र सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।

    इतना हो जाएगा मानदेय
    वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 4500 रुपये और राज्य सरकार की 3500 रुपये है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी 3500 से बढ़ाकर 5500 रुपये कर देगी, जिससे कुल मानदेय 12 हजार रुपये हो जाएगा। इसी तरह सहायिकाओं के मानदेय में राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी में 2 हजार रुपये की वृद्धि करेगी और उन्हें कुल 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

    महिला मतदाताओं पर बढ़ा फोकस
    सरकार के इस संभावित फैसले को केवल आर्थिक राहत के रूप में नहीं, बल्कि चुनावी साल में महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का नेटवर्क गांवों से लेकर शहरी मोहल्लों तक फैला है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे इस बड़े महिला वर्ग को राहत देने के साथ सरकार को अपने महिला सशक्तीकरण और कल्याणकारी कार्यों को प्रमुखता से रेखांकित करने का अवसर मिलेगा।

  • 223 SC छात्रावासों की होगी मरम्मत और सुविधाओं का विस्तार, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    223 SC छात्रावासों की होगी मरम्मत और सुविधाओं का विस्तार, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के 223 छात्रावासों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    रखरखाव व मरम्मत के लिए स्वीकृत की धनराशि, विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर आवासीय वातावरण: राज्यमंत्री असीम अरुण
        
    पेयजल, बिजली, शौचालय, रंग-रोगन, सुरक्षा व सफाई आदि सुविधाओं पर होगा फोकस

    गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे होंगे कार्य, पढ़ाई के अनुकूल बनेगा छात्रावासों का माहौल

    लखनऊ, 
     अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 223 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों के रखरखाव, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 12.45 करोड़ रुपये की बजट स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार की इस पहल से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और अध्ययन के अनुकूल वातावरण मिलने की उम्मीद है।

    क्षमता के अनुसार होगा धनराशि का आवंटन

    छात्रावासों में विद्यार्थियों की क्षमता के आधार पर रखरखाव और मरम्मत के लिए धनराशि जारी की जाएगी। इसके तहत 50 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों को प्रति छात्रावास पांच लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रावासों की जरूरत के अनुसार आवश्यक सुधार कार्य कराए जा सकेंगे।

    बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

    स्वीकृत बजट से छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने, विद्युत उपकरणों की मरम्मत एवं सुधार, शौचालयों की मरम्मत, रंग-रोगन तथा सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े जरूरी कार्य कराए जाएंगे। इन सुविधाओं के मजबूत होने से विद्यार्थियों को बेहतर दैनिक सुविधाएं मिलेंगी और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा। योगी सरकार की प्राथमिकता अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सम्मानजनक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। छात्रावासों में सुविधाओं का सुधार इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 

    रखरखाव और मरम्मत के कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता पर जोर

    समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में रखरखाव और मरम्मत के सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं। बजट स्वीकृति से सभी 223 छात्रावासों की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार होगा।

  • सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

    सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

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    जयप्रकाश नारायण के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता, जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं: मुख्यमंत्री

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    जाति के नाम पर समाज को बांट रही सपा, हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं: सीएम योगी

    सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

    लखनऊ, गोरखपुर व बदायूं में वीरांगनाओं के नाम पर गठित की गईं तीन महिला पीएसी बटालियन

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। 

    मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा। जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। सेंटर पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

    जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं
    सीएम योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ने कमेटी भंग कर इस सेंटर को वापस लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इसे संचालित कर जयप्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के खजाने से खर्च धनराशि की वसूली का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने जिन लोगों के हाथ से खजाना छीन लिया, वे अब अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

    दंगा-कर्फ्यू, जातीय राजनीति सपा की पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वाली सपा के लोगों ने कभी महापुरुषों का सम्मान तक नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर सपा नेताओं के मुंह से श्रद्धांजलि का एक शब्द नहीं निकला, एक ट्वीट तक नहीं किया। सपा दंगों की बादशाह है। कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत रही है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और महिलाओं- बेटियों में भय का माहौल पिछली सरकार की सबसे बड़ी पहचान रहा है।

    मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डबल इंजन की भाजपा सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन से जुड़ा अभियान है। जब बेटी को सुरक्षा मिलती है तो उसमें संरक्षण का भाव पैदा होता है। सम्मान मिलने पर वह अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करती है और जब उसे स्वावलंबन के अवसर मिलते हैं तो वह अपनी गति को प्रगति में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ती। आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई दे रहा बदलाव इसी सशक्तीकरण का परिणाम है। हम बीमारू छवि से निकल कर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बने हैं।

    प्रेरित करेगी वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा
    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को समर्पित है, जिसका लोकार्पण मोदी जी ने किया। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देश की अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं। इसी तरह वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भारतीय नारी की गरिमा, शौर्य और तेजस्विता का प्रतीक बनकर देशवासियों को प्रेरित करेगी। 

    पीएसी में तीन महिला बटालियन गठित
    सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा कार्य करती है। सपा सरकार के समय दंगाइयों की काल बनी पीएसी को समाप्त करने की चेष्टा की गई। भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों को पुनर्गठित किया। साथ ही तय किया कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। इसी क्रम में प्रदेश में वीरांगनाओं ऊदा देवी, झलकारी बाई व अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। इनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में निर्माण के अंतिम चरण में है।

    50 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी प्रदान की जाएंगी। 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन व माता को परिवहन निगम व सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है।

    वीरांगना ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की चूलें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन देश की स्वतंत्रता और नारी शक्ति के अदम्य साहस का प्रतीक है। मात्र 26 वर्ष की उम्र में अवंतीबाई लोधी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर में नेतृत्व करते हुए अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। बैरकपुर में मंगल पांडे ने जो चिंगारी प्रज्वलित की, उसे झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। मेरठ में धनसिंह गुर्जर कोतवाल के नेतृत्व में यह संघर्ष और विस्तृत हुआ। झांसी व ग्वालियर के बीच वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने इसी संघर्ष का नेतृत्व किया। उनका जीवन हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। अगर हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं।

    अवंतीबाई से कल्याण सिंह तक महापुरुषों का सम्मान
    सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ ने विधान भवन के सामने उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित कराई थी। अलीगढ़ में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण भी कराया जा रहा है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लखनऊ में तिरंगा फहराने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के सम्मान में उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। बुलंदशहर में कल्याण सिंह की स्मृति में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। लखनऊ के कैंसर संस्थान का नाम भी बाबूजी के नाम पर रखा गया और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है।

    महापुरुषों के प्रति श्रद्धा-सम्मान की भावना जीवंत रहे
    मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय लोधी महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताते हुए समाज की एकता और महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह ने समाज की एकता को मजबूती देने के साथ राष्ट्र को भी सशक्त बनाने का कार्य किया। इन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व सम्मान की भावना आने वाली पीढ़ियों में भी जीवंत रहे, इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, लोधी महासभा के प्रतिनिधि, विधायक और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

  • जनता को मुख्यमंत्री का आश्वासन, बोले- परेशान होने की जरूरत नहीं, हर समस्या सुलझेगी

    जनता को मुख्यमंत्री का आश्वासन, बोले- परेशान होने की जरूरत नहीं, हर समस्या सुलझेगी

    परेशान मत हों, हर समस्या का कराएंगे प्रभावी समाधान : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

    अधिकारियों से बोले सीएम योगी, शीघ्रता और पारदर्शिता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    गोरखपुर
    गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित अनुष्ठान ‘जनता दर्शन’ का क्रम जारी रखा। रविवार को भी उन्होंने करीब दो सौ लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आत्मीय भरोसा दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि परेशान मत हों, हर शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का समाधान शीघ्रता और पारदर्शिता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। 

    जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दिया। 

    भोलू को दुलारकर बोले सीएम, कैसा हमेशा गुस्से में रहता है
    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। मंदिर की गोशाला में रूठे से नजर आ रहे भोलू नाम के एक नंदी को सीएम योगी ने स्नेहिल भाव से खास तौर पर दुलारा। उन्होंने हाथ मे गुड़-रोटी लेकर भोलू को पुकारा और बोले, कैसा हमेशा गुस्से में रहता है। गोसेवा के दौरान मुख्यमंत्री ने भोलू सहित अन्य गोवंश और गायों को रोटी-गुड़ खिलाया।

  • ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी

    ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी

    इस वर्ष के अंत तक स्वच्छ हो जाएगी गोमती नदी: मुख्यमंत्री 

    रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास व भूमि पूजन

    उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में तय की सुरक्षा, सुशासन की नई यात्राः मुख्यमंत्री

    सीएम ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी, कहा- सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में साकार हुए अटल जी के सपने 

    ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है। 20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे। किंतु अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

    मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है। एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है। सीएम ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी। सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी। बदलते हुए परिवेश में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी व रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये प्राप्त हो रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है। लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है। किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है। यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है। 

    9 वर्ष में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास 
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है। हमने 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं। 

    इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बना यूपी की पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, इनमें 60 फीसदी यूपी के पास हैं। यहां रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो भी हैं। सीएम ने भारत सरकार से मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्य भी बहुत जल्द आगे बढ़ने जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और सबसे बड़ा एयरकनेक्टिविटी नेटवर्क यूपी के पास है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। यूपी से देश-दुनिया के सभी क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है। 

    सैन्य बलों में यूपी की लीडिंग पोजिशन
    सीएम ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी। यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे। हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं। पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मध्य कमान) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता आदि की मौजूदगी रही।

  • माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    कानून से खिलवाड़ करने वालों की धज्जियां उड़ा देंगे : सीएम योगी

    लोगों की सुरक्षा पर संकट पैदा करने वालों के लिए खुले हैं जेल और जहन्नुम के रास्ते : सीएम योगी

    माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    गोरखपुर के बशारतपुर में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री ने

    गोरखपुर नगर निगम और जीडीए की 130.73 करोड़ रुपये की 170 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

    गोरखपुर,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी ने कानून से खिलवाड़ करने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में लोगों की सुरक्षा पर जो भी संकट पैदा करेगा, उसके लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं। प्रदेश माफियामुक्त हो चुका है और कोई फिर सिर उठाएगा तो वह मिट्टी में मिला दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है। 

    सीएम योगी, शनिवार को वार्ड नंबर 80, राप्ती नगर के अंतर्गत बशारतपुर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की 130.73 करोड़ रुपये की लागत वाली 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में उपद्रव, अराजकता या गुंडागर्दी नहीं है, बल्कि सर्वत्र सुरक्षा का माहौल है। 

    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से सुरक्षा के माहौल में हो रहे प्रदेश के विकास का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा जिन्हें विकास, रोजगार और उत्सवपूर्ण माहौल पसंद नहीं है, वे अब समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करेंगे। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क और सावधान रहना होगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए, समाज को बांटने वाले लोगों को डकैतों का गिरोह करार दिया। सीएम ने कहा, ‘डकैतों के इस गिरोह को जब भी मौका मिला तो उन्होंने प्रदेश और देश को लूटने का काम किया। उत्सव से पहले उपद्रव करना, दंगे करना, कर्फ्यू लगवाना ही इनकी पहचान थी।’ उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसी भी गरीब, दलित, वंचित का उत्पीड़न या शोषण नहीं होने देगी। किसी ने शोषण या उत्पीड़न किया तो उससे सख्ती से निपटने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कानून की धज्जियां उड़ाने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में सुरक्षा पर संकट पैदा करने वालों के लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं।
     
    माफिया के साथ मच्छरजनित बीमारी का भी किया समाधान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब दस वर्ष में उन्होंने माफिया का सफाया करने के साथ ही मच्छरजनित बीमारी इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया। सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2017 के पूर्व इंसेफेलाइटिस की त्रासदी के कारण गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल रहता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी 1977 से चली आ रही थी। पर इस दौरान दूसरे दलों की सरकारों ने समाधान पर ध्यान नहीं दिया। इंसेफेलाइटिस को लेकर उन सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सांसद के रूप में इंसेफेलाइटिस के समाधान के लिए सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी और जब मुख्यमंत्री बने तो समाधान करके दिखा भी दिया। उन्होंने कहा कि अब मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आकर दम नहीं तोड़ते। 

    अच्छी सरकार में होते हैं अच्छे कार्य
    सीएम योगी ने जब अच्छी सरकार होती है तभी अच्छे कार्य आगे बढ़ते हैं। अच्छी सरकार ही युवाओं, बेटियों और महिलाओं के बारे में अच्छा सोचती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अगले एक साल में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा। युवाओं के रोजगार के लिए हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाया जा रहा है। यहां स्किल से जॉब की गारंटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बेटियों और महिलाओं के लिए सरकार की नई पहल का जिक्र करते हुए बताया कि अगले दो माह में स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी में न तो बेटियों की अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था थी और न ही गरीब बेटियों की शादी की। जब उन्होंने सामूहिक विवाह योजना शुरू की तो समाजवादी पार्टी ने विरोध किया। सीएम ने बताया कि अब तक पांच लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो चुकी है। सरकार इसमें हर बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा योजना की भी चर्चा की। कहा कि अब कोई भी माता निश्चिंत होकर जब चाहे अयोध्या, काशी, प्रयाग, विंध्याचल, देवीपाटन दर्शन करने जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर 60 लाख से अधिक महिलाओं के निशुल्क बस यात्रा करने की जानकारी देते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है।

    सीएम ने गोरखपुर के विकास की खूब की चर्चा
    लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद हुए गोरखपुर के विकास की खूब चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां न बिजली आती थी और न ही अच्छी सड़कें थी। मरीजों के लिए इलाज और नौजवानों के लिए नौकरी का अभाव था। जबकि अब भरपूर बिजली आ रही है। सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित फोरलेन सड़कों का जाल बिछ चुका है। स्मार्ट सड़कों के साथ ऑटो मोड में ट्रैफिक, स्वच्छता आदि की निगरानी हो रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सेवा मिल रही है, गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना फिर से चल रहा है। चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। बाढ़ की समस्या का समाधान हुआ है। 2017 के पहले बदहाल रहा रामगढ़ताल अब फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बन रहा है। गोरखपुर पर्यटन के एक नए हब के रूप में पहचान बना रहा है। सीएम योगी ने गोड़धोइया नाला परियोजना का भी उल्लेख किया। कहा कि इस नाला परियोजना से अब शहर के उत्तर में जलजमाव से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नौजवान को नौकरी भी मिल रही है तथा बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर भी संकट नहीं है।

    कल्याण मंडपम सकारात्मक परिवर्तन और जनसुविधा का प्रतीक 
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बशरतपुर कल्याण मंडपम को सकारात्मक परिवर्तन और जन सुविधा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कल्याण मंडपम जहां बना है, वह जमीन काफी गहरी थी। अच्छी सोच से हुए कार्य के कारण अब यह शानदार उत्सव और सार्वजनिक आयोजन का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इस कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने ढाई करोड़ रुपये विधायक निधि से दिए हैं, बाकी पैसा जीडीए ने लगाया है। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम, कम खर्च में होटल का शानदार विकल्प है। उन्होंने कहा कि तीन कल्याण मंडपम अभी निर्माणाधीन हैं और कुछ नए भी स्वीकृत होने वाले हैं। 

    सुरक्षा के साथ सुविधा भी देती है डबल इंजन सरकार : रविकिशन
    कल्याण मंडपम और अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार सुरक्षा, विकास व रोजगार के साथ सुविधा भी देती है। पीएम मोदी और सीएम योगी की सोच बिना भेदभाव, समाज के हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजना से लाभान्वित करने की है। रविकिशन ने कहा कि यूपी में तीसरी बार सीएम योगी के नेतृत्व में सरकार बननी तय है। 

    सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है कल्याण मंडपम : डॉ. मंगलेश
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों को एक बेहतरीन सौगात के रूप में कल्याण मंडपम, सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है। उनके मार्गदर्शन में महानगर में कल्याण मंडपम की श्रृंखला खड़ी हो रही है। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। 
    इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, श्रीराम चौहान, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, नगर निगम की उपसभापति पूनम सिंह, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। 
     
    सीएम ने फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण
    मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण और निरीक्षण कर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जानकारी ली। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने उन्हें मंडपम की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

    आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है कल्याण मंडपम
    बशारतपुर कल्याण मंडपम का निर्माण 2593 वर्गमीटर भूमि पर 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मंडपम दो तल में निर्मित है। यहां 300 से 500 लोगों की क्षमता के आयोजन हो सकेंगे। भूतल पर हाल, किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। प्रथम तल पर एक हाल, अटैच्ड टॉयलेट और ड्रेसिंग रूम सहित छह कमरों का निर्माण कराया गया है। परिसर में मुख्य भवन के सामने एक आकर्षक फव्वारा भी बनवाया गया है। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में लॉन भी विकसित किया गया है और फूल वाले पौधे लगाकर सजाया गया है। कल्याण मंडपम बनाने का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    सीएम के हाथों इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

    -बशारतपुर कल्याण मंडपम (जीडीए), लागत 3 करोड़ 10 लाख रुपये।
    -जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में पार्क निर्माण, सड़क व नाली निर्माण और लाइटिंग के 14 कार्य, लागत 7 करोड़ 74 लाख 33 हजार रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप स्थापना और इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की रीबोरिंग के 29 कार्य, लागत 39 करोड़ 90 लाख रुपये। 
    -नगर निगम की तरफ से बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, लागत 30 करोड़ 9 लाख रुपये।

    इन विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास
    -जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में कराए जाने वाले पार्क सुंदरीकरण, सीसीटीवी कैमरा स्थापना सहित कुल 15 कार्य, लागत 2 करोड़ 74 लाख 68 हजार रुपये। 
    -नगर निगम की तरफ से 11.92 करोड़ रुपये से 41 सड़कों और नालियों का निर्माण, लागत 11 करोड़ 92 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से 47 पार्कों का सुंदरीकरण, लागत 7 करोड़ 60 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन, लागत 5 करोड़ 7 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से पथ प्रकाश के 7 कार्य, लागत 5 करोड़ 57 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से पेयजल व जलभराव की समस्या को दूर करने के 13 कार्य, लागत 16 करोड़ 99 लाख रुपये।