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  • सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण, 1500 परिवारों को वितरित की राहत सामग्री व चिकित्सकीय किट

    सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    864 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा जेपीएनआईसी, इसे लूट-खसोट और अय्याशी का अड्डा बनाया गया था: सीएम योगी

    26 जिलों में 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव बाढ़ से प्रभावित, एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया: सीएम योगी

    घाघरा की ड्रेजिंग कर सिल्ट से मजबूत होंगे तटबंध, बाढ़ का होगा स्थायी समाधान, सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी: योगी

    सीएम बोले- पहले 36 से 40 जिलों में आती थी बाढ़, इस बार 26 जिले प्रभावित, जन-धन की क्षति न्यूनतम

    बलिया,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को करीब 50-50 किलो राहत सामग्री के पैकेट उपलब्ध करा रही है, जबकि सपा सरकार में 500 ग्राम राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाती थी। गरीबों के हक की राहत सपा से जुड़े लोग हड़प लेते थे। आज हर आपदा में आवास समेत तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार गरीब, नौजवान, माता-बहनों और अन्नदाता किसानों के हक में संवेदनशीलता व ईमानदारी से काम कर रही है। अतिवृष्टि के कारण पिछले कुछ दिनों में करीब 26 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सरकार लगातार व तेजी से राहत व बचाव कार्य में जुटी है। बाढ़ से 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं। एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बलिया में तीन विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई निरीक्षण करने के उपरांत 1500 बाढ़ पीड़ित परिवारो को राहत सामग्री और चिकित्सकीय किट वितरित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने आयोजन स्थल पर मौजूद बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की, उनका दुख साझा किया और सबको आश्वस्त किया कि किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है।

    जेपीएनआईसी को लूट-खसोट का अड्डा बनाने की कोशिश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था, सपा उसी की पिछलग्गू बन गई। जिन लोगों ने जयप्रकाश नारायण के सपनों को तार-तार किया,  सपा उन्हीं के साथ खड़ी है। इन्होंने जयप्रकाश जी के नाम को किस तरह लूट-खसोट का माध्यम बनाया था, लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएआईसी) उसका उदाहरण है। इस केंद्र की लागत मात्र 200 करोड़ थी। लेकिन, लुटेरी सपा सरकार ने उस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए, और तब भी यह अधूरा रहा। उनकी मंशा जनता-जनार्दन के पैसे से बने इस केंद्र को लूट-खसोट व अय्याशी का अड्डा बनाना थी। ऐसी कोशिश भी की गई।

    जेपीएनआईसी सेंटर के लिए बनाई परिवार की कमेटी
    सीएम ने कहा कि जेपीएआईसी के संचालन से जुड़ी कमेटी में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव और राजेंद्र चौधरी समेत कई लोगों को शामिल किया गया था। इस तरह केंद्र को व्यक्तिगत संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश हुई। अखिलेश को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। यूपी में संसाधनों व प्रतिभा की कमी कभी नहीं थी। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जावान था, किसान मेहनती था तथा व्यापारी और उद्यमी बनने की क्षमता रखता था। इसके बावजूद पिछली सरकारों की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश पिछड़ गया।

    सीएम ने किया बाढ़ग्रस्त गांवों का हवाई निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करते हुए आए हैं। बांसडीह, बलिया और बैरिया विधानसभा क्षेत्रों में कटान और जलप्लावन से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के बाद वह लोगों के बीच पहुंचे हैं। राहत कार्यों को लेकर वह लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में रहे तथा कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी स्थिति की समीक्षा की। उद्देश्य यही रहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।

    राहत किट में आटा-चावल से लेकर टॉर्च और छतरी तक
    सीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर की दाल, दो किलो चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, दो नहाने के साबुन और एक तिरपाल शामिल है। इसके अलावा हल्दी, मिर्च, सब्जी मसाला, एक किलो रिफाइंड तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़े धोने के दो साबुन, तौलिया, सूती कपड़ा, डिस्पोजल बैग, डेटॉल और 10 किलो आलू भी दिया जा रहा है। राहत किट में ढाई किलो लाई, एक बाल्टी, एक मग, एक टॉर्च और एक छतरी भी उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावितों के लिए मेडिसिन किट में ओआरएस पाउडर और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली समस्याओं से बचाव हो सके।

    सांप-बिच्छू के काटने से लेकर रेबीज तक की दवाओं का इंतजाम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य विषैले कीड़ों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कुत्ते के काटने और जंगली जानवरों के हमले की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए सभी सीएचसी और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकार का प्रयास केवल लोगों को सुरक्षित बचाना ही नहीं, बल्कि उनके पशुधन को भी नुकसान से बचाना है। पशुओं के टीकाकरण, दवाओं और उनके लिए जरूरी खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।

    गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था
    सीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का चिह्नीकरण किया जा रहा है। बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा उनकी विशेष देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। यह कार्य इसलिए तेजी से हो पा रहा है, क्योंकि जनता ने अच्छे विधायक चुने हैं। राहत किट वितरण के दौरान हर व्यक्ति को करीब 50 किलो तक सामग्री दी गई है। यह सामग्री वाहनों के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाई जाएगी।

    दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा और दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं लागू की हैं। सर्पदंश से मृत्यु पर तत्काल चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है। 2017 से पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर भी सरकार सहायता देती है। पागल कुत्ते के काटने से होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर भी राहत का प्रावधान है। ऐसे मामलों में परिवार को 24 घंटे के अंदर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    बाढ़ या आकाशीय बिजली से किसान की मौत पर 5 लाख रुपये 
    सीएम ने कहा कि किसान, बटाईदार किसान या उनके परिवार के किसी सदस्य की बाढ़ अथवा आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है। बाढ़ के कारण मकान या झोपड़ी नष्ट होने पर सरकार तत्काल परिवार को नया मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत किया जाता है। 

    घाघरा नदी की ड्रेजिंग पर विशेष जोर
    मुख्यमंत्री ने बलिया में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री को इस संबंध में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मैंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है और कई स्थानों पर घाघरा नदी को ड्रेजिंग के माध्यम से चैनलाइज करने की आवश्यकता दिखाई देती है। ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट को तटबंध के सामने उपयोग किया जाए। जरूरत वाले स्थानों पर बोल्डर से ठोकर बनाए जाएं, जिससे नदी के कटान को रोका जा सके और बाढ़ का खतरा कम हो।

    पहले 36-40 जिलों में आती थी बाढ़
    सीएम ने कहा कि पहले बारिश के दौरान 36-40 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनती थी, जबकि इस बार 26 जनपद प्रभावित हुए हैं। इस बार भी जन-धन की क्षति न्यूनतम रही है और जनहानि लगभग न के बराबर हुई है। सरकार का प्रयास है कि राहत और बचाव के साथ-साथ बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। बलिया के लोगों की प्रतिभा और ऊर्जा को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान और विकास कार्यों को गति देना जरूरी है।

    बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है। बलिया में बाबा भृगु धाम कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह मंगल पांडे, चित्तू पांडे व जयप्रकाश नारायण की भूमि है। ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक विरासत को देखते हुए यहां विकास के साथ विरासत संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बलिया के सिताब दियारा को जेपी की पावन भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि मुझे वहां जाने के कई अवसर मिले हैं और जल्द ही वहां फिर कार्यक्रम बनाने की तैयारी है।

    बुजुर्ग महिलाओं को अब निशुल्क बस यात्रा सुविधा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर परिवहन निगम की बसों में माता-बहनों को तीन दिन तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। दो दिन में ही लाखों महिलाओं ने सहयात्रियों के साथ इस सेवा का लाभ उठाया। आज भी निशुल्क बस यात्रा की सुविधा जारी है। अगले दिन से 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वे प्रदेश में कहीं भी यात्रा कर सकेंगी। जब जनता अच्छी सरकार चुनती है तो उसका लाभ राहत, सुरक्षा, जनकल्याण और विकास के रूप में दिखाई देता है।

    बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं
    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जिन लोगों के शासन में अराजकता फैली, युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ और बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा प्रभावित हुई, वे किस मुंह से नौजवानों की बात करते हैं। डबल इंजन सरकार में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया तो उसके लिए जेल या जहन्नुम ही जगह होगी। सपा शासन में हर जिले में माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिला दिया। अब प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया नहीं, बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज का दौर है।

    इस अवसर पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालु, दयाशंकर सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद, राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर, विधायक केतकी सिंह, विधायक हंसुराम, विधान परिषद सदस्य रवि शंकर (पप्पू सिंह) भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्र, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

  • प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    पत्रकारों के सवालों पर गाली-गलौच व हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं अखिलेश: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री ने सलेमपुर व भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

    सुना है कि एक बार सच्चाई बताने पर पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी अखिलेश यादव ने: मुख्यमंत्री 

    नौकरियों की कमी नहीं, यूपीटीईटी की भर्ती का अधियाचन जा चुका, जल्द जारी होने वाला है विज्ञापन 

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हुई, पर सपा का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का प्रधानमंत्री झांकने नहीं आया 

    जनता का पैसा पानी की तरफ बहाता था ‘सैफई सिंडिकेट’, लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह है सपा

    प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    देवरिया
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं। इससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह गाली-गलौच व हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं। मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी। मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करता है। यदि कोई सरकार-प्रशासन गलत करता है तो मीडिया उस ओर ध्यानाकर्षण कराती है, लेकिन जब मीडिया ने बबुआ की सच्चाई उजागर की तो उन्होंने पत्रकार के गले पर तलवार रख दी!

    मुख्यमंत्री शनिवार को सलेमपुर व भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा दुग्धेश्वर नाथ की धरा पर उमड़े जनसमुद्र का अभिनंदन किया और 2017 के पहले की दुर्दशा और इसके बाद आए सकारात्मक बदलावों को भी बताया। सीएम ने कहा कि तब स्कूलों की जर्जर हालत तत्कालीन सरकारों की जर्जरता का प्रमाण ही प्रस्तुत करती थी।

    जो हाल जनता दल का हुआ था, वही सपा का होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी दरअसल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसमें एक ही परिवार के सब लोग मिलेंगे। सपा मुखिया कहते हैं कि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं, इसीलिए पार्टी बची है। उन्हें खैर मनानी चाहिए कि सपा बची है,  वर्ना वही हाल होगा जो जनता दल का हुआ था। 

    जनता का पैसा पानी की तरफ बहाता था ‘सैफई सिंडिकेट’
    सीएम ने सपा के भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि लखनऊ में बने जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) की प्रारंभिक लागत मात्र 200 करोड़ थी। सपा ने इस पर 864 करोड़ खर्च कर दिए, तब भी यह अधूरा रहा। यह पैसा ‘सैफई सिंडिकेट’ का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा था। ये लोग जनता का पैसा पानी की तरफ बहाते थे। यदि अब सरकार उस पर पैसा लगाएगी तो कम से कम 150-200 करोड़ रुपये और खर्च होंगे। ये लोग सरकार के खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को देना चाहते थे। 

    पाप करने वाले सपा मुखिया जनता से मांगें माफी 
    सीएम ने कहा कि सपा की मंशा थी कि सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को प्राइवेट कंपनी चलाएगी। इसमें होटल, क्लब, जिम आदि रहेगा और कमाई भी घर में ही जाएगी। अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव व इनके शागिर्द प्राइवेट कंपनी बनाकर प्रदेश के खजाने पर डकैती डाल रहे थे। 2017 में हमारी सरकार आई तो हमने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया, उसने जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद विज्ञापन निकाला। हम इस प्रोजेक्ट पर और पैसा खर्च करने को तैयार नहीं थे, बल्कि जो पैसा खर्च हुआ है वह भी सरकारी खजाने में आए, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था प्रारंभ की है। जिस पैसे से युवाओं को रोजगार मिलता, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर, विश्वविद्यालय आदि बनते, अपनी अय्याशी के लिए प्रदेश के खजाने में डकैती डालने का पाप करने वाले सपा मुखिया को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

    एक लाख युवाओं को जल्द सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि नौकरियों की कमी नहीं है। जल्द ही एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी। इसमें 45 हजार होमगार्ड, 36 हजार पुलिस कार्मिकों (4 हजार सब इंस्पेक्टर भी) की भर्ती होगी। उप्र पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत अलग-अलग विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। जल्द ही शिक्षकों की भर्ती भी करेंगे। यूपीटीईटी की परीक्षा में 13 लाख नौजवान उत्तीर्ण हुए हैं। इस भर्ती का अधियाचन जा चुका है, विज्ञापन जारी होने वाला है। इन नौजवानों के लिए भी जल्द ही नौकरी का खजाना निकलने वाला है। सरकार दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देगी। 50 लाख से अधिक नौजवान यह पा चुके हैं, 25 लाख का फिर से ऑर्डर दिया गया है। स्नातक अंतिम वर्ष के बच्चों को टैबलेट देंगे। अब कोई नौकरी में सेंध नहीं लगा पाता, सपा मुखिया को इसी बात की चिढ़ है। अब हर जनपद के नौजवानों को नौकरी मिलती है। नौजवान के लिए हर जगह नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। हर न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल एंटरप्रेन्योर के रूप में नौजवान को कार्य दिया जाएगा। 

    40 वर्ष में 50 हजार मासूमों की जान गई
    सीएम ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती व सिद्धार्थनगर के लिए भय व दहशत का माहौल लेकर आता था कि इंसेफेलाइटिस न जाने किस बच्चे को निगल ले। माता-पिता भय के साये में जीने को मजबूर थे। यह सपा व कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी, जो मासूमों को निगलती थी, लेकिन इनकी संवेदना मर चुकी थी। 40 वर्ष में 50 हजार मासूमों की जान गई, लेकिन सपा का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री एक बार भी देखने या गरीब का हालचाल लेने नहीं आया। 2017 से पहले बच्चा नंगे पैर स्कूल जाता था, भवन जर्जर थे, बेटी स्कूल छोड़ देती थी, शिक्षक नहीं थे, गरीबों का राशन हड़प लिया जाता था। मुसहर, गरीब, वंचित, दलित भूख से दम तोड़ता था, लेकिन तत्कालीन सरकारें उसका हाल नहीं लेती थीं, बल्कि गरीबों का राशन बेचकर अपनी पार्टी को माफिया के हवाले कर चुकी थीं। माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे।

    अब किसी माता-पिता को मासूम की चिंता नहीं करनी
    सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार हर बच्चे की फिक्र करती है। जुलाई हो या नवंबर, अब किसी माता-पिता को मासूम की चिंता नहीं करनी है। हमने इंसेफेलाइटिस (नवकी बीमारी) को सदैव के लिए समाप्त कर दिया है। सुशासन का परिणाम है कि गरीब को बिना मांगे राशन, बिजली, आवास, शौचालय और नौजवान को रोजगार व सरकारी नौकरी मिल रही है। हमने साढ़े 9 साल में साढ़े 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। लगभग तीन करोड़ युवा रोजगार प्राप्त कर रहा है। अब यहां उत्सव से पहले उपद्रव, दंगा-फसाद भी नहीं हो सकता।

    तुष्टिकरण नीति का विरोध करते थे कांग्रेस विधायक राघव बाबा
    सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार आने के बाद देवरिया में विकास कार्य नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर अब देवरिया में मेडिकल कॉलेज है। स्वाधीनता संग्राम सेनानी राघव बाबा कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन कांग्रेस सरकार के विरोध के बावजूद उन्होंने दो-टूक कहा था कि राम आन-बान-शान के प्रतीक हैं। यदि कांग्रेस सरकार राम मंदिर के मार्ग में बाधा बनेगी तो वह स्वीकार नहीं करेंगे। वह रामजन्मभूमि आंदोलन में कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का खुलकर विरोध करते थे। 

    देश-दुनिया वाले कहते हैं- काश, मेरा भी जन्म यूपी में हुआ होता
    सीएम ने कहा कि अब यूपी को कोई बीमारू नहीं कहता। अब देश-दुनिया वालों के चेहरे की चमक बताती है कि वे यूपी के नाम पर खुश हैं। वे कहते हैं कि काश, मेरा भी जन्म यूपी में हुआ होता, हम भी रामराज्य का अनुभव करते। माफिया मिट्टी में मिल गए। व्यापारी व बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की एकमात्र जगह जेल है या जहन्नुम।

    लाखों महिलाओं ने की निःशुल्क बस यात्रा
    सीएम ने कहा कि परिवहन निगम की बसों में तीन दिन (27 से 29 अगस्त) तक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई। पिछले दो दिनों में लाखों महिलाओं ने निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया। आज भी निशुल्क बस सेवा जारी है। कल से 60 वर्ष से ऊपर की माताओं को निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार जनता के टैक्स का पैसा रिटर्न कर रही है। 16 करोड़ गरीबों को निशुल्क राशन मिल रहा है। अब कोई इनके राशन पर डाका नहीं डाल सकता।

    मंदिरों का पैसा कब्रिस्तान पर बहाती थी सपा
    सीएम ने जिनकी इच्छाशक्ति मर चुकी है, उनसे क्या ही उम्मीद रखना। जब कोई मुख्यमंत्री 16-18 घंटे मेहनत करेगा, तब सुरक्षा और परिवर्तन ला पाएगा। विधायकों से मांगे गए प्रस्तावों को हम तत्काल स्वीकृति देते हैं। सभाकुंवर जी के प्रस्ताव पर फ्लाईओवर को स्वीकृति दी। दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। सपा मंदिरों के सौंदर्यीकरण का पैसा कब्रिस्तानों पर बहाती थी। 

    लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह है सपा
    सीएम ने सपा को लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह बताया, कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा चलता था। बेटी की सुरक्षा को लेकर माता-पिता और भाइयों को चिंता रहती थी। जब हम 26 अगस्त को निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ करने जा रहे थे, तब सपा के बबुआ की नींद टूटी और उन्होंने जल्दी-जल्दी ने प्रेसवार्ता बुलाई। उनको पता ही नहीं था कि क्या बोलना है, उन्होंने कहा कि लोगों से 40 हजार रुपये लेंगे। उन्हें पता ही नहीं था कि यह लेने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए कार्यक्रम है।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, विधायक सभाकुंवर कुशवाहा, डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, सुरेंद्र चौरसिया, दीपक कुमार मिश्र ‘शाका’, जिला पंचायत प्रशासक गिरीश चंद्र तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

  • वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    हर हाल में बदलनी होगी ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति, 05 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता से हो निस्तारण: मुख्यमंत्री

    जनशिकायतों के गलत निस्तारण पर मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश, 05 दिन में संबंधित जिले स्पष्टीकरण दें, असंतुष्ट मामलों का दोबारा परीक्षण होगा

    13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1% और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9% की कमी

    जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह हो क्राइम एनालिसिस, महिला-बाल अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश

    मुख्यमंत्री का निर्देश, जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में बनाएं व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान, बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना जरूरी

    वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    गणेश प्रतिमा विसर्जन में हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों को लेकर विशेष सतर्कता, संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल

    माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखें, गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं पर 24×7 अलर्ट

    लखनऊ 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर नियोजित प्रयासों के साथ निस्तारित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनता दर्शन तथा आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की विधिवत जांच की जाए तथा आवश्यक स्तर से रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

    समीक्षा में ऐसे प्रकरण सामने आए, जहां मूल शिकायत के बजाय दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारण कर दिया गया अथवा आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही प्रकरण बंद कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निस्तारण संतोषजनक नहीं है अथवा गलत आख्या के आधार पर प्रकरण बंद किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर 05 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए। प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।

    बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के लिहाज से शीर्ष 05 जिलों की स्थिति तथा प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।

    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक अधिकारियों तथा न्यायालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।

    बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

    मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन हो और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्र में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई प्रभावी होने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी नजीर बननी चाहिए।

    आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए क्राउड कंट्रोल की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती तथा मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए। थानों में आकर्षक झांकियां सजाई जाएं और इसमें आमजन को भी सहभागी बनाया जाए।

    गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। वर्तमान में कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा शरारती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन मिले। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने तथा बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के निर्देश दिए।

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव, हर व्यक्ति की समस्या का समाधान कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने और जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 200 लोगों से मिले। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक वह खुद गए। उनकी समस्याओं व शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि हर पीड़ित की समस्या का पारदर्शी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। 

    जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इन लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का एस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए, सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ लोग पारिवारिक विवादों के मामले भी लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारिवारिक विवादों में सर्वप्रथम सबंधित पक्षों के बीच संवाद कराने की पहल की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़
    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से पूड़ी-गुड़ खिलाया।

    मुख्यमंत्री ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि
    देवरिया, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-सहायता राशि, किट व चेक आदि प्रदान किया। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…

    सुशील कुशवाहा- कृषि यंत्र के लिए 4 लाख रुपये का अनुदान
    जिज्ञासा सिंह- नियुक्ति पत्र 
    लकी कुमार- नियुक्ति पत्र 
    प्रियंका गुप्ता- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
    उमा देवी- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
    चंदा देवी- आशा वर्कर को भी उपहार 
    शांति देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 
    गुड़िया देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 

    मुख्यमंत्री ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, योजनाओं के बारे में ली जानकारी 
    मुख्यमंत्री ने मझौलीराज में जनसभा स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर जाकर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर भी पर एक उद्यमी को पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

  • देवरिया में गरजे CM योगी! सपा पर भ्रष्टाचार और अधूरे विकास कार्यों को लेकर जमकर हमला

    देवरिया में गरजे CM योगी! सपा पर भ्रष्टाचार और अधूरे विकास कार्यों को लेकर जमकर हमला

     देवरिया
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक बार फिर सपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार आती है, जब अच्छे जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं. 2017 के पहले राज्य में जो सरकार थी, तब न विकास था न सुरक्षा थी और न ही सम्मान था. इसके अलावा न ही रोजगार और गरीब के लिए आवास-शौचालय था. 15 जुलाई से 15 नवंबर तक यूपी के देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर बस्ती में भय और दहशत का माहौल रहता था. क्योंकि पिछली सरकारों की संवेदना मर चुकी थी। 

    योगी आदित्यनाथ यहीं नहीं रुके, उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि JPNIC की कमाई को परिवार तक पहुंचाने की साजिश रची गई थी. सपा ने अपने विचारधारा के मुखिया को भी नहीं छोड़ा. JPNIC की शुरुआती लागत करीब ₹200 करोड़ थी, लेकिन ₹864 करोड़ खर्च करने के बाद भी परियोजना अधूरी है। 

    सरकारी खजाने से खर्च की गई थी राशि
    सीएम योगी के मुताबिक ₹200 करोड़ के काम में ₹864 करोड़ खर्च कर दिए गए, फिर भी JPNIC पूरा नहीं हुआ. JPNIC को पूरा कराने में अब ₹150–200 करोड़ और खर्च होने का अनुमान है. सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने से ₹900–1000 करोड़ खर्च करने की साजिश थी. JPNIC को प्राइवेट कंपनी के जरिए संचालित करने की योजना होने का भी सीएम योगी ने आरोप लगाया। 

    सीएम योगी के अनुसार इस प्राइवेट कंपनी में डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव शामिल थे. आरोप है कि JPNIC से होने वाली कमाई को परिवार तक पहुंचाने की साजिश की गई थी। 

     

  • योगी सरकार के संकल्प को गति देगा राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड: मंत्री दिनेश प्रताप

    योगी सरकार के संकल्प को गति देगा राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड: मंत्री दिनेश प्रताप

    किसानों की उपज को बिक्री के लिए विदेशों तक पहुंचाने के लिए वेबसाइट का शुभारंभ, निर्यातकों और एफपीओ के बीच एमओयू 

    राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड की दूसरी बैठक में निर्यात सुगम बनाने पर मंथन  

    योगी सरकार के संकल्प को गति देगा राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड: मंत्री दिनेश प्रताप 

    बोर्ड की वेबसाइट से पता चलेगा कि किस जिले की कौन-सी उपज किस देश में बिकेगी

    उत्तर प्रदेश में तैयार हुए करीब 3,000 निर्यातक, वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ रहे किसान
     
    सभी 75 जिलों से किसान, निर्यातक और एफपीओ जुटे

    लखनऊ,
     योगी सरकार किसानों की उपज को स्थानीय-राष्ट्रीय बाजारों से आगे वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने तथा कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को उद्यान भवन के आडिटोरियम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड की दूसरी बैठक एवं कार्यशाला हुई। इसकी अध्यक्षता उद्यान राज्यमंत्री मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर बोर्ड की वेबसाइट https://upsheb.in/ का शुभारंभ किया गया तथा निर्यातकों और एफपीओ के बीच एमओयू भी हुआ। बैठक में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से प्रगतिशील किसान, निर्यातक, एफपीओ, उत्पादक कंपनियां और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। 

    उद्यान राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड राज्य के किसानों की उपज को सात समंदर पार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। बोर्ड की वेबसाइट का शुभारंभ किसानों और निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में सामने आया है। अब प्रदेश का किसान अथवा निर्यातक यह जानकारी प्राप्त कर सकेगा कि उसके जनपद की कौन-सी सरप्लस उपज किस देश के बाजार में भेजी जा सकती है, संबंधित देश के लिए उत्पाद के क्या मानक आवश्यक हैं और निर्यात के लिए किन प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इसके साथ ही निर्यातकों को राज्य सरकार एवं बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सहयोग, मार्गदर्शन और अनुदान से संबंधित जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। बोर्ड का उद्देश्य किसानों और निर्यातकों को बाजार, गुणवत्ता और निर्यात की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।

    उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक उत्तर प्रदेश के निर्यातक मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित थे, लेकिन आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में निर्यातक अपनी भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में करीब 3000 निर्यातक तैयार हो चुके हैं, जो किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से औद्यानिक एवं कृषि आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में 727 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1132 करोड़ रुपये हो गया। प्रदेश की कृषि एवं औद्यानिक उपज अमेरिका, यूएई, जर्मनी, सऊदी अरब, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और स्वीडन सहित विभिन्न देशों तक पहुंच रही है। 

    उद्यान राज्यमंत्री ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए प्रदेश की उपज गुणवत्तापूर्ण होने के साथ संबंधित देशों के निर्धारित मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के तैयार होने से प्रदेश के कृषि उत्पादों को हवाई कार्गो के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही जेवर के पास राज्य सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण, प्रमाणन और पैकेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    मंत्री सिंह ने आलू किसानों के हित में सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया, बताया कि बाजार में भाव में उतार-चढ़ाव की स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष का प्रावधान किया गया है। वहीं शीतगृह में भंडारित आलू के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल शीतगृह किराये पर अनुदान तथा प्रमाणित आलू बीज की बिक्री दर में 1000 रुपये प्रति क्विंटल की छूट देने की व्यवस्था की गई है। बेहतर आलू कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान की व्यवस्था की गई है। 

    मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के संकल्प को साकार करने में उद्यान विभाग और राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किसानों की उपज को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने, निर्यातकों को प्रोत्साहित करने और कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन बढ़ाने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। 

    कार्यशाला में एपीडा के उप महाप्रबन्धक डॉ. सीबी सिंह, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, लखनऊ के सहायक निदेशक संजय सिंह, एफआईईओ कानपुर के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव, सुधांशु सिंह, क्षेत्रीय निदेशक सी-सार्क, आगरा ने भी विचार रखे।  

    इस अवसर पर उद्यान विभाग के अपर मुख्य सचिव उद्यान बीएल मीणा, निदेशक भानु प्रकाश राम, उप महाप्रबंधक एपीडा सीबी सिंह, उपनिदेशक मंडी रामजी मिश्रा, अध्यक्ष कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन तृप्ति सिंह आदि उपस्थित रहे।

  • यूपी की विशाल आबादी में छिपी अपार संभावनाएं, सीएम योगी ने गिनाई युवा वर्कफोर्स की ताकत

    यूपी की विशाल आबादी में छिपी अपार संभावनाएं, सीएम योगी ने गिनाई युवा वर्कफोर्स की ताकत

    यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावनाः मुख्यमंत्री

    सीएम ने स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया वितरण

    सीएम ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का किया विमोचन, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का भी किया शुभारंभ

    दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स हमारे पास, नया यूपी पीछे हटने वाला नहींः सीएम योगी

    2014 से पहले देश में 500 स्टार्टअप्स, अब 2.5 लाख से अधिक, 2017 से पहले यूपी में थे 120 स्टार्टअप,  आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स यूपी में है। इन्हें प्लेटफॉर्म उलब्ध कराना सरकार का काम है। राजदूत, उच्चायुक्त समेत विदेशी प्रतिनिधिमंडल मुझसे पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ से अधिक है, इसलिए आपके सामने बड़ी चुनौती है। मैं उनसे कहता हूं कि जितनी बड़ी चुनौती, उतनी ही बड़ी संभावना है। यूपी की जिस आबादी को लोग चुनौती कहते हैं, हम उसे डेमोग्रॉफिक डेविडेंड मानते हैं। इनके स्केल को स्किलिंग से जोड़कर इसका उपयोग डेमोग्रॉफिक डेविडेंड के रूप में कर पाते हैं।

    मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करने के उपरांत युवा उद्यमियों व उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया। इस दौरान लघु फिल्म के माध्यम से यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम से अवगत कराया गया।

    2014 से पहले देश में 500 स्टार्टअप्स, अब ढाई लाख से अधिक 
    सीएम योगी ने 2014 से पहले और इसके बाद भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में व्यापक बदलाव दिख रहा है। 2014 के पहले देश में मात्र 500 स्टार्टअप्स थे, अब इनकी संख्या ढाई लाख से ऊपर है। स्टार्टअप इकोसिस्टम अब भारत के युवाओं के सपनों की उड़ान को गति दे रहा है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश की भी थी। उस समय यहां कुल 120 स्टार्टअप थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन व सकारात्मक वातावरण के कारण आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई। इसमें 8 यूनिकॉर्न हैं। यूपी की स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत आज 107 स्टार्टअप व 9 इन्क्यूबेटर्स को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। यूपी स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इन्क्यूबेटर्स को भी मान्यता प्रदान कर रहे हैं।

    2017 से रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा एक सपना 
    सीएम ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ के कई स्टार्टअप्स का मैंने दौरा किया था। अपने कार्यों की बदौलत उन्होंने यूपी की पहचान और धारणा को बदलने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। सीएम ने 2017 से पहले यूपी के प्रति नकारात्मक धारणा का जिक्र करते हुए यहां की अव्यवस्था को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर जाने पर सांसद के रूप में मैंने भी महसूस किया कि लोग शक की निगाहों से देखते थे। धारणा यह थी कि जहां सड़कों में गड्ढे और बिजली के अभाव में अंधेरा दिखने लगे, समझो यूपी आ गया। उत्सव से पहले उपद्रव होता था। स्कूल-कॉलेज, बाजार महीनों बंद रहते थे। आमजन कर्फ्यू के साये में जीने को विवश था। उस समय 5 वर्ष में 700 से अधिक दंगे हुए। उन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा करना एक सपना ही था। 

    सरकार की उदासीनता से प्रदेश हो गया था ‘बीमारू’
    सीएम ने कहा शिक्षा, रोजगार, स्टैंडअप, स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर्स आदि के बारे में इकोसिस्टम तब तैयार होता है, जब धारणा के साथ ही आमजन की मानसिकता भी उसके अनुरूप दिखाई दे। हम अनुकूल वातावरण बनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। सरकार सकारात्मक मानसिकता की हो और उसका आमजन से जुड़ाव हो, लेकिन 2017 के पहले न पॉलिसी थी और न ही सरकार की इच्छाशक्ति। लोग अजीब वातावरण में जीने को मजबूर थे, इसका परिणाम था कि अनंत संभावनाओं वाला उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ हो गया। 

    आधे स्टार्टअप का संचालन कर रही ‘आधी आबादी’ 
    सीएम ने कहा कि आधे स्टार्टअप का संचालन ‘आधी आबादी’ कर रही है। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू, आईआईएम से आए हर प्रस्ताव को प्रोत्साहित करने के लिए फंड व सहयोग उपलब्ध कराया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में सरकार ने सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की थी। हालांकि बीच में कुछ गतिरोध आया था, लेकिन बाद में परिवर्तन कर इसे तेजी से बढ़ाया भी गया। 

    इनोवेशन व रिसर्च के लिए सभी विश्वविद्यालयों को दिया फंड
    सीएम ने नए स्टार्टअप के लिए नया प्रोत्साहन देने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी के तहत हमने हाल में इसे अच्छे ढंग से बढ़ाया है। सीएम ने उच्च शिक्षण संस्थानों का आह्वान किया कि केवल परंपरागत पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि विश्वविद्यालयों-इंस्टीट्यूट में इनोवेशन को आरएंडडी के लिए बेहतरीन माहौल दें। सरकार ने इनोवेशन व रिसर्च की एक्टिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को अलग से फंड दिया है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की छवि को और बेहतर करना है। 

    ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं
    सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2017 व 2018-19 में जो प्रयास किए, उसके सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं। 2017 के पहले का ‘बीमारू यूपी’ बॉटम-3 से देश की टॉप-3 इकॉनमी में शामिल हुआ है। 9 वर्ष में उप्र की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी व बड़े उद्योगों की संख्या तीन गुनी हुई। ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को साबित कर रहा है। 

    सरकार हर कदम पर रहेगी साथ 
    सीएम ने कहा कि आईआईटी कानपुर मेडटेक व ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना चाहती थी, आईआईटी बीएचयू यूपीएग्रीज के साथ काम करना और एसजीपीआईजी भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करना चाहता था। सरकार ने इन सभी से कहा कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन आदि क्षेत्रों में जहां भी आवश्यकता पड़ेगी, सरकार हर सहयोग के लिए खड़ी है। हम एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का संचालन/निर्माण कर रहे हैं। 

    स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार दर्ज हो यूपी की उपस्थिति 
    सीएम ने उम्मीद जताई कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार यूपी की उपस्थिति दर्ज होती दिखाई दे। भारत में आबादी के अनुरूप यूपी का हिस्सा 1/6 है, जबकि स्टार्टअप की तुलना में यह हिस्सा 1/10 है, यानी भारत के कुल स्टार्टअप का 20 प्रतिशत हिस्सा यूपी में होना चाहिए। इसके लिए तैयारी करनी होगी। डीपटेक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने वालों समेत सभी स्टार्टअप्स का सीएम ने आह्वान किया कि वे इकोसिस्टम को गति प्रदान करने और युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए आगे आएं। 

    यूपी जितनी संभावनाएं देश व दुनिया में कहीं नहीं 
    सीएम ने कहा कि यूपी में लैंड, सुरक्षा की दिक्कत नहीं है। पॉलिसी पैरालिसिस से उबर चुके हैं। यूपी में समर्पित पॉलिसी है। हर क्षेत्र में यहां जितनी संभावनाएं हैं, उतनी देश व दुनिया में कहीं नहीं प्राप्त होंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर सिडबी के साथ किए गए फंड ऑफ फंड्स की राशि बढ़ाई जाएगी। लीज पर लैंड, प्लग एंड प्ले मॉडल पर स्पेस उपलब्ध कराने में सरकार मदद करेगी, लेकिन आपको स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए गति देनी होगी।

    हर कदम को प्रोत्साहित करेगी यूपी सरकार
    सीएम ने आशा जताई कि डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर आप सभी यूपी को बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिलाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि युवाओं के हित में यूपी सरकार आपके हर कदम को प्रोत्साहित करेगी और यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने में हरसंभव मदद करेगी। 

    इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय आदि मौजूद रहे।

  • डिजिटल शिक्षा की नई पहल, योगी सरकार ने यूट्यूब को बनाया बच्चों की क्लासरूम

    डिजिटल शिक्षा की नई पहल, योगी सरकार ने यूट्यूब को बनाया बच्चों की क्लासरूम

    हर बच्चे तक शिक्षा की डिजिटल पहुंच, योगी सरकार ने यूट्यूब पर भी लगाई कक्षा

    -योगी सरकार ने बढ़ाया पीएम ई-विद्या का दायरा, बाल वाटिका से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कक्षा-वार शैक्षिक सामग्री उपलब्ध

    – चैनल 173 से 177 तक विद्यार्थियों को अपनी कक्षा के अनुसार डिजिटल सामग्री देखने की सुविधा

    – पांच डीटीएच चैनलों की यूट्यूब पर भी उपलब्धता से घर बैठे सीखने और पाठ दोहराने का अवसर

    – राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) यूपी की डिजिटल पहल से शैक्षिक सामग्री की पहुंच हुई आसान

    लखनऊ
     शिक्षा को विद्यालय की चारदीवारी से आगे हर बच्चे तक पहुंचाना योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश के लिए पीएम ई-विद्या के पांच डीटीएच चैनलों को यूट्यूब पर भी उपलब्ध कराया गया है। इससे बाल वाटिका से कक्षा 12 तक के विद्यार्थी अपनी कक्षा के अनुरूप शैक्षिक सामग्री घर बैठे देख सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार पाठों को दोहरा सकते हैं।

    इस व्यवस्था से पीएम ई-विद्या की डिजिटल शैक्षिक सामग्री विद्यार्थियों के लिए अधिक सहज और सुलभ हुई है। डीटीएच और यूट्यूब दोनों माध्यमों के जरिए सीखने के अवसरों का विस्तार करते हुए योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    एससीईआरटी यूपी की डिजिटल पहल से बढ़ी पहुंच
    उत्तर प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी यूपी) की डिजिटल शैक्षिक व्यवस्था के अंतर्गत पीएम ई-विद्या के चैनलों के माध्यम से विद्यार्थियों तक कक्षा-वार शैक्षिक सामग्री पहुंचाई जा रही है। डीटीएच के साथ यूट्यूब पर उपलब्धता से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार इन शैक्षिक संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

    हर कक्षा के लिए अलग चैनल
    चैनल 173 पर बाल वाटिका से कक्षा 2, चैनल 174 पर कक्षा 3 से 5, चैनल 175 पर कक्षा 6 से 8, चैनल 176 पर कक्षा 9 से 10 और चैनल 177 पर कक्षा 11 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सामग्री उपलब्ध है। कक्षावार व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी कक्षा से संबंधित सामग्री तक आसानी से पहुंच मिलती है।

    डीटीएच के साथ यूट्यूब की सुविधा
    पीएम ई-विद्या के इन चैनलों की सामग्री अब यूट्यूब पर भी उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त डिजिटल माध्यम मिला है। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार शैक्षिक वीडियो देख सकते हैं, पढ़ाए गए विषयों को दोहरा सकते हैं और अपनी सीख को मजबूत कर सकते हैं। चैनलों को निशुल्क सब्सक्राइब करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

    हमारी सरकार ने तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पीएम ई-विद्या के कक्षा-वार चैनलों को यूट्यूब पर उपलब्ध कराने से विद्यार्थियों को घर बैठे सीखने और अपनी पढ़ाई दोहराने का सहज अवसर मिला है।
    – संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश

    एससीईआरटी यूपी के पीएम ई-विद्या चैनलों को यूट्यूब से जोड़ने से डिजिटल शैक्षिक सामग्री की पहुंच और व्यापक हुई है। विद्यार्थी अपनी कक्षा के अनुसार संबंधित चैनल से जुड़कर सरलता से शैक्षिक सामग्री का लाभ उठा सकते हैं।
    – डॉ. पवन सचान, संयुक्त निदेशक, SCERT उत्तर प्रदेश

    कक्षा के अनुसार YouTube चैनल
    बाल वाटिका–कक्षा 2 : SCERT UP PM eVIDYA Channel 173⁠

    कक्षा 3–5 : SCERT UP PM eVIDYA Channel 174⁠

    कक्षा 6–8 : SCERT UP PM eVIDYA Channel 175⁠

    कक्षा 9–10 : SCERT UP PM eVIDYA Channel 176⁠

    कक्षा 11–12 : SCERT UP PM eVIDYA Channel 177⁠

  • प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाईमेट रेजिलिएंट, मार्केट, एंटरप्राइज, फॉर्मर प्रॉस्पैरिटी है यूपीएग्रीज का मूल दर्शनः सीएम योगी

    प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाईमेट रेजिलिएंट, मार्केट, एंटरप्राइज, फॉर्मर प्रॉस्पैरिटी है यूपीएग्रीज का मूल दर्शनः सीएम योगी

    पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 व बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में होगी वृद्धि: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष विश्व बैंक वित्तपोषित यूपी-एग्रीज परियोजना के अंतर्गत यूपीडीएएसपी के साथ गूगल एवं नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी, आईटीसी व एक्वाब्रिज का एमओयू

    यूपी में कृषि के भविष्य को नई दिशा देंगे एमओयू, पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड में पोटेंशियल है और बदलाव की जरूरत भी: सीएम

    प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाईमेट रेजिलिएंट, मार्केट, एंटरप्राइज, फॉर्मर प्रॉस्पैरिटी है यूपीएग्रीज का मूल दर्शनः सीएम योगी

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गूगल एवं ग्लोबल एंड नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी, आईटीसी, एक्वाब्रिज के साथ हुए एमओयू एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी, किसान की आय और यूपी में कृषि के भविष्य को नई दिशा देने का संकल्प हैं। यूपीएग्रीज प्रदेश के एग्रीकल्चर को प्रोडक्टिविटी से प्रॉस्पैरिटी व फ्यूचर इकॉनमी की ओर ले जाने की महत्वपूर्ण पहल है। इसका लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसान की आय, फॉर्मिंग की क्लाईमेट रेजिलिएंट कैपिसिटी (जलवायु अनुकूलन क्षमता) को वैल्यू एडिशन व रूरल एंटरप्रेन्योरशिप को एक साथ मजबूत करना भी है। ये एमओयू पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 तथा बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में बुधवार को विश्व बैंक वित्तपोषित उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (यूपी-एग्रीज) परियोजना के अंतर्गत यूपीडीएएसपी (उत्तर प्रदेश विविधीकृत कृषि सहायता परियोजना) के साथ ये एमओयू हस्ताक्षरित किए गए।

    इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष विश्व बैंक के अध्यक्ष का आगमन हुआ था। उप्र के वे क्षेत्र, जो उस समय कृषि प्रोडक्टिविटी में अत्यंत पिछड़े थे। वहां क्या होना चाहिए, इस पर उनसे चर्चा हुई, फिर यूपीएग्रीज की इस योजना को हमने आगे बढ़ाया। यूपीएग्रीज पीएम मोदी जी और विश्व बैंक के अध्यक्ष के विजन के अनुरूप यूपी में धरातल पर कार्य करते दिख रहा है। यह एमओयू उसी कड़ी को मजबूत तरीके से बढ़ाने के लिए किया गया है। हम दशकों तक यही सुनते रहे कि अन्नदाता किसानों की जय-जयकार होती थी। देश में अन्न उत्पादन बढ़ाने के दावे किए जाते थे। पैदावार बढ़ती भी थी, लेकिन किसान वहीं का वहीं खड़ा था। किसान को कभी नहीं बताया गया कि लागत कैसे घटेगी, उसकी फसल को कौन खरीदेगा और उसका माल मंडी तक कैसे जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 4000 करोड़ की विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना का फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड है। जहां पोटेंशियल भी है और परिवर्तन की आवश्यकता भी। इन क्षेत्रों को पिछड़ेपन का पर्याय मानकर दशकों तक उपेक्षित छोड़ दिया गया था। जो क्षेत्र कभी सरकार के लिए चिंता व तनाव का कारण होता था, आज वही क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता व प्रदेश के प्रोडक्टिविटी का कारण भी बन रहा है। हम पूर्वी उप्र व बुंदेलखंड के 28 जनपदों के 123 विकास खंडों में इस परियोजना को लागू कर रहे हैं। इसका लक्ष्य लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते 10 लाख किसानों, 35 हजार मत्स्य उत्पादक किसानों व 3 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाना है। परियोजना के अंतर्गत खरीफ 2026 में 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित किया गया है। रबी फसल (2026-27) में भी 1.75 लाख हेक्टेयर में गेहूं, मटर, चना, मसूर व सरसों आदि की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। हमें किसान को केवल प्रोड्यूसर नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि व अर्थव्यवस्था का प्रॉस्पैरिटी पार्टनर भी बनाना है। 

    सीएम ने कहा कि ईरी के साथ पार्टनरशिप के माध्यम से साइंटिफिक व क्लाईमेटिक विजिलेंट जैसी पद्धतियों को खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। खरीफ सत्र 2026 में 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) का प्रयोग किया जा रहा है। धान के साथ मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, तिल, उरद व मूंगफली जैसी फसलों को भी कार्ययोजना में सम्मिलित किया है। उप्र की कृषि परंपरा की शक्ति व आधुनिक विज्ञान के संगम से इसे बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्लोबल साइंस अब लोकल फॉर्म तक पहुंच रहा है। 

    सीएम ने कहा कि गूगल एवं नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी के साथ साझेदारी में ओपन नेटवर्क फॉर एग्रीकल्चर विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। यह कृषि के लिए ऐसा डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जिसका कॉन्सेप्ट यूपीआई और ओएनडीसी जैसे ओपन डिजिटल नेटवर्क मॉडल से भी प्रेरित है। इससे किसानों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग ऐप व प्लेटफॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि हमारा लक्ष्य एक ही इंटरफेस से मौसम, बाजार-मूल्य, मृदा, कृषि सलाह तथा विभिन्न एग्रीटेक सेवाओं तक उनकी पहुंच बनाना है। 

    सीएम ने कहा कि एग्रीटेक स्टार्टअप व कंपनियां भी खुले नेटवर्क के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों तक सेवाएं पहुंचा सकेंगी। हमारा लक्ष्य लागत को कम करना, कम संसाधन व अधिक आय के साथ ही वैश्विक बाजार के अनुरूप गुणवत्ता उपलब्ध कराना भी है। यूपीएग्रीज के अंतर्गत धान और गेहूं के क्लाईमेट रेजिलिएंट कमोडिटी कलस्टर विकसित करने के लिए आईटीसी के साथ भी साझेदारी की जा रही है। दो लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में क्लाईमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर का विस्तार प्रस्तावित है। इसमें आधुनिक पद्धति यानी शून्य जुताई, डायरेक्ट सीडेड राइस, क्लाईमेट रेजिलिएंट उन्नत बीज, डिसिजन न्यूट्रेंट मैनेजमेंट सम्मिलित होगा। 

    सीएम ने कहा कि बहराइच में 1500 एकड़ का डीयू कंप्लाइन एंड एमआरएल मानकों के अनुरूप धान कलस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। किसान की प्रति एकड़ आय में 20-30 प्रतिशत वृद्धि, यूरिया के उपयोग को 25 फीसदी कम करने तथा श्रम व सिंचाई में 25-30 प्रतिशत की बचत का भी लक्ष्य रखा गया है। अब यूपी का किसान केवल अनाज उत्पादक नहीं रहेगा, बल्कि क्वालिटी, कैपेबिलिटी व एक्सपोर्ट स्टैंडर्ड से जुड़ी नई एग्री इकॉनमी का भी भागीदार बनेगा। 

    सीएम ने कहा कि यूपीएग्रीज के अंतर्गत धान, गेहूं, मिर्च, मक्का, हरी मटर व टमाटर जैसी फसलों के लिए भी प्रमुख निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है, जिससे किसानों को बाजार व बेहतर खरीद की व्यवस्था उपलब्ध हो पाएगी। इसके अंतर्गत वैल्यू चेन के प्रत्येक चरण में उत्पादन, संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण व बाजार को और मजबूत किया जाएगा। हम उत्तर प्रदेश में एक्वा कल्चर को साइंस, टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग व एंटरप्रेन्योरशिप से जोड़कर पूर्ण ब्लू इकॉनमी इकोसिस्टम विकसित करना चाहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एक्वाब्रिज के साथ मत्स्य पालन को ट्रेडिशनल एक्टिविटी से टेक्नोलॉजी ड्रिवेन एंटरप्राइज की ओर बढ़ाने जा रहे हैं। एक्वाब्रिज के साथ साझेदारी के माध्यम से मत्स्य किसानों, सहकारिता समितियों व उद्यमियों को आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। इसमें एआई आधारित एक्वाकल्चर मैनेजमेंट, ऑटोमैटिक फीडिंग टेक्नोलॉजी, आधुनिक प्रशिक्षण व कैपिसिटी बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    सीएम ने कहा कि यूपीएग्रीज के अंतर्गत उन्नाव में आईएमसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत 60 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वाकल्चर परियोजना विकसित की जा रही है। इसमें हेचरी, फीड मैन्यूफेक्चरिंग, प्रोसेसिंग फैसिलिटी, डेडिकेटेड ट्रेनिंग सेंटर भी प्रस्तावित है। कृषि को खेत से फूड प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट एवं ग्लोबल वैल्यू चेन तक ले जाने की तैयारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट मेगा फूड पार्क एवं एग्री एक्सपोर्ट सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य यूपी की कृषि उपज को मंडी से आगे प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, लॉजिस्टिक व एक्सपोर्ट से जोड़ना है। यूपीएग्रीज का नया सूत्र व मूलदर्शन प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाईमेट रेजिलिएंट, मार्केट, एंटरप्राइज, फॉर्मर प्रॉस्पैरिटी है। हमारा लक्ष्य किसानों को बेहतर बीज और तकनीक से प्रोडक्टिविटी, क्लाईमेट स्मार्ट फॉर्मिंग से सस्टेनबिलिटी, डिजिटल नेटवर्क से इन्फॉर्मेशन एंड सर्विस तक पहुंच, कमोडिटी कलस्टर से बाजार, प्रोसेसिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर से वैल्यू एडिशन, एफपीओ व निजी निवेशक के माध्यम से रूलर एंटरप्रेन्योरशिप और ग्रामीण विकास तक ले जाना है।

    सीएम ने कहा कि 21वीं सदी मिट्टी व मौसम के साथ डेटा साइंस, साइंस टेक्नोलॉजी और मार्केट इंटेलिजेंस से भी संचालित होगी। यूपीएग्रीज के साथ प्रदेश सरकार कृषि को इस भविष्य के लिए तैयार कर रही है। हमारा लक्ष्य किसान को एग्री इनोवेशन की नई इकॉनमी का सक्रिय भागीदार बनाना है। यूपी कृषि का अगला चरण प्रोडक्टिविटी, सस्टेनबिलिटी व प्रॉस्पेरिटी को साथ लेकर चलने वाली स्मार्ट एग्री रेगुलेशन का केंद्र बनना है। जब खेत डिजिटल होंगे, खेती क्लाईमेट स्मार्ट होगी, उत्पादन क्वालिटी ड्रिवेन व बाजार ग्लोबल होगा तो किसान की आय में वृद्धि होगी। इससे कृषि मॉडल का स्वाभाविक परिणाम भी आएगा।

    सीएम ने अतिथियों को ओडीओपी का स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, उप्र ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, प्रमुख सचिव पंधारी यादव, विश्व बैंक के अनूप जगवानी, गूगल के सिद्धार्थ प्रकाश, एक्वाब्रिज से मो. ताबिश, नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी से राधा किझनट्टम, आईटीसी के सचिन शर्मा, सीआईपी के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह, सिद्धि नायक एग्रो. लि. के हेमंत गौर आदि मौजूद रहे।

  • विकास के सहभागी उद्यमियों को मुख्यमंत्री योगी का सम्मान, बढ़ाया हौसला

    विकास के सहभागी उद्यमियों को मुख्यमंत्री योगी का सम्मान, बढ़ाया हौसला

    मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का किया सम्मान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का मंच पर सम्मान किया। उन्होंने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्टार्टअप प्रोत्साहन, इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। साथ ही इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र व यूपी स्टार्टअप फंड समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। 

    मुख्यमंत्री ने किया स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण
    मुख्यमंत्री ने मंच पर 5 स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। उन्होंने सिंह डायनमिक प्रा. लि. की अनुषी वर्मा, डिकोड सॉफ्टवेयर्स प्रा. लि. की रिया कुमारी वंशगोपाल, त्रिशूल स्पेस के दिव्यम, जीनोमिकी सॉल्यूशन प्रा. लि. की डॉ. दीक्षा भारती व पीएचएसआई टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्रा. लि. के तुषार राज को सम्मानित किया। 

    मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी किया वितरण
    सीएम ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी वितरण किया। इसके अंतर्गत उन्होंने नवयुग नवाचार फाउंडेशन, आईईटी लखनऊ के डॉ. पुष्कर व एनआईईटी के डॉ. संजय कुमार को सम्मानित किया। 

    मुख्यमंत्री ने दिया इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र 
    मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने मंच पर वीबीएसपीयू इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन जौनपुर के राकेश सिंह/अविनाश, एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन सहारनपुर की डॉ. विमला वाई व अभिनव पुंडीर को सम्मानित किया। 

    सीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का किया सम्मान 
    सीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर मैग्नम टेक्नोलॉजी के तरुण सेनानी, अल्फाड्रायड इंडिया के अक्षत राज व गौरव जोशी को सम्मानित किया। सीएम ने ब्रिस्क ओलिफ के सुनील प्रेमजी को लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। 

    सीएम ने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को  सम्मानित किया
    सीएम योगी ने मंच पर भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने अननंत सिस्टम्स, एंड्योर एयरसिस्टम्स, सूयो मैन्युफेक्चरिंग, राफे, वर्वेसमी मिक्स्ड सिग्नल के प्रतिनिधियों को भी मंच पर सम्मानित किया।