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  • अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने दिया आउटसोर्स सेवाकर्मियों को बड़ा उपहार

    उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी 

    सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक

    घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 

    3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी

    ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती

    आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार 

    किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को बुधवार को बड़ा उपहार दिया। इन कर्मियों से जुड़ी सभी समस्याओं को सुनने व सुलझाने के लिए सीएम ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ करने के साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। 

    आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा स्थापित करने का प्रयास  
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है।

    सरकार ने समझी पीड़ा, दूर की चिंता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी। तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसे महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। वह अकेला नहीं, उसकी समस्या को सुनने का भी तंत्र है। समय से वेतन, भविष्य निधि, बीमा अधिकार, मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कार्मिक का अधिकार है और सरकार ने यही सुनिश्चित किया है।

    सामाजिक के साथ आर्थिक भेदभाव भी नहीं होना चाहिए
    सीएम ने कहा कि जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई  11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है। उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, बल्कि घटना-दुर्घटना पर बीमा कवर भी मिलना चाहिए। हमारी सरकार ने संवेदनशीलता को सुशासन की पहली शर्त मानते हुए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया। इसके माध्यम से हर कार्मिक को संस्थागत सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकार किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि मेहनत से प्राप्त होगा। व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं होगी। पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। अब कर्मचारी अकेला नहीं है, निगम उसके साथ होगा। 

    20 लाख लोगों को मिल सकेगा सुरक्षा कवर 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी। सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। अब सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी व कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान व मानव संसाधन की योजना बनाई जा सकेगी। 

    श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप होगा पारिश्रमिक 
    सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा व सेवा लाभ की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी। कर्मचारी अब सेवा विवरण, अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान व कटौती आदि एक ही जगह देख सकेगा। यहीं शिकायत दर्ज कराकर समय से निराकरण भी पा सकेगा। श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप प्रत्येक कर्मचारी का पारिश्रमिक भी सुनिश्चित होगा। 

    पांच तारीख तक अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। कंपनी किसी आउटसोर्स कर्मी को निकाल नहीं सकेगी। वह पहले सरकार को बताएगी, जिसकी जांच होगी। कंपनी की रिपोर्ट गलत हुई तो कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा।

    मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। 

    20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 
    सीएम ने आउटसोर्स सेवा निगम के साथ एसबीआई के एमओयू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मानदेय सीधे बैंक में जाएगा और घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख, बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख, बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक मिलेगा। दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8-10 लाख तक तथा किसी कर्मचारी की मृत्यु पर बैंक के माध्यम से निगम परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खुलेगा और इसके माध्यम से परिवार के चार सदस्यों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब आउटसोर्स कर्मचारियों को ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर व डिग्निफाइड वर्कफोर्स में बदलने वाला निगम प्रारंभ हो रहा है। 

    पहले सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं कंपनियां
    सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 के पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय उन्होंने जो कंपनियां रखी थीं, उसमें अधिकतर सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं, जो भर्ती, यूनिफॉर्म व अन्य कार्यों के नाम पर शोषण करती थीं। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि मानव संसाधन के रूप में संपत्ति माना है। 

    कभी नहीं बदलेगी मानव श्रम की गरिमा
    सीएम ने कहा कि ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऑटोमेशन व नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन मानव के श्रम की गरिमा कभी नहीं बदलेगी। टेक्नोलॉजी जितना आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना अधिक मानवीय होना पड़ेगा। साढ़े 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने भय-अराजकता से मुक्ति दिलाई तो पारदर्शिता के साथ नई कार्य संस्कृति को भी बढ़ाया। व्यवस्था के किनारे खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाया गया। यूपी की अर्थव्यवस्था में किसान, नौजवान, महिलाएं, कारीगर, रेहड़ी-पटरी वाले, मेहनतकश नागरिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम से जुड़े उद्यमी, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा से लेकर सरकारी कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी मजबूत भागीदारी निभा रहे हैं। 

    किसानों को उद्यमिता से जोड़ रही सरकार
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने किसानों को बाजार तक पहुंच दी। उसे तकनीक, सिंचाई, बीमा और सीधे भुगतान से जोड़ा। हमारी सोच है कि किसान सिर्फ खेती न करे, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत उद्यमी भी बने। 2017 से पहले कारीगरों में निराशा थी। पिछली सरकारों की अकर्मण्यता के कारण पीढ़ियों का धंधा चौपट हो चुका था। हमारी सरकार ने एक जनपद-एक उत्पाद योजना लागू की, उसे तकनीक, बाजार दिया। आज कारीगर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

    अब दौड़ रहा है उत्तर प्रदेश
    सीएम ने कहा कि पहले छोटे उद्यमी विभागों में चक्कर लगाते थे। हमने एमएसएमई के लिए पहले उद्योग लगाने और 1000 दिन में एनओसी की व्यवस्था बनाई। आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट में 3.15 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं। हमने सिंगल विंडो सिस्टम बनाया। अब उत्तर प्रदेश दौड़ रहा है। हमने केवल सुरक्षा नहीं दी, बल्कि प्रदेश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

    महिला समृद्धि के लिए लगातार काम किए सरकार ने
    सीएम ने कई महिला सदस्यों वाले मिल्क प्रोड्यूसर समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि वे झांसी, आगरा, लखनऊ, काशी, गोरखपुर, रायबरेली आदि जनपदों में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। इससे 4 लाख बहनें जुड़कर आत्मनिर्भरता की कहानी कह रही हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 1 करोड़ महिलाएं प्रदेश की प्रगति को गति दे रही हैं। 

    छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भर्ती निकलती थी तो युवा को पेपर लीक समेत कई चुनौतियों से जूझना पड़ता था। हमने यूपी सरकार के सभी आयोग व बोर्ड में आवश्यक बदलाव किए। सुनिश्चित किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर जेल और संपत्ति जब्त होगी। अगले छह महीने में एक लाख नए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। यूपी पुलिस में 2.25 लाख भर्ती की गईं। 2017 से पहले यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, अब 44 हजार हैं और नई भर्ती के बाद 11-12 हजार और भर्ती हो जाएंगी। यूपी में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। पहले बड़े उद्योग महज 14 हजार थे, अब यह संख्या 35 हजार होने जा रही है। 2017 के पहले 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक हैं।

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के शोषण पर प्रहार 
    सीएम ने कहा कि हम युवाओं को स्किल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट-इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स के रूप में तैयार कर रहे हैं। एआई, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ थ्री-डी प्रिटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। यूपी के हर मंडल में एक विश्वविद्यालय है। अब यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ‘रामपुर सिडिंकेट’ व अन्य लोगों के लिए अलग-अलग प्रावधान जैसा नहीं है। 2017 के पहले ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ व्यवस्था का खून चूसता था। एजेंसियों के माध्यम से शोषण होता था। आउटसोर्स निगम के माध्यम से अब तीसरे सिंडिकेट पर भी प्रहार होगा।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    अंकित बालियान हत्याकांड पर सीएम योगी का सख्त रुख, मंत्री ने परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले- अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता
     
    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश 

    लखनऊ/शामली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर दिवंगत अंकित बालियान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

    मंत्री ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंकित बालियान की हत्या की घटना बेहद कष्टदायी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई
    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि करीब पांच दिन पूर्व हरियाणा से आए शार्प शूटर द्वारा अंकित बालियान की सरेआम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में अपराध करके कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपी
    मंत्री ने बताया कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हुए। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों और किसी भी संभावित साजिशकर्ता के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में हत्याकांड के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया’
    मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अंकित बालियान के पिता से भी बातचीत की। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और शार्प शूटरों की पहचान भी की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है। दीपावली, होली, रक्षाबंधन समेत हर त्योहार पर परिजनों को अंकित की कमी महसूस होगी। जिस मां की कोख सूनी हुई है, उसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

    एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर विपक्ष पर निशाना
    अखिलेश यादव द्वारा पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग करता है और जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती है तो उसी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुख और शोक की इस घड़ी को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। यदि पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई तथ्यात्मक सवाल है तो उसकी जांच की मांग की जा सकती है, लेकिन बिना आधार के सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

    ‘योगी सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं’
    कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।” सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी और अंकित बालियान हत्याकांड में भी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की शुरुआत की. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में आउटसोर्स कर्मचारियों से लेकर स्थायी कर्मचारियों और नगर निकायों के सफाईकर्मियों तक, हर वर्ग के श्रमिकों का योगदान रहा है. अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके श्रम को सम्मान मिले और उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप अधिकार और सुरक्षा उपलब्ध हो। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास और प्रगति की जो यात्रा तय की है, उसके पीछे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और श्रमिकों का योगदान है, उन्होंने कहा कि चाहे नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मी हों या शासन की अलग-अलग व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारी, सभी ने प्रदेश को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। 

    उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों में स्थायी और आउटसोर्स, दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं. ऐसे में शासन की जिम्मेदारी बनती है कि हर कर्मचारी को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले। 

    'सरकार और कर्मचारी का रिश्ता सिर्फ वेतन का नहीं'
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना का उद्देश्य केवल कर्मचारियों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सम्मान और गरिमा को स्थापित करना भी है. उन्होंने कहा, सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है, इस विश्वास को मजबूत करने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें कर्मचारी को यह महसूस हो कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने का प्रभावी तंत्र मौजूद है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि वह व्यवस्था में अकेला नहीं है और उसकी मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। 

    सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और हर कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय प्राप्त होना चाहिए, उन्होंने श्रम के सम्मान को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी दूर करना जरूरी है। 

    बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म, पोर्टल से मिलेगी जानकारी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में अब बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी. कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल की व्यवस्था की जाएगी. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारी सीधे अपनी सेवाओं तथा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। 

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सरकार करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने जा रही है. इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध कराना है। 

    पेपर लीक पर बोले सीएम
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जब भी कोई भर्ती निकलती थी, तो युवाओं को सबसे पहले पेपर लीक होने की चिंता सताती थी. परीक्षा देने के बाद परिणाम की चिंता होती थी और परिणाम आने पर चयन प्रक्रिया पर कोर्ट की रोक लगने का डर रहता था. चयन होने के बाद नियुक्ति और नौकरी मिलने के बाद अपनी सेवा को लेकर चिंता बनी रहती थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस पूरी मानसिकता को बदलने का काम किया है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति की जगह जेल होगी और उसकी पूरी संपत्ति जब्त की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। 

  • UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    योगी सरकार सतर्क, कई जिलों में 6 सितंबर तक भारी बारिश-बाढ़ का पूर्वानुमान

    आईएमडी के पूर्वानुमान पर योगी सरकार ने कसी कमर, हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के निर्देश

    भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की आशंका पर तैयारियां तेज, राहत आयुक्त कार्यालय ने जारी किए निर्देश

    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, वितरित की राहत किट

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार हर स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के 1 से 6 सितंबर तक के मौसम पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकस्मिक बाढ़, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई है। सरकार ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां मजबूत रखने और जरूरतमंदों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    6 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
    6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी बारिश यानी मूसलाधार बारिश की आशंका है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात भी हो सकता है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा है।

    इन जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
    भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

    इन जिलों में आकस्मिक बाढ़ की आशंका
    सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी,
    प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में आकस्मिक बाढ़ की आशंका भी जताई है। ऐसे में इन जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और नदियों, नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वज्रपात को लेकर भी व्यापक अलर्ट
    प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना व्यक्त की है। इसमें पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पश्चिमी यूपी और एनसीआर से जुड़े जिले भी शामिल हैं। प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर समेत अनेक जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।

    बाढ़ राहत के साथ आपदा से पहले तैयारी पर जोर
    योगी सरकार का फोकस केवल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित आपदा से पहले ही प्रशासन को तैयार रखने पर भी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर जिलों को समय रहते अलर्ट जारी कर दिया गया है, ताकि बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने और लोगों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
    राहत आयुक्त कार्यालय ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से तेज बारिश, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और वज्रपात की स्थिति में सावधानी बरतने व प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।

    राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश
    प्रदेश में पहले से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है। अब मौसम विभाग के नए पूर्वानुमान के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    बॉक्स
    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट में वितरित की राहत किट 
    चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राहत किट वितरण का कार्य तेजी से जारी है। तहसील कर्वी में प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने राहत किट वितरित की। साथ ही उन्होंने जिले की अन्य हिस्सों में भी प्रभावित लोगों को हाल-चाल लिया। सभी तक मदद प्रशासन द्वारा पहुंच रही मदद का भी जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को लोगों की हर स्तर पर मदद करने के लिए भी कहा।

  • ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा और विकास की यात्रा

    उपलब्धियों को आंकड़ों तक सीमित न रखें, लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियां सामने लाएं: मुख्यमंत्री

    ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ, लाभार्थी परिवारों के घर जलेंगे दीप, दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे

    25 लाख लाभार्थियों की कहानी से लेकर डिजिटल इन्फ्लुएंसर और 400-500 सांस्कृतिक टोलियों तक, गांव से राज्य स्तर तक चलेगा जनसंपर्क अभियान

    सभी 75 जिलों में ‘सेवा ज्योति’ के लिए स्थान चिन्हित करें, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री 

    17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ होगा ‘जनसेवा महाकुंभ’, पंचायत से पार्लियामेंट तक लिया जाएगा ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प

    लखनऊ, 
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस व्यापक अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की कहानी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ इसके प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इनके साथ प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान तथा ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।  

    मंगलवार को अभियान की कार्ययोजना पर उच्चस्तरीय चर्चा के के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा है। इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, उसकी वास्तविक तस्वीर सामने आए। अभियान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की पहुंच जिला मुख्यालयों और विकासखंडों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को यह जानकारी मिले कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं से उनके गांव, क्षेत्र और परिवार के जीवन में क्या बदलाव आया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को केवल योजनाओं की सूची अथवा आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी के रूप में सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों के अनुभवों का संकलन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो तथा उसका स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाए। इसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण तथा लाभार्थियों की अद्यतन सूची शामिल हो। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, महत्वपूर्ण अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ओडीओपी से जुड़े कार्यों को भी डेटा-बैंक में शामिल किया जाए। काशी विश्वनाथ धाम, राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल नेटवर्क, नए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, अमृत सरोवर तथा ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों का भी संकलन किया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था हो।  मुख्यमंत्री कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और प्रतिदिन की प्रगति मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी पूरे अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रमों को न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अभियान की प्रदेश और जनपद स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा होगी। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत हो। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवार अपने घरों में दीप प्रज्वलित करें। इसके लिए लाभार्थियों की सूची न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक तैयार कर लगातार अपडेट रखी जाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाएं और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करें। प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कराया जाए। इसी अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित करने की व्यवस्था की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे जुड़ाव का अवसर बनाया जाए। ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें। 
    इसके साथ ही 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को बच्चों के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाए। प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले विद्यालय स्तर, फिर ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और अंत में प्रदेश स्तर पर किया जाए। कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता के साथ ‘स्कूल, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर डिबेट प्रतियोगिता भी कराई जाए। विद्यालय स्तर की प्रदर्शनी में अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अगले स्तर के लिए चयनित किया जाए। उत्कृष्ट प्रविष्टियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलाव की कहानी गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाई जाए। प्रस्तुतियों को प्रभावी बनाने के लिए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जाए। 

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया जाए, कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं को सम्मानित किया जाए तथा अच्छा कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में माताओं तक पहुंचाई जाए। बच्चों को कॉमिक बुक्स, पौष्टिक फल और मिठाई देने के साथ अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कहानी बदलाव की’ को ऐसा माध्यम बनाया जाए, जिसमें गांव से लेकर राज्य स्तर तक डबल इंजन सरकार के प्रयासों से हुए बदलाव और नवाचारी मॉडलों की वास्तविक कहानी सामने आए। ग्राम सचिवालय, अटल आवासीय विद्यालय, इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, रैपिड रेल, मेडिकल कॉलेज, फोरेंसिक लैब, राष्ट्र प्रेरणा स्थल, नेवल म्यूजियम सहित बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं और जनोपयोगी योजनाओं से हुए बदलाव को रील और वीडियो के माध्यम से दिखाया जाए। इसी क्रम में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत डिजिटल इन्फ्लुएंसर, पॉडकास्टर और व्लॉगर प्रदेश के उन स्थानों का प्रत्यक्ष भ्रमण करेंगे, जहां विकास के बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्हें वास्तविक ‘पहले और बाद’ की स्थिति दिखाई जाए, ताकि वे स्वयं देखकर प्रामाणिक कंटेंट तैयार कर सकें। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय मेरठ, महिला पुलिस अकादमी, डिफेंस कॉरिडोर और उत्तर प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान संस्थान जैसे स्थलों को यात्रा में शामिल किया जाए। अन्य राज्यों से आने वाले इन्फ्लुएंसरों को भी प्रदेश की सफलता की कहानियां और प्रमुख विकास परियोजनाएं दिखाई जाएं। 

    मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर को होने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के लिए निर्देश दिए कि सभी 75 जिलों में प्रमुख स्थानों को पहले से चिन्हित कर लिया जाए, जहां स्थायी अथवा अखंड ‘सेवा ज्योति’ स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद के विभिन्न हिस्सों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां इन स्थानों तक पहुंचेंगी। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री जी के संबोधन का प्रसारण होगा और ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि और कर्मभूमि को पवित्र जल के आदान-प्रदान से जोड़ा जाएगा। तय कार्ययोजना के अनुसार वाराणसी से 250 बाइक और 500यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन 60 से 80 ग्रामीण और शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। 

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में प्रत्येक नागरिक को 25 निर्धारित सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़कर समाज के लिए अपना योगदान देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, नदी घाटों की सफाई, सघन वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, अंगदान संकल्प, नशामुक्त भारत, मतदाता जागरूकता, ‘वोकल फॉर लोकल’, गोसेवा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी कराई जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थलों का कायाकल्प कराया जाए। नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर विशेष पोर्टल पर फोटो या वीडियो अपलोड कर डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। 

    इसके बाद ‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के तहत सभी विकासखंडों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मूल उद्देश्य पात्र नागरिक को उसके अधिकार का लाभ उसके द्वार तक पहुंचाना होना चाहिए। तय कार्ययोजना के अनुसार लोककल्याणकारी योजनाओं के ऐसे पात्र व्यक्ति, जो किसी कारण से अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाए। शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ मौके पर आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की व्यवस्था हो। इन्हीं शिविरों में आरोग्य शिविर भी लगाए जाएं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर मिल सके। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ते हुए 100 प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य रखा जाए। 

    ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’ कार्यक्रम के तहत चयनित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कलाकारों को विशेष रूप से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं और महिलाओं की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित हो। फूल, प्राकृतिक रंग, अनाज और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा तथा ड्रोन और एरियल कवरेज की व्यवस्था की जाएगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में पांच प्रमुख केंद्रों पर होने वाले आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में व्यापक स्तर पर छात्रों का ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कराया जाए। स्टार्टअप नेटवर्क, इनक्यूबेशन सेंटर, निजी कंपनियों और शिक्षा संस्थानों की भागीदारी से ऑनलाइन आवेदन, विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुति, लाइव डेमो, युवा संवाद और पुरस्कार की व्यवस्था होगी। प्रत्येक केंद्र से श्रेष्ठ इनोवेशन राष्ट्रीय अंतिम चरण के लिए चुने जाएंगे। 17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ थीम पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान और सरपंच से लेकर सांसदों तक के जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय समागम सेवा और सुशासन के 25 वर्षों की यात्रा को जनप्रतिनिधियों के अनुभव से जोड़ने का अवसर होगा। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रमुख कार्यक्रमों के साथ प्रदेश के ऐतिहासिक एवं लोकप्रिय स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ की थीम पर लेजर शो आयोजित किए जाएं। प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में राष्ट्रकल्याण, शांति और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान हों। ग्राम चौपालों के माध्यम से योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों से सीधे फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय कार्ययोजना के अनुसार अभियान की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल एक महीने के कार्यक्रम के रूप में न देखा जाए। यह 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अभियान में सरकार की उपलब्धियों के साथ उन लोगों की आवाज भी सामने आनी चाहिए, जिनके जीवन में योजनाओं और विकास कार्यों से बदलाव आया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बेटियों के हुनर को बढ़ावा, योगी सरकार के प्रयासों से सपनों को मिल रही नई उड़ान

    बेटियों के हुनर को बढ़ावा, योगी सरकार के प्रयासों से सपनों को मिल रही नई उड़ान

    बेटियों की प्रतिभा को मंच, सपनों को पंख दे रही योगी सरकार

    हौसलों की उड़ान-2026 में छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना, शिक्षा के साथ खेल और संस्कृति में आगे बढ़ने का आह्वान

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिल रही नई ताकत

    अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब से मिलेगा डिजिटल संसाधनों का लाभ: मंत्री असीम अरुण

    लखनऊ
    प्रदेश की बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखनऊ के खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव हौसलों की उड़ान-2026 का आयोजन किया गया। 

    बेटियों के आत्मविश्वास को मिल रहा सरकार का संबल

    इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने छात्राओं से संवाद कर उनकी प्रतिभा एवं उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों में प्रतिभा के साथ आत्मविश्वास भी भरपूर है। शिक्षा के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है। बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार हैं। 

    अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की राह हुई आसान

    योगी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत माध्यम बन रही है। खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में संचालित अभ्युदय योजना के तहत अब तक 80 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है। यह उपलब्धि योजना के प्रभाव और छात्राओं की मेहनत दोनों को दर्शाती है।

    अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब से मिलेगा डिजिटल संसाधनों का लाभ

    मंत्री असीम अरुण ने घोषणा की कि अभ्युदय कोचिंग को और प्रभावी बनाने के लिए कॉलेज में जल्द ही अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं छात्राओं को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और डिजिटल रिसर्च जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध हों, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर आत्मनिर्भर बन सकें।

  • योगी सरकार का नारी शक्ति पर फोकस, राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

    योगी सरकार का नारी शक्ति पर फोकस, राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

    नारी शक्ति को राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ा रही योगी सरकार, लोकतंत्र में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

    नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संगोष्ठी में महिला सशक्तीकरण पर मंथन

    योगी सरकार की नीतियों से महिला सशक्तीकरण को मिला नया आधार

    निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्राओं को प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और नकद पुरस्कार से सम्मानित

    लखनऊ
     प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों के बीच उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम के संयुक्त तत्वावधान में ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषय पर द्विदिवसीय संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

    महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर देने पर जोर

    उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, सृजन और संवेदना का प्रतीक रही है। अब आवश्यकता है कि महिलाओं को केवल सम्मान देने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने, नेतृत्व करने और अपनी बात स्वतंत्र रूप से रखने का समान अवसर मिले। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ को लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के 106वें संशोधन के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 

    योगी सरकार की नीतियों से महिला सशक्तीकरण को मिला नया आधार

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार लगातार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वावलंबन और सम्मान के साथ उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में महिला राजनीतिक भागीदारी पर केंद्रित इस तरह के शैक्षणिक आयोजन बेटियों में संवैधानिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

    द्विदिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित निबंध प्रतियोगिता में करीब 75 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एमए प्रथम वर्ष की शिवानी रावत ने प्रथम, बीए तृतीय वर्ष की वसुधा यादव ने द्वितीय और बीए तृतीय वर्ष की संजू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान के साथ संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता का विकास करना भी है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रश्मिशील, प्रो. डॉ. संजीव कुमार अग्रवाल और डॉ. साधना सिंह यादव ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक निर्णय-प्रक्रिया में प्रभावी सहभागिता पर जोर दिया।

  • GeM में यूपी का शानदार प्रदर्शन, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने पर CM योगी ने दी बधाई

    GeM में यूपी का शानदार प्रदर्शन, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने पर CM योगी ने दी बधाई

    जेम पर यूपी की उपलब्धि को सीएम योगी ने सराहा, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर दी बधाई

    शासकीय खरीद में पारदर्शिता और समावेशिता के लिए प्रदेश को मिला राष्ट्रीय सम्मान

    जेम पर अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की प्रदेश सरकार की खरीद, एमएसई की भागीदारी ₹55,972 करोड़ से अधिक

    चालू वित्तीय वर्ष में सरकारी खरीद में एमएसई की हिस्सेदारी बढ़कर 59 प्रतिशत, यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत

    महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमों और स्टार्टअप्स की भी जेम पर बढ़ी भागीदारी

    लखनऊ, 
     गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से शासकीय खरीद में पारदर्शिता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश को मिली राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहना की है। प्रदेश को जेम पर श्रेष्ठ योगदान के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मंगलवार को एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल एवं स्टेट जेम नोडल एवं डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इस उपलब्धि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    उल्लेखनीय है कि जेम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने प्रारंभ से अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की शासकीय खरीद की है। इसमें ₹55,972 करोड़ से अधिक की खरीद एमएसई से हुई है। इस प्रकार कुल शासकीय खरीद में एमएसई की भागीदारी 55 प्रतिशत से अधिक रही है। मुख्यमंत्री ने जेम के माध्यम से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ छोटे उद्यमों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

    तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान
    जेम पर उत्तर प्रदेश की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। विगत दिनों नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में, जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को एमएसएमई के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया।

    चार साल में 43 से बढ़कर 59 प्रतिशत हुई एमएसई की हिस्सेदारी
    वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक जेम के माध्यम से प्रदेश की कुल ₹7,235 करोड़ की शासकीय खरीद हुई। इसमें एमएसई (पैन इंडिया) से ₹4,253 करोड़, यानी 59 प्रतिशत की खरीद की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के अपने उद्यमों की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत, यानी ₹3,646 करोड़ रही। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल ₹22,337 करोड़ की जेम खरीद में एमएसई (पैन इंडिया) से ₹12,181 करोड़ यानी 55 प्रतिशत की खरीद हुई थी, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत यानी ₹9,976 करोड़ रही। 

    वर्ष 2024-25 में ₹16,830 करोड़ की कुल जेम खरीद में एमएसई का योगदान ₹8,952 करोड़ यानी 53 प्रतिशत था, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत यानी ₹7,264 करोड़ रही। इसी तरह 2023-24 में कुल ₹20,248 करोड़ की जेम खरीद में एमएसई से ₹8,771 करोड़ यानी 43 प्रतिशत की खरीद हुई थी, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत यानी ₹6,680 करोड़ थी। इस तरह चार वर्षों में जेम पर कुल सरकारी खरीद में एमएसई की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है। एमएसई से हुई इस खरीद में प्रदेश के अपने उद्यमों की हिस्सेदारी भी 76 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत पहुंच गई है।

    महिला, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिला अवसर
    जेम ने उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमियों को प्रदेश की सीमाओं से बाहर देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराई है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक प्रदेश के एमएसई को जेम के माध्यम से ₹16,953 करोड़ का कुल कारोबार मिला। इसमें महिला उद्यमियों को ₹2,202 करोड़, एससी/एसटी उद्यमियों को ₹255 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹2,360 करोड़ का कारोबार प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के छोटे उद्यमियों को जेम से ₹27,235 करोड़ का कारोबार मिला था। इसमें महिला उद्यमियों को ₹4,755 करोड़, एससी/एसटी उद्यमियों को ₹752 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹3,203 करोड़ का कारोबार प्राप्त हुआ। इसी तरह, वर्ष 2024-25 में सभी एमएसई को ₹21,275 करोड़ का कारोबार मिला, जिसमें महिला उद्यमियों का हिस्सा ₹3,310 करोड़, एससी/एसटी का ₹507 करोड़ और स्टार्टअप्स का ₹2,139 करोड़ था। 2023-24 में एमएसई को ₹18,230 करोड़ का कारोबार मिला था, जिसमें महिला उद्यमियों को ₹2,583 करोड़, एससी/एसटी को ₹438 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹2,435 करोड़ का कारोबार मिला।

    योगी सरकार की समावेशी खरीद नीति का दिख रहा असर
    जेम के यूपी स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि प्रदेश में एमएसई को सरकारी खरीद में अधिक अवसर देने के लिए योगी सरकार ने 26 नवंबर 2024 को शासनादेश जारी कर समावेशी सरकारी खरीद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया था। इसके बाद जेम पर एमएसई की भागीदारी और खास तौर पर उत्तर प्रदेश के एमएसई से होने वाली सरकारी खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। सरकार का फोकस छोटे उद्यमों के साथ महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी सरकारी बाजार से जोड़ने पर है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और सेवाओं के लिए बाजार बढ़ने के साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। योगी सरकार जेम को ई-गवर्नेंस, पारदर्शी सरकारी खरीद और स्थानीय उद्यमों को बाजार उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। एक तरफ सरकारी विभागों को प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए उत्पाद और सेवाएं खरीदने का विकल्प मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के छोटे उद्यमों, महिलाओं, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बड़े सरकारी बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

    ₹6.39 करोड़ के प्लॉट-शेड की नीलामी से मिले ₹32.54 करोड़
    जेम सरकारी खरीद के साथ सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर मूल्य दिलाने का भी माध्यम बन रहा है। इसका बड़ा उदाहरण कानपुर में एमएसएमई विभाग के औद्योगिक प्लॉट और शेड की नीलामी में सामने आया। उद्योग निदेशालय, कानपुर ने 13 से 21 जुलाई 2026 के बीच औद्योगिक आस्थानों के 34 औद्योगिक प्लॉट एवं शेड की 99 वर्ष की लीज के लिए नीलामी की। इनका अपेक्षित/आरक्षित मूल्य ₹6.39 करोड़ था। प्रतिस्पर्धी बोली के बाद इनका विक्रय मूल्य ₹32.54 करोड़ पहुंच गया। इससे सरकार को आरक्षित मूल्य की तुलना में ₹26.15 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई। प्राप्त मूल्य आरक्षित मूल्य से 409 प्रतिशत अधिक रहा। यह नीलामी डिजिटल और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर मूल्य हासिल करने का उदाहरण बनी है।

  • शिक्षकों का बढ़ा मान! राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 नामों का चयन

    शिक्षकों का बढ़ा मान! राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 नामों का चयन

    योगी सरकार शिक्षकों को देगी सम्मान, राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 का चयन

    – प्रदेश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, पीएम एवं अन्य परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक शामिल

    – 61 जनपदों के शिक्षकों को मिला सम्मान का अवसर, उत्कृष्ट कार्य और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

    लखनऊ
     जो शिक्षक कक्षा कक्ष में प्रदेश के भविष्य को गढ़ रहे हैं, योगी सरकार उनके उत्कृष्ट कार्य को राज्य स्तर पर पहचान और सम्मान दे रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों का चयन किया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर चयनित शिक्षक प्रदेश के विभिन्न जनपदों के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की सीख और विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। 

    राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार के बाद इन 61 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के नाम अनुमोदित किए गए हैं। शासन द्वारा जारी सूची में प्रत्येक शिक्षक का नाम, पदनाम, विद्यालय और विकासखंड का विवरण दर्ज है। यह पहल विद्यालयों में बेहतर शिक्षण, नवाचार और विद्यार्थियों की सीख को केंद्र में रखकर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    गाजियाबाद से लेकर गाजीपुर तक के शिक्षकों का सम्मान
    चयनित शिक्षकों में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के शिक्षक शामिल हैं। आगरा से संगीता शर्मा, अलीगढ़ से अमर सिंह, अम्बेडकर नगर से राम मिलन गुप्ता, अमरोहा से गीता वर्मा, अयोध्या से पंकज कुमार द्विवेदी, आजमगढ़ से प्रदीप कुमार सिंह, बहराइच से प्रीति मिश्रा, बलिया से अजीत कुमार श्रीवास्तव, बलरामपुर से सलमा खान और बाराबंकी से राहुल कुमार शुक्ल चयनित हुए हैं। इसी क्रम में भदोही से ऊर्मिला देवी, बिजनौर से रचना कपूर, बदायूं से किरन देवी, बुलंदशहर से जूली मलिक, चंदौली से उषा सिंह, चित्रकूट से हरीशंकर त्रिपाठी, एटा से ओमबीर सिंह, इटावा से वीरेंद्र सिंह, फर्रुखाबाद से गीता वर्मा और फतेहपुर से आनंद कुमार मिश्र शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर से अर्चना पांडेय, गाजियाबाद से ज्योत्सना गोस्वामी, गाजीपुर से संतोष कुशवाहा, गोंडा से सुनीत मित्र पाण्डेय, गोरखपुर से नवीन कुमार त्रिपाठी, हमीरपुर से नीतिराज सिंह, हापुड़ से शुचि त्यागी, हरदोई से विजया अवस्थी, हाथरस से पल्लवी चतुर्वेदी और जौनपुर से संजय कुमार मिश्र का चयन किया गया है। झांसी से प्रीति श्रीवास्तव, कन्नौज से सुमन लता यादव, कानपुर देहात से विनीत कुमार मिश्र, कानपुर नगर से डॉ. कामायनी शर्मा, कासगंज से धनंजय प्रताप सिंह, कौशांबी से सुमन कुशवाहा, लखीमपुर खीरी से प्रमोद कुमार, ललितपुर से प्रीति गुप्ता, लखनऊ से विनीता और महाराजगंज से राजेश कुमार उपाध्याय को भी सूची में स्थान मिला है। 

    इसी तरह महोबा से ओमप्रकाश तिवारी, मैनपुरी से सीमा कुमारी, मऊ से अनिल कुमार मौर्य, मेरठ से प्रतिभा रानी भारती, मिर्जापुर से दयानन्द मिश्र, मुरादाबाद से सुनीता रानी, पीलीभीत से सय्यदा, मुजफ्फरनगर से आरती शर्मा, प्रतापगढ़ से डॉ. देवेन्द्र सिंह, प्रयागराज से राम लखन मौर्य, रामपुर से वैलेन्टीना विक्टर, संभल से बृजकिशोर, शाहजहांपुर से अरुण कुमार गुप्ता, शामली से दिनकर चौहान, श्रावस्ती से अमिता टंडन, सिद्धार्थनगर से महेश कुमार, सीतापुर से अतुल शर्मा, सोनभद्र से मीरा सिंह, सुलतानपुर से सत्येंद्र कुमार सिंह, उन्नाव से प्रीति भारती और वाराणसी से नीलम राय चयनित हुए हैं। 

    प्राथमिक से पीएम विद्यालयों तक उत्कृष्टता को सम्मान
    चयनित सूची में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक दोनों शामिल हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, पूर्व माध्यमिक और पीएम विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इससे विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। 

    शिक्षक सम्मान से मजबूत होगी उत्कृष्ट कार्य संस्कृति
    योगी सरकार की शिक्षा नीति में शिक्षक के योगदान को सम्मान देने और उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को पहचान मिलने से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नवाचार और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को केंद्र में रखकर कार्य करने की संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।

    कोट : 
    शिक्षक हमारे बच्चों के भविष्य और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। योगी सरकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान देकर न केवल उनके समर्पण और नवाचार को पहचान दे रही है, बल्कि प्रदेशभर के शिक्षक समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा भी दे रही है।
    -संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश

  • समय रहते तैयारी और बेहतर प्रबंधन, चित्रकूट को बड़े बाढ़ संकट से बचाया

    समय रहते तैयारी और बेहतर प्रबंधन, चित्रकूट को बड़े बाढ़ संकट से बचाया

    योगी सरकार ने कुशल प्रबंधन से चित्रकूट में टाला बड़ा बाढ़ संकट

    नहीं होने पाई जनहानि, मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन पटरी पर लौटा

    सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन व पेयजल की निरंतर व्यवस्था 

    22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी 

    चित्रकूट
     धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार के कुशल प्रबंधन से टाल दिया गया। यही कारण है कि चित्रकूट में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने पाई। उत्तर प्रदेश सरकार प्रभावितों के लिए 'देवदूत' बनकर सामने आई, जिसने न केवल रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया बल्कि बाढ़ का पानी उतरते ही मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन को पटरी पर लौटा दिया।

    वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई

    सीएम योगी के सख्त आदेश पर जिला प्रशासन के आला अफसर पानी में उतरकर मोर्चा संभालते नजर आए। आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ  और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई। हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए जलमग्न हो चुके रामघाट समेत तमाम संवेदनशील इलाकों से अब तक रिकॉर्ड 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार सुरक्षित निकाले गए नागरिकों का विवरण: 
    रामघाट: 234 लोग, अमानपुर: 87 लोग, गोबरिया: 84 लोग, तरीहा: 82 लोग, पंडरी एवं मालिकाना: 77 लोग, पासी तिराहा: 55 लोग।
    अन्य प्रभावित क्षेत्र: 50 लोग (राजापुर के अरछा बरेठी गांव से शेल्टर होम भेजे गए)।

    राहत कार्य में युद्धस्तर पर जुटी सरकार, हजारों पैकेट भोजन वितरित

    मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक भी नागरिक भूखा नहीं सोना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए भोजन व स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को जहां 2,700 लंच पैकेट बांटे गए, वहीं 30 अगस्त को यह संख्या बढ़ाकर 5,200 लंच पैकेट की गई। 31 अगस्त को भी इतने ही लंच पैकेट बांटे गए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए 4000 विशेष बाढ़ राहत किट मंगाई गई हैं।

    22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी

    योगी सरकार की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ का पानी कम होते ही मात्र 22 घंटों में कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे 'झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे' को दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करा दिया गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा और अमानपुर जैसे अति प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा रही है और आज शहर की पेयजल सप्लाई भी पूरी तरह सुचारु हो जाएगी। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं।