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  • 15 दिनों में शत-प्रतिशत डेटा एंट्री पूरी करने के निर्देश, त्रुटिरहित प्रविष्टि पर रहेगा विशेष जोर

    15 दिनों में शत-प्रतिशत डेटा एंट्री पूरी करने के निर्देश, त्रुटिरहित प्रविष्टि पर रहेगा विशेष जोर

    प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का डेटा होगा अपडेट

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने के क्रम में बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का विवरण यू-डायस प्लस पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शत-प्रतिशत दर्ज कराया जाए। इसके लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    निर्देशों में डेटा एंट्री के दौरान सावधानी बरतने, विवरण का सत्यापन करने और विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया है। पत्र में वरिष्ठ विशेषज्ञ (प्री-प्राइमरी), समग्र शिक्षा तथा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को भी डेटा की गुणवत्ता का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

    स्टूडेंट मॉड्यूल में दर्ज होगा बच्चों का विवरण
    यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल के सेक्शन-4 ‘स्टूडेंट डिटेल्स’ में बालवाटिकाओं एवं सह-स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सांख्यिकी ब्यूरो के कार्यालय ज्ञापन के संदर्भ में आगे बढ़ाई जा रही है।

    डेटा एंट्री में शुद्धता पर विशेष जोर
    महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित बच्चों के विवरण का सत्यापन करते हुए पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा दर्ज किया जाए। प्रविष्टि के दौरान विशेष सावधानी बरतने और त्रुटिरहित जानकारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े विश्वसनीय एवं उपयोगी बने रहें।

    15 दिनों में पूरा करना होगा कार्य
    सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्य को प्राथमिकता देते हुए अपने स्तर से विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें और 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत डेटा एंट्री पूरी कराना सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुपालन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के समन्वय पर भी जोर दिया गया है।

    बालवाटिका के बच्चों का व्यवस्थित डेटा प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर योजना बनाने और बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को समझने में सहायक होगा। सरकार गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण यू-डायस प्लस पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित दर्ज कराया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। सभी जिलों को 15 दिनों में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार

    नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

    मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेश
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

    2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरण 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था।

    मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

  • UP में जूनियर इंजीनियर के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, तकनीकी युवाओं को मौका

    UP में जूनियर इंजीनियर के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, तकनीकी युवाओं को मौका

    योगी सरकार में तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

    यांत्रिक के 1156 और विद्युत के 380 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

    पीईटी 2025 (PET-2025) के स्कोर के आधार पर होगी शॉर्टलिस्टिंग

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी एवं योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने अवर अभियंता (यांत्रिक) और अवर अभियंता (विद्युत) के कुल 1536 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का नया अवसर उपलब्ध होगा।

    आयोग द्वारा सोमवार को अवर अभियंता (यांत्रिक) के 1156 पदों के लिए तथा अवर अभियंता (विद्युत) के 380 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। 

    यांत्रिक के 1156 पदों के लिए 3 नवंबर से आवेदन
    अवर अभियंता (यांत्रिक) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकेंगे। शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    विद्युत के 380 पदों पर 6 नवंबर से आवेदन
    अवर अभियंता (विद्युत) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2026 तथा शुल्क समायोजन एवं आवेदन संशोधन की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    पीईटी-2025 के आधार पर होगी मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग
    दोनों भर्तियों में वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2025 में प्रतिभाग किया है और आयोग द्वारा उन्हें पीईटी-2025 का स्कोर कार्ड जारी किया गया है। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर और मेरिट के आधार पर की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीईटी-2025 में वास्तविक अथवा नार्मलाइज्ड स्कोर शून्य या उससे कम/नकारात्मक होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा।

    पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर सरकार का जोर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और योग्यता आधारित चयन पर जोर दे रही है। अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से प्रदेश के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सरकारी विभागों में सेवा का अवसर मिलेगा और विभिन्न विभागों के तकनीकी मानव संसाधन को भी मजबूती मिलेगी।

    आयोग ने पीईटी-2025 के परिणाम में अंडर इंवेस्टिगेशन (यूआई) और प्रोविजनल श्रेणी में चिह्नित अभ्यर्थियों को भी अंतिम निर्णय होने तक मुख्य परीक्षाओं में आवेदन की सशर्त अनुमति दी है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग और चयन संबंधी आगे की कार्रवाई आयोग स्तर पर चल रही जांच के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

    अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर विज्ञापन, पात्रता एवं आवेदन संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को सम्मान देंगे CM योगी, बरेली में कार्यक्रम

    यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को सम्मान देंगे CM योगी, बरेली में कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली में करेंगे 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान

    ग्राम सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले प्रहरियों का बढ़ेगा मान

    रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित होगा समारोह, कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 13 अक्टूबर को नाथ नगरी बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान करेंगे। पुलिस प्रशासन के सूचना तंत्र को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में सराहनीय भूमिका निभाने के उपलक्ष्य में ग्राम प्रहरियों का यह सम्मान समारोह रिजर्व पुलिस लाइन में होगा।

    इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, संजीव अग्रवाल, डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. एम.पी.आर्य व विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह भी मौजूद रहेंगे।

  • कृषि मंत्री ने कहा-योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की

    कृषि मंत्री ने कहा-योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की

    योगी सरकार ने किसानों के लिए मायावती-अखिलेश से तीन गुना ज्यादा बजट जारी किया : कृषि मंत्री

    खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वालों ने कुछ नहीं किया, योगी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना : सूर्य प्रताप शाही 

    कृषि मंत्री ने कहा-योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की

    लखनऊ, 
     बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल क्षति से प्रभावित प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत राशि सौंपी। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। उन्होंने कहा कि खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वाली पिछली सरकारों ने किसानों के लिए अपेक्षित काम नहीं किया, जबकि योगी सरकार ने उनके मुकाबले तीन गुना से अधिक राशि खर्च की है।

    शाही ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष मायावती की सरकार ने किसानों पर 10,207 करोड़ रुपए और अखिलेश यादव सरकार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि योगी सरकार अब तक किसानों पर ₹69,163 करोड़ खर्च कर चुकी है।

    कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। पिछले वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार से मिले 3,200 करोड़ रुपए में से केवल 800 करोड़ रुपए वितरित किए गए थे। योगी सरकार बनने के बाद शेष राशि में से 1,200 करोड़ रुपए सात दिनों के भीतर किसानों के खातों में भेजे गए।

    शाही ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया। पिछली सरकार ने पांच वर्षों में करीब ₹62 हजार करोड़ का गन्ना भुगतान किया था, जबकि योगी सरकार ने दस वर्षों में ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 105 चीनी मिलें 15 दिनों के भीतर भुगतान कर रही हैं।

    कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 से अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को ₹6,125 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी गई है। वर्ष 2025-26 में आपदा से प्रभावित 7.31 लाख किसानों को इस योजना के माध्यम से ₹812.76 करोड़ दिए गए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले वर्ष के लगभग 18 लाख से बढ़कर 23 से 24 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने इनके सर्वे और क्षतिपूर्ति वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शाही ने कहा कि जालौन में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब ₹5 करोड़ किसानों को अंतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के लिए ऐसे प्रयास किए होते तो उन्हें गरीबी और बदहाली का सामना नहीं करना पड़ता।

  • मुख्यमंत्री की चेतावनी- अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों से कांग्रेस को बचा-खुचा जनसमर्थन भी गंवाना पड़ेगा

    मुख्यमंत्री की चेतावनी- अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों से कांग्रेस को बचा-खुचा जनसमर्थन भी गंवाना पड़ेगा

    देश में अराजकता-अव्यवस्था का पर्याय बनी कांग्रेस: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री ने कहा- यूपी की जनता ने 1985 से कांग्रेस को नकारा, देशभर में जनाधार खो चुकी है कांग्रेस

    हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं व न्यायपालिका को भी कठघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस: सीएम योगी

    चुनाव जीत जाएं तो पुरुषार्थ, हार जाएं तो ईवीएम दोषी, भारत की जागरूक जनता स्वीकार नहीं करेगी अराजकता: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री की चेतावनी- अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों से कांग्रेस को बचा-खुचा जनसमर्थन भी गंवाना पड़ेगा

    गोरखपुर, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में लगातार देखा जा रहा है कि कांग्रेस व इंडिया गठबंधन न केवल आम जन को परेशान, बल्कि अव्यवस्था व अराजकता पैदा कर देश की संवैधानिक संस्थाओं को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। पहचान का संकट खड़ा करने और भ्रष्ट मंसूबों के कारण कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी साख पूरी तरह खो चुके हैं और उनके इस गैर-राजनीतिक व्यवहार को देश की जनता भली-भांति देख रही है।

    चुनाव जीते तो पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम दोषी
    इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा, आश्चर्य है कि चुनाव जीतने पर इनका पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम और इलेक्शन कमीशन दोषी हो जाता है। न्यायालय अगर मेरिट के आधार पर कोई फैसला देता है, तो माननीय न्यायालय को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। तमाम प्रकार की धमकियां देने का प्रयास होता है। ऐसे ही तमाम अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, गाली-गलौच करना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति का हिस्सा बन चुका है।

    कांग्रेस के लोग अपने नेतृत्व को बदलें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि जनता उन्हें हर बार क्यों ठुकरा रही है। 1985 के बाद से यूपी में कांग्रेस फिर नहीं आ पाई। यूपी की जनता ने कांग्रेस को 41 वर्ष पहले ही विदा कर दिया था। देश के अन्य राज्यों में भी लोगों का कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है और वे इससे मुक्ति पा चुके हैं। कांग्रेस के लोगों को चाहिए कि वे अपने अकर्मण्य, भ्रष्टाचारी और जनता का विश्वास खो चुके नेतृत्व को बदलें। भारत में अराजकता न फैलाने और भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास न करें।

    अराजकता स्वीकार नहीं करेगी जनता
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से बड़ी जागरूक है। वह इस अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसा नहीं है कि जनता बहुत दिनों और बहुत देर तक यह सब बर्दाश्त करेगी। अगर कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों ने अपने असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कृत्य बंद नहीं किए तो उन्हें बचा-खुचा जनाधार भी गंवाना पड़ेगा।

    युवाओं को गुमराह करने से बाज आए
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने से बाज आए। जनता-जनार्दन और युवाओं को गुमराह करने से बाज आए। मेरिट के आधार पर और मुद्दों पर चर्चा कर के स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बने। यह देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी होगा।

  • डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    सपा सरकार में बिजली नहीं, बिल आता था, अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बिजली आती है: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात प्रभावित 9.18 लाख किसानों के खातों में अंतरित की 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि

    सीएम बोले- किसानों का श्राप ले डूबा सपा को, ये जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटेंगे

    15 अक्टूबर से अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में धान और मोटे अनाज के क्रय केंद्र खोले जाएंगे: मुख्यमंत्री

    पहले किसान का पैसा बीच में डकार जाते थे सपाई, अब सीधे खाते में पहुंच रही सहायता राशि: सीएम योगी

    पहले दो, चार और 15 रुपये मुआवजा मिलता था, अब सीधे खातों में पहुंच रहे हजारों रुपये: मुख्यमंत्री

    आपदा प्रभावित किसानों को 8 से 10 दिन में राहत, जनहानि पर 24 घंटे में 4 लाख रुपये की सहायता: मुख्यमंत्री

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    गोरखपुर, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित कृषकों को कृषि निवेश अनुदान राशि के रूप में डीबीटी के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर जनहानि और पशुहानि भी हुई है। डबल इंजन की सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के अंदर अपने अन्नदाता किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तब बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल आता था। अब स्थिति बदल गई है। अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि बिजली आती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के 9,18,091 कृषकों के खातों में 493 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री आवास योजना से तत्काल आवास
    सीएम ने कहा कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता में शामिल नहीं है, बल्कि अलग से दी जा रही है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई जनहानि होती है तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खाते में पहुंचा पैसा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जनपदों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को मिली, वहां किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि सीधे अन्नदाता किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सहायता राशि में कोई बिचौलिया न हो और पैसा सीधे किसान तक पहुंचे। अगर किसान को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, तो सीधे उसके खाते में पूरे 25 हजार रुपये ही जाएंगे।

    कभी 100 में से 15 रुपये ही पहुंचते थे जरूरतमंद तक
    सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी ने स्वयं कहा था कि सरकार 100 रुपये भेजती है, लेकिन जमीन पर पहुंचते-पहुंचते केवल 15 रुपये बचते हैं। कांग्रेस व सपा के लोग बीच में ही पैसा खा जाते थे। अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा दी जाने वाली सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है। बीच में कोई बिचौलिया सेंधमारी नहीं कर सकता। आज 493 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें संकट की घड़ी में राहत मिल सके। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    हुदहुद चक्रवात पर केंद्रीय सहायता के 3200 करोड़ में सिर्फ 800 करोड़ मिले थे किसानों को
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारत सरकार ने उस समय 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए। शेष राशि किसानों तक नहीं पहुंची। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हुदहुद चक्रवात में किसानों को मिली सहायता की स्थिति की जांच कराई तो पता चला कि पूरा पैसा किसानों तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद अलग से धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। सपा ने किसानों का पैसा खाया, किसानों का श्राप उसको ले डूबा। विपक्ष समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करता है, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटता।

    बाढ़ से कटान रोकने और सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त धन
    सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जहां बाढ़ के कारण कटान हुई है और जहां अब भी अतिवृष्टि की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य किए जाएं। बाढ़ से बचाव के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों और बाधित आवागमन को तत्काल चालू किया जाए। इसके लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। आपदा, अतिवृष्टि या चक्रवात के कारण सड़क अथवा अन्य किसी प्रकार की क्षति होने पर धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सिंचाई विभाग को कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास, आवास और विकास प्राधिकरणों को भी क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जैसे ही मौसम साफ हो, तत्काल काम शुरू कराया जाए और आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

    आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम विकसित करने पर भी काम किया है। पहले आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती थी। अब कई जनपदों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो संभावित आकाशीय बिजली की जानकारी पहले ही उपलब्ध कराते हैं। एसएमएस और मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजा जाता है। लोगों को खुले आसमान या पेड़ के नीचे नहीं रहने और पक्के भवन में जाने की सलाह दी जाती है। इससे बड़े पैमाने पर जनहानि रोकने में मदद मिली है। इसके साथ ही रेन गेज लगाए जा रहे हैं, ताकि वर्षा की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसके आधार पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। दुर्भाग्य से कोई किसान, बटाईदार अथवा किसान या बटाईदार के परिवार का सदस्य आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत संबंधित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अधिकारियों को इसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    पहले भी 1.29 लाख किसानों को मिली सहायता
    सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सहायता राशि से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78 करोड़ 75 हजार रुपये पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में भी 225 करोड़ 93 लाख रुपये की सहायता पहले वितरित की जा चुकी है। आज कई किसानों को सहायता राशि के डमी चेक प्रदान किए गए हैं, जबकि वास्तविक धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। 2017 से पहले सपा सरकार के समय किसानों को मुआवजा मिलना ही मुश्किल था और यदि मिलता भी था तो दो रुपये, चार रुपये या 15 रुपये जैसी राशि मिलती थी। अब किसानों के हित में काम करने वाली सरकार है, जिसके एजेंडे में अन्नदाता किसान, युवा, महिलाएं और गरीब हैं। संकट की हर घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

    86 लाख किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी से शुरू हुई यात्रा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अन्नदाता किसानों के हित में बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने आते ही लघु और सीमांत किसानों की कर्जमाफी के तहत 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। प्रदेश में 16 लाख निजी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की गई है। सरकारी ट्यूबवेल से पहले से ही मुफ्त सिंचाई उपलब्ध थी। इसके अलावा नहरों का जाल बिछाया गया है और प्रदेश में 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं और सिंचाई की अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

    15 अक्टूबर से अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में धान और मोटे अनाज के क्रय केंद्र
    सीएम ने कहा कि जहां बारिश नहीं हुई है, वहां धान खरीद के क्रय केंद्र शुरू हो रहे हैं। जिन जनपदों में अतिवृष्टि के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ है, वहां 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाज के क्रय केंद्र शुरू किए जाएंगे। किसानों को अच्छा दाम दिया जाएगा और मंडी तथा क्रय केंद्रों पर किसान अपनी उपज उपलब्ध करा सकते हैं। सरकार ने खरीद के लिए कोई सीमा तय नहीं की है। किसान जितना धान लेकर आएगा, क्रय केंद्र उसकी खरीद करेंगे। किसानों के लिए कोई टारगेट या रोक-टोक नहीं होगी। जहां अच्छा दाम मिलेगा, किसान वहां अपनी उपज बेच सकता है। यदि कोई नहीं खरीदेगा तो सरकार खरीदेगी और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर अन्नदाता किसानों का सम्मान किया है।

    इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ला, डॉ विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, श्रवण कुमार निषाद और राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी समेत गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। 

    इनसेट-

    मंच पर इन्हें मिला सहायता धनराशि का चेक

    रेशमा देवी – 1,20,000 रुपये
    चंदन कुमार पासवान – 1,20,000 रुपये
    इंद्रावती देवी – 1,20,000 रुपये
    सविता देवी – 1,20,000 रुपये
    छुन्नी देवी – 1,20,000 रुपये
    सीमा देवी – 1,20,000 रुपये
    बिरैची – 25,670 रुपये
    बेचन प्रसाद – 22,951 रुपये
    जोखन – 22,841 रुपये
    संपत – 22,372 रुपये
    परमहंस-— 22,219 रुपये
    चंद्रप्रकाश द्विवेदी – 11,811 रुपये
    धरणीधर – 11,808 रुपये
    गिरजापति त्रिपाठी – 34,000 रुपये
    कमलेश – 26,520 रुपये
    राम दरश – 27,914 रुपये
    जनार्दन प्रसाद – 24,000+ रुपये
    राणा प्रताप सिंह – 22,355 रुपये

  • गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

    गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

    परिवार और धनकुबेरों तक सिमटी सपा की राजनीति : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
     
    राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी परिवार से, दूसरा मुंबई का धनाढ्य व्यक्ति, पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
     
    सपाई गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग, सत्ता में वापसी की उम्मीद खत्म इसलिए कर रहे मनमाने वादे : मुख्यमंत्री योगी
     
    शांति और सुरक्षा का सपा का भरोसा मगरमच्छ के नदी पार कराने के वादे जैसा, ये नाव पार नहीं लगाते, डुबाते हैं
     
    रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह जप रहे राम नाम, अयोध्या में फैला रहे दुष्प्रचार
     
    शिक्षकों को पांच लाख की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, बिना वेतन कटौती 1.20 करोड़ तक दुर्घटना बीमा कवर
     
    सपा राज में सैफई सिंडिकेट तय करता था नियुक्तियां, भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों के युवाओं को दिया अवसर

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा की राजनीति में परिवार और धनकुबेरों के अलावा किसी और के लिए जगह नहीं है। राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सपा ने एक प्रत्याशी अपने परिवार से और दूसरा मुंबई के धनाढ्य व्यक्ति को बनाया। पीडीए को उन्होंने परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पराया धन अपना बताया था। मुख्यमंत्री योगी ने तंज कसा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले सपाई सत्ता में वापसी की उम्मीद खो चुके हैं, इसलिए अब मनमाने वादे कर रहे हैं।
     
    सोमवार को गोरखपुर में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षकों की आवाज उठाने के कारण पिछली बार भाजपा ने उनके लिए सीट खाली छोड़ी थी। इस बार माध्यमिक शिक्षक संघ की सहमति से उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने 23 अक्टूबर को मतदान के लिए शिक्षक मतदाताओं को अवकाश देने की बात कही और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक शिक्षक मतदाता तक पहुंचने का आह्वान किया।
     
    सपा का भरोसा मगरमच्छ के वादे जैसा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा का शांति और सुरक्षा का भरोसा देना वैसा ही है, जैसे मगरमच्छ नदी किनारे आकर शिकार छोड़ने और लोगों को नदी पार कराने का वादा करे। ये नाव पार लगाने वाले नहीं, डुबाने वाले लोग हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले अयोध्या में दुष्प्रचार कर रहे हैं।
     
    सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी मिल नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नकल और अराजकता को संरक्षण मिला। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मानित किया जाता था। शिक्षकों और बेटियों की सुरक्षा संकट में थी। अब किसी शिक्षक को परेशान करने वाले को जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा।
     
    नई पेंशन योजना लागू की, खाते तक नहीं खोले
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने नई पेंशन योजना लागू की, लेकिन कर्मचारियों के खाते खोलकर अंशदान जमा नहीं कराया। वर्ष 2018 में कमेटी गठित कराई गई और 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर 14 लाख कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में बेहतर कदम उठाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।
     
    कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा का लाभ
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ रसोइयों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है। बिना वेतन कटौती विभिन्न श्रेणियों में 40 लाख से 1.20 करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।
     
    सभी 75 जिलों से शिक्षकों का निष्पक्ष चयन
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। नियुक्तियों में रिश्तेदारों को प्राथमिकता और पैसे लेकर चयन किया जाता था। वर्ष 2017 में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों से निष्पक्ष चयन किया। शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर 18 हजार और अनुदेशकों का नौ हजार से 17 हजार रुपये किया गया। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2300 माध्यमिक विद्यालयों को धनराशि दी गई। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं।
     
    दंगों से पहचान का संकट, अब विकास से सम्मान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले दंगों, उपद्रव और अराजकता के कारण उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट था। निवेश और रोजगार के अवसर भी प्रभावित थे। अब प्रदेश बीमारू नहीं, राजस्व अधिशेष वाला राज्य है। विकास, विरासत, निवेश और रोजगार से उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।
     
    गुरु परंपरा को नमन, पूर्व शिक्षक नेताओं को किया याद
    मुख्यमंत्री योगी ने महर्षि वशिष्ठ, संदीपनी और चाणक्य का उदाहरण देकर शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने दिवंगत शिक्षक नेताओं ओम प्रकाश शर्मा, पंचानन राय और डॉ. वाईडी सिंह को श्रद्धांजलि दी। कहा कि ध्रुव त्रिपाठी उनकी परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं।
     
    ध्रुव त्रिपाठी बोले- वर्षों पुरानी मांगें पूरी हुईं
    भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों से संबंधित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला। पदोन्नति जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर सुगम हुई है। ग्रेच्युटी सीमा 20 से 25 लाख रुपये हुई। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली अंतिम चरण में है।
     
    सूर्य प्रताप शाही बोले- शिक्षा का कायाकल्प हुआ
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी विधान परिषद में शिक्षकों के कठिन सवाल उठाते हैं। योगी सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया है। प्रोजेक्ट अलंकार से भवन, शौचालय और पुस्तकालय की सुविधाएं बढ़ीं। शिक्षकों को बिना आंदोलन सातवां वेतनमान मिला। कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षकों को राहत मिली है।
     
    रवि किशन बोले- सपा का शिक्षा से सरोकार नहीं
    सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी निस्वार्थ भाव से शिक्षकों की आवाज उठाते हैं। शिक्षक उनके समर्थन में एकजुट हैं। सपा का शिक्षा और ज्ञान से कोई सरोकार नहीं है। पिछली सरकारों में शिक्षण संस्थानों पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज गोरखपुर में स्वास्थ्य विश्वविद्यालय और सैनिक विद्यालय जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    सम्मेलन में मंत्री दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम, दानिश आजाद अंसारी, सांसद जगदंबिका पाल, विजय दुबे, भाजपा प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह, रमेश सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, अजय शाही, अवधेश सिंह, बृजेश राय, जयनारायण दुबे, शैलेंद्र शुक्ला, संजीव राय और ज्ञानेश कुमार राय समेत शिक्षक व पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन-मुख्यमंत्री योगी

    कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन-मुख्यमंत्री योगी

    अराजकता से बाज आए कांग्रेस, वरना जो बचा है वह भी गंवा देगी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के राजनीतिक आचरण पर उठाए सवाल, बोले- देश में अराजकता का पर्याय बन चुकी है सबसे पुरानी पार्टी
     
    अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस
     
    मुख्यमंत्री योगी बोले- 41 वर्ष पहले यूपी की जनता ने कांग्रेस को कर दिया था विदा, दूसरे राज्यों में भी जनता का हो चुका मोहभंग
     
    चुनाव जीतने पर अपना पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम व चुनाव आयोग को दोषी ठहराना कांग्रेस की आदत
     
    कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे देश में अराजकता का पर्याय बताया है। उन्होंने चेताया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई तो जनता उसका बचा-खुचा राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त कर देगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश उसे बार-बार क्यों ठुकरा रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह अराजक और अलोकतांत्रिक आचरण को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।
     
    सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण से देश में अराजकता का वातावरण पैदा किया है। पहले देश के भीतर पहचान का संकट खड़ा किया और फिर अपने भ्रष्ट मंसूबों के कारण जनता का विश्वास खो दिया। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रवैया नहीं बदला। जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय स्वयं के आचरण पर विचार करना चाहिए।
     
    41 वर्ष पहले यूपी की जनता ने कांग्रेस को कर दिया था विदा

    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के सिमटते जनाधार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से विदा कर दिया था। वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी। देश के अन्य राज्यों में भी एक-एक कर जनता का कांग्रेस से मोहभंग होता गया। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व यह समझने को तैयार नहीं है कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने पर उतारू है।
     
    दिल्ली में अराजकता फैलाकर आम लोगों को परेशान कर रही कांग्रेस
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है। आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस का यह आचरण बताता है कि वह राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर भी भूल चुकी है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का स्थान है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
     
    जीत गए तो पुरुषार्थ, हार गए तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी

    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीत जाएं तो अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हार जाएं तो ईवीएम तथा चुनाव आयोग को दोषी ठहराने लगते हैं। न्यायालय मेरिट के आधार पर फैसला दे तो न्यायपालिका को भी कटघरे में खड़ा करने और धमकाने का प्रयास किया जाता है। अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी कांग्रेस का यही रवैया है। गाली-गलौज करना, संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और अव्यवस्था फैलाना उसकी राजनीतिक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इस प्रकार का आचरण उचित नहीं है।
     
    कांग्रेस को बदलना चाहिए अपना नेतृत्व
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करना चाहिए। जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास नहीं रह गया है, उसे बदलने की आवश्यकता है। अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर फोड़ने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आएगा। उन्होंने कांग्रेस को देश में अराजकता फैलाने और जनता तथा युवाओं को गुमराह करने से बाज आने की नसीहत दी।
     
    अराजकता जारी रही तो बचा-खुचा भी गंवाना पड़ेगा
    मुख्यमंत्री योगी ने चेताया कि कांग्रेस को देश की जनता की लोकतांत्रिक चेतना को कम करके नहीं आंकना चाहिए। जनता अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों को अधिक दिनों तक सहन नहीं करेगी। कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी प्रकार अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करती रही तो राजनीतिक रूप से जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अराजकता छोड़कर मुद्दों और मेरिट के आधार पर चर्चा करनी चाहिए। स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनना ही उसके लिए उचित होगा। यही देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी है।

  • उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार, योगी सरकार महर्षि भृगु की तपोभूमि को दे रही नया स्वरूप

    उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार, योगी सरकार महर्षि भृगु की तपोभूमि को दे रही नया स्वरूप

    योगी सरकार संवार रही महर्षि भृगु की तपोभूमि, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

     महर्षि भृगु आश्रम को पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर भव्य स्वरूप देने की तैयारी, खर्च होंगे 8.74 करोड़ रुपये 

    आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत को मिल रहा सम्मान, धरातल पर शुरू हुआ पर्यटन विकास कार्य 

    …जहां रची गई भृगु संहिता, अब वहां लिखी जाएगी पर्यटन विकास की नई कहानी

    भृगु आश्रम का विकास पौराणिक विरासत को सम्मान- जयवीर सिंह

    लखनऊ/बलिया
     योगी सरकार ने बलिया जनपद की आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। आस्था के प्रमुख केंद्र महर्षि भृगु आश्रम को अब पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत इस परियोजना पर 8.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मान्यता है कि बलिया स्थित इसी तपोस्थली पर सप्तऋषियों में प्रमुख स्थान रखने वाले महर्षि भृगु ने तपस्या की थी और यहीं भृगु संहिता की रचना की। 

    मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में भृगु आश्रम 
    उल्लेखनीय है कि महर्षि भृगु आश्रम का कायाकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बलिया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महर्षि भृगु कॉरिडोर विकसित करने की बात कही है। ऐसे में पर्यटन विकास की दिशा में शुरू हुई यह पहल उस संकल्प को धरातल पर उतारने की ओर बढ़ता कदम मानी जा रही है। प्रदेश सरकार की योजना है कि आस्था और अध्यात्म केंद्रों के साथ पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, अपितु देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी महर्षि भृगु की तपोभूमि और बलिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

    आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का किया जा रहा विकास 
    आश्रम विकास के तहत परिसर को आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सांस्कृतिक स्वरूप से संवारा जाएगा। यहां भव्य स्वागत द्वार, दो मंजिला मल्टीपर्पज हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री शेड, आकर्षक वाल आर्ट और म्यूरल आर्ट, आधुनिक साइनेज तथा महर्षि भृगु की गौरवशाली पौराणिक विरासत को जीवंत करने वाला लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। आगंतुकों को महर्षि भृगु से जुड़े इतिहास और पौराणिक महत्व से परिचित कराने के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

    गौरवशाली इतिहास वाला बलिया जिला अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा 
    प्राचीन विरासत और गौरवशाली इतिहास वाला बलिया जिला अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बिहार सीमा से सटे इस जनपद का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी खास है। वाराणसी से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित बलिया पर्यटन की दृष्टि से भी खास पहचान रखता है। मान्यता है कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने भी यहां प्रवास किया था। आजादी की लड़ाई में भी बलिया क्रांतिकारियों की धरती के रूप में जाना गया। प्रदेश सरकार के पर्यटन विकास के प्रयासों से जिले की पहचान तेजी से बदल रही है। वर्ष 2025 में 10.31 लाख से अधिक पर्यटकों का पहुंचना इसकी बढ़ती पर्यटन संभावनाओं का प्रमाण है।

    धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रही सरकार
    पर्यटन/संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में हजारों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे महर्षि भृगु की तपोभूमि को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। महर्षि भृगु आश्रम केवल धार्मिक आस्था का स्थल नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध प्राचीन सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। प्राचीन आश्रम के समग्र पर्यटन विकास की दिशा में धरातल पर कार्य शुरू हो चुका है।'

    महर्षि भृगु की विरासत से जुड़ेंगे आगंतुक- अमृत अभिजात 
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व के स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। बलिया स्थित महर्षि भृगु आश्रम का विकास श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगा। प्रदेश के 12 पर्यटन सर्किट अंतर्गत स्थलों के साथ महर्षि भृगु आश्रम को विकसित करने से इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को व्यापक पहचान मिलेगी तथा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।