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  • किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है 'अन्नदाता': सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत

    किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान, ₹1,03,833 करोड़ से अधिक भुगतान: मुख्यमंत्री

    2017 से पहले कर्ज में डूबा था किसान, अब मिल रही 'सम्मान निधि': सीएम योगी

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया। 

    किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा
    मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है।

    8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दर 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है।

    धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। 

    किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में रहें अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में रहें अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    जनशिकायतों का 24 घंटे में मिले संतोषजनक जवाब, निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में हो निस्तारण: मुख्यमंत्री

    शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में उतरें वरिष्ठ अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाएं, स्टंटबाजी पर कार्रवाई और एंटी रोमियो स्क्वॉड की सघन चेकिंग के निर्देश

    मुख्यमंत्री का निर्देश, अतिवृष्टि प्रभावितों को तत्काल राहत, 48 घंटे में नुकसान और राहत वितरण की रिपोर्ट दें, क्षतिग्रस्त आवासों वाले पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिले

    नवरात्र, दशहरा और छठ पर होंगे सुरक्षा के व्यापक प्रबंध, प्रमुख मंदिरों में होगी 24×7 सीसीटीवी निगरानी

    शोभायात्रा मार्ग, पूजा पंडालों के समीप मांस-मदिरा की दुकानों पर होगा प्रतिबंध

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और उसकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। जनपद स्तर के साथ शासन स्तर पर भी जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए। दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाणपत्र से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण हो। निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में किया जाए और प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की सूची सार्वजनिक की जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    शुक्रवार को शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें, गश्त में शामिल हों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें। संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के साथ उन्हें आवश्यक सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने को भी कहा, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। जिलाधिकारी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय से सूचित करें। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने, पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने और सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान करने के निर्देश भी दिए।

    अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले 48 घंटे के भीतर वर्षा से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा।

    आगामी पर्व-त्योहारों के शांति और सौहार्दपूर्ण आयोजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विंध्याचल धाम (मीरजापुर), देवीपाटन शक्तिपीठ (बलरामपुर), सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी (सहारनपुर) और मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य (सीतापुर) सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। थाना, चौकी और जिला स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। दुर्गा पूजा पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार रखी जाए। विजयादशमी पर पुतला दहन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते एवं ढीले विद्युत तारों को ठीक कराने, जर्जर खंभों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों और गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर विकास एवं आवास विभाग नगरों में विशेष साफ-सफाई और साज-सज्जा कराए। प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, कुशल गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें। मेलों एवं विसर्जन स्थलों पर खोया-पाया केंद्र, सहायता केंद्र और जन उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाए। प्रमुख स्थलों की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखी जाए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने दी जाएं। परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन करे और बस स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखे। भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुगम यातायात, प्रभावी डायवर्जन और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाए।

  • यूपी के बलरामपुर में विकास को मिलेगी रफ्तार, योगी आदित्यनाथ 78 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

    यूपी के बलरामपुर में विकास को मिलेगी रफ्तार, योगी आदित्यनाथ 78 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

    मुख्यमंत्री योगी शनिवार को बलरामपुर को 803 करोड़ रुपए से अधिक की देंगे सौगात

    सीएम बलरामपुर में 78 विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण व शिलान्यास

    रेहरा बाजार के बिलरिया में जनसभा को करेंगे संबोधित, लाभार्थियों को बांटेंगे चेक व प्रमाण पत्र

    लखनऊ, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार(10 अक्टूबर) को बलरामपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को 803 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 78 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे। कार्यक्रम का आयोजन विकास खंड रेहरा बाजार के ग्राम बिलरिया (उतरौला) में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे। सीएम योगी यहां जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

    इस कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रशासक आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा व अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तथा विधायक रामप्रताप वर्मा उर्फ शशिकांत वर्मा, कैलाश नाथ एवं पल्टूराम समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य मौजूद रहेंगे।

  • राज्य कर्मचारियों के हित में योगी सरकार का बड़ा कदम, जानिए क्या मिला नया लाभ

    राज्य कर्मचारियों के हित में योगी सरकार का बड़ा कदम, जानिए क्या मिला नया लाभ

    राज्य कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की बड़ी सौगात

    सचिवालय प्रशासन विभाग और एक्सिस बैंक के बीच एमओयू, कर्मचारियों को मिलेंगे स्पेशल सैलरी अकाउंट के साथ सुरक्षा और कल्याण के अतिरिक्त लाभ

    पात्र राज्य कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर, साथ ही 30 लाख रुपये का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा

    लखनऊ
     योगी सरकार ने प्रदेश के राज्य कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और एक्सिस बैंक के बीच एमओयू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से तैयार सैलरी अकाउंट के साथ कई अतिरिक्त सुरक्षात्मक और कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर
    एमओयू के तहत पात्र राज्य कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध होगा। इससे आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारी और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों को 30 लाख रुपये तक का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए मात्र सात रुपये प्रतिदिन के नाममात्र प्रीमियम की व्यवस्था की गई है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक स्वास्थ्य खर्चों के समय अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी।

    बच्चों की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये तक की सहायता
    व्यवस्था के तहत आश्रित बच्चों की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान भी किया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का सावधि जीवन बीमा कवर भी मिलेगा। एमओयू के तहत कर्मचारियों के लिए विशेष वेतन खाता उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं के साथ सुरक्षा और कल्याण से जुड़े अतिरिक्त लाभ भी मिलेंगे।

  • मुख्यमंत्री ने राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित भाजपा प्रत्याशियों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री ने राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित भाजपा प्रत्याशियों को दी बधाई

    राष्ट्र की प्रगति को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे नवनिर्वाचित सदस्य: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित भाजपा प्रत्याशियों को दी बधाई

    राष्ट्र की प्रगति को नई रफ्तार देंगे नवनिर्वाचित सदस्य, मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा

    उत्तर प्रदेश से भाजपा के धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार निर्वाचित

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 में उत्तर प्रदेश से निर्विरोध निर्वाचित होने पर भाजपा के सभी प्रत्याशियों को बधाई दी है। 

    गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया था। इन सभी आठों प्रत्याशी ने निर्विरोध जीत दर्ज की।  मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं दीं। 

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि निर्विरोध निर्वाचित सभी सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने तथा राष्ट्र की प्रगति को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। साथ ही, उच्च सदन की गरिमा को अभिवर्धित करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामनाएं भी प्रेषित कीं।

  • यूपी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए योगी सरकार के निर्देश, जलभराव वाले इलाकों में पहुंचाया जा रहा राशन-पानी

    यूपी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए योगी सरकार के निर्देश, जलभराव वाले इलाकों में पहुंचाया जा रहा राशन-पानी

    योगी सरकार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों को नावों से पहुंचाया जा रहा भोजन और राशन

    लखनऊ के जलभराव वाले क्षेत्रों में 1,900 खाद्य पैकेट और पेयजल वितरित

    नावों के जरिए भोजन पैकेट के साथ कच्चा और सूखा राशन भी पहुंचाया

    लोहरामऊ और दाउदनगर में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव, शनिवार से तीन ड्रोन लगाने की तैयारी

    नगर आयुक्त ने फैजुल्लागंज और गुल्मी खेड़ा समेत प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
     
    लखनऊ, 

     गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लखनऊ के इलाकों में योगी सरकार के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। लखनऊ नगर निगम की टीमें प्रभावित परिवारों तक भोजन, राशन और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के साथ सफाई एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजामों में जुटी हैं। शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज, गुल्मी खेड़ा समेत विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    नावों से पहुंचाई गई राहत सामग्री

    प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की परेशानी को देखते हुए नावों के माध्यम से लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। निजी संस्थाओं के सहयोग से नगर निगम की टीम ने करीब 500 से 600 पके भोजन के पैकेट के साथ कच्चा और सूखा राशन वितरित किया। जोन-3 और जोन-6 के अंतर्गत हयात नगर, बरावन कला, टांड़ खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, दौलत खेड़ा, लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली और गुल्मी खेड़ा समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई गई।

    नगर निगम की टीम ने सुबह और शाम दोनों पालियों में कुल 1,900 खाद्य पैकेट और पेयजल की बोतलें वितरित कीं। प्रशासन का जोर प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर है।

    अधिकारियों ने संभाली राहत कार्यों की कमान

    जोन-3 में जोनल अधिकारी अजीत राय, जोनल सेनेटरी ऑफिसर सचिन सक्सेना और अधिशासी अभियंता नजमी मुजफ्फर ने राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, जोन-6 में जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह यादव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर राकेश कुमार और अधिशासी अभियंता अशोक यादव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राहत सामग्री के प्रबंधन के लिए करीब 70 कर्मचारियों को लगाया गया। कर्मचारियों ने पिछले दो दिनों में पहुंची खाद्य सामग्री को उतारकर ट्रैक्टरों पर लोड किया, जिससे इसे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में आसानी हो सके।

    बीमारियों की रोकथाम के लिए ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव 

    जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन और संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए लोहरामऊ और दाउदनगर में ड्रोन के जरिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। जलस्तर स्थिर होने के बाद अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। शनिवार से तीन ड्रोन लगाने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में छिड़काव किया जा सके। नगर निगम की टीमें राहत वितरण, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगी हैं।

  • महिलाओं को बड़ी राहत! उज्ज्वला लाभार्थियों को 6 महीने में मिलेंगे 2 मुफ्त सिलेंडर रिफिल

    महिलाओं को बड़ी राहत! उज्ज्वला लाभार्थियों को 6 महीने में मिलेंगे 2 मुफ्त सिलेंडर रिफिल

    उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलेंगे दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल

    पहले चरण में अक्टूबर-दिसंबर 2026 तक और दूसरे चरण में जनवरी-मार्च 2027 तक निःशुल्क रिफिल

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत योगी सरकार पिछले वित्तीय वर्षों में दो चरणों में (होली व दीपावली पर) उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को निःशुल्क सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराती रही है। इस कदम से लाभार्थियों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल की प्रवृत्ति बढ़ी है। इससे पर्यावरण के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर धुएं से पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव को कम करने में भी मदद मिली है।

    विगत वर्ष की तरह चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल दिए जाएंगे। पहले चरण में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक और दूसरे चरण में जनवरी से मार्च 2027 तक निःशुल्क रिफिल उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर राज्य सरकार के ऊपर कुल 2,142.78 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय भार आएगा।

    योजना का लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के ऐसे एसीटीसी लाभार्थियों को मिलेगा, जिनके बैंक खाते आधार से लिंक होंगे और आधार प्रमाणित होगा। ऐसे लाभार्थी ही निःशुल्क एलपीजी रिफिल के लिए पात्र होंगे। सरकार के इस निर्णय से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आच्छादित लाभार्थियों का जीवन-यापन सुविधाजनक होगा।

  • योगी कैबिनेट की मंजूरी: यूपी में किसानों से होगी मोटे अनाज की खरीद, 2026-27 की क्रय नीति स्वीकृत

    योगी कैबिनेट की मंजूरी: यूपी में किसानों से होगी मोटे अनाज की खरीद, 2026-27 की क्रय नीति स्वीकृत

    किसानों से 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदेगी योगी सरकार
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की क्रय नीति को मंजूरी
     
    मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद के लिए प्रदेश में 455 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव
     
    बाजरे के समर्थन मूल्य में 125 और हाइब्रिड ज्वार में 324 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
     
    किसानों से 31 दिसंबर तक होगी खरीद, यथासंभव 48 घंटे में बैंक खाते में पहुंचेगा भुगतान
     
    लखनऊ

     प्रदेश के किसानों को मोटे अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए योगी सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की क्रय नीति तय कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश में कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद का कार्यकारी लक्ष्य प्रस्तावित है। खरीद के लिए 455 क्रय केंद्र खोलने की तैयारी है। बाजरे और हाइब्रिड ज्वार के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि हुई है। खरीद की अवधि एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक निर्धारित की गई है।
     
    कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने क्रय नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की खरीद की जाएगी। उपज का भुगतान बैंक खातों के सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खातों में कराया जाएगा।
     
    बाजरा 2900 और मक्का 2410 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा
    नई क्रय नीति के अनुसार, बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये से बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसमें 125 रुपये की वृद्धि हुई है। मक्का का समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। वहीं, हाइब्रिड ज्वार का समर्थन मूल्य 3699 रुपये से बढ़कर 4023 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसमें 324 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ज्वार मालदांडी का समर्थन मूल्य 4073 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
     
    बाजरे की 2.20 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
    प्रदेश में मोटे अनाज की सरकारी खरीद के लिए कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन का कार्यकारी लक्ष्य प्रस्तावित है। इसमें बाजरे की 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्का की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद शामिल है। सबसे अधिक खरीद का लक्ष्य बाजरे के लिए रखा गया है।
     
    बाजरे के 300, ज्वार के 80 और मक्का के 75 केंद्र खुलेंगे

    मोटे अनाज की खरीद के लिए प्रदेश में कुल 455 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। इनमें बाजरे के 300, ज्वार के 80 और मक्का के 75 केंद्र होंगे। क्रय केंद्र मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, जहां संबंधित फसल की अच्छी आवक होती है और सरकारी खरीद की पर्याप्त संभावना रहती है।
     
    इन 25 जिलों में होगी मक्का की खरीद
    मक्का की खरीद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर में की जाएगी।
     
    बाजरे की खरीद के लिए 33 जिले निर्धारित
    बाजरे की खरीद बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर में होगी।
     
    ज्वार की खरीद के लिए चुने गए 13 जिले

    ज्वार की सरकारी खरीद उन्नाव, हरदोई, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, मिर्जापुर, झांसी, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में की जाएगी।
     
    ऑनलाइन पंजीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
    सरकारी खरीद के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। क्रय केंद्रों पर कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद होगी। इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीन के माध्यम से किसानों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। खरीद की प्रक्रिया राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन संचालित होगी।
     
    आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे मिलेगा भुगतान
    किसानों से खरीदी गई उपज का भुगतान उनके आधार से जुड़े और एनपीसीआई से मैप किए गए बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से बैंक खातों का सत्यापन होगा। सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में धनराशि भेजने की व्यवस्था की गई है।

  • UP में जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर बड़ा फैसला, अब ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से होगी पहचान

    UP में जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर बड़ा फैसला, अब ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से होगी पहचान

    जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’: सीएम योगी

    सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सम्मान में योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नामकरण प्रस्ताव पारित

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में गिनाईं पीएम मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियां

    कहा- सेवा, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास तक पहुंची यात्रा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित

    मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी: सीएम

    लखनऊ
     नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिए गए इस निर्णय को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के सम्मान का प्रतीक बताया।

    कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा पूरी की। यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। 25 वर्षों की यह यात्रा ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम’ की भावना से संचालित रही है। यह यात्रा केवल सत्ता या शासन की यात्रा नहीं, बल्कि ‘जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास’ की यात्रा है।

    जेवर एयरपोर्ट का नामकरण, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता का संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर प्रधानमंत्री जी की ओर से उत्तर प्रदेश को मिली एक बड़ी सौगात है। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। इसी भावना के साथ कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनके सतत मार्गदर्शन, उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और देश को नई दिशा देने वाले नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अभिनंदन भी व्यक्त किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी।

    काशी से जेवर तक, यूपी से प्रधानमंत्री का विशेष जुड़ाव
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी काशी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री जी ने काशी आगमन पर कहा था- ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके बाद काशी और प्रधानमंत्री जी का संबंध केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहा। काशी के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के बीच एक नया संबंध बना। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और केंद्र-प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक जड़ता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। इसके बाद पारदर्शी और तकनीक आधारित सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल वातावरण को विकास का आधार बनाया गया।

    2,483 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और नमो भारत से बदली कनेक्टिविटी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग ₹60 हजार करोड़ खर्च किए गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। ₹30 हजार करोड़ से अधिक लागत से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत/आरआरटीएस परियोजना देश में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन की नई मिसाल बनी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इसी बदलती कनेक्टिविटी का नया केंद्र जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। सीएम ने इसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और भविष्य में देश के बड़े एविएशन हब में विकसित होने वाली परियोजना बताया।

    फ्रेट कॉरिडोर से डिफेंस कॉरिडोर तक, औद्योगिक तस्वीर बदली
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बन चुका है। 1,050 किलोमीटर से अधिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से गुजर रहा है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ का देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं।

    किसानों को सीधे लाभ, फसल ऋण से गन्ना भुगतान तक
    किसान कल्याण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। करीब 86 लाख किसानों की ऋणमाफी की गई है। प्रदेश में 5.50 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹13,42,978 करोड़ का फसल ऋण वितरित किया गया। 79.51 लाख किसानों को फसल क्षति के मद में भुगतान मिला है, जबकि गन्ना किसानों को ₹3.30 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।

    आवास, राशन और पानी से गरीबों के जीवन में बदलाव
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है। खास तौर पर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। जनधन योजना, बैंकिंग विस्तार और बैंक मित्रों के नेटवर्क ने प्रदेश में वित्तीय समावेशन को भी मजबूत किया है।

    आयुष्मान से एम्स तक स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में करीब 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में 9.90 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को ₹18,798 करोड़ के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है। आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन भी स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

    शौचालय, उज्ज्वला और नमामि गंगे से बदली तस्वीर
    सीएम योगी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। प्रदेश सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। नमामि गंगे के तहत गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए व्यापक काम हुआ है। काशी सहित गंगा के विभिन्न तटों पर विकास और संरक्षण की परियोजनाओं ने धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से नई पहचान बनाई है।

    महिला सशक्तीकरण से गांव की अर्थव्यवस्था को ताकत
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता मिली है। स्वामित्व योजना के तहत 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला। महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ी है। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

    यूपी का हुनर ‘लोकल से ग्लोबल’ तक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री जी ने विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसे यूपी के उत्पादों को वैश्विक मंच दिया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को यूपी के इन स्थानीय उत्पादों को उपहार में देना ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती देने वाला कदम रहा। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध, गन्ना, आम, आंवला और मोटे अनाज के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है।

    युवाओं को नौकरी, प्रशिक्षण और डिजिटल ताकत
    सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए। प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं और 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। रोजगार मेलों, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक खेल परिसर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं से खेल और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा मिली है।

    राम मंदिर से महाकुंभ तक, सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के योगदान को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास से आगे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हुआ और गंगा घाट से बाबा विश्वनाथ धाम तक भव्य एवं दिव्य मार्ग बना। विदेश से करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनर्स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद भारत वापस आए। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री ने काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना, संग्रहालय एवं प्रतिमा परियोजनाएं, चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ जैसे कार्यों को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कड़ी बताया। उन्होंने वाराणसी के संगीत और लखनऊ की पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने, सारनाथ से जुड़े बौद्ध स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को भी प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान के राष्ट्रीय सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

  • उत्तर प्रदेश में धान खरीद की तैयारी तेज, 62 लाख टन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय

    उत्तर प्रदेश में धान खरीद की तैयारी तेज, 62 लाख टन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय

    इस बार देश में धान खरीद में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी योगी सरकार
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में धान क्रय नीति को मंजूरी
     
    पिछले वर्ष देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था उत्तर प्रदेश ने, इस बार 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
     
    आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 केंद्रों पर होगी खरीद, किसानों को मिलेगा बढ़ा समर्थन मूल्य
     
    सामान्य धान 2441 और ग्रेड-ए धान 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा
     
    फार्मर आईडी वाले किसानों को पंजीकरण से छूट, यथासंभव 48 घंटे में होगा भुगतान
     
    लखनऊ

    धान की सरकारी खरीद में पिछले वर्ष देश में पहला स्थान हासिल करने वाली योगी सरकार इस बार देश में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान क्रय नीति को मंजूरी दी गई। पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस बार सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। किसानों को उनकी उपज का बढ़ा न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा। खरीद के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खातों में कराया जाएगा।
     
    कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश ने 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस बार उससे तीन लाख मीट्रिक टन अधिक धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों की व्यवस्था के साथ भुगतान और धान की ढुलाई की निगरानी के भी प्रावधान किए हैं।
     
    पश्चिमी यूपी में 15 अक्टूबर, पूर्वी यूपी में एक नवंबर से खरीद
    धान खरीद के लिए प्रदेश में दो अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक खरीद होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक धान खरीदा जाएगा। जिलों में धान की पैदावार और आवक के आधार पर क्रय केंद्रों का स्थान तय किया जाएगा।
     
    धान के समर्थन मूल्य में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी
    भारत सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में समर्थन मूल्य में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से इसी दर पर धान खरीदा जाएगा।
     
    आठ एजेंसियां करेंगी खरीद, डीएम तय करेंगे केंद्रों का स्थान
    खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मंडी परिषद एवं उससे संबद्ध एफपीओ-एफपीसी, एनसीसीएफ, नैफेड तथा भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से धान की खरीद होगी। कुल 4500 क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं। संबंधित जिलाधिकारी जिले में धान की पैदावार, आवक और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए क्रय संस्थाओं के बीच केंद्रों का स्थल आवंटन करेंगे।
     
    फार्मर आईडी वाले किसानों को पंजीकरण से छूट

    धान की सरकारी खरीद के लिए इस बार फार्मर आईडी वाले किसानों को अलग से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराना होगा। भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रदेश में बनाई गई किसान पहचान के आधार पर ही उनकी उपज खरीदी जाएगी। इससे किसानों को विभागीय पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
     
    48 घंटे में भुगतान, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी
    किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। बैंक खातों के सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर धनराशि किसानों के खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है। भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
     
    जीपीएस से धान की ढुलाई, क्यूआर कोड से निगरानी
    धान खरीद में पारदर्शिता के लिए प्रदेश के सभी जिलों में क्रय केंद्रों से संबंधित चावल मिलों तक धान भेजने के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा पायलट परियोजना के तहत चिह्नित जिलों में चावल के बोरों पर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद्यान्न की आवाजाही और बिलिंग की निगरानी की जाएगी।
     
    धान खरीद के लिए बोरों की भी व्यवस्था
    धान खरीद के दौरान बोरों की कमी न हो, इसके लिए भी तैयारी की गई है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 80 हजार बोरों की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। कुल 12.25 लाख बोरे उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकार ने खरीद के दौरान पैकिंग सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया है।