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  • उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार, योगी सरकार महर्षि भृगु की तपोभूमि को दे रही नया स्वरूप

    उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार, योगी सरकार महर्षि भृगु की तपोभूमि को दे रही नया स्वरूप

    योगी सरकार संवार रही महर्षि भृगु की तपोभूमि, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

     महर्षि भृगु आश्रम को पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर भव्य स्वरूप देने की तैयारी, खर्च होंगे 8.74 करोड़ रुपये 

    आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत को मिल रहा सम्मान, धरातल पर शुरू हुआ पर्यटन विकास कार्य 

    …जहां रची गई भृगु संहिता, अब वहां लिखी जाएगी पर्यटन विकास की नई कहानी

    भृगु आश्रम का विकास पौराणिक विरासत को सम्मान- जयवीर सिंह

    लखनऊ/बलिया
     योगी सरकार ने बलिया जनपद की आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। आस्था के प्रमुख केंद्र महर्षि भृगु आश्रम को अब पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत इस परियोजना पर 8.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मान्यता है कि बलिया स्थित इसी तपोस्थली पर सप्तऋषियों में प्रमुख स्थान रखने वाले महर्षि भृगु ने तपस्या की थी और यहीं भृगु संहिता की रचना की। 

    मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में भृगु आश्रम 
    उल्लेखनीय है कि महर्षि भृगु आश्रम का कायाकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बलिया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महर्षि भृगु कॉरिडोर विकसित करने की बात कही है। ऐसे में पर्यटन विकास की दिशा में शुरू हुई यह पहल उस संकल्प को धरातल पर उतारने की ओर बढ़ता कदम मानी जा रही है। प्रदेश सरकार की योजना है कि आस्था और अध्यात्म केंद्रों के साथ पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, अपितु देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी महर्षि भृगु की तपोभूमि और बलिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

    आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का किया जा रहा विकास 
    आश्रम विकास के तहत परिसर को आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सांस्कृतिक स्वरूप से संवारा जाएगा। यहां भव्य स्वागत द्वार, दो मंजिला मल्टीपर्पज हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री शेड, आकर्षक वाल आर्ट और म्यूरल आर्ट, आधुनिक साइनेज तथा महर्षि भृगु की गौरवशाली पौराणिक विरासत को जीवंत करने वाला लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। आगंतुकों को महर्षि भृगु से जुड़े इतिहास और पौराणिक महत्व से परिचित कराने के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

    गौरवशाली इतिहास वाला बलिया जिला अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा 
    प्राचीन विरासत और गौरवशाली इतिहास वाला बलिया जिला अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बिहार सीमा से सटे इस जनपद का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी खास है। वाराणसी से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित बलिया पर्यटन की दृष्टि से भी खास पहचान रखता है। मान्यता है कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने भी यहां प्रवास किया था। आजादी की लड़ाई में भी बलिया क्रांतिकारियों की धरती के रूप में जाना गया। प्रदेश सरकार के पर्यटन विकास के प्रयासों से जिले की पहचान तेजी से बदल रही है। वर्ष 2025 में 10.31 लाख से अधिक पर्यटकों का पहुंचना इसकी बढ़ती पर्यटन संभावनाओं का प्रमाण है।

    धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रही सरकार
    पर्यटन/संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में हजारों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे महर्षि भृगु की तपोभूमि को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। महर्षि भृगु आश्रम केवल धार्मिक आस्था का स्थल नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध प्राचीन सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। प्राचीन आश्रम के समग्र पर्यटन विकास की दिशा में धरातल पर कार्य शुरू हो चुका है।'

    महर्षि भृगु की विरासत से जुड़ेंगे आगंतुक- अमृत अभिजात 
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व के स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। बलिया स्थित महर्षि भृगु आश्रम का विकास श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगा। प्रदेश के 12 पर्यटन सर्किट अंतर्गत स्थलों के साथ महर्षि भृगु आश्रम को विकसित करने से इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को व्यापक पहचान मिलेगी तथा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    कभी नारी सुरक्षा के सवालों से घिरा यूपी अब बना सामर्थ्य की नई पहचान: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए जा सकते हैं सिद्ध

    सुरक्षा से सशक्तीकरण की यात्रा ‘सशक्त नारी, समृद्ध-उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को कर रही साकार: मुख्यमंत्री

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने प्रदेशवासियों से इसके महत्व पर चर्चा की। कहा कि मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं।

    सीएम ने 2017 से पहले और बाद के यूपी की दिखाई तस्वीर
    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर 2017 से पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश आज नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है। विगत 9.5 वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने प्रदेश में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई है।

    महिला सुरक्षा तंत्र को किया सुदृढ़
    सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने महिला सुरक्षा तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।

    यूपी पुलिस में 44,000 से अधिक हुआ महिला कार्यबल
    मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्यबल में महिलाओं के योगदान का भी जिक्र किया। कहा कि 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर 3 महिला पीएसी बटालियनों का भी गठन हुआ है।

    ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नारी सुरक्षा से सशक्तीकरण की यह अहर्निश यात्रा ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही है।

  • योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

    योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है. योगी आदित्यनाथ सरकार इन तीनों श्रेणियों के लाभार्थियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये करने की तैयारी में है. प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अगर इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो प्रदेश के 1.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकता है। 

    हर महीने मिलेंगे ₹500 ज्यादा
    प्रस्ताव के मुताबिक पेंशन की राशि में हर महीने 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे लाभार्थियों को सालाना 12,000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये पेंशन मिल सकती है. यानी प्रत्येक लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. हालांकि, बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलने के लिए प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना जरूरी है। 

    1.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा
    इस प्रस्ताव के लागू होने पर प्रदेश की तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 लाख से अधिक, निराश्रित महिला पेंशन योजना के 42 लाख से अधिक और दिव्यांगजन पेंशन योजना के करीब 12 लाख लाभार्थी शामिल हैं. इस तरह पेंशन में बढ़ोतरी का लाभ 1.21 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच सकता है। 

    2017 के बाद बढ़ी थी पेंशन राशि
    प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद इन पेंशन योजनाओं की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की गई थी. अब इसे 1,500 रुपये करने की तैयारी है. प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है. इसके अलावा, दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट में इस बढ़ोतरी के लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने की तैयारी है। 

    कब से मिल सकती है बढ़ी हुई पेंशन?
    प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, इसकी अंतिम समयसीमा सरकारी मंजूरी और बजट प्रावधान पर निर्भर करेगी। 

    विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार की ओर से अलग-अलग वर्गों के लिए कई फैसले और घोषणाएं की जा रही हैं. इससे पहले रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा भी की है। 

  • विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई, जांच टीम अलर्ट

    विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई, जांच टीम अलर्ट

    लखनऊ
    योगी सरकार में संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव होस्टिंग ऐप के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत तीन आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ प्रकाश, विपिन कुमार और अर्जुन दिवाकर के रूप में हुई है। एसटीएफ और मथुरा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों से कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, एक सीपीयू, तीन चेकबुक, एक पासबुक, एक आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट समेत अन्य सामान बरामद किया है।

    एसटीएफ को लंबे समय से चैमेट ऐप के जरिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली जानकारी और अन्य माध्यमों से साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि मथुरा में कुछ लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर ऐप के जरिए कथित तौर पर अवैध धन अर्जित करने की व्यवस्था विकसित की थी।

    लड़कियों से करा रहे थे लाइव होस्टिंग
    एसटीएफ के मुताबिक गिरोह के सदस्य कथित तौर पर फर्जी तस्वीरों और पहचान का इस्तेमाल करके ऐप पर खाते बनाते थे। इन खातों के माध्यम से लड़कियों से लाइव होस्टिंग, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियां कराई जाती थीं। आरोप है कि भुगतान और कमीशन की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खातों को ऐप से जोड़ा गया था। जांच में विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई है।

    गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के मुताबिक, गिरोह की गतिविधियों में लाइव होस्टिंग के साथ ऑनलाइन गेमिंग भी शामिल थी। एसटीएफ को संदेह है कि इस माध्यम का इस्तेमाल पेड वीडियोकॉल, अश्लील सामाग्री दिखाने समेत अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था।

    हैकर से मिलकर बनाया प्लान
    पूछताछ में आरोपी प्रवीण कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात एक हैकर से हुई थी। हैकर ने उसे चैमेट वीडियो कॉलिंग ऐप के बारे में बताया और समझाया कि इस पर किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी पहचान से खाता बनाया जा सकता है। खाते को यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रिचार्ज किया जाता है। आरोपी के मुताबिक 300 रुपये में करीब 10 हजार कॉइन मिलते हैं। ऐप पर लड़कियां लाइव होस्टिंग करती हैं और उपयोगकर्ता उन्हें कॉइन के रूप में उपहार भेजते हैं। उपहार में मिले कॉइन का 50 प्रतिशत होस्ट को और बाकी 50 प्रतिशत कंपनी को मिलता है।

    वीडियो कॉलिंग से होने वाली कमाई में 60 प्रतिशत होस्ट और 40 प्रतिशत कंपनी का हिस्सा होता है। कॉइन जमा होने पर वे डॉलर के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें अरी पे या ई-पे ऐप के जरिए बैंक खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है। ऐप पर रंग का अनुमान लगाने, कार रेसिंग और लकीबॉल जैसे ऑनलाइन खेल भी उपलब्ध थे।

    होटल में काम करने वाली लड़कियों को रखा
    प्रवीण ने बताया कि ऐप की कार्यप्रणाली समझने के बाद उसने अपने होटल में काम करने वाली एक युवती के साथ मिलकर होस्टिंग के लिए लड़कियों की तलाश शुरू की। वह लड़कियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन देता था और उनके नाम से चैमेट पर फर्जी खाते बनाता था, जिन पर होस्ट अपनी असली पहचान छिपाकर काम करती थीं। कमाई प्राप्त करने के लिए उसने अपने, विपिन और सोनिया के बैंक खाते ऐप से जोड़ रखे थे।

    इन खातों में कमीशन की रकम ‘फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड’ के नाम से आती थी। पूछताछ में बताया गया कि चैमेट ऐप का नाम बदलकर अब चिलचैट हो गया है और यह प्ले स्टोर पर इसी नाम से पंजीकृत है। प्रवीण ने इस ऐप के माध्यम से अपने और गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए।

    कई गिरोह ने अपनाया यही रास्ता
    पूछताछ में अर्जुन दिवाकर ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में यूट्यूब पर चैमेट ऐप के बारे में जानकारी देखी थी। इसके बाद उसने मथुरा के मोतीकुंज में एक ऑफिस किराये पर लिया, लड़कियों को काम पर रखा और ऐप पर होस्टिंग का काम शुरू कराया। वह फर्जी तस्वीरों और गलत नामों से खाते बनाता था, जिन पर उसके ऑफिस की होस्ट काम करती थीं। अर्जुन के अनुसार, ऐप का नाम बदलकर चिलचैट होने के बाद भी वे इस पर काम कर रहे हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि उनके अलावा देश और प्रदेश में अन्य गिरोह भी नियमों के विरुद्ध ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से धन अर्जित कर रहे हैं।

    तीनों आरोपियों के खिलाफ मथुरा के थाना हाईवे में मुकदमा संख्या 990/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और ऑनलाइन गेमिंग के नियमन से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।

  • पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    गोरखपुर
     शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन (प्रतिपदा), रविवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की समृद्ध परंपरा के अनुसार हुआ। रविवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगत जननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ।

    कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में देवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

  • योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर) को गोरखपुर की धरा से प्रदेश के किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित प्रदेश भर के 9 लाख से अधिक कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 493 करोड़ रुपए की कृषि निवेश अनुदान राशि का अंतरण करेंगे। यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होगा। इसके बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी सहायता राशि
    हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों के नुकसान की भरपाई करने और उनके खेतों-खलिहानों में खुशहाली लौटाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खुद डीबीटी प्रणाली के जरिए एक क्लिक से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेंगे।

    कई जनप्रतिनिधि रहेंगे उपस्थित
    इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशासक जिला पंचायत साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, सी.पी. चन्द, देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, बिपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, इंजीनियर सरवन कुमार निषाद आदि उपस्थित रहेंगे।

    शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) में सीएम होंगे शामिल
    गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे, यहां सीएम योगी शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) को संबोधित करेंगे। शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में यह आयोजन रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होगा।

  • यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा
    इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है।

    कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा।

    क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा
    प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है।

    महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा।

    लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर
    प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

    आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप
    महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की।

     

  • ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

    ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है. बलरामपुर की सभा में उन्होंने अखिलेश को भी अयोध्या से नामांकन करने को कहा और माफिया, राम मंदिर और विपक्ष की भाषा पर भी बोले. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश पर सवाल उठाए। 

    अखिलेश दो दिन के दौरे पर अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने भागवत कथा में हिस्सा लिया, संतों से आशीर्वाद लिया और जनसभा में बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि राज्य न्याय और मानवता से चलता है और अयोध्या की जनता चुनाव में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। 

    इसी पर योगी ने बलरामपुर में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अखिलेश, अयोध्या हमारी पावन धाम है. हम सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए अयोध्या जाते हैं.” आगे बोले, “आइए, आपको ऑफर देता हूं. आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी. चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं.” योगी ने अयोध्या को अपनी आस्था की स्थली बताया। 

    योगी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उनका आरोप था कि पहले माफिया जिस जमीन पर पैर रखता था, उस पर कब्जा कर लेता था. सपा के गुंडे व्यापारियों को फोन कर धमकाते और संपत्ति हड़प लेते थे. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं. अब वोट तस्करी और बदमाशों की अराजकता की जगह विकास और बदलाव का आधार बन रहा है और इलाके को आकांक्षात्मक जिले से संभावनाओं वाला जिला बनाने पर काम हो रहा है। 

    योगी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र कर कहा कि इनके निर्माण में रुकावट बनने वाले आज प्रधानमंत्री मोदी का विरोध कर रहे हैं, पर विरोध की भी एक सीमा होती है. कांग्रेस और सहयोगी दलों पर उन्होंने शिष्टाचार भूलने और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक ऐसे प्रयास देश को गुमराह करने और अराजकता की ओर ले जाने वाले हैं। 

    इससे पहले मौर्य ने कहा था कि अखिलेश भागवत कथा में गए, पर राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए. उनके मुताबिक रामलला के दर्शन न करने वालों की रामभक्ति पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि देश और दुनिया से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। 

    अखिलेश ने अयोध्या में वादा किया था कि सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये मिलेंगे. उन्होंने भेदभाव न होने, दुकान और मकान न उजाड़े जाने और अयोध्या की पहचान मजबूत करने के लिए विकास कार्यों में तेजी का भरोसा भी दिया था। 

  • यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    योगी सरकार ने बाढ़ से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को मिली राहत
     
    बाढ़ सुरक्षा के अब तक 1549 प्रोजेक्ट पूरे होने से 2.21 करोड़ की आबादी को मिला लाभ

    यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण

    सभी 75 जनपदों में नहरों, जलाशयों और नलकूपों का नेटवर्क भी किया गया मजबूत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को गति दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक लगभग 1,549 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन कार्यों के माध्यम से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बचाने के साथ 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभान्वित किया गया है। बाढ़ सुरक्षा के इन इंतजामों से किसानों की जमीन, ग्रामीण आबादी और खेती-किसानी से जुड़ी आजीविका को सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिली है।

    25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सुरक्षा
    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में बाढ़ से बचाव के लिए पूरी की गई परियोजनाओं का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और आबादी व कृषि भूमि को सुरक्षित रखना है। 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि का संरक्षण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल, उपजाऊ जमीन और कृषि गतिविधियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में बाढ़ सुरक्षा के कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की सुरक्षा को मजबूती मिली है।

    2.21 करोड़ आबादी को मिला लाभ
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिहाज से भी इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभ मिलने से बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के प्रयासों को बल मिला। बाढ़ से घरों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

    सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को भी राहत
    प्रदेश में जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 1,300 सिंचाई परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं। इनके माध्यम से 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के इस विस्तार से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने और किसानों को कृषि कार्यों में सहायता देने की दिशा में काम किया गया। वहीं इसके अतिरिक्त प्रदेश के 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर नहरों की लंबाई, 71 जलाशयों और 36,342 नलकूपों के जरिए सिंचाई व्यवस्था के व्यापक नेटवर्क को मजबूत किया गया है।

  • योगी सरकार का मंडियों की स्वच्छता पर फोकस, 15 दिवसीय अभियान में सफाई और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त

    योगी सरकार का मंडियों की स्वच्छता पर फोकस, 15 दिवसीय अभियान में सफाई और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त

    प्रदेश की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान, साफ-सफाई से बदलेगी तस्वीर

    किसानों की सुविधा और स्वच्छता पर योगी सरकार का फोकस, मंडियों में सफाई से लेकर जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम

    ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से चमकेंगी यूपी की मंडियां, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर

    लखनऊ, 
     योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर, 2026 में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    सभी मंडियों में युद्धस्तर पर होगी साफ-सफाई
    इस अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मियों को लगाकर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी।

        धान की आवक को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
     अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक आवक तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। 

    नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों पर ज्यादा ध्यान
    इस अभियान के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थित नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाने तथा चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर नमी रहती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा। 

    शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में सुविधाओं पर रहेगा ध्यान
    मंडी परिसरों में बने शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की विशेष सफाई कर वहां नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडी परिसरों में जहां नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्य के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी अभियान के दौरान हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।