Category: पंजाब

  • नशे के खिलाफ अनोखी मुहिम: मुफ्त में इलाज, पूरी तरह ठीक होने पर 1100 रुपए का इनाम

    नशे के खिलाफ अनोखी मुहिम: मुफ्त में इलाज, पूरी तरह ठीक होने पर 1100 रुपए का इनाम

    मोगा.

    जिले के गांव तोता सिंह वाला की ग्राम पंचायत और गांववासियों ने चिट्टा पीने और बेचने वाले लोगों के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। पंचायत ने कहा कि नशे के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसे रोकना जरूरी है।

    पंचायत और ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में चोरों ने कई बार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पंचायत की ओर से गांव में एंटी-ड्रग कमेटी का भी गठन किया गया है, ताकि गांव का माहौल सुरक्षित बना रहे और सरकारी संस्थानों की संपत्ति की रक्षा की जा सके। मोगा जिले का ही रन सिंह कला गांव पूरी तरह से नशामुक्त हो गया है।

    इस गांव में ग्राम पंचायत ने ही पहल करके लोगों को नशे से दूर किया। नशा करने वाले युवाओं को निश्शुल्क इलाज उपलब्ध करवाया और पूर्ण स्वस्थ होने तक 1,100 रुपये की राशि उन्हें पोषित भोजन करने के लिए दी जाती है।

  • अकाली दल संग गठबंधन क्यों नहीं? पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी बीजेपी

    अकाली दल संग गठबंधन क्यों नहीं? पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी बीजेपी

    पटियाला
     शिरोमणि अकाली दल (शिअद) से भाजपा के गठबंधन की अटकलों को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने सिरे से नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब में सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

     पटियाला में विभिन्न जिलों से आए पार्टी नेताओं के साथ बैठक करते उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब में भाजपा को खड़ा करने वाले नेताओं को कभी नजरंदाज नहीं किया जा सकता।

    उन्होंने पार्टी नेताओं को वरिष्ठ पार्टी नेताओं का सम्मान और दूसरी पार्टी में जो लोग जुड़ रहे हैं, उनका स्वागत करने की सलाह दी।उल्लेखनीय है कि इसी महीने पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता नाराज हैं, उनका कहना है कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को नजरंदाज कर दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

    दौरे के पहले दिन काम में जुटे बीएल संतोष
    इसी नाराजगी के चलते तीक्ष्ण सूद सहित कुछ नेताओं ने तो पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा तक दे दिया था। यह मामला तब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तक भी पहुंचा था। पंजाब में सत्ता में आने की योजना बना रही भाजपा ने प्रदेश नेताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए ही बीएल संतोष को पंजाब भेजा है। संतोष भी अपने दौरे के पहले दिन ही इस काम में जुट गए हैं।

    बैठक में पटियाला के साथ-साथ मोहाली, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब जिलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों, संगठन महामंत्री श्रीनिवासुलु, पंजाब के सह प्रभारी नरेंद्र सिंह रैना, पूर्व सांसद परनीत कौर और पंजाब भाजपा महासचिव अनिल सरीन भी मौजूद रहे।

    भाजपा को खड़ा करने वालों को नजरअंदाज नहीं कर सकतेमाइक्रो मैनेजमेंट में माहिर माने जाने वाले बीएल संतोष ने कहा कि पंजाब में भाजपा को खड़ा करने वालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    अकाली दल संग क्यों बिगड़ी बात?

    भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष के पंजाब प्रवास के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी अब पुराने सहयोगी के साथ बैसाखियों के सहारे आगे नहीं बढ़ेगी। 
    1. सीट शेयरिंग और बड़े भाई की भूमिका: माना जा रहा है कि सालों पुराने फॉर्मूले के तहत भाजपा पंजाब में महज 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी और अकाली दल 94 सीटों पर दावेदारी पेश करता था. पिछले लोकसभा चुनाव में अकेले उतरकर भाजपा ने करीब 18.5% वोट शेयर हासिल किया और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी बढ़त दर्ज की. इसके बाद भाजपा अब ‘छोटे भाई’ की भूमिका में रहने को तैयार नहीं थी। 

    2. संगठनात्मक विस्तार और नया जनाधार: कृषि कानूनों के विरोध को लेकर अकाली दल बीजेपी से अलग हो गया था. बीजेपी का मानना है कि इसके बाद उन्‍होंने राज्‍य में जमीनी स्तर पर हर बूथ को मजबूत किया है. पार्टी नेताओं का मानना है कि अब उनका अपना मजबूत कैडर खड़ा हो चुका है। 

    3. स्थानीय नेतृत्व की राय: प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और स्थानीय कैडर की राय यही रही कि राज्य में ‘आप’ और कांग्रेस दोनों से मुकाबला करने के लिए अकेले उतरना ही सबसे कारगर रणनीति होगी। 

    बूथ स्तर पर किलेबंदी और जोनल बैठकों का ब्लूप्रिंट
    बी.एल. संतोष ने पटियाला और बठिंडा में जोनल बैठकों की अध्यक्षता करते हुए नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब अब बदलाव चाहता है और भाजपा ही इसका विकल्प बनेगी. आगामी बैठकों के जरिए लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में संगठन को बूथ स्तर तक धार दी जा रही है। 

    दफ्तर में तय तारीख को मीटिंग अवश्य करें
    पार्टी की नीति जहां पुराने नेताओं का सम्मान करने की है, वहीं नए शामिल होने वालों का स्वागत करने की भी है। इसके लिए उन्होंने सभी मौजूदा जिला प्रधानों को सलाह दी कि वह अपने-अपने जिले के सभी पूर्व मंडल, मोर्चा और जिला प्रधानों से हर माह अपने दफ्तर में तय तारीख को मीटिंग अवश्य करें। ऐसी विनम्रता अपनानी जरूरी है।

    शिअद में सिर्फ बादल ही बादलसंतोष ने कहा कि पार्टी में कोई भी प्रधान स्थायी नहीं रहता जबकि दूसरी पार्टियों में ऐसा नहीं है। शिरोमणि अकाली दल में प्रधान केवल सुखबीर बादल ही होते हैं। इसी तरह आम आदमी पार्टी में केजरीवाल की सर्वोच्च हैं और कांग्रेस में चाहे कोई भी प्रधान हो लेकिन चलती गांधी परिवार की ही है।

  • बठिंडा में NRI मिलनी का आयोजन, 7 जिलों के प्रवासी रखेंगे विवाद; अधिकारी मौके पर निकालेंगे हल

    बठिंडा में NRI मिलनी का आयोजन, 7 जिलों के प्रवासी रखेंगे विवाद; अधिकारी मौके पर निकालेंगे हल

    चंडीगढ़
     पंजाब सरकार की ओर से प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं के समाधान के लिए एनआरआई मिलनियों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में 26 अगस्त को बठिंडा में एनआरआई मिलनी आयोजित की जाएगी। इसमें बठिंडा समेत सात जिलों से संबंधित प्रवासी पंजाबी हिस्सा लेकर अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।

    एनआरआई मामलों के मंत्री डाॅ. रवजोत सिंह ने बताया कि मिलनी बुधवार को सुबह 11 बजे होटल सेपल, जीटी रोड, निकट तिकोनी, बठिंडा में होगी। इसमें बठिंडा, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब और मानसा जिलों से संबंधित प्रवासी भारतीय शामिल होंगे।

    डाॅ. रवजोत सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की मौके पर सुनवाई और संबंधित विभागों के समन्वय से समाधान सुनिश्चित करना है।

    मौके पर होगी शिकायतों की सुनवाई
    मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं की मौके पर सुनवाई करना है। मिलनी के दौरान प्रवासी पंजाबी अपनी संपत्ति, पारिवारिक, प्रशासनिक, कानूनी और अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।

    उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों को सुना जाएगा। इससे मामलों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उन पर आवश्यक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    पहले मोहाली और लुधियाना में हो चुकी हैं मिलनियां
    डा. रवजोत सिंह ने बताया कि इससे पहले मोहाली और लुधियाना में दो एनआरआई मिलनियां आयोजित की जा चुकी हैं। इन दोनों कार्यक्रमों के दौरान कुल आठ जिलों से संबंधित प्रवासी पंजाबियों की शिकायतों और विभिन्न मुद्दों की सुनवाई की गई।

    सरकार का प्रयास है कि विदेशों में रहने वाले पंजाबियों को अपनी संपत्ति, परिवार या अन्य प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से अधिकारियों और प्रवासी पंजाबियों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।

  • ‘पंजाब की सरदारी’ किसके हाथ? स्विंग वोटर्स होंगे गेमचेंजर, AAP के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े

    ‘पंजाब की सरदारी’ किसके हाथ? स्विंग वोटर्स होंगे गेमचेंजर, AAP के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े

    चंडीगढ़ 

    आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब में चुनावी चौसर सजनी शुरू हो गई है। सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। अबकी बार आम आदमी पार्टी के लिए जहां सत्ता वापसी बड़ी चुनौती रहेगी। वहीं, शिअद, कांग्रेस और भाजपा भी सत्ता तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे। इसके लिए सभी दलों के चुनावी रणनीतिकार अपने-अपने कामों में जुट चुके हैं।

     पंजाब में सियासी पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, मुद्दों की जमीन भी तैयार होती जा रही है। दलों ने एक-दूसरे की घेराबंदी शुरू कर दी है, तो वहीं दल-बदल के तहत पार्टियों का काम भी शुरू हो चुका है जो कि चुनाव तक चलने की संभावना है। कई प्रभावशाली नेता इधर से उधर भी हुए हैं। विभिन्न मुद्दों और मसलों पर सियासी दलों द्वारा आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। 

    सियासी समीकरणों और वोटरों को अपने पाले में करने के लिए सभी पार्टियां उन मुद्दों पर होमवर्क कर रही हैं, जिन्हें आगामी चुनाव में जनता के बीच ले जाना है। पंजाब के चुनाव में वोटरों का मिजाज बहुत मायने रखता। साल 1997 से साल 2022 के चुनावी पैटर्न को देखें तो यहां स्विंग वोटर्स काफी असरदार रहे हैं। वे मुद्दों को तरजीह देते हैं मगर नया विकल्प मिलने पर राजनीतिक बदलाव के लिए भी वोट करते हैं।

    पंथक सियासत का गहरा प्रभाव
    सूबे में पंथक सियासत का प्रभाव दशकों से गहरा रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में इसमें बदलाव देखे गए हैं। यह सियासत मुख्य रूप से सिख पहचान, बंदी सिखों की रिहाई, बेअदबी मामलों और एसजीपीसी के नियंत्रण जैसे धार्मिक व राजनीतिक मुद्दों के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। पारंपरिक रूप से पंथक वोटों पर शिरोमणि अकाली दल का दबदबा रहा है मगर हालिया चुनावों में इस वोट बैंक में बिखराव आया है। अब राज्य का वोटर केवल पंथक मुद्दों के बजाय विकास, रोजगार और बदलाव जैसे मुद्दों को भी तरजीह दे रहा है। 

     सत्ता बदल देते हैं स्विंग वोटर्स
    साल 1997 में भाजपा-अकाली गठबंधन को 40.7 प्रतिशत स्विंग वोटर्स का सहारा मिला और इस गठबंधन ने सरकार बनाई। स्विंग वोटर्स वे मतदाता होते हैं जो किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा के प्रति स्थायी रूप से वफादार नहीं होते। चुनाव के समय इनका वोट किस तरफ जाएगा, यह पहले से तय नहीं होता। ये मतदाता उम्मीदवारों की नीतियों, स्थानीय मुद्दों, काम के प्रदर्शन और तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर अपना निर्णय बदलते रहते हैं।

     साल 2002 में 13.8 प्रतिशत स्विंग वोटर्स के बूते कांग्रेस-सीपीआई गठबंधन ने सरकार बनाई। ये वोटर्स भाजपा-अकाली गठबंधन से छिटक गए। साल 2017 में 23.70 प्रतिशत स्विंग वोटर्स पंजाब की सत्ता में नई पारी खेलने वाले दल आम आदमी पार्टी की ओर शिफ्ट हुए। इससे समीकरण बिगड़े मगर फायदा कांग्रेस को मिला। 

    साल 2022 में आप को 18.29 प्रतिशत स्विंग वोटर्स की बढ़त मिली और पार्टी सत्ता में आई। इसका असर इतना ज्यादा था कि शिअद अध्यक्ष व डिप्टी सीएम रहे सुखबीर बादल जलालबाद और कांग्रेस के तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब और भदौड़ दोनों सीटों से हार गए।

    एक नजर में चुनावी ट्रेंड
        साल 1997 :
    शिअद को 75, भाजपा को 18 व कांग्रेस को 14 सीट। कांग्रेस के खिलाफ भारी जनादेश; अकाली-भाजपा गठबंधन का उभार।

        साल 2002 : कांग्रेस को 62, शिअद को 41, भाजपा को 3 सीट। पांच साल की सत्ता के बाद अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ बदलाव।

        साल 2007 : शिअद को 48, भाजपा को 19 व कांग्रेस को 44 सीट। कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर शिअद-भाजपा गठबंधन की वापसी

        साल 2012 : शिअद को 56, भाजपा को 12 व कांग्रेस को 46 सीट। पहली बार लगातार। शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार फिर सत्ता पर काबिज।

        साल 2017 : कांग्रेस को 77, आप को 20, शिअद को 15 व भाजपा को 3 सीट। 10 साल की शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी फेक्टर।

        साल 2022 : आप को 92, कांग्रेस 18, शिअद को 3 व भाजपा को 2 सीट। परंपरागत दलों को दरकिनार कर तीसरे विकल्प आप को प्रचंड बहुमत।

     

  • देवेंद्र नाथ महतो की यात्रा के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, हरवे-हथियार के साथ जताया विरोध

    देवेंद्र नाथ महतो की यात्रा के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, हरवे-हथियार के साथ जताया विरोध

    रामगढ़.

    जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती सुधार यात्रा को लेकर रामगढ़ के नेमरा में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। देवेंद्र नाथ महतो की प्रस्तावित यात्रा के विरोध में ग्रामीणों का एक समूह मौके पर जुट गया।

    ग्रामीणों की ओर से यात्रा का विरोध किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, नेमरा में मांझी हड़ाम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती सुधार यात्रा का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो और उनके समर्थकों को नेमरा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। मौके पर ग्रामीणों के हाथों में पारंपरिक हथियार भी देखे गए हैं।

    सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात
    विरोध की सूचना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है और स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है

    दोपहर तक नहीं पहुंचे देवेंद्र
    बताया गया कि भर्ती सुधार यात्रा के तहत देवेंद्र नाथ महतो को नेमरा पहुंचना था, लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे तक वह मौके पर नहीं पहुंचे थे। उनके पहुंचने को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल नेमरा में ग्रामीणों के विरोध और पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति पर सभी की नजर है। प्रशासन की ओर से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • स्वाइन फ्लू के 4 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पंजाब में बढ़ी सतर्कता

    स्वाइन फ्लू के 4 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पंजाब में बढ़ी सतर्कता

    चंडीगढ़.

    देश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। शहर में अब तक 4 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इनमें से किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।

    जी.एम.सी.एच.-32 के एम.एस. डॉ. विशाल गगलानी ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू से प्रभावित कुल चार मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं। एक महिला मरीज को 18 अगस्त को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद एक पुरुष मरीज की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। दो दिन पहले बहलाणा से एक बच्चे और पंजाब से एक अन्य मरीज को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इन चार मरीजों में से एक को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी मरीजों का इलाज जारी है। जी.एम.सी.एच.-32 में स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीजों के लिए पहले ही 16 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मरीजों को अलग-अलग कमरों में आइसोलेट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल में बेड की संख्या 16 से बढ़ाकर 20 की जा सकती है।

    स्वास्थ्य विभाग ने कहा- फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं
    स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि सीजनल फ्लू के एक-दो मामले सामने आना सामान्य बात है। डॉक्टर मरीजों के सबसे पहले संपर्क में आते हैं, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा आम लोगों की तुलना में अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामलों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षणों से राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच करवाई जा सकती है। 

  • लुधियाना के युवक ने पिकलबॉल में बढ़ाया मान, पंजाब स्टेट चैंपियनशिप में जीते चार पदक

    लुधियाना के युवक ने पिकलबॉल में बढ़ाया मान, पंजाब स्टेट चैंपियनशिप में जीते चार पदक

    लुधियाना.

    लुधियाना के खिलाड़ी अमित सक्सेना ने तीसरी पंजाब स्टेट पिकलबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार कैटेगरी में 4 मेडल जीते। यह चैंपियनशिप 21 से 23 अगस्त तक पखोवाल रोड स्थित ग्लैम्पटन स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित की गई थी।

    पंजाब पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित और ChkoKko द्वारा प्रायोजित इस इवेंट में राज्य भर के बेहतरीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सक्सेना ने 40+ पुरुष सिंगल्स में गोल्ड, 35+ पुरुष सिंगल्स में सिल्वर, 35+ पुरुष डबल्स में सिल्वर और 45+ पुरुष डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। पंजाब पिकलबॉल एसोसिएशन ने अमित सक्सेना को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।

    आयोजकों की तारीफ करते हुए सक्सेना ने कहा, "शानदार चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए पंजाब पिकलबॉल एसोसिएशन और सेक्रेटरी श्री विक्रमजीत सिंह को बधाई।" उनकी यह उपलब्धि राज्य में पिकलबॉल में लुधियाना के बढ़ते दबदबे को दिखाती है।

  • रक्षाबंधन ऑफर के नाम पर सावधान! भारी डिस्काउंट के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता

    रक्षाबंधन ऑफर के नाम पर सावधान! भारी डिस्काउंट के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता

    बरनाला.

    रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही ऑनलाइन खरीदारी का क्रेज तेजी से बढ़ गया है। लोग राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट समेत अन्य सामान घर बैठे ऑनलाइन मंगवा रहे हैं। त्योहारों के इस सीजन में साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं और फर्जी शॉपिंग वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और भारी डिस्काउंट का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं।

    पुलिस अधीक्षक संजीव गोयल ने जिलावासियों को साइबर ठगों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऑनलाइन खरीदारी हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही करें।

    कहा- भरोसेमंद ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही करें खरीदारी
    एस.पी. संजीव गोयल ने कहा कि किसी वेबसाइट से सामान खरीदने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें। केवल भारी छूट, आकर्षक ऑफर या एक्सप्रेस डिलीवरी देखकर किसी अनजान वेबसाइट पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है, लेकिन साइबर अपराधी इसी सुविधा का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट और लिंक तैयार करते हैं। कई बार भुगतान लेने के बाद सामान नहीं भेजा जाता तो कहीं नकली या घटिया सामान भेजकर लोगों को चूना लगाया जाता है।

    बैंकिंग जानकारी किसी से सांझा न करें
    एस.पी. ने कहा कि व्हाट्सएप या ई-मेल से आए संदिग्ध लिंक खोलने से बचें। बैंक खाता बंद होने, केवाईसी अपडेट कराने या इनाम का झांसा देकर फोन करने वाले व्यक्ति को बैंक डिटेल, पासवर्ड, कार्ड की जानकारी या ओटीपी कतई न दें। बैंक संबंधी परेशानी होने पर केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक कस्टमर केयर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि लॉटरी, रिचार्ज कूपन, डिस्काउंट व अन्य लालच में आकर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

    सोशल मीडिया विज्ञापनों से रहें सावधान
    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखने वाले हर शॉपिंग विज्ञापन को सही न मानें। ठग भारी डिस्काउंट, सीमित समय की सेल, मुफ्त गिफ्ट व एक्सप्रेस डिलीवरी जैसे ऑफर दिखाकर फर्जी वेबसाइट पर ले जा सकते हैं। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन राखी या गिफ्ट भेजते समय भरोसेमंद वेबसाइट अथवा कोरियर सेवा का ही इस्तेमाल करें। विदेश में गिफ्ट भेजने पर कस्टम नियमों की जानकारी पहले लें। रिसीवर का नाम, पता, पिनकोड व मोबाइल नंबर सही भरें। डिलीवरी समय व शिपिंग चार्ज की जानकारी लेने के साथ ऑर्डर आईडी व रसीद भी सुरक्षित रखें।

    धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें शिकायत
    एस.पी. संजीव गोयल ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा साइबर क्राइम थाना अथवा संबंधित थाने की साइबर हैल्प डैस्क पर भी शिकायत दी जा सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि खुद जागरूक रहने के साथ परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी में जल्दबाजी न करें और किसी भी ऑफर के लालच में अपनी मेहनत की कमाई व निजी जानकारी जोखिम में न डालें।

    उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फेर सकती है। एस.पी. ने बरनाला जिलावासियों से अपील की कि त्योहारी सीजन में खरीदारी का आनंद लें, लेकिन सतर्कता बरतना न भूलें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन साइबर अपराधों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और जागरूकता ही इस प्रकार की ठगी से बचने का सबसे कारगर तरीका है।

  • PU में फीस वृद्धि को लेकर हंगामा, छात्रों ने गेट बंद कर VC ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन

    PU में फीस वृद्धि को लेकर हंगामा, छात्रों ने गेट बंद कर VC ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन

    पटियाला.

    पटियाला में पंजाबी यूनिवर्सिटी (PU) में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को और तेज हो गया। स्टूडेंट्स जत्थेबंदी यूनाइटेड सिख स्टूडेंट फेडरेशन से जुड़े विद्यार्थियों ने सुबह विश्वविद्यालय के सभी मुख्य गेट बंद कर दिए।

    इस दौरान किसी कर्मचारी या विद्यार्थी को परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। गेट बंद होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी विश्वविद्यालय के बाहर से ही वापस लौट गए। विद्यार्थी संगठनों के नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना है कि पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर विद्यार्थी लंबे समय से प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

    वीसी कार्यालय के बाहर पक्का मोर्चा
    विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के सामने पक्का मोर्चा लगाया हुआ है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक फीस बढ़ोतरी वापस लेने समेत उनकी अन्य मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के सामने धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि फीस में बढ़ोतरी का सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।

    कामकाज हुआ प्रभावित
    सोमवार को सभी मुख्य गेट बंद किए जाने से विश्वविद्यालय का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ। कर्मचारियों और विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलने से कई गतिविधियां प्रभावित रहीं। हालांकि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। विद्यार्थी संगठनों ने प्रशासन से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है। वहीं, आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

  • पूर्व CM चन्नी की परीक्षा फोटो को लेकर सियासत तेज, NSUI बोली- युवाओं के लिए प्रेरणा

    पूर्व CM चन्नी की परीक्षा फोटो को लेकर सियासत तेज, NSUI बोली- युवाओं के लिए प्रेरणा

    चंडीगढ़.

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा देने का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। 20 अगस्त को परीक्षा देने के बाद सामने आई परीक्षा हॉल की तस्वीर को लेकर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पीयू सीनेटर देवेश मोदगिल ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

    मोदगिल ने पीयू चांसलर और कुलपति समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर पूछा है कि परीक्षा केंद्र के अंदर तस्वीर कैसे खींची गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वहां तक कैसे पहुंचा। उन्होंने 20 अगस्त की परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि चन्नी को परीक्षा में बैठने के लिए कोई विशेष अनुमति दी गई थी या नहीं। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। विश्वविद्यालय की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

    बचाव में उतरी NSUI
    उधर, पंजाब एनएसयूआई अध्यक्ष ईशरप्रीत सिंह ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने परीक्षा देकर कोई गलत काम नहीं किया। उनके मुताबिक, चन्नी का परीक्षा देना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को गोल्डन चांस और री-अपीयर जैसी सुविधाएं मिलती रही हैं।

    परीक्षा के कारण दिल्ली में बैठक से रहे थे दूर
    चन्नी ने 20 अगस्त को परीक्षा देने के कारण दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने कहा था कि परीक्षा छूटने पर उनकी एमए की डिग्री एक साल और लंबित हो जाती। चन्नी के मुताबिक, उन्होंने पार्टी हाईकमान से पहले ही बैठक में अनुपस्थित रहने की अनुमति ले ली थी। चन्नी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और पहले पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं। परीक्षा विवाद के बीच अब सबसे बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र में तस्वीर बनने और परीक्षा नियमों के समान रूप से पालन का है। इस मामले में पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति की ओर से पूरे मामले में जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।