Category: पंजाब

  • पंजाब में नौकरियों की बहार! मान सरकार ने 70 हजार+ युवाओं को दिया पक्का रोजगार

    पंजाब में नौकरियों की बहार! मान सरकार ने 70 हजार+ युवाओं को दिया पक्का रोजगार

    चंडीगढ़
     पंजाब में रोजगार को लेकर सियासत की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार युवाओं को बड़े मौके दे रही है. 27 अगस्त 2026 का दिन पंजाब के 1746 परिवारों के लिए नई खुशियां लेकर आया. चंडीगढ़ में एक शानदार कार्यक्रम के दौरान 1746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. यह आंकड़ा सिर्फ एक शुरुआत भर है. मान सरकार ने अप्रैल 2022 से अगस्त 2026 तक 70840 से ज्यादा सरकारी नौकरियां देकर नया रिकॉर्ड कायम किया है. खास बात यह है कि यह नौकरियां बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के दी जा रही हैं. युवाओं को सिर्फ उनकी योग्यता और मेहनत के दम पर रोजगार मिल रहा है. सरकार की इस पारदर्शी नीति से पंजाब के युवाओं में एक नया विश्वास जागा है और पलायन रुकने की उम्मीद जगी है। 

    पंजाब में रोजगार की कहानी सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है. भगवंत मान सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में भी जॉब्स के नए रास्ते खोले हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 6.36 लाख से अधिक प्राइवेट नौकरियां क्रिएट की गई हैं. इसके साथ ही करीब 23 लाख युवाओं को रोजगार मेलो और प्लेसमेंट कैंपों से जोड़ा गया है. जुलाई 2026 में सुनाम में लगा मेगा जॉब फेयर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. इस फेयर में 562 युवाओं को मौके पर ही सेलेक्ट कर लिया गया. वहीं 618 युवाओं को शॉर्टलिस्ट भी किया गया. यह पहल दिखाती है कि अब युवाओं को नौकरियों के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ता. सरकार खुद कंपनियों को युवाओं के दरवाजे तक ला रही है. इससे जिस युवा को जॉब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, उसे एक ही जगह पर अवसर मिल रहे हैं। 

    पंजाब में लगातार बढ़ता इन्वेस्टमेंट रोजगार के इस नए मॉडल की रीढ़ बन चुका है. सरकार ने राज्य में करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट का दावा किया है. नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी और बेहतर माहौल के कारण बड़ी कंपनियां पंजाब का रुख कर रही हैं. जब राज्य में इन्वेस्टमेंट आता है तो सिर्फ फैक्ट्रियों में ही जॉब्स नहीं मिलतीं. इसके साथ ट्रांसपोर्ट, सर्विस सेक्टर, सप्लाई चेन और लोकल मार्केट में भी कमाई के नए मौके बनते हैं. भगवंत मान सरकार रोजगार को सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं मानती. यह अब आम आदमी पार्टी की राजनीतिक पहचान का एक बड़ा हिस्सा बन गया है. पार्टी लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि युवाओं को अब किसी नेता के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. उनका फोकस सिर्फ अपनी पढ़ाई और अपनी मेहनत पर होना चाहिए। 

    पंजाब के लिए बेरोजगारी सिर्फ एक आर्थिक मसला नहीं बल्कि बड़ा इमोशनल मुद्दा भी है. पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं का विदेश जाना परिवारों के लिए हमेशा से गहरी चिंता का विषय रहा है. लेकिन अब धीरे-धीरे हालात और तस्वीर बदल रहे हैं. अगर पंजाब में ही शानदार जॉब्स मिलेंगी तो कोई भी युवा अपना घर छोड़कर नहीं जाएगा. सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का सिस्टम में भरोसा लौट रहा है. आज के जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा युवा सिर्फ कोरे भाषणों पर यकीन नहीं करते. वे सोशल मीडिया पर देखते हैं कि सरकार ग्राउंड पर क्या काम कर रही है. उनके लिए भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शिता बहुत बड़े मुद्दे हैं. ऐसे में 70840 से ज्यादा सरकारी नौकरियां और 23 लाख युवाओं का प्लेसमेंट नेटवर्क सरकार की बड़ी उपलब्धि है। 

    यह सच है कि बेरोजगारी की चुनौती अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है. युवाओं के लिए पर्याप्त मौके पैदा करना अभी भी सरकार के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है. लेकिन मान सरकार की नीतियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं. बिना रिश्वत और बिना सिफारिश का यह मॉडल पंजाब को एक नई पहचान दे रहा है. 27 अगस्त का दिन पंजाब के इतिहास में एक नए और शानदार अध्याय की तरह दर्ज हो गया है. एक युवा के हाथ में आया नियुक्ति पत्र उसके परिवार के लिए सिर्फ कागज नहीं होता. यह वर्षों की तपस्या का फल, माता-पिता की उम्मीद और एक सुनहरे भविष्य का भरोसा होता है. आम आदमी पार्टी इसी भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना रही है. अगर रोजगार और इन्वेस्टमेंट ऐसे ही बढ़ता रहा, तो पंजाब के युवाओं को अपने घर से दूर जाने की मजबूरी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. पंजाब में रोजगार अब सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि प्रदर्शन की सबसे बड़ी कसौटी है। 

  • चुनाव से पहले ही पंजाब कांग्रेस संकट में, गुटबाजी और ‘श्रद्धांजलि विवाद’ ने बढ़ाई राहुल गांधी की मुश्किलें

    चुनाव से पहले ही पंजाब कांग्रेस संकट में, गुटबाजी और ‘श्रद्धांजलि विवाद’ ने बढ़ाई राहुल गांधी की मुश्किलें

    चंडीगढ़
     क्या सज्जन कुमार के “श्रद्धांजलि विवाद” ने पंजाब में राहुल गांधी की बस यात्रा पर ब्रेक लगा दिया है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सितंबर के पहले हफ्ते में प्रस्तावित राहुल गांधी की यात्रा दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद शुरू होने वाली थी. कांग्रेस इसे पंजाब विधानसभा चुनाव के कैंपेन की शुरुआत के तौर पर देख रही थी. लेकिन सज्जन कुमार विवाद के बाद अब इस यात्रा में देरी हो रही है. यानी कांग्रेस का कैंपेन शुरू होने से पहले ही पटरी से उतरता नजर आ रहा है। 

    सितंबर के पहले हफ्ते से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पंजाब की सड़कों पर उतरने वाले थे. लेकिन सज्जन कुमार की मौत पर हरियाणा के नेताओं की श्रद्धांजलि और चन्नी के पलटवार वाले बयान ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दीं। 

    सज्जन कुमार को कथित रूप से रोल मॉडल बताने वाले दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. इसके बाद उन्हें अपने बयान पर खेद जताना पड़ा. उन्होंने कई बार सफाई भी दी.

    पंजाब चुनाव से ठीक पहले इस विवाद ने कांग्रेस को अंदर और बाहर दोनों तरफ से घेर लिया है. इसका असर राहुल गांधी की प्रस्तावित बस यात्रा पर भी पड़ा है. सितंबर के पहले हफ्ते से शुरू होने वाली ये यात्रा अब लेट हो गई है। 

    पंजाब में राहुल गांधी की बस यात्रा का शेड्यूल क्या था?

        राहुल गांधी अमृतसर से पंजाब का चुनावी दौरा शुरू करने वाले थे. अमृतसर में दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के सभी नेताओं के साथ बस यात्रा का कार्यक्रम बनाया गया था। 
        राहुल गांधी की ये बस यात्रा अमृतसर से शुरू होकर हुसैनीवाला तक करीब 135 किलोमीटर की होने वाली है. यात्रा के पहले चरण में करीब 25 से 30 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने की योजना थी। 
        पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने कहा कि यात्रा जल्द शुरू होगी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पंजाब में दो दिन से लेकर 15 दिन तक रह सकते हैं। 

    पंजाब में गुटबाजी का शिकार है कांग्रेस

        पंजाब कांग्रेस पहले से ही गुटबाजी में फंसी हुई है. चन्नी और रंधावा गुट किसी भी कीमत पर प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग को हटाने पर तुला हुआ है. हालांकि आलाकमान ने फिलहाल किसी बड़े बदलाव से इनकार कर दिया है। 

        इस अनसुलझे झगड़े के बीच राहुल गांधी की बस यात्रा के जरिए पार्टी सभी गुटों के नेताओं को एकजुट कर एक बस में बैठाने की रणनीति बना रही थी. इसका मकसद पार्टी में एकजुटता का संदेश देना था. लेकिन राहुल गांधी का ये एकजुटता वाला इवेंट भी फिलहाल नहीं हो सका। 

        कांग्रेस का दावा है कि जल्द ही ये यात्रा शुरू होगी. पार्टी के मुताबिक राहुल गांधी पंजाब में जमकर प्रचार करेंगे. वहीं विपक्षी दल राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठा रहे हैं. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई ने राहुल गांधी के रथ को रोक रखा है। 
        कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार सुनील कोनुगोलू की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ जीत की प्रबल संभावना थी. लेकिन सीएम फेस बनने की दौड़ को लेकर शुरू हुए विवाद ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 

        कांग्रेस में करीब पांच बड़े नेता खुद को सीएम पद की दौड़ में देखते हैं. ऐसे में नेता लगातार एक-दूसरे पर बयानबाजी कर अपनी संभावनाएं मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पार्टी की चुनावी संभावनाएं दिनों दिन कमजोर होती जा रही हैं। 

    हालांकि कांग्रेस को अभी भी राहुल गांधी से चमत्कार की उम्मीद है. पार्टी को उम्मीद है कि राहुल गांधी की पंजाब यात्रा से गुटबाजी के बीच कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट किया जा सकेगा। 

  • सुखबीर बादल की BJP चुनाव प्रभारी से मुलाकात, गठबंधन पर बनी सहमति का दावा; नितिन नवीन ने लिया फीडबैक

    सुखबीर बादल की BJP चुनाव प्रभारी से मुलाकात, गठबंधन पर बनी सहमति का दावा; नितिन नवीन ने लिया फीडबैक

     चंडीगढ़
     पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठजोड़ को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच दिल्ली में घटनाक्रम तेजी से बदला।सूत्रों के अनुसार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और पंजाब के चुनाव प्रभारी बनाए गए सीआर पाटिल से अहम मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक काफी लंबी चली। हालांकि, बैठक में हुई चर्चा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    सीटों के बंटवारा सबसे बड़ा मुद्दा
    इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शिअद और भाजपा के बीच संभावित गठजोड़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच गठजोड़ को लेकर बातचीत चल रही है और अब सबसे बड़ा मुद्दा सीटों के बंटवारे का बताया जा रहा है।

    दरअसल, किसान आंदोलन के दौरान शिअद ने भाजपा से करीब ढाई दशक पुराना गठबंधन तोड़ लिया था। इसके बाद दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे। अब पंजाब के बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों दलों के दोबारा साथ आने की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।

    बीजेपी ने सीआर पाटिल को चुना प्रभारी
    सीआर पाटिल को हाल ही में पंजाब का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके बाद गठजोड़ को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हुई हैं। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सीआर पाटिल और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ दिल्ली में लंबी बैठक की थी। इसके बाद से ही पंजाब में भाजपा और शिअद के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

    सुखबीर बादल की सीआर पाटिल से ताजा मुलाकात ने इन चर्चाओं को और बल दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों दल सीटों के बंटवारे को लेकर किस फार्मूले पर सहमत होते हैं। हालांकि, गठजोड़ को लेकर अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही सामने आएगा।

  • पंजाब में बिजली संकट की आहट? 4 थर्मल यूनिट बंद, मांग पहुंची 16 हजार मेगावाट के पार

    पंजाब में बिजली संकट की आहट? 4 थर्मल यूनिट बंद, मांग पहुंची 16 हजार मेगावाट के पार

    अमृतसर 

    मानसून कमजोर पड़ने से बढ़ी उमस भरी गर्मी के बीच पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वीरवार को मांग 16,176 मेगावाट पहुंच गई। वहीं लहरा मुहब्बत और रोपड़ थर्मल के चार यूनिट बंद होने से 920 मेगावाट उत्पादन ठप है। चारों यूनिट 10 सितंबर तक चालू होने की उम्मीद है। ऐसे में पावरकाम को उत्तरी ग्रिड से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

    24 अगस्त को बिजली की मांग 16,139 मेगावाट थी जो 25 अगस्त को 16,277 और 26 अगस्त को 16,276 मेगावाट रही। वीरवार को यह 16,176 मेगावाट दर्ज हुई। पिछले वर्ष इसी दिन मांग 8,983 और 2024 में 12,178 मेगावाट थी। पावरकाम के अपने स्रोतों से करीब 4,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 830 मेगावाट निजी थर्मलों से 2,605 और जलविद्युत परियोजनाओं से 560 मेगावाट शामिल है। 

    1800 आउटसोर्स कर्मी हड़ताल पर
    लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर एक तीन और चार तथा रोपड़ के यूनिट नंबर पांच में तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन बंद है। लहरा मुहब्बत में बेल्ट नंबर 29 में आग लगने से केबल और उपकरण क्षतिग्रस्त हुए थे। वहीं करीब 1,800 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एक अधिकारी के अनुसार कर्मचारियों की कमी में संयंत्र चलाना जोखिम भरा था। थर्मलों में कोयले का पर्याप्त भंडार है। लहरा मुहब्बत में 16 रोपड़ में 29 गोइंदवाल में 15 राजपुरा में 11 और तलवंडी साबो में नौ दिन का कोयला उपलब्ध है।

  • आज रखड़ पुन्या पर भाजपा की बड़ी कॉन्फ्रेंस, पंथक संगठनों को साधने की तैयारी

    आज रखड़ पुन्या पर भाजपा की बड़ी कॉन्फ्रेंस, पंथक संगठनों को साधने की तैयारी

    अमृतसर 
    पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बाबा बकाला में आज होने वाले रखड़ पुन्या का राजनीतिक मंच इस बार खासा अहम हो गया है। इस बारा रखड़ पुन्या मेले में पहली बार पांच दल अलग-अलग राजनीतिक और पंथक मंचों से ताकत दिखाने की तैयारी है। 

    भाजपा का पहली बार स्वतंत्र मंच 
    रखड़ पुन्या पर भाजपा पहली बार बाबा बकाला साहिब में स्वतंत्र राजनीतिक कॉन्फ्रेंस करने जा रही है। पार्टी के पंजाब प्रधान के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचेंगे। इसे पंजाब में संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा इस मंच से 2027 के चुनाव की तैयारियों का संदेश देने के साथ किसानों, कानून-व्यवस्था, नशे, विकास और अन्य जनमुद्दों पर अपना रुख सामने रख सकती है। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पार्टी शक्ति प्रदर्शन भी करेगी। 

    आप का रईया में राज्यस्तरीय समागम 
    आम आदमी पार्टी की ओर से दाना मंडी रईया में राज्यस्तरीय समागम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इसमें शामिल होंगे। सरकार की ओर से अपने कार्यकाल के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाएगा। चुनाव से पहले यह मंच सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कांग्रेस के लिए एकजुटता दिखाने का मौका 
    कांग्रेस के भीतर पिछले समय से सामने आ रही खींचतान के बीच रखड़ पुन्या पार्टी के लिए एकजुटता का संदेश देने का बड़ा अवसर होगा। यदि प्रमुख नेता एक मंच पर एकजुट नजर आते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। पार्टी के लिए 2027 से पहले अपने राजनीतिक आधार और विश्वास को मजबूत करना चुनौती है। 

    अकाली दल के सामने साख बचाने की चुनौती 
    रखड़ पुन्या का मंच शिरोमणि अकाली दल के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल सहित वरिष्ठ नेता कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। पिछले समय में कमजोर हुए अकाली दल के सामने अपनी टकसाली वोट को बनाए रखने और दूर हुए मतदाताओं को फिर साथ जोड़ने की चुनौती है। ऐसे में इस बार की कॉन्फ्रेंस पार्टी के लिए अपनी साख और राजनीतिक जमीन मजबूत करने का अहम मौका होगी। 

    पंथक मंचों पर भी नजर 
    राजनीतिक दलों के अलावा पंथक संगठनों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर और वारिस पंजाब दे से जुड़े समूह अपने मंचों से पंथिक और सामाजिक मुद्दे उठाएंगे। वारिस पंजाब दे मौजूदा समय में बंदी सिंहों, धार्मिक मामलों और पंजाब के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय है। ऐसे में रखड़ पुन्या पर इन संगठनों के रुख और भीड़ पर भी राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर रहेगी। 

    इसलिए खास है रखड़ पुन्या का मेला 
    बाबा बकाला साहिब का रखड़ पुन्या मेला धार्मिक आस्था के साथ पंजाब की राजनीति में भी खास महत्व रखता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी मौके पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी कॉन्फ्रेंस कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ताकत दिखाते हैं। मंच से नेता अपने राजनीतिक और पंथिक मुद्दे जनता के सामने रखते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले यह आयोजन दलों के लिए जनसमर्थन परखने और राजनीतिक संदेश देने का महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है।

  • जालंधर हत्याकांड में रिश्तों का नया खुलासा, पति ने प्रेगा किट और अन्य सामान मिलने का किया दावा

    जालंधर हत्याकांड में रिश्तों का नया खुलासा, पति ने प्रेगा किट और अन्य सामान मिलने का किया दावा

    जालंधर

    जालंधर की लेक्चरर नेहा की हत्या मामले में परतें खुलती जा रही हैं। उमंग बस्सी की प्रेमिका को लेकर पति ने कई अहम खुलासे किए हैं। विकास शर्मा ने बताया कि उमंग और उनकी पत्नी सतपाल कौर के बीच रिश्ते बहुत करीबी हो चुके थे।

    विकास शर्मा ने पत्नी के कमरे की कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिनसे पता चलता है कि उमंग और सतपाल के बीच क्या चल रहा था। विकास ने कहा कि पत्नी ने उसे मारने की प्लानिंग तो बनाई ही थी साथ में आगे की भी फैमिली प्लानिंग कर रही थी।

    विकास ने बताया कि पत्नी के कमरे से उमंग और उसकी तस्वीरों के साथ कंडोम, स्टेमिना बढ़ाने के कैप्सूल, स्पर्म लगी रूई और प्रेग्नेंसी चेक करने वाली किट मिली है। 3 फरवरी 2026 को जब वह हैदराबाद से अचानक घर आया तो पत्नी के हाव-भाव से उसे शक हो गया था। 206 पन्ने की चैट मिली को शक विश्वास में बदल गया।

    जब और गहरी छानबीन की और पत्नी की अलमीरा खोलकर देखी तो वह हैरान रह गया। विकास ने कहा कि ये सब देखने के बाद एक पति कैसे बर्दाश्त कर सकता था। उसने सतपाल कौर से परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। उसे प्यार में धोखा मिला।

    PHOTO शेयर कर बयां की प्यार में धोखे की कहानी

        प्रेगा किट व आपत्तिजन सामग्री मिली: विशाल ने बताया कि पत्नी के कमरे की तलाशी ली तो अंदर प्रेगा किट मिली। इससे प्रेग्नेंसी चेक करके देखी गई थी। रिपोर्ट निगेटिव थी। जब बाकी सामान की तलाशी ली तो अलमारी के अंदर से 2 पैकेट कंडोम मिले, जबकि इनका उसके घर में कोई काम ही नहीं था। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में रूई मिली। उसे शक है कि इस पर स्पर्म लगा हुआ है। ये सब सबूत उसके पास है।
        सेक्सी ड्रेस डालकर रिझाती थी प्रेमी को- विशाल ने बताया कि अलमारी के अंदर से कई सेक्सी ड्रेस मिली हैं। इनको पहनकर ही वो अपने प्रेमी को रिझाती थी। इनके बीच ये सब लंबे समय से चल रहा था। जब वह घर से दूर होता था तो दोनों रातभर आपस में मिलते थे। आसपास के लोगों ने भी उमंग बस्सी को घर में आते हुए कई बार देखा था। लोगों के कहने पर ही 3 फरवरी को उसने अपने घर पर अचानक छापा मारा था।

        बड़ी प्रॉपर्टी की मालकिन सतपाल कौर- विशाल ने बताया कि सतपाल कौर बड़ी प्रॉपर्टी की मालकिन है। जालंधर स्थित उसका एक करोड़ का घर हथियाने वाली उसकी पत्नी के पास करतारपुर में हाइवे पर प्रापर्टी है। उसके परिवार की दानामंडी के पास कई दुकानें हैं। इन्हीं दुकानों में आम आदमी पार्टी का दफ्तर भी चलता है। हालांकि पार्टी ने इनसे दुकानें किराए पर ली हैं या ऐसे ही दफ्तर बनाया है ये तो यही जानती है।

        उसके साथ घर से भागकर शादी की थी- विशाल ने बताया कि सतपाल कौर सिख फैमिली से जबकि वह खुद ब्राह्मण फैमिली से। परिवार वाले उनके रिश्ते के खिलाफ थे। वह और सतपाल कौर एक-दूसरे से प्यार करते और शादी करना चाहते थे। 11 साल पहले सतपाल कौर ने घर से भागकर उसके साथ शादी की थी।

        बच्ची को भी दूर करने की बनाई थी प्लानिंग-विशाल ने दावा किया कि पत्नी सतपाल कौर के मोबाइल से रिकवर की गई 206 पन्नों की चैट में ये बात भी सामने आई है कि दोनों शादी करने के बाद मेरी बच्ची को भी मुझसे अलग करना चाहते थे। चैट में ये लोग प्लानिंग बना रहे थे कि उमंग बस्सी और सतपाल कौर अपनी-अपनी बेटियों को कैसे एक साथ रखेंगे और दोनों में मेलजोल कैसे बढ़ाया जाएगा। उनको इस रिश्ते के बारे में कैसे समझाया जाएगा।

    पति की थाने में दी कंप्लेंट में क्या…

        घर से दूर रहता हूं- जालंधर की थाना डिविजन 7 में 16 फरवरी को 12 बजकर 18 मिनट पर दर्ज शिकायत में सतपाल कौर के पति विशाल ने बयान दिया है कि उसकी उम्र 36 साल है और वो मेहर एन्क्लेव, जालंधर में रह रहा है। मौजूद समय वह हैदराबाद में नौकरी करता है और अपनी 9 वर्षीय बेटी व पत्नी से दूर रहता है।

        घर आया तो पत्नी ने दांत से काटा, बाथरूम में बंद हो गई: विशाल ने बयान दिया- स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जब उसे पत्नी के चाल-चलन पर शक हुआ, तो वह 3 फरवरी 2026 को बिना बताए अचानक अपने घर पहुंचा। उसे देखते ही उसकी पत्नी घबरा गई और अपना मोबाइल छिपाने लगी। जब उसने फोन चेक करने की कोशिश की, तो गुस्साकर पत्नी ने उसकी बांह पर दांतों से बुरी तरह काट लिया और खुद को बाथरूम में बंद कर दिया।

        स्कूल परिसर में हाथापाई और जान से मारने की कोशिश: घटना के बाद पीड़िता ने कंट्रोल रूम (PCR) को फोन किया, जिसके बाद विवाद बढ़ता देख मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। मौका पाते ही पत्नी घर से निकल गई। इसके बाद जब विशाल अपनी बेटी को लेने स्कूल गया, तो वहां उसकी पत्नी उमंग बस्सी के साथ मौजूद थी। आरोप है कि जब विशाल ने उमंग से अपनी पत्नी के साथ घूमने का कारण पूछा, तो दोनों के बीच हाथापाई हुई।

        मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई: सिविल अस्पताल, जालंधर में कराए गए मेडिकल परीक्षण (MLR) में विशाल के शरीर पर चोट के 3 निशान पाए गए थे। मामले के जांच अधिकारी ASI बलविंदर पाल ने बताया कि पीड़ित के बयानों और डॉक्टर की MLR रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पत्नी सतपाल कौर और उमंग बस्सी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत रोजनामचा रपट दर्ज कर ली गई थी। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

  • भद्रा मुक्त रक्षाबंधन आज, चंडीगढ़ में 12 फीट की राखी और महिलाओं को ₹1000 का तोहफा

    भद्रा मुक्त रक्षाबंधन आज, चंडीगढ़ में 12 फीट की राखी और महिलाओं को ₹1000 का तोहफा

    चंडीगढ़ 
    रक्षाबंधन और रक्खड़ पुन्या के मौके पर पंजाब-चंडीगढ़ में आज कई खास आयोजन होंगे। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा की छाया नहीं है और सुबह 6 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पूरे दिन भी राखी बांधी जा सकती है।

    वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-40 बी स्थित श्री हनुमंत धाम में 32 फीट ऊंची वीर हनुमान जी की प्रतिमा के लिए बहनों ने 12¼ फीट से अधिक लंबी पर्यावरण अनुकूल राखी तैयार की है, जिसे सुबह 11:15 बजे विधि-विधान से बांधा जाएगा।

    दूसरी ओर, रक्खड़ पुन्या के अवसर पर बाबा बकाला में राज्य स्तरीय समारोह होगा, जिसमें सीएम भगवंत मान महिलाओं को ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत सम्मान राशि जारी करेंगे। योजना के तहत अब तक 76 लाख 5 हजार महिलाएं रजिस्टर्ड हैं। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है।

    चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा
    ज्योतिषाचार्य रचना शर्मा के अनुसार, इस बार पूर्णिमा उदया तिथि में है और सुबह का समय शुभ है, हालांकि पूरे दिन भी राखी बांधी जा सकती है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर भद्रा की छाया नहीं है, लेकिन 27 अगस्त से पंचक शुरू हो चुके हैं। इसलिए राखी बांधने से पहले घर के पूजा स्थल पर राखी चढ़ाने की सलाह दी गई है। वहीं, आचार्य सुमित वेदपाठी के अनुसार, 28 अगस्त को चंद्रग्रहण भी लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।

    ऐसे में यहां इसका कोई सूतक काल या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा और श्रद्धालु बिना किसी संशय के पूरे उत्साह व विधि-विधान के साथ रक्षाबंधन मना सकते हैं। इस साल रक्षाबंधन का ऐसा मुहूर्त आया है कि न तो भद्रा का प्रभाव है और न ही कोई अन्य बाधा। आज बहनें निश्चिंत होकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

    सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी भद्रा
    आचार्य सोहन वेदपाठी के अनुसार, रक्षाबंधन का मुहूर्त तय करने के लिए दो चीजें देखी जाती हैं। एक पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए दूसरा भद्रा काल न हो। इस बार भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो गया। इसलिए सुबह राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।

    यही कारण है कि 28 अगस्त की सुबह का समय राखी बांधने के लिए सर्वोत्तम है। ज्योतिषाचार्य रचना शर्मा का कहना है कि बहनें कोशिश करें कि पूर्णिमा तिथि में ही राखी बांधे, लेकिन उसके बाद भी राखी बांधने में कोई दोष नहीं है। उनका कहना है कि हम उदया तिथि को ही पूरे दिन की तिथि मानते हैं। ऐसे में पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।

    पूजा की थाली में ये चीजें रखें
    आचार्य के अनुसार, राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जा सकती है। इसमें राखी, मौली, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी चावल, दीपक, मिठाई और फूल रखे जाते हैं। कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार नारियल, मौली, फल और पानी का कलश भी रखते हैं। पहले भगवान की पूजा की जाती है। इसके बाद भाई को तिलक लगाया जाता है, चावल लगाए जाते हैं और आरती करने के बाद उसकी कलाई पर पहले मौली और फिर राखी बांधी जाती है।

    अटारी बॉर्डर पर जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाएंगी चावला
    पूर्व मंत्री व भाजपा नेता लक्ष्मी कांता चावला हर साल अटारी बॉर्डर पर जाकर बीएसएफ जवाने के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाती हैं। वो राखियां लेकर जाती हैं और जवानों को राखियां बांधकर उनके कुशल मंगल की कामना करती हैं। अन्य संस्थाओं से जुड़ी महिलाएं भी रक्षा बंधन के पर्व पर अटारी बॉर्डर जाकर जवानों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती हैं।

    इसके अलावा पंजाब की जेलों में हर साल कैदियों और हवालातियों को उनकी बहनें राखी बांधने जाती हैं। इसी तरह महिला जेलों में बंद बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचते हैं। जेल प्रशासन की तरफ से इस मौके पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

    श्री दंडी स्वामी मंदिर में राखी बांधने आती हैं महिलाएं
    लुधियाना के दंडी स्वामी मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाएं राखी लेकर पहुंचती हैं। महिलाएं श्री दंडी स्वामी जी को राखियां अर्पित करती हैं। इसी तरह लोग अलग अलग मंदिरों में भगवान का राखियां अर्पित करने जाती हैं।

  • रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! मावां-धीयां सत्कार योजना की तीसरी किस्त आज होगी जारी

    रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! मावां-धीयां सत्कार योजना की तीसरी किस्त आज होगी जारी

    चंडीगढ़ 

    पंजाब में रक्खड़ पुन्या के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान आज महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्या को समर्पित राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

    इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत सम्मान राशि जारी करेंगे। सरकार के मुताबिक, योजना को लेकर महिलाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक प्रदेश की 76 लाख 5 हजार महिलाएं इसके तहत रजिस्ट्रेशन करवा चुकी हैं।

    सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 65 लाख 62 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 2 हजार 274 करोड़ 42 लाख रुपए की सम्मान राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना के तहत जनरल वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1 हजार 500 रुपए प्रति माह सम्मान राशि दी जा रही है।

    सीएम ने क्या बताया
    इस पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उनकी सरकार ने इस योजना से एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे, जिससे वे इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी और जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ बंद नहीं होगी।

    एक्स पर किया पोस्ट
    एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा कि राखी के पवित्र त्यौहार पर हमारी सरकार बहनों से किए वादे को पूरा कर रही है। आज मैंने गोइंदवाल साहिब में ‘सत्कार सखी सम्मान समारोह’ में वर्चुअल रूप से शिरकत की। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ‘सम्मान राशि’ भेजी जा रही है। उन सभी ‘सत्कार सखियों’ का तहे दिल से धन्यवाद जिन्होंने जरूरतमंद परिवारों के पंजीकरण और फॉर्म भरने में मदद की। इस नेक सेवा के लिए आपका नाम इतिहास में दर्ज होगा। इस व्यापक सरकारी योजना को घर-घर पहुंचाने और महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुंचाने के लिए सभी सत्कार सखियों को बहुत-बहुत मुबारकबाद और दिल से धन्यवाद।

    हमारी सरकार ने महिलाओं के मान-सम्मान में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयह सत्कार योजना’ शुरू की है। मैं बाकी बची सभी योग्य महिलाओं से अपील करता हूं कि वे इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाएं और इसका लाभ उठाएं।

    वित्तीय सहायता के मोबाइल संदेश मिल रहे
    मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता के मोबाइल संदेश मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपए मिल रहे हैं। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है और पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर तो न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान और स्वाभिमान जरूर देगी।

    हमारी सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

    सीएम मान ने कहा कि महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं और मां-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती पर जीत हासिल करने में मदद कर सकते हैं। परिवार के कल्याण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आजादी को मजबूत करना बहुत जरूरी है।

    छोटे-बड़े खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनाना
    सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत करना और उन्हें अपने छोटे-बड़े खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। रक्खड़ पुन्या के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योजना को लेकर सरकार की उपलब्धियों और आगे की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं।

    महिलाओं के लिए यह कार्यक्रम अहम
    कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में लोग इसमें पहुंच रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं के लिए यह कार्यक्रम अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी मंच से ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की सम्मान राशि उनके खातों में जारी की जाएगी।

  • नाम जुड़वाने के लिए कैंपों में भारी भीड़! पंजाब में 1.46 लाख लोगों को SIR नोटिस, जानें जरूरी दस्तावेज

    नाम जुड़वाने के लिए कैंपों में भारी भीड़! पंजाब में 1.46 लाख लोगों को SIR नोटिस, जानें जरूरी दस्तावेज

    जालंधर
     एसआइआर के सर्वे के दौरान जिले में 1.46 लाख लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई थी। दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए जारी नोटिस मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) द्वारा लगाए गए कैंपों में लोगों की भीड़ उमड़ी।

    यहां किसी की मैपिंग 2003 की वोटर सूची के साथ नहीं हो रही तो किसी के स्वजन के दस्तावेजों में खामियां हैं। ऐसे में टोकन लेने के बावजूद लोगों को काम करवाने के लिए तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। दरअसल, एसआइआर सर्वे के तहत प्रथम चरण 25 जून से तीन अगस्त तक पूरा किया गया था।

    इसके तहत जिले के कुल 16,49,946 वोटरों को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फार्म बांटे गए। इनमें से 14,64,949 वोटरों द्वारा अपने इन्यूमरेशन फार्म जमा करवाए गए, जबकि, 1,84,997 वोटरों द्वारा फार्म प्राप्त नहीं हुए।

    इन वोटरों में 50,520 वोटर मृतक, 94,356 वोटर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित, 8,961 डुप्लीकेट एंट्रीज, 30,157 एब्सेंट या अनट्रेसेबल वोटर व 1,003 अन्य कारणों वाली श्रेणियों में पाए गए थे। इसके अलावा ड्राफ्ट वोटर सूची में 1,46,551 वोटर ऐसे हैं, जिनकी 2003 की वोटर सूची से मैपिंग नहीं हुई।

    दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन वोटरों को अलग-अलग तिथियों व अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर बुलाया जा रहा है, जहां पर वोटरों की भीड़ तथा मैपिंग की प्रक्रिया में लग रही देरी के चलते लोगों को अपनी बारी के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

    कैंपों में लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए टोकन जारी किए जा रहे हैं। वहां पर भी लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि, कैंप में बैठने से लेकर पानी तक का इंतजाम किया गया है। वीरवार को पुडा कांप्लेक्स में कैंप लगेगा।

    हलका स्तर पर तैनात किए गए इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसर

        वेस्ट : एस्टेट अफसर जेडीए नवदीप सिंह
        नार्थः जेडीए के मुख्य प्रशासक तेजदीप सिंह सैनी
        सेंट्रल : एसडीएम-1 शुभी आंगरा
        कैंटः आरटीओ बलजिंदर सिंह ढिल्लों
        आदमपुर : एसडीएम लाल विश्वास
        फिल्लौर : एसडीएम दीपक भाटिया
        नकोदर : एसडीएम सिमरनजीत सिंह
        शाहकोट : एसडीएम आदित्य गुप्ता एसडीएम-दो शायरी मल्होत्रा

    2003 की वोटर सूची में नहीं था पिता का नाम, मंगवाए दस्तावेज

    पुडा परिसर में लगाए गए कैंप में नोटिस हासिल करने वाले सुरेश कुमार ने कहा कि 2003 में वह बालिग नहीं थे तथा उस समय की वोटर सूची में पिता नाम नहीं था। इसके चलते गांव से पिता का के नाम के दस्तावेज मंगवाए गए हैं। लीला रानी ने कहा कि उनकी वोट तो बनी है, लेकिन पति के नाम में स्पैलिंग की गलती है। इसके लिए पति के सही नाम वाले दस्तावेज मांगे गए हैं।

    नोटिस मिलने पर यह दस्तावेज करवा सकते हैं जमा
    नोटिस मिलने पर उम्र के प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं या 12वीं का प्रमाणपत्र अथवा पासपोर्ट दिया जा सकता है।

    निवास के प्रमाण के लिए बैंक या डाकघर की पासबुक, बिजली, पानी या गैस का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पंजीकृत किरायानामा अथवा पंजीकृत सेल डीड जैसे दस्तावेज दिए जा सकते हैं। आवेदन के साथ हाल की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो भी देनी होगी।

     

  • भाजपा के पंजाब मिशन पर मंथन! नई टीम की समीक्षा के बाद हाईकमान को रिपोर्ट, गठबंधन की राय भी जानेंगे संतोष

    भाजपा के पंजाब मिशन पर मंथन! नई टीम की समीक्षा के बाद हाईकमान को रिपोर्ट, गठबंधन की राय भी जानेंगे संतोष

     चंडीगढ़

    विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जीत के बाद इस बार पंजाब भी भाजपा हाईकमान की प्राथमिकताओं में शामिल है। जिस तरह बंगाल में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई, पार्टी वही लक्ष्य पंजाब में लेकर भी आगे बढ़ रही है। इसी रणनीति के तहत भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने पंजाब दौरे के दौरान कई बिंदुओं पर कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं का मिजाज टटोला। 

    वे अपनी रिपोर्ट अब पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व यह जानना चाहता है कि पंजाब भाजपा सूबे में विधानसभा चुनाव के लिए कितनी तैयार है। संगठन कितना मजबूत है और नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय की क्या स्थिति है क्योंकि संगठन और मजबूत टीम के बूते ही पंजाब में कमल खिलाने का सपना पूरा हो सकता है। 

    दरअसल, हाल ही में भाजपा हाईकमान ने पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन किया है। सुनील जाखड़ को पदमुक्त कर केवल सिंह ढिल्लों को प्रधान बनाया गया है। इसी तरह सतीश पूनिया को नया प्रभारी भी नियुक्त किया गया। ढिल्लों ने सूबे में अपनी नई टीम भी बना ली है। संगठन महासचिव ने अपने दौरे के दौरान इस बात को परखा कि नई टीम व भाजपा के पुराने कैडर में अभी कितना समन्वय है, क्योंकि नई टीम में जगह न मिलने की वजह से टकसाली भाजपाइयों की नाराजगी की शिकायतें हाईकमान तक पहुंची हैं।  

    हाईकमान को डर है कि खुद को नई टीम में खुद को अपेक्षित समझने वाले पुराने कैडर के भाजपाई चुनाव के दौरान असक्रिय न हो जाएं। टकसाली भाजपाइयों में असहजता इस बात की है कि ढिल्लों साल 2022 से पहले कांग्रेसी थे और वे वर्षों से भाजपा में होने के बाद भी खुद को हाशिये पर समझ रहे हैं। लिहाजा संतोष की ओर से ढिल्लों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भाजपा के पुराने कैडर को भी यथोचित सम्मान देते हुए उन्हें साथ लेकर चलें। साथ नए और पुराने कैडर में समन्वय की स्थिति मजबूत हो।

    बिना टीम कैसे लड़ेंगे चुनाव
    पंजाब दौरे के दौरान राष्ट्रीय संगठन महासचिव संतोष ने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर कार्यकर्ताओं के रुख को भी परखा। कार्यकर्ताओं व स्थानीय नेताओं ने अकालियों के साथ गठबंधन से साफ इन्कार कर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही। इस पर बीएल संतोष ने कार्यकर्ताओं से स्पष्ट कहा कि यह तभी संभव हो पाएगा जब बूथ स्तर पर टीमें तैयार होंगी। टीमों के बिना अकेले चुनाव कैसे लड़ा जा सकता है।

    यह होगी भाजपा की रणनीति
    चुनाव से पहले भाजपा को पंजाब में 25,332 बूथों पर टीम तैयार करनी है। हर बूथ पर 11 सक्रिय सदस्य होंगे लेकिन अभी 11 हजार से अधिक बूथों पर टीमें ही नहीं हैं। संतोष ने इस पर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश संगठन सचिव को जल्द इस काम को पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा भाजपा 6,425 सब सर्किल और 622 सर्किल का गठन करेगी। प्रत्येक 117 विधानसभा क्षेत्रों में 5 सर्किल बनाए जाएंगे, जिसमें एक सर्किल के पास 40 बूथों का जिम्मा होगा। 30 सितंबर से पहले इस ढांचे को स्थापित करना है और 31 अक्टूबर तक 25,332 बूथ कमेटियों को सक्रिय करने का लक्ष्य है। प्रत्येक बूथ स्तर पर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा व 250 सदस्यों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।