Category: पंजाब

  • चंडीगढ़ निगम के 250 करोड़ के एजेंडे पर घमासान! अब लोकायुक्त नियुक्त करने की उठी मांग

    चंडीगढ़ निगम के 250 करोड़ के एजेंडे पर घमासान! अब लोकायुक्त नियुक्त करने की उठी मांग

    चंडीगढ़
     नगर निगम में करीब 250 करोड़ के वित्तीय एजेंडों को लेकर उठे विवाद और बाद में नगर निगम सदन द्वारा उन्हें निरस्त किए जाने के बाद अब नगर निगम की वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर स्वतंत्र निगरानी की मांग उठने लगी है।

    एडवोकेट एवं चंडीगढ़ प्रशासन की एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य अजय जग्गा ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर नगर निगम के लिए स्वतंत्र लोकल बाॅडीज ओम्बड्समैन (लोकायुक्त) नियुक्त करने की मांग की है।

    जग्गा ने पत्र में कहा है कि 250 करोड़ के एजेंडों का पर्याप्त विचार-विमर्श के बिना पारित होना और बाद में नगर निगम सदन द्वारा उन्हें शून्य घोषित किया जाना शहरवासियों के बीच चिंता का विषय बना है।

    ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नगर निगम की वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में स्वतंत्र निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ समय में कमजोर हुई है और वित्तीय दबाव, कथित अनियमितताओं और राजस्व संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर तत्काल संस्थागत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

    13वें वित्त आयोग की सिफारिश का हवाला
    अजय जग्गा ने अपने पत्र में 13वें वित्त आयोग की सिफारिश का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर वित्तीय प्रशासन के लिए स्वतंत्र ओम्बड्समैन की व्यवस्था की सिफारिश की गई थी। उनका कहना है कि चंडीगढ़ में अब तक ऐसा स्वतंत्र तंत्र प्रभावी रूप से स्थापित नहीं हो सका है।

    उनके अनुसार, लोकल बाडीज ओम्बड्समैन को नगर निगम में कथित कुप्रशासन, वित्तीय अनियमितताओं, अधिकारों के दुरुपयोग और सार्वजनिक धन के संभावित नुकसान से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच का अधिकार मिलना चाहिए। इससे वित्तीय निर्णयों में जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध होगी।

    छह विशेषज्ञों की राजस्व सलाहकार परिषद का प्रस्ताव
    पत्र में नगर निगम के लिए एडवाइजरी काउंसिल आन रेवेन्यू एंड फाइनेंशियल रिफाॅर्म्स गठित करने का भी सुझाव दिया गया है। इसमें वित्त, टैक्सेशन, नगर प्रशासन और पब्लिक पालिसी के अधिकतम छह विशेषज्ञ शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

    यह परिषद नगर निगम को राजस्व बढ़ाने, खर्चों को तर्कसंगत बनाने, राजस्व लीकेज रोकने, टैक्स अनुपालन बेहतर करने और दीर्घकालिक वित्तीय योजना तैयार करने में सलाह दे सकती है। जग्गा के अनुसार, इस व्यवस्था पर सीमित खर्च आएगा, जबकि बेहतर वित्तीय प्रबंधन से नगर निगम को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

    वित्तीय एजेंडों में लापरवाही रोकने पर जोर
    अजय जग्गा ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि सार्वजनिक धन से जुड़े वित्तीय प्रस्तावों की जांच और विचार-विमर्श के लिए एक मजबूत संस्थागत तंत्र बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े वित्तीय एजेंडे को पर्याप्त परीक्षण और पारदर्शी प्रक्रिया के बिना पारित न किया जा सके। वर्तमान प्रकरण ने नगर निगम की मौजूदा जवाबदेही व्यवस्था में मौजूद कमियों को सामने ला दिया है।

     

  • अमृतसर में मिलावटी पनीर पर बड़ा अभियान, बनाने और बेचने वालों पर होगी सख्ती

    अमृतसर में मिलावटी पनीर पर बड़ा अभियान, बनाने और बेचने वालों पर होगी सख्ती

    अमृतसर.

    लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कृत्रिम एवं गैर-दुग्ध पनीर की तैयारी, भंडारण, ढुलाई, वितरण और बिक्री पर रोक एडवाइजरी जारी की है।

    विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के आधार पर जिला अमृतसर में भी पनीर की गुणवत्ता को लेकर जांच अभियान तेज किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने स्पष्ट किया है कि पनीर के नाम पर गैर-मानक या गैर-दुग्ध उत्पाद बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि दूध से तैयार होने वाले पनीर के निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। जो कारोबारी दूध के अलावा अन्य पदार्थों का इस्तेमाल कर पनीर जैसा उत्पाद तैयार करते हैं और उसे सामान्य पनीर के नाम पर बेचते हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रटौल ने बताया कि विभाग की टीमें पनीर बनाने वाली इकाइयों, डेयरियों, थोक विक्रेताओं, वितरकों, खुदरा दुकानदारों, कोल्ड स्टोरेज और गोदामों की जांच करेंगी। इसके साथ ही पनीर की ढुलाई करने वाले वाहनों की भी जांच की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पनीर के नमूने लिए जाएंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    होटलों और रैस्टोरैंटों में भी होगी जांच
    डॉ. रटौल के अनुसार विभाग की ओर से जारी निर्देशों के तहत केवल पनीर बनाने वाली इकाइयों की ही जांच नहीं होगी, बल्कि होटल, रैस्टोरैंट, ढाबे, खान-पान की सेवाएं देने वाले संस्थान, संस्थागत रसोई और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर की भी जांच की जाएगी। अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि संबंधित प्रतिष्ठान पनीर कहां से खरीद रहा है और उसकी खरीद से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गैर-मानक पनीर की बिक्री रोकने के लिए केवल उत्पाद बनाने वालों की जांच पर्याप्त नहीं है। इसलिए पनीर की पूरी सप्लाई चेन से जुड़े हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पनीर के नाम पर गैर-दुग्ध उत्पाद तैयार करने, उसका भंडारण करने, ढुलाई, वितरण या बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं 
    फूड सेफ्टी अधिकारी मैडम रजनी ने बताया कि पनीर के नाम पर गैर-दुग्ध या गैर-मानक उत्पाद बेचने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के आधार पर जिले में जांच अभियान को और तेज किया जा रहा है। पनीर बनाने वाली इकाइयों से लेकर दुकानों, होटलों और रैस्टोरैंटों तक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नमूने लेकर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

    लोग रहें जागरूक, संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर न खरीदें 
    सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना स्वास्थ्य विभाग की मुख्य जिम्मेदारी है। पनीर जैसे खाद्य पदार्थ में किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक उत्पाद की बिक्री को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी जागरूक रहें और संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर न खरीदें। यदि किसी व्यक्ति को गैर-मानक या संदिग्ध पनीर की बिक्री के संबंध में जानकारी मिलती है तो वह इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्थिति में समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई 
    डॉ. मनजीत सिंह रटोल के अनुसार एडवाइजरी में खाद्य सुरक्षा और मानकों से संबंधित कानून एवं नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई खाद्य कारोबारी पाबंदी के बावजूद गैर-दुग्ध पनीर को पनीर के नाम पर तैयार, भंडारित, ढुलाई, वितरित या बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने कारोबारियों को भी चेतावनी दी है कि वे पनीर की खरीद और बिक्री से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें तथा केवल निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार पनीर ही उपभोक्ताओं को बेचें।

    विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। लोगों से भी अपील की गई है कि पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और स्रोत के बारे में पूरी जानकारी लें। यदि किसी दुकान, होटल या अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में संदिग्ध पनीर की बिक्री होती दिखाई दे तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा।

  • सितंबर में पंजाब आएंगे राहुल गांधी! श्री हरिमंदिर साहिब से बस यात्रा की तैयारियां जोरों पर

    सितंबर में पंजाब आएंगे राहुल गांधी! श्री हरिमंदिर साहिब से बस यात्रा की तैयारियां जोरों पर

     चंडीगढ़
    पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर पार्टी में गतिविधियां तेज हो गई हैं। राहुल गांधी के सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पंजाब आने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनके दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अगले दो-तीन दिनों में कांग्रेस हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद जारी हो सकता है।

    दौरे को लेकर पंजाब कांग्रेस के स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राहुल गांधी के पंजाब दौरे को विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें पंजाब आने का प्रस्ताव दिया था।

    इस दौरान प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और संगठन में चल रही खींचतान को लेकर भी चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के दौरे के दौरान कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब से शुरू होगी।

    135 किमी की होगी यात्रा
    यात्रा के पहले चरण में करीब 135 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 15 से अधिक जिलों को कवर करने की योजना है। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली से पार्टी के कुछ बड़े नेता भी इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। दौरे से पहले राहुल गांधी की टीम पंजाब में अपनी काम कर लौट चुकी है।

    राहुल गांधी प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरने का संदेश दे सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी अलग-अलग मुलाकात की संभावना भी है।

    पार्टी को एकजुट करना है यात्रा का मकसद
    राहुल गांधी की इस बस यात्रा का मकसद पंजाब में बुरी तरह बंटी हुई कांग्रेस को एकजुट करना है. कांग्रेस की पंजाब में सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं और एक दूसरे को देखना तक नहीं चाहते हैं. कांग्रेस आलाकमान ने अभी तक यह साफ कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा और किसी भी नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा के तौर पर पेश नहीं किया जाएगा. लेकिन पंजाब में कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. कांग्रेस की दिक्कत ये है कि चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मिलकर एक गुट बना लिया है और प्रदेश अध्यक्ष राजा वाडिंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। 

    कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कई बार इन नेताओं को अकेले में और एक साथ बैठा करके भी मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन नतीजा कुछ निकला नहीं. यहां तक जब पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' जैसा कार्यक्रम पूरे पंजाब में कर रहे थे तो वहां पोस्टर में बघेल की तुलना जनरल डायर से की गई, तो राजा वाडिंग के सर्मथकों ने चन्नी को बीजेपी-आरएसएस का एजेंट बताया. पंजाब में कांग्रेस ने एक परिवार एक टिकट का भी नियम बनाया है उसको लेकर भी नेताओं में नाराजगी बताई जा रही है। 

    राहुल की बस यात्रा के तीन मकसद
        पहला पंजाब के नेताओं की एकजुट तस्वीर पेश करना. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ बस में चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष वाडिंग तो होंगे ही साथ में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी रहेंगे. यानी राहुल गांधी एक बाजू में चन्नी और दूसरे बाजू में राजा वाडिंग को लेकर 'ऑल इज़ वेल' का संदेश देंगे। 

        दूसरा इस यात्रा का मकसद संगठन को सक्रिय करना है जिससे कि कार्यकर्ताओं में संदेश जाए कि उपर के लेवल पर सब ठीक हो गया है। 

        इस यात्रा का तीसरा मकसद है पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार की विधिवत शुरुआत करना। 

    कांग्रेस के सूत्र यह भी बता रहे हैं कि राहुल गांधी की यह यात्रा जो अमृतसर से हुसैनीवाला तक जाएगी पहली यात्रा होगी और अगली यात्रा इस यात्रा की सफलता पर निर्भर होगी. इसके अलावा कांग्रेस आलाकमान पंजाब के नेताओं को टिकट बांटने में भी अहम भूमिका देने पर विचार कर रही है। 

    क्या खत्म होगी कांग्रेस में गुटबाजी?
    लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि राहुल गांधी की बस यात्रा से क्या पंजाब कांग्रेस का संकट या गुटबाजी खत्म हो जाएगी. कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि अगर पंजाब में राहुल की यात्रा खत्म होने तक इन नेताओं ने अपना झगड़ा खत्म नहीं किया तो फिर कांग्रेस नेतृत्व कुछ कठोर फैसले पर मजबूर होगा. भले ही इससे पार्टी को नुकसान हो. वैसे भी कांग्रेस 2017 में 77 सीटें लेकर सत्ता में आई थी जो 2022 में घट कर 18 सीट रह गई है, तब चन्नी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा गया था. वही मुख्यमंत्री थे. लेकिन लोकसभा चुनाव में लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया और 13 में से 7 सांसद कांग्रेस से जीते.अभी चरणजीत सिंह चन्नी,राजा वाडिंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा तीनों सांसद हैं. मगर विधानसभा चुनाव से पहले इन तीनों नेताओं को एकजुट करना कांग्रेस नेतृत्व के लिए अभी तक चुनौती बना हुआ है। 

    चुनाव समितियों के विस्तार पर भी नजर
    एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से 21 सदस्यों वाली विभिन्न चुनाव समितियों की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस में मतभेद खुलकर सामने आए थे। चन्नी खेमे के कई नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को बदलने की मांग उठाई थी।

    हालांकि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का कोई फैसला नहीं है। वहीं चुनाव समितियों का विस्तार किए जाने की संभावना है और राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले ही नई समितियों की घोषणा हो सकती है।

    कार्यक्रमों में अलग-अलग नजर आए कांग्रेस नेता
    पार्टी में गुटबाजी का असर हाल के कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया है। चंडीगढ़ में महंगाई के मुद्दे पर राजा वड़िंग के कार्यक्रम से चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की दूरी बनी रही। वहीं बाबा बकाला साहिब में राखड़ पुन्नियां मेले के दौरान चन्नी सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे, जबकि राजा वड़िंग कार्यक्रम में नजर नहीं आए।

    ऐसे में राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले संगठन को एकजुट करना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई सियासी हलचल तेज होने की संभावना है।

  • चौराहा पार करना पड़ा भारी! मोहाली में गाड़ी ने दो युवतियों को टक्कर मारी

    चौराहा पार करना पड़ा भारी! मोहाली में गाड़ी ने दो युवतियों को टक्कर मारी

    मोहाली.

    सिंह शहीदा सोहाना चौक पर शनिवार सुबह हादसा हुआ। एक कार चालक ने चौक पार कर रही दो युवतियों को टक्कर मारी। दोनों युवतियां पैदल जा रही थी। कार चालक ने एक बाइक सवार को भी टक्कर मारी। दोनों युवतियां किरणदीप और संदीप लेडीज पार्क अस्पताल में काम करती हैं।

    राहगीरों की मदद से दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, बाइक सवार को भी घायल हो गया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कार का नंबर लुधियाना का है। इसके पहले मोहाली के जीरकपुर में तेज रफ्तार कार ने सड़क पार करते वक्त महिला को टक्कर मार दी। घटना का 17 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार की टक्कर के बाद महिला बोनट पर आकर करीब 5 फीट ऊपर हवा में उछलती दिखाई देती है। इसके बाद वह सड़क पर गिरकर कई पलटी खाते हुए करीब 20 मीटर तक घिसटती चली जाती है।

    हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उसने अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान हादसा देविंदर कौर के नाम से हुई, वह हिमाचल की रहने वाली थीं। दविदर कौर अपनी बहन प्रीति के साथ ढकोली में 'पिंड पंजाबी ढाबा' चलाती थी, इसके सामने ही एन्क्लेव में उनका 'पाकीजा होटल' भी है। ढाबा बंद करने के बाद दविंदर पैदल होटल की तरफ जा रही थी। तभी यह हादसा हो गया।

  • हेरोइन बरामदगी से पहले पुलिस पर हमला, लाल मिर्च डालकर आरोपी फरार

    हेरोइन बरामदगी से पहले पुलिस पर हमला, लाल मिर्च डालकर आरोपी फरार

    चंडीगढ़.

    पंजाब के खन्ना में हेरोइन बरामदगी के मामले में गिरफ्तार चंडीगढ़ के सेक्टर-38 का रहने वाला दीपक थापा ने चंडीगढ़ में खन्ना सीआईए की टीम को चकमा देकर फरार हो गया। घर में तलाशी के दौरान बाथरूम जाने के बहाने हथकड़ी खुलवाने के बाद थापा ने अपने स्वजन के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया और मौके से भाग निकला।

    घटना के बाद खन्ना सीआईए टीम ने मामले की शिकायत मलोया थाना पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दीपक थापा और उसकी मदद करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपित की तलाश तेज कर दी है। खन्ना सीआईए की टीम ने कुछ दिन पहले एक युवक को करीब आधा किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपित ने पुलिस को कुछ अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी। इसी पूछताछ और डिस्क्लोजर के आधार पर खन्ना पुलिस ने 26 अगस्त को दीपक थापा को सेक्टर-38 से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में थापा ने बताया था कि हेरोइन उसके घर में छिपाकर रखी गई है। इसके बाद शुक्रवार शाम करीब छह बजे खन्ना सीआइए की टीम उसे हथकड़ी लगाकर सेक्टर-38 स्थित उसके घर लेकर पहुंची।

    बाथरूम जाने के बहाने खुलवाई हथकड़ी
    पुलिस की शिकायत के मुताबिक, घर में दाखिल होने के बाद दीपक थापा ने बाथरूम जाने की बात कही और हथकड़ी खोलने के लिए कहा। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने उसकी हथकड़ी खोली, उसने कथित तौर पर अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए असहाय हो गए और इसी का फायदा उठाकर दीपक थापा घर से निकलकर फरार हो गया।

    मलोया पुलिस को पहले नहीं दी थी सूचना
    घटना को लेकर चंडीगढ़ पुलिस और खन्ना पुलिस के बीच समन्वय का मुद्दा भी सामने आया है। मलोया थाना पुलिस के अनुसार, खन्ना सीआइए टीम ने आरोपित को चंडीगढ़ लाकर उसके घर में तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई करने से पहले स्थानीय थाने को कोई सूचना नहीं दी थी। आरोपित के फरार होने के बाद खन्ना पुलिस ने मलोया थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खन्ना पुलिस की शिकायत के आधार पर दीपक थापा और उसकी मदद करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    चंडीगढ़ में पहले भी दर्ज हैं संगीन मामले
    दीपक थापा का आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के लिए चिंता का विषय है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ चंडीगढ़ में पहले से एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या से संबंधित मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए कुछ नाइजीरियाई आरोपितों से जुड़े मामले में भी थापा की गिरफ्तारी हो चुकी है। हथियारों से संबंधित मामलों में भी उसका नाम सामने आया है। इसके अलावा खुड्डा लाहौरा क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम जांच के दौरान सामने आने की बात कही जा रही है।

    फरार आरोपित की तलाश में जुटी पुलिस
    कई संगीन मामलों में नाम सामने आने के कारण दीपक थापा के फरार होने को चंडीगढ़ पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फरारी के बाद उसने किन लोगों की मदद ली।

  • CM मान को अनफॉलो करने लगे मुलाजिम, AAP सरकार ने भी कसी कमर; 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव

    CM मान को अनफॉलो करने लगे मुलाजिम, AAP सरकार ने भी कसी कमर; 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और 3 लाख सरकारी मुलाजिमों के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। सरकार ने ढ़ाई हजार मुलाजिमों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो बीती 27 अगस्त को दफ्तर से गैरहाजिर होकर हड़ताल में शामिल हुए थे। 

    अब सरकार इन पर सर्विस रूल्स के मुताबिक सस्पेंड करने, फोर्स लीव पर भेजने, सेलरी काटने से लेकर नियमों से जुड़ी कोई भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं मुलाजिमों ने भी सरकार के सामने झुकने से इनकार कर दिया है। मुलाजिमों ने सीधे CM भगवंत मान के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक शुरू कर दी है। जिसमें CM को फेसबुक, X (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर अनफॉलो करने की अपील की गई है। कल मुलाजिमों की लुधियाना में मीटिंग भी रखी गई है।

    मुलाजिमों पर एक्शन क्यों हो रहा पंजाब सरकार के करीब 3 लाख मुलाजिम बकाया DA, ओल्ड पेंशन स्कीम के अलावा कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने समेत 8 मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 27 अगस्त को मुलाजिमों ने सामूहिक छुट्‌टी लेकर महा हड़ताल की। इसके बाद सरकार ने उनसे मीटिंग तय कर ली। पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन और फिर इसे जालंधर के PAP कॉम्प्लैक्स में तय किया गया।

    हालांकि मीटिंग से एक घंटे पहले CM भगवंत मान ने साफ किया कि पहले हड़ताल खत्म करो, फिर बातचीत होगी। इसके बाद मुलाजिम नेता PAP कॉम्पलैक्स में पहुंचे लेकिन CM मीटिंग करने नहीं आए। एक अफसर ने मुलाजिम नेताओं को कहा कि पहले वे हड़ताल खत्म करने का वीडियो जारी करें, उसके बाद सीएम आएंगे। मुलाजिम नहीं माने तो सीएम ने मीटिंग रद्द कर दी।

    इसके बाद सरकार ने सभी विभागों के सेक्रेटरीज को लेटर जारी कर कहा कि वह उन सब मुलाजिमों की लिस्ट भेजें, जो बिना वजह के ड्यूटी से गैरहाजिर रहे। इसके बाद सरकार ये एक्शन लेने की तैयारी में है।

    सरकार की सख्ती पर मुलाजिमों के 2 बड़े एक्शन
    1. लुधियाना मीटिंग में अगले संघर्ष का ऐलान सरकारी मुलाजिमों के सांझा मोर्चा की कल लुधियाना में मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें सरकार की तरफ से किए जा रहे एक्शन के अलावा मांगें न माने जाने को लेकर आगे के संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। मुलाजिम नेताओं का कहना है कि सरकार चाहे एस्मा लगा दे लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।

    2. सोशल मीडिया पर अनफॉलो मुहिम मुलाजिम यूनियनों ने CM को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने की मुहिम शुरू कर दी है। लुधियाना के मुलाजिम नेता तेजिंदर सिंह नंगल ने लिखा- हम CM भगवंत मान को फॉलो करते थे, लेकिन इन्होंने हमें बुलाकर भी मीटिंग नहीं की। इसलिए सारे मुलाजिम उन्हें अनफॉलो कर रहे हैं।

  • मानसून पड़ा कमजोर, लेकिन Punjab में आज बरसेंगे बादल! मौसम विभाग का अलर्ट

    मानसून पड़ा कमजोर, लेकिन Punjab में आज बरसेंगे बादल! मौसम विभाग का अलर्ट

    अमृतसर.

    पंजाब में मानसून कमजोर हो रहा है। शनिवार को मौसम विभाग ने किसी भी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। वहीं, हिमाचल से सटे कुछ जिलों को छोड़ अन्य में बारिश के आसार भी नहीं हैं। ऐसे में तापमन के बढ़ने के आसार हैं, जिससे लोग परेशान हो सकते हैं।

    इसके अलावा शुक्रवार तापमान में 0.9 डिग्री की हल्की गिरावट के साथ राहत देखने को मिली। मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त तक मौसम ऐसा ही रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। वहीं, सितंबर की शुरुआत में हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। हालांकि कि इसे लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    हिमाचल से सटे जिलों में बारिश की संभावना
    29 अगस्त: शनिवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में छिटपुट बारिश की संभावना है। राज्य के बाकी अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
    30 अगस्त: रविवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। मैदानी और दक्षिणी पंजाब में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने के आसार हैं।
    31 अगस्त: सोमवार को गुरदासपुर, नवांशहर और रूपनगर में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना कम है।
    1 सितंबर: मंगलवार को मौसम में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकता है। पठानकोट और होशियारपुर में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, संगरूर और पटियाला समेत कई जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश के आसार हैं। वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला आदि में मौसम शुष्क रह सकता है।

    शुक्रवार को बठिंडा रहा सबसे गर्म
    शुक्रवार को पंजाब में अधिकतम तापमान में औसतन 0.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक रहा। बठिंडा में सबसे अधिक 36.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भाखड़ा बांध क्षेत्र में भी 36.4 डिग्री तापमान रहा। चंडीगढ़ में 36.3, फिरोजपुर में 36.2, पटियाला में 35.8, लुधियाना में 35.8, अमृतसर और फरीदकोट में 35.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। शुक्रवार को दर्ज स्टेशनों पर बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी कोई चेतावनी नहीं है।

  • स्वच्छ पंजाब की मुहिम तेज! 10 दिवसीय अभियान में गीले-सूखे कचरे को अलग करने की अपील

    स्वच्छ पंजाब की मुहिम तेज! 10 दिवसीय अभियान में गीले-सूखे कचरे को अलग करने की अपील

    चंडीगढ़ /जालंधर 

    पंजाब को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए राज्य सरकार ने आज से मिशन क्लीन पंजाब नाम से विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। अभियान का आगाज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक पर खुद सफाई कर किया।
    अभियान के तहत राज्यभर में उन स्थानों की पहचान कर विशेष सफाई कराई जाएगी, जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है। सरकार का मुख्य फोकस गारबेज वल्नरेबल पॉइंट (GVP) को खत्म करने पर रहेगा। इन स्थानों की सफाई के साथ दोबारा वहां कूड़ा न जमा हो, इसके लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    मंत्री और विधायक भी मैदान में उतरेंगे
    मिशन क्लीन पंजाब को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री और विधायक भी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सफाई अभियान का नेतृत्व और निगरानी करेंगे। स्थानीय लोगों को भी सफाई गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    जालंधर में AAP ने चलाया मिशन क्लीन

    पंजाब सरकार के क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत जालंधर के नकोदर चौक से हुई। यहां कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत सहित अन्य ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डीसी वरजीत वालिया ने लोगों को अपने घरों के गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर मुहिम का हिस्सा। 

    सफाई अभियाना में जालंधर के मेयर वीनित धीर और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली सहित नगर निगम के कर्मचारियों ने सड़कों की सफाई की। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर अपना योगदान दिया।

    कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वे क्लीन पंजाब मुहिम के तहत सड़कों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों या किसी भी इलाके में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और सभी मिलकर हर इलाके में इसे चलाएंगे, ताकि आने वाले समय में पूरा पंजाब स्वच्छ हो सके।

    क्लीन पंजाब मिशन से बदलेगा शहर का स्वरूप: मेयर मेयर वीनित धीर ने कहा कि भगवंत सिंह मान और लोकल बॉडी मंत्री के नेतृत्व में 10 दिन का 'क्लीन पंजाब' मिशन शुरू किया गया है। निगम की टीम, मेयर, डीसी साहब और सभी कर्मचारी मिलकर इसे कामयाब बनाएंगे। 10 दिनों के भीतर जालंधर का एक नया और साफ-सुथरा स्वरूप सामने आएगा। बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरूरी है। लोगों से अपील है कि वे चलते-फिरते सड़कों पर कचरा न फेंकें, क्योंकि शहर खूबसूरत तभी बनेगा जब नागरिक भी जिम्मेदार बनेंगे।

    जनता के सहयोग बिना अभियान अधूरा कैबिनेट मंत्री भगत, मेयर धीर और डीसी वालिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास तभी रंग लाएंगे जब जनता का पूरा सहयोग मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग चलते-फिरते या दुकानों के बाहर कचरे से भरे लिफाफे फेंक देते हैं।

    पुलिस और प्रशासन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और कुछ जगहों पर डस्टबिन भी मुहैया कराए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की मेहनत को सफल बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी और सड़कों पर कचरा फेंकने से परहेज करना होगा।

    सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने पर जोर
    सरकार का मानना है कि कचरे के ढेर और गंदगी से न केवल शहरों की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में अभियान के जरिए साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।

    गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना पहला कदम स्वच्छता ही ईश्वर की भक्ति है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे शहर को अपना घर मानकर साफ रखना चाहिए। नगर निगम ने रात के समय कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए स्पेशल मार्शल भी तैनात किए हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही निगम की टीमों को सौंपें। अगर सभी वर्ग मिलकर टीमवर्क की तरह काम करें, तो इन 10 दिनों में जालंधर को पूरे पंजाब के लिए एक मिसाल बनाया जा सकता है।

    लोगों से सहयोग की अपील
    सरकार ने प्रदेश के लोगों से मिशन क्लीन पंजाब में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य अभियान के दौरान अधिक से अधिक कचरा संवेदनशील स्थानों को साफ कर पंजाब को स्वच्छ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

  • कनाडा जाने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी! वर्क परमिट प्रक्रिया में अब 90 दिन की राहत, जानें किसे होगा फायदा

    कनाडा जाने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी! वर्क परमिट प्रक्रिया में अब 90 दिन की राहत, जानें किसे होगा फायदा

    ओटावा
    कनाडा में रोजगार कर रहे पंजाबी युवाओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। जिन युवाओं का वर्क परमिट समाप्त होने वाला है और उनके नियोक्ता ने उनके लिए श्रम बाजार प्रभाव आकलन का आवेदन पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें अब वर्क परमिट विस्तार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले से 30 दिन अतिरिक्त मिलेंगे। 

    कनाडा के आव्रजन विभाग ने इन-कनाडा वर्क परमिट विस्तार की समवर्ती प्रक्रिया के तहत मिलने वाली अवधि 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दी है। इस फैसले का पंजाब के युवाओं पर खास असर पड़ेगा। कनाडा में बड़ी संख्या में पंजाबी युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्थायी वर्क परमिट पर नौकरी कर रहे हैं। 

    इनमें कई ऐसे हैं जो मौजूदा नियोक्ता के साथ नौकरी जारी रखना चाहते हैं और भविष्य में स्थायी निवास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एलएमआईए प्रक्रिया में देरी के कारण इनके सामने कई बार वर्क परमिट खत्म होने और रोजगार प्रभावित होने का खतरा रहता था।

    नई व्यवस्था पंजाबी युवाओं के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी नौकरी के साथ किराये का घर, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां और कनाडा में आगे की आव्रजन योजना भी मौजूदा वर्क परमिट से जुड़ी होती है। हालांकि, 90 दिन की अवधि को नया वर्क परमिट नहीं समझना चाहिए।

    आखिरी समय तक इंतजार जोखिम भरा
    केवल एलएमआईए आवेदन लंबित होने के भरोसे आखिरी समय तक इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। नियोक्ता द्वारा एलएमआईए आवेदन समय रहते दाखिल किया गया होना जरूरी है। सिर्फ वर्क परमिट खत्म होने के करीब होने के कारण आखिरी समय में एलएमआईए आवेदन करने से हर मामले में 90 दिन की सुविधा मिलना तय नहीं है।

     

  • भूमि विवादों पर लगेगा ब्रेक! पंजाब में डिजिटल मैपिंग से तय होगा संपत्ति का असली मालिक

    भूमि विवादों पर लगेगा ब्रेक! पंजाब में डिजिटल मैपिंग से तय होगा संपत्ति का असली मालिक

     चंडीगढ़
    पंजाब के शहरी क्षेत्रों में भूमि से जुड़े विवादों का निपटारा होगा और साथ ही असल मालिकों को संपत्ति हक मिलेगा जिसके लिए स्थानीय निकाय विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कर दिया है।पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनूड, राजपुरा, खन्ना और बरनाला में यह परियोजना शुरू की गई है जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इन चार शहरों में 2 लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है।

    यह परियोजना केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरी इलाकों में लागू की जा रही है। पंजाब सरकार परियोजना के लिए छह शहरों को चुना था जिसमें मोहाली और डेराबस्सी भी शामिल था लेकिन इन दो शहरों में मंजूरी न मिलने के कारण फिलहाल सिर्फ चार शहरों में ही परियोजना शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार ने इस पूरी परियोजना के लिए फंड उपलब्ध कराया है जबकि स्थानीय निकाय विभाग सर्वे का काम देख रहा है।

    रोवर मशीन का उपयोग सैटेलाइट संकेतों और आधुनिक तकनीक के जरिये इंच-इंच जमीन की सटीक माप और सीमांकन के लिए किया जा रहा है ताकि एक सही भूमि रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। सर्वेक्षण टीमों को एक विशेष टैबलेट दिया गया है जिसमें सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हैं और यह टैबलेट ब्लूटूथ के जरिये रोवर मशीन से जुड़ा होता है।

    सर्वेक्षण के लिए 71 टीमों को किया तैनात
    परियोजना के तहत संपत्तियों का ड्रोन से डिजिटल सर्वे पहले पूरा हो चुका है और अब सिर्फ डोर-टू-डोर रोवर सर्वे जारी है जिसके लिए 71 टीमों को तैनात किया गया है जो आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और अन्य संपत्तियों का दौरा कर कब्जाधारियों की सूची तैयार करेंगी।

    राजस्व विभाग पटवारियों की मदद लेगा और तैयार किए गए डेटा का सत्यापन उनके रिकॉर्ड से किया जाएगा, जिससे असल मालिकों की पहचान में मदद मिलेगी। इसके अलावा सर्वेक्षण पूरा होने के बाद रिकॉर्ड को फाइनल करने से पहले लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी जाएंगी ताकि अगर इनमें किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत है तो संशोधन किया जा सके। इसके लिए जिला स्तर पर राजस्व विभाग की तरफ से समितियां भी बनाई जाएंगी।

    भू-माफिया और फर्जीवाड़े पर भी लाएगी अंकुश
    यह परियोजना भू-माफिया और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाएगी, भूमि की लूट बंद होगी और भूमि मालिक अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा ऑनलाइन देख सकेंगे। विभाग विवादित जमीनों के निपटारे के लिए डिजिटल व्यवस्था तैयार करेगा। साथ ही, अवैध कब्जों का पता लगाकर उन्हें हटाने में भी मदद मिलेगी। प्रत्येक संपत्ति का क्षेत्रफल दर्ज कर उसे एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे लाभार्थी का पूरा पता डिजिटल हो जाएगा और जमीन-जायदाद के झगड़ों में कमी आएगी। डिजिटल रूप से तैयार किए गए नक्शों और प्रॉपर्टी कार्डों को कानूनी मान्यता मिलेगी, जिससे संपत्ति की खरीद-बिक्री व पंजीकरण सरल होता है।