Category: पंजाब

  • कर्मचारियों की बढ़ेगी Salary, पंजाब में नए DC रेट से होगा खूब फायदा

    कर्मचारियों की बढ़ेगी Salary, पंजाब में नए DC रेट से होगा खूब फायदा

    पटियाला.

    पंजाब सरकार ने राज्य में संशोधित न्यूनतम वेतन (डीसी रेट) को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। लुधियाना सहित प्रदेश के सभी जिलों में डीसी रेट सितंबर 2025 में संशोधित किए गए थे, लेकिन अब लेबर डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद इन्हें एक सितंबर 2025 से बैकडेट लागू कर दिया गया है। इससे लाखों कर्मचारियों को सितंबर से अब तक का एरियर भी मिलेगा।

    संशोधित दरों के अनुसार महंगाई भत्ते में वृद्धि के कारण कर्मचारियों के मासिक वेतन में करीब ₹336 से ₹439 तक की बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्स और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान करें, वहीं निजी संस्थानों को भी इन दरों का पालन करना अनिवार्य होगा।

    नए रेट के तहत अनस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹11,389 से बढ़कर ₹11,726, सेमी-स्किल्ड का ₹12,169 से ₹12,506, स्किल्ड का ₹13,066 से ₹13,403 और हाई-स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹14,098 से बढ़कर ₹14,435 कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी विभागों और बोर्डों में आउटसोर्स स्टाफ की विभिन्न कैटेगरी में भी वेतन में इजाफा किया गया है।

    कृषि क्षेत्र से जुड़े अकुशल श्रमिकों के वार्षिक वेतन में भी सीधी बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका सालाना वेतन अब ₹79,107 से अधिक हो गया है। वहीं ईंट-भट्टा मजदूरों के पीस रेट में भी लगभग ₹28 प्रति हजार ईंट की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी या निजी संस्था तय डीसी रेट से कम वेतन नहीं दे सकती। नियमों का उल्लंघन करने या साप्ताहिक छुट्टी न देने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पहचान को आसान बनाने लिया फैसला, श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

    पहचान को आसान बनाने लिया फैसला, श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

    अमृतसर.

    अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदल दिया गया है। अब गहरे पीले और नीले चोले के साथ सफेद पजामा, और चोले के रंग के विपरीत पगड़ी होगी। प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेड़ा ने बताया कि यह बदलाव श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी के लिए किया गया है।

    सेवादार दो दिन पीला और दो दिन नीला चोला पहनेंगे। बता दें, श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में तैनात सेवादारों को हर साल मैनेजर गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए यूनिफॉर्म देते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई मैनेजर बदलता है, तो वह अपनी सोच के हिसाब से सेवादारों के लिए यूनिफॉर्म का रंग भी बदल देता है।

    अब तक पीला-नीला चोला, सफेद पजामा, पीली, नीली और काली पगड़ी और हाथ में कमरकस्सा वाली बेल्ट के साथ हाथ में भाले के साथ सेवादार की पहचान रही है। अब इस पीले और नीले चोला का रंग गहरा कर दिया गया है। इसके साथ ही सफेद पायजामा, नीले चोले के साथ पीला व पीले चोले के साथ नीली पगड़ी व हाथ में कमकस्सा और भाले के साथ बेल्ट पहनाकर सेवादार की पहचान बनाई गई है।

    सेवादार दो दिन पीला चोला और दो दिन नीला चोला पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि सेवादारों की वर्दी का रंग यूनिक रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी हो।

  • AAP नेता लक्की ओबोराय की जालंधर में हत्या, गुरुद्वारे के बाहर हमलावरों ने चलाईं 5 गोलियां

    AAP नेता लक्की ओबोराय की जालंधर में हत्या, गुरुद्वारे के बाहर हमलावरों ने चलाईं 5 गोलियां

     चंडीगढ़
    पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने लक्की ओबोराय पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं. 

    गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से जालंधर शहर में डर और दहशत का माहौल है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी. 

    पत्नी ने AAP के टिकट पर लड़ा था नगर निगम चुनाव
     
    पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के अनुसार, लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. 

    लक्की ओबोराय को कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा का करीबी बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और पूरे मामले की जांच जारी है.

  • लाडोवाल Toll Plaza के कर्मचारी भी डर के मारे बेबस, वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर हमले कर रहे बदमाश

    लाडोवाल Toll Plaza के कर्मचारी भी डर के मारे बेबस, वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर हमले कर रहे बदमाश

    लुधियाना.

    महानगर के लाडोवाल टोल टैक्स पर इन दिनों कानून का नहीं बल्कि बदमाशों का राज चलता दिखाई दे रहा है। लुधियाना-जालंधर नेशनल हाईवे पर स्थित इस मुख्य टोल प्लाजा पर करीब 15 से 20 अज्ञात दबंगों ने अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है। ये बदमाश दिन-रात टोल पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रांसपोर्टरों को अपना शिकार बना रहे हैं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना लाडोवाल की पुलिस ने अज्ञात बदमाशो के खिलाफ जबरन वसूली की FIR दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक ए.एस.आई. मोहम्मद सदीक को सूचना मिली कि लाडोवाल टोल पर गुंडागर्दी चरम पर है। 15-20 अज्ञात युवक टोल प्लाजा के पास जमावड़ा लगाकर बैठते हैं और लुधियाना से जालंधर की ओर जाने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को टोल बूथ से पहले ही रोक लेते हैं। ये आरोपी ड्राइवरों से डरा-धमका कर टोल की रकम अपनी जेब में भर लेते हैं और बदमाशी से फिर वाहन फ्री में निकलवा देते है। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि ये बदमाश टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हैं।

    डर के मारे कर्मचारी भी इन बदमाशों के आगे बेबस नजर आते हैं और इनके द्वारा रोके गए वाहनों को बिना किसी सरकारी पर्ची या रसीद के ही वहां से जाने देते हैं। इस तरह आरोपी न सिर्फ जनता को लूट रहे हैं बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी पहचान करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में हाईवे पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • सिर्फ 30 मीटर हुई विजिविलिटी, पंजाब में कोहरा बना छात्रों की मुश्किल

    सिर्फ 30 मीटर हुई विजिविलिटी, पंजाब में कोहरा बना छात्रों की मुश्किल

    जालंधर.

    महानगर के बाहरी क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिविलिटी महज 30 मीटर तक थी। इस स्थिति ने वाहन चालकों, विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और उनके बस चालकों के लिए कठिनाइयां उत्पन्न कीं। वाहन चालक लाइटें जलाकर और एक-दूसरे के पीछे सावधानी से चलते नजर आए।

    हालांकि, सुबह और शाम के समय सर्दी बनी रही, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अनुभव होने लगा। अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने वीरवार को भी इसी प्रकार के मौसम की संभावना जताई है, जिसमें सुबह हल्की धुंध और दिन में तेज धूप की उम्मीद है। दूसरी तरफ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) की बात करें तो मंगलवार रात 10 बजे के बाद से यह 100 से बढ़कर बुधवार सुबह एक बजे तक 219 तक पहुंच गया। वहीं शाम के समय एक्यूआइ तीन रिकार्ड किया गया।

  • केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय का संसद में जवाब, दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों में सुलभता की कोई जानकारी नहीं

    केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय का संसद में जवाब, दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों में सुलभता की कोई जानकारी नहीं

    चंडीगढ़.

    केंद्र सरकार के पास चंडीगढ़ में सरकारी कार्यालयों की दिव्यांगजनों के लिए सुलभता का पूरा डेटा उपलब्ध नहीं है। सामाजिक न्याय मंत्रालय ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। केंद्र राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

    चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों में 330 श्रवण यंत्र बांटे गए और दो बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट हुआ। शिकायत निवारण के लिए मोबाइल ऐप और सहायता केंद्र उपलब्ध हैं, साथ ही उपकरणों की गुणवत्ता और वारंटी सुनिश्चित की जाती है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सरकारी भवनों, परिवहन व्यवस्था और सूचना प्रणाली को सुलभ बनाना राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की जिम्मेदारी है। इसी कारण चंडीगढ़ में कितने सरकारी कार्यालयों में रैंप, दिव्यांग शौचालय, संकेतक, लो काउंटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसका कोई केंद्रीय स्तर पर संकलित आंकड़ा नहीं रखा जाता।

    मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार दिव्यांगों के लिए बाधारहित वातावरण के निर्माण हेतु राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मांग के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़ी विशेष योजना के तहत अनुदान दिया जाता है। श्रवण सहायक उपकरणों की स्थिति पर सरकार ने बताया कि दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान 330 श्रवण यंत्र वितरित किए गए हैं। इसके अलावा दो बच्चों में कॉक्लियर प्रत्यारोपण कराया गया है।

    मंत्री ने कहा कि योजना के तहत लाभ पाने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है। निर्धारित आय सीमा तक के लाभार्थियों को पूर्ण आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि अधिक आय वर्ग के लिए आंशिक सहायता का प्रावधान है। बच्चों के कॉक्लियर प्रत्यारोपण पर उपचार, जांच, यात्रा और पुनर्वास सहित सहायता दी जाती है। सरकारी कार्यालयों और सहायक उपकरणों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए नागरिकों को मोबाइल अनुप्रयोग, टोल फ्री सेवा और सार्वजनिक शिकायत प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। चंडीगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता केंद्र भी संचालित किया जा रहा है, जहां उपकरणों की मरम्मत और शिकायतों का निस्तारण किया जाता है।

    मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों को उपलब्ध कराए जाने वाले सभी सहायक उपकरण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होते हैं और इनके साथ न्यूनतम एक वर्ष की वारंटी दी जाती है, ताकि समय पर मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित हो सके।

  • बेटे को नौकरी से निकालने पर CMO को दी थी धमकी, नकली स्वास्थ्य मंत्री गिरफ्तार

    बेटे को नौकरी से निकालने पर CMO को दी थी धमकी, नकली स्वास्थ्य मंत्री गिरफ्तार

    अमृतसर.

    अमृतसर पुलिस ने एक पांचवीं पास व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को स्वास्थ्य मंत्री बताकर सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. रजनीश को धमका रहा था। आरोपी हरजीत सिंह ने अस्पताल में कथित कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए अवैध निर्देश देने का प्रयास किया। हालांकि, सीएमओ की शिकायत पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

    आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। यह मामला सिविल अस्पताल अमृतसर में तैनात एक सीएमओ डॉ. रजनीश द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। डॉ. रजनीश ने बताया कि मंगलवार फरवरी को सुबह 10.34 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने सिविल अस्पताल में कथित कुप्रबंधन के आरोप लगाए और डराने-धमकाने का प्रयास किया। आरोपी ने सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करते हुए कई अवैध निर्देश जारी करने की कोशिश की।

    इसके अलावा अस्पताल स्टाफ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने की बात करने लगा। आरोपी ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन ने एक कर्मचारी को बिना वजह नौकरी से निकाला, जो अनुचित है। जब सीएमओ ने आरोपी की पहचान को लेकर दोबारा सवाल किए तो उसने अपना बयान बदलते हुए खुद को मंत्री कार्यालय से गुरजीत सिंह बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बार-बार झूठा अधिकार जताकर मानसिक रूप से परेशान किया और दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बाद सीएमओ ने मामला सिविल सर्जन अमृतसर के संज्ञान में लाया। सिविल सर्जन ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने स्पष्ट रूप से किसी भी तरह की कॉल या निर्देश से इनकार किया और मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी द्वारा सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान, आपराधिक धमकी और अधिकारों के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम हरजीत सिंह है। वह 57 वर्षीय है और वह गुरबख्श नगर का रहने वाला है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक प्राइवेट गोताखोर है। उसे गेट हकीमां क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    बाद में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी हरजीत सिंह का बेटा सिविल अस्पताल में सुरक्षा कंपनी में कार्यरत था, पर जब दस्तावेजों की जांच की गई तो वह पूर्व सैनिक नहीं पाया गया। ऐसे में कंपनी ने उसे नियमों के अनुसार नौकरी से हटा दिया था। डीसीपी विजय आलम ने बताया कि आरोपित के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

  • पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    लुधियाना.

    पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा।

    विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है।

    कहां कितना रहा तापमान
    मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था।

    खडूर साहिब सीट से बना सांसद
    पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

  • सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    चंडीगढ़ 

     इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।  

    सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

    प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

    आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

    मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।