Category: पंजाब

  • पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था।

    खडूर साहिब सीट से बना सांसद
    पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

  • सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    चंडीगढ़ 

     इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।  

    सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

    प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

    आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

    मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

  • पीएम मोदी के पंजाब दौरे के बाद भाजपा के लिए उम्मीद की किरण, क्या सिद्धू परिवार का होगा घर वापसी?

    पीएम मोदी के पंजाब दौरे के बाद भाजपा के लिए उम्मीद की किरण, क्या सिद्धू परिवार का होगा घर वापसी?

    चंडीगढ़ 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन प्रदेश से शुभ संदेश आया है. इसके साथ ही कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि क्‍या सिद्धू परिवार की घर वापसी मतलब भाजपा में वापसी होने जा रही है. पीएम मोदी के पंजाब विजिट से एक दिन पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वालीं नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उनका दिल से स्‍वागत किया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा कि पंजाब की जनता भोलीभाली है, जिन्‍हें हमारी सरकार अपने हितों और स्‍वार्थ के चलते हमेशा मूर्ख बनाती रहती है. नवजोत कौर सिद्धू ने आगे लिखा – मोदीजी पंजाब में आपका दिल से स्‍वागत है. नवजोत कौर के इस सोशल मीडिया पोस्‍ट से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है.

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘जब हमारे देश के प्रमुख हमारे राज्य को कुछ देने आते हैं, तो सभी राजनीतिक चोर उनके घर वापसी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों इकट्ठा हो जाते हैं? हमें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि उन्होंने वह पद और शक्ति अपने परिश्रम से अर्जित की है, ताकि वे हमारे राज्य को कुछ महान दे सकें. आभारी बनें. पंजाब के लोग भोले-भाले हैं और स्वार्थी सरकारें अपने हितों के चलते उन्हें हमेशा धोखा देती रही हैं. उन्होंने अपने परिवारों के लिए भारी संपत्ति बना ली है. पंजाब के लिए कुछ करना है नहीं. मोदी जी का प्यार भरे दिल से स्वागत है, यही पंजाबी लोगों की सच्ची प्रकृति है सच्‍चा स्‍वभाव है.’

    बीजेपी या AAP ने संपर्क तो नहीं किया?

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक अन्‍य पोस्‍ट में लिखा, ‘मैं संभवतः उन बहुत कम लोगों में से हूं, जिन्होंने किसी भी राजनीतिक कारण से न तो बीजेपी न आप और न ही किसी अन्य पार्टी के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही किसी पार्टी ने मुझसे संपर्क किया है. मैं अपनी व्यक्तिगत दृष्टि और चेतना से बात कर रही हूं, क्योंकि मैं केवल वाहेगुरु जी के प्रति उत्तरदायी हूं और किसी और के प्रति नहीं. मैं सिर्फ पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हूं, जिसे मैं एक एनजीओ बनाकर कर सकती हूं और गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर तथा जीवित विकसित संतों के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ सेवा और आत्मा के विकास के बारे में थोड़ा सीखते हुए अपनी आत्मा के उत्कर्ष के लिए कार्य करना चाहती हूं. हाल ही में भगवद गीता के उपदेशों के साथ तीन दिन का अद्भुत और आनंदमय समय बिताया और प्रेमानंद महाराज जी जैसे प्रबुद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने अनेक आत्माओं को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है.’

    सीएम भगवंत मान से सीधा सवाल

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्‍ट में लिखा, ‘पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने तीन बार स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की, क्योंकि वे गुजरात के हर नागरिक के प्रति जवाबदेह रहे और सभी विभागों के उपयोग प्रमाणपत्र (utilisation certificates) जमा करते थे, क्योंकि तभी केंद्र से जितनी राशि चाहिए उतनी मिल सकती है. आप पंजाब के लोगों के पैसे का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि के लिए करने के बजाय अपने फायदे के लिए मुफ्त योजनाओं में नहीं कर सकते. मुफ्त बिजली देने के बजाय आपने चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों की तरह सोलर पावर को अनिवार्य क्यों नहीं किया? आपकी खनन और शराब नीति कहां है? यह तो बड़े लोगों के साथ साझेदारी में सिर्फ आपकी जेब भरने के लिए है. पहले अकाली दल और कांग्रेस के साथ यह 75:25 था और अब आप और कांग्रेस/अकाली के साथ 80:20 है. हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आपके शासन में यह सबसे अधिक है, क्योंकि आप अपने निजी हितों के लिए खरीदे हुए मीडिया चैनलों की एक छोटी टीम के साथ अकेले काम कर रहे हैं, जो आपकी महिमा गान में लगे हैं. आपने आपके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबा दी है. हर व्यक्ति का एक समय होता है और वाहेगुरु जी ही सभी के वास्तविक न्यायाधीश हैं. आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते.’

  • जालंधर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, डेरा सच्चखंड बल्लां में की अरदास; आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण गुरु रविदास के नाम

    जालंधर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, डेरा सच्चखंड बल्लां में की अरदास; आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण गुरु रविदास के नाम

     जालंधर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आदमपुर एयरपोर्ट का नाम महान संत श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने का उद्घाटन किया। इस मौके पर डेरा सचखंड बल्लां सहित विभिन्न स्थानों से पहुंची संगत और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट के नए नाम का औपचारिक ऐलान किया, पूरा परिसर रविदास शक्ति के नारों से गूंज उठा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हलवारा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का जीवन समरसता, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों से समाज को नई दिशा दी और भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद की। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना, उनकी शिक्षाओं के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास है।

    इस अवसर पर पंजाब के सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, संत समाज, संगत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। संगत ने गुरु रविदास जी की तस्वीरों और झंडों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का संगम साफ नजर आया।

    राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर किया जाना पंजाब की दलित राजनीति और सामाजिक चेतना के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इसे राज्य में सामाजिक संतुलन और सम्मान की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    सुबह से ही डेरा परिसर में रौनक बढ़ने लगी और दूर-दराज़ से पहुंची संगत प्रधानमंत्री के स्वागत और देखने को लेकर बेसब्री से इंतजार करती नजर आई। डेरा प्रबंधन और संगत की ओर से पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं और संदेशों से जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए।

    प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि श्रद्धा, सामाजिक समरसता और दलित चेतना से जुड़े बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। डेरा सच्चखंड बल्लां, जो गुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा का प्रमुख और प्रभावशाली केंद्र है, वहां प्रधानमंत्री की मौजूदगी को संगत ने सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में लिया। जय गुरु रविदास के उद्घोष के साथ संगत डेरा परिसर में जुटती रही और पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

    वहीं लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का भी पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे। हलवारा एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू और मुख्यमंत्री भगवंत मान कुछ ही देर में पहुंचने वाले हैं, वाटर प्रूफ टेंट में विशाल मंच सज चूका है और मेहमानों का आना निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदमपुर एयरपोर्ट से 3.45 पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा का वर्च्युअल उद्घाटन करेंगे।

    सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता
    प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। पंजाब पुलिस और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के जवान डेरा बल्लां में तैनात हैं। डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

    एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास के नाम पर रखा जाएगा
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। यहां वे इस एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट रखने की घोषणा करेंगे। इसके अलावा वे लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे। सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री के दौरे का पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार पीएम डेरा सचखंड बल्लां में लगभग 40 मिनट रुकेंगे। इस दौरान वे डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात कर करेंगे। वह एक संक्षिप्त संबोधन भी दे सकते हैं। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी डेरा बल्लां पहुंच सकते हैं।

    जालंधर नो फ्लाइंग जोन घोषित, डीजीपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
    प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। पंजाब पुलिस और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के जवान डेरा बल्लां में तैनात हैं। डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनजर 30 जनवरी से 1 फरवरी तक जालंधर को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस अवधि में जिला सीमा के भीतर ड्रोन, हेलिकॉप्टर और अन्य नागरिक विमानन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। जालंधर-पठानकोट हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।

  • ग्रामीणों के 14 लाख लेकर रफूचक्कर, ‘चमत्कारी’ बाबा की हो गई मौज

    ग्रामीणों के 14 लाख लेकर रफूचक्कर, ‘चमत्कारी’ बाबा की हो गई मौज

    चंडीगढ़/मानसा.

    मानसा जिले के गांव सिरसीवाला में श्रद्धा की आड़ में कथित ढोंगी बाबा श्रद्धालुओं के 14 लाख रुपये लेकर भाग निकला। पहले आरोपी ने कड़ाके की ठंड में डेढ़ महीने तक जलधारा कर लोगों का भरोसा जीता। बाद में श्रद्धा व पुण्य सेवा के नाम पर ऑनलाइन व नकदी रूप में श्रद्धालुओं से 14 लाख रुपये ले लिए। एक धार्मिक स्थान की यात्रा दौरान आरोपी लोगों को चकमा देकर भाग निकला।

    बाबा की ठगी का शिकार हुए लोगों ने पुलिस को शिकायत की दी है। थाना बरेटा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान प्रेमनाथ के के रूप में हुई है। लोगों ने बाबा के शार्गिदों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
    रूपिंद्र सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले बाबा प्रेमनाथ ने अपने शार्गिदों के साथ गांव आकर डेरा लगाया और जलधारा शुरू की। जलधारा के दौरान गांव वालों को लगा बाबा चमत्कारी है। लोगों की भीड़ जुड़ने लगी तो बाबा ने प्रचार किया गया कि जलधारा करवाने से गांव में सुख-शांति व खुशहाली आएगी। पहले भी उसने कई गांवों में जाकर ऐसी तपस्या की है जहां खुशहाली ही खुशहाली है। गांव के लोग बाबा बातों से प्रभावित हो गए और धीरे-धीरे गांववासियों ने बाबा को दान दक्षिणा व पुण्य दान के रूप में रुपये देने शुरू कर दिए। गांव की खुशहाली के लिए बाबा को पैसे इकट्ठे करके दिए। चढ़ावे को लेकर बाबे पर लोगों को शक न हो इसलिए वह कुछ पैसे अपने चेले के खाते में डलवाता और कैश खुद रख लेता। बाबा लोगों को कहता था कि जो मन से दान करेगा उनके सारे दुख दर्द दूर हो जाएंगे। इस पर लोगों ने दिल खोलकर दान दिया। इससे बाबा के पास 14 लाख रुपये इकट्ठे हो गए।

    लोगों ने बताया कि बाबा प्रेमनाथ ने नैना देवी जाने की इच्छा जताई। गांव के कुछ लोग बाबा को अपनी गाड़ी में लेकर साथ गए और वापसी समय पटियाला के एक ढाबे पर रोटी खाने के लिए रुके। इस दौरान बाबा लोगों को चकमा देकर भाग निकला। इस पर लोगों को अपने साथ हुई ठगी का पता लगा। गांव वालों ने बाबा के शार्गिद अजय कुमार उर्फ सोनू व अमनदीप उर्फ पंडित निवासी निरवाना को पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों ने पुलिस से बाबा की गिरफ्तारी की भी मांग की है। थाना बरेटा की पुलिस ने बाबा प्रेमनाथ खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा कुछ बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

  • PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जालंधर के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

    PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जालंधर के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया। शनिवार को शहर के तीन स्कूलों पुलिस डीएवी स्कूल, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल और एमजीएम स्कूल को ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली। मेल में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान डेरा बल्लां क्षेत्र में धमाके की चेतावनी दी गई है।

    धमकी भरे मेल में लिखा गया कि खालिस्तानियों का डेरे से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री उनके दुश्मन हैं। जैसे ही स्कूल प्रशासन को मेल की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस विभागों को सूचित किया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और हालात पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस मामले में पुलिस के किसी पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है।

  • 63,943 लोगों को बिना सिफारिश मिली सरकारी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने 916 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

    63,943 लोगों को बिना सिफारिश मिली सरकारी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने 916 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में विभिन्न विभागों के नवनियुक्त 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से 'मिशन रोजगार' के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां देने के लिए AAP सरकार की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।

    योग्यता के आधार पर बांटी नौकरियां: CM
    अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले पिछली सरकारों के समय योग्यता की बजाय रिश्वत और सिफारिश से नौकरियां देने के फैसले होते थे।
    मोहाली के विकास भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने राज्य के लड़के-लड़कियों की योग्यता को दरकिनार किया, जिससे हजारों होनहार युवाओं के सपने तबाह हो गए।

    'कल्याणकारी है मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना'
    उन्होंने कहा, "पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ताधारी लोगों के चहेतों द्वारा छीन लिए जाते थे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह देखकर बहुत दुख होता कि आजादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सभी के लिए शर्म की बात है।" अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।

    पारदर्शी प्रणाली से हो रही सरकारी भर्तियां: CM
    पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से तुरंत भरा जा रहा है। लगभग 64,000 नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि ये सभी नियुक्तियां केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं।

    नवनियुक्त उम्मीदवारों ने CM मान की तारीफ की
    इस दौरान नवनियुक्त उम्मीदवारों में से रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। मोगा के वेटरनरी अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि यह नौकरी उन्हें पूरी तरह योग्यता के आधार पर मिली है। सहकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी भी बिना रिश्वत या सिफारिश के मिली है। डॉ. मुकेश ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और वे इसे अपनी मां और पंजाब के लोगों की सेवा को समर्पित करते हैं। अमृतसर की स्टाफ नर्स तमन्ना ने इसे अपने परिवार के लिए सपना साकार होने जैसा बताया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियां और अन्य उपस्थित थे।