Category: पंजाब

  • हड़ताल पहले खत्म करो, फिर होगी बात! पंजाब सरकार ने मिनिस्टीरियल यूनियन से बैठक की रद्द

    हड़ताल पहले खत्म करो, फिर होगी बात! पंजाब सरकार ने मिनिस्टीरियल यूनियन से बैठक की रद्द

    जालंधर.

    पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के बीच गतिरोध बढ़ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी। मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हड़ताल खत्म होने के बाद ही कर्मचारियों के साथ बातचीत होगी।

    मुख्यमंत्री की ओर से बैठक रद्द किए जाने के बावजूद यूनियन के प्रतिनिधि पीएपी परिसर में पहुंचे और काफी देर तक बैठक होने की उम्मीद में वहीं बैठे रहे। यूनियन प्रतिनिधि दोपहर 12 बजे बैठक के लिए परिसर में पहुंच गए थे। हालांकि, इससे पहले ही मुख्यमंत्री ने अपने इंटरनेट माध्यम पर पोस्ट कर साफ कर दिया था कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हड़ताल खत्म होनी चाहिए, इसके बाद ही कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद यूनियन प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत की संभावना फिलहाल टल गई।

    नियुक्ति पत्र देने के बाद निकले मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले पीएपी परिसर में नए भर्ती किए गए पुलिस कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के बाद वह करीब सवा एक बजे वहां से निकल गए। इसके बाद वह अपने ओल्ड बारादरी स्थित आवास पहुंचे। दूसरी ओर, यूनियन प्रतिनिधि पीएपी परिसर में ही बैठक की उम्मीद में बैठे रहे। कर्मचारियों की ओर से महंगाई भत्ते और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। यूनियन का कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री के रुख से अब सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने के संकेत हैं। यूनियन की ओर से आगे क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है।

  • चंडीगढ़ में गेड़ीबाजों पर शिकंजा, गर्ल्स कॉलेज के बाहर घूमने वालों पर मानवाधिकार आयोग सख्त

    चंडीगढ़ में गेड़ीबाजों पर शिकंजा, गर्ल्स कॉलेज के बाहर घूमने वालों पर मानवाधिकार आयोग सख्त

    चंडीगढ़.

    सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी काॅलेज के बाहर चर्चित ‘गेड़ी रूट’ को लेकर सामने आई सुरक्षा और अव्यवस्था की शिकायत पर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

    एसएसपी को अगली सुनवाई की तारीख से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट आयोग के समक्ष दाखिल करनी होगी। सेक्टर-36ए निवासी कुलबीर सिंह राणा ने आयोग के समक्ष दायर शिकायत में काॅलेज के बाहर, विशेषकर काॅलेज समय समाप्त होने के बाद, यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ अज्ञात वाहन चालक धीमी गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं। इसके अलावा कालेज के बाहर छात्रों के समूहों के जुटने की बात भी कही गई है।

    शिकायत में कालेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ लोगों की ओर से छात्राओं से कथित छेड़छाड़, व्यंग्यात्मक और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के साथ उनकी बिना अनुमति रिकॉर्डिंग किए जाने जैसी गतिविधियां होती हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि ऐसी गतिविधियां देर रात तक जारी रहने से आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।

    छह अगस्त को दो गुटों में हुआ था झगड़ा
    शिकायतकर्ता ने छह अगस्त को कालेज गेट के बाहर दो गुटों के बीच हुए कथित झगड़े का भी उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, घटना के बाद करीब दोपहर 2:35 बजे पीसीआर को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया था। इस घटना को भी कालेज के बाहर सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए शिकायत में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाने की मांग की गई है।

    पुलिस बीट कार्यालय और ट्रैफिक जांच की मांग
    शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ वेरका बूथ के पास पुलिस बीट कार्यालय स्थापित करने की मांग की है। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए उचित यातायात जांच बिंदु बनाने का सुझाव भी दिया गया है। आयोग ने मामले में एसएसपी को शिकायत भेजकर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सार्वजनिक स्थान सुरक्षित और व्यवस्थित रहना चाहिए। छात्रों और महिलाओं को यातायात जाम, उत्पीड़न या किसी गैरकानूनी गतिविधि के कारण भय अथवा असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी निवारक कदम उठाना जरूरी है।

  • मोहाली आवासीय परियोजना मामला: ED दफ्तर पहुंचीं IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़

    मोहाली आवासीय परियोजना मामला: ED दफ्तर पहुंचीं IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़

    जालंधर.

    मोहाली की एक बड़ी आवासीय परियोजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में आइएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़ वीरवार को दस दिन में दूसरी बार जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचीं।

    वह सुबह करीब 10 बजे कार्यालय पहुंचीं और बिना किसी से बातचीत किए सीधे अंदर चली गईं। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में मोहाली की उक्त परियोजना में भूमि उपयोग परिवर्तन यानी सीएलयू की मंजूरी से संबंधित अनियमितताओं की बात सामने आई थी। जिन मंजूरियों को लेकर जांच चल रही है, उस समय कंवलप्रीत कौर बराड़ संबंधित पद पर तैनात थीं। इसी कारण उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।

    18 अगस्त को भी हुई थी पेश
    इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने कंवलप्रीत कौर बराड़ को 18 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था। उस दिन उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ हुई थी। इसके बाद अब दस दिन के भीतर दूसरी बार उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। अधिकारी के दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय पहुंचने से मामले की जांच को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीरवार को उनसे किन बिंदुओं पर पूछताछ की जानी है और पूछताछ कितनी देर चलेगी।

    कई और अधिकारी भी जांच के दायरे में
    इस मामले में उस समय तैनात रहे कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से परियोजना से जुड़ी मंजूरियों और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कंवलप्रीत कौर बराड़ के कार्यालय पहुंचने के दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।

  • नेपाल में बाढ़ पर चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा कदम, कंट्रोल रूम स्थापित कर लापता लोगों की मांगी जानकारी

    नेपाल में बाढ़ पर चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा कदम, कंट्रोल रूम स्थापित कर लापता लोगों की मांगी जानकारी

    चंडीगढ़.

    नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ के मद्देनजर चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के उन लोगों के संबंध में जानकारी मांगी है, जो नेपाल में इस घटना के बाद से लापता हैं या जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। कंट्रोल रूम भी बनाया है।

    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास ऐसे किसी चंडीगढ़ निवासी के बारे में जानकारी है तो उपायुक्त कार्यालय के साथ साझा करें। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि लापता व्यक्तियों से संबंधित जानकारी मिलने के बाद उसे संकलित कर संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य लापता लोगों का पता लगाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है। नागरिक लापता व्यक्ति से संबंधित जानकारी कंट्रोल रूम के नंबर 112 या 0172-2700025 पर दे सकते हैं। इसके अलावा adc-chd@nic.in ई-मेल पर भी सूचना भेजी जा सकती है।

    इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय के कार्यालय अधीक्षक मोहन सिंह से भी संपर्क किया जा सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि नेपाल में फंसे अथवा लापता चंडीगढ़ निवासियों के संबंध में समय रहते जानकारी जुटाई जा सके और उनके परिवारों को आवश्यक मदद मिल सके।

  • पंजाब में नहीं बिकेगा एनालॉग पनीर, उत्पादन और सप्लाई चेन पर लगी रोक

    पंजाब में नहीं बिकेगा एनालॉग पनीर, उत्पादन और सप्लाई चेन पर लगी रोक

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग यानी गैर डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(ए) के तहत जारी किया है।

    सरकार के आदेश के बाद एनालॉग पनीर से जुड़े कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। इसका उत्पादन करने, गोदाम में रखने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने, वितरण करने या बेचने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर संबंधित अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

    जानें क्या है एनालॉग पनीर
    एनालॉग पनीर असली दूध से तैयार होने वाले पनीर से अलग होता है। इसेदूध के बजाय वनस्पति तेल, वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर कृत्रिम तरीके से तैयार किया जाता है। कई मामलों में इसे असली पनीर के रूप में बाजार में बेचे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाया है।

    निर्माण से बिक्री तक पूरी रोक
    सरकार के आदेश के तहत एनालॉग पनीर का निर्माण ही नहीं, बल्कि इसका भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी। खुले में या पैक करके इसकी बिक्री करना भी आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। यानी कारोबारी और दुकानदार किसी भी स्तर पर इस उत्पाद का कारोबार नहीं कर सकेंगे।

    उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
    प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई कारोबारी या दुकानदार एनालॉग पनीर का उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण या बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।

    कई राज्यों में पहले से लगी है रोक
    पंजाब से पहले हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। पंजाब सरकार के इस फैसले से अब राज्य में ऐसे उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगने से उपभोक्ताओं को असली डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

  • कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद अमृतसर बस अड्डे पर बसों का संचालन रहा सुचारु

    कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद अमृतसर बस अड्डे पर बसों का संचालन रहा सुचारु

    अमृतसर.

    महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अमृतसर बस अड्डे पर गुरुवार सुबह बसों की आवाजाही सामान्य रही।

    बस अड्डे पर यात्रियों की चहल-पहल और बसों का आवागमन आम दिनों की तरह ही दिखाई दिया। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों की ओर से 27 अगस्त को बसों की हड़ताल नहीं करने का फैसला लिया गया है। ऐसे में अमृतसर बस अड्डे से विभिन्न रूटों पर बसें चलती रहीं और यात्रियों को राहत मिली। वहीं, राज्य के अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इससे सरकारी कार्यालयों और कई सरकारी सेवाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है। कर्मचारी लंबित डीए, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे व कांट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • पंजाब में 1.46 लाख लोगों को नोटिस, SIR के तहत नाम जुड़वाने कैंपों में पहुंची भारी भीड़

    पंजाब में 1.46 लाख लोगों को नोटिस, SIR के तहत नाम जुड़वाने कैंपों में पहुंची भारी भीड़

    जालंधर.

    एसआइआर के सर्वे के दौरान जिले में 1.46 लाख लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई थी। दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए जारी नोटिस मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) द्वारा लगाए गए कैंपों में लोगों की भीड़ उमड़ी।

    यहां किसी की मैपिंग 2003 की वोटर सूची के साथ नहीं हो रही तो किसी के स्वजन के दस्तावेजों में खामियां हैं। ऐसे में टोकन लेने के बावजूद लोगों को काम करवाने के लिए तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। दरअसल, एसआइआर सर्वे के तहत प्रथम चरण 25 जून से तीन अगस्त तक पूरा किया गया था। इसके तहत जिले के कुल 16,49,946 वोटरों को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फार्म बांटे गए। इनमें से 14,64,949 वोटरों द्वारा अपने इन्यूमरेशन फार्म जमा करवाए गए, जबकि, 1,84,997 वोटरों द्वारा फार्म प्राप्त नहीं हुए।

    इन वोटरों में 50,520 वोटर मृतक, 94,356 वोटर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित, 8,961 डुप्लीकेट एंट्रीज, 30,157 एब्सेंट या अनट्रेसेबल वोटर व 1,003 अन्य कारणों वाली श्रेणियों में पाए गए थे। इसके अलावा ड्राफ्ट वोटर सूची में 1,46,551 वोटर ऐसे हैं, जिनकी 2003 की वोटर सूची से मैपिंग नहीं हुई। दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन वोटरों को अलग-अलग तिथियों व अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर बुलाया जा रहा है, जहां पर वोटरों की भीड़ तथा मैपिंग की प्रक्रिया में लग रही देरी के चलते लोगों को अपनी बारी के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। कैंपों में लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए टोकन जारी किए जा रहे हैं। वहां पर भी लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि, कैंप में बैठने से लेकर पानी तक का इंतजाम किया गया है। वीरवार को पुडा कांप्लेक्स में कैंप लगेगा।

    हलका स्तर पर तैनात किए गए इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसर

    • वेस्ट : एस्टेट अफसर जेडीए नवदीप सिंह
    • नार्थः जेडीए के मुख्य प्रशासक तेजदीप सिंह सैनी
    • सेंट्रल : एसडीएम-1 शुभी आंगरा
    • कैंटः आरटीओ बलजिंदर सिंह ढिल्लों
    • आदमपुर : एसडीएम लाल विश्वास
    • फिल्लौर : एसडीएम दीपक भाटिया
    • नकोदर : एसडीएम सिमरनजीत सिंह
    • शाहकोट : एसडीएम आदित्य गुप्ता एसडीएम-दो शायरी मल्होत्रा

    2003 की वोटर सूची में नहीं था पिता का नाम, मंगवाए दस्तावेज
    पुडा परिसर में लगाए गए कैंप में नोटिस हासिल करने वाले सुरेश कुमार ने कहा कि 2003 में वह बालिग नहीं थे तथा उस समय की वोटर सूची में पिता नाम नहीं था। इसके चलते गांव से पिता का के नाम के दस्तावेज मंगवाए गए हैं। लीला रानी ने कहा कि उनकी वोट तो बनी है, लेकिन पति के नाम में स्पैलिंग की गलती है। इसके लिए पति के सही नाम वाले दस्तावेज मांगे गए हैं।

    नोटिस मिलने पर यह दस्तावेज करवा सकते हैं जमा
    नोटिस मिलने पर उम्र के प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं या 12वीं का प्रमाणपत्र अथवा पासपोर्ट दिया जा सकता है। निवास के प्रमाण के लिए बैंक या डाकघर की पासबुक, बिजली, पानी या गैस का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पंजीकृत किरायानामा अथवा पंजीकृत सेल डीड जैसे दस्तावेज दिए जा सकते हैं। आवेदन के साथ हाल की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो भी देनी होगी।

  • पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, स्कूलों से अस्पतालों और दफ्तरों तक दिखा असर

    पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, स्कूलों से अस्पतालों और दफ्तरों तक दिखा असर

    अमृतसर.

    डीए जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारी संगठनों की ओर से 27 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिल। अमृतसर जिले के करीब सात हजार सरकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इसके चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है।

    वहीं, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, हालांकि मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी जाएंगी। सामूहिक अवकाश के कारण डीसी कार्यालय, खजाना कार्यालय, फूड सप्लाई विभाग, पटवारखाने, आरटीओ कार्यालय समेत कई सरकारी विभागों में नियमित कामकाज प्रभावित होगा विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल में शामिल होंगे। इससे सरकारी कामकाज के सिलसिले में कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    अस्पतालों में मरीजों को होगी परेशानी
    हड़ताल का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा। सरकारी अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि गंभीर मरीजों और आपात स्थिति में आने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ओपीडी बंद रहने से सामान्य इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। रोडवेज की बसें भी नहीं चलेंगी सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोडवेज सेवा पर भी पड़ने की संभावना है। अमृतसर-1 और अमृतसर-2 डिपो का नियमित स्टाफ बसों का संचालन नहीं करेगा। इससे सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि रेल यातायात सामान्य रहेगा।

    बाजार और निजी शिक्षण संस्थान रहेंगे सामान्य
    हड़ताल का असर सरकारी विभागों और सेवाओं तक सीमित रहेगा। बाजार, निजी स्कूल-कालेज और अन्य निजी शिक्षण संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। रेल यातायात पर भी हड़ताल का कोई असर नहीं होगा। ऐसे में निजी परिवहन और अन्य सामान्य गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

  • बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! गलत बिल की शिकायत पर 15 दिन में समाधान, 63 हजार बिल फिर से आएंगे

    बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! गलत बिल की शिकायत पर 15 दिन में समाधान, 63 हजार बिल फिर से आएंगे

    मोहाली 
    पंजाब में गलत या ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों का अब जल्द समाधान होगा। सरकार ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जायेगा। 

    सरकार का मकसद लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। बिजली संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं।

    हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। कर्मचारी उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया पर काम करेंगे। इसके अलावा उपभोक्ता PSPCL कंज्यूमर सर्विसेज ऐप के जरिए भी बिजली से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    63 हजार से अधिक दोबारा बिल आएंगे
    पंजाब सरकार के मुताबिक, अधिक बिल आने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलने वाले 63,702 उपभोक्ताओं की पहचान की गई है। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि मीटर रीडर्स की हड़ताल के दौरान इन उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए गए थे। इसके चलते मई और जून की 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सब्सिडी बिल में शामिल नहीं हो सकी।

    अब इन सभी उपभोक्ताओं के बिल दोबारा तैयार किए जाएंगे। सरकार अगले तीन कार्यदिवस में संशोधित बिल जारी कर मई-जून की सब्सिडी का लाभ देगी। जिन उपभोक्ताओं ने अपना बिल पहले ही जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि अगले बिल में समायोजित की जाएगी। अधिक बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सरकार की ओर से विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसके संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है।

    पहले इस फॉर्मूले पर भेजे गए थे बिल
    पिछले साल की औसत खपत के आधार पर तीन महीने का बिजली बिल तैयार किया गया। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी उपभोक्ता ने मई में 250 यूनिट बिजली खर्च की, तो यह 300 यूनिट की मुफ्त बिजली सीमा से कम है। ऐसे में उसे कोई बिल नहीं आना चाहिए था। जून में भी खपत 250 यूनिट रही, इसलिए इस महीने भी उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए था।

    जुलाई में गर्मी के कारण खपत बढ़कर 450 यूनिट हो गई। इस तरह तीनों महीनों की कुल खपत 950 यूनिट रही। ऐसी स्थिति में मई और जून की 300-300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलना चाहिए था और जुलाई का बिल उसकी वास्तविक खपत के आधार पर बनना चाहिए था। हालांकि, तीनों महीनों की कुल खपत को जोड़कर उसे तीन से विभाजित किया गया और औसत खपत के आधार पर बिल तैयार किया गया।

  • पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, सरकार ने भेजा न्योता; आज CM मान करेंगे बैठक

    पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, सरकार ने भेजा न्योता; आज CM मान करेंगे बैठक

    चंडीगढ़.

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को पंजाब सरकार से लागू कराने की मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच के आह्वान पर पंजाब के सरकारी कर्मचारी आज 27 अगस्त को महाहड़ताल पर हैं।

    पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ के कार्यालयों के अलावा प्रदेशभर के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। महाहड़ताल के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। इसी बीच कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर एक बजे जालंधर स्थित पीएपी मुख्यालय में साझा कर्मचारी मंच के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में शामिल होने के लिए साझा कर्मचारी मंच के कोआर्डिनेटर सुखचैन सिंह खैहरा, पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुशील कुमार फौजी सहित कई कर्मचारी नेता चंडीगढ़ से जालंधर के लिए रवाना हो गए हैं।

    10 कर्मचारी नेता होंगे बैठक में शामिल
    मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में साझा कर्मचारी मंच के अलावा पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गठित एसोसिएशन और पेंशनर एसोसिएशन के नेता भी शामिल होंगे। बैठक में कुल 10 कर्मचारी नेताओं के शामिल होने की जानकारी है। कर्मचारी नेता 18 प्रतिशत डीए लागू करने के साथ-साथ अपनी अन्य मांगों को भी सरकार के सामने रखेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव, वित्त सचिव और पर्सनल विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    महाहड़ताल के बीच सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को लागू करने में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। इसी मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच ने महाहड़ताल का आह्वान किया है। अब सभी की निगाहें दोपहर एक बजे होने वाली बैठक पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उनकी मांगों पर ठोस फैसला लिया जा सकता है। बैठक के नतीजे के आधार पर महाहड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों की अगली रणनीति तय होगी।