Category: पंजाब

  • दीवारों पर SFJ समर्थक नारे मिलने से हड़कंप, बठिंडा पुलिस जांच में जुटी

    दीवारों पर SFJ समर्थक नारे मिलने से हड़कंप, बठिंडा पुलिस जांच में जुटी

    बठिंडा.

    बठिंडा जिले के गांव जय सिंह वाला में सोमवार सुबह सरकारी स्कूल सहित दो दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे मिलने से हड़कंप मच गया। एक दीवार पर ‘दिलावर बब्बर जिंदाबाद’ और दूसरी जगह सिख फार जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े नारे लिखे पाए गए।

    दीवारों पर नारे देखे जाने के बाद गांव के लोगों ने इसकी सूचना ग्राम पंचायत को दी। मामले की जानकारी मिलते ही देहाती पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह गांव के कुछ लोगों की नजर सरकारी स्कूल की दीवार और एक अन्य दीवार पर लिखे नारों पर पड़ी। लोगों ने इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के सदस्यों को दी। इसके बाद पंचायत सदस्य मौके पर पहुंचे और मामले की सूचना थाना सदर पुलिस को दी।

    सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही पुलिस
    सूचना मिलने के बाद थाना सदर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों स्थानों का जायजा लिया। पुलिस ने दीवारों पर लिखे नारों की जानकारी जुटाने के साथ यह पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है कि इन्हें किसने और कब लिखा। थाना सदर के एसएचओ मुनीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा नारे लिखे जाने से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    संदिग्ध की तलाश में पुलिस
    पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात को किसी एक व्यक्ति ने अंजाम दिया या इसमें कई लोग शामिल थे। आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही नारे लिखने वाले व्यक्ति या लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने गांव में लिखे नारों को लेकर जांच तेज कर दी है और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई है।

  • बीएल संतोष के पंजाब दौरे से बढ़ी सियासी हलचल, असंतोष और अकाली दल गठबंधन पर होगा बड़ा फैसला

    बीएल संतोष के पंजाब दौरे से बढ़ी सियासी हलचल, असंतोष और अकाली दल गठबंधन पर होगा बड़ा फैसला

    चंडीगढ़.

    पंजाब भाजपा की नई टीम के गठन के बाद सामने आए असंतोष को थामने और संगठन को चुनावी मोड में लाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष दो दिवसीय दौरे पर पंजाब पहुंच गए। मोहाली पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पंजाब के सह प्रभारी सरदार नरेंद्र सिंह रैना ने उनका स्वागत किया।

    संतोष दो दिनों में अलग-अलग जोन के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। बीएल संतोष सोमवार को पटियाला और बठिंडा जोन के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मंगलवार को लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जोन के नेताओं से संवाद करेंगे। बैठकों में संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख नेताओं और संगठन पदाधिकारियों से पार्टी की जमीनी स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और चुनावी तैयारियों की जानकारी ली जाएगी। नेताओं की शिकायतों और सुझावों को भी सुना जाएगा।

    नई टीम के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान
    पंजाब भाजपा की नई संगठनात्मक टीम घोषित होने के बाद कुछ नेताओं में नाराजगी की चर्चा सामने आई है। कई नेता अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिलने और नए चेहरों को संगठन में अधिक महत्व दिए जाने से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। ऐसे में संतोष का दौरा पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह नेताओं से सीधे संवाद कर असंतोष के कारणों को समझने का प्रयास करेंगे।

    विधानसभा चुनाव की तैयारी पर नजर
    बैठकों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा होगी। संतोष विधानसभा क्षेत्रवार संगठन की स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की जानकारी ले सकते हैं। भाजपा का प्रयास है कि चुनाव से पहले संगठन को एकजुट कर कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।

    शिअद से गठबंधन पर भी फीडबैक
    पंजाब भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन का मुद्दा भी संतोष की बैठकों में अहम रह सकता है। शिअद की ओर से भाजपा के साथ दोबारा गठबंधन को लेकर संकेत दिए जाते रहे हैं, जबकि भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ऐसे में संतोष अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं से गठबंधन को लेकर जमीनी राय भी जानेंगे।

  • शादी से पहले हर्ष फायरिंग का VIDEO वायरल, दूल्हे की तलाश में पुलिस

    शादी से पहले हर्ष फायरिंग का VIDEO वायरल, दूल्हे की तलाश में पुलिस

    लुधियाना.

    हंबड़ा रोड स्थित निर्वाणा क्लब में 21 अगस्त को एक प्री वेडिंग समारोह में दूल्हे ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सात राउंड फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि फायरिंग के दौरान कोई घायल नहीं हुआ। सूचना मिलने पर थाना पीएयू की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सात खोल बरामद कर लिए।

    मामले में पुलिस ने अशोक नगर निवासी प्रणव खोसला के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपित फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा है। एएसआइ भूपिंदर जग्गी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि निर्वाणा क्लब में समारोह के दौरान आरोपित ने फायरिंग की है। इसके बाद पुलिस क्लब में पहुंची और मौके से सात खोल बरामद किए। समारोह में जिस समय फायरिंग हो रही थी तो किसी ने वीडियो रिकार्ड कर उसे वायरल कर दिया।

    थाना पीएयू के प्रभारी इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह ने कहा कि पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। करीब 10 महीने पहले भी बाथ कैसल रिसोर्ट में दो गुट हथियार लेकर शादी समारोह में आए थे और उन्होंने फायरिंग कर दी थी, जिसमें महिला समेत दो बारातियों की मौत हो गई थी। हैरत कि बात ये है कि इतनी बड़ी वारदात होने बाद भी पैलेस में हथियार लेकर जाने पर कोई चैकिंग नहीं की जा रही।

    क्या कहते हैं नियम?

    • मैरिज पैलेस, होटल और सामाजिक कार्यक्रम में पिस्टल लेकर जाने पर पाबंदी है।
    • शादी या फिर सामाजिक कार्यक्रम में फायरिंग करना गैरकानूनी है।
    • प्रबंधन की ड्यूटी है कि गैरकानूनी कार्य को देखते ही पुलिस को सूचित करे।
    • मैरिज पैलेस में सीसीटीवी कैमरों का होना अनिवार्य है।
  • अमृतसर के सैन्य ठिकानों पर खतरे का इनपुट, शहजाद भट्टी नेटवर्क के शक में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अमृतसर के सैन्य ठिकानों पर खतरे का इनपुट, शहजाद भट्टी नेटवर्क के शक में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अमृतसर 
    पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतसर के सैन्य ठिकानों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान में मौजूद आतंकी-गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क द्वारा अमृतसर के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की संभावित साजिश की जानकारी।

    इनपुट में पाकिस्तान में मौजूद दो कथित ऑपरेटिव्स राणा भाई और मलिक के नाम सामने आए हैं। साथ ही खासा छावनी और ब्यास के पास स्थित बुड्ढा थेह सैन्य ठिकाने की कथित रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इनपुट के आधार पर सतर्कता बढ़ाकर मामले की जांच कर रही हैं।

    5 मई को खासा छावनी के पास हुआ था धमाका
    यह अलर्ट इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसी साल 5 मई को खासा छावनी की बाहरी दीवार के पास कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था। पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस घटना में IED का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, उस घटना और शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े ताजा इनपुट के बीच अभी तक कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।

    आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर
    सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान से संचालित आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। आशंका है कि ऐसे नेटवर्क पंजाब में स्थानीय लोगों की मदद से हथियारों की सप्लाई, भर्ती और लक्षित हिंसा को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।

    खासा और बुड्ढा थेह में सुरक्षा बढ़ाई
    शहजाद भट्टी का नाम सीमा पार आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में सामने आ चुका है। NIA समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। फिलहाल अमृतसर के खासा छावनी, बुड्ढा थेह और अन्य संवेदनशील सैन्य ठिकानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • अमृतसर में हाई अलर्ट! सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश के बाद बढ़ी सुरक्षा

    अमृतसर में हाई अलर्ट! सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश के बाद बढ़ी सुरक्षा

    अमृतसर.

    अमृतसर में सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खुफिया इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान में मौजूद आतंकी-गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क की ओर से अमृतसर के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की संभावित साजिश की जानकारी मिली है।

    इनपुट सामने आने के बाद संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया जानकारी में पाकिस्तान में मौजूद दो कथित ऑपरेटिव राणा भाई और मलिक के नाम सामने आए हैं। इनके माध्यम से सैन्य ठिकानों की कथित रेकी किए जाने की बात कही गई है। खास तौर पर खासा छावनी और ब्यास के पास स्थित बुड्ढा थेह सैन्य ठिकाने को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाई है। हालांकि, एजेंसियां इन सूचनाओं की जांच कर रही हैं और इनपुट की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

    खासा छावनी के पास पहले भी हुआ था धमाका
    अमृतसर के सैन्य ठिकानों को लेकर सामने आया ताजा इनपुट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी वर्ष 5 मई को खासा छावनी की बाहरी दीवार के पास कम तीव्रता का धमाका हुआ था। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस घटना में आइईडी का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अभी तक मई में हुए धमाके और शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े ताजा इनपुट के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।

    सीमा पार नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
    सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान से संचालित आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। आशंका है कि ऐसे नेटवर्क पंजाब में स्थानीय मदद के जरिये हथियारों की आपूर्ति, नए लोगों की भर्ती और लक्षित हिंसा की कोशिश कर सकते हैं। शहजाद भट्टी का नाम सीमा पार आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। फिलहाल खासा छावनी, बुड्ढा थेह और अन्य संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर 41 लाख से ज्यादा चालान, फिर भी वाहन चालक बेपरवाह

    पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर 41 लाख से ज्यादा चालान, फिर भी वाहन चालक बेपरवाह

    चंडीगढ़
     पंजाब में यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं, ई-चालान व्यवस्था को मजबूत किया गया है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद वाहन चालकों की आदत बदलती नजर नहीं आ रही।

    जितनी सख्ती बढ़ी, उतनी ही तेजी से चालान भी बढ़ते गए। वर्ष 2026 में छह अगस्त तक प्रदेश में 41,37,775 ई-चालान जारी हो चुके हैं। यह वर्ष 2025 में पूरे साल हुए 20.46 लाख चालानों के दोगुने से भी ज्यादा हैं।

    आंकड़े बताते हैं कि पंजाब की सड़कों पर पुलिस की नजर जरूर तेज हुई है, लेकिन लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना उस रफ्तार से नहीं बढ़ी। सवाल अब यह है कि जब चालान का डर भी वाहन चालकों की आदत नहीं बदल पा रहा तो आखिर वे कब सुधरेंगे?

    कैमरे बढ़े तो कार्रवाई भी कई गुना बढ़ी
    पंजाब में ई-चालान और कैमरा आधारित निगरानी का दायरा बढ़ने के साथ नियम तोड़ने वालों की पहचान आसान हुई है। बीते सालों में हुए चालानों की गिनती-

        वर्ष 2021 में प्रदेश में 53,973 चालान जारी हुए थे।
        2022 में 51,870 और 2023 में 72,790 चालान हुए।
        वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर करीब 3.98 लाख हो गई।
        2025 में इसमें बड़ा उछाल आया और पूरे साल में 20.46 लाख चालान जारी किए गए।

        2026 में छह अगस्त तक ही 41.38 लाख चालान काटे जा चुके हैं। यानी सात माह से भी कम समय में पिछले पूरे साल के मुकाबले दोगुने से अधिक कार्रवाई हो चुकी है।

    चालान का डर खत्म! 

    चालान की बढ़ती संख्या का एक पहलू यह भी है कि तकनीक ने पुलिस की पकड़ मजबूत कर दी है। पहले सड़क पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी ही कार्रवाई का मुख्य माध्यम थी, लेकिन अब कैमरे नियम तोड़ने वाले वाहन की पहचान कर लेते हैं। इसके बावजूद उल्लंघन जारी रहना बताता है कि कई वाहन चालक नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे।

    लालबत्ती पार करना, निर्धारित गति से अधिक रफ्तार, गलत पार्किंग और अन्य नियमों की अनदेखी जैसे मामलों में चालान लगातार हो रहे हैं। इससे साफ है कि समस्या केवल निगरानी की नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव की भी है।

    चालान बढ़े, खजाने में पैसा घटा
    दिलचस्प पहलू यह है कि चालान की संख्या बढ़ने के बावजूद सरकार को मिलने वाला राजस्व उसी अनुपात में नहीं बढ़ा। वर्ष 2025 में 20.46 लाख चालानों से 123.04 करोड़ रुपये मिले थे। इसके विपरीत 2026 में छह अगस्त तक 41.38 लाख चालान जारी होने के बावजूद सरकार को सिर्फ 49.02 करोड़ रुपये मिले हैं।

    प्रति चालान औसत राजस्व भी लगातार घटा है। वर्ष 2024 में यह करीब 1370 रुपये, 2025 में 601 रुपये और 2026 में अब तक सिर्फ 118 रुपये रह गया है। इससे बड़ी संख्या में चालानों के लंबित रहने या उनकी वसूली न होने की स्थिति सामने आती है।

    असली मकसद राजस्व नहीं, सड़क सुरक्षा
    ट्रैफिक चालान का उद्देश्य सरकार की कमाई बढ़ाना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना और सड़क हादसों को रोकना है। इसलिए 41 लाख से ज्यादा चालान अपने आप में उपलब्धि नहीं माने जा सकते, यदि इसके बावजूद लोग बार-बार वही गलतियां दोहराते रहें।

    अब जरूरत सिर्फ चालान काटने की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई और लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने की है।

  • चन्नी का वायरल एग्जाम फोटो बना विवाद की वजह, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन कटघरे में

    चन्नी का वायरल एग्जाम फोटो बना विवाद की वजह, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन कटघरे में

     चंडीगढ़
     पंजाब विश्वविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एमए लोक प्रशासन की परीक्षा देने के दौरान परीक्षा कक्ष के भीतर की तस्वीर सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व सीनेट एवं सिंडिकेट के सदस्य देवेश मौदगिल ने मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमों के समान अनुपालन और जांच की मांग की है।

    मौदगिल ने पंजाब विश्वविद्यालय के चांसलर सीपी राधाकृष्णन, कुलपति मीनाक्षी गोयल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

    तस्वीर में चन्नी परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षा देते दिखाई दिए
    उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को प्रकाशित तस्वीर में चन्नी परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षा देते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि तस्वीर किसने और किस उपकरण से खींची।

    उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, कैमरा, स्मार्ट वाच, ईयरफोन, टेबलेट और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण प्रतिबंधित हैं, तो तस्वीर लेने वाला उपकरण परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा।

    उन्होंने मामले की तत्काल जांच करने की मांग की। मौदगिल ने यह भी सवाल उठाया कि यदि चन्नी को निर्धारित परीक्षा के बजाय विशेष अवसर दिया गया था तो वह किस नियम और श्रेणी के तहत था। उन्होंने विशेष अवसर के आवेदन, कारण, संबंधित श्रेणी और सक्षम अधिकारी की मंजूरी से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

    परीक्षा की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग
    वहीं, मौदगिल ने 20 अगस्त की परीक्षा की सीसीटीवी रिकार्डिंग सुरक्षित रखने की मांग करते हुए कहा कि इससे परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले लोगों और प्रतिबंधित उपकरण के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मौदगिल ने कहा कि सामान्य विद्यार्थी के पास प्रतिबंधित इलेक्ट्रानिक उपकरण मिलने पर यूएमसी के तहत कार्रवाई होती है।

    इसलिए चन्नी के मामले में भी नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने जांच में उल्लंघन साबित होने पर यूएमसी दर्ज कर परीक्षा रद्द करने और नियमानुसार दो वर्ष के लिए परीक्षा से प्रतिबंधित करने की मांग की।

  • कपूरथला सेंट्रल जेल से भागने की कोशिश, हत्या के आरोपियों की साजिश का खुलासा

    कपूरथला सेंट्रल जेल से भागने की कोशिश, हत्या के आरोपियों की साजिश का खुलासा

    कपूरथला.

    केंद्रीय जेल कपूरथला में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हत्या जैसे संगीन मामलों में बंद दो कैदियों ने जेल से भागने की साजिश रच डाली। जेल की ई- ब्लाक की चक्की नंबर 10 में बंद दोनों कैदियों ने पहले तो गेट के एंगल में लगी ईंटें उखाड़ दीं, चक्की में तोड़फोड़ कर सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाया और फिर ड्यूटी पर तैनात वार्डर पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।

    मामला 18 अगस्त सुबह 10:30 बजे का है। जेल प्रशासन ने तुरंत थाना कोतवाली पुलिस को सूचना दी। जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट राज कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान, ड्यूटी में बाधा और जेल से फरार होने की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है।

    गाली-गलौज और पथराव कर बनाया दहशत का माहौल
    ई- ब्लाक के इंचार्ज ने अपनी शिकायत में बताया कि वार्डर गुरप्रीत सिंह बैलेट ने उन्हें सूचना दी कि चक्की नंबर 10 में बंद कैदी तोड़फोड़ कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे तो देखा कि गेट का एंगल तोड़कर ईंटें निकाली जा रही थीं। रोकने पर दोनों कैदी ड्यूटी स्टाफ को गंदी गालियां देने लगे और ईंट-पत्थर मारने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।

    कौन हैं दोनों आरोपित?
    1. रमनदीप सिंह मंगू मठ पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी भोरा कालोनी थाना सलेम टाबरी लुधियाना। यह धारा 295ए, 302, 511 आइपीसी के तहत थाना सिटी फगवाड़ा में दर्ज हत्या के मामले में बंद है।
    2. राजा पुत्र बच्चू राम यादव मूल निवासी छतरपुर, मध्य प्रदेश, हाल निवासी गुरबचन नगर जालंधर। यह भी धारा 302/34 आइपीसी थाना डिवीजन नंबर एक जालंधर में दर्ज हत्या के केस में बंद है।

    हत्या के अलावा भी कई मामले दर्ज
    जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट राज कुमार के मुताबिक दोनों कैदी पहले से ही कई अन्य आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं और अब जेल ब्रेक की इस नई साजिश में उनके खिलाफ अलग से एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

  • बॉर्डर पर भारत की नई ताकत! जालंधर में पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात, 500 KM सीमा की करेगी निगरानी

    बॉर्डर पर भारत की नई ताकत! जालंधर में पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात, 500 KM सीमा की करेगी निगरानी

    जालंधर

    जालंधर केंटोनमेंट में आर्मी की 11वीं वज्र कोर ने देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन की तैनाती की है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में तैनात ये पहली ड्रोन यूनिट है। पंजाब के पाकिस्तान के साथ लगते 500 किलोमीटर से ज्यादा बॉर्डर पर ड्रोन यूनिट दूर के निगरानी रखेंगे। 

    इसके अलावा सामान की सप्लाई और जरूरत पड़ने पर दुश्मन की एयर स्ट्राइक को रोकने की कैपेसिटी रखती है।नई बटालियन की तैनाती को लेकर आर्मी ने एक्स पोस्ट कर जानकारी दी और इसकी तस्वीरें भी साझा की। बताया गया कि स्वदेशी भारत में ही बने घातक ड्रोन के साथ-साथ अमेरिकी और इजरायली तकनीक वाले हेरॉन और हर्मीस जैसे अत्याधुनिक ड्रोन्स को इसमें शामिल किया गया है।

    यूनिट में टेक्नीकल सैन्य विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है, जो रियल-टाइम में हाई-डेंसिटी डेटा प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और आधुनिक ड्रोन वारफेयर को संभालने में सक्षम है। रणनीतिक दृष्टि से जालंधर को इस बटालियन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है।

    यहां से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती इलाकों की दूरी बेहद संतुलित है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सकेगा। इसके अलावा, पास में आदमपुर वायुसेना स्टेशन और अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद होने के कारण एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े ड्रोन्स के संचालन, रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

    जालंधर है बॉर्डर का सेंट्रल और स्ट्रैटेजिक पॉइंट जालंधर से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों की दूरी संतुलित है। किसी भी सेक्टर में आपात स्थिति होने पर जालंधर से रिस्पॉन्स दिया जा सकता है। जालंधर के पास आदमपुर वायुसेना स्टेशन और पंजाब के अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद हैं। एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े व लंबी दूरी के ड्रोन चलाने के लिए रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव के लिए जालंधर सबसे मुफीद लोकेशन है।

    ड्रोन से घुसपैठ पर रहेगी नजर पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल बढ़ा है। जालंधर में तैनात यह सेंट्रलाइज्ड 'ड्रोन हब' तकनीकी सर्विलांस के जरिए वास्तविक समय में सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करेगा।

    आपरेशन सिंदूर में भी जालंधर के कई इलाकों में ड्रोन गिराए थे ऑपरेशन सिंदूर में जालंधर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन हवा में नष्ट किए गए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन की सफलता को देखते हुए सेना ने रणनीति बदली है। जालंधर में वज्र कोर का मुख्यालय होने की वजह से कमांड, कंट्रोल और टॉप-लेवल सैन्य लीडरशिप के साथ तालमेल बिठाना आसान रहता है।

  • पंजाब में सियासी हलचल: CM भगवंत मान की पत्नी को NHRC नोटिस, 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप

    पंजाब में सियासी हलचल: CM भगवंत मान की पत्नी को NHRC नोटिस, 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप

    चंडीगढ़ 
    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। NHRC ने मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले रेप के एक मामले को दबाने या उसे रफा-दफा करने का प्रयास किया। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी इसके बारे में सूचित कर दिया है।

    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "जब राज्य में शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़े किसी व्यक्ति पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह के आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंता का विषय है। हमने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।"

    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "अधिकारियों को संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का उपयोग केवल जनता के कल्याण के लिए करना चाहिए। यदि वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हमने उन्हें जांच और रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।"

    NHRC ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्टप्राप्त होने के बाद ही निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।