Category: पंजाब

  • 3 महीने से न्याय नहीं मिला तो पानी की टंकी पर चढ़ीं महिलाएं, बरनाला में मचा हड़कंप

    3 महीने से न्याय नहीं मिला तो पानी की टंकी पर चढ़ीं महिलाएं, बरनाला में मचा हड़कंप

    बरनाला.

    बुधवार सुबह बरनाला जिला प्रशासनिक परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दुष्कर्म की शिकायत करने वाली तीन महिलाएं न्याय की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गईं। घटना सुबह करीब 8 बजे की है।

    महिलाओं ने टंकी पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और मीडिया कर्मियों को फोन कर अपनी समस्या बताई। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि वे पिछले करीब तीन महीने से पुलिस कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। तीनों अलग-अलग गांवों की रहने वाली हैं और उन्होंने अपने साथ दुष्कर्म करने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों से संबंधित फाइलें पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लंबित हैं। इसी से परेशान होकर उन्होंने पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया। उन्होंने कहा कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर प्राथमिकी की प्रति उन्हें टंकी पर ही दी जाए, तभी वे नीचे उतरेंगी।

    महिलाओं को समझाने पहुंची पुलिस
    मौके पर पुलिस दल के साथ पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक तजिंदर पाल सिंह ने महिलाओं को समझाने और नीचे उतरने की अपील की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़ी रहीं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जबरन नीचे उतारने का प्रयास किया गया तो वे टंकी से छलांग लगा देंगी। महिलाओं ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आरोपित पक्ष से रिश्वत लेकर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    पुलिस कर रही जांच
    हालांकि, संबंधित महिला अधिकारी ने आरोपों से इतर बताया कि मामले की जांच पूरी कर फाइल डीए लीगल को भेजी जा चुकी है। वहां से निर्देश मिलते ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसपी-डी संजीव गोयल ने बताया कि उन्होंने बुधवार से ही पदभार संभाला है। उन्होंने महिलाओं को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देते हुए टंकी से नीचे उतरने की अपील की।

  • बंबीहा गैंग के 3 आरोपियों की पंजाब में एंट्री, हत्या और रंगदारी समेत विस्फोटक मामलों में वांटेड

    बंबीहा गैंग के 3 आरोपियों की पंजाब में एंट्री, हत्या और रंगदारी समेत विस्फोटक मामलों में वांटेड

    चंडीगढ़.

    पंजाब पुलिस ने विदेश में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे गैंग्स्टरो के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दविंदर बंबीहा गैंग से जुड़े तीन वांछित आरोपितों को मलेशिया से भारत लाने में सफलता हासिल की है।

    पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैक्शन सेल (ओएफटीईसी) ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से तीनों का प्रत्यर्पण कराया। तीनों आरोपितों को दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें पंजाब लाकर आगे की पूछताछ की जा रही है।पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपितों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवंदीप सिंह के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ हत्या, रंगदारी, विस्फोटक से जुड़े मामलों के साथ-साथ लुधियाना में हैंड ग्रेनेड से धमाका करने की साजिश में भी तलाश थी।

    ISI से जुड़े तीनों के तार
    ग्रेनेड मामलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से जुड़े तार भी सामने आए हैं। दो दर्जन से ज्यादा मामलों में वांछित होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आया है कि विदेश भागने के बाद आरोपित मलेशिया में छिपकर रह रहे थे। पंजाब में उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इन आरोपितों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामलों में कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी है। अब भारत वापस लाए जाने के बाद पुलिस इनसे पूछताछ कर इनके पूरे नेटवर्क, विदेश में मदद करने वाले लोगों और पंजाब में सक्रिय साथियों के बारे में जानकारी जुटाएगी। पंजाब पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ओएफटीईसी की टीम लगातार विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की निगरानी कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से मलेशिया में मौजूद इन तीनों आरोपितों का पता लगाया गया और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

    पंजाब में नेटवर्क खंगालेगी पुलिस
    तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि विदेश में बैठकर पंजाब में आपराधिक वारदातों को किस तरह अंजाम दिया जाता था। साथ ही पाकिस्तान स्थित तत्वों से संपर्क, हथियार और विस्फोटक की व्यवस्था तथा रंगदारी व हत्या के मामलों में उनकी भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस का कहना है कि विदेश में छिपे अपराधियों को किसी भी स्थिति में कानून की गिरफ्त से बचने नहीं दिया जाएगा। फरार आरोपितों को ट्रैक कर भारत लाने की कार्रवाई जारी रहेगी।

  • पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी पर राहुल गांधी का एक्शन, दिग्गज नेताओं के साथ बैठक में बनेगी चुनावी रणनीति

    पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी पर राहुल गांधी का एक्शन, दिग्गज नेताओं के साथ बैठक में बनेगी चुनावी रणनीति

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी हाईकमान ने अब वरिष्ठ नेताओं को एक साथ बैठाकर चुनावी रणनीति पर मंथन की तैयारी की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की दिल्ली में 19 और 20 अगस्त को अहम बैठक होने की संभावना है।

    बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ प्रदेश संगठन में चल रहे मतभेदों पर भी चर्चा हो सकती है। 19 अगस्त को प्रस्तावित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में विभिन्न राज्यों में आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा होनी है। इसी दौरान पंजाब के नेताओं की राहुल गांधी के साथ अलग बैठक की संभावना है। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला समेत वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

    एक साथ राहुल गांधी के सामने होंगे बड़े चेहरे
    यह पहली बार होगा जब पंजाब कांग्रेस के विभिन्न गुटों के प्रमुख चेहरे एक साथ राहुल गांधी के सामने होंगे। ऐसे में प्रदेश संगठन में नेतृत्व, चुनाव समितियों और टिकट वितरण को लेकर चल रही खींचतान पर हाईकमान का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है। खासकर वड़िंग के नेतृत्व को लेकर चन्नी खेमे की नाराजगी और रंधावा-वड़िंग के बीच हालिया मतभेद भी चर्चा में आ सकते हैं। प्रताप सिंह बाजवा ने पिछले सप्ताह राहुल गांधी से पंजाब के करीब 15 विधायकों के साथ बैठक के लिए समय मांगा था। अब प्रस्तावित दिल्ली बैठक को कांग्रेस की पंजाब इकाई में चल रहे विवाद को सुलझाने की हाईकमान की गंभीर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान भी संगठनात्मक मतभेद खुलकर सामने आए थे। हाईकमान अब चुनाव से पहले सभी नेताओं को एकजुट कर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और सामूहिक रणनीति बनाने पर जोर दे सकता है। राहुल गांधी के अगस्त के अंतिम सप्ताह में पंजाब दौरे और श्री हरमंदिर साहिब से चुनावी अभियान की शुरुआत की संभावनाओं के बीच दिल्ली की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

  • गैस सिलेंडर बुकिंग पर पड़ सकता है असर, 6 दिन में LPG e-KYC कराना जरूरी

    गैस सिलेंडर बुकिंग पर पड़ सकता है असर, 6 दिन में LPG e-KYC कराना जरूरी

    अमृतसर.

    वास्तविक उपभोक्ताओं का सत्यापन करने, फर्जी और निष्क्रिय गैस कनेक्शनों की पहचान करने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से घरेलू एलीपीजी कनेक्शन उपभोक्ताओं से 16 अगस्त, 2026 तक ई-केवाईसी कराने को कहा गया था।

    जिले के 3.5 लाख के करीब एलपीजी कनेक्शन उपभोक्ताओं में से 85 प्रतिशत तो ई-केवाईसी करवा चुके हैं, लेकिन अभी भी 15 प्रतिशत इससे अछूते हैं। इनमें से कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो मर चुके हैं या देश से बाहर हैं जबकि कई दिव्यांग हैं या बुजुर्ग हो चुके हैं जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो सकती। ऐसे में उनके स्वजन कनेक्शन अपने नाम पर करवा सकते हैं, उन्हीं की सुविधा के लिए ही ई-केवाईसी करवाने का समय बढ़ाकर 23 अगस्त, 2026 तक कर दिया गया है। इस तरह ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ता के पास छह दिन बाकी है, अन्यथा उनकी एलपीजी सिलिंडर बुकिंग रुक सकती है। इस बारे में तेल कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को बाकायदा रिमाइंडर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। एलपीजी उपभोक्ता तीन मोड-एप, डिलीवरी कर्मचारी या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से ई-केवाईसी करवा सकते हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीनों में से किसी भी मोड का चयन कर सकता है।

    ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करने का तरीका
    इंडेन गैस –

    • -इंडियनआयल वन एप डाउनलोड करें (यह एप एंडरायड व आओएस दोनों पर उपलब्ध है)।
    • -एप खोलकर अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर अथवा ईमेल एड्रेस से साइनअप करें।
    • -फिर अपने 16 अंकों की एलपीजी आइडी जोकि आपके कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर उपलब्ध है, उसे लिंक करें।
    • -होम स्क्रीन पर नीचे दिए गए विकल्पों में से मेरी प्रोफाइल पर टैप करें।
    • -माय प्रोफाइल पेज पर एलपीजी डिटेल्स, इंडेन डिटेल्स अनुभाग में जाएं और रीकेवाईसी पर टैप करें।
    • -स्क्रीन पर कुछ निर्देश तथा शर्तें दिखाई देगीं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और अपनी सहमति दें।
    • -फिर फेस स्कैन बटन पर क्लिक करें और बायोमीट्रिक आधार वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
    • -अगर आपका आधार बायोमीट्रिक लाक है तो पहले उसे अनलाक करें।
    • -बायोमीट्रिक लाक की स्थिति में आधार से जुड़ी ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पाएगी। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर से एमआधार एप डाउनलोड करें और अपने आधार के माध्यम से रजिस्टर करें।
    • -माई आधार सेक्शन पर जाएं और बायोमीट्रिक सेटिंग्स चुनें।
    • -वहां अनलाक बायोमीट्रिक पर क्लिक करें और ओटीपी द्वारा अपना बायोमीट्रिक अनलाक करें।
    • -पूरी प्रक्रिया में किसी भी चरण में सहायता के लिए काल करें।
    • -आयल इंडस्ट्री हेल्पलाइन पर 1800 2333555 (टोल फ्री)
    • -इस तरह इंडेन एलपीजी के साथ, घर बैठे पाएं ई-केवाईसी की सुविधा और निरंतर उर्जा का भरोसा।

    भारतगैस –

    • -हेलोबीपीसीएल एप खोलें।
    • -अपने भारतगैस कनेक्शन से संबंधित एलपीजी सेवाओं में जाएं।
    • -उपलब्ध केवाईसी/आधार प्रमाणीकरण (आथेंटिकेशन) विकल्प से प्रक्रिया पूरी करें।
    • -भारत पेट्रोलियम के आधिकारिक एप में भारतगैस की एलपीजी सेवाएं उपलब्ध हैं।

    एचपी गैस –

    • -एचपी-पे एप/एचपी गैस की आनलाइन सेवा में लागिन करें।
    • -एलपीजी से संबंधित केवाईसी/आधार प्रमाणीकरण (आथेंटिकेशन) विकल्प देखें।
    • -मांगी गई जानकारी देकर प्रमाणीकरण पूरा करें।
    • -एचपीसीएल के अनुसार एचपी गैस के लिए ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है और आधार को एलपीजी खाते से जोड़ने की व्यवस्था है।

    जरूरी सावधानी –
    ओटीपी या आधार की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर न बताएं। अगर ऐप में ई-केवाईसी का विकल्प नहीं दिख रहा है, तो उपभोक्ता अपने अधिकृत गैस डिलीवरी कर्मचारी/डिस्ट्रीब्यूटर से सत्यापन करा सकते हैं। एलपीजी फेडरेशन अमृतसर के अध्यक्ष अनुज सिक्का ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं से 23 अगस्त, 2026 तक अनिवार्य ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उनके अनुसार जिले में 3.5 लाख एलपीजी कनेक्शन उपभोक्ता है। 85 प्रतिशत लोग यह प्रक्रिया मुकम्मल कर चुके है। उम्मीद है कि बाकी के उपभोक्ता भी 23 अगस्त से पहले-पहले ई-केवाईसी करवा लेंगे। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस वितरक के कार्यालय में आधार कार्ड और उपभोक्ता संख्या के साथ जाकर बायोमीट्रिक सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं।

    ई-केवाईसी की अधिक जानकारी के लिए मोबाइल पर मैसेज देखें
    जिन लोगों को नहीं मालूम है कि उनके कनेक्शन की ई-केवाईसी हुई है या नहीं। उसके लिए उन्हें अपने मोबाइल में इनबाक्स में जाकर चेक करना होगा। क्योंकि तेल कंपनियों की तरफ से प्रत्येक उपभोक्ता को रिमाइंडर मैसेज भेजे जा रहे हैं। यदि उन्हें अपने मोबाइल में ऐसा मैसेज नहीं दिखाई देता है, तो तुरंत अपनी गैस एजेंसी में जाकर पता करें। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी है जिनके पास एंडरायड फोन नहीं है, वे

    अपने कीपैड फोन में इनबॉक्स को क्लीयर नहीं करते, जिससे कि उन्हें मैसेज आया भी है या नहीं, बाबत पता नहीं चलता। इसके अतिरिक्त कई ऐसे उपभोक्ता होते है जो कम पढ़े-लिखे होतें है, मैसेज चेक करना तक नहीं आता। इन सारी कमियों के मद्देनजर पहले भी कुछ गैस एजेंसियां फोन करके अपने उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी पेंडिंग रहने बारे अवगत करवा चुकी है। अब दोबारा इस कवायद को अपनाने जा रहीं है।

  • Ludhiana Property Auction: खरीदारों के लिए राहत की खबर, अनसोल्ड साइट्स के रिजर्व प्राइस में हो सकती है कटौती

    Ludhiana Property Auction: खरीदारों के लिए राहत की खबर, अनसोल्ड साइट्स के रिजर्व प्राइस में हो सकती है कटौती

    लुधियाना
    ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) अनसोल्ड सरकारी प्रॉपर्टी के रिजर्व प्राइस कम करने की तैयारी में है। बार-बार ई-नीलामी के बावजूद खरीदार नहीं मिलने के बाद अथॉरिटी पांच साइट्स की कीमतों की समीक्षा कर रही है। 

    ग्लाडा का मानना है कि पिछले कई वर्षों में तय की गई रिजर्व कीमतें बाजार की मौजूदा स्थिति के मुकाबले अधिक थीं। इसी वजह से इन साइट्स को नीलामी में खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं। अब स्वतंत्र रिपोर्ट्स में सामने आने वाली 'रियलाइजेबल वैल्यू' को ही आगामी नीलामियों के लिए नया आधार माना जाएगा। इस प्रक्रिया के दायरे में लुधियाना शहर के पॉश इलाकों में स्थित प्राइम रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और इंडस्ट्रियल प्लॉट को शामिल किए गए हैं।

    अथॉरिटी ने इसके लिए बिड्स प्रक्रिया पूरी कर ली है। वैल्यूअर्स को रिपोर्ट सौंपने के लिए 21 दिनों का सख्त समय दिया है। उम्मीद है कि कीमतें व्यावहारिक होने के बाद इन बहुमूल्य जमीनों की नीलामी आसान होगी और ग्लैडा के खजाने में राजस्व आएगा।

    ग्लाडा किन प्रॉपर्टीज के रेट रिवाइज्ड कर रहा है, जानिए…
        मिनी सचिवालय के सामने 8.18 एकड़ जमीन
    : डीसी दफ्तर के सामने इरिगेशन/कैनाल डिपार्टमेंट की 8.18 एकड़ जमीन है। इसे ओयूवीजीएल (OUVGL) मिक्स लैंड यूज चंक के तौर पर बेचा जाना है। वर्ष 2014 में इसका रिजर्व प्राइस ₹415.71 करोड़ तय किया गया था। खरीदार न मिलने पर इसे 20% घटाकर ₹333.79 करोड़ किया गया, फिर भी यह अनसोल्ड रही। हालांकि 2022 में फिर इसकी कीमत 414 करोड़ कर दी गई थी।

        वेव्स मॉल के नजदीक 1 एकड़ कमर्शियल साइट: फिरोजपुर रोड पर वेबमॉल के पास एक एकड़ सरकारी जमीन है। 2012 में इसका रिजर्व प्राइस लगभग ₹75 करोड़ था। 2017 में ₹1.78 लाख प्रति वर्ग मीटर और 2018 में ₹58.89 करोड़ रिजर्व प्राइस रखा गया, लेकिन बिक्री नहीं हुई।

        दुगरी फेज-2 में 0.93 एकड़ इंस्टीट्यूशनल साइट: दुगरी में ग्रीन लैंड स्कूल के नजदीक ग्लाडा की 0.93 एकड़ इंस्टीट्यूशनल साइट है। ग्लाडा ने इसकी कीमत 2019 में ₹8.40 करोड़ रखी गई थी, लेकिन इसका कोई खरीददार नहीं मिला।
        पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के दो बड़े भूखंड: पुलिस कमिश्नर रेजिडेंस के पीछे 1.702 एकड़ कमर्शियल प्लॉट और पुलिस कमिश्नर रेजिडेंस के सामने 2.845 एकड़ कमर्शियल प्लॉट हैं। इनकी भी कई बार बोलियां करवाई गई लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला है।

        13 से अधिक कमर्शियल साइट्स: शहर के अलग-अलग कमर्शियल एरिया में स्थित 13 से ज्यादा दुकानें, बूथ और एससीओ भी नए रिजर्व प्राइस का इंतजार कर रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से चौड़ा बाजार पुलिस कोतवाली, पखोवाल रोड कैनाल कॉलोनी, कोहाड़ा व मोगा स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, ओल्ड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पॉकेट, दुगरी फेज-2, ढंडारी कलां और सेक्टर-38 मेन चंडीगढ़ रोड की साइट्स शामिल हैं।

    रेट तय करने के लिए तीन तरीके अपनाएगा ग्लाडा
    ग्लाडा ने वैल्यूअर्स को बाजार की मौजूदा स्थिति के आधार पर जमीन की वास्तविक कीमत तय करने की छूट दी है। नई दरें निर्धारित करने के लिए तीन प्रमुख तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पहला मार्केट एप्रोच है। इसमें आसपास की जमीनों की हालिया रजिस्ट्री और खरीद-फरोख्त की कीमतों का आकलन किया जाएगा।

    विकास कार्यों की लागत को ध्यान में रखकर कीमत
    दूसरा इनकम एप्रोच है, जिसके तहत प्रॉपर्टी से भविष्य में होने वाली संभा
    वित आय या किराए का अनुमान लगाया जाएगा। तीसरे कॉस्ट एप्रोच में जमीन की लोकेशन, उपयोगिता और आसपास हुए विकास कार्यों की लागत को ध्यान में रखकर कीमत तय की जाएगी।

    वैल्यूअर्स को यह भी निर्देश दिया गया है कि जमीन पर किसी तरह का कब्जा, कानूनी विवाद, किरायेदारी या रास्ते से जुड़ी समस्या होने पर उसे मूल्यांकन में शामिल किया जाए। इन सभी पहलुओं के आधार पर जमीन की अंतिम रियलाइजेबल वैल्यू तय की जाएगी।

    21 दिन की समयसीमा और देरी पर पेनल्टी
    अथॉरिटी ने बिड डॉक्यूमेंट के तहत सख्त नियम लागू किए हैं। चयनित वैल्यूएशन एजेंसियों को अलॉटमेंट के 21 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। निर्धारित समय में काम पूरा न करने पर फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

    ग्लाडा की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सालों से अटके हुए कैपिटल असेट्स को लिक्विडेट करना और रियलिस्टिक रिजर्व प्राइस के साथ नए सिरे से ई-ऑक्शन आयोजित करना है। रिपोर्ट आने के बाद अगले चरण में नई दरों पर मोहर लगाई जाएगी।

  • सावन सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा अमृतसर, शिवाला बाग भाइयां मंदिर में लंबी कतारें; नाग पंचमी का भी खास संयोग

    सावन सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा अमृतसर, शिवाला बाग भाइयां मंदिर में लंबी कतारें; नाग पंचमी का भी खास संयोग

    अमृतसर
    सावन के तीसरे सोमवार पर अमृतसर में आस्था का अलग ही रंग देखने को मिला। सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी और संक्रांति का संयोग होने के कारण शिवाला बाग भाइयां मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। 

    श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद उनके चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के दर्शन की उत्सुकता नजर आई।

    सुबह से ही श्रद्धालु फूल, बेलपत्र, दूध और पूजा की थालियां लेकर मंदिर पहुंचते रहे। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भक्तों ने प्राचीन शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।

    शिव की आराधना के लिए विशेष
    मंदिर के पंडित ने बताया कि सावन का सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस बार नाग पंचमी और संक्रांति का संयोग होने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहा। उन्होंने बताया कि शिवाला बाग भाइयां के प्राचीन शिवलिंग के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और यहां दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    भगवान शिव का मनमोहक स्वरूप सजाया
    मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष 16 श्रृंगार किया गया। फूलों और पूजन सामग्री से भगवान शिव का मनमोहक स्वरूप सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

    भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा
    पंडित ने बताया कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही आस्था सोमवार को शिवाला बाग भाइयां मंदिर में देखने को मिली।

  • हिंद-पाक सीमा पर गूंजे देशभक्ति के नारे, जवानों के जोश ने बांधा समां

    हिंद-पाक सीमा पर गूंजे देशभक्ति के नारे, जवानों के जोश ने बांधा समां

    फिरोजपुर.

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देश की सरहद हुसैनीवाला हिंद-पाक बॉर्डर पर देशभक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि हर तरफ भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष गूंजते रहे। देश के कोने-कोने से पहुंचे लोगों ने पूरे उत्साह और जुनून के साथ तिरंगे को सलामी दी और जवानों का हौसला बढ़ाया।

    सरहद पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के दौरान देशभक्ति का रंग अपने चरम पर नजर आया। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पूरे जोश, अनुशासन और जज्बे के साथ अपनी प्रस्तुति दी। जवानों के कदमों की गूंज और उनकी जोशीली गतिविधियों को देखकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों का उत्साह भी देखते ही बनता था। जवानों के प्रत्येक कदम के साथ भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे और बुलंद होते गए। हजारों लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों से सरहद का माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

    बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को याद किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों में देशप्रेम की भावना को और प्रबल कर दिया। समारोह में विशेष आकर्षण पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू और जैस्मिन भसीन की मौजूदगी रही। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके लोकप्रिय गीतों पर दर्शक जमकर झूमे और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगे की छांव में गूंजते देशभक्ति के नारों, गीत-संगीत और जवानों के शौर्य ने हुसैनीवाला की सरहद को स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसान फिर करेंगे दिल्ली कूच, आंदोलन तेज

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसान फिर करेंगे दिल्ली कूच, आंदोलन तेज

    संगरूर.

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित अन्य किसानी मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का आह्वान किया है।

    एसकेएम (गैरराजनीतिक) के प्रतिनिधि जजगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों जत्था खनौरी से शुभकरण सिंह की मौत वाली जगह से मिट्टी लेकर दिल्ली जाने की तैयारी में जूटा है, जबकि दूसरी तरफ हरियाणा पुलिस प्रशासन ने खनौरी का दाता सिंह वाला बार्डर एक बार फिर सील कर दिया है। कंक्रीट के बैरिकेट लगाने के साथ ही बड़े-बड़े पत्थर, लोहे के बैरिकेट वैल्डिंग करके रास्ते को पुरी तरह से सील कर दिया है। दाता सिंहवाला गांव से जंतर-मंतर तक संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के तत्वाधान में किसान बचाओ पदयात्रा आयोजित करी जा रही है। 228 किलोमीटर की पूरी यात्रा किसान जत्था पैदल तय करेंगे एवं उनके सहायक के तौर पर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की तरफ से किसान साथ रहेंगे।

    यात्रा का समापन 29 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर पर किसान पंचायत कर के किया जाएगा। खनौरी बार्डर पर रविवार को सुबह दस बजे तक बार्डर स्थल पर किसानों का काफिला नहीं पहुंचा है। हरियाणा पुलिस प्रशासन भी कंक्रीट की बैरिकेट के पीछे ही मौजूद है, जबकि आगे खनौरी की तरफ कोई हलचल नहीं है।

  • 30 अगस्त से शुरू होगी Punjab T20 League, 6 टीमों के बीच होगा रोमांचक मुकाबला

    30 अगस्त से शुरू होगी Punjab T20 League, 6 टीमों के बीच होगा रोमांचक मुकाबला

    चंडीगढ़.

    पंजाब क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में पहली बार आईपीएल की तर्ज पर शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को लीग का ऐलान किया। छह टीमों वाली यह प्रतियोगिता 30 अगस्त से 13 सितंबर तक मोहाली स्थित पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) स्टेडियम में खेली जाएगी।

    लीग में पंजाब के कई स्टार क्रिकेटर भी हिस्सा लेंगे। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल फाजिल्का फाल्कन्स, अर्शदीप सिंह लुधियाना लायंस, अभिषेक शर्मा अमृतसर सूरमाज, प्रभसिमरन सिंह जालंधर वारियर्स, रमनदीप सिंह मोहाली किंग्स और गुरनूर बराड़ बठिंडा रॉयल्स की ओर से खेलेंगे।

    शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग में शामिल छह क्रिकेट टीमों के नाम:

    • फाजिल्का फाल्कन्स (कप्तान: शुभमन गिल)
    • लुधियाना लायंस (कप्तान/खिलाड़ी: अर्शदीप सिंह)
    • अमृतसर सूरमाज (कप्तान/खिलाड़ी: अभिषेक शर्मा)
    • जालंधर वारियर्स (कप्तान/खिलाड़ी: प्रभसिमरन सिंह)
    • मोहाली किंग्स (कप्तान/खिलाड़ी: रमनदीप सिंह)
    • बठिंडा रॉयल्स (कप्तान/खिलाड़ी: गुरनूर बराड़)

    450 खिलाड़ियों का पूल तैयार
    मुख्यमंत्री ने बताया कि लीग के लिए पंजाब के 450 से अधिक खिलाड़ियों का पूल तैयार किया गया है, जिनकी नीलामी नौ अगस्त को होगी। इनमें अनमोलप्रीत सिंह, मयंक मार्कंडे, नमन धीर, विहान मल्होत्रा, इमांजोत सिंह चहल, अश्वनी कुमार और कृष्ण भगत जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। प्रत्येक टीम राउंड-रॉबिन आधार पर आठ लीग मैच खेलेगी।

    स्टार खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका
    भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश को बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। टूर्नमेंट में पंजाब के करीब 21 खिलाड़ी खेल रहे हैं। शेर-ए-पंजाब लीग से युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशे के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार हैं। सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में 3,100 से अधिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और 'खेड़ां वतन पंजाब दियां' का आयोजन भी किया जा रहा है। इस मौके पर पीसीए अध्यक्ष अमरजीत मेहता, सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर और उपाध्यक्ष दीपक बाली ने मुख्यमंत्री को लीग के लोगो वाली टी-शर्ट भेंट की। भारतीय क्रिकेटरों अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह और रमनदीप सिंह ने भी मुख्यमंत्री को क्रिकेट बैट और गेंद भेंट की।

  • पंजाब में ‘सनातनी’ सियासत का नया दौर! AAP के दांव से BJP की बढ़ी टेंशन, 2027 में किसके साथ जाएंगे हिंदू वोटर?

    पंजाब में ‘सनातनी’ सियासत का नया दौर! AAP के दांव से BJP की बढ़ी टेंशन, 2027 में किसके साथ जाएंगे हिंदू वोटर?

    चंडीगढ़ 

    आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के अमृतसर स्थित ऐतिहासिक राम तीर्थ स्थल में 150 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश मंदिर बनाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी को सनातनी बताते हुए धार्म की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया। पंजाब सरकार जून महीने से सरकारी स्तर पर कई भक्ति संध्याओं का आयोजन कर रही है, जिन्हें अब प्रदेश के सभी 22 प्रमुख शहरों में आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा, पटियाला के काली माता मंदिर के लिए 80 करोड़ रुपये का आवंटन, हर साल लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त तीर्थयात्रा योजना, मंदिरों को उनके प्रबंधन पर अधिक अधिकार देने वाला एक नया कानून और दर्जन से अधिक जाति कल्याण बोर्डों का गठन भी किया गया है।

    आम आदमी पार्टी (AAP) की यह शॉफ्ट हिंदुत्व वाली राजनीति कोई नई बात नहीं है। 2020 के दिल्ली चुनाव में मतदान से ठीक पहले केजरीवाल ने टीवी पर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। 2022 के गुजरात और हिमाचल चुनाव के दौरान भारतीय मुद्रा पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीरें छापने की मांग उठाई गई थी। वहीं, 2024 में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सुंदरकांड और रामचरितमानस पाठ का आयोजन कराया।

    अपनी हिंदुत्व की राजनीति के लिए मशहूर भारतीय जनता पार्टी (BJP) जब-जब हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करती दिखती है तब-तब आम आदमी पार्टी अपनी रणनीति को सॉफ्ट-हिंदुत्व की ओर मोड़ देती है। पंजाब में भी अरविंद केजरीवाल की पार्टी ठीक वैसा ही कर रही, जैसा उसने पहले भी किया है।

    पंजाब से भाजपा को कैसी उम्मीद?
    पंजाब में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 18.5 प्रतिशत हो गया, जो कि 2019 में 9.63 प्रतिशत और 2022 के विधानसभा चुनाव में महज 6.6 प्रतिशत था। हालांकि भाजपा को कोई सीट हासिल नहीं हुई, लेकिन राज्य की 117 विधानसभा सीटों में से 24 पर उसने बढ़त हासिल की, जिनमें से लगभग सभी शहरी क्षेत्र हैं। पंजाब में हिंदू आबादी लगभग 38.5 प्रतिशत है। संख्या की दृष्टि से यह भले ही एक अल्पसंख्यक समूह लगे लेकिन चुनावी राजनीति में इसकी उपेक्षा असंभव है। इसका मुख्य कारण हिंदुओं की भौगोलिक बसावट है।

    पंजाब में क्या है हिंदुओं की स्थिति?
    पंजाब की कुल आबादी का लगबग 37.5% शहरों में रहता है, जबकि राज्य के लगभग 59% हिंदू मतदाता शहरों और कस्बों में रहते हैं। राज्य की 117 सीटों में से 34 विधानसभा सीटों पर हिंदू समुदाय सबसे बड़ा सामाजिक समूह है। लगभग 45 सीटें ऐसी हैं जहां हिंदू आबादी या तो स्पष्ट बहुमत में है या फिर हार-जीत का अंतिम फैसला करने की क्षमता रखती है। अगर कोई राजनीतिक दल ग्रामीण पंजाब में कमजोर भी प्रदर्शन करता है तब भी इन शहरी और हिंदू बहुल आंकड़ों के सहारे राज्य की सत्ता में मजबूती से बना रह सकता है।

    किसी एक दल के साथ नहीं रहे हिंदू
    पंजाब के ये शहरी मतदाता समय-समय पर अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलते रहे हैं। 1970 और 80 के दशक में उग्रवाद के दौर के दौरान शहरी व्यापारी और सरकारी कर्मचारी कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे। पंजाब में 1997 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा के बीच हुए गठबंधन ने दो दशकों तक काम का स्पष्ट विभाजन किया। अकाली दल ने ग्रामीण सिख वोटों को संभाला और भाजपा ने शहरी हिंदू वोटों को अपनी ताकत बनाया। साल 2020 में दोनों का गठबंधन टूट गया। इसके बाद पंजाब के ग्रामीण इलाकों में भाजपा की पकड़ ढीली पड़ गई। अकाली दल को शहरी हिंदू वोटरों का साथ गंवाना पड़ गया। अकाली और भाजपा गठबंधन टूटने का सीधा फायदा 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिला, जिसने माझा और मालवा दोनों क्षेत्रों के शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच भारी बढ़त हासिल की।

    पंजाब की राजनीति में हिंदुओं को साइलेंटर वोटर के तौर पर देखा जाता है। ये अपना असंतोष जताने के लिए मतदान का ही सहारा लेते हैं। पिछले तीन दशकों के चुनावी रिकॉर्ड बताते हैं कि इस वर्ग के 7 से 14 प्रतिशत वोट खिसकने मात्र से पंजाब की सत्ता का तख्तापलट हो जाता है। 2002–2007 में कांग्रेस को मिलने वाली हिंदू मतों की संख्या में 13.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसका असर यह हुआ कि वह सत्ता से बेदखल हो गई। 2012-17 में अकाली-भाजपा को मिलने वाले हिंदू मतों में 10.5 प्रतिशत की कमी आई। इसका असर यह हुआ कि 18 सीटों पर सिमटकर आ गई।

    बंगाल ने बढ़ाई आप की चिंता
    पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भाजपा ने हिंदू मतदाताओं का एकमुश्त ध्रुवीकरण करके अपनी पैठ बनाई, लेकिन पंजाब में यह मॉडल उस तरह काम नहीं कर पाया है। पंजाब का हिंदू समुदाय किसी एक प्रभुत्वशाली जाति या वर्ग में बंटा हुआ नहीं है। इसमें व्यापारी, उद्योगपति, पेशेवर और विभिन्न जाति समूह शामिल हैं। लंबे समय से राज्य की नीतियां और वित्तीय आवंटन कृषि-केंद्रित रहे हैं, जिससे शहरी व्यापारी और उद्योगपति उपेक्षित महसूस करते रहे हैं। वर्तमान में आम आदमी पार्टी का यह नया 'सनातनी' अवतार इसी असंतोष को साधने और भाजपा के बढ़ते वोट बैंक में सेंध लगाने की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है।