Category: पंजाब

  • पंजाब BJP में बड़े बदलाव की तैयारी? 31 अगस्त से सतीश पूनिया का दौरा, संगठन पर रहेगा फोकस

    पंजाब BJP में बड़े बदलाव की तैयारी? 31 अगस्त से सतीश पूनिया का दौरा, संगठन पर रहेगा फोकस

    चंडीगढ़
     भाजपा पंजाब के प्रदेश प्रभारी, राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय महासचिव डाॅ. सतीश पूनिया आज 31 अगस्त से 2 सितंबर तक तीन दिवसीय पंजाब के संगठनात्मक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकें कर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करेंगे और आगामी गतिविधियों को लेकर दिशा-निर्देश देंगे।

    उनका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भाजपा पंजाब में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी है। भाजपा पंजाब के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने बताया कि डा पूनिया के दौरे की शुरुआत 31 अगस्त को चंडीगढ़ से होगी।

    वह सेक्टर 37-ए स्थित भाजपा पंजाब कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रदेश सोशल मीडिया, आईटी और मीडिया टीम के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। दिन के अंत में प्रदेश कोर कमेटी के साथ महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक होगी।

    जालंधर में पदाधिकारियों के साथ करेंगे मंथन
    एक सितंबर को डाॅ. पूनिया जालंधर पहुंचेंगे। यहां पीएम सेवा संकल्प अभियान को लेकर आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेंगे। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों और सह-प्रभारियों तथा प्रदेश महासचिवों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

    अमृतसर में हरमंदिर साहिब में करेंगे दर्शन
    दो सितंबर को डाॅ. पूनिया जालंधर में अनौपचारिक बैठकों में हिस्सा लेने के बाद अमृतसर रवाना होंगे। वहां भाजपा कार्यालय का दौरा करने के बाद दुर्गियाना मंदिर और श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन करेंगे। अनिल सरीन ने कहा कि डा पूनिया का पंजाब दौरा प्रदेश नेतृत्व और संगठनात्मक टीमों के लिए महत्वपूर्ण है।

    उनके मार्गदर्शन से पार्टी संगठन को हर स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा मजबूत, अनुशासित और सक्रिय संगठन तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के साथ जनता की सेवा के लिए लगातार काम करेगा।

  • पंजाब में बदलेंगे सियासी समीकरण? BJP और अकाली दल के फिर साथ आने की चर्चा तेज

    पंजाब में बदलेंगे सियासी समीकरण? BJP और अकाली दल के फिर साथ आने की चर्चा तेज

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का समय बाकी है, लेकिन सियासी दलों ने चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होगा कि कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, बल्कि यह होगा कि कौन किसके साथ खड़ा होगा।

    15 सितंबर के बाद पंजाब की राजनीति में गठबंधन और दल-बदल को लेकर तस्वीर तेजी से साफ होने की उम्मीद है। खासतौर पर भाजपा की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी, क्योंकि पार्टी को अपने संभावित चुनावी साथी को लेकर अहम फैसला करना है। भाजपा 15 सितंबर से पंजाब में नशा विरोधी रैलियों का सिलसिला शुरू करने जा रही है। इन रैलियों को पार्टी की चुनावी तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रैलियों में मिलने वाला जनसमर्थन भाजपा के लिए पंजाब की राजनीतिक जमीन का संकेतक होगा। पार्टी यह परखना चाहेगी कि नशे के मुद्दे पर उसका अभियान जनता के बीच कितना असर पैदा कर रहा है और संगठन चुनावी माहौल बनाने में कितना सक्षम है।

    पंजाब प्रभारी दो दिवसीय दौर पर 
    इसी बीच भाजपा के नवनियुक्त पंजाब प्रभारी डाॅ. सतीश पूनिया 31 अगस्त से दो दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंच रहे हैं। दौरे के दौरान प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ संगठन के विभिन्न स्तरों पर बैठकें होंगी। इन बैठकों में चुनावी तैयारियों, संगठन की स्थिति और आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही संभावित गठबंधन को लेकर पंजाब भाजपा के नेताओं से फीडबैक लिए जाने की संभावना है।

    भाजपा के सामने अकाली दल को लेकर सबसे बड़ा पेच
    भाजपा के लिए सबसे अहम सवाल शिरोमणि अकाली दल को लेकर है। पार्टी के सामने दो रास्ते दिखाई दे रहे हैं। पहला, सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल के साथ दोबारा तालमेल का रास्ता और दूसरा, ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के साथ नया राजनीतिक समीकरण। दोनों विकल्पों के अपने अलग राजनीतिक मायने हैं। यदि भाजपा किसी एक अकाली धड़े के साथ गठबंधन करती है तो कई विधानसभा सीटों पर वोटों का गणित बदल सकता है। इस संभावित गठबंधन में बसपा की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में भाजपा के लिए गठबंधन का फैसला केवल सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जाने वाला फैसला होगा।

    कांग्रेस और आप अलग हुए तो बढ़ेगा रोमांच
    वहीं कांग्रेस और आप के अलग-अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में पंजाब का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। शिरोमणि अकाली दल भी यदि अलग मैदान में रहता है तो कई सीटों पर त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले बन सकते हैं। ऐसे में कुछ सीटों पर कुछ हजार वोटों का अंतर भी परिणाम बदल सकता है। चुनाव से पहले दल-बदल भी सियासी तस्वीर को प्रभावित कर सकता है। अलग-अलग दलों के असंतुष्ट नेता अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए पाला बदल सकते हैं। ऐसे नेताओं पर सभी प्रमुख दलों की नजर रहेगी।

    गठबंधन और फेरबदल से तय होगी दिशा
    इसलिए 15 सितंबर के बाद पंजाब की राजनीति में रैलियों से ज्यादा नजर गठबंधन की चाल और नेताओं की राजनीतिक पारी बदलने पर रहेगी। भाजपा के नशा विरोधी अभियान को मिलने वाला जनसमर्थन डाॅ. सतीश पूनिया की बैठकों से मिलने वाला फीडबैक और अकाली दल को लेकर पार्टी का फैसला आने वाले चुनावी रण की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल पंजाब की सियासत में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि अगले कुछ महीने गठबंधन, दल-बदल और वोटों के बंटवारे के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।

  • चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ युवाओं की हुंकार, 20 सितंबर को Gen Z करेंगे बड़ा अभियान

    चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ युवाओं की हुंकार, 20 सितंबर को Gen Z करेंगे बड़ा अभियान

    चंडीगढ़.

    पंजाब के साथ-साथ अब हरियाणा और चंडीगढ़ में भी नशा एक चुनौती बन चुका है। युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने और समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 20 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में “Gen Z Against Drugs” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में शहर के विभिन्न कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि नशा आज केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह देश की युवा शक्ति और भविष्य के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। नशे की गिरफ्त में आने वाला युवा अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इसलिए अब समय आ गया है कि Gen Z स्वयं आगे आए और नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक अभियान का नेतृत्व करे। उन्होंने कहा कि Gen Z को अक्सर केवल सोशल मीडिया, ट्रेंड और विरोध-प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन 20 सितंबर का कार्यक्रम यह संदेश देगा कि नई पीढ़ी समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी गंभीरता से समझती है। हजारों युवा एक मंच से नशे के खिलाफ आवाज उठाकर यह संकल्प लेंगे कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहेंगे और दूसरे युवाओं को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।

    संजीव राणा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल युवाओं का नहीं, बल्कि हर उस माता-पिता और परिवार का कार्यक्रम है जो अपने बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त देखना चाहता है। उन्होंने अभिभावकों से भी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें, गलत संगत और नशे से दूर रहें, तो उन्हें भी इस अभियान में आगे आना होगा। बच्चों को नशे से बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार, पुलिस या शिक्षण संस्थानों की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

    संजीव राणा ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। इस शक्ति को नशे की गिरफ्त में नहीं जाने दिया जा सकता। आओ, हम सब मिलकर अपने बच्चों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आएं। जागरूक और संगठित युवा ही नशे के खिलाफ सबसे मजबूत दीवार बन सकते हैं। 20 सितंबर को सेक्टर-17 प्लाजा से “नशे को ना, जिंदगी को हां” के संदेश के साथ नशामुक्त युवा और मजबूत भारत का संकल्प लिया जाएगा।

  • PU Election की जंग डिजिटल हुई, नेता-खिलाड़ी और गायकों के बाद इंटरनेट मीडिया पर प्रचार तेज

    PU Election की जंग डिजिटल हुई, नेता-खिलाड़ी और गायकों के बाद इंटरनेट मीडिया पर प्रचार तेज

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) छात्रसंघ चुनाव के लिए शनिवार को प्रचार का आखिरी दिन रहा। कैंपस में कई दिनों से चल रहा चुनावी शोर थम गया, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर कैंपेनिंग जारी है। अब सोमवार को मतदान होगा।

    मतदान के बाद आने वाले परिणाम ही तय करेंगे कि इस बार पीयू छात्रसंघ की कमान किस संगठन और किस उम्मीदवार के हाथ में जाएगी। क्योंकि यह चुनाव पंजाब विधानसभा चुनाव की जमीन तय करने में अहम माना जाता है। इसलिए पंजाब-हरियाणा के नेताओं समेत इंटरनेशनल खिलाड़ियों और मशहूर गायकों ने भी अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा। हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर पीयू में पहुंचे। मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा, गजेंद्र फोगाट और 2012 लंदन ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले इंटरनेशनल खिलाड़ी योगेश्वर दत्त इंटरनेट मीडिया के जरिये कैंपेनिंग में जुटे हैं।

    मतदान प्रतिशत बढ़ाना संगठनों के लिए बड़ी चुनौती
    इस बार 16,448 छात्र मतदान के लिए पात्र हैं। पिछले वर्ष यह संख्या 16,124 थी। पिछले चुनाव में करीब 59 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाना सभी छात्र संगठनों के लिए बड़ी चुनौती है। रक्षाबंधन के कारण घर गए छात्रों की वापसी और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को होने वाले मतदान के बीच यह देखना अहम होगा कि कितने छात्र समय पर कैंपस पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। इस बार मतदान के अगले दिन छुट्टी भी नहीं है।

    140 सुरक्षाकर्मी और 450 पुलिस जवान संभालेंगे मोर्चा
    चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कैंपस में 140 विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों के साथ 450 चंडीगढ़ पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। संवेदनशील स्थानों पर कैमरों से निगरानी की जाएगी और अतिरिक्त सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। कैंपस में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है।

  • मेयर से लेकर सत्ता पक्ष BJP तक निशाने पर, कांग्रेस ने चंडीगढ़ में खोला मोर्चा

    मेयर से लेकर सत्ता पक्ष BJP तक निशाने पर, कांग्रेस ने चंडीगढ़ में खोला मोर्चा

    चंडीगढ़.

    बिना चर्चा 227 करोड़ के एजेंडे पास होने, सीवर पाइप लाइन बिछाने में बगैर काम भुगतान समेत कई आरोपों को लेकर कांग्रेस ने सत्ता पक्ष भाजपा, मेयर और अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोला है। चंडीगढ़ नगर निगम में घोटाले, करप्शन और कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं।

    कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर रविवार को सेक्टर-27/C की मार्केट में प्रदर्शन किया। उनके हाथों में पोस्टर थे, जिनके जरिय खरीद-फरोख्त से मेयर बनने के आरोप लगाए गए। वहीं, यह भी लिखा था कि चंदा चोर, घोटाले करने वाले और नगर निगम को लूटने वाले भाजपा के दफ्तर कमलम् में मिलेंगे। उन्हाेंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्ट्रीट वेंडर्स को शिफ्ट करने की कार्यवाही में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अतिक्रमण हटाने में भी मनमानी की जा रही है। रसूखदारों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति या दिखावा किया जा रहा है।

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा में एक दिन की देरी ने टाला बड़ा हादसा, CA समेत 20 दोस्तों की जान बची

    कैलाश मानसरोवर यात्रा में एक दिन की देरी ने टाला बड़ा हादसा, CA समेत 20 दोस्तों की जान बची

    चंडीगढ़.

    नेपाल में आई बाढ़ से अब तक 724 लोगों की मौत हो चुकी है और 275 से अधिक भारतीय लापता हैं। 108 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं। इसी बीच चंडीगढ़ के लिए भी राहत की खबर आई है।

    भगवान शिव के धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए चंडीगढ़ के सेक्टर-19 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) रचित गोयल और उनके 20 दोस्त सुरक्षित हैं। उनके लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा जिंदगी का ऐसा अनुभव बन गई, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यात्रा के दौरान उनके एक साथी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ऊंचाई पर सांस लेने में तकलीफ होने के कारण वह आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था। साथी की हालत को देखते हुए दल ने कैलाश पर्वत की चढ़ाई एक दिन के लिए टाल दी। बाद में उन्हें पता चला कि जिस दिन उन्होंने चढ़ाई स्थगित की थी, उसी दिन नेपाल में बड़ा हादसा हुआ था।

    रचित गोयल के मुताबिक, अगर उस दिन उनका दल तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ गया होता तो परिस्थितियां बेहद गंभीर हो सकती थीं। रचित बताते हैं कि उन्हें आज भी वह पल याद है। जिस दिन नेपाल में घटना हुई, उसी दौरान उनके दल के 12 सदस्य कैलाश पर्वत की ओर चढ़ाई कर रहे थे, जबकि वे साथी की तबीयत खराब होने के कारण एक दिन पीछे रह गए थे। सांस लेने में परेशानी के कारण उनका साथी चलने में भी असमर्थ था। रचित गोयल कहते हैं कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा थी कि उनके साथी की तबीयत उस समय खराब हुई और उन्हें एक दिन रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस एक दिन की देरी ने उन्हें मौत के बेहद करीब जाने से बचा लिया। आज भी जब वे उस यात्रा को याद करते हैं तो उनके मन में यही भाव आता है कि भोलेनाथ ने ही उन्हें उस संकट से बचाया।

  • लुधियाना में बड़ा जासूसी नेटवर्क बेनकाब, सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और गिरफ्तार

    लुधियाना में बड़ा जासूसी नेटवर्क बेनकाब, सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और गिरफ्तार

    लुधियाना.

    पाकिस्तान के इशारे पर चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में काउंटर इंटेलिजेंस इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े एक दुकानदार ने अवैध निगरानी कैमरे लगाकर सैन्य वाहनों की आवाजाही की लाइव तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे संचालकों तक पहुंचाई थीं।

    जानकारी के अनुसार, संदिग्ध रछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुकान के बाहर लगाए गए कैमरों की लाइव फीड बंद हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों ने रछपाल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह पहले ही पुलिस हिरासत में था। इसके बाद कैमरों की स्थिति जांचने के लिए दो युवकों को भेजा गया।

    दुकान की आड़ में चल रहा था कथित नेटवर्क
    पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। टीम ने सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी बढ़ाकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों युवक कैमरों और उनकी व्यवस्था की जांच करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमृतसर निवासी रोहित और वरिंदर मसीह के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि रछपाल सिंह ने लुधियाना-फिरोजपुर मार्ग पर किराये की दुकान लेकर जूते का कारोबार शुरू किया था। पुलिस का आरोप है कि यह दुकान कथित जासूसी नेटवर्क के लिए सामने से सामान्य कारोबार और पीछे से निगरानी के काम आ रही थी।

    आरोपियों से पूछताछ शुरू
    पुलिस के मुताबिक, दुकान के बाहर ऐसे ऐप आधारित कैमरे लगाए गए थे, जिनका रुख सड़क की ओर था। इन कैमरों के जरिए सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलों की तस्वीरें भी पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों तक भेजे जाने का आरोप है। गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों से इनके संपर्क किस माध्यम से होते थे।

  • जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव में मतदान शुरू, नई टीम पर शाम तक फैसला

    जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव में मतदान शुरू, नई टीम पर शाम तक फैसला

    जालंधर.

    जिमखाना क्लब चुनाव की वोटिंग सुबह आठ बजे शुरु हो चुकी है। सदस्य शाम बजे तक वोटिंग कर सकते है। अचीवर्स व प्रोग्रेसिव ग्रुप के उम्मीदवार मैदान में है। एक दूसरे को मात देने के लिए तैयार है।
    चुनावी समीकरण की बात करे तो क्लब में चर्चा है कि जो ग्रुप साइलेंट व नए सदस्यों के मतदान पड़ जाते है उस उम्मीदवार को चुनाव में बढ़त हासिल हो सकती है।

    फिलहाल रविवार (तीस अगस्त)को क्लब को नई टीम मिल जाएगी। कौन-कौन सा उम्मीदवार पद से जीत दर्ज करता है। वह आने वाला समय बताएगा। शाम को काउंटिंग शुरु कर नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन, कार्डलेस फोन और वायरलेस सेट का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित क्षेत्रों में जाने की अनुमति दी जाएगी। मतदाता मतदान करने के लिए अपने साथ कोई भी पहचान पत्र जैसे क्लब पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सरकारी पहचान पत्र या फोटो मतदाता पहचान पत्र ला सकता है।

    अचीवर्स ग्रुप के मैदान में है यह उम्मीदवार
    अचीवर्स व प्रोग्रेसिव ग्रुप के उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने है। प्रोग्रेसिव ग्रुप से सचिव पद पर विजय सहदेव व अचीवर्स से अमित कुकरेजा, जूनियर वाइस प्रेसीडेंट पर प्रोग्रेसिव के दलजीत छाबड़ा व अचीवर्स के धीरज सेठ, कोषाध्यक्ष पर प्रोग्रेसिव के गुरदर्शन सिंह कोचर व अचीवर्स से सौरभ खुल्लर मैदान में है। अब इन उम्मीदवारों के बीच टक्कर देखने को मिलेगी। प्रोग्रेसिव ग्रुप के कार्यकारिणी उम्मीदवार विपिन झांजी, शालीन जोशी, एडवोकेट तरनजोत सिंह, कैप्टन रमन सिंह, जसमीत छाबड़ा, गगनदीप उप्पल, मनिंदर सिंह व अचीवर्स के कार्यकारिणी उम्मीदवार नितिन बहल, सीए राजीव बांसल, शालिनी कालड़ा, जुबिन शिंगारी, विनी शर्मा, एमबी बाली, अतुल तलवाड़, रिशु झांजी मैदान में है।

  • पंजाब BJP में अनुशासन पर सख्ती, संगरूर के 3 नेताओं को नोटिस; तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

    पंजाब BJP में अनुशासन पर सख्ती, संगरूर के 3 नेताओं को नोटिस; तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

    चंडीगढ़ 
    पंजाब भाजपा की अनुशासन समिति ने बागी हुए तीन नेताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों नेता संगरूर के हैं। तीनों ने भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की थी। इन नेताओं में दो पूर्व जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल और पूर्व प्रदेश समन्वयक जतिंदर कालड़ा शामिल हैं।

    संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल, जतिंदर कालड़ा समेत बागी नेताओं ने पार्टी के राज्य नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया था कि पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने पार्टी संविधान का उल्लंघन कर छह जिलाध्यक्षों को पद से हटाया है। इसके विरोध में उन्होंने 29 अगस्त से पंजाब भाजपा

    बचाओ यात्रा निकालने और प्रदर्शन करने का एलान किया।
    नेताओं ने पटियाला में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी वाली क्षेत्रीय बैठक में संगरूर जोन के असंतुष्ट नेताओं को नहीं बुलाने पर भी सवाल उठाए थे। उनके रुख को पार्टी लाइन के खिलाफ बगावत माना जा रहा है। 

    भाजपा की अनुशासन समिति ने कहा है कि इस आचरण से प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के कथित उल्लंघन और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। यह नोटिस अनुशासन समिति के अध्यक्ष सोम प्रकाश की ओर से जारी किया गया है।

  • घर बनाने का सपना होगा आसान! पंजाब सरकार देगी 75 लाख तक लोन, ब्याज में भी छूट

    घर बनाने का सपना होगा आसान! पंजाब सरकार देगी 75 लाख तक लोन, ब्याज में भी छूट

    चंडीगढ़ 

    पंजाब सरकार के रेगुलर मुलाजिमों को अब अपना घर बनाने में दिक्कत नहीं आएगी। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चंडीगढ़ ने पंजाब सरकार के नियमित कर्मचारियों के साथ बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और शीर्ष सहकारी संस्थाओं के नियमित कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। 

    योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी सैलरी के आधार पर अधिकतम 75 लाख रुपए तक का होम लोन मिल सकेगा। इस पर 7.25% सालाना तक ब्याज लगेगा। सहकारिता विभाग के प्रशासनिक सचिव अजित बालाजी जोशी ने इस संबंधी पत्र भी जारी किया। साथ ही मुलाजिमों से कहा है कि इस मौके का फायदा उठाएं।

    प्रोसेसिंग फीस भी नहीं लगेगी विभाग का दावा है कि मुलाजिमों को लोन लेना यहां से काफी फायदेमंद है। ऐसे में मुलाजिमों से प्रोसेसिंग फीस, समय से पहले लोने चुकाने और लोन बंद करने का शुल्क नहीं लिया जाएगा। जानकारों की मानें तो प्रोसेसिंग फीस ही बैंक के हिसाब से दस से 25 हजार तक बन जाती है।

    लोन लेने के लिए आवेदक को संपत्ति के मूल कागजात बैंक में जमा कर उसे गिरवी रखना होगा। आवेदक का सिबिल स्कोर कम से कम 650 होना जरूरी है। इसके अलावा KYC, आय प्रमाण, संपत्ति दस्तावेज, कानूनी राय, मूल्यांकन रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे।

    प्लॉट, मकान और फ्लैट के लिए मिलेगा लोन कर्मचारी प्लॉट खरीदकर मकान बनाने, तैयार मकान खरीदने या बनाने और स्वीकृत योजना के तहत फ्लैट खरीदने के लिए लोन ले सकेंगे। दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान से लिए गए पात्र आवास लोन को भी इस योजना में ट्रांसफर कराया जा सकेगा। बैंक परियोजना लागत का 85 प्रतिशत तक वित्त उपलब्ध कराएगा। प्लॉट खरीदने के मामले में उसकी कीमत कुल लोन राशि के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकेगी।

    30 साल तक चुकाने का विकल्प कर्मचारियों को लोन चुकाने के लिए अधिकतम 30 वर्ष तक की अवधि मिलेगी। हालांकि लोन की अवधि उधारकर्ता के 70 वर्ष की आयु तक ही रहेगी। इनमें से जो अवधि पहले पूरी होगी, वही लागू होगी। योजना में मूल परिवर्तनीय ब्याज दर 8 प्रतिशत सालाना है। आईएचआरएमएस के जरिए किस्त की वसूली होने पर सेवानिवृत्ति की उम्र तक 0.50 प्रतिशत की ब्याज रियायत मिलेगी।

    वहीं जिन कर्मचारियों का वेतन खाता इसी बैंक में है, उन्हें 0.25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यानी पात्र कर्मचारी अधिकतम रियायत के साथ 7.25 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं। योजना की शर्तों का उल्लंघन होने पर ब्याज में मिली रियायत वापस ली जा सकती है और सामान्य ब्याज दर लागू हो जाएगी। इच्छुक कर्मचारी अपनी लागत पर वैकल्पिक जीवन बीमा की सुविधा भी ले सकेंगे।