Category: पंजाब

  • स्पाइसजेट की अमृतसर-दुबई फ्लाइट फिर हुई लेट, यात्रियों ने एयरपोर्ट पर किया हंगामा

    स्पाइसजेट की अमृतसर-दुबई फ्लाइट फिर हुई लेट, यात्रियों ने एयरपोर्ट पर किया हंगामा

    अमृतसर 
    अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली उड़ान में लगातार देरी से मंगलवार को एक बार फिर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने टिकट काउंटर पर एयरलाइन कर्मचारियों से बहस की और उड़ान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। 

    यात्रियों के मुताबिक, उन्हें उड़ान के समय को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने कर्मचारियों से कहा कि मैनेजर को बुलाया जाए, नहीं तो बाद में किसी नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। यात्रियों ने एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।

    यात्रियों का कहना था कि कम से कम अंदर बैठने की जगह दी जाए। करीब 70 से 80 लोग तेज धूप में बाहर बैठने को मजबूर रहे। इससे यात्रियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    जालंधर से पहुंचे एक यात्री ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी दी गई कि उनकी उड़ान रात करीब 11 बजे रवाना होगी, जबकि निर्धारित समय सुबह 8:40 बजे था। 

    एयरपोर्ट की व्यवस्था पर यात्री भड़के यात्री ने बताया कि जब उन्होंने स्टाफ से कम से कम अंदर बैठने देने की मांग की तो स्टाफ ने हंसकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि करीब 70 से 80 यात्री तेज धूप में बाहर बैठने को मजबूर हैं। सभी काफी परेशान हैं। यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पंजाब के किसी बस स्टैंड का हाल भी इतना खराब नहीं है, जितना अमृतसर एयरपोर्ट का बना हुआ है।

    एक दिन पहले भी 18 घंटे लेट हुई थी उड़ान 
    एक दिन पहले भी अमृतसर से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान करीब 17 से 18 घंटे लेट हुई थी। उस दौरान भी यात्रियों ने टिकट काउंटर पर हंगामा किया था और रिफंड या वैकल्पिक उड़ान की मांग उठाई थी। यात्रियों ने एयरलाइन पर देरी की स्पष्ट जानकारी नहीं देने और पर्याप्त इंतजाम नहीं करने के आरोप लगाए थे। लगातार दूसरे मामले के सामने आने से एयरपोर्ट पर यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं और एयरलाइन की सूचना व्यवस्था सवालों के घेरे में है। 

    यात्री ने कर्मचारी को क्या कहा, 2 पॉइंट में पढ़िए..

        अपने मैनेजर को बुलाइए, समाधान करवाइए: यात्री ने कर्मचारी से कहा कि हम आपका कोई नुकसान नहीं करना चाहते, न ही हमें मजबूर करें। अपने मैनेजर को बुलाइए और हमारी फ्लाइट का समाधान करवाइए। ठीक है या फिर हमें जो सुविधाएं मिलती हैं, वो दीजिए।

        नुकसान के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे: अगर आपका कोई नुकसान हो गया तो हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। हम एक घंटे से आपको कह रहे हैं कि मैनेजर को बुलाइए, लेकिन आप हंसकर हमें टालने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी बात भी नहीं सुन रहे। अगर 10 मिनट में आपका मैनेजर नहीं आया और आपका नुकसान हुआ, तो इसके जिम्मेदार आप लोग होंगे।

  • MSP से कर्जमाफी तक मांगों को लेकर सड़क पर किसान-मजदूर, 22 जिलों में प्रदर्शन

    MSP से कर्जमाफी तक मांगों को लेकर सड़क पर किसान-मजदूर, 22 जिलों में प्रदर्शन

    पटियाला.

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आज, 31 अगस्त को पंजाब के सभी 22 जिलों में डीसी कार्यालयों के सामने एक-दिवसीय मोर्चा लगाया गया। मोर्चे में पंजाब के किसानों, मजदूरों, युवाओं को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है।

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने कहा कि पंजाब की कृषि, पानी, जमीन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकारें ऐसी नीतियां लागू कर रही हैं, जिनका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण लोगों पर पड़ता है। इसलिए 31 अगस्त के मोर्चे के माध्यम से पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें जोरदार ढंग से रखी जा रही हैं।

    जानें किसानों की मांगें-
    पंजाब सरकार बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू की फसल की अपने स्तर पर एम.एस.पी. से ऊपर लाभकारी मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को मंडी में लूट का सामना न करना पड़े। किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी की जाए। कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। पंजाब में बार-बार आने वाली बाढ़, भूजल के लगातार गिरते स्तर तथा वायु और जल प्रदूषण के बढ़ते संकट को हल करने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक प्रभावी नीति बनाई जाए। नदी जल का बंटवारा राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार किया जाए। केंद्र द्वारा लाए गए Seeds Bill/Act, 2025, Cooperative Laws/Changes, 2026, MGNREGA के स्थान पर लागू किए गए Viksit Bharat–G RAM G Act, 2025 और Electricity (Amendment) Bill, 2025 का विरोध करते हुए पंजाब विधानसभा में इन्हें खारिज करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए। पंजाब में प्रीपेड बिजली मीटर लगाना तुरंत बंद किया जाए। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से VB–G RAM G Act लागू करके MGNREGA को रद्द किया है। पंजाब सरकार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इस समझौते को रद्द करने की मांग करे। शंभू और खनौरी मोर्चों से किसानों की ट्रालियों सहित जब्त या लूटा गया सारा सामान वापस किया जाए और आंदोलनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों में न्याय सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रकार के आबादकार किसानों और मजदूरों को उनके द्वारा बसाई और खेती की जा रही जमीन के मालिकाना हक दिए जाएं। किसान-मजदूर आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए पुलिस और रेलवे के मुकदमे तथा पराली जलाने से संबंधित दर्ज किए गए मामले रद्द किए जाएं। आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

    पंजाब की लैंड पूलिंग नीति तुरंत वापस ली जाए और भारतमाला प्रोजेक्ट सहित किसी भी परियोजना के लिए किसानों की जमीन उनकी सहमति और उचित मुआवजे के बिना जबरदस्ती कब्जे में लेना बंद किया जाए। पंजाब सरकार ने 2026 में लैंड पूलिंग नीति में कई संशोधन किए हैं, लेकिन किसानों की मांग है कि इस नीति को वापस लिया जाए। पंजाब में नशे पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जाए और युवाओं के लिए स्थायी तथा सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं, ताकि युवाओं को नशे और बेरोजगारी से बचाया जा सके। पंजाब में विभिन्न जोन बनाने के नाम पर निजी संस्थाओं द्वारा गांवों की ड्रोन के माध्यम से, गांववासियों की सहमति के बिना की जा रही मैपिंग तुरंत बंद की जाए और ऐसे कार्यों के लिए गांववासियों की सहमति तथा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ व्यापारिक गलियारा खोला जाए, ताकि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को नए बाजार मिल सकें तथा सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने कहा कि ये मोर्चे केवल किसानों के नहीं, बल्कि पंजाब के पानी, जमीन, रोजगार, कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पंजाब के भविष्य को बचाने की लड़ाई हैं।

  • बठिंडा में नशा तस्कर पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जा हटाने पहुंचा बुलडोजर

    बठिंडा में नशा तस्कर पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जा हटाने पहुंचा बुलडोजर

    बठिंडा.

    नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बठिंडा में प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की धौबियाणा बस्ती में जसप्रीत कौर पत्नी इंद्रजीत सिंह की ओर से बनाई गई इमारत को सोमवार को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।

    कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार, उक्त इमारत को लेकर संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से कब्जा हटाकर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद जगह खाली नहीं की गई। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं उपायुक्त-सह-मजिस्ट्रेट के निर्देश पर प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और निर्माण को गिरा दिया।

    19 इमारतें अब तक ध्वस्त
    प्रशासन ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के साथ कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के अवैध कब्जों और निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत जिले में अब तक 19 अवैध रूप से निर्मित इमारतों को ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया है।

    17 महीने में 3177 मुकदमे, 4487 गिरफ्तार
    पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बठिंडा पुलिस ने अपनी कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार, एक मार्च 2025 से अब तक 3177 मुकदमे दर्ज कर 4487 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 113 कथित बड़े नशा तस्कर भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 92 आरोपितों की करीब 14 करोड़ 89 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करवाई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

    सूचना देने की अपील
    बठिंडा पुलिस ने लोगों से नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की जानकारी साझा करने की अपील की है। इसके लिए पंजाब सरकार की नशा विरोधी हेल्पलाइन 97791-00200 और बठिंडा पुलिस की नशा विरोधी हेल्पलाइन 91155-02252 पर सूचना दी जा सकती है। पुलिस ने सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया है। पुलिस के मुताबिक, जसप्रीत कौर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। आगे की कार्रवाई और इमारत से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।

  • पंजाब में कर्मचारियों के हक में कांग्रेस, महंगाई भत्ता बकाया और OPS की मांग का समर्थन

    पंजाब में कर्मचारियों के हक में कांग्रेस, महंगाई भत्ता बकाया और OPS की मांग का समर्थन

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने लंबित महंगाई भत्ते के बकाये और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है। अपने लाइव संवाद कार्यक्रम ‘वडिंग विद वॉरियर्स’ के चौथे सत्र में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता कर्मचारियों को न्याय मिलने तक उनके साथ खड़े रहेंगे।

    वडिंग ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि वे सरकार से कोई विशेष रियायत नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। उन्होंने कहा-
    "जो लड़ते हैं, वही जीतते हैं।"
    पंजाब सरकार पर वादों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर सवाल किया कि यदि इसे लागू करने की मंशा नहीं थी तो अधिसूचना क्यों जारी की गई। उन्होंने सरकार को कर्मचारियों से टकराव से बचने की चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब का कामकाज कर्मचारियों के बिना ठप हो जाएगा। वडिंग ने कहा कि कर्मचारियों को कार्रवाई की धमकी देकर डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो कार्रवाई करके देखो… आपकी सरकार छह महीने पहले ही चली जाएगी।” उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में इन्हीं कर्मचारियों ने आप को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    वित्तीय प्राथमिकताओं पर वडिंग के तीखे सवाल
    वडिंग ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों के करीब 14,000 करोड़ रुपये के बकाये व लाभ न देने और 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए कथित 341 करोड़ रुपये सलाहकारों को देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2022 में करीब 2.85 लाख करोड़ रुपये का कर्ज अब बढ़कर लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

    पंजाब की नई उम्मीद हैं राहुल
    वडिंग ने मालवा नहर, नए मेडिकल कॉलेजों और स्कूल-कॉलेजों से जुड़े वादों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मान सरकार को हटाने और स्थिर सरकार के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की। राहुल गांधी की तारीफ करते हुए वडिंग ने उन्हें “भारत की नई उम्मीद और पंजाब की नई उम्मीद” बताया। उन्होंने कहा कि राहुल तमाम मुश्किलों के बावजूद संघर्ष करते रहे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी उनसे प्रेरणा लेकर लड़ाई जारी रखनी चाहिए।

  • चंडीगढ़ में विवाद के बाद थार का कहर, तीन युवक घायल, एक की मौत

    चंडीगढ़ में विवाद के बाद थार का कहर, तीन युवक घायल, एक की मौत

    चंडीगढ़.

    गांव दड़वा में देर रात करीब साढ़े 12 एक भयावह वारदात सामने आई। एक तेज रफ्तार थार ने तीन युवकों को कुचल दिया, जिसमें से एक मौत हो गई। यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपित थार चालक ने युवकों पर गाड़ी चढ़ा दी।

    इस वारदात में इंदिरा कालोनी निवासी पवन की मौत हो गई जबकि उसके साथी सूरज और एक अन्य युवक बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद तीनों को सेक्टर-16 के अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन पवन को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मनप्रीत उर्फ काका और मोनू जसवाल के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं और पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की है। वहीं, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर थार को कौन चला रहा था। हालांकि पहले पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन मृतक के परिवार और दोस्तों के आरोप के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जिसके बाद पता चला कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपित ने पवन और उसके दोस्तों को निशाना बनाया। वारदात के बाद पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा किए। फारेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया जिन्होंने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और कई अहम साक्ष्य जुटाए।

    होटल रायल प्लाजा के बाहर खड़े थे तीनों युवक
    पुलिस को दिए बयान में सूरज ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे वह पवन और एक अन्य युवक के साथ दड़वा के होटल रायल प्लाजा के बाहर खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार थार उनकी तरफ आई और तीनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पवन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को निजी वाहन से घायलों को सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया, लेकिन पवन ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार और दोस्तों ने अस्पताल में भी खूब हंगामा किया। उन्होंने आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।

    इंस्टाग्राम पर हुई बहस, फिर निकाली रंजिश
    पवन के परिजनों और दोस्तों ने आरोप लगाया कि कुछ युवकों के साथ उनका पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने इंदिरा कालोनी निवासी मलकीत उर्फ काका, हल्लोमाजरा निवासी मोनू जायसवाल, कांदू और गोविंदा समेत कुछ अन्य युवकों पर शक जताया है। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते ही पवन और उसके दोस्तों को निशाना बनाया गया। जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों में कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर बहसबाजी हुई थी। उनके बीच पहले से भी रंजिश चली आ रही थी। इंटरनेट मीडिया पर हुई बहस ने रंजिश को और तूल दे दिया। जिसके बाद आरोपित उन्हें मारने के लिए दड़वा पहुंचे। फिलहाल इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर कितने वाहन मौजूद थे, थार किस दिशा से आई और टक्कर के बाद कौन-कौन से वाहन वहां से निकले। घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

  • 32 बोतल महंगी शराब संग 10.72 लाख कैश बरामद, जालंधर में तस्कर दबोचा गया

    32 बोतल महंगी शराब संग 10.72 लाख कैश बरामद, जालंधर में तस्कर दबोचा गया

    जालंधर.

    जालंधर शहर के थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 32 बोतल महंगी शराब के अलावा 10 लाख 71 हजार 990 रुपये की नकदी, हुक्का-चिलम, मोबाइल फोन और सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। आरोपित के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं।

    पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना बस्ती बावा खेल के प्रभारी निरीक्षक जय इंदर सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। 30 अगस्त को उपनिरीक्षक बलविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान आबकारी निरीक्षक मनजीत सिंह के मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बाबा काहनदास नगर निवासी तरसेम सिंह उर्फ सेमा को काबू किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपित के कब्जे से ब्लैक लेबल की आठ बोतलें, बैलेंटाइन व्हिस्की की 10 और जेम्सन व्हिस्की की चार बोतलें बरामद कीं। इसके अलावा तीन हुक्का चिलम और तीन हुक्का पाइप भी मिले। आरोपित के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 10 लाख 71 हजार 990 रुपये बरामद हुए।

    पांच मोबाइल और सोने के आभूषण भी मिले
    पुलिस ने आरोपित से नकदी और शराब के अलावा एक एप्पल मोबाइल, एप्पल टैब, सैमसंग मोबाइल, बटन वाला सैमसंग फोन और वीवो मोबाइल बरामद किया। इसके साथ दो सोने की बालियां और चार सोने की अंगूठियां भी मिली हैं। पुलिस अब नकदी और अन्य सामान के स्रोत की जांच कर रही है।

    शराब के पुराने मामलों में भी नाम
    पुलिस के अनुसार तरसेम सिंह के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं। इनमें 2011 में मारपीट और घर में घुसने, 2015 में मारपीट व चोरी तथा अवैध शराब से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2015, 2017, 2018 और 2022 में भी उसके खिलाफ अवैध शराब से संबंधित मामले दर्ज हुए थे। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद लाखों रुपये कहां से आए और क्या इनका अवैध शराब के कारोबार से कोई संबंध है। साथ ही पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।

  • लिखित आदेश की मांग पर अड़े छात्र, फीस बढ़ोतरी के खिलाफ पंजाबी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

    लिखित आदेश की मांग पर अड़े छात्र, फीस बढ़ोतरी के खिलाफ पंजाबी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

    पटियाला.

    पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिए जाने के बावजूद स्टूडेंट्स ने अपना धरना समाप्त नहीं किया है। स्टूडेंट्स ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन फीस बढ़ोतरी वापस लेने संबंधी लिखित आदेश जारी नहीं करता, तब तक वीसी दफ्तर के बाहर उनका धरना जारी रहेगा।

    धरने पर बैठे स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की बात कही है, लेकिन अभी तक उन्हें इसका लिखित आश्वासन या आदेश नहीं दिया गया है। ऐसे में वे केवल मौखिक भरोसे के आधार पर अपना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। स्टूडेंट्स ने कहा कि फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की बात स्पष्ट रूप से लिखित में सामने आनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस फैसले को दोबारा लागू किए जाने को लेकर कोई संशय न रहे। उनका कहना है कि लिखित आदेश मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

    हॉस्टल की सुविधाओं पर भी उठाया मुद्दा
    स्टूडेंट्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टलों की मरम्मत और सुविधाओं में सुधार के लिए करीब दो करोड़ 80 लाख रुपये का बजट भी मंजूर किया है। स्टूडेंट्स का कहना है कि हॉस्टल सुविधाओं में सुधार के साथ फीस से जुड़े फैसले को लेकर भी प्रशासन को स्पष्टता रखनी चाहिए।

    लिखित आदेश के बाद ही धरना होगा वापस
    उन्होंने कहा कि हॉस्टलों की मरम्मत के लिए बजट मंजूर करना सकारात्मक कदम है, लेकिन फीस बढ़ोतरी वापस लेने का निर्णय भी लिखित रूप में दिया जाना जरूरी है। फिलहाल वीसी दफ्तर के बाहर स्टूडेंट्स का धरना जारी है। उनका कहना है कि जैसे ही प्रशासन फीस बढ़ोतरी वापस लेने संबंधी लिखित आदेश जारी करेगा, उसके बाद आंदोलन समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

  • पंजाब में जीत AAP के लिए क्यों जरूरी? दिल्ली के बाद ‘रंगला पंजाब’ प्लान से सत्ता की नई उम्मीद

    पंजाब में जीत AAP के लिए क्यों जरूरी? दिल्ली के बाद ‘रंगला पंजाब’ प्लान से सत्ता की नई उम्मीद

    चंडीगढ़ 
    साल-2027 मिशन के लिए पंजाब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कमर कस ली है। पंजाबियों को दोबारा सेवा का भरोसा दिलाते हुए सत्ता में वापसी करना आप के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगा। पार्टी ने सीएम भगवंत मान पर ही बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मान को अगली बार के लिए भी सीएम फेस घोषित कर चुके हैं। चुनाव में आप का दारोमदार मान पर ही रहेगा।

    चुनावी तैयारियों के मद्देनजर रिक्त पदों पर नियुक्तियां लगभग पूरी हो गई हैं। बूथ से लेकर हलका स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद जारी है। चुनाव प्रचार की मुख्य कमान भी सीएम भगवंत सिंह मान ही संभालेंगे जबकि दिल्ली की टीम चुनावी प्रबंधन देखेगी। दिल्ली के कई आप नेताओं को पंजाब में सक्रिय करने की तैयारी कर ली गई हैं। उनकी जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं और इसके लिए आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया पूरी तरह सक्रिय हैं।

    पार्टी मान सरकार के पांच साल के कार्यकाल को ही अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बनाएगी। लोगों के बीच अपने काम गिनवाकर और सियासी विरोधियों को निशाने पर लेते हुए दोबारा सेवा का माैका मांगेगी। इसके लिए पार्टी मान सरकार का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगी, जिसे मतदाताओं में वितरित किया जाएगा।

    राज्यसभा सांसद छोड़ चुके साथ
    2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में सक्रिय रहे राज्यसभा सांसद भाजपा में चले गए हैं। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। साल 2022 के चुनाव में राघव चड्ढा आप के प्रमुख रणनीतिक चेहरों में रहे हैं जबकि संदीप पाठक संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े रहे।

    पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का युवाओं में प्रभाव है। अशोक मित्तल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। विक्रमजीत साहनी उद्योग, समाजसेवा और पंजाबी प्रवासी समुदाय में पहचान रखते हैं। इसी तरह राजिंदर गुप्ता उद्योगपतियों में अच्छा रसूख रखते हैं। चुनाव से पहले सांसदों के दल-बदल से विधानसभा चुनाव में आप को नुकसान हो सकता है।

    2014 में एंट्री और 2022 में सत्ता
    पंजाब की सियासत में आम आदमी पार्टी का निर्णायक उदय 2014 के लोकसभा चुनाव से माना जाता है। पार्टी ने 13 में से चार सीटें फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, संगरूर और पटियाला जीती थीं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में आप ने 20 सीटें जीतकर कांग्रेस के बाद मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी तीन सीटों तक सिमट गई लेकिन 2022 में उसने जोरदार वापसी की। भगवंत मान के नेतृत्व में आप ने 117 में से 92 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाई।

    पार्टी के लिए जीत क्यों जरूरी
    पंजाब में दोबारा जीत पार्टी के लिए बहुत जरूरी है। इसी के चलते पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सूबे में सत्ता वापसी के भरसक प्रयासों में जुटे हैं। साल 2022 में जब आप ने पंजाब में सरकार बनाई थी तो दिल्ली में भी आप की सरकार थी। दिल्ली माॅडल के बूते ही पंजाब में सत्ता की राह आसान की गई मगर अब हालात विपरीत हैं। आप दिल्ली खो चुकी है और अब पंजाब को हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती। लिहाजा दोबारा जीत के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी है।

  • PU चुनाव में बवाल के बाद बड़ा फैसला, छात्रों को वोट डालने के लिए अतिरिक्त समय

    PU चुनाव में बवाल के बाद बड़ा फैसला, छात्रों को वोट डालने के लिए अतिरिक्त समय

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में छात्र संघ चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी है। वोटिंग करने को लेकर छात्रों में उत्साह है। पीयू प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हुए हैं। प्रत्याशी और उनके संगठन के समर्थक वोटर्स को अपने पक्ष में वोट करने के प्रयास में जुटे हैं।

    इसी बीच पीयू के लॉ डिपार्टमेंट के बाहर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि वोटिंग का समय सुबह 11 बजे तक था, लेकिन गेट को सुबह 10 बजे ही बंद कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थी दूर-दराज से आए थे और रास्ते में जाम में फंसने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाए। गेट समय से पहले बंद होने के चलते वे मतदान नहीं कर सके, जिससे छात्रों में रोष फैल गया। छात्रों ने मौके पर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। पुलिस लॉ डिपार्टमेंट से मत पेटी लेकर जाने लगी थी, जिसकाे विद्यार्थियों ने जाने नहीं दिया। हंगामा बढ़ता देख विद्यार्थियों की मांग मान ली गई और उन्हें वोट करने का अतिरिक्त समय दिया गया।

    एबीवीपी-सोई गठबंधन से दिलचस्प हुआ छात्र चुनाव
    छात्र परिषद चुनाव से पहले रविवार शाम एबीवीपी और सोई ने गठबंधन कर लिया। दोनों संगठनों के साथ आने की चर्चा पिछले कुछ समय से कैंपस में चल रही थी, लेकिन औपचारिक गठबंधन के बाद चुनावी समीकरण तेजी से बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। गठबंधन से एबीवीपी को चुनावी मैदान में मजबूती मिलने के साथ मुकाबला और कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकार इस गठजोड़ को छात्र राजनीति से आगे पंजाब की सियासत के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। छात्र संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से बड़े राजनीतिक दलों की रणनीति और युवाओं तक पहुंच से जुड़ी रही हैं। ऐसे में एबीवीपी और सोई का साथ आना आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    गठबंधन के बाद दोनों संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार करेंगे। इससे अन्य छात्र संगठनों के सामने चुनौती बढ़ सकती है। कैंपस में इस गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि गठबंधन का वास्तविक प्रभाव चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल पीयू छात्र परिषद चुनाव में मुकाबला पहले से अधिक रोचक हो गया है। साथ ही युवा राजनीति के बदलते रुझानों को लेकर भी इस गठजोड़ पर नजरें टिक गई हैं। 

  • बाबा बकाला में चन्नी गुट की ताकत का प्रदर्शन, वड़िंग गुट रहा दूर; राहुल दौरे से पहले सियासी हलचल

    बाबा बकाला में चन्नी गुट की ताकत का प्रदर्शन, वड़िंग गुट रहा दूर; राहुल दौरे से पहले सियासी हलचल

    चंडीगढ़
     पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को समाप्त करना पार्टी हाईकमान के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। हालात यह हैं कि प्रदेश के नेता जब दिल्ली तलब किए जाते हैं तब वहां वे एकजुटता की बातें करते हैं, लेकिन पंजाब की धरती पर आते ही गुटों में बंट जाते हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के सितंबर महीने के पंजाब दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को एक मंच पर लाना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी परेशानी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट से है। चन्नी गुट इन दिनों राज्य में जहां भी मौका मिलता है, वहां अपना शक्ति प्रदर्शन करने से नहीं चूकता।  कांग्रेस में गुटबाजी पहली बार नहीं है लेकिन जिस तरह के हालात इस समय पार्टी हाईकमान के सामने बने हैं, उससे हाईकमान भी असहज महसूस कर रहा है।

    एक मंच पर लाने में कामयाब
    हाईकमान बार-बार यह तो कह रहा है कि गुटबाजी सहन नहीं होगी लेकिन किसी पर भी कार्रवाई करने से अभी तक बच रहा है। पूर्व की बात करें तो राजिंदर कौर भट्ठल, नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट अलग-अलग समय में एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तो करते थे लेकिन हाईकमान हर समय उनको एक मंच पर लाने में कामयाब हो जाता था।

    अब हालात यह हैं कि चन्नी गुट ने प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।  हाईकमान की कई कोशिशों के बाद भी दोनों गुट एक नहीं हो सके हैं। हाल ही में लुधियाना के इसड़ू में रैली की बात हो या अमृतसर के बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्नया में आयोजित होने वाली रैली… दोनों ही स्थानों पर चन्नी गुट हावी रहा।

    नहीं पहुंचे वड़िंग गुट के नेत
    इससे पहले जब भी यहां पर रैली हुई तो गुटबाजी के बावजूद पार्टी नेता एक मंच पर दिखाई देते और जनता में यह संदेश देने का प्रयास करते कि वे एक हैं। शुक्रवार को बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्नया के अवसर पर चन्नी गुट की ओर से की गई रैली में प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग का मंच पर लगे पोस्टर में चित्र तो दिखा लेकिन न तो वड़िंग और न ही वड़िंग गुट का कोई नेता पहुंचा।

    हालात ऐसे बने कि प्रदेश नेतृत्व को यह तर्क देना पड़ रहा है कि यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर होते हैं। प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने शनिवार को इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता हर कार्यक्रम में मौजूद रहें। उनके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता नहीं पहुंचे थे। 

    रंधावा से मिल स्लीपर सेल के बारे में पूछेंगे
    वड़िंग प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि बाबा बकाला में रैली के दौरान सुखजिंदर रंधावा द्वारा पार्टी में ‘स्लीपर सेल’ और ‘समझौता करने वाले नेताओं’ का बयान दिया गया।

    वड़िंग ने कहा कि रंधावा से पूछेंगे कि उनका इशारा किसकी ओर है। उन्होंने कहा कि हर पार्टी में ऐसे लोग हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें सामने लाना जरूरी है, क्योंकि वे विरोधियों से ज्यादा पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। 

    वही घर है, वही रंधावा… जदों भी आओगे तुहाडा वेलकम’
    वड़िंग के वीडियो संदेश के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर जवाब दिया। रंधावा ने लिखा, 'वही घर है, वही रंधावा, जदों भी तुसी आओगे… तुहाडा मोस्ट वेलकम।'