Category: खेल

  • क्रिकेट में हाथ मिलाने से इनकार, अब हॉकी के लिए भारत आएगी पाकिस्तानी टीम; भगवंत मान ने बताई वजह

    क्रिकेट में हाथ मिलाने से इनकार, अब हॉकी के लिए भारत आएगी पाकिस्तानी टीम; भगवंत मान ने बताई वजह

     नई दिल्ली
     भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध इस समय अच्छे नहीं हैं। इसका असर खेल के मैदान पर भी नजर आता है। क्रिकेट में तो दोनों टीमें एक-दूसरे से हाथ तक नहीं मिलती हैं। बीती रात एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के मोहसिन नकवी से ट्रॉफी तक नहीं ली। दोनों टीमें एक-दूसरे का दौरा नहीं करती हैं, लेकिन अगले महीने होने वाले एक टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी।

    ये कोई क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं है बल्कि हॉकी का बड़ा टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी है। मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब में होना है। ये टूर्नामेंट अगले महीने खेला जाना है। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी।

    पॉलिसी का दिया हवाला
    भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार की पॉलिसी के तहत इसे मंजूरी दी गई है। मान ने कहा, "मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में कोई परेशानी नहीं है। संभवतः द्विपक्षीय सीरीज में हो।"

    केंद्रीय खेल नीति के मुताबिक भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेंगी। हालांकि, ओलंपिक के नियमों को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने कहा था कि दोनों टीमें मल्टी टीम इवेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं और भारत, सीमा पार के खिलाड़ियों को इस तरह के टूर्नामेंट्स में अपने यहां खेलने से नहीं रोकेगा। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान ने पिछले साल जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था जो तमिलनाडु में खेला गया था।

    ऐसा है कार्यक्रम
    एशियन चैंपियंस ट्ऱॉफी की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी और ये टूर्नामेंट पांच नवंबर तक चलेगा। लीग स्टेज के मैच जालंधर में खेले जाएंगे और सेमीफाइनल, फाइनल मैच मोहाली में होंगे। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश के तौर पर दो रिजर्व टीमों का भी ऐलान किया गया है। अगर कोई टीम नाम वापस लेती है तो इनको जगह दी जाएगी।

     

  • 2020 की हार का लिया बदला, ज्वेरेव ने शेल्टन को हराकर रचा इतिहास

    2020 की हार का लिया बदला, ज्वेरेव ने शेल्टन को हराकर रचा इतिहास

    नई दिल्ली
    जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रविवार को साल के चौथे ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन के फाइनल में अमेरिकी बेन शेल्टन को 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराकर कड़वी यादों को पीछे छोड़ा और खिताब अपने नाम किया। इसी कोर्ट पर छह साल पहले हाथ से निकले सुनहरे मौके के बाद आखिरकार यह खिताब ज्वेरेव ने अपनी झोली में डाल ही लिया।

    इससे पहले ज्वेरेव साल 2020 में यूएस ओपन के खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रियाई डोमिनिक थीम के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाने के बाद हार गए थेस लेकिन जून में फ्रेंच ओपन में मिली शानदार जीत के बाद अब एक चैंपियन वाली मानसिकता के साथ खेलते हुए उन्होंने शेल्टन के खिलाफ जबरदस्त खेल दिखाकर अमेरिकी प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया। ये ज्वेरेव का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इसी साल उन्होंने फ्रेंच ओपन जीता था।

    मेहनत लाई रंग
    ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान मुस्कुराते हुए ज्वेरेव ने जर्मनी टेनिस में ग्रैंड स्लैम सूखे के बारे में बात की और कहा कि इस साल जो हो रहा है वो पुरानी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा, "हमने 30 साल तक कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीता, और अब हमने तीन महीने के अंदर दो खिताब जीत लिए हैं। 2026 उन सभी पिछले वर्षों का नतीजा है जो इससे पहले आए थे।"

    शेल्टन खत्म नहीं कर सके 23 साल पुराना सूखा
    घरेलू प्रशंसक शेल्टन को अमेरिकी पुरुषों के 23 साल के ग्रैंड स्लैम सूखे को खत्म करते हुए देखना चाहते थे, लेकिन आठवें सीड वाले खिलाड़ी को अपने पहले बड़े फाइनल में कभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ फॉर्म नहीं मिल पाया।

    आर्थर ऐश स्टेडियम में शेल्टन का समर्थन करने वाले प्रशंसक निराश हुए क्योंकि 7 सितंबर, 2003 को एंडी रॉडिक की जुआन कार्लोस फेरेरो पर यूएस ओपन जीत के बाद से चला आ रहा सूखा अब लुई आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में ट्रॉफी उठाने के बाद से 8,407 दिनों से भी आगे बढ़ जाएगा। शेल्टन यूएस ओपन जीतने वाले आठवें अलग अमेरिकी पुरुष और राफेल नडाल के बाद पहले बाएं हाथ के चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे थे जिसमें वह असफल रहे।

    कायम रखा दबदबा
    रविवार के मैच से पहले ज्वेरेव का शेल्टन के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 5-0 का था और उन्होंने खेले गए 11 में से 10 सेट जीते थे। पूरे दिन में उनकी सर्विस सिर्फ एक बार टूटी वो तीसरे सेट के अंत में जबकि उन्होंने शेल्टन की सर्विस चार बार तोड़ी जिसमें चौथे सेट में दो बार ऐसा करना शामिल था।

     

  • जूनियर हॉकी में भारत का डबल धमाका, पुरुष-महिला दोनों टीमों ने जीता एशिया कप

    जूनियर हॉकी में भारत का डबल धमाका, पुरुष-महिला दोनों टीमों ने जीता एशिया कप

    नई दिल्ली
     भारतीय हॉकी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। चीन के मोकी में खेले गए जूनियर हॉकी एशिया कप में भारत की पुरुष और महिला टीम ने खिताब अपने नाम किया। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर छठी बार ट्रॉफी जीती तो भारतीय बेटियों ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।

    इसके साथ ही दोनों टीमों ने 2027 जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। अनमोल एक्का की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को पूरी तरह दबाव में रखा और चारों क्वार्टर में चढ़कर हॉकी खेली। अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने भारत के लिए गोल किए।

    महिला टीम ने भी जीता फाइनल
    कोरिया की ओर से ली मिनह्योक ही एकमात्र गोल कर सके। वहीं महिला फाइनल में चीन के खिलाफ मुकाबला बेहद कड़ा रहा। सानिका चंद्रकांत माने के शुरुआती गोल ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन को कोई मौका नहीं दिया और भारत ने 1-0 से जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार ट्रॉफी पर नाम लिखाया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
    भारतीय महिला और पुरुष टीम के जीतने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने लिखा, "भारतीय हॉकी के लिए गर्व का पल। शानदार प्रदर्शन के साथ एशिया कप का खिताब बरकरार रखने पर हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को बधाई। पुरुष जूनियर हाकी टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई। यह वाकई एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह कामयाबी हमारे युवा खिलाड़ियों के जबरदस्त हुनर को दिखाती है। पूरी टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।"

    भारतीय टीम ने कब-कब जीता विश्व कप?
    महिला टीम के खिताब: 2023, 2024, 2026
    पुरुष टीम के खिताब: 2004, 2008, 2015, 2023, 2024, 2026

    अनमोल एक्का रहे शीर्ष स्कोरर
    17 गोल के साथ अनमोल एक्का पुरुष जूनियर एशिया कप के शीर्ष स्कोरर रहे 7 गोल के साथ सानिका चंद्रकांत माने महिला जू. एशिया कप में संयुक्त शीर्ष स्कोरर रहीं 47 गोल दागे सात मैचों में भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में और केवल तीन गोल खाए 46 गोल पुरुष टीम ने दागे छह मैचों में, जबकि उसने आठ गोल खाए।

     

  • टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिली तो खुश हुए पाकिस्तानी फैंस, नकवी को बताया ‘बहुत अच्छा किया’

    टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिली तो खुश हुए पाकिस्तानी फैंस, नकवी को बताया ‘बहुत अच्छा किया’

    नई दिल्ली
    विमेन्स एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को धूल चटाकर आठवीं बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली. लेकिन मैदान पर भारत की शानदार जीत के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने एशियाई क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चीफ मोहसिन नकवी की सरेआम धज्जियां उड़ा दीं.

    मुकाबला खत्म होने के बाद जब ट्रॉफी देने की बारी आई तो भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी पूरी टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया. भारत के इस कड़े रुख की वजह से नकवी स्टेज पर ही शर्मिंदा खड़े रहे. आखिर में उन्हें सिर्फ उपविजेता श्रीलंका की टीम को चेक देकर ही संतोष करना पड़ा.

    बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ किया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुई घटना और दोनों देशों के बीच जारी तनाव की वजह से भारतीय खिलाड़ियों ने यह फैसला लिया. टीम इंडिया किसी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकती जो देश के हितों के खिलाफ काम करता हो.
     
    ट्रॉफी चोर के नारों से गूंजा स्टेडियम
    इस बेइज्जती के बाद जब मोहसिन नकवी स्टेडियम छोड़कर अपनी गाड़ी से निकल रहे थे तब स्टेडियम के बाहर भारतीय फैन्स ने 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे लगाकर उनकी जमकर खिंचाई की. यह मामला 2025 के मेन्स एशिया कप से जुड़ा है, जब पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद भी ट्रॉफी मिलने में काफी ड्रामा हुआ था.

    पाकिस्तानी फैन्स ने की नकवी की तारीफ
    हैरानी की बात यह रही कि जहां एक तरफ पूरे स्टेडियम में नकवी की थू-थू हो रही थी, वहीं स्टेडियम के बाहर मौजूद कुछ पाकिस्तानी फैन्स उनकी गाड़ी के सामने आकर उनकी तारीफों के पुल बांध रहे थे. एक फैन ने कहा कि नकवी सर आपने अच्छा किया, भारत ट्रॉफी डिजर्व नहीं करता था. पाकिस्तान में ट्रॉफी नहीं देने पर भी नकवी की तारीफ की जा रही है.

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, भारत के लिए सबसे तेज 6000 टी20 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, भारत के लिए सबसे तेज 6000 टी20 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 सितंबर) को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम की जीत के हीरो अभिषेक शर्मा रहे. सलामी बल्लेबाज अभिषेक ने 7 छक्के और 7 चौके की मदद से सिर्फ 32 बॉल पर 82 रन बनाए. अभिषेक की तूफानी पारी के दम पर भारतीय टीम ने 13.4 ओवरों में ही 157 रनों का टारगेट हासिल कर लिया.

    इस तूफानी पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. अभिषेक टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 6000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए. अभिषेक को इस उपलब्धि के लिए सिर्फ 5 रनों की जरूरत थी. उन्होंने फजलहक फारूकी के खिलाफ पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर यह मुकाम हासिल किया. उन्होंने 3420 गेंदों में 6000 टी20 रन पूरे किए.

    ओवरऑल सबसे तेज 6000 टी20 रन पूरे करने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के फिन एलन के नाम है. एलन ने यह उपलब्धि 3386 गेंदों में हासिल की थी. यानी अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड से सिर्फ 34 गेंद पीछे रहे. वेस्टइंडीज के दिग्गज आंद्रे रसेल 3550 गेंदों के साथ इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं, जबकि टिम डेविड ने 3681 गेंदों में 6000 रन पूरे किए थे.

    T20 में सबसे तेज 6000 रन (गेंदों के हिसाब से):
    3386 फिन एलन
    3420 अभिषेक शर्मा
    3550 आंद्रे रसेल
    3681 टिम डेविड

    3857 विल जैक्स/फिल साल्ट
    अभिषेक शर्मा ने साल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) डेब्यू किया था. डेब्यू मैच में ही उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर नाबाद 46 रनों की तूफानी पारी खेली थी. हालांकि शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले. 2018 और 2019 में उन्होंने तीन-तीन आईपीएल मैच खेले. इसके बाद 2020 और 2021 में उन्होंने आठ-आठ मुकाबलों में हिस्सा लिया.

    फिर आईपीएल 2024 में अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने उस सीजन 484 रन बनाए और इसी प्रदर्शन के दम पर पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाई. 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद वह टीम के नियमित सदस्य बन गए और 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे.

    अभिषेक का ऐसा रहा है टी20 करियर
    अभिषेक शर्मा ने अपने टी20 करियर में अब तक 207 मैच खेलकर 6077 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक और 38 अर्धशतक शामिल रहे. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. 10000 टी20 रनों का आंकड़ा उनके करियर के बड़े लक्ष्यों में शामिल हो सकता है. फिलहाल अभिषेक की पहचान मुख्य रूप से टी20 बल्लेबाज के तौर पर है. उन्हें अभी तक भारतीय वनडे टीम में जगह नहीं मिली है.

    अभिषेक शर्मा ने आखिरी बार फरवरी 2024 में फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला था. अब तक उनके नाम 24 फर्स्ट क्लास मैचों में 30.60 की औसत 1071 रन दर्ज हैं. फिलहाल वह भारतीय टेस्ट टीम की योजनाओं में नजर नहीं आते, जबकि सीमित ओवरों में उनका कद लगातार बढ़ रहा है.

  • हरमनप्रीत कौर पर BCCI ने लिया बड़ा फैसला, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड; दोहराया एशिया कप वाला रुख

    हरमनप्रीत कौर पर BCCI ने लिया बड़ा फैसला, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड; दोहराया एशिया कप वाला रुख

     दुबई
    भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। 

    खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ। 

    आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया। 

    2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा'
    इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया। 

    भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है। 

    हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते
     बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्ता
    र से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है। 

    ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है। 

    उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था। 

     'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान

    दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं। 

    फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए। 

    पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था। 

  • नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज  अजय यादव, पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।

    कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज  अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

     कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

    एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके। 

    नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित

    कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

  • भारत से सेमीफाइनल हार के बाद निगार सुल्ताना पर विवाद, BCB ने कहा- एशियन गेम्स के बाद लेंगे फैसला

    भारत से सेमीफाइनल हार के बाद निगार सुल्ताना पर विवाद, BCB ने कहा- एशियन गेम्स के बाद लेंगे फैसला

    नई दिल्ली
    भारत के खिलाफ विमेंस एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना सुर्खियों में रही थीं. निगार ने टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाया था. अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की ओर से इस मामले पर सफाई दी गई है.

    बीसीबी की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू के मुताबिक यह निगार सुल्ताना का निजी फैसला था और बीसीबी का इस निर्णय में कोई रोल नहीं था. बाबू कहते हैं, 'बेशक, यह उनका अपना फैसला था. हमारा मानना है कि खेल दुनिया को एक साथ लाता है. हम सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहते हैं. इसलिए उन्होंने जो किया, वह पूरी तरह उनका निजी फैसला था.'

    भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के सामने 150 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी और उसे 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा. अब बांग्लादेशी टीम का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 है. बोर्ड ने इसी प्रतियोगिता के बाद टीम और कप्तानी को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट करने के संकेत दिए हैं.

    क्या निगार पर एक्शन लेगा BCB?
    रफीकुल इस्लाम बाबू ने बताया कि निगार सुल्ताना के खिलाफ कदाचार से जुड़ी शिकायतें बोर्ड तक पहुंची हैं. हालांकि फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. बोर्ड पहले एशियन गेम्स में टीम के प्रदर्शन का आकलन करेगा और उसके बाद निगार की कप्तानी समेत दूसरे मामलों पर चर्चा होगी.

    रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि बांग्लादेशी टीम के प्रदर्शन और शिकायतों से जुड़े पूरे मामले पर बोर्ड अध्यक्ष के साथ चर्चा हो चुकी है. एशियन गेम्स 2026 के खत्म होने के बाद यह तय किया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाया जाना चाहिए.

    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपनी विमेंस टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. रफीकुल इस्लाम बाबू ने माना कि बांग्लादेशी टीम को बड़ी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि विश्व कप में भी बांग्लादेश ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन छोटी गलतियों की वजह से टीम को हार झेलनी पड़ी.

    बोर्ड अब बांग्लादेशी टीम को ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने पर काम कर रहा है. एशियन गेम्स के बाद टीम के प्रदर्शन, निगार सुल्ताना के खिलाफ मिली शिकायतों और कप्तानी को लेकर फैसला लिया जाएगा.

  • आसिफ शेख के शतक से नेपाल चैंपियन, UAE को हराकर एशिया कप का टिकट पक्का

    आसिफ शेख के शतक से नेपाल चैंपियन, UAE को हराकर एशिया कप का टिकट पक्का

    कुआलालंपुर
    एसीसी मेन्स प्रीमियर कप 2026 का फाइनल नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच खेला गया.  शनिवार को कुआलालंपुर के बयूमास क्रिकेट ओवल में आयोजित इस खिताबी मुकाबले में नेपाली टीम ने 44 रनों से जीत हासिल की. नेपाल ने यूएई को जीत के लिए 314 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 49.1 ओवर्स में 269 रनों पर सिमट गई.

    इस जीत के साथ ही नेपाल ने मेन्स एशिया कप 2027 के लिए क्वालिफाई कर लिया. नेपाल दूसरी बार एशिया कप में हिस्सा लेगा. इससे पहले नेपाल ने 2023 के संस्करण में भाग लिया था, जहां उसने भारत और पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज में मुकाबले खेले थे. 2027 के एशिया कप का मेजबान बांग्लादेश है और इसके मुकाबले ओडीआई फॉर्मेट में खेले जाएंगे. बांग्लादेश के अलावा भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान को इस टूर्नामेंट के लिए डायरेक्ट एंट्री मिली है.

    यूएई के लिए रनचेज में राहुल चोपड़ा ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके. राहुल ने 105 बॉल पर नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. वहीं शोहैब खान ने 4 चौके और दो छक्के की सहायता से 57 बॉल पर 52 रनों की पारी खेली. करण केसी ने नेपाली टीम के लिए सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. वहीं ललित राजबंशी को दो सफलताएं मिलीं. कप्तान संदीप लामिछाने, दीपेंद्र सिंह ऐरी, रोहित पौडेल, गुलशन झा और बसीर अहमद ने एक-एक विकेट प्राप्त किया.

    आसिफ शेख का यादगार शतक
    मुकाबले में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 313 रन बनाए थे. नेपाल की पारी के सबसे बड़े स्टार सलामी बल्लेबाज आसिफ शेख रहे, जिन्होंने शानदार शतक जमाया. आसिफ ने 106 गेंदों पर 102 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और चार छक्के शामिल रहे. उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई.

    गुलशन झा ने तो तेजतर्रार अर्धशतक लगाया. गुलशन ने 4 छक्के और तीन चौके की मदद से 38 गेंदों पर 52 रन बनाए. अर्जुन कुमाल (43 रन) और रोहित कुमार पौडेल (40 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया. यूएई की ओर से अबरार अहमद सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके. खुजैमा तनवीर ने 2 विकेट लिए, जबकि हैदर अली और आदिब उस्मानी को एक-एक सफलता मिली.

    नेपाल और यूएई इससे पहले 2023 में भी प्रीमियर कप के फाइनल में आमने-सामने आए थे, जहां नेपाल ने यूएई को 7 विकेट से हराकर खिताब जीता था. दोनों टीमों के बीच अब तक 20 वनडे मुकाबले खेले गए हैं. इनमें नेपाल ने 12 और यूएई ने 8 मैच जीते हैं. नेपाल और यूएई दोनों ही पहले से इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के लिए क्वालीफाई कर चुके थे.

  • सिराज बने हैदराबाद के कप्तान, चामा मिलिंद होंगे उप-कप्तान; 11 अक्टूबर से शुरू होगा रणजी सीजन

    सिराज बने हैदराबाद के कप्तान, चामा मिलिंद होंगे उप-कप्तान; 11 अक्टूबर से शुरू होगा रणजी सीजन

    नई दिल्ली
    टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. सिराज को रणजी ट्रॉफी 2026-27 के लिए हैदराबाद टीम की कमान सौंपी गई है. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने इस बात का ऐलान किया. सिराज जहां हैदराबाद के कप्तान होंगे, वहीं तेज गेंदबाज चामा मिलिंद उप-कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे.

    रणजी ट्रॉफी का आगामी सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होगा, जहां हैदराबाद अपने पहले मुकाबले में त्रिपुरा का सामना करेगा. हैदराबाद को एलीट ग्रुप बी में रखा गया है. इस ग्रुप में सौराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा की टीम्स भी शामिल हैं. ऐसे में सिराज के सामने कप्तानी के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी लय को मजबूत बनाए रखने की चुनौती होगी.

    मोहम्मद सिराज हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के लिए खेलते नजर आए थे, जहां उनकी बॉलिंग स्पीड में गिरावट देखने को मिली. आमतौर पर सिराज 140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास गेंदबाजी करते हैं. लेकिन इस दौरे पर कई बार वो 130 KMPH से कम रफ्तार में गेंद डालते दिखाई दिए. दो टेस्ट मैचों में उन्होंने 44 ओवर्स की गेंदबाजी की और चार विकेट हासिल किए.

    मोहम्मद सिराज ने बाद में खुद इसकी वजह बताई. उनके मुताबिक करीब दो महीने के ब्रेक के बाद सीधे मुकाबले में उतरने से उनकी लय प्रभावित हुई. उन्होंने कहा कि वह ऐसे गेंदबाज हैं जिनके लिए रनअप और लय बेहद अहम हैं. रनअप में तालमेल बिगड़ने से उनकी गति पर भी असर पड़ा.

    साउथ जोन के लिए दिखाया जज्बा
    श्रीलंका दौरे के बाद मोहम्मद सिराज ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 फाइनल में साउथ जोन के लिए खेला. तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम के लिए खेलते वक्त उनके प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले. चेन्नई की गर्मी में खेलने के दौरान सिराज को अपनी गेंदबाजी में वह लय वापस मिलती महसूस हुई, जिसकी उन्हें तलाश थी. उन्होंने कहा कि चेन्नई में चीजें सही जगह पर आने लगीं और इसके साथ गेंद की गति भी स्वाभाविक रूप से बढ़ी.

    मोहम्मद सिराज ने अपनी फिटनेस और गेंदबाजी की चुनौतियों के बीच एक बात को सबसे ऊपर रखा. उनका कहना है कि जब खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करता है तो परिस्थितियों का बहाना नहीं बनाया जा सकता. सिराज के मुताबिक उनके लिए यह जुनून का मामला है और देश के लिए खिलाड़ी को अपना हर संभव प्रयास करना चाहिए.