Category: खेल

  • रहाणे ने चुना भारत का टॉप-3, वैभव सूर्यवंशी को अभी इंतजार की सलाह

    रहाणे ने चुना भारत का टॉप-3, वैभव सूर्यवंशी को अभी इंतजार की सलाह

    नई दिल्ली
    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज से पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर को लेकर बहस तेज हो गई है. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की है, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे वैभव को फिलहाल टॉप-3 में जगह देने के पक्ष में नहीं हैं.

    अजिंक्य रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर साफ कहा कि भारत को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने वाले टॉप-3 के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए. उनके मुताबिक अभी टीम के बल्लेबाजी क्रम के साथ प्रयोग करने की जरूरत नहीं है. रहाणे के मुताबिक अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन टॉप-3 बल्लेबाज होने चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'मुझे लगता है कि टॉप-3 वही होना चाहिए, जो वर्ल्ड कप में खेला था.' रहाणे ने संजू सैमसन के मामले में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सैमसन ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और कुछ खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर करना सही नहीं था. रहाणे चाहते हैं कि विकेटकीपर बल्लेबाज को एक और मौका मिले.

    सैमसन को और मौका मिले: रहाणे
    अजिंक्य रहाणे ने आगे कहा, 'सैमसन ने अच्छा किया है, लेकिन दो या तीन खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया. मैं चाहता हूं कि उन्हें एक और मौका मिले. अभिषेक और ईशान ने भी हमारे लिए अच्छा किया है.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20I सीरीज में दो अर्धशतक लगाए और ''प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने. इसके बाद उनके टॉप ऑर्डर में शामिल होने की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, अजिंक्य रहाणे का मानना है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उन्हें जल्दबाजी में किसी स्थापित खिलाड़ी की जगह नहीं दी जानी चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, 'वैभव को अपने मौके मिलेंगे और उसका समय आएगा. लेकिन फिलहाल मुझे लगता है कि टॉप-3 सैमसन, अभिषेक और ईशान होने चाहिए.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. अब वह टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं. दूसरी ओर, जिम्बाब्वे सीरीज से आराम के बाद संजू सैमसन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है.

    अफगानिस्तान के ख‍िलाफ टी20I सीरीज के खिलाफ भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.

  • ईशान किशन की चोट पर नवदीप सैनी ने किया खुलासा, बोले- शॉर्ट बॉल के बाद पूछा तो बताया ठीक हूं

    ईशान किशन की चोट पर नवदीप सैनी ने किया खुलासा, बोले- शॉर्ट बॉल के बाद पूछा तो बताया ठीक हूं

     नई दिल्ली
    भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20I सीरीज 13 सितंबर से शुरू हो रही है. इस सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम की चिंता उस उस वक्त चिंता बढ़ गई, जब ईशान किशन नेट्स से पीठ में खिंचाव के बाद बाहर चले गए. टी20I सीरीज के तीनों मुकाबलें 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं.

    अब तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने ईशान किशन की फिटनेस को लेकर अपडेट शेयर किया है. ईशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ करीब एक घंटे तक बल्लेबाजी की. इस दौरान वह शानदार लय में नजर आए और कई बार गेंद को सीधे बाउंड्री के पार पहुंचाया. इसके बाद ईशान तेज गेंदबाजों के खिलाफ नेट्स में बल्लेबाजी करने पहुंचे.

    'नेट बॉलर' बने नवदीप सैनी
    नेट्स में नवदीप सैनी भारतीय टीम की मदद के लिए नेट गेंदबाज की भूमिका निभा रहे थे. सैनी ने ईशान किशन को एक शॉर्ट गेंद डाली. ईशान ने गेंद से बचने के लिए नीचे झुकने की बजाय पीछे की ओर शरीर मोड़ा. इसी दौरान उन्हें पीठ में खिंचाव महसूस हुआ और वह असहज नजर आए. ईशान की स्थिति देखते ही फिजियो और टीम का सपोर्ट स्टाफ ईशान की ओर दौड़ा और उनकी जांच की. इसके बाद वह अपना अभ्यास बीच में छोड़कर नेट्स से बाहर चले गए.

    नवदीप ने ईशान को लेकर क्या कहा?
    ईशान किशन की चोट को लेकर चिंता बढ़ रही थी, लेकिन टीम इंडिया के लिए खेल चुके नवदीप सैनी ने बाद में स्थिति साफ की. द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सैनी ने बताया कि उन्होंने ईशान से खुद उनकी स्थिति के बारे में पूछा था.

    सैनी के मुताबिक वह और ईशान लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं. इसी वजह से उन्होंने ईशान के खिलाफ शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी. गेंद के बाद सैनी ने ईशान से पूछा कि वह कैसा महसूस कर रहे हैं, जिस पर विकेटकीपर बल्लेबाज ने उन्हें ठीक होने की बात कही.

    ईशान किशन हाल ही में दलीप ट्रॉफी 2026-27 फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके लौटे हैं. उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 270 रन और दूसरी पारी में 80 रन बनाए थे. अफगानिस्तान के खिलाफ टी20I सीरीज से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए उनका फॉर्म बेहद अहम है.

  • जीत के बेहद करीब पहुंचकर हारा पाकिस्तान, फातिमा सना की आंखों से छलके आंसू

    नई दिल्ली
    पाकिस्तानी टीम की कप्तान फातिमा सना के लिए विमेंस एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल बेहद दर्दनाक रहा. टीम को फाइनल में पहुंचाने के लिए फातिमा ने बल्ले और गेंद दोनों से अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन उनकी जांबाज कोशिश आखिरकार अधूरी रह गई. 11 सितंबर (शुक्रवार) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित मुकाबले में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया और फाइनल में जगह बना ली. मुकाबला खत्म होने के बाद फातिमा खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 130/6 का स्कोर बनाया. टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और लगातार विकेट गिरने से पाकिस्तान दबाव में आ गया था. ऐसे समय में फातिमा सना ने कप्तानी पारी खेली. फातिमा ने 36 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए. गर्मी के बीच उन्हें क्रैम्प्स की परेशानी भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक क्रीज पर डटी रहीं. तुबा हसन के साथ उन्होंने आखिरी चार ओवर्स में तेजी से रन जोड़कर पाकिस्तान को 130 रनों तक पहुंचाया.

    हर्षिता-कविशा ने पलट दिया मैच
    इसके बाद जब पाकिस्तान इस स्कोर का बचाव करने उतरा तो फातिमा सना ने गेंद से भी शानदार शुरुआत की. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में लगातार गेंदों पर कप्तान चमारी अटापट्टू और संजना कविंदी को पवेलियन भेज दिया. एक समय श्रीलंका के चार विकेट 33 रन के स्कोर तक गिर चुके थे और पाकिस्तान के पक्ष में मुकाबला जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन हर्षिता समरविक्रमा (36 रन) और कविशा दिलहारी (33 रन) ने 67 रनों की साझेदारी कर पूरी तस्वीर बदल दी.

    फातिमा सना ने एक बार फिर वापसी की और अपने तीसरे ओवर में दोनों बल्लेबाजों को चलता किया. उन्होंने पहले हर्षिता समरविक्रमा को आउट किया और फिर कविशा दिलहारी को एलबीडब्ल्यू कर मैच में अपना चौथा विकेट लिया. यहां से कौशानी नुत्यांगना (नाबाद 10 रन) और नीलाक्षिका सिल्वा (नाबाद 18 रन) ने जिम्मेदारी संभाली. नुत्यांगना ने फातिमा की गेंद पर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला छक्का लगाया, जबकि सिल्वा ने चौका जड़कर श्रीलंका को फाइनल में पहुंचा दिया.

    फातिमा सना ने इस मुकाबले में 47 रन की नाबाद पारी खेलने के साथ 4 विकेट भी लिए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. लेकिन यह उपलब्धि भी टीम की हार का दर्द कम नहीं कर सकी.

    मैच खत्म होने के बाद फातिमा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं. उनकी आंखों में आंसू थे और साफ दिख रहा था कि पाकिस्तान को फाइनल तक पहुंचाने के लिए उन्होंने आखिरी गेंद तक पूरी कोशिश की थी. उनकी यह तस्वीर विमेंस एशिया कप 2026 की सबसे भावुक तस्वीरों में से एक बन गई.

    पाकिस्तान की कप्तान ने मैच के बाद माना कि फील्डिंग में हुई गलतियों ने टीम को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने यह भी कहा कि 130 रनों का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन टीम को अपनी बल्लेबाजी में भी सुधार करने की जरूरत है. श्रीलंका की विमेंस एशिया कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरी जीत रही. अब रविवार (13 सितंबर) को फाइनल में उसका सामना भारत से होगा.

  • Asian Games 2026 में रोहित यादव का जलवा! नीरज के बिना भारत की उम्मीद, जानें टॉप-5 बेस्ट रिकॉर्ड

    Asian Games 2026 में रोहित यादव का जलवा! नीरज के बिना भारत की उम्मीद, जानें टॉप-5 बेस्ट रिकॉर्ड

    नई दिल्ली

    भारतीय जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव के पास एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचने का मौका होगा. नीरज चोपड़ा के चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भारत की जैवलिन थ्रो की जिम्मेदारी रोहित यादव और यशवीर सिंह के कंधों पर होगी. रोहित हाल के महीनों में शानदार फॉर्म में रहे हैं और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.68 मीटर है. ऐसे में वह एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे बड़े थ्रो करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नीरज चोपड़ा और किशोर जेना के बाद अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। 

    नई दिल्ली में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में 81.10 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले रोहित ने साफ किया कि वह एशियन गेम्स में किसी अतिरिक्त दबाव के साथ नहीं उतरेंगे. उनके मुताबिक भारत की ओर से जैवलिन थ्रो में हमेशा पदक की उम्मीद रहती है और वह देश के लिए मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगे। 

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सातवें स्थान पर रहने वाले रोहित का मानना है कि उस प्रतियोगिता में उनकी लय सही नहीं थी. हालांकि अब उनकी तैयारी बेहतर है और वह जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे। 

    रोहित यादव ने क्या कहा?
    नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में खेलने को लेकर रोहित यादव ने कहा, "कोई दबाव नहीं है. मैं वहाँ खुलकर खेलूँगा. बड़े कॉम्पिटिशन में हमेशा दबाव होता है. जैवलिन थ्रो में हमें हमेशा मेडल मिलता है और जब भी नीरज खेलते हैं तो ऐसी उम्मीद होती है. हम भी भारत के लिए मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। 

    अपने लक्ष्य के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा, "हमारा लक्ष्य वही दोहराना है जो हमने पहले किया है. मैं किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा हूं. रोहित ने यह भी स्वीकार किया कि नीरज चोपड़ा की सफलता ने भारतीय जैवलिन थ्रो का स्तर पूरी तरह बदल दिया है. उनके मुताबिक नीरज को ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे बड़े मंचों पर जीतते देखकर नई पीढ़ी को लगातार प्रेरणा मिलती है। 

    एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो के टॉप-5 ऑल टाइम बेस्ट रिकॉर्ड

    झाओ किंगगांग (चीन) – 89.15 मीटर, इंचियोन 2014

    नीरज चोपड़ा (भारत) – 88.88 मीटर, हांगझोउ 2023

    नीरज चोपड़ा (भारत) – 88.06 मीटर, जकार्ता 2018

    किशोर जेना (भारत) – 87.54 मीटर, हांगझोउ 2023

    काजुहिरो मिजोगुची (जापान) – 81.82 मीटर, बीजिंग 1990

    रोहित यादव का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.68 मीटर है. अगर वह एशियन गेम्स में अपने इस प्रदर्शन के करीब भी पहुंचते हैं, तो वह सीधे इस लिस्ट के चौथे स्थान से ऊपर पहुंच सकते हैं और एशियाई खेलों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं। 

  • दिल्ली में अफगानिस्तान की मेजबानी में खेलेगा भारत, जानें क्यों विजिटर्स ड्रेसिंग रूम में बैठेगी टीम इंडिया

    दिल्ली में अफगानिस्तान की मेजबानी में खेलेगा भारत, जानें क्यों विजिटर्स ड्रेसिंग रूम में बैठेगी टीम इंडिया

    नई दिल्ली
    भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20I सीरीज 13 सितंबर से शुरू हो रही है. इस वाली तीन मैचों की सीरीज में एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले तीनों मुकाबलों के लिए टीम इंडिया को विजिटर्स ड्रेसिंग रूम दिया गया है. यानी भारत अपने ही देश में होने वाली सीरीज के दौरान घरेलू टीम के ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल नहीं करेगा.

    इसकी वजह मैदान नहीं, बल्कि सीरीज का आधिकारिक मेजबान है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) इस सीरीज को होस्ट कर रहा है. इसलिए प्रशासनिक तौर पर अफगानिस्तान घरेलू टीम है और भारत को मेहमान टीम माना गया है. इसी व्यवस्था के तहत ड्रेसिंग रूम भी तय किए गए हैं.

    भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार होगा ऐसा
    अरुण जेटली स्टेडियम का होम टीम ड्रेसिंग रूम पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा के नाम पर है. तीनों मुकाबलों में अफगानिस्तान की टीम इसी ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी. वहीं भारतीय टीम को प्रकाश भंडारी के नाम वाले विजिटर्स ड्रेसिंग रूम में जगह मिलेगी. सीरीज के दौरान यह व्यवस्था नहीं बदलेगी. क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय टीम अपने ही घर पर मेहमान टीम वाले ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी.

    अफगानिस्तान अक्सर अपने घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दूसरे देशों में आयोजित करता है. देश में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के कारण अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विदेशी या न्यूट्रल वेन्यू का सहारा लेना पड़ता है.

    इसी वजह से अफगानिस्तान पहले भी भारत के नोएडा, देहरादून और लखनऊ जैसे मैदानों पर अपने घरेलू मुकाबले आयोजित कर चुका है. लेकिन भारत के खिलाफ भारत की जमीन पर किसी द्विपक्षीय सीरीज में पहली बार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को आधिकारिक मेजबान का दर्जा मिला है.

    आमतौर पर जिस देश में सीरीज खेली जाती है, उसकी टीम को होम ड्रेसिंग रूम मिलता है. लेकिन इस सीरीज में प्रशासनिक मेजबानी अफगानिस्तान के पास होने के कारण व्यवस्था उलट गई है. इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के लिए घरेलू परिस्थितियां बदल जाएंगी, लेकिन स्टेडियम के अंदर यह बदलाव जरूर साफ नजर आएगा.

    भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.

     

  • 14 सितंबर का ट्रायल नहीं दे पाएंगी विनेश, HC बोला- मौजूदा नियमों में विशेष छूट संभव नहीं

    14 सितंबर का ट्रायल नहीं दे पाएंगी विनेश, HC बोला- मौजूदा नियमों में विशेष छूट संभव नहीं

    नई दिल्ली
    भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल से पहले बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अंतरिम आदेश में कहा कि अदालत विनेश फोगाट को ट्रायल में शामिल होने के लिए मौजूदा नियमों से विशेष छूट नहीं दे सकती।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट की मातृत्व और खेल करियर से जुड़े एक अहम सवाल पर विचार करने की बात कही है। कोर्ट यह देखेगा कि मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और प्रतियोगिताओं की पात्रता के नियमों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जा सकता है। विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद वह मैटरनिटी लीव से लौट चुकी हैं। उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी।

    क्या मां बनने और करियर में से एक चुनना होगा?'
    हाईकोर्ट ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि मातृत्व और खेल करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। साथ ही यह भी विचार करने की जरूरत है कि क्या किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने और अपने खेल करियर को जारी रखने में से किसी एक को चुनने की स्थिति में आना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामले की आगे की सुनवाई में इस पहलू पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

    क्या है पूरा मामला?
    भारतीय कुश्ती महासंघ ने सात सितंबर को चयन ट्रायल के लिए पात्रता से जुड़े नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत कुछ अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। अगर कोई पहलवान तय अनिवार्य प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं हुआ है, तो मौजूदा नियमों के तहत उसे चयन ट्रायल के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

    विनेश ने क्यों मांगी थी विशेष छूट?
    विनेश फोगाट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ के कारण वह कुछ समय तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। उन्होंने अदालत से इस अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष छूट देने की मांग की थी, ताकि वह 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा ले सकें। हालांकि, अदालत ने मौजूदा पात्रता नियमों में उनके लिए अलग से छूट देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद विनेश के 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में उतरने की उम्मीदों को झटका लगा है।

     

  • लगातार फ्लॉप हो रहे पाकिस्तानी बल्लेबाज, बैटिंग कोच बोले- टीम में अभी भी काफी क्वालिटी है

    लगातार फ्लॉप हो रहे पाकिस्तानी बल्लेबाज, बैटिंग कोच बोले- टीम में अभी भी काफी क्वालिटी है

    नई दिल्ली
    पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा किसी बुरे सपने जैसा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। सऊद शकील ने थोड़ी हिम्मत दिखाई है लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया है। जिसके कारण बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस बुला लिया। लेकिन नए बल्लेबाजों के आने के बावजूद टीम के हालात नहीं बदले। हालांकि पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइकल स्मिथ का मानना है कि पाकिस्तान में बहुत क्वालिटी प्लेयर हैं।

    पाकिस्तान में काफी क्वालिटी है
    इंग्लैंड-पाकिस्तान सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों पर डेटा लीक करने के आरोप भी लगे हैं, जिसकी जांच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कर रहा है, हालांकि अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पाकिस्तान की टीम जारी सीरीज में पांच पारियों के बाद भी 200 का आंकड़ा नहीं पार कर सकी है। तीसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान की टीम 133 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में भी टीम ने दो विकेट गंवा दिए हैं। बारिश के कारण दूसरे दिन का खेल जल्दी खत्म हो गया था।

    पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइकल स्मिथ ने एजबेस्टन टेस्ट के दूसरे दिन खेल खत्म होने के बाद कहा, ''मैं उसके (जांच) बारे में कुछ नहीं जानता। इसलिए मैं उन चीजों पर कमेंट नहीं कर सकता। इन चीजों के बारे में मैंने पहली बार सुना है, इसलिए मुझे ज्यादा नहीं पता।''

    उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन खिलाड़ियों की बात करें तो मेरे लिए पाकिस्तान में काफी क्वालिटी है। हमने कई सालों से देखा है और कई देश बदलाव से गुजरते हैं। इस बार हमारे पास कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नए खिलाड़ी हैं। लेकिन ये सीखने की प्रक्रिया है कि हम उन्हें कितनी जल्दी टेस्ट के माहौल में सिखा सकते हैं और सहज बना सकते हैं, ताकि लंबे समय तक उनका फायदा हो।''

    इंग्लैंड ने बनाई बढ़त
    इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन गुरूवार को 453 रन बनाकर पहली पारी में 320 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। जोफ्रा आर्चर ने नाबाद 32 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान ने पहली पारी में 133 रन बनाये थे। पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी में बारिश के कारण स्टंप्स पहले हो जाने तक तक दो विकेट खोकर 52 रन बना लिए हैं और वह अभी इंग्लैंड की बढ़त से 268 रन पीछे है।

    पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत बहुत खराब रही। इस सीरीज़ के सबसे अच्छे गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने पारी की शुरुआत डबल-विकेट मेडन ओवर से की और पहले ही ओवर में सैम अयूब और अब्दुल्ला शफीक को आउट कर दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज शान मसूद (नाबाद 21) और अज़ान अवैस (नाबाद 29) ने मुश्किल दौर का सामना किया और बारिश के कारण खेल रुकने से पहले तीसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।

  • वर्ल्ड नंबर-1 रिबाकिना की तूफानी वापसी, गॉफ को हराकर यूएस ओपन फाइनल में एंट्री

    वर्ल्ड नंबर-1 रिबाकिना की तूफानी वापसी, गॉफ को हराकर यूएस ओपन फाइनल में एंट्री

    नई दिल्ली
    कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना यूएस ओपन 2026 के विमेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंच गई हैं. वर्ल्ड नंबर-1 रिबाकिना ने यूएसए की कोको गॉफ को तीन सेट के रोमांचक मुकाबले में 3-6, 6-4, 6-4 से हरा दिया. शुक्रवार (11 सितंबर) को आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए हाईवोल्टेज सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त गॉफ ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन रिबाकिना ने अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया.

    कोको गॉफ ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और एलेना रिबाकिना पर लगातार दबाव बनाए रखा. अमेरिकी खिलाड़ी ने पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया. इसके बाद रिबाकिना ने रणनीति में बदलाव किया और अपनी सर्विस के साथ-साथ बेसलाइन गेम को बेहतर करते हुए वापसी शुरू की.

    दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन एलेना रिबाकिना ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा. उन्होंने सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया. तीसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और 6-4 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया.

    पहली बार यूएस ओपन फाइनल में रिबाकिना
    एलेना रिबाकिना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह यूएस ओपन के चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ सकी थीं. इस बार उन्होंने न्यूयॉर्क में अपने करियर का बेहतरीन शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे फाइनल में जगह बनाई है. सेमीफाइनल तक के सफर में रिबाकिना ने दो बार की यूएस ओपन चैम्पियन नाओमी ओसाका को भी हराया था. इसके अलावा क्वार्टर फाइनल में उन्हें किनवेन झेंग के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा था. गॉफ के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी जीत है. इससे पहले उन्होंने पिछले महीने टोरंटो सेमीफाइनल में भी गॉफ को एक सेट से पिछड़ने के बाद हराया था.

    फाइनल में ऐलेना रिबाकिना का सामना मौजूदा चैम्पियन आर्यना सबालेंका से होगा. सबालेंका ने पहले सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला को 7-5, 6-2 से हराकर लगातार चौथी बार यूएस ओपन फाइनल में जगह बनाई. देखा जाए तो फाइनल में दुनिया की नंबर-1 और नंबर-2 खिलाड़ी आमने-सामने होंगी. रिबाकिना सेमीफाइनल में पहुंचते ही विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर चुकी हैं, जबकि सबालेंका उस शीर्ष स्थान पर काबिज खिलाड़ी के खिलाफ खिताब के लिए उतरेंगी.

  • डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका की नजर फाइनल पर, पाकिस्तान से आज होगा सेमीफाइनल मुकाबला

    डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका की नजर फाइनल पर, पाकिस्तान से आज होगा सेमीफाइनल मुकाबला

    दुबई
    भारतीय महिला टीम एशिया कप 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को आसानी से हरा दिया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर टीम को 40 रनों से जीत मिली। आज इस टूर्नामेंट की दूसरी फाइनलिस्ट टीम का फैसला होगा। इसके लिए श्रीलंका की महिला टीम की भिड़ंत पाकिस्तान की महिला टीम से होगी। यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। 13 सितंबर को एशिया कप का फाइनल होगा।

    श्रीलंका अभी इनफॉर्म टीम
    श्रीलंका महिला एशिया कप की डिफेंडिंग चैंपियन है। टीम ने अभी तक इस बार भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। ग्रुप राउंड में उसने यूएई को 9 विकेट, इंडोनेशिया को 75 रन और बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया। ग्रुप बी में टीम टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने अभी तक एशिया कप का खिताब नहीं जीता है। ग्रुप राउंड में भारत के खिलाफ वह अपने सबसे छोटे टी20 इंटरनेशनल स्कोर 55 रनों पर ऑलआउट हो गए। थाईलैंड ने भी पाकिस्तान को परेशान किया था।

    हेड टू हेड में बराबरी की टक्कर
    पाकिस्तान और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड एकदम बराबरी का है। दोनों के बीच 24 मैच खेले गए हैं। इसमें पाकिस्तान को 12 तो श्रीलंका को 11 जीत मिली है। एक मैच का नतीजा नहीं निकला। आखिरी 5 मैचों में श्रीलंका ने तीन तो पाकिस्तान ने दो जीते हैं। जुलाई-अगस्त में दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज हुई थी। उसे श्रीलंका ने 2-1 से जीत लिया था।

    इस प्रकार है दोनों टीमों का स्क्वड
    पाकिस्तान महिला टीम: मुनीबा अली (विकेटकीपर), शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), एमान फातिमा, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, नशरा संधू, सादिया इकबाल, सायरा जबीन, मोमिना रियासत, इमान नसीर, वहीदा अख्तर।

    श्रीलंका महिला टीम: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), संजना कविंदी, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), सुगंधिका कुमारी, चेतना विमुक्ति, चामुदी प्रबोदा, मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, देवमी विहंगा, हासिनी परेरा।

  • रूस की खेल दुनिया में क्यों है इतनी ताकत? हॉकी से लेकर फिगर स्केटिंग तक जानें खासियत

    रूस की खेल दुनिया में क्यों है इतनी ताकत? हॉकी से लेकर फिगर स्केटिंग तक जानें खासियत

    मॉस्को
    रूस का नाम आते ही राजनीति, इतिहास और उसकी विशाल भौगोलिक सीमा के साथ खेलों की दुनिया भी याद आती है. रूस की खेल पहचान की बात हो तो आइस हॉकी का नाम सबसे पहले आता है. सोवियत दौर से चली आ रही हॉकी की मजबूत परंपरा ने रूस को दुनिया की बड़ी हॉकी शक्तियों में शामिल किया है. इसके साथ फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और फिगर स्केटिंग भी देश की खेल संस्कृति का अहम हिस्सा हैं.

    1. आइस हॉकी- रूस की खेल पहचान का बड़ा हिस्सा
    रूस की खेल संस्कृति की बात हो और आइस हॉकी का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं. ठंडे मौसम और बर्फीले क्षेत्रों वाले इस देश में हॉकी लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही है.

    सोवियत संघ के दौर से ही रूस की हॉकी परंपरा दुनिया की सबसे मजबूत परंपराओं में गिनी जाती रही है. सोवियत टीम ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में लंबे समय तक दबदबा कायम रखा और उसके बाद रूस ने भी इस विरासत को आगे बढ़ाया.

    देश की Kontinental Hockey League यानी KHL दुनिया की प्रमुख आइस हॉकी लीगों में शामिल है. रूस के कई शहरों में हॉकी क्लबों के पास मजबूत प्रशंसक आधार है.

    राष्ट्रीय टीम के स्तर पर भी रूस ने ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप सहित कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है. यही वजह है कि आइस हॉकी रूस के लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि उसकी खेल पहचान का अहम हिस्सा है.

    2. फुटबॉल- रूस के सबसे लोकप्रिय खेलों में शामिल
    रूस में फुटबॉल की लोकप्रियता काफी गहरी है. बच्चों और युवाओं से लेकर प्रोफेशनल स्तर तक इस खेल की मजबूत मौजूदगी है. स्कूलों और स्थानीय क्लबों से लेकर शीर्ष स्तर की लीग तक फुटबॉल का बड़ा नेटवर्क देखने को मिलता है.

    हालांकि, फुटबॉल को रूस का निर्विवाद रूप से नंबर-1 खेल कहना सही नहीं होगा. अलग-अलग सर्वे में फुटबॉल और आइस हॉकी के बीच लोकप्रियता का अंतर बेहद कम या अलग-अलग रहा है. इसलिए रूस के सबसे लोकप्रिय खेलों की बात करें तो इन दोनों का नाम सबसे पहले लिया जाता है.

    रूस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने 1992 में सोवियत संघ के विघटन के बाद अलग पहचान के साथ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कदम रखा. रूस ने 1994, 2002, 2014 और 2018 में FIFA World Cup खेला.

    2018 में रूस को मेजबान होने के कारण सीधे विश्व कप में जगह मिली थी. घरेलू मैदान पर टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया. यह विश्व कप में रूस का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

    रूस से पहले सोवियत संघ ने सात विश्व कप टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया था. उसका सबसे शानदार प्रदर्शन 1966 में आया, जब टीम चौथे स्थान पर रही थी.

    3. वॉलीबॉल- स्कूलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मजबूत पकड़
    रूस में वॉलीबॉल की भी मजबूत परंपरा रही है. स्कूलों, खेल संस्थानों और क्लब स्तर पर इस खेल की अच्छी पहुंच है. पुरुष और महिला दोनों वर्गों में सोवियत संघ और बाद में रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं.

    इनडोर वॉलीबॉल के अलावा बीच वॉलीबॉल ने भी रूस में अपनी जगह बनाई है.
    हालांकि, यूक्रेन पर 2022 में रूस के आक्रमण के बाद अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल में रूस की स्थिति बदल गई. मार्च 2022 में FIVB ने रूस और बेलारूस की राष्ट्रीय टीमों, क्लबों, अधिकारियों और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया था.

    2026 में FIVB ने रूसी खिलाड़ियों और टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी का रोडमैप तय किया. इसके तहत रूस की पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमें 2027 Volleyball Nations League में हिस्सा लेंगी. यानी लंबे अंतराल के बाद रूसी वॉलीबॉल की अंतरराष्ट्रीय वापसी का रास्ता साफ हुआ है.

    4. बास्केटबॉल- रूस की मजबूत क्लब परंपरा
    रूस में बास्केटबॉल की भी मजबूत परंपरा रही है. खास तौर पर CSKA Moscow जैसे क्लब ने देश को यूरोपीय बास्केटबॉल में बड़ी पहचान दिलाई है.

    CSKA Moscow यूरोपीय क्लब बास्केटबॉल के सबसे सफल नामों में शामिल रहा है. रूसी क्लबों ने यूरोपीय प्रतियोगिताओं में लंबे समय तक प्रभाव छोड़ा है.

    स्कूल और युवा स्तर पर भी बास्केटबॉल की अच्छी मौजूदगी है. शहरी इलाकों में यह खेल खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय रहा है.

    हालांकि, रूस की बास्केटबॉल की कहानी सिर्फ क्लब स्तर तक सीमित नहीं है. सोवियत संघ के दौर से ही इस खेल में रूस और उसके खिलाड़ियों की मजबूत अंतरराष्ट्रीय परंपरा रही है.

    5. फिगर स्केटिंग- खेल से कहीं आगे सांस्कृतिक जुनून
    अगर किसी एक खेल ने रूस की अंतरराष्ट्रीय खेल पहचान को सबसे ज्यादा चमक दी है तो फिगर स्केटिंग उसका बड़ा उदाहरण है.

    रूस में फिगर स्केटिंग सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक तरह का सांस्कृतिक जुनून है. ओलंपिक और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में रूसी स्केटर्स ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है.

    रूस के सबसे बड़े फिगर स्केटिंग सितारों में एवगेनी प्लुशेंको का नाम सबसे ऊपर आता है. उन्होंने 10 बार रूसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती और अपने करियर में चार ओलंपिक पदक हासिल किए. इनमें दो गोल्ड और दो सिल्वर शामिल हैं.

    उनकी उपलब्धियों ने उन्हें रूस के सबसे सफल फिगर स्केटर्स में शामिल कर दिया.

    मेदवेदेवा-जागितोवा ने भी दिखाया रूस का दबदबा
    रूसी फिगर स्केटिंग की अगली पीढ़ी ने भी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. एवगेनिया मेदवेदेवा ने अपने करियर में कई विश्व रिकॉर्ड बनाए.

    2018 PyeongChang Winter Olympics में रूस की अलीना जागितोवा ने महिला सिंगल्स का गोल्ड मेडल जीता, जबकि मेदवेदेवा ने सिल्वर हासिल किया. दोनों ने उस दौर में महिला फिगर स्केटिंग के उच्चतम स्तर को नई ऊंचाई दी.

    यही वजह है कि रूस को फिगर स्केटिंग की दुनिया की सबसे प्रभावशाली शक्तियों में गिना जाता है.

    रूस में खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं
    रूस में खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का भी अहम हिस्सा हैं. फुटबॉल और आइस हॉकी बड़े पैमाने पर लोगों को जोड़ते हैं, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल की मजबूत क्लब और युवा परंपरा है, जबकि फिगर स्केटिंग ने रूस को ओलंपिक और विश्व मंच पर अलग पहचान दिलाई है.

    सोवियत संघ के दौर से चली आ रही खेल संस्कृति ने रूस को कई ऐसे चैंपियन दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में देश का नाम रोशन किया. यही कारण है कि रूस की खेल दुनिया को समझने के लिए सिर्फ उसके लोकप्रिय खेलों को देखना पर्याप्त नहीं. इसके पीछे छिपी लंबी खेल परंपरा और अंतरराष्ट्रीय सफलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.