Category: खेल

  • दलीप ट्रॉफी जीत के बाद शमी ने की ‘बेबी बॉस’ वैभव की तारीफ, बोले- जल्दी सीखता है

    दलीप ट्रॉफी जीत के बाद शमी ने की ‘बेबी बॉस’ वैभव की तारीफ, बोले- जल्दी सीखता है

    ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को मात दी. यह मुकाबला ईस्ट जोन के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए बेहद खास रहा. शमी का ये 100वां फर्स्ट क्लास मैच था, जिसे इस खिताबी जीत ने और यादगार बना दिया.

    10 सितंबर (गुरुवार) को मुकाबले की समाप्ति के बाद उस समय भावुक पल देखने को मिला, जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी को खास तोहफा देकर उनके 100वें फर्स्ट क्लास मैच की उपलब्धि का सम्मान किया. वैभव ने शमी को एक जर्सी भेंट की, जिसमें ईस्ट जोन के खिलाड़ियों के साइन थे. इस पल ने अनुभवी तेज गेंदबाज को इमोशनल कर दिया.

    मोहम्मद शमी ने 'बेबी बॉस' की जमकर तारीफ की और बताया कि इतने कम उम्र के इस बल्लेबाज ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में किस तरह अपनी छाप छोड़ी. शमी के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी में कम उम्र के बावजूद चीजों को समझने और सीखने की गजब क्षमता है. वैभव के साथ बिताए समय को याद करते हुए शमी ने कहा कि उन्होंने इस युवा बल्लेबाज की मौजूदगी का खूब आनंद लिया.

    वैभव में युवाओं वाली मासूमियत: शमी
    उन्होंने कहा, 'हमारी टीम का बच्चा वैभव सूर्यवंशी लगभग मेरी क्रिकेट जर्नी जितना पुराना है. उसमें युवाओं वाली मासूमियत है, उसे मजाक करना पसंद है और वह चीजों को बहुत जल्दी सीखता है.' शमी ने यह भी माना कि आज के युवा क्रिकेटरों को पहले के मुकाबले कम उम्र में ही बड़े मंच का अनुभव मिल जाता है. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) और दूसरे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में खेलने से उनके अंदर मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता जल्दी विकसित हो रही है.

    मोहम्मद शमी का मानना है कि मौजूदा दौर के युवा खिलाड़ियों को हर चीज सिखाने के बजाय सही समय पर अच्छी सलाह देना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब मुकाबला दबाव वाला हो जाता है और परिस्थितियां मुश्किल होती हैं, तब अनुभवी खिलाड़ी अपनी रणनीतिक सलाह से युवा क्रिकेटरों की मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैदान पर संघर्ष के दौरान खिलाड़ियों को लड़ते रहने और अपना ध्यान बनाए रखने की याद दिलाना जरूरी होता है. बाकी मौकों पर युवा खिलाड़ियों को अपने खेल और फैसलों पर भरोसा करना चाहिए.

    शमी का कैसा रहा फाइनल में प्रदर्शन?
    फाइनल में मोहम्मद शमी ने दो अहम विकेट हासिल किए. उन्होंने रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद को आउट कर ईस्ट जोन की जीत में योगदान दिया. शमी ने कहा कि 100वें मैच में जीत हासिल करना उनके लिए खास संतोष का पल है. उन्होंने अपनी टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने गर्मी और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पूरे अभियान में अपना सब कुछ झोंक दिया.

    मोहम्मद शमी ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया. उनका कहना है कि खिलाड़ी की मेहनत और रवैये में फर्क नहीं आना चाहिए. शमी का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी टीम की जर्सी पहनता है तो उसके अंदर टीम के लिए कुछ करने और मुकाबला लड़ने की भूख होनी चाहिए. उनके मुताबिक मैदान पर मिलने वाले हर मौके को जिम्मेदारी के साथ भुनाना ही सबसे अहम है.

  • बांग्लादेश को हराकर भारत ने रचा इतिहास, 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में बनाई जगह

    बांग्लादेश को हराकर भारत ने रचा इतिहास, 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में बनाई जगह

    दुबई

     भारतीय टीम ने गुरुवार को एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रनों से मात दी। इस जीत के साथ सात बार की चैंपियन भारतीय टीम ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। भारत 10वीं बार खिताबी मुकाबले तक पहुंचा है। महिला एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 149 रन बनाए। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 109 रन ही बना सकी। टीम के लिए शोर्ना अख्तर ने सर्वाधिक 22 रन बनाए। भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने तीन और नन्दनी ने दो विकेट लिए।

    150 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की है। दिलारा अख्तर और जुएरिया फिरदौस के बीच पहले विकेट के लिए 26 रन की साझेदारी हुई। श्री चरणी ने जुएरिया फिरदौस को आउट किया। उन्होंने 18 गेंद में 14 रन बनाए। दिलारा अख्तर 26 गेंद में 21 रन बनाकर आउट हुईं। शोभना मोस्टोरी ने 24 गेंद में 18 रन का योगदान दिया। निगर सुल्ताना ने 17 गेंद में 19 रन बनाए। शर्मिन अख्तर ने एक रन बनाया। फाहिमा 14 और रबैया खाता नहीं खोल सकीं। शोर्ना अख्तर ने 18 गेंद में नाबाद 22 रन बनाए।

    दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को दूसरे ओवर में झटका लगा। टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना दो रन ही बना सकीं। प्रतिका ने 20 रन बनाए। शेफाली वर्मा 40 गेंद में 64 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष (16 गेंद में 21 रन) भी शुरुआत में धीमी रहीं, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण रन जोड़ने में सफलता हासिल की। कप्तान हरमनप्रीत ने पारी के अंत में दो छक्के लगाए। बांग्लादेश के लिए सुल्ताना खातून ने दो जबकि राबिया खान, नाहिदा अख्तर और मारूफा अख्तर ने एक एक विकेट झटके।

    भारतीय महिला टीम और बांग्लादेश महिला टीम आमने-सामने है। बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने जारी टूर्नामेंट में अपने सभी मुकाबले जीते हैं। जबकि बांग्लादेश की टीम ने दो मुकाबले जीते हैं और इतने ही मैच गंवाए हैं।
    बांग्लादेश की पारी

    बांग्लादेश को जीत के लिए 150 रनों का लक्ष्य मिला है। इसके जवाब में टीम ने अच्छी शुरुआत की है। जुएरिया फिरदौस ने 18 गेंद में 14 रन बनाए। श्री चरणी को पहली सफलता मिली। दिलारा अख्तर 26 गेंद में 21 रन बना सकीं। शोभना ने 24 गेंद में 18 रन का योगदान दिया। कप्तान निगर सुल्ताना ने 17 गेंद में 19 रन बनाए। शर्मिन अख्तर एक ही रन बना पाईं। स्पिन के मुफीद परिस्थितियों में भारत के लिए अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि श्री चरणी और प्रेमा रावत को एक एक विकेट मिला।
    भारतीय पारी

    भारतीय टीम को दूसरे ओवर में स्मृति मंधाना के रूप में पहला झटका लगा है। उन्होंने5 गेंद में दो रन बनाए। वहीं दूसरी तरफ शेफाली वर्मा को दो जीवनदान मिल चुका है। भारत ने पावरप्ले में एक विकेट खोकर 45 रन बनाए। प्रतिका रावल 24 गेंद में 20 रन बनाकर रबैया की शिकार बनीं। शेफाली वर्मा ने 35 गेंद में 50 रन पूरे किए। हरमनप्रीत कौर और शेफाली क्रीज पर मौजूद हैं। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा 40 गेंद में 64 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 16 गेंद में 21 रन की पारी खेली। दीप्ति शर्मा ने 6 गेंद में 13 रन का योगदान दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 28 गेंद में 24 रन की पारी खेली। बांग्लादेश की ओर से सुल्ताना ने 2 विकेट लिए।
    शेफाली वर्मा ने लगाया अर्धशतक

    भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में अर्धशतक लगाया। उन्होंने 35 गेंद में 5 चौके और दो छक्के की मदद से 50 रन पूरे किए। ये उनका 20वां टी20 इंटरनेशनल अर्धशतक है।
    दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

    भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): शैफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा

    बांग्लादेश महिला (प्लेइंग इलेवन): दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, शोभना मोस्टोरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, नाहिदा अख्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारुफा अख्तर
    भारत-बांग्लादेश पहले सेमीफाइनल में किसने जीता टॉस

    बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत के खिलाफ पहले सेमीफाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। हरमनप्रीत कौर ने टॉस के दौरान बताया कि उनकी टीम ने बदलाव नहीं किया है।
    महिला एशिया कप 2026 में भारत का सफर

    भारतीय टीम का एशिया कप 2026 में सफर शानदार रहा है। टीम ने तीन मुकाबले खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व वाली भारतीय टीम इस नॉकआउट मुक़ाबले में जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अपने पिछले मैच में भारत ने पाकिस्तान को सिर्फ 55 रनों पर ढेर कर दिया था और फिर आसानी से सात विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले टीम ने हांगकांग को 137 रनों से और थाईलैंड को 94 रनों से धोया था।
    बांग्लादेश भी सेमीफाइनल में पहुंचा

    बांग्लादेश का सेमीफाइनल तक का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने यूएई पर 34 रन की जीत के साथ अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। इससे पहले टीम ने इंडोनेशिया महिला टीम को 71 रनों से हराया था। जबकि दूसरे मैच में श्रीलंका के खिलाफ 4 विकेट से हार गई थी।

  • क्या 2027 में दिखेंगे रोहित शर्मा? हिटमैन के एक जवाब ने बढ़ाईं फैंस की धड़कनें

    क्या 2027 में दिखेंगे रोहित शर्मा? हिटमैन के एक जवाब ने बढ़ाईं फैंस की धड़कनें

    नई दिल्ली
    भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने गुरुवार को 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया. हालांकि उनका जवाब छोटा था, लेकिन इसने उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी.

    रोहित से जब पूछा गया कि क्या वह अक्टूबर 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने कहा, 'अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे.'

    ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एक दर्शक के सवाल पर रोहित ने यह जवाब दिया. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके रोहित के भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लग रही हैं. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप को लेकर उनका यह छोटा सा जवाब खासा अहम माना जा रहा है.

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाना है. रोहित उस समय टीम इंडिया के साथ होंगे या नहीं, इसका फैसला फिलहाल भविष्य के गर्भ में है.

    ‘अब बस परेड मुश्किल है…’
    इसी दौरान रोहित से एक और दिलचस्प सवाल पूछा गया. उनसे कहा गया कि अगर भारत 2027 वर्ल्ड कप जीतता है तो क्या 2024 टी20 वर्ल्ड कप की तरह मुंबई में खुली बस में विजय परेड निकाली जाएगी?

    रोहित ने इस पर भी मुस्कुराते हुए छोटा सा जवाब दिया, 'मुझे नहीं लगता कि अब बस परेड संभव होगी.'

    2024 में रोहित की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था. वेस्टइंडीज से ट्रॉफी लेकर लौटने के बाद मुंबई में टीम की ऐतिहासिक खुली बस विजय परेड हुई थी.

    रोहित की फॉर्म पर सवाल क्यों?
    रोहित के भविष्य को लेकर चर्चा के बीच बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया पहले ही साफ कर चुके हैं कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनकी जगह पर सवाल उठाना बेमानी है.

    सैकिया ने कुछ दिन पहले बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि रोहित शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनकी आखिरी वनडे पारी में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 138 रन बनाए थे. ऐसे में उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है.

  • यूएस ओपन से अलकराज बाहर, शेल्टन-टियाफो के बीच होगा ऑल-अमेरिकन सेमीफाइनल

    यूएस ओपन से अलकराज बाहर, शेल्टन-टियाफो के बीच होगा ऑल-अमेरिकन सेमीफाइनल

    नई दिल्ली
    23 वर्षीय अमेरिकी युवा बेंजामिन शेल्टन ने मंगलवार देर रात बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा विजेता स्पेन के कार्लोस अलकराज को साढ़े चार घंटे तक चले मैराथन मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

    पांच सेट तक खिंचा ये मुकाबला अमेरिकी समयानुसार सुबह 3:33 बजे खत्म हुआ और इसके साथ ही ये इस टूर्नामेंट में अब तक का सबसे देरी से खत्म हुआ मैच भी बन गया। अन्य मुकाबलों में एरिना सबालेंका ने चेक गणराज्य की 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा के विरुद्ध संघर्षपूर्ण जीत दर्ज करते हुए खिताब की उम्मीद बरकरार रखने में सफलता हासिल की।

    पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में अलकराज ने कलाई की चोट से जूझने के बाद वापसी में इस मैच से पहले तक जबरदस्त प्रदर्शन किया, किसी भी मैच में उनका खेल देखकर नहीं लगा कि वह पांच महीने तक टेनिस से दूर थे लेकिन इस मैच में शेल्टन ने उन्हें 6-7(5), 6-1, 6-3, 1-6, 7-6(10-7) से हरा दिया।

    23 साल के अलकराज के खेल में सटीकता का नामोनिशान नहीं था और उन्होंने 53 अनचाही गलतियां कीं। शेल्टन ने जीत के बाद कहा कि कार्लोस अभी से हमारे खेल के महानतम विजेताओं में से एक हैं। उनके विरुद्ध खेलना हमेशा मजेदार होता है।
    कई बार उनकी कलाकारी देखना अद्भुत होता है लेकिन ये मेरे करियर का अभी तक का सबसे आनंदपूर्ण मैच रहा। इस मैच से पहले अलकराज किसी भी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी से नहीं हारे थे, अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध मैचों में उनका रिकार्ड 13-0 था।

    सेमीफाइनल में शेल्टन का मुकाबला 11वीं वरीयता प्राप्त हमवतन फ्रांसिस टियाफो से होगा जिन्होंने पहले दो सेट हारने के बाद अमेरिका के ही एलेक्स मिचेलसन को 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6 (10-6) से हराया। आल अमेरिकन सेमीफाइनल के साथ ही तय हो गया है कि इस बार के फाइनल में एक अमेरिकी जरूर खेलेगा।

    सेमीफाइनल में पहुंचीं सबालेंका और पेगुला एरिना
    सबालेंका ने नंबर वन रैंकिंग और यूएस ओपन की अपनी बादशाहत को अपने हाथों से फिसलते देख ऐसी जोरदार वापसी कर डाली कि 21 साल की लिंडा नोस्कोवा हतप्रभ रह गईं। सबालेंका ने लगातार तीसरे यूएस ओपन टाइटल की अपनी उम्मीदें जिंदा रखते हुए नोस्कोवा को 7-6 (1), 3-6, 7-6 (10-7) से हराया।

    मैच के बाद उन्होंने कहा, क्या कमाल का मैच रहा, वह अद्भुत खिलाड़ी हैं और अभी मेरे पास शब्द नहीं हैं क्योंकि इस मैच को जीतने के लिए मैंने खुद को हद पार करने तक खींचा, खासतौर से तीसरे सेट में। सच में मुझे लगा कि बस हो गया, मैच खत्म है अब और शायद इसी ने मुझे ऐसी वापसी करने में मदद की।
    रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बने रहने की उम्मीदें बचाने के लिए सबालेंका को ये मैच जीतना ही था और अब वह अमेरिका की जेसिका पेगुला से भिड़ेंगे। तीसरी वरीय पेगुला ने नंबर 26 पर काबिज एम्मा नवारो को 3-6, 6-4, 6-3 से हराया।

     

  • ईस्ट जोन की ऐतिहासिक जीत, ईशान-वैभव ने स्टंप लेकर किया जमकर जश्न

    ईस्ट जोन की ऐतिहासिक जीत, ईशान-वैभव ने स्टंप लेकर किया जमकर जश्न

    नई दिल्ली
    दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया.

    खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है.

    मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया.

    ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो
    ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी.

    ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया.

    ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया.

    लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे.

    कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद
    दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे.

    ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

    सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन
    ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.

    चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं.

    13 साल बाद ईस्ट जोन का राज
    आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली.

    ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

  • ईस्ट जोन की ऐतिहासिक जीत, 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा; ईशान किशन ने मचाया धमाल

    ईस्ट जोन की ऐतिहासिक जीत, 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा; ईशान किशन ने मचाया धमाल

    चेन्नई
    दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया। 

    खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है। 

    मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया। 

    ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो
    ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी। 

    ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया। 

    ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया। 

    लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे। 

    कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद 
    दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे। 

    ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

    सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन
    ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। 

    चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। 

    13 साल बाद ईस्ट जोन का राज
    आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली। 

    ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 

  • शीतल देवी का गोल्डन निशाना, हरविंदर सिंह ने भी जीता स्वर्ण; भारत का शानदार प्रदर्शन

    शीतल देवी का गोल्डन निशाना, हरविंदर सिंह ने भी जीता स्वर्ण; भारत का शानदार प्रदर्शन

    अहमदाबाद
     मौजूदा पैरालिंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी की अगुआई में भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण का अंत आखिरी दिन बुधवार को दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक के साथ किया।

    मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि पैरालिंपिक में दो पदक जीत चुके हरविंदर ने भी भावना के साथ पैरा रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में पीला तमगा हासिल किया। रिकर्व मिक्स्ड टीम फाइनल में हरविंदर और भावना ने चीन के लियांग कियूरोंग और शिया लेइ को 6-0 से हराया।

    भावना ने रिकर्व महिला प्लेआफ में राजश्री राठौड़ को 6-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। शीतल ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में कजाखस्तान की ऐजादा सेडान को शूटआफ में मात दी। शीतल ने इससे पहले तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम में भी कांस्य पदक जीता था।

    उन्होंने ईराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम को 157-145 से हराया। भारत ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी कांस्य जीता। इसमें सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को 141-140 से मात दी। तोमन ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन ईराक के अब्बास कादिम को 143-138 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।

  • वैभव सूर्यवंशी को मिला बड़ा टिकट, हार्दिक पंड्या बाहर; यश ठाकुर की भी एंट्री

    वैभव सूर्यवंशी को मिला बड़ा टिकट, हार्दिक पंड्या बाहर; यश ठाकुर की भी एंट्री

    नई दिल्ली
    एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया में कुछ फेरबदल हुए हैं. पुरुष सेलेक्शन कमेटी ने 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी मौका दिया गया है. वहीं स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या इस टीम में जगह नहीं बना पाए हैं. टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभालेंगे.

    वैभव सूर्यवंशी को मिला एशियन गेम्स का टिकट
    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह एक और बड़ा मौका है. 15 सदस्यीय एशियन गेम्स टीम में उन्हें शामिल किया गया है. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भी चुना गया है.

    यानी सेलेक्टर्स ने युवा वैभव पर लगातार भरोसा कायम रखा है. एशियन गेम्स में उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी दिखाने का मौका मिलेगा.

    हार्दिक पंड्या टीम से बाहर
    एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम में हार्दिक पंड्या का नाम नहीं है. टीम में ऑलराउंडर के तौर पर शिवम दुबे, नीृतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर को जगह दी गई है.

    टीम में गेंदबाजी विभाग की कमान जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर के हाथों में होगी. इनके अलावा वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन विभाग को मजबूत करेंगे.

    हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर की एंट्री
    सेलेक्शन कमेटी ने हर्षित राणा को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है. हर्षित राणा रिहैबिलिटेशन के दौरान अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को मैच सिमुलेशन में गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस स्ट्रेन हो गया.

    इसके बाद उन्हें चोट के कारण अफगानिस्तान T20I सीरीज और एशियन गेम्स, दोनों टीमों से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को शामिल किया गया है.

    यश ठाकुर का रिकॉर्ड क्या कहता है?
    27 साल के यश ठाकुर हाल ही में भारत के जिम्बाब्वे दौरे पर T20I डेब्यू कर चुके हैं. उन्होंने वहां दो मुकाबले खेले और चार विकेट अपने नाम किए. यश का घरेलू T20 रिकॉर्ड भी अच्छा है. उन्होंने 76 टी20 मैचों में 114 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 रही है. अब यश के सामने लगातार दो बड़े मौके हैं. वह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में भारत की टीम का हिस्सा होंगे और इसके बाद एशियन गेम्स के लिए भी उपलब्ध रहेंगे.

    अफगानिस्तान सीरीज की टीम भी बदली
    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम में 15 खिलाड़ी हैं. श्रेयस अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उपकप्तान हैं. टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर शामिल हैं.

    अफगानिस्तान T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर.

    एशियन गेम्स की 15 सदस्यीय टीम: एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में भी 15 खिलाड़ी चुने गए हैं. इसमें वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर दोनों को जगह मिली है.

    एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर.

    बीसीसीआई  सचिव देवजीत सैकिया की ओर से जारी बयान में हर्षित राणा के चोटिल होने और यश ठाकुर को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई.

    ध्यान रहे एश‍ियन गेम्स 19 स‍ितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेंगे, जहां भारतीय टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में 28 स‍ितंबर को खेलेगी. वहीं अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ टी20 सीरीज 13 स‍ितंबर से शुरू हो रही है. बाकी दो मैच 15 और 17 स‍ितंबर को होंगे. अफगान‍िस्तान सीरीज के सारे मैच द‍िल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में होने हैं.

  • बुमराह की टीम इंडिया में वापसी तय, अफगानिस्तान सीरीज से पहले हर्षित राणा को लगा झटका; यश ठाकुर की एंट्री

    बुमराह की टीम इंडिया में वापसी तय, अफगानिस्तान सीरीज से पहले हर्षित राणा को लगा झटका; यश ठाकुर की एंट्री

    मुंबई 

    टीम इंडिया के स्टार पेसर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) ने टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाली सीरीज और एशियन गेम्स के लिए फिट घोषित कर दिया है, तो वहीं चोटिल चल रहे हर्षित राणा दोनों ही बड़ी प्रतियोगिताओं से बाहर हो गए हैं. हर्षित राणा की जगह चयन समिति ने अफगान सीरीज और एशियन गेम्स दोनों के  लिए ही मीडिय पेसर यश ठाकुर को टीम में जगह दी है। 

    हर्षित राणा की जगर यश ठाकुर
    राणा  बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति कर रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को एक मैच सिमुलेशन के दौरान गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस (मांसपेशियों) में खिंचाव आ गया और इसके बाद वह बाहर हो गए. वहीं, विदर्भ के 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ने हाल ही में जुलाई में भारत के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान अपना T20I पदार्पण (डेब्यू) किया था. उन्होंने दो मैच खेले और चार विकेट लिए. वह 50 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैचों में खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 7.04 की प्रभावशाली इकोनॉमी रेट से 81 विकेट लिए हैं। 

     इसके चलते वह टीम इंडिया के आगामी दोनों असाइनमेंट से बाहर हो गए. सिलेक्टर्स ने उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को जगह दी है। 

    भारतीय टीम में बुमराह के लौटने से अफगानिस्तान के खिलाफ उसके पेस अटैक की धार बढ़ी है. बुमराह के साथ यहां तेज बॉलिंग में अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर मौजूद होंगे. भारत की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे। 

    अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कपतान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर

    2026 एशियन गेम्स के लिए  अपडेटेड टीम:
    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर

    IND vs AFG टी20 सीरीज का शेड्यूल
    13 सितंबर : पहला टी20
    15 सितंबर : दूसरा टी20
    17 सितंबर : तीसरा टी20

  • भारत की एकतरफा जीत, चीनी ताइपे के खिलाफ 15 गोल; अनमोल इक्का ने रचा कमाल

    भारत की एकतरफा जीत, चीनी ताइपे के खिलाफ 15 गोल; अनमोल इक्का ने रचा कमाल

    मोकी
     कप्तान अनमोल इक्का ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए छह गोल किए जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने बुधवार को चीनी ताइपे को 15-0 से रौंदकर जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के अपने कौशल का शानदार नमूना पेश किया।

    भारतीय टीम पहले क्वार्टर में गोल नहीं कर पाई थी लेकिन इसके बाद उसने शानदार खेल दिखाया और दनादन गोल दागे।भारत ने पहले क्वार्टर में गेंद पर कब्जा बनाए रखा लेकिन वह ताइपे की रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच मिनट के अंदर तीन गोल किए। आर्यन जेस (17वें मिनट), प्रभदीप सिंह (18वें मिनट) और गुरसेवक सिंह (22वें मिनट) ने स्कोरलाइन 3-0 कर दिया।

    भारत ने हाफ टाइम तक दागे 6 गोल
    इसके बाद अनमोल (25वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पहला गोल किया। अर्जुन संतोष हरगुडे ने 28वें मिनट में गोल दागा, जबकि अगले ही मिनट अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इस तरह से भारत ने हाफ टाइम तक 6-0 की बढ़त बना ली थी।

    भारत ने जारी रखा आक्रामक रवैया
    भारत ने इसके बाद भी आक्रामक रवैया अपनाया तथा तीसरे क्वार्टर के शुरुआती तीन मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। अनमोल ने इन दोनों को गोल में बदलने में किसी तरह की गलती नहीं की। अजीत यादव ने भी 35वें मिनट में गोल करके स्कोरशीट पर नाम दर्ज कराया, जबकि अनमोल ने गोल करने का सिलसिला जारी रखा।

    उन्होंने 45वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पांचवां गोल किया और भारत को 10-0 से आगे कर दिया। भारतीय टीम ने अंतिम 15 मिनटों में भी मनमाफिक गोल किए। हरपाल ने 48वें मिनट में मैदानी गोल दागा जिसके बाद अनमोल ने 51वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर मैच का अपना छठा गोल किया। इसके बाद हरपाल ने अपना दूसरा गोल दागा, वहीं आर्यन जेस ने दो गोल किए।