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  • मॉनसून की पहली बड़ी मार: मुंबई के कई इलाके जलमग्न, अंधेरी सबवे बंद; IMD का येलो अलर्ट

    मॉनसून की पहली बड़ी मार: मुंबई के कई इलाके जलमग्न, अंधेरी सबवे बंद; IMD का येलो अलर्ट

     मुंबई

    महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी है. सोमवार सुबह से जारी बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आ रही हैं. अंधेरी सबवे में पानी भर गया है. वहीं, कई सड़कों पर भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। 

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून को शहर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिन यानी रविवार को शहर के कई इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आज भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी है। 
     
    मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में मॉनसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मॉनसून सोलापुर के पास रुका हुआ था. महाराष्ट्र में एक बार फिर मॉनसून एक्टिव हुआ है लेकिन रफ्तार अभी धीमी है. बता दें कि मुंबई में हर साल मॉनसून में मूसलाधार बारिश होती है लेकिन इस बार मॉनसून ने अभी तक अच्छी रफ्तार नहीं पकड़ी है। 
     
    IMD के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में आज पूरे दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. कुछ जगहों पर गरज और बिजली चमकने के भी आसार हैं. मौसम विभाग ने मुंबई में आज येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम खराब रह सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा खतरा नहीं है। 

    मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई के ऊपर कुछ बादल छाए हुए हैं. हालांकि, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में अभी मॉनसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में ही बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं। 

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत इस बार थोड़ी देरी से हुई है. लेकिन अब हवाओं में नमी बढ़ने से बारिश शुरू हो गई है. मुंबई के आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं. जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है. वहीं, कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल रही हैं। 

    इस बीच मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अलर्ट है. मॉनसून की बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए पंपिंग मशीनें चेक की जा रही हैं. ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लोगों को बारिश से होने वाले ट्रैफिक जाम से ना जूझना पड़े। 

    मॉनसून की बारिश किसानों के लिए अच्छी खबर है. महाराष्ट्र के कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो सकेगी. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून और मजबूत हो सकता है. पूरे महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। 

  • रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता, खाड़ी आपूर्ति पर नजर बनी हुई

    रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता, खाड़ी आपूर्ति पर नजर बनी हुई

    नई दिल्ली
     ईरान और अमेरिका के बीच एमओयू साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने तक भारत ने जून में रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है. भारतीय रिफाइनरियों ने खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने से पहले अपना 'ऑयल स्टोरेज' सुरक्षित करने की रणनीति अपनाई.

    मैरीटाइम और कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म क्लेपेर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, जून में 19 तारीख तक भारत ने रूस से औसतन 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया, जबकि मई में यह 19.1 लाख बैरल प्रतिदिन था. इसके साथ ही रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.

    संयुक्त अरब अमीरात से आयात जून में 6.36 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो मई के रिकॉर्ड 6.44 लाख बैरल प्रतिदिन से थोड़ा कम है. वहीं, वेनेजुएला 2.09 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा. सऊदी अरब की आपूर्ति 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन रही.

    भारत ने 60% तक घटाई अमेरिकी तेल खरीद
    दूसरी ओर, अमेरिका से तेल आयात घटकर केवल 91 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि मई में यह 2.52 लाख बैरल प्रतिदिन था. रूस से रियायती दरों पर मिलने वाला तेल भारत के लिए फायदे का सौदा बना हुआ है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात से बढ़ी खरीद ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अनिश्चितता के बीच आपूर्ति संतुलित करने में मदद की.

    भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक देश है और कच्चे तेल, एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई. होर्मुज दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल खपत के परिवहन का प्रमुख समुद्री मार्ग है और सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देशों के निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद पिछले सप्ताह के अंत से होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल होने लगी है.

    होर्मुज के खुलने को लेकर अनिश्चितता बरकरार
    फिर भी, ईरान द्वारा इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने के बाद स्थिति को अब भी नाजुक माना जा रहा है. लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों के बाद ईरानी सेना ने शनिवार को फिर से होर्मुज बंद करने की घोषणा की. इस तरह यह समुद्री मार्ग जहाजों की आवाजाही के लिहाज से अब भी पूरी तरह खुल नहीं सका है. क्लेपेर में मॉडलिंग के सीनियर मैनेजर सुमित रितोलिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से भारत को सबसे तेज राहत एलपीजी आपूर्ति में मिलेगी, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है.

    उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों के व्यवधान के दौरान भारत ने तेल और गैस आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों और अन्य समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लिया है. रितोलिया के अनुसार, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा मील का पत्थर होगा, लेकिन भारत पर इसका असर अलग-अलग ईंधनों पर अलग तरीके से पड़ेगा.' उन्होंने कहा कि एलपीजी सबसे ज्यादा प्रभावित ईंधन रहा, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर बनी रही. क्योंकि भारत ने रूस, ब्राजील और वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ा दिया था.

    भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर
    सुमित रितोलिया का अनुमान है कि जुलाई की शुरुआत से धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनने पर सबसे पहले फंसे हुए कार्गो को निकाला जाएगा और शिपिंग गतिविधियां बहाल की जाएंगी. इसके बाद खाड़ी देशों का निर्यात धीरे-धीरे बढ़ेगा. भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत नेचुरल गैस और लगभग 65 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. ईरान युद्ध से पहले भारत के लगभग आधे कच्चे तेल, दो-तिहाई एलएनजी और करीब 90 प्रतिशत एलपीजी की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती थी. हाल के दिनों में होर्मुज में भारत के लिए स्थिति सामान्य होने के संकेत भी मिले हैं.

    भारत के झंडे वाले तीन तेल टैंकर, जिनमें 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल था, और एक भारतीय एलएनजी जहाज ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया है. रितोलिया ने कहा कि रूस का कच्चा तेल अब भी भारत की आयात रणनीति का प्रमुख आधार बना हुआ है. जून में रूस से आयात 23.5 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक रहने का अनुमान है और यह नया रिकॉर्ड बना सकता है. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी कीमतों और आपूर्ति सुरक्षा के कारण होर्मुज सामान्य होने के बाद भी रूस भारत के लिए अहम आपूर्तिकर्ता बना रहेगा.

    भारत ने वेनेजुएला से भी तेल की खरीद बढ़ाई
    भारतीय रिफाइनरियों ने मार्च के बाद से अटलांटिक बेसिन और वेनेजुएला से भी खरीद बढ़ाई है ताकि खाड़ी क्षेत्र की सीमित आपूर्ति की भरपाई की जा सके. जून में वेनेजुएला से आयात 3 से 4 लाख बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है, हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों और उत्पादन सीमाओं के कारण दीर्घकालिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव एलपीजी क्षेत्र में देखा गया है. खाड़ी आपूर्ति बाधित होने के बाद अमेरिका भारत के लिए बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. पिछले साल हुए दीर्घकालिक समझौते ने इसमें मदद की, हालांकि लंबी दूरी के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है.

    सुमित रितोलिया के अनुसार, होर्मुज सामान्य होने के बाद खाड़ी देशों की बाजार हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ेगी, लेकिन भारत की आयात रणनीति पहले की तुलना में अधिक विविध बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि होर्मुज के फिर से खुलने से माल ढुलाई लागत कम होगी, आपूर्ति जोखिम घटेंगे और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा. हालांकि, शिपिंग कंपनियों, बीमा कंपनियों और व्यापारियों का भरोसा पूरी तरह लौटने में अभी कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं.

  • बंगाल की राजनीति पर पीएम मोदी का प्रहार, सीमा सुरक्षा से लेकर तुष्टीकरण तक विपक्ष को घेरा

    बंगाल की राजनीति पर पीएम मोदी का प्रहार, सीमा सुरक्षा से लेकर तुष्टीकरण तक विपक्ष को घेरा

    पश्चिम बंगाल
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुखर्जी के सिद्धातों को ही अपनाकर बीजेपी ने बंगाल में चुनाव लड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस समय बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें हो रही थीं, तब कांग्रेस ने साजिश रचने वाली ताकतों को सामने घुटने टेक दिए थे। तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी।

    बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ा- पीएम मोदी
    उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ दिया था और आजादी के बाद तुष्टीकरण की राजनीति की।' पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को गलत इतिहास पढ़ाने की कोशिश की। हालांकि सच को छिपाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल अपने बेड़ियों से मुक्त हो गया है और विकास की नई यात्रा पर निकल पड़ा है।

    'बेड़ियों से आजाद हो गया बंगाल'
    प्रधानमंत्री ने कहा, 'चुनाव और सरकार गठन के बाद, आज मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। ऐसा लगता है मानो बंगाल अब अपनी बेड़ियों से आजाद हो गया है और बंगाल का गौरव फिर से लौटने लगा है।' विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में हो रहा बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ताकत को दिखाता है।

    सीमा पर बाड़ लगाने में रुकावट डाल रही थी ममता सरकार
    उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोगों के चेहरों पर चमक है और गांवों में खुशी और भरोसे का माहौल है… बंगाल में यह साफ दिखता है कि आपका एक वोट कैसे बदलाव ला सकता है।' पीएम मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस प्रक्रिया में रुकावट डाली थी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपने देखा होगा कि पिछली सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने के काम को रोक दिया था। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह प्रक्रिया शुरू हो गई है।'

    पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पीएम मोदी ने 20 जून के 'पश्चिमबंग दिवस' के ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि नयी पीढ़ी को उन हालात के बारे में पता होना चाहिए जिनकी वजह से यह राज्य बना। मोदी ने कहा, 'हमें बार-बार 'पश्चिमबंग दिवस' के महत्व को रेखांकित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उस दौरान क्या हुआ था।' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों लोगों के साथ योग किया। इसके बाद वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर जाएंगे।

  • LAC से लेकर पाकिस्तान तक भारत की नीति स्पष्ट, ट्रैक-2 वार्ता भी फिलहाल बंद

    LAC से लेकर पाकिस्तान तक भारत की नीति स्पष्ट, ट्रैक-2 वार्ता भी फिलहाल बंद

    नई दिल्ली
    भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार ने कहा कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक दोनों देशों के बीच सामान्य माहौल या लोगों के स्तर पर संपर्क बहाल नहीं हो सकता। आरएसएस नेताओं की पाकिस्तान के साथ अधिक जुड़ाव संबंधी हालिया टिप्पणियों पर पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने यह स्पष्ट रुख रखा। संसद की स्थायी समिति की बैठक में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंधों पर विस्तार से जानकारी देते हुए सरकार की नीति और सुरक्षा संबंधी प्राथमिकताओं को सामने रखा।

    पाकिस्तान से रिश्तों पर सरकार का स्पष्ट संदेश
    विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में अधिकारियों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क तभी संभव है, जब आतंकवाद और हिंसा का डर पूरी तरह समाप्त हो जाए। मौजूदा हालात में ऐसा वातावरण नहीं है, इसलिए किसी भी तरह के सामान्य संपर्क की संभावना फिलहाल नहीं दिखती।

    ट्रैक-2 और ट्रैक-1.5 वार्ता पर भी लगी रोक
    बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 कूटनीतिक संवाद से भी किसी सकारात्मक नतीजे की उम्मीद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच इस समय ट्रैक-1.5 स्तर की भी कोई वार्ता नहीं चल रही है।

    विदेश सचिव ने समिति को दी विस्तार में जानकारी
    विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति को भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंधों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक के बाद शशि थरूर ने कहा कि यह ब्रीफिंग समिति के जम्मू-कश्मीर, लेह और कारगिल दौरे से पहले काफी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने भारत-चीन संबंधों को 'संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण' बताया।

    चीन के साथ 35 दौर की वार्ता का ब्यौरा
    सरकार ने समिति को बताया कि जून 2020 से अब तक भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम करने के लिए 35 दौर की वार्ता हो चुकी है। यह बातचीत वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बैठकों के माध्यम से हुई है। ताजा बैठक 27 मई को बीजिंग में आयोजित की गई थी।

    सीमा पर शांति, लेकिन विवाद अब भी बरकरार
    अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने में मदद मिली है। बातचीत में सीमांकन, विश्वास बहाली के उपाय और सीमा पार आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    लद्दाख और अरुणाचल को लेकर चीन के दावे पर प्रतिक्रिया
    विदेश मंत्रालय ने समिति को दिए अपने नोट में दोहराया कि चीन अब भी लद्दाख में भारत के लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए हुए है। इसके अलावा वह अरुणाचल प्रदेश के करीब 90 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर भी दावा करता है। भारत ने चीन के साथ जल संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान और यारलुंग जांगबो नदी पर बन रही बड़ी परियोजनाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं।

    सिंधु जल संधि पर भी सरकार का सख्त रुख
    बैठक में अधिकारियों ने दोहराया कि भारत ने सिंधु जल संधि को फिलहाल स्थगित रखा है। सरकार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक इस संधि को सामान्य रूप से लागू करने का सवाल ही नहीं उठता।

     

  • अगरतला जा रही इंडिगो फ्लाइट बिजली की चपेट में आई, जांच के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से भेजा गया

    अगरतला जा रही इंडिगो फ्लाइट बिजली की चपेट में आई, जांच के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से भेजा गया

    नई दिल्ली
    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से शुक्रवार को अगरतला जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी. इसी दौरान जबरदस्त तूफान के दौरान बिजली गिरी और फ्लाइट उसकी चपेट में आ गई. सुरक्षा नियमों के तहत यात्रियों को विमान से उतारा गया और नियमों के मुताबिक जरूरी जांच की गई. इसके बाद दूसरे विमान का इंतजाम किया गया.

    न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एहतियातन ग्राउंड पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा के लिए ले जाया गया. सूत्रों के मुताबिक, किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर तूफान के दौरान अगरतला जा रहे इंडिगो के एक विमान पर बिजली गिरी.

    क्या है पूरा मामला?
    रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तूफान और बारिश के बीच हुई, जिसके लिए एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (AOCC) ने मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए थे. उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ. इंडिगो की फ्लाइट 6E6068 (VT-IPW) एरोब्रिज 56L पर खड़ी थी, तभी सुबह करीब 9:30 बजे उस पर बिजली गिरी. बिजली गिरने से विमान के पावर सिस्टम पर असर पड़ा, जिससे अचानक पावर ऑफ हो गया.

    अधिकारी ने बताया कि जब बिजली गिरी, तो A320 विमान में 141 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे. एहतियात के तौर पर एयरलाइन ने यात्रियों को विमान से उतार दिया और बाद में उन्हें A321 विमान (VT-ICD) से रवाना किया गया. यह फ्लाइट असल में सुबह 9.20 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन यात्रियों के साथ दोपहर 12.50 बजे रवाना हुई.

    इंडिगो के मुताबिक, दो ग्राउंड स्टाफ मामूली रूप से प्रभावित हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि मेडिकल चेकअप के तुरंत बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई.

    कोलकाता और आसपास के जिलों में शुक्रवार सुबह से ही आंधी-तूफान और बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलजमाव हो गया है और ट्रैफिक में रुकावट आने की खबरें आईं.

  • स्वदेशी तेजस MK2 बनेगा गेमचेंजर? एडवांस तकनीक और दमदार क्षमता से बढ़ेगी भारत की ताकत

    स्वदेशी तेजस MK2 बनेगा गेमचेंजर? एडवांस तकनीक और दमदार क्षमता से बढ़ेगी भारत की ताकत

    बेंगलुरु 

     दशकों पहले जिस देश के पास जितनी मजबूत आर्मी यानी थलसेना होती थी, उसे उतना पावरफुल माना जाता था. फिर हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम हमले के बाद कॉम्‍बैट फील्‍ड में एयरफोर्स की धमाकेदार एंट्री हुई. आज 21वीं सदी में दुनिया दो भीषण सशस्‍त्र संघर्ष का साक्षी बनी है – रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान जंग. इन दोनों युद्ध में एक बात कॉमन है – एरियल अटैक यानी हवाई हमले. इन संघर्षों में पैदल सेना यानी आर्मी का न के बराबर यूज किया गया. हवाई हमले प्रमुख रहे. फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन हमलों ने प्रतिद्वंद्वी देशों की हालत खराब करके रख दी. इसके दो परिणाम सामने आए हैं – पहला फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन सिस्‍टम डेवलप करने वाले प्रोजेक्‍ट्स का रफ्तार मिली है. दूसरा, अल्‍ट्रा मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी से लैस एयर डिफेंस सिस्‍टम विकसित करने पर जोर दिया जाने लगा है. भारत का मिशन सुदर्शन चक्र परियोजना नेशनल एयर डिफेंस सिस्‍टम का हिस्‍सा है. इसके अलावा देसी टेक्‍नोलॉजी के दम पर फाइटर जेट डेवलप करने की प्रक्रिया को भी रफ्तार मिली है. इसी क्रम में भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है. तेजस फाइटर जेट के MK2 वेरिएंट Mk1A की तुलना में काफी कम रडार क्रॉस सेक्‍शन (RCS) हासिल करने में सफल रहा है। 

     इसका मतलब यह हुआ कि तेजस MK2 मॉडर्न रडार सिस्‍टम को चकमा दे सकता है. साथ ही THAAD और आयरन डोम जैसे एयर डिफेंस सिस्‍टम को धता बताने से महज कुछ कदम ही दूर है. इस खासियत के चलते तेजस MK2 चौथी और पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के बीच का ब्रिज भी माना जा रहा है. साथ ही इसकी स्‍पीड राफेल फाइटर जेट जितनी होने वाली है। 

    भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि मिली है. एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा विकसित किए जा रहे तेजस MK2 फाइटर जेट (मीडियम वेट फाइटर) में रडार से बचने की क्षमता को लेकर महत्वपूर्ण सुधार किया गया है. परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, तेजस MK2 का फ्रंटल रडार क्रॉस सेक्शन (आरसीएस) मौजूदा तेजस MK-1A की तुलना में लगभग 75 प्रतिशत कम होगा. इसका अर्थ है कि नए विमान की रडार पर दिखाई देने की संभावना काफी कम हो जाएगी, जिससे युद्धक्षेत्र में दुश्मन को चकमा देने और सर्वाइवल की क्षमता बढ़ेगी. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, ADA के परियोजना निदेशक ने बताया कि तेजस MK2 का फ्रंटल आरसीएस तेजस MK-1A का लगभग एक चौथाई होगा. स्वतंत्र आकलनों के अनुसार, साफ कॉन्फिगरेशन (बिना बाहरी हथियारों और अतिरिक्त ईंधन टैंकों के) में इसका फ्रंटल आरसीएस 0.1 से 0.2 वर्ग मीटर के बीच हो सकता है. यह आंकड़ा आधुनिक 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की श्रेणी में काफी प्रभावशाली माना जाता है। 

    • RCS में कमी लाने वाली प्रमुख खासियतें
    •     एडवांस शेपिंग और एज अलाइनमेंट (किनारों का विशेष डिजाइन), जिससे रडार तरंगें अपने स्रोत की ओर वापस परावर्तित यानी रिफ्लेक्‍ट होने के बजाय दूसरी दिशा में मुड़ जाती हैं। 
    •     S-डक्ट (S-Duct) या ट्विस्टेड एयर इंटेक, जो इंजन के कंप्रेसर ब्लेड्स को छिपाते हैं. कंप्रेसर ब्लेड्स किसी भी लड़ाकू विमान में रडार के लिए सबसे बड़े परावर्तक (रिफ्लेक्टर) माने जाते हैं। 
    •     विमान के पंखों, फ्यूजलाज (मुख्य ढांचे), कैनार्ड्स और अन्य सतहों में 90 प्रतिशत से अधिक कंपोजिट सामग्री का उपयोग, जो धातु की तुलना में रडार ऊर्जा को अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित करती है। 
    •     स्वदेशी रडार एब्जॉर्बेंट मैटेरियल (RAM) कोटिंग, जिसे एएमसीए (Advanced Medium Combat Aircraft) कार्यक्रम के तहत विकसित तकनीकों के आधार पर तैयार किया गया है। 
    •     सतहों के बीच अधिक चिकने और निर्बाध संक्रमण (स्मूथ सरफेस ट्रांजिशन) तथा बाहरी उभारों और गैप्स की संख्या में कमी, जिससे रडार पर विमान की पहचान और भी कठिन हो जाती है। 

    मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी के साथ बड़ा आकार
    दिलचस्प बात यह है कि तेजस MK2 फाइटर जेट आकार में अपने पूर्ववर्ती एमके-1ए से बड़ा है. इसमें लंबा फ्यूजलेज, क्लोज कपल्ड कैनार्ड और अधिक ईंधन तथा हथियार ले जाने की क्षमता होगी. सामान्य तौर पर विमान का आकार बढ़ने से उसकी रडार पहचान भी बढ़ जाती है, लेकिन डिजाइनरों ने एडवांस एयरोडायनामिक डिजाइन, स्मूथ ट्रांजिशन और व्यापक रूप से कंपोजिट सामग्री के इस्तेमाल के जरिए इसकी रडार पहचान को उल्लेखनीय रूप से कम करने में सफलता हासिल की है. तेजस एमके-1ए पहले से ही अपनी श्रेणी के विमानों में अपेक्षाकृत कम आरसीएस के लिए जाना जाता है. इसका अनुमानित फ्रंटल आरसीएस लगभग 0.5 वर्ग मीटर या उससे कम माना जाता है. अब इसमें चार गुना तक कमी लाकर तेजस MK2 को लो विजिबिलिटी वाले उन विमानों की श्रेणी में पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिनकी तुलना अक्सर महंगे और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों से की जाती है। 

    रडार को चकमा देने की क्षमता
    रडार से कम दिखाई देने की यह क्षमता विमान को दुश्मन के रडार द्वारा देर से पकड़े जाने में मदद करेगी. इससे विशेष रूप से बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (बीवीआर) एरियल वॉर में इंडियन एयरफोर्स को सामरिक बढ़त मिल सकती है. हालांकि, विमान को पूरी तरह हथियारों और ईंधन टैंकों से लैस करने के बाद भी कम आरसीएस बनाए रखना सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती बनी हुई है. बाहरी हथियार, पॉड और अतिरिक्त टैंक रडार सिग्नेचर को बढ़ा देते हैं. इसी कारण डिजाइनर एडवांस रडार और अन्य तकनीकों पर काम कर रहे हैं। 

    भारत के एरियल पावर को नई ऊंचाई
    रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन तकनीकी सुधारों के बावजूद विमान के विकास और वायुसेना में शामिल किए जाने की समयसीमा प्रभावित नहीं होनी चाहिए. भारतीय वायुसेना को अपनी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजस MK2 की आवश्यकता है, खासकर तब तक जब तक एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना पूरी तरह मैच्‍योर नहीं हो जाती. GE F414 इंजन, ‘उत्तम’ एईएसए रडार और अन्य आधुनिक सिस्‍टम्‍स के साथ तेजस MK2 भारतीय वायुसेना के लिए एक शक्तिशाली लड़ाकू प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम रडार पहचान, एडवांस सेंसर, अधिक हथियार क्षमता और संभावित सुपरक्रूज क्षमता से यह विमान भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारत की ताकत को नई ऊंचाई देगा। 

  • NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक जारी, दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश को दी मंजूरी

    NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक जारी, दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश को दी मंजूरी

    नई दिल्ली

    भारत में 22 जून तक टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर बैन लगाने के केंद्र सरकार के आदेश को सही ठहराया है. इसके साथ ही अदालत ने बैन के खिलाफ टेलीग्राम की याचिका खारिज कर दी. हाई कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना सोच-विचार किए यह आदेश जारी नहीं किया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

    एक दिन पहले हाई कोर्ट ने उठाया था सवाल
    इससे पहले जस्टिस तेजस करिया की वेकेशन बेंच ने केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल इसलिए कि कुछ यूजर्स परीक्षा दे रहे हैं,मैसेजिंग ऐप के 15 करोड़ यूजर्स के अधिकारों को कैसे सीमित किया जा सकता है? नीट की परीक्षा से पहले ऐप के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने ऐप पर कुछ दिनों के लिए रोक लगा दी थी। टेलीग्राम की ओर से अदालत में इसे चुनौती दी गई। अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    नीट पेपर के लिए लगाई गई रोक
    नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को हुई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया। सीबीआई पेपर लीक की जांच कर रही है। 21 जून को दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने कई तरह के कदम उठाए हैं। प्रश्नपत्रों को इस बार जहां एयर फोर्स के विमानों से भेजा गया है तो टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए अस्थायी रोक लगा दी गई। 3 मई वाली परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी में टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल का आरोप भी लगा है।

    टेलीग्राम पर पहले भी लगते रहें आरोप
    टेलीग्राम पर पहले भी कई बार पेपर लीक और फर्जी पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. यहां तक की कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि जालसाज और साइबर ठगी को अंजाद देने वाले भी इस प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करते हैं। 

    फैसले से पहले टेलीग्राम से बातचीत हो चुकी है
    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में बताया है कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार की तरफ से बताया जा चुका है कि इस मामले की सुनवाई एक कमेटी ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव ने की है। 

    टेलीग्राम के फीचर्स ही उसको बैन करने की वजह 
    टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर ढेर सारे ऐसे फीचर्स हैं, जिसकी वजह से टेलिग्राम को अस्थाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. टेलीग्राम के एक ग्रुप में 2 लाख मेंबर्स तक को शामिल किया जा सकता है. ऐप पर हैवी फाइल्स को सेव किया जा सकता है. यहां बिना मोबाइल नंबर के भी अकाउंट बनाया जा सकता है। 

    कई लोगों का सवाल सामने आया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों ही मैसेजिंग ऐप हैं. हालांकि प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम ऐप काफी आगे और अलग है. टेलीग्राम यूजरनेस बनाने की भी सुविधा देता है। 

    केंद्र सरकार ने अदालत में क्या कहा था?
    केंद्र सरकार ने दलील दी कि टेलीग्राम के दुरुपयोग किए जाने की पूरी आशंका है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक टेलीग्राम अकाउंट से 40 तक 'बॉट्स' बनाए जा सकते हैं। मेहता ने बताया कि रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल अक्सर आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है और इसकी संरचना की वजह से अलग-अलग इलाकों में कार्यरत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मेहता ने कहा, 'फेसबुक या व्हाट्सऐप जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म के साथ यह समस्या नहीं होती है। यह प्लैटफॉर्म 'क्लाउड' के जरिए काम करता है, इसलिए अगर हम किसी चीज को ब्लॉक भी कर दें और कोई गड़बड़ी करे, तो भी कानून प्रवर्तन एजेंसी उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकती।'

  • होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, पहला LNG टैंकर ‘दिशा’ गैस लेकर गुजरात पहुंचा

    होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, पहला LNG टैंकर ‘दिशा’ गैस लेकर गुजरात पहुंचा

    अहमदाबाद 

    अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील होते ही भारत को पहली खुशखबरी मिल गई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर पहला एलएनजी जहाज भारत आ चुका है. जी हां, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद पहला LNG कैरियर जहाज ‘दिशा’ आज यानी शुक्रवार को गुजरात में भरूच के दहेज पोर्ट पर पहुंचा. यह दहेज एलएनजी टर्मिनल पर आ गया है. इस तरह से तीन महीने का इंतजार खत्म हुआ. एनएनजी करियर दिशा ईरान युद्ध के चलते होर्मुज में फंसा हुआ था। 

    दरअसल, गुजरात के दहेज LNG टर्मिनल पर आज LNG कैरियर जहाज ‘दिशा’ सफलतापूर्वक पहुंच गया. इस जहाज ने 15 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पार किया था. इस तरह से इस जहाज का तीन महीने से अधिक का इंतज़ार खत्म हुआ. इस जहाज ने 2 मार्च को कतर के रास लाफान टर्मिनल से 62,370 मीट्रिक टन LNG लोड किया था. मगर मध्य पूर्व में तनाव के कारण यह जहाज फारस की खाड़ी में फंस गया था। 

    दिशा जहाज पर कितना गैस
    इसक तरह से ‘दिशा’ जहाज में 62,370 मीट्रिक टन LNG है. ‘दिशा’ उन शुरुआती भारतीय LNG कैरियर जहाजों में से एक है, जिन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है. इस कार्गो को भारत के सबसे बड़े LNG इंपोर्ट हब दहेज में स्टोर किया जाएगा और देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जाएगा। 

    दिशा दिखाएगा रास्ता
    दिशा का आना अपने आप में बड़ी खुशखबरी है. यह संकेत है कि अब भारत के जितने भी टैंकर और जहाज फंसे हैं, वो सब धीरे-धीरे भारत की ओर आ रहे हैं. इनमें कुछ एलपीजी टैंकर, कुछ ऑयल टैंकर और कुछ एलएनजी टैंकर हैं. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से हॉर्मुज बंद हो गया था. इसके चलते ज्यादातर जहाज इस रास्ते में फंस गए थे. उन्हें गुजरने नहीं दिया जा रहा था. इसके चलते भारत के भी दर्जनों जहाज फंसे थे. ऐसे में भारत के लिए यह पहली बड़ी गैस खेप मानी जा रही है. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. दुनिया की करीब 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है, लेकिन अमेरिका-ईरान संघर्ष और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी। 

    भारत के लिए बड़ी खुशखबरी
    होर्मुज बंद होने से भारत के लिए यह स्थिति चिंता की वजह बन गई थी. कारण कि भारत अपनी एलएनजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों से आयात करता है. इसका रास्ता होर्मुज ही है. पिछले कुछ महीनों में सप्लाई कम होने के कारण भारत को महंगे स्पॉट मार्केट से गैस खरीदनी पड़ी और कुछ उद्योगों को गैस सप्लाई भी सीमित करनी पड़ी. हाालंकि, दिशा टैंकर का निकलना सामान्य स्थिति लौटने का संकेत जरूर है. दिशा टैंकर ने एक तरह से बाकी फंसे हुए जहाजों को एक नई दिशा दिखाई है. आने वाले समय में गैस और तेल की स्थित पहले की तरह नॉर्मल हो सकती है। 

  • IMD Alert: कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार, चक्रवाती सिस्टम सक्रिय; मॉनसून की तेज बढ़त जारी

    IMD Alert: कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार, चक्रवाती सिस्टम सक्रिय; मॉनसून की तेज बढ़त जारी

    नईदिल्ली 
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 (Monsoon) देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 18 जून से 24 जून 2026 तक का विस्तृत अनुमान और चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 18 से 22 जून के बीच अधिकांश इलाकों में व्यापक रूप से बारिश की संभावना है। वहीं 23 और 24 जून को छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 जून के दौरान लगातार छिटपुट बारिश के आसार हैं।

    मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली एनसीआर में 18 से 22 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 18, 19, 23 और 24 जून को, जबकि पूर्वी यूपी में 18-19 जून और फिर 22-24 जून को बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में 18 से 24 जून तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

    आंधी-तूफान की चेतावनी
    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इन राज्यों में 18 और 19 जून को ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 18-22 जून के दौरान 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झोंके वाली हवाओं की चेतावनी दी गई है।

    राजस्थान में धूलभरी आंधी
    18 और 19 जून को पश्चिमी राजस्थान में भयंकर धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही 18 जून को पश्चिमी राजस्थान और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की गति से तीव्र चक्रवाती तूफान आ सकता है। 19 जून को भी पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

    मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश
    आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जून को छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-19 जून और फिर 22-24 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में 18 से 24 जून तक लगातार छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 18-19 जून को और छत्तीसगढ़ व विदर्भ 18-21 जून को बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

    बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश के आसार
    पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 24 जून तक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। बंगाल में गंगा से सटे इलाकों में 18-19 जून को छिटपुट बारिश के बाद 20 से 24 जून के बीच बारिश की रफ्तार बढ़ेगी। ओडिशा में 19 और 20 जून को तेज और व्यापक बारिश होगी। बिहार और झारखंड में 18 से 24 जून के दौरान इन दोनों राज्यों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

  • नागपुर में पुलिस को बड़ी सफलता, रेप और कथित जबरन धर्मांतरण केस का मुख्य आरोपी मौलवी गिरफ्तार

    नागपुर में पुलिस को बड़ी सफलता, रेप और कथित जबरन धर्मांतरण केस का मुख्य आरोपी मौलवी गिरफ्तार

    नागपुर 

     महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ मारपीट, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का तीसरा आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद, जो लंबे समय से फरार चल रहा था, बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया।

    इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मौलाना को आज यानी गुरुवार (18 जून) को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी।

    दरअसल, वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के कथित धर्म परिवर्तन और दुर्व्यवहार का सनसनीखेज मामला इस सप्ताह की शुरुआत में सामने आया था। महिला ने अपने एक पुराने सहपाठी और उसके साथियों पर बलात्कार, ब्लैकमेल, काला जादू और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है।

    इस मामले में मुख्य आरोपी अय्याज मदारे उसका साथी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। वहीं गिरफ्तार मौलवी ने धर्मांतरण और निकाह में सक्रिय भूमिका निभाई थी ।

    पूछताछ में होगा खुलासा
    मौलाना को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस का कहना है कि इससे पूछताछ के दौरान और भी जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस अब निकाहनामा ( विवाह प्रमाण पत्र) प्राप्त करने और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे। वे यह भी पता लगाएंगे कि क्या अन्य महिलाओं को भी इसी तरह जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था।

    क्या है पूरा मामला
    एफआईआर के अनुसार, 8 फरवरी, 2025 को एक होटल में हुई बैठक के दौरान, अयाज ने 24 वर्षीय महिला के पेय में मादक पदार्थ मिला दिया। इसके बाद महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। वीडियो और तस्वीरों के आधार पर महिला को ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि वह वीडियो उसके पति को भेज देगा और उन्हें सोशल मीडिया पर फैला देगा।

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया और उससे लगभग 4 लाख रुपये जबरन वसूले गए।
    वीडियो में महिला रोती हुई और आरोपी अयाज मदारे से उसे छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला को " छोड़ो मुझे " कहते हुए सुना जा सकता है, जबकि अयाज जबरदस्ती उसके हाथ पकड़े हुए धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है और बार-बार उस पर फूंक मार रहा है। महिला खुद को छुड़ाने के लिए संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि बाद में उसे धर्म परिवर्तित घोषित कर दिया गया और उसके बाद उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया गया।

    एफआईआर में महिला ने आरोप लगायै कि अयाज उसके लिए अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ भरकर लाता था और उसे जबरदस्ती पिलाता था। इसके बाद वह कथित तौर पर उर्दू में कुछ बुदबुदाता था, उसके चेहरे पर फूंकता था और कहता था कि यह सम्मोहन और काला जादू है, फिर उसके साथ बलात्कार करता था।

    31 मई को मदारे और उसके साथी ने महिला को जबरन कलमेस्वर ले गए। वहां, तीसरे आरोपी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव के हजरत मौलाना ने धार्मिक अनुष्ठान किए और महिला को जबरन कुबूल है कहने के लिए मजबूर किया ताकि वह इस्लाम धर्म अपना ले।

    महिला का कहना है कि यह सब उसके इच्छा के विरुद्ध किया गया था। अनुष्ठान के बाद, मौलाना ने घोषणा की कि महिला ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और उसका अयाज के साथ निकाह हो गया है।