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  • Cognizant पर H-1B वीजा फ्रॉड जांच, जानें भारतीय IT प्रोफेशनल्स और नौकरी पर पड़ सकता है क्या असर

    Cognizant पर H-1B वीजा फ्रॉड जांच, जानें भारतीय IT प्रोफेशनल्स और नौकरी पर पड़ सकता है क्या असर

    नई दिल्ली
    अमेरिका में नौकरी कर डॉलर में कमाने का सपना देखने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है. अमेरिकी सरकार ने H-1B और PERM (ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुरुआती चरण) वर्क वीजा कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और नियमों के दुरुपयोग की जांच तेज कर दी है. इस जांच के दौरान जिन बड़ी कंपनियों का नाम सार्वजनिक रूप से सामने आया है, उनमें आईटी दिग्गज Cognizant भी शामिल है। 

    यह कार्रवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई वाली टास्क फोर्स टू एल‍िमिनेट फ्रॉड के तहत की जा रही है. अमेरिकी श्रम विभाग ( के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी'एस्पोसिटो ने बताया कि जांच एजेंसियों को कई व्हिसलब्लोअर्स से जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि Cognizant जैसी कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है और कई समन (Subpoenas) जारी किए जा चुके हैं। 

    अमेरिकी सरकार क्या जांच कर रही है?

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जांच का फोकस उन मामलों पर है, जहां H-1B और PERM वीजा प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया. इसमें फर्जी आवेदन, वेज-किकबैक (कर्मचारियों से वेतन का हिस्सा वापस लेने के आरोप), विदेशी कर्मचारियों के कथित शोषण और अमेरिकी श्रमिकों की जगह कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। 

    हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल कॉग्नीजेंट के खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही किसी अदालत ने कंपनी को किसी भी मामले में दोषी ठहराया है. जांच अभी शुरुआती चरण में है। 

    भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह मामला क्यों अहम है?
    अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन से जुड़े हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय नागरिक थे. यानी अमेरिका के टेक सेक्टर में भारतीय इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। 

    वीजा ट्रेंड्स से जुड़े सार्वजनिक डेटाबेस बताते हैं कि Cognizant H-1B वीजा स्पॉन्सर करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है. इसलिए कंपनी से जुड़ी किसी भी बड़ी जांच पर भारतीय आईटी सेक्टर की नजर स्वाभाविक रूप से रहती है। 

    कॉग्नीजेंट पहले भी रही है चर्चा में
    पिछले कुछ वर्षों में Cognizant वैश्विक स्तर पर लागत घटाने, रीस्ट्रक्चरिंग और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी चर्चा में रही है. ऐसे में यदि H-1B और PERM मामलों में नियामकीय जांच और सख्त होती है तो कंपनी समेत अन्य आईटी कंपनियों को भी वीजा प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। 

    भारत के IT सेक्टर और नौकरियों पर क्या असर पड़ सकता है?
    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि H-1B वीजा पर निगरानी और कड़ी होती है तो इसके कई संभावित प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। 

    1. ऑनसाइट अवसर सीमित हो सकते हैं
    कंपनियां नए H-1B वीजा स्पॉन्सर करने में पहले से अधिक सतर्क रुख अपना सकती हैं. इससे अमेरिका में काम करने के अवसर कुछ हद तक प्रभावित हो सकते हैं। 

    2. भारत में ऑफशोर हायरिंग बढ़ सकती है
    यदि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति जटिल होती है, तो कंपनियां भारत जैसे देशों से रिमोट या ऑफशोर मॉडल पर अधिक काम कराने की रणनीति अपना सकती हैं। 

    3. हाई-स्किल और हाई-सैलरी प्रोफाइल को मिल सकता है फायदा
    अमेरिकी श्रम विभाग वेतन और भर्ती प्रक्रिया पर विशेष नजर रख रहा है. ऐसे में अधिक कौशल और बेहतर वेतन वाले पदों पर H-1B स्पॉन्सरशिप की संभावना अपेक्षाकृत मजबूत रह सकती है। 

    फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है. आने वाले महीनों में अमेरिकी एजेंसियों की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि इसका कॉग्नीजेंट, अन्य आईटी कंपनियों और भारतीय टेक प्रोफेशनल्स पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है। 

  • रेलवे में ‘सुहागरात कोच’ विवाद: Video वायरल होते ही एक्शन, 1AC कोच सजाने वाले मामले में TC सस्पेंड

    रेलवे में ‘सुहागरात कोच’ विवाद: Video वायरल होते ही एक्शन, 1AC कोच सजाने वाले मामले में TC सस्पेंड

     नई दिल्ली

    भारतीय रेलवे की एक ट्रेन के 1AC कोच के एक केबिल को सजाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर सुहागरात के कमरे की तरह सजे केबिन का वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने संबंधित TC (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया है। 

    दरअसल ये मामला 6 जुलाई 2026 का है जब ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने सफर को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर को काम पर रखा था. इस डेकोरेटर ने ट्रेन के भीतर जाकर उनके पूरे केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाया। 

    वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है. रेलवे ने इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चूक माना है. इस लापरवाही के आरोप में संबंधित स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों को अपने केबिन को सजाने पर रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है. अगर कोई यात्री पूरा केबिन बुक करता है और उसे खुद सजाता है, तो रेलवे का इससे कोई लेना-देना नहीं होता. ये पूरी तरह से यात्रियों का अपना हक है कि वो किस तरह से सफर करना चाहते हैं. ये किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं माना जाता है। 

    अनाधिकृत प्रवेश को माना बड़ी चूक
    लेकिन इस मामले में असल विवाद बाहरी डेकोरेटर के ट्रेन के भीतर आने को लेकर खड़ा हुआ है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि उस निजी डेकोरेटर का ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच के भीतर जाना पूरी तरह से अनाधिकृत था. बिना इजाजत के किसी बाहरी व्यक्ति का वीआईपी कोच में प्रवेश करना सुरक्षा के नियमों के खिलाफ है। 

    रेलवे ने कहा है कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

  • Shopian Encounter: 5 दिन से घिरा लश्कर आतंकी जाकिर गनई मारा गया, पुलिस ने कहा- ‘You can run, but you can’t hide’

    Shopian Encounter: 5 दिन से घिरा लश्कर आतंकी जाकिर गनई मारा गया, पुलिस ने कहा- ‘You can run, but you can’t hide’

    श्रीनगर 

    जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है।

    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सफलता की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।'

    आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों के निगरानी कैमरों ने इस इलाके के एक घने बाग में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल को रिकॉर्ड किया था। इसके तुरंत बाद ये आतंकवादी सुरक्षा बलों के रडार पर आ गए।

    CCTV में कैद हुए थे आतंकी
    सुरक्षाबलों को इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई और उसके सहयोगी लतीफ भट (Latief Bhat) की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। ये दोनों सैदपोरा के छन्नापोरा इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गए थे। आतंकियों की लाइव लोकेशन मिलते ही बिना वक्त गंवाए सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया।

    विक्टर फोर्स के चक्रव्यूह में फंसे आतंकी
    इस ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से किया। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले इसके लिए सेना की विशिष्ट काउंटर इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स (Victor Force) को मैदान में उतारा गया।

    विक्टर फोर्स के जवानों ने भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। ऑपरेशन पांच दिनों तक खिंच गया, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए पूरे इलाके को फ्लड लाइट्स से रोशन किया गया था। हर पल निगरानी की जा रही थी।

    जैसे ही सुरक्षा बल बाग के भीतर आतंकियों के बिल्कुल करीब पहुंचे खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।

  • दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, बंगाल की राजनीति गरमाई! महुआ मोइत्रा की तीखी प्रतिक्रिया

    दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, बंगाल की राजनीति गरमाई! महुआ मोइत्रा की तीखी प्रतिक्रिया

     बारुईपुर 

    पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी।

    बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।'

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है।

    72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं।

    आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग
    पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।'

    शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश
    जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी।

    एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा

     बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है।

    महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।''

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

    पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था।

    शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
    इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।”

    उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।"

    बोरी में मिला था लड़की का शव
    आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

    मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

     

  • प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक और वैश्विक सम्मान, इंडोनेशिया के सर्वोच्च अवॉर्ड के बाद जानें कितने देशों ने किया सम्मानित

    प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक और वैश्विक सम्मान, इंडोनेशिया के सर्वोच्च अवॉर्ड के बाद जानें कितने देशों ने किया सम्मानित

    जाकर्ता 

    पीएम मोदी को एक और देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच सम्मान से नवाजा गया है. इस बाबत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आज यानी मंगलवार को घोषणा की. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया है। 

    यह सम्मान पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दिया गया. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बताया कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करने में दिए गए योगदान के लिए दिया जा रहा है। 

    भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया

    भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी।

    भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।

    इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय 'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। वहीं भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भी मदद करेगा।

    ये समझौते पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुए।

    मंगलवार को पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का दूसरा दिन है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया।

    पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है।

    किसे मिलता है इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान?
    गौरतलब है कि ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर इंडोनेशिया गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया गणराज्य की एकता, निरंतरता और समृद्धि के लिए असाधारण योगदान दिया हो। 

    पीएम मोदी इंडोनेशिया यात्रा पर हैं
    यह सम्मान उन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में एक और नाम है, जो पीएम मोदी को विदेशी सरकारों से मिले हैं. ये पुरस्कार भारत के राजनयिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए दिए गए हैं. पीएम मोदी सोमवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे. इस यात्रा का उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। 

    मोदी बोले- दुनिया में उथल-पुथल, हम शांति के समर्थन में

        दुनिया में मची उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना ​​है कि बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर, हम 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-देश समाधान) और लंबे समय तक शांति का समर्थन करते हैं।

        हमारे दोनों देशों के लिए एक सुनहरा दौर आने वाला है। हमारे इतिहास में एक जैसी संस्कृति, वर्तमान में आपसी भरोसा और भविष्य में साझा समृद्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम मिलकर 'इंडोनेशिया एमास' (स्वर्ण इंडोनेशिया) और एक विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।

        लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत रही है। हम दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच MoU के जरिए अपने लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं।

        वैश्विक मुद्दों पर भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक को लेकर भी हमारे नजरिए में तालमेल है। भारत ने हमेशा आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका को खास अहमियत दी है।

    पीएम मोदी ने कहा– तकनीक के दौर में सप्लाई चेन मजबूत करना बेहद जरूरी है। भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर अहम समझौता किया है।

    साथ ही स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियां नई साझेदारी करेंगी। भारत का UPI जल्द ही इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार करना और यात्रा करना आसान होगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रांबानन मंदिर जाएंगे। एक हजार साल से अधिक पुराना यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

    मोदी बोले- इंडोनेशिया से सम्मान मिला, यहां की सरकार का शुक्रिया
    मोदी ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद कहा, आज सुबह मुझे बहुत प्यार और सम्मान के साथ इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान करोड़ों भारतीयों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और हमारे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे संबंधों को दर्शाता है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया सरकार और यहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं।"

    हाल के साल में, भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और गहराई आई है। 2018 में शुरू हुई हमारी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। हम विकास, सुरक्षा, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।"

     

  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के दफ्तर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, निजी सचिव समेत 3 अधिकारी पद से हटाए गए

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के दफ्तर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, निजी सचिव समेत 3 अधिकारी पद से हटाए गए

     नई दिल्ली

    पर्यावरण मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव अमर सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. साथ ही उनके साथ काम कर रहे दो अन्य अधिकारियों आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी उनकी ड्यूटी से रिलीव कर दिया गया है. इस बारे में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से 3 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। 

    मंत्रालय की तरफ से जारी इस ऑफिस ऑर्डर में बताया गया है कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के 2 जुलाई के आदेश के तहत और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। 
     
    आदेश के मुताबिक अमर सिंह, जो आईआरएस अधिकारी हैं और 2010 बैच के हैं, उन्हें प्रशासनिक आधार पर उनके मूल कैडर यानी राजस्व विभाग में वापस भेज दिया गया है. उन्हें तत्काल प्रभाव से उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें अपने मूल कैडर राजस्व विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। 

    3 जुलाई के आदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
    यह आदेश उप सचिव विभूति पंजियार के हस्ताक्षर से जारी हुआ है. आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित कई अहम दफ्तरों को भी भेजी गई है, जिससे यह साफ है कि यह बदलाव प्रशासनिक स्तर पर काफी अहमियत रखता है। 

    अमर सिंह के साथ ही उनकी टीम के दो और अधिकारी आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है. हालांकि इन दोनों अधिकारियों को लेकर अलग से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि नए निजी सचिव के तौर पर किसे जिम्मेदारी दी जाएगी. मंत्रालय की तरफ से आगे इस बारे में जानकारी दी जा सकती है। 

  • बाबा बर्फानी के दर्शन को जा रहे हैं? शिवलिंग तेजी से पिघला, अब सिर्फ 1 फीट बाकी

    बाबा बर्फानी के दर्शन को जा रहे हैं? शिवलिंग तेजी से पिघला, अब सिर्फ 1 फीट बाकी

    श्रीनगर 

    अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है। तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, इसके बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी है। कहा जा रहा है कि पवित्र शिवलिंग का आकार पिघलकर 1 फीट रह गया है। खास बात है कि जून के अंत में ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई थी। खास बात है कि यह यात्रा 57 दिनों तक चलती है।

    तेजी से पिघल रहे बाबा बर्फानी
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ में शिवलिंग अब पिघलकर करीब 1 फीट बचे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई को ऊंचाई 7 फीट थी, जो 29 जून को 5 फीट पर आ गई थी। अब ताजा तस्वीर में देखा जा रहा है कि शिवलिंग की ऊंचाई घटकर 1 फीट के आसपास रह गई है। खास बात है कि शिवलिंग का निर्माण प्राकृतिक रूप से हर साल होता है, जिसे जियोलॉजी में स्टैलेगमाइट कहा जाता है।

    कैसे होता है शिवलिंग का निर्माण
    दरअसल, गुफा के ऊपर चूना पत्थर और जिप्सम दरारों से बर्फ और ग्लेशियर के पिघलने से पानी बहता है। पानी जैसे ही गुफा की जमीन तक पहुंचता है, तो बेहद कम तापमान में यह जमना शुरू कर देता है। ऊपर की ओर जमने के क्रम के बाद एक शिवलिंग का आकार तैयार हो जाता है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
    अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन रविवार को लगभग 24 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही बीते तीन दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 हजार के आसपास पहुंच गई है। तीन जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।

    जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 1,211 महिलाओं सहित 5,794 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था सोमवार तड़के अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि पांचवें जत्थे में 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं। वे तड़के तीन बजकर 10 मिनट से तीन बजकर 45 मिनट के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग काफिलों में आधार शिविर से रवाना हुए।

    इनमें से 139 वाहनों में सवार 3,490 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम में नुनवान आधार शिविर की ओर जा रहे हैं। जबकि 128 वाहनों में 2,304 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं।

    कठिन यात्रा और हजारों किमी की ऊंचाई
    तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से एक साथ यात्रा कर रहे हैं। यह गुफा मंदिर दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

    यात्रा के लिए वैध परमिट है जरूरी
    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को अमरनाथ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी तय तारीख के लिए वैध पंजीकरण परमिट मिलने के बाद ही यात्रा करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजीकृत यात्रियों को ही तय तारीख पर पवित्र गुफा मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाएगी। यह अपील जम्मू-कश्मीर में बिना सही पंजीकरण के बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की वजह से की गई है।

    कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है यात्रा
    सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा, दोनों रास्तों पर नो-फ्लाई जोन, वॉचटावर, कड़ी निगरानी और तीर्थयात्रियों के काफिले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस ने सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स को क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए हैं, ताकि उनके पहचान पत्रों की तुरंत जांच हो सके और उग्रवादियों को सपोर्ट स्टाफ बनकर घुसने से रोका जा सके।

    इसके अलावा तीर्थयात्रियों, गाड़ियों और सर्विस देने वालों के लिए आरएफआईडी टैग जारी किए गए हैं ताकि उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सके। साथ ही, सीसीटवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क दोनों तीर्थ मार्गों पर आवाजाही पर नजर रख रहा है।

  • मुंबई Rain Alert: मूसलाधार बारिश से मायानगरी बेहाल, घुटनों तक पानी, रेलवे ट्रैक लबालब, स्कूल-कॉलेज बंद

    मुंबई Rain Alert: मूसलाधार बारिश से मायानगरी बेहाल, घुटनों तक पानी, रेलवे ट्रैक लबालब, स्कूल-कॉलेज बंद

    मुंबई 

    मॉनसून की बारिश ने मायानगरी मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से लोगों की जिंदगी ठप हो गई है। 

    वसई-विरार, मालाड, अंधेरी, भांडुप, दादर, माटुंगा और नवी मुंबई जैसे इलाकों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर गाड़ियां पानी में फंस गई हैं. सड़कों पर सिर्फ कारों की छतें नजर आ रही हैं. इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों को बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है। 

    वहीं, भांडुप में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने से तबाही का मंजर सामने आया है. वहीं, मुंबई के उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. दादर, वडाला और घाटकोपर जैसे स्टेशनों पर रेलवे ट्रैक बारिश के पानी से लबालब हैं। 

    मुंबई में बीते 5 दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. पूरा शहर मानों तालाब बन गया है. सड़कों पर पानी जमा है. घरों-दुकानों में पानी भर गया है. गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. कई जगहों पर तो रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गया है. तेज बारिश के बीच भांडुप इलाके में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने से वहां खड़ी एक गाड़ी गड्ढे में समा गई. हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। 

    चाहे अंधेरी हो या नालासोपारा, वसई या विरार. हर तरफ मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा है. लगातार हो रही बारिश ने मुंबई के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है. तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि आखिर मॉनसून की बारिश के बीच मुंबई किस तरह की मुसीबत झेल रही है. गाड़ियां पानी के बीच फंसी हुई हैं. कहीं आना-जाना मुश्किल है. बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सड़कों पर बढ़ता जलस्तर लोगों का संकट बढ़ा रहा है। 

    नालासोपारा का रेलवे ट्रैक बारिश के पानी में डूब गया है. जिसका सीधा असर लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ रहा है. वसई इलाके का हाल तो और भी ज्यादा बुरा है. जहां पानी इतना ज्यादा भर गया है कि मानों पूरा इलाका टापू बन गया है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 30 से 40 सोसाइटियां पानी में घिरी हुई हैं. बारिश थम नहीं रही और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। 

    पूरे पालघर में भारी बारिश से हाल बेहाल है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी है. लोग इसी मॉनसूनी आफत के बीच कहीं आने जाने को मजबूर हैं. मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.उधर, प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी यात्रा करने की सलाह दी है ताकि मौसम की मार किसी की जिंदगी पर संकट ना बने. बता दें कि मुंबई में हर साल की यही कहानी है, बारिश हुई और लोगों की जिंदगी आफत के बीच घिर जाती है। 

    नालासोपारा: स्टेशन परिसर में कमरभर पानी
    लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन परिसर में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर कमर तक पानी जमा होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है.इस बीच, इलाके में एक विशाल होर्डिंग गिरने की घटना भी सामने आई है. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

    मुंबई के मानखुर्द में भारी बारिश के बीच चार मंजिला चॉल ढही, हादसे में 6 लोगों की मौत
    मुंबई के मनखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच रविवार रात एक तीन मंजिला चॉल (झोपड़पट्टी जैसी इमारत) ढह गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है.बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, इस हादसे में चार महिलाओं और 2 पुरुषों की मौत हुई है. वहीं, एक घायल व्यक्ति का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। 

    स्कूल-कॉलेज बंद, बारिश के कारण परीक्षाएं टलीं
    भारी बारिश को देखते हुए सोमवार को मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में सभी सरकारी, निजी और BMC चलित स्कूलों-कॉलेजों को छुट्टी घोषित कर दी गई है. मुंबई में IMD ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है तो वहीं पुणे में 'रेड अलर्ट' है. मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल जरूरी काम ने पर ही घर से बाहर निकलें। 

  • शोपियां में आतंकियों पर कसा शिकंजा, सेना-पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन जारी, चार गांव खाली कराए गए

    शोपियां में आतंकियों पर कसा शिकंजा, सेना-पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन जारी, चार गांव खाली कराए गए

    नई दिल्ली
    जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को भी एनकाउंटर जारी है। सुरक्षा बलों ने शनिवार से ही लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकवादियों को घेर रखा है। ये दोनों आतंकी स्थानीय हैं। अभी भी मीमंदर इलाके के एक घने बाग के भीतर घिरे हुए हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है ताकि वे भाग न सकें। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को कुछ अपुष्ट खबरों में दावा किया गया था कि दोनों आतंकी मारे गए हैं, लेकिन रविवार को अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आतंकियों को पकड़ने या उन्हें मार गिराने के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है।

    सुरक्षा बलों की तकनीकी निगरानी के दौरान शुक्रवार को इन दोनों आतंकियों की गतिविधि मीमंदर इलाके में देखी गई थी। शनिवार को जब सेना की एक टीम तलाशी लेते हुए आगे बढ़ी, तो आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मुठभेड़ में बदल गई।

    एक A++ श्रेणी का कमांडर
    खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार फंसे दोनों आतंकियों की पहचान दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासियों के रूप में हुई है।

    जाकिर गनी: यह लश्कर-ए-तैयबा का एक खूंखार ऑपरेटिव है, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने A++ श्रेणी के आतंकवादियों की सूची में रखा है। जाकिर साल 2024 से घाटी में सक्रिय है और कई आतंकी मामलों में वॉन्टेड है। अक्टूबर 2025 में कुलगाम की एक एनआईए (NIA) अदालत ने उसके खिलाफ उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया था।

    लतीफ भट: लतीफ पिछले साल ही इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था और जाकिर के साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा था।

    विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा
    गर्मियों के इस मौसम में बागों के घने पत्तों और पेड़ों के कारण सुरक्षा बलों को ब्लाइंड स्पॉट्स का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई विक्टर फोर्स ने मोर्चा संभाला है। इलाके में रोशनी की व्यवस्था की गई है। रात के समय आतंकियों के भागने की कोशिशों को रोकने के लिए पूरे बाग को हाई-बीम लाइटों से रोशन किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार शाम तक सेना ने आस-पास के चार गांवों को पूरी तरह खाली करा लिया है, जबकि मुख्य घेराबंदी को और मजबूत कर दिया गया है।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑपरेशन?
    शोपियां जिला ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल श्रृंखला से जोड़ने वाला एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर रहा है। ऐसे में जाकिर गनी और लतीफ भट जैसे स्थानीय कमांडरों को बेअसर करना लश्कर के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं की नई भर्ती को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल, अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और सुरक्षा बल बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

  • मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव जल्द? दिग्गज नेताओं पर टिकी नजरें, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम भी तैयार

    मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव जल्द? दिग्गज नेताओं पर टिकी नजरें, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम भी तैयार

    नई दिल्ली
     मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी नई टीम का खाका तैयार कर चुके हैं. दो जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस सीक्रेट मीटिंग में सरकार और संगठन के नए चेहरों पर मुहर लगी है. यह रिशफल सिर्फ एक सामान्य बदलाव भर नहीं है. इसके पीछे बहुत बड़ी इलेक्शन रणनीति काम कर रही है. कई दिग्गज मंत्रियों की कुर्सी बदल सकती है. संगठन के कई पुराने नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है. यह सारी कवायद आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर हो रही है. खासकर उन राज्यों पर फोकस है जहां पार्टी को अपना दम दिखाना है. एनडीए के सहयोगियों को भी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है. आइए जानते हैं कि इस बड़े बदलाव में किन नेताओं के आएंगे ‘बहुत अच्छे दिन। 

    क्या होगा नितिन नवीन की नई टीम का स्ट्रक्चर और रणनीति?
    नितिन नवीन महज 45 साल की उम्र में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं. उनकी नई टीम में कई युवा और फ्रेश चेहरे शामिल होने जा रहे हैं. संगठन के इस नए स्ट्रक्चर में अनुभव और नई पीढ़ी का एक शानदार बैलेंस देखने को मिलेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और केंद्रीय मीडिया टीम में नियुक्तियों पर अंतिम चर्चा हो रही है. इस नई टीम को क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है. उन राज्यों को सबसे ज्यादा तरजीह मिल रही है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पार्टी का पूरा फोकस जमीनी स्तर पर मजबूती लाने पर है। 

    कैबिनेट फेरबदल में किन दिग्गज मंत्रियों का बदल सकता है विभाग?

    •     कैबिनेट रिशफल को लेकर सत्ता के गलियारों में हलचल बहुत तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई केंद्रीय मंत्रियों को अब संगठन में भेजा जा सकता है. वहीं संगठन के कई दिग्गज नेताओं को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। 
    •     मौजूदा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल का नाम फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर सबसे आगे चल रहा है. गोयल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका बैकग्राउंड देश की इकॉनमी को बहुत अच्छे से समझता है। 
    •     वहीं मौजूदा फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को एजुकेशन मिनिस्ट्री की कमान मिल सकती है. यह एजुकेशन सेक्टर भी सरकार के लिए बहुत अहम है और यहां बड़े रिफॉर्म्स की जरूरत है। 

    क्या अनुराग ठाकुर की कैबिनेट में होगी एक शानदार वापसी?
    अनुराग सिंह ठाकुर के नाम पर भी दिल्ली में बहुत चर्चा हो रही है. उन्हें फिर से कैबिनेट रैंक के साथ एक बड़ा पोर्टफोलियो दिया जा सकता है. अनुराग का यूथ कनेक्शन उनके फेवर में काम कर रहा है. इसके अलावा पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी रेस में है. सरकार इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए बड़े टेक्नोक्रेट्स पर पूरा भरोसा जता सकती है। 

    पंजाब से तरुण चुघ को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्हें कैबिनेट में बड़ी जगह मिल सकती है जिससे पंजाब में पार्टी मजबूत हो. जिन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनकी जगह भी नए चेहरों को मौका मिलेगा. इसमें हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. कुछ पुराने मंत्रियों को गवर्नर बनाकर अलग राज्यों में भेजा जा सकता है। 

    एनडीए सहयोगियों और नए चेहरों को मिलेगा कैबिनेट में बड़ा इनाम!

    • मोदी कैबिनेट में एनडीए सहयोगियों को खुश रखने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा का नाम भी चर्चा में है. उन्हें पंजाब के कोटे से कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. इससे पंजाब में बीजेपी का ग्राफ ऊपर जाएगा। 
    • शिवसेना गुट की ताकत भी लगातार बढ़ रही है. इसके चलते श्रीकांत शिंदे या एकनाथ शिंदे के किसी करीबी नेता को मंत्री पद मिलना लगभग तय है। 
    • जेडीयू चीफ नीतीश कुमार भी केंद्र में अपनी पार्टी के लिए बड़ा रोल चाहते हैं. उनकी डिमांड को देखते हुए जेडीयू का वजन कैबिनेट में बढ़ सकता है। 
    • इसके साथ ही संजय दीना पाटिल को हेल्थ सेक्टर में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. पाटिल को मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हेल्थ बनाया जा सकता है.

    बीजेपी संसदीय बोर्ड में होने जा रहा है अहम बदलाव

        बीजेपी का संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे बड़ी डिसीजन मेकिंग बॉडी है. इसमें 11 सदस्य होते हैं और अब इसका भी पूरा पुनर्गठन हो रहा है. कई बड़े नेताओं को इस कोर बोर्ड में एंट्री मिल सकती है. राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का नाम इसमें सबसे आगे है. उनका ऑर्गेनाइजेशनल स्किल बहुत शानदार है और वे महाराष्ट्र के अहम नेता हैं। 

        पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत के रणनीतिकार सुनील बंसल को भी प्रमोट किया जा सकता है. उन्हें नेशनल इलेक्शन प्लानिंग की कमान मिल सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम भी इस लिस्ट में है. उन्हें पश्चिमी भारत के प्रतिनिधित्व के लिए बोर्ड में लाया जा सकता है। 

    शिवराज सिंह चौहान बनेंगे हिंदी हार्टलैंड के सबसे बड़े डिसीजन मेकर!

        संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भी मुहर लग सकती है. आरएसएस के साथ चर्चा के बाद उनकी दावेदारी बहुत मजबूत हुई है. उन्हें हिंदी पट्टी के राज्यों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। 

        जेपी संगठन में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक सिस्टम की तर्ज पर बदलाव होने जा रहा है. टॉप नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रभारी बनाया जा सकता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह नया बदलाव पूरी तरह से मिशन 2029 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है’ .
        राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को उत्तर और पश्चिम भारत की कमान मिल सकती है. सर्बानंद सोनोवाल को नॉर्थईस्ट और के लक्ष्मण को दक्षिण भारत की जिम्मेदारी दी जा सकती है। 

    नेता का नाम संभावित जिम्मेदारी मुख्य कारण
    नितिन नबीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा और फ्रेश चेहरों के साथ संगठन का नया स्ट्रक्चर बनाना.
    पीयूष गोयल फाइनेंस मिनिस्टर (संभावित) चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते इकॉनमी की गहरी समझ.
    निर्मला सीतारमण एजुकेशन मिनिस्टर (संभावित) एजुकेशन सेक्टर में बड़े बदलाव और रिफॉर्म्स लागू करना.
    अनुराग ठाकुर कैबिनेट में शानदार वापसी यूथ कनेक्शन और बड़े पोर्टफोलियो के साथ मजबूत दावेदारी.
    शक्तिकांत दास कैबिनेट में नई एंट्री इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए टेक्नोक्रेट चेहरे पर दांव.
    राघव चड्ढा कैबिनेट मंत्री (पंजाब कोटा) पंजाब में बीजेपी का ग्राफ बढ़ाना और पार्टी को मजबूती देना.
    विनोद तावड़े संसदीय बोर्ड में शामिल होने की अटकलें ऑर्गेनाइजेशनल स्किल और महाराष्ट्र-केंद्र के बीच ब्रिज.
    सुनील बंसल संसदीय बोर्ड में प्रमोशन की चर्चा नेशनल इलेक्शन प्लानिंग का जिम्मा और नई रणनीति बनाना.
    शिवराज सिंह चौहान संसदीय बोर्ड में संभावित एंट्री हिंदी पट्टी के राज्यों में फैसले लेने की बड़ी कमान.
    राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी उत्तर-पश्चिम भारत के रीजनल इंचार्ज आरएसएस की तर्ज पर बड़े क्षेत्रों की सीधी निगरानी.
    सर्बानंद सोनोवाल नॉर्थईस्ट के रीजनल इंचार्ज पूर्वोत्तर और आदिवासी बेल्ट में पार्टी को संस्थागत मजबूती देना.
    के लक्ष्मण दक्षिण भारत के रीजनल इंचार्ज आगामी चुनावों से पहले दक्षिण के जातीय समीकरण साधना.
    नीरज सिंह और पूजा पाल यूपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष यूपी चुनाव 2027 के लिए जमीनी स्तर पर सोशल आउटरीच बढ़ाना.

    यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी ने तैयार किया है कौन सा नया मास्टरप्लान?

    कैबिनेट रिशफल और संगठन में बदलाव का सीधा असर विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी ने अपने छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है. 64 सदस्यों की एक नई एग्जीक्यूटिव बॉडी भी बनाई गई है. कोर वोट बैंक को मजबूत करने के लिए गैर-यादव ओबीसी समाज के 25 नेताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। 

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और पूजा पाल को भी बड़ा पद मिला है। 

    बीजेपी का पूरा फोकस अब सोशल और रीजनल इंजीनियरिंग पर है. 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी राज्य चुनावों के लिए इसे एक कोर वॉर रूम की तरह तैयार किया जा रहा है. संसदीय बोर्ड में ओबीसी और महिला चेहरे के तौर पर सुधा यादव अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं. अल्पसंख्यक कोटे से इकबाल सिंह लालपुरा और अनुसूचित जाति कोटे से सत्यनारायण जटिया भी अपनी सीट बचा सकते हैं. मोदी सरकार का नया मंत्रिमंडल एक मजबूत इलेक्शन मशीनरी की तरह काम करेगा. पार्टी उन राज्यों पर ज्यादा ताकत लगा रही है जहां उसे अपना पुराना रुतबा वापस पाना है।