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  • कोटा के छात्रों का कमाल, इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भारत को दिलाए 5 गोल्ड, बना विश्व नंबर-1

    कोटा के छात्रों का कमाल, इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भारत को दिलाए 5 गोल्ड, बना विश्व नंबर-1

    नई दिल्ली
    कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड-2026 में भारत ने इतिहास रच दिया है. 87 देशों के बीच भारतीय टीम ने पहला स्थान हासिल किया. सबसे खास बात यह रही कि भारतीय टीम के सभी पांचों छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते और इनमें से चार छात्र कोटा कोचिंग से जुड़े रहे. भारतीय टीम में शामिल कनिष्क जैन, रिद्धेश बेंडाले, ऋषित गर्ग, स्वरित जोशी और एक अन्य छात्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पांचों गोल्ड मेडल दिलाए. इस उपलब्धि के दम पर भारत ने दुनिया के 87 देशों को पीछे छोड़ते हुए रैंक-1 हासिल की। 

    छात्रों का बढ़ाया हौसला 
    कोटा एलन कोचिंग संस्थान के सीईओ नितिन कुकरेजा ने इसे भारतीय शिक्षा और वैज्ञानिक प्रतिभा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उनका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में उनके छात्रों का लगातार बेहतर प्रदर्शन देश की बढ़ती शैक्षणिक क्षमता को दर्शाता है. अब तक विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में कोटा एलन कोचिंग के छात्र 188 मेडल जीत चुके हैं, जिनमें 90 गोल्ड, 75 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल हैं। 

    चार चरणों में हुआ था छात्रों का चयन 
    इस प्रतियोगिता के लिए छात्रों का चयन चार चरणों में हुआ. पहले राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा, फिर इंडियन नेशनल फिजिक्स ओलंपियाड, उसके बाद ओरिएंटेशन-कम-सेलेक्शन कैंप और अंत में भारत की पांच सदस्यीय टीम का चयन किया गया. अंतिम मुकाबले में 87 देशों के 381 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 

    गोल्ड मेडल विजेता कनिष्क जैन ने कहा कि कोटा में मिली शैक्षणिक तैयारी और मार्गदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेहद काम आया. वहीं, रिद्धेश बेंडाले और ऋषित गर्ग ने भी इस सफलता का श्रेय अपनी तैयारी और देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर को दिया. कक्षा 11 के छात्र स्वरित जोशी ने कहा कि सही समय पर शुरू की गई तैयारी बड़े मंच पर सफलता दिलाती है। 

    भारत का विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन 
    भारत के छात्रों ने 56वें अंतर्राष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर देश का नाम रोशन किया. होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) के अनुसार, भारतीय छात्रों ने सैद्धांतिक परीक्षा में लगभग पूरे अंक हासिल किए, जबकि व्यावहारिक परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा. बता दें कि यह प्रतियोगिता में भारत की 27वीं भागीदारी थी. अब तक भारतीय प्रतिभागियों में से लगभग 44% ने गोल्ड मेडल 41% ने रजत पदक और 10% ने कांस्य पदक जीते हैं। 

    पिछले 10 साालों की बात करें, तो ओलंपियाड में शामिल होने वाला हर भारतीय छात्र पदक जीतकर लौटा है. इस दौरान 62% छात्रों ने गोल्ड और 38% ने रजत पदक हासिल किए. खास बात यह है कि भारत ने अब तक केवल दो बार एक ही संस्करण में सभी पांच स्वर्ण पदक जीते हैं, पहली बार 2018 में और दूसरी बार इस साल ही। 

    भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम का संचालन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के अंतर्गत आने वाले होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) द्वारा किया जाता है. यही संस्थान राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, प्रशिक्षण शिविरों और अंतिम पांच सदस्यीय टीम के चयन की पूरी प्रक्रिया संभालता है।  

    इस साल भारतीय टीम का नेतृत्व HBCSE-TIFR के प्रोफेसर अन्वेष मजूमदार और सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई की डॉ. लीना जोशी ने किया. वहीं, वैज्ञानिक पर्यवेक्षक के रूप में IISER कोलकाता के प्रोफेसर आनंद दासगुप्ता और गोगटे-जोगलेकर कॉलेज, रत्नागिरी की निशा केलकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

  • पुरी रथ यात्रा में आज बड़ा आयोजन, श्रीमंदिर के सामने सजेंगे तीनों रथ; कल मौसीबाड़ी जाएंगे महाप्रभु जगन्नाथ

    पुरी रथ यात्रा में आज बड़ा आयोजन, श्रीमंदिर के सामने सजेंगे तीनों रथ; कल मौसीबाड़ी जाएंगे महाप्रभु जगन्नाथ

    भुवनेश्वर
     विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर पुरी धाम पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया है। गुरुवार को भगवान श्रीजगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर श्रीगुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) के लिए प्रस्थान करेंगे। 

    इससे पहले बुधवार को परंपरागत ‘दक्षिण मोड़’ नीति के तहत तीनों रथों को रथखला से खींचकर श्रीमंदिर के सिंहद्वार के समक्ष लाया जाएगा।

    रथ यात्रा के लिए तैयार किए गए तीनों भव्य रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। भगवान बलभद्र के तालध्वज, देवी सुभद्रा के दर्पदलन तथा भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को अंतिम रूप दे दिया गया है। रथों पर सजावट, ध्वज, पताका और पारंपरिक अलंकरण का कार्य पूरा हो चुका है।

    चतुर्धा विग्रह होंगे रथों पर विराजमान
    गुरुवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक नीतियों के बाद चतुर्धा विग्रहों को पहंडी विजय के माध्यम से श्रीमंदिर से बाहर लाकर रथों पर विराजमान कराया जाएगा। गजपति महाराज द्वारा छेरा पहरा नीति संपन्न किए जाने के बाद रथ खींचने की प्रक्रिया आरंभ होगी।

    परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को भक्त खींचेंगे। इसके बाद देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ और अंत में भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को श्रद्धालु खींचकर गुंडिचा मंदिर की ओर ले जाएंगे। लाखों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए पुरी पहुंच रहे हैं।

    रिमझिम बारिश के बीच उमड़ रही श्रद्धा
    रथ यात्रा को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का पुरी पहुंचना लगातार जारी है। रिमझिम बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। होटल, धर्मशाला और मठों में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है।

    सेवा कार्य में जुटे सामाजिक संगठन
    रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठन सेवा कार्य में जुट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, प्राथमिक उपचार, खोया-पाया केंद्र तथा निशुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन में भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।

    सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
    रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। जगन्नाथ धाम को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, तटरक्षक बल और विशेष सुरक्षा इकाइयों की तैनाती की गई है।

    सुरक्षा एजेंसियां जल, थल और नभ तीनों माध्यमों से निगरानी कर रही हैं। समुद्री तट पर कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस सक्रिय हैं, जबकि ड्रोन रोधी प्रणाली और हवाई निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों और बड़दांड पर हजारों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

    भक्तों के स्वागत को तैयार पुरी
    रथ यात्रा के पावन अवसर पर पूरा पुरी शहर आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर है। बड़दांड पर भक्तों की भीड़, जय जगन्नाथ के उद्घोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण के बीच गुरुवार को भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच निकलेंगे। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह महापर्व एक बार फिर विश्व को सनातन संस्कृति और ओडिशा की गौरवशाली परंपरा का संदेश देगा।

     

  • देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार, इस शहर से शुरू होंगी 3 हाई-स्पीड ट्रेनें

    देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार, इस शहर से शुरू होंगी 3 हाई-स्पीड ट्रेनें

    नई दिल्‍ली
     देश के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नेटवर्क में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इस बदलाव का केंद्र बनेगा हैदराबाद. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी है. उन्‍होंने बताया कि हैदराबाद को तीन हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मिलेंगे. ये मेगा प्रोजेक्ट न केवल हैदराबाद की पूरी तस्वीर बदल देंगे, बल्कि पूरे दक्षिण भारत की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होंगे। 

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को तीन हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिए हैं, जो शहर की तस्वीर बदल देंगे. पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से चेन्नई और हैदराबाद से बेंगलुरु तक के ये कॉरिडोर पूरे इलाके के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे और हैदराबाद हाई-स्पीड का हब बन जाएगा… इससे बहुत ज़्यादा विकास होगा. इस पूरे इलाके की अर्थव्यवस्थाएं आपस में पूरी तरह जुड़ जाएंगी। 

    3 बड़े केंद्रों से जुड़ेगा हैदराबाद
    पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से चेन्नई और हैदराबाद से बेंगलुरु बुलेट ट्रेन कॉरिडारे से हैदराबाद सीधे तौर पर देश के तीन बड़े औद्योगिक, आईटी और व्यापारिक केंद्रों से जुड़ जाएगा. तेज कनेक्टिविटी पूरे रीजन को फायदा पहुंचाएगी। 

    तेलंगाना रेलवे को मिला ₹5,400 करोड़ का बंपर बजट
    रेल मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार रेलवे विकास के लिए तेलंगाना को ₹5,400 करोड़ का भारी-भरकम बजट दे रही है. वैष्‍णव ने कहा, “रेलवे के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना को 5,400 करोड़ रुपये का बजट दे रहे हैं. इसकी वजह से बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। 

    तेलंगाना में मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा
    अश्विनी वैष्‍णव ने कहा, “भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम के तहत 100 से ज़्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बढ़ावा दिया गया है जिसमें तेलंगाना को बहुत फ़ायदा हुआ है.” केंद्र की इस पहल से तेलंगाना में बड़े पैमाने पर निवेश आया है। 

    3 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से क्‍या-क्‍या फायदे होंगे
        ट्रैवल टाइम घटेगा: पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों की दूरी तय करने में कम समय लगेगा. टाइम की यह बचत बिजनेसमैन और आम आदमी, देानों के लिए ही बहुत फायदेमंद होगी। 
        आपस में जुड़ेंगी अर्थव्यवस्थाएं: इन तीन कॉरिडोर के बनने से पुणे की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, बेंगलुरु का आईटी हब, चेन्नई का ऑटो व पोर्ट हब और हैदराबाद का टेक-फार्मा सेक्टर आपस में पूरी तरह कनेक्ट हो जाएंगे। 

     

  • होर्मुज हमले पर भारत सख्त, भारतीय नागरिक की मौत के बाद ईरान से मांगा जवाब

    होर्मुज हमले पर भारत सख्त, भारतीय नागरिक की मौत के बाद ईरान से मांगा जवाब

    नई दिल्ली

    ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए घातक मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब कर अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। 

    दरअसल, सोमवार को होर्मुज में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे यूएई के झंडे वाले दो तेल टैंकरों पर IRGC ने घातक मिसाइल से हमला किया था. इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई और भारतीय नागरिकों समेत 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. भारत सरकार ने इस घातक हमले पर ईरान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। 

    इस गंभीर कूटनीतिक घटनाक्रम के तहत विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरानी राजनयिकों को तलब किया. बैठक के दौरान भारत ने ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हालिया हमले को लेकर ईरानी मिशन से जवाब मांगा। 

    विदेश मंत्रालय में हुई इस अहम बैठक के बाद उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य ईरानी राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए. इस मुलाकात को लेकर ईरानी दूतावास की तरफ से भी अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत सरकार ने ये कूटनीतिक कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर मंडराते खतरों के बीच उठाया गया है. होर्मुज  को वैश्विक एनर्जी पारगमन के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील जलमार्ग माना जाता है. इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर लगातार बढ़ते हमलों ने भारत समेत कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो गया है। 

    UAE ने क्या बताया?
    UAE के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसके राष्ट्रीय टैंकर ‘मोम्बासा' और ‘अल बहियाह' ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजर रहे थे, तभी उन पर ईरान की ओर से दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं. मंत्रालय ने बताया कि ‘मोम्बासा' टैंकर पर सवार चालक दल के एक भारतीय सदस्य की हमले में मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं. उसने बताया कि घायलों में छह भारतीय और यूक्रेन के दो नागरिक शामिल हैं. बयान के अनुसार, हमले के कारण दोनों टैंकरों में आग लग गई, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा. हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया। 

    अमेरिका ने भी लगातार तीसरे दिन किया हमला
    इस बीच, अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर हमले किए. यह ईरान पर अमेरिका का लगातार तीसरे दिन का हमला था. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका होर्मुज में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी ‘‘फिर से लागू'' कर रहा है. उन्होंने होर्मुज से सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के बदले अन्य जहाजों से 20 प्रतिशत का टैक्स लेने का भी ऐलान किया. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और यूएई से जुड़े इन दोनों टैंकरों को निशाना बनाकर हमले किए। 

    बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अब तक 11 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है. इस संघर्ष के दौरान जहाजों और टैंकरों पर हुए हमलों के बीच कई नाविकों को भी बचाया गया है. पिछले महीने पलाऊ के ध्वज वाले टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो' पर अमेरिका के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। 

    एक भारतीय क्रू मेंबर की हुई मौत
    ईरान ने UAE के मोम्बासा टैंकर पर अटैक किया था, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग घायल हो गए. इनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी शामिल हैं. घायलों में से चार की हालत गंभीर है. ईरान के हमले के बाद दोनों टैंकर्स में आग लग गई थी, जिन पर बाद में काबू पा लिया गया था। 

    ईरान के हमलों पर भड़का UAE
    यूएई ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है. साथ ही इस तरह के हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है. UAE ने कहा, 'हमारे पास इस तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाई का जवाब देने का पूरा अधिकार है। 

    यह घटना ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट एक संवेदनशील केंद्र बना हुआ है. बता दें कि होर्मुज वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 5वां हिस्सा तेल एक्सपोर्ट होता है। 

    UAE के किन टैंकर्स पर हुआ हमला?
    ओमान की समुद्री सीमा में हुए ईरान के इस हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव को और भी बढ़ा दिया है. इसके बाद होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के नेविगेशन पर और खतरा बढ़ गया है. UAE के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के बाद बयान जारी कर बताया कि जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे तेल टैंकर 'मोम्बासा' और LNG कैरियर 'अल बहिया' थे. UAE ने कहा कि दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजरते समय दोनों जहाजों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। 

  • तमिलनाडु गौहत्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, राज्य सरकार की मांग को मिली राहत, HC का आदेश बदला

    तमिलनाडु गौहत्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, राज्य सरकार की मांग को मिली राहत, HC का आदेश बदला

    चेन्नई/ नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बकरीद या किसी दूसरे दिन तमिलनाडु राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े के वध पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली तमिलनाडु राज्य की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया। साथ ही अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें राज्य में गायों और बछड़ों के वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
    बेंच ने टिप्पणी की कि हाई कोर्ट के आदेश, जिसमें राज्यभर में प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी, उसके आखिरी पैराग्राफ में शुरुआती आधार में "सुधार" की जरूरत है। बेंच ने टिप्पणी की कि वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंहवी राज्य की ओर से पेश हुए।

    राज्य सरकार ने क्या तर्क दिया?
    राज्य ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 के उलट है, जो सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की उन गायों के वध की अनुमति देता है, जो काम करने और प्रजनन के लिए अनुपयुक्त हैं। इस कानून के अलावा, दूसरे लागू कानून जैसे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960, पशु क्रूरता निवारण (वधगृह) नियम, 2001, तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय अधिनियम, 1998 और तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय नियम, 2023 उन शर्तों को रेगुलेट करते हैं जिनके तहत पशुओं का वध किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाते हैं। राज्य के अनुसार, पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश देकर, हाई कोर्ट ने वैधानिक कानून के स्थान पर न्यायिक विधान लागू कर दिया है।

    गाय-बछड़े को काटने की मिल गई इजाजत

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 13 जुलाई 2026 को तमिलनाडु में बकरीद समेत किसी भी दिन राज्यभर में गाय और बछड़ों को काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी. शीर्ष अदालत ने माना कि हाईकोर्ट के आदेश के अंतिम हिस्से में संशोधन की जरूरत है और तमिलनाडु सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर नोटिस जारी कर दिया. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह अंतरिम आदेश दिया है. तमिलनाडु सरकार की ओर से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा. सरकार ने दलील दी कि हाईकोर्ट का आदेश राज्य में लागू तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 के प्रावधानों के विपरीत है. इस कानून के तहत 10 वर्ष से अधिक उम्र तथा काम और प्रजनन (बच्‍चे पैदा करने की क्षमता) के लिए उपयोगी नहीं रह गईं गायों को काटने की अनुमति दी गई है. हालांकि, सक्षम अधिकारी से इसकी अनुमति लेनी होगी। 

    तमिलनाडु सरकार की दलील
    राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पशु वध (Animal Slaughter) से संबंधित अन्य कानून (जैसे प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960, स्लॉटर हाउस नियम, 2001, तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज एक्ट, 1998 और तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज रूल्स, 2023) पशुओं को काटने की प्रक्रिया और शर्तों को नियंत्रित करते हैं. तमिलनाडु सरकार ने दलील दी कि लेकिन इनमें कहीं भी पूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान नहीं है. सरकार का कहना था कि हाईकोर्ट ने ऐसा आदेश देकर न्यायिक आदेश के माध्यम से कानून बनाने का प्रयास किया, जो वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। 

    मद्रास हाईकोर्ट का वो आदेश
    मद्रास हाईकोर्ट ने 27 मई 2026 को (बकरीद से ठीक पहले) को गाय और बछड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगा दिया था. जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया था. यह याचिका हिंदू मक्कल काची के महासचिव के. सूर्य प्रशांत ने दायर की थी. याचिका में केवल यह मांग की गई थी कि बकरीद के दौरान वध केवल अधिकृत और निर्धारित स्थानों पर ही हो, लेकिन हाईकोर्ट ने इससे आगे बढ़ते हुए राज्यव्यापी प्रतिबंध लागू कर दिया. तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि हाईकोर्ट ने उस राहत से कहीं अधिक व्यापक आदेश पारित किया, जिसकी याचिका में मांग ही नहीं की गई थी. सरकार का यह भी कहना है कि जब कानून अधिकृत बूचड़खानों में कुछ श्रेणी की गायों के वध की अनुमति देता है, तब अदालत का पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश वैधानिक व्यवस्था से टकराता है और इसे बरकरार नहीं रखा जा सकता। 

    क्या था हाई कोर्ट का वो फैसला?
    हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण की बेंच ने बकरीद की पूर्व संध्या पर 27 मई को हिंदू मक्कल कच्ची के महासचिव के. सूर्य प्रशांत की तरफ से दायर जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया। भले ही याचिकाकर्ता की मांग ये थी कि वध या बलि केवल तय जगहों पर ही हो, लेकिन हाई कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी कर किसी भी दिन कहीं भी गायों और बछड़ों की बलि पर प्रतिबंध लगा दिया।

    आदेश पारित करते समय, हाई कोर्ट ने एक सरकारी आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि दूध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गायों की हत्या पर रोक जरूरी है। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन पुराने आदेशों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गायों की हत्या अनिवार्य प्रथा नहीं है।

    हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए, राज्य ने तर्क दिया कि जब कानून कुछ विशेष जगहों पर गायों की एक विशेष श्रेणी की हत्या की अनुमति देता है, तो वैधानिक प्रावधान के उलट न्यायिक निर्देश मान्य नहीं हो सकता।राज्य का तर्क है कि कार्यकारी निर्देश तमिलनाडु में पशु वध को नियंत्रित करने वाले वैधानिक अधिनियमों को रद्द या निरस्त नहीं कर सकता।

  • अस्त्र-2 से प्रलय तक, भारत खोलेगा निजी कंपनियों के लिए रास्ते

    अस्त्र-2 से प्रलय तक, भारत खोलेगा निजी कंपनियों के लिए रास्ते

    नई दिल्ली
    भारत अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही निजी भारतीय कंपनियों को मिसाइलों के निर्माण और विकास में भागीदारी की परमिशन दे सकती है। अब तक यह क्षेत्र मुख्य रूप से सरकारी रक्षा संस्थानों तक सीमित था।

    सरकार द्वारा यह फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी मिसाइलों की ताकत पूरी दुनिया ने देखी। साथ ही भारत में विकसित मिसाइलों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर इंडोनेशिया ने DRDO द्वारा विकसित अस्त्र मिसाइल में रुचि दिखाई है।

    अस्त्र मार्क-2 के निर्माण के लिए आएगा प्रस्ताव
    रक्षा मंत्रालय जल्द ही अस्त्र मार्क-2 बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल के निर्माण के लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित कर सकता है। इस प्रक्रिया में देश की कई बड़ी निजी कंपनियों के भाग लेने की संभावना है।

    अस्त्र मार्क-2 मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। इसकी मारक क्षमता लगभग 180 से 200 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह मिसाइल भारतीय वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों, जैसे तेजस मार्क-1ए, मिग-29, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल मरीन में उपयोग में लाए जाने की योजना है।

    बढ़ती मांग के चलते लिया गया फैसला
    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों और मित्र देशों से मिसाइलों की मांग तेजी से बढ़ रही है। मौजूदा उत्पादन क्षमता इस बढ़ती आवश्यकता को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र की भागीदारी से उत्पादन में तेजी लाने और निर्यात क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रलय मिसाइल भी निजी क्षेत्र के लिए खुल सकती है
    अस्त्र के बाद सरकार प्रलय सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल के विकास और निर्माण में भी निजी कंपनियों की भागीदारी पर विचार कर रही है। प्रलय मिसाइल की मारक क्षमता करीब 500 किलोमीटर है और यह ध्वनि की गति से कई गुना अधिक रफ्तार से लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम मानी जाती है। यह भारत की उभरती रॉकेट और मिसाइल क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा फोकस
    हाल के सैन्य अभियानों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बाद भारत ने लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों को और मजबूत करने पर जोर बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य देश की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की मिसाइल क्षमताओं को तेजी से सशक्त बनाना है।

  • भारत-न्यूजीलैंड समझौते से खुलेंगे नए अवसर, निवेश, UPI और टैक्स-फ्री ट्रेड समेत 10 बड़े फैसले

    भारत-न्यूजीलैंड समझौते से खुलेंगे नए अवसर, निवेश, UPI और टैक्स-फ्री ट्रेड समेत 10 बड़े फैसले

     नई दिल्‍ली

    भारत के पीएम नरेंद्र मोदी न्‍यूजीलैंड दौरे पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच 10 खास समझौते और 18 बड़े फैसले हुए हैं. भारत और न्‍यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच कारोबार को 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये करने का टारगेट रखा है. भारत न्‍यूजीलैंड को केमिकल्‍स, प्रोसेसिंग फूड, एग्री प्रोडक्‍ट्स और अन्‍य चीजों की सप्‍लाई करेगा. वहीं न्‍यूजीलैंड से किवी, अन्‍य फल और क्रिटिकल्‍स मिनिरल्‍स समेत कई चीजें सस्‍ती कीमतों पर भारत आएंगी। 

    पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक में डील साइन की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि रिकॉर्ड 9 महीने में दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया गया है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मतलब है कि भारत से न्‍यूजीलैंड जाने वाली ज्‍यादातर चीजों पर शून्‍य टैक्‍स लगेगा. वहीं न्‍यूजीलैंड से आने वाली वस्‍तुओं पर भी कम या शून्‍य टैक्‍स लगाया जाएगा। 

    इस डील के तहत न्‍यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत 1.72 लाख करोड़ (20 अरब डॉलर) निवेश करेगा. यह एक बड़ा निवेश है, जिससे भारत के विकसित होने में मदद मिलेगा.  आइए 10 पॉइंट में समझतें हैं भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच खास डील… 

    10 पॉइंट में समझें भारत-न्‍यूजीलैंड समझौता

    •     2030 तक सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. दोनों देश मिलकर व्‍यापार, डिफेंस, एजुकेशन, एग्रीकल्‍चर, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चर और टुरिज्‍म पर फोकस करेंगे और व्‍यापार को 35,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाएंगे। 
    •     डिफेंस और समुद्री मार्ग में दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे. संयुक्‍त अभ्‍यास और आपदा में राहत सहयोग करेंगे. इससे समुद्री निगरानी मजबूत होगी. नौसैनिक चार्ट और डेटा भी शेयर किया जाएगा। 
    •     दोनों देश की सेनाएं जरूरत पड़ने पर एक दूसरे को लॉजिस्टिक सुविधा भी देंगी. इससे रक्षा सहयोग बढ़ेगा।
    •     आतंकवाद के खिलाफ संयुक्‍त कार्य समूह बनाया जाएगा, ताकि आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा शुरू किया जा सके. खुफिया जानकारी भी शेयर करने को लेकर समझौता किया गया है। 
    •     डेयरी और पशुपालन को लेकर नई टेक्‍नोलॉजी और विशेषज्ञता शेयर की जाएगी, जिससे किसानों और खाद्य सुरक्षा को लाभ मिलेगा। 
    •     दोनों देशों के बीच पर्यटन को लेकर भी समझौता हुआ है. दोनों देश आवागमन को आसान बनाएंगे, जिससे पर्यटन सेक्‍टर में नए रोजगार के अवसर खुलेंगे। 
    •     हाई परफॉर्मेंश स्‍पोर्ट्स, स्‍पोर्ट्स साइंस और स्‍पोर्ट्स मेडिसिन में सहयोग . रग्‍बी, रोइंग, एथ‍लिट्स और गोल्‍फ जैसे स्‍पोर्ट्स को सपोर्ट मिलेगा। 
    •     रोजगार, कारोबार और निवेश को बढ़ाने के लिए 2030 तक 35,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्‍य रखा गया है। 
    •     फूड टेक्‍नोलॉजी और सुरक्षा में सहयोग बढ़ेगा. कीवी को लेकर नया एक्‍शन प्‍लान तैयार किया जाएगा। 
    •     न्‍यूजीलैंड कई तरीके से अगले 15 साल में 1.72 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा और भारत-न्‍यूजीलैंड के बीच ज्‍यादातर चीजें 'शून्‍य' टैक्‍स पर आयात-निर्यात होंगी। 
    •     भारत के UPI को न्यूजीलैंड के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर सहमति बनी है, जिससे डिजिटल पेमेंट बेहद आसान हो जाएगा। 

    गौरतल है कि पीएम मोदी की मौजूदगी में ये डील साइन हुआ है. पीएम मोदी 6 से 11 जुलाई तक अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड हैं. यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है. इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए हुए थे। 

  • IMD ने जारी किया अलर्ट, कई राज्यों में आंधी बारिश और वज्रपात की आशंका

    IMD ने जारी किया अलर्ट, कई राज्यों में आंधी बारिश और वज्रपात की आशंका

     नई दिल्ली
    देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 15 घंटे के अंदर कई स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है

    उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और मध्य भारत में भी मेघगर्जन और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। वहीं समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और किसानों से खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बारिश की गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है। आइए जानते हैं 12 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल-

    देश के 18 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

    दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा
    दिल्ली (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में रविवार को भी बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा
    उत्तर प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और तूफान की चेतावनी): मेरठ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, हरदोई और रायबरेली सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

    बिहार में कल मौसम कैसा रहेगा
    बिहार (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): पटना, गया, गोपालगंज, पश्चिमी एवं पूर्वी चंपारण, नालंदा, लखीसराय, अरवल, रोहतास, नवादा, भोजपुर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और खगड़िया में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    झारखंड में कल मौसम कैसा रहेगा
    झारखंड (12 जुलाई-बारिश और आंधी की चेतावनी): दुमका, देवघर, जामताड़ा, बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गिरिडीह, सिमडेगा, पलामू, गुमला और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। तेज हवाएं 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। रांची का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    उत्तराखंड में कल मौसम कैसा रहेगा
    उत्तराखंड (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): नैनीताल, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल में कल मौसम कैसा रहेगा
    पश्चिम बंगाल (12 जुलाई-भारी बारिश और तूफान की चेतावनी): कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम, हुगली, नदिया, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, बीरभूम, दार्जिलिंग, कूचबिहार, अलीपुरद्वार और कलिम्पोंग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कोलकाता
    में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    शहर     अधिकतम तापमान (12 जुलाई)     न्यूनतम तापमान (12 जुलाई)
    दिल्ली     38°C     27°C
    मुंबई     33°C     29°C
    चेन्नई     37°C     29°C
    कोलकाता     34°C     28°C
    मुंबई     32°C     29°C
    पटना     33°C     27°C
    रांची     27°C     24°C
    भोपाल     32°C     26°C
    जयपुर     36°C     28°C
    शिमला     25°C     20°C
    नैनीताल     25°C     21°C

    हिमाचल में कल मौसम कैसा रहेगा
    हिमाचल प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट): कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर और सोलन में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मनाली का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पंजाब में कल मौसम कैसा रहेगा
    पंजाब (12 जुलाई-बारिश और तूफान की संभावना): पटियाला, अमृतसर, बठिंडा, मोगा, रूपनगर, संगरूर, फाजिल्का, होशियारपुर, जालंधर और गुरदासपुर में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हवा की गति 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    राजस्थान (12 जुलाई-गर्मी और तेज हवा का असर): कोटा, करौली, अजमेर, जोधपुर, बूंदी, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फालौदी, बारां और जैसलमेर में बारिश की संभावना कम रहेगी। कई इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। जयपुर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    मध्य प्रदेश में कल मौसम कैसा रहेगा
    मध्य प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, हर्दा, रायसेन, इंदौर, सीधी, शहडोल, उमरिया, ग्वालियर, भिंड और धार सहित कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

     

  • सैन्य अभियंता सेवा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अजय कुमार जैन को मिली महानिदेशक (कार्मिक) की जिम्मेदारी

    सैन्य अभियंता सेवा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अजय कुमार जैन को मिली महानिदेशक (कार्मिक) की जिम्मेदारी

    नयी दिल्ली 
     रक्षा मंत्रालय
    के अधीन सैन्य अभियंता सेवा में अजय कुमार जैन, आई.डी.एस.ई. को सैन्य अभियंता सेवा का महानिदेशक कार्मिक नियुक्त किया गया है। अजय कुमार जैन भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (आई.डी.एस.ई.) कैडर के 1987 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने 1 जुलाई 2026 से प्रमुख अभियंता शाखा (ई -इन-सी ब्रांच) में यह पदभार ग्रहण किया। आपको बता दें कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करती है।

    अजय कुमार जैन ने 37 वर्षों से अधिक के अपने शानदार कैरियर में सैन्य अभियंता सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स) चेन्नई, मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल, मुख्य अभियंता अनुसंधान एवं विकास दिल्ली, निदेशक (सी एंड एम) प्रमुख अभियंता शाखा, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (वायुसेना) लेह, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (प्रोजेक्ट) दिल्ली कैंट, गैरिजन इंजीनियर (प्रोजेक्ट) (वायुसेना) ग्वालियर तथा गैरिजन इंजीनियर (वायुसेना) बीदर जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है, इसके अतिरिक्त विभिन्न शांति स्टेशनों पर भी सेवाएं दी हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स), चेन्नई के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल में ही उन्होंने समस्त बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की कमान संभालते हुए कार्यों की प्रगति में तेजी लाई तथा बजट मांग में भी सुधार किया।

    मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अजय कुमार जैन ने दिल्ली छावनी में निर्माणाधीन थल सेना भवन, जो कि थल सेना मुख्यालय की नई एवं भव्य इमारत है, के कार्यों को गति दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फरवरी 2020 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। लगभग 39-40 एकड़ क्षेत्र में फैले तथा करीब 1,43,450 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल वाले इस जी +7 भवन का लगभग 833 करोड़ रुपये का ईपीसी अनुबंध फरवरी 2023 में आईटीडी सीमेंटेशन को दिया गया था। इसमें कार्यालय परिसर, सिंगल मेन आवास, चिकित्सा सुविधा, जिम, सीएसडी, ईएमपी-सुरक्षित यूजी ऑप्स रूम तथा इंजीनियरिंग सर्विसेज ज़ोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं, और यह सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का पूरक है, जिसकी अभिकल्पना में थल सेना के प्रतीक चिन्ह (क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स, लायन कैपिटल) तथा अशोक चक्र से सुसज्जित 'धर्म छत्रछाया' सेतु को दर्शाया गया है। उनके नेतृत्व में इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के समस्त संरचनात्मक कार्य पूर्ण हुए तथा फिनिशिंग चरण के कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई, जो कि उनकी योजना क्षमता एवं क्रियान्वयन दक्षता का प्रमाण है।

    अजय कुमार जैन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.ई.) की उपाधि प्राप्त की है तथा भारतीय सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सी.एम.ई.) पुणे से स्ट्रक्चर्स विषय में एम.टेक की डिग्री हासिल की है। तत्पश्चात, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित प्रतिष्ठित भारतीय अभियंता सेवा (आई.ई.एस.) परीक्षा के माध्यम से उनका चयन सैन्य अभियंता सेवा (मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज) में हुआ। अपनी 37 वर्षों की विशिष्ट सेवा के दौरान श्री जैन ने बहुमंजिला इमारतों, जेट्टी, रनवे तथा अन्य तकनीकी संरचनाओं जैसी विविध परियोजनाओं की योजना, संरचनात्मक अभिकल्पन एवं क्रियान्वयन में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है, तथा रक्षा

    सेनाओं की सेवा में अपना अटूट समर्पण दिखाया है।

    महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने के उपरांत उनका ध्यान मुख्यतः कैडर प्रबंधन एवं पोस्टिंग नीति में सुधार पर है, ताकि अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके, स्थानांतरण एवं पोस्टिंग में संतुष्टि बनी रहे, समयबद्ध ढंग से पदोन्नति समितियां (डी.पी.सी.) आयोजित हों, पोस्टिंग प्रक्रिया में स्वचालन (ऑटोमेशन) लाया जा सके तथा मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के अंतर्गत सभी रक्षा सिविल कैडरों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की कैडर समीक्षा की जा सके।

  • डीजल से मिलेगी राहत? ₹20 प्रति लीटर वाले वैकल्पिक ईंधन पर नितिन गडकरी का बड़ा रोडमैप

    डीजल से मिलेगी राहत? ₹20 प्रति लीटर वाले वैकल्पिक ईंधन पर नितिन गडकरी का बड़ा रोडमैप

    नई दिल्ली

    भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार लगातार वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuels) को बढ़ावा दे रही है. अब ऐसा फ्यूल सामने आया है, जो डीजल से कई गुना सस्ता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, मेथेनॉल (Methanol) भविष्य में ट्रक, बस, ट्रैक्टर, जहाज और भारी मशीनों के लिए बड़ा विकल्प बन सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी कीमत करीब 20-22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। 

     नितिन गडकरी ने बताया कि असम पेट्रो-केमिकल्स रोजाना करीब 700 टन मेथेनॉल का उत्पादन कर रही है. अगर आने वाले समय में इस फ्यूल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर का फ्यूल खर्च काफी कम हो सकता है. खासकर ट्रक और बस ऑपरेटर्स को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। 

    पहले ही सफल हो चुका ट्रायल
    मेथेनॉल को लेकर सिर्फ दावे ही नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है. कर्नाटक में 15% मेथनॉल-डीजल ब्लेंड के साथ बसों को करीब तीन महीने तक चलाया गया. इस दौरान इंजन में कोई तकनीकी समस्या नहीं आई और वाहन की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक रही. इसके बाद देश की पॉपुलर कंपनी Ashok Leyland ने 100% मेथेनॉल पर चलने वाले डेडिकेटेड इंजन भी तैयार कर लिए हैं। 

    सिर्फ ट्रक-बस ही नहीं, इन वाहनों में भी होगा इस्तेमाल
    मेथेनॉल का उपयोग सिर्फ कमर्शियल ट्रकों और बसों तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार का मानना है कि भविष्य में इसका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में भी किया जा सकता है,जिससे डीजल की खपत कम होगी और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी बड़ी कमी आएगी। 

    देखिए लिस्ट-

        कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट
        ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी
        हार्वेस्टर
        नदी और समुद्री जहाज
        औद्योगिक मशीनें

    इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल भी बनेंगे डीजल का विकल्प
    गडकरी ने बताया कि मेथेनॉल के अलावा इथेनॉल से बनने वाला आइसो-ब्यूटानॉल भी डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है. किर्लोस्कर ग्रुप 100% आइसो-ब्यूटानॉल और इथेनॉल पर चलने वाले जनरेटर सेट डेवलप कर चुका है. भविष्य में इनका इस्तेमाल कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कंस्ट्रक्शन मशीनरी में किया जा सकेगा। 

    किसानों और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा?
    मेथेनॉल का उत्पादन देश में ही किया जा सकता है. सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बांस रिफाइनरी के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इससे तीन बड़े फायदे होंगे। 

        किसानों को बांस और अन्य कच्चे माल से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा.
        स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। 
        भारत का फॉसिल फ्यूल इम्पोर्ट बिल भी कम हो सकता है। 

    पर्यावरण के लिए भी बेहतर
    मेथेनॉल, इथेनॉल और आइसो-ब्यूटानॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन डीजल की तुलना में कम प्रदूषण पैदा करते हैं. यही वजह है कि सरकार इन्हें सड़क परिवहन के साथ-साथ जल परिवहन में भी बढ़ावा देना चाहती है. अगर इनका बड़े स्तर पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो इससे भारत को क्लीनर एनर्जी, कम ईंधन खर्च और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई बड़े फायदे मिल सकते हैं।