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  • पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की जानकारी होगी जरूरी? E20 मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

    पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की जानकारी होगी जरूरी? E20 मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

     नई दिल्ली

    जब आप गाड़ी में पेट्रोल भरवाते हैं, उस वक्त क्या देखते हैं? मीटर जीरो से शुरू हुआ या नहीं.. कितने रुपये बने, बस. लेकिन पेट्रोल के अंदर क्या है, यह जानने का कोई आसान तरीका आपके पास नहीं है. उसमें इथेनॉल कितना है, 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत. अब इसी सवाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी गई है. जिसकी सुनवाई आज  यानी 31 अगस्त को होगी। 

    E20 पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका दायर की है. जिसमें कहा गया है कि, पेट्रोल पंप के नॉजिल पर यह स्पष्ट तौर पर लिखा होना चाहिए कि, पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की मात्रा कितनी है. कल यानी 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट इसी याचिका की सुनवाई करेगा. अदालत की 31 अगस्त की कॉज लिस्ट के मुताबिक, मामला जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच के सामने पेश किया जाएगा। 

    मामला यहीं खत्म नहीं होता. याचिका में सरकार से यह भी पूछा गया है कि देश में चल रही हर कार और बाइक E20 के लिए कितनी तैयार है और अगर नहीं है, तो उसके मालिक के लिए क्या विकल्प है. याचिका में मांग की गई है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर डिस्पेंसिंग नोजल पर साफ-साफ बताया जाए कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा कितनी है। 

    इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि, हर फ्यूल इनवॉइस यानी पेट्रोल के बिल पर भी बेचे गए पेट्रोल में इथेनॉल का प्रतिशत साफ और आसानी से पढ़े जाने वाले तरीके से लिखा जाना चाहिए. ताकि आम ग्राहकों को यह पता चल सके कि, वो जो पेट्रोल खरीद रहे हैं उनमें इथेनाल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है. इससे ग्राहक अपने वाहन के अनुसार फ्यूल का चुनाव कर सकेगा। 

    हर कार-बाइक के लिए बने डाटा बेस
    याचिका में केंद्र और संबंधित पक्षों को एक आधिकारिक और सार्वजनिक व्हीकल कम्पैटिबिलिटी डाटाबेस तैयार करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. इसमें वाहन के निर्माता, मॉडल, इंजन के टाइप और मैन्युफैक्चरिंग ईयर के आधार पर यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कौन सा वाहन किस इथेनॉल ब्लेंड के लिए उपयुक्त है और किसके लिए नहीं। 

    इस डेटाबेस को आम लोगों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि कोई भी वाहन मालिक अपने वाहन की जानकारी डालकर यह पता कर सके कि उसके वाहन के लिए E20 या दूसरे इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का इस्तेमाल कितना उपयुक्त है. याचिका में एक इंडिपेंडेंट एक्पर्ट कमेटी बनाने की भी  मांग की गई है. इसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ ऑटोमोबाइल इंजीनियरों को शामिल करने को कहा गया है। 

    याचिका में कहा गया है कि, ये कमेटी मौजूदा वाहनों पर E20 के असर और उसके कम्पैटिबिलिटी की जांच कर एक पब्लिक रिपोर्ट तैयार करे. यानी सिर्फ लैब टेस्ट नहीं, बल्कि सड़कों पर चल रहे अलग-अलग उम्र और प्रकार के वाहनों पर E20 के असर की स्टडी की जानी जरूरी है. बता दें कि, सरकार इससे पहले कई कार इस बात का दावा कर चुकी है कि लैब टेस्ट में E20 पेट्रोल वाहनों के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। 

    माइलेज और मेंटनेंस की स्टडी
    इस चाजिका में मांग की गई है, ये कमेटी वाहनों पर E20 के प्रभाव की पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करे. जिसमें अलग-अलग साल के वाहनों के माइलेज, मेंटनेंस कॉस्ट, इंश्योरेंस और वारंटी पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी शामिल हो. इसके साथ ही E20 के पर्यावरणीय असर की भी जांच की मांग की गई है. इसमें गाड़ियों से निकलने वाले उत्सर्जन और इथेनॉल के प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा को भी शामिल करने की बात कही गई है। 

    E20 दस्तावेज कोर्ट में रखने की मांग
    याचिका में संबंधित अधिकारियों को E20 के अनिवार्य रोलआउट के सभी जरूरी दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने का निर्देश देने की मांग की गई है. इनमें सरकारी पॉलिसी फाइल्स, टेक्निकल स्टडी, व्हीकल कम्पैटिबिलिटी रिपोर्ट, सेफ्टी स्टैंडर्ड, कंज्यूमर एडवायजरी और पब्लिक कंसलटेशन को शामिल करने को कहा गया है. ताकि इन डॉक्यूमेंट के आधार पर सुनवाई की जा सके. याचिका में कहा गया है कि E20 को लेकर लिए गए फैसलों के पीछे मौजूदा तकनीकी और पॉलिसी बेस को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। 

    पुराने वाहनों के लिए ट्रांजिशन प्लान
    याचिका में पुराने और नॉन-कम्पैटिबल व्हीकल्स (ऐसे वाहन जो E20 पेट्रोल के लिए उपुयुक्त नहीं हैं) के लिए एक ट्रांसपैरेंट ट्रांजिशन फ्रेमवर्क बनाने की मांग की गई है. जिसके तहज पुराने वाहनों के मालिकों के लिए अलग व्यवस्था तैयार करने की बात कही गई है. याचिका में यह भी कहा गया है कि जहां तकनीकी, इकोनॉमी और लॉजिस्टिक तौर पर संभव हो, वहां लो इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल उपलब्ध कराए जाने पर विचार करना चाहिए। 

    पुरानी वाहन बड़ी चिंता
    इस चर्चा के बीच सबसे बड़ी चिंता सड़क पर दौड़ते पुराने वाहन हैं. ऑटो इंडस्ट्री के मुताबिक अप्रैल 2023 के बाद बनी और बिकने वाली पेट्रोल गाड़ियां E20 के लिए पूरी तरह रेडी हैं. क्योंकि सरकार ने BS6 फेज-2 इमिशन नियमों के तहत E20 कम्प्लायंस को अनिवार्य कर दिया था. यानी आज बाजार में बिकने वाली नई पेट्रोल गाड़ियां E20 के हिसाब से तैयार हैं. लेकिन अप्रैल 2023 से पहले बिक चुकी ज्यादातर पेट्रोल गाड़ियों के मामले में स्थिति बिल्कुल अलग है। 

    उदाहरण के लिए दिल्ली-NCR में पेट्रोल वाहन की निर्धारित उम्र 15 साल है. ऐसे में मार्च 2023 में बनी कोई पेट्रोल कार मौजूदा नियमों के तहत मार्च 2038 तक सड़क पर चल सकती है. ऐसे कई वाहन मालिक हैं जिन्होनें अप्रैल 2023 से पहले नई गाड़ियां खरीद हैं और अभी उनकी कार केवल 3 से 4 साल पुरानी हुई है. कंडिशन भी अच्छी है और वो रोजाना इन वाहनों का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. लेकिन असल चिंता इन वाहनों में E20 फ्यूल के इस्तेमाल को लेकर है। 

    अब सुप्रीम कोर्ट की 31 अगस्त की सुनवाई पर नजर रहेगी. इस मामले में अदालत का रुख यह तय करने में अहम हो सकता है कि E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों को कितनी जानकारी अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए और पुराने वाहनों के लिए लो इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को लेकर क्या व्यवस्था की जा सकती है। 

  • कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे जैसे हालात, 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; राजस्थान के 17 जिले चिंताजनक

    कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे जैसे हालात, 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; राजस्थान के 17 जिले चिंताजनक

    रायपुर /पटना 

    बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट डूब चुका है। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

    मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब चुकी हैं। लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। 2 हेलिकॉप्टर के साथ SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।

    राजस्थान में जयपुर समेत 15 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस साल मानसून के कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

    मध्य प्रदेश के चितहरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर कई फीट पानी भर गया है। जलभराव के कारण 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।

    छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर का दादर नाला उफान पर है। चिमनी भट्टा इलाके में कमर तक पानी भर गया है।

    बिहार के पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है।

    यूपी के उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी शहर के कई इलाकों में पहुंच गया है। सड़कों पर नावें चल रही हैं।

    उत्तराखंड नैनीताल के रामनगर में टेढ़ा रोड-पाटकोट मार्ग पर नाला अचानक उफान पर आ गया।

    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ अब भयावह हो चुकी है। नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

    सतना में 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी

    मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर है। CM मोहन यादव रविवार को चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। आश्रय स्थल में प्रभावित लोगों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी। वहीं, सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।

    नैनीताल जाने वाली रोड पर पहाड़ी दरक गई

    नैनीताल जाने वाली मेन रोड पर पहाड़ी दरक गई, जिससे नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर जाम लग गया है।

     

  • उज्बेकिस्तान में PM मोदी का सम्मान, यूरेनियम सप्लाई समेत कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

    उज्बेकिस्तान में PM मोदी का सम्मान, यूरेनियम सप्लाई समेत कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

    नई दिल्ली/ताशकंद 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त उज्बेकिस्तान के दौरे पर हैं. उन्होंने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान की आजादी की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति और देश के लोगों को बधाई दी है. बता दें, प्रधानमंत्री को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा गया है। 

    पीएम ने इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए कहा, "'ओली दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच के अटूट रिश्ते को समर्पित करता हूं। 

    राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता में पीएम ने कहा कि इस साल भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 साल पूरे होने को है. पीएम ने कहा कि दोनों देश अब अपने रिश्ते को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक लेकर जा रहे हैं. और इसके लिए दोनों देश नए लक्ष्य तय करके आगे बढ़ेंगे। 

    पीएम ने बताया कि उन्होंने उज्बेकिस्तान की किताब देखी जिसमें द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई अहम क्षेत्रों और परियोजनाओं की पहचान की गई है. उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि दोनों देश साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।

    प्रधानमंत्री ने रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ हुई बातचीत को बहुत सार्थक बताया. उन्होंने कहा कि इस दौरान कई अहम फैसले भी हुए. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय काउंसिल बनाई जाएगी जो आपसी तालमेल के जरिए दोनों देशों के सहयोग को बढ़ाएंगी। 

    पीएम ने बताया कि दोनों पक्ष मिलकर एक बिज़नेस समिट भी करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बिज़नेस लीडर्स शामिल होंगे. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यूरेनियम की सप्लाई के लिए दोनों देश लॉन्ग टर्म व्यवस्था बनाएंगे. उन्होंने बताया कि तीन 'सिस्टर-सिटी' और 'सिस्टर-स्टेट' समझौते किए जा रहे हैं। 

    पीएम ने कहा कि इन समझौतों का पूरी क्षमता से इस्तेमाल हो, इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जाएगा. उन्होंने उज्बेकिस्तान के 'न्यू ताशकंद' और भारत के गुजरात में 'गिफ्ट सिटी' का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच विकास और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग और समन्वय बढ़ाने की बात की। 

    उज्बेकिस्तान में योग सत्र में शामिल हुए पीएम मोदी

     उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने योग सेशन में हिस्सा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राजधानी ताशकंद में उज्बेकिस्तान योग महासंघ की ओर से आयोजित योग सत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने योग कर रहे लोगों के साथ समय बिताया और खुद भी कई आसन किए। उज्बे किस्तान में योग काफ़ी लोकप्रिय है। पीएम मोदी ने खुद इस सत्र का एक छोटा वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उज्बेकिस्तान योग को प्यार करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उज्बेकिस्तान में योग लोकप्रिय है। योग भारत और उज्बेकिस्तान के लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत कर रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद में योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों से बातचीत की और तस्वीरें भी खिंचाईं। इससे पहले मोदी ने यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक का दौरा किया और अपनी पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने ताशकंद में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मोदी ने कहा है कि भारतीय समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है। भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने उनके हाथ पर राखी भी बांधी।

    वहीं, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान का रणनीतिक साझेदार है. उन्होंने बताया कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ज्यादा हुआ. वहीं, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच जॉइंट वेंचर की संख्या भी कई गुना बढ़ी है। 

    उन्होंने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर हफ्ते तकरीबन 14 सीधी उड़ानें संचालित होती हैं. यह दोनों देशों के मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है. मिर्जियोयेव ने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए तीस दिन की वीजा फ्री सुविधा शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और दोनों देशों के बीच संपर्क और बढ़ेगा. साथ ही, सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। 

    पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास की झलक
    यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने उज्बेक संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करने वाली कलाकृतियों को देखा। पार्क में पुष्पांजलि अर्पित करने के दौरान प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय भावना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

    रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर
    पीएम नरेंद्र मोदी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। बातचीत में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

    विकसित भारत और यंगी उज्बेकिस्तान का साझा विजन
    प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले कहा था कि हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ और ‘यंगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाने पर राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव के साथ चर्चा की जाएगी।

  • आतंकी हैंडलर्स की गुप्त चैटिंग का खुलासा, पहचान छिपाने को पोर्न वेबसाइट्स और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का सहारा

    आतंकी हैंडलर्स की गुप्त चैटिंग का खुलासा, पहचान छिपाने को पोर्न वेबसाइट्स और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का सहारा

    नई दिल्ली

    पाकिस्तान में बैठे आतंकी सीक्रेट चैटिंग के लिए अब पोर्न वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आतंकी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इसका सबसे ज्यादा यूज कर रहे हैंञ

    आतंकी इसके जरिए जम्मू-कश्मीर में भर्ती किए गए लोगों तक मैसेज पहुंचा रहे हैं। ताकि पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी से बचा जा सके।

    अधिकारियों ने बताया कि इन पोर्नोग्राफी प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम चैट टूल मौजूद होते हैं। जो आसपास डेट (पार्टनर) ढूंढने में मदद करने के नाम पर काम करते हैं। लेकिन हैंडलर्स इनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधि के लिए कर रहे हैं।

    आतंकी टोर नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर रहे

    सुरक्षा एजेंसियों ने कई खास डिजिटल टूल्स की जांच शुरू की है। आतंकी हैंडलर कोटेक्स और कोनियन जैसे टोर आधारित मैसेजिंग ऐप्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ऐप्स डेटा को एन्क्रिप्टेड नोड्स के जरिए भेजते हैं और यूजर की पहचान छिपाते हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक, भारत में कोनियन की एपीके फाइल तक पहुंच पर रोक है। एपीके यानी एंड्रॉयड पैकेज किट वह फाइल फॉर्मेट है, जिसका इस्तेमाल एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम मोबाइल ऐप्स को बांटने और इंस्टॉल करने के लिए करता है।

    चीन, फ्रांस के ऐप भी आतंकियों के फेवरेट
    इसके अलावा, आतंकी फ्रांस बेस्ड ऐसे ऐप का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसमें सिम कार्ड या फोन नंबर की जरूरत के बिना एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की सुविधा है। इससे यूजर की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

    एजेंसियां वियतनाम आधारित ऐप्स की भी निगरानी कर रही हैं। इसके साथ ही मूनचैट जैसे गुमनाम प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में हैं।

    मूनचैट में पीजीपी-एन्क्रिप्टेड वर्जन शामिल हैं, जिनके चीनी मूल के होने का शक है और इनमें पारंपरिक रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती।

    मूनचैट के कई वर्जन ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल आसपास मौजूद सिंगल लोगों को खोजने के लिए किया जाता है।

    भारत में पोर्न एप्स VPN के जरिए डाउनलोड हो रहे
    अधिकारियों के मुताबिक, भारत में पोर्नोग्राफी वाले कई ऐप्स पर रोक है। इसके बावजूद इन्हें वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी वीपीएन के जरिए गैरकानूनी तरीके से डाउनलोड किया जा रहा है।

    VPN इंटरनेट पर एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाता है। यह इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस छिपाता है और ऑनलाइन ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है, जिससे ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना और डेटा तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

    2जी नेटवर्क पर भी चलने वाले ऐप्स का इस्तेमाल
    सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि हैंडलर और घाटी में मौजूद आतंकी भर्ती किए गए लोग ऐसे खास ऐप्स पर निर्भर थे, जो धीमी 2जी या एज नेटवर्क स्पीड में भी काम करते हैं।

    इनमें से कुछ ऐप्स पर रजिस्ट्रेशन के लिए यूजर को फोन नंबर या ईमेल तक देने की जरूरत नहीं होती।

    नई रणनीति का खुलासा सुरक्षा बलों की विदेशी कंपनियों द्वारा बनाई गई वर्चुअल सिम के इस्तेमाल को रोकने की कोशिश के दौरान हुआ।

    वर्चुअल सिम ऐसी तकनीक है, जो कंप्यूटर को फोन नंबर बनाने की सुविधा देती है। इन नंबरों का इस्तेमाल खास ऐप्स के जरिए स्मार्टफोन पर किया जा सकता है और इससे डिजिटल निशान बहुत कम बचते हैं।

    इसका पहली बार खुलासा 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की जांच के दौरान हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हुई थी।

  • बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा पर बड़ा फैसला, टाइपिंग टेस्ट रद्द; जल्द जारी होंगी नई तारीखें

    बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा पर बड़ा फैसला, टाइपिंग टेस्ट रद्द; जल्द जारी होंगी नई तारीखें

    मुंबई 
    बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्लर्क पद पर 16 अगस्त को आयोजित टाइिंग टेस्ट के लिए हुई परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. कोर्ट ने प्रशासन को बताया कि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि टाइपिंग के लिए नई परीक्षा तारीखों,एग्जाम सेंटर और इससे जुड़ी कई अन्य जानकारी बाद में ऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर की जाएगी। 

    कब हुई थी परीक्षा?
    हाई कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को प्रकाशित भर्ती विज्ञापन के तहत क्लर्क पदों के लिए 16 अगस्त 2026 को टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया गया था। हालांकि, परीक्षा के दौरान राज्य के कई केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं सामने आईं, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    क्या है वजह?
    जानकारी के अनुसार, सर्वर डाउन होने, कंप्यूटर और कीबोर्ड के सही ढंग से काम नहीं करने जैसी समस्याओं के चलते कई उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके। छत्रपति संभाजीनगर, कल्याण, वाशिम और हिंगोली समेत कई परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थियों ने तकनीकी खामियों की शिकायतें की थी। इन समस्याओं के कारण परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई थी।

    परीक्षा दोबारा कराने की मांग
    तकनीकी गड़बड़ियों से नाराज अभ्यर्थियों ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किया। छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारों ने धरना देकर परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का समर्थन किया।

    टाइपिंग टेस्ट को रद्द करने का फैसला
    विवाद बढ़ने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूरे मामले की समीक्षा की और 16 अगस्त को आयोजित टाइपिंग टेस्ट को रद्द करने का फैसला लिया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा के लिए संशोधित कार्यक्रम जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा। अब अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार है। हाई कोर्ट प्रशासन ने उम्मीदवारों से भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल बॉम्बे हाई कोर्ट की वेबसाइट से प्राप्त करने की अपील की है।

    क्या लगे थे आरोप? 
    दरअसल, रविवार यानी 16 अगस्त को महाराष्ट्र में आयोजित कई सेंटरों पर परीक्षा में तकनीकी खराबी आई थी.  बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क टाइपिंग स्किल टेस्ट में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने कई केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी का आरोप लगाया था. सर्वर डाउन होने, कंप्यूटर का सही ढंग से काम करें समेत कई अन्य समस्याओं के बाद से छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। 

    परीक्षा दोबारा करवाने की मांग 

    तकनीकी खराबी के बाद से छात्रों में प्रदर्शन करते हुए परीक्षा दोबारा कराने की मांग की थी और विवाद बढ़ने के बाद से बॉम्बे हाँ कोर्ट ने इस पूरे मामले की समीक्षा की और परीक्षा रद्द कराने का फैसला किया। 

     

  • PM मोदी की ‘मन की बात’: नशे के खिलाफ जागरूकता और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

    PM मोदी की ‘मन की बात’: नशे के खिलाफ जागरूकता और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की  बात' कार्यक्रम के 137वें एपिसोड के जरिए देशवासियों के साथ संवाद किया. उन्होंने नशा मुक्ति अभियान समेत देश के सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बात की. साथ ही, उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन समेत आजादी के आंदोलनों का भी जिक्र किया। 

    प्रधानमंत्री ने कहा कि मन की बात एक ऐसा मंच है जहां देशवासियों के रचनामत्क आइडिया पर र्चचा होती है. पीएम ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री के 'भारत राज्य डॉट कॉम' नामक वेबसाइट का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट पर आप किसी भी साल को चुनकर उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था, यह जान सकते हैं. पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कृष्णा शेषाद्री से फोन पर बात भी की. पीएम ने उनसे यह भी पूछा कि उन्हें यह आइडिया कहां से आया. पीएम ने कृष्णा शेषाद्री को उनकी इस वेबसाइट के लिए शुभकामनाएं दी। 

    पीएम ने कार्यक्रम में नशा मुक्ति अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश के युवा नशामुक्ति अभियान का हिस्सा बन रहे हैं. पीएम ने कहा कि नशे की लत का असर सिर्फ उस व्यक्ति पर नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार पर पड़ता. उन्होंने युवाओं से स्लोगन, गाने और नाटक के जरिए जागरूकता फैलाने की अपील की। 

    प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में अगस्त महीने में देशभक्ति के माहौल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ जैसे मौके देशवासियों में गर्व की भावना पैदा करते हैं. साथ ही, पीएम ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि  वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के कारण यह वर्ष और खास हो गया. उन्होंने बताया कि 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत अब तक आठ करोड़ से ज्यादा तिरंगा सेल्फी अपलोड किए जा चुके हैं. उन्होंने सूर्यपथ तिरंगा अभियान का भी जिक्र किया। 

    प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इसने महिलाओं को नई ताकत दी है. उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में 46% महिलाएं शामिल हैं. गाजियाबाद की बबीता शर्मा का भी उन्होंने जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वे पूजा के सामान बेचती थी. लेकिन पीएम स्वनिधि योजना के जरिए उन्हें सहायता मिली और अब उनका स्टॉल कैसे दुकान में बदल गया है। 

    पीएम ने बताया कि अमरनाथ यात्रा में भी कैसे स्वच्छता और जन भागीदारी देखने को मिली. पीएम ने मशहूर अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और लोगों के दिलों में हमेशा के लिए अपनी जगह बनाई। 

    पीएम ने त्योहारों का जिक्र करते हुए एक बार फिर वोकल फॉर लोकल अपनाने की अपील की. उन्होंने कंटेंट क्रिएटक्स और इंफ्लुएंसर्स से भी वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। 

  • ‘एक दुनिया, एक मानवता’ का संदेश, अमेरिका में मोहन भागवत के भाषण की अहम बातें

    ‘एक दुनिया, एक मानवता’ का संदेश, अमेरिका में मोहन भागवत के भाषण की अहम बातें

    न्यूयॉर्क

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडीसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने भारत के डीएनए को 'अनेकता में एकता' रखने वाला बताया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी नागरिक बन चुके भारतीय मूल के लोगों से भी अपनी कर्मभूमि के प्रति वफादार रहने के लिए कहा। यूनिवर्सल वननेस कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख ने दूरी दुनिया के नाम संदेश दिया है। आइए जानते हैं उनके इस संबोधन की दस बड़ी बातें…

    मैं उस देश से आया हूं, जो आप में से कई लोग की जन्मभूमि है- मोहन भागवत
    संघ प्रमुख ने भारत के धर्म की बात करते हुए कहा कि वह उस देश से आए हैं, जहां विविधता में एकता की बात की जाती है। उन्होंने कहा, "मैं उस देश से आया हूं, जो आप में से कई लोगों की जन्मभूमि है। वहां हम विविधता में एकता को महसूस करते हैं। हम उस विविधता की एकता को सजावट के तौर पर देखते हैं। उस देश में हम पौधों की पूजा करते हैं। हम पूजा क्यों करते हैं? यह रोज नहीं होती, बल्कि हर दिन अलग-अलग पूजा होती है। यह ठीक वैसा ही है जैसे एक दिन फादर्स डे मनाया जाता है और दूसरे दिन मदर्स डे। इन दिवस को क्यों मनाया जाता है? क्योंकि हमें उनके प्रति अपने कर्तव्य को याद करना होता है। इसी तरह, भारत में भी हम पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य को याद करते हैं और उसका पालन करते हैं।"

    कर्मभूमि के प्रति कर्तव्य का पालन करें।
    संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा,"हमारा कर्तव्य क्या है? अगर हम अमेरिका में हैं। हम अमेरिका में ही कमाते हैं, तो हम अमेरिका का ही हिस्सा हुए। ऐसे में हमें यहां सही व्यवहार करना चाहिए। जो लोग यहां दूसरे देशों से आकर बसे हैं। उनके लिए यह कर्मभूमि है। उनका अपनी कर्म भूमि के प्रति भी एक कर्तव्य है। उन्हें उसे पूरा करना चाहिए। उन्हें अपने कर्म के प्रति वफादार रहना चाहिए। चूंकि भारत उनकी जन्मभूमि है। ऐसे में अगर उनमें उसके लिए कुछ करने की इच्छा है, तो वे अपने कर्म-भूमि के प्रति कर्तव्य पूरा करने के बाद ऐसा कर सकते हैं। इसकी मनाही नहीं है।"

    भारत बस यही चाहता है कि आप अपना जीवन बेहतर जिएं।
    संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों को जीवन के विचार के बारे में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले अपने कर्म के अनुसार काम करें। अमेरिका के प्रति अपने कर्तव्य को निभाएं। इसके बाद अगर साधन और समय मिले, तो फिर वह भारत की भलाई के बारे में सोच सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत ऐसी उम्मीद नहीं करता है। भारत, तो केवल इतना चाहता है कि आप जिएं, क्योंकि भारत ने ही आपको जीवन का विचार दिया है।

    भारत की नियति क्या है?
    संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की नियति ही यही है कि उसे विविधता में एकता को खुद में महसूस करना है। इसके साथ ही समय-समय पर दुनिया को भी इस बात का अहसास कराना है कि हम एक हैं, विविधता के कारण एकता और भी ज्यादा सुंदर लगती है।

    भूखे व्यक्ति को सामने खड़ा करके खाना नहीं खा सकते
    मोहन भागवत ने वहां मौजूद लोगों को एक चुनौती या प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर सामने किसी भूखे व्यक्ति को खड़ा कर दिया जाए, तो आप उससे नजरें चुराए बिना या उसको वहां से हटाए बिना खाना नहीं खा सकते। उन्होंने कहा, "जब आप खाना खा रहे हों, तो ऐसे में भूखे व्यक्ति को अपने सामने खड़ा करके देखिए। उसे अपनी भरी हुई थाली की तरफ भूखी नजरों से देखने दें। आप उसकी नजरों से नजरें चुराए बिना या उसे वहां से भगाए बिना खाना नहीं खा सकते। आप कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि हम और आप इंसान हैं।"

    इंसान दुनिया के लिए जिम्मेदार, क्योंकि उनके पास सोचने का गुण
    मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के लिए इंसान जिम्मेदार है। क्योंकि जानवरों की तुलना में उसके पास सोचने का विशेष गुण है। उन्हें सही और गलत की समझ भी मिली है। इसलिए वह एकता महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान अगर सही तरीके से सोचता है,तो वह ईश्वर के करीब जाता है। वहीं अगर वह गलत तरीके से सोचता है, तो वह जानवरों के करीब जाता है। इसलिए सोचने के समय भी दिशा महत्वपूर्ण है।

    मुसलमानों पर बोले मोहन भागवत
    इससे पहले एक दूसरे कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख ने भारतीय मुसलमानों के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होना चाहिए तो वह हिंदू नहीं रह सकता। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं कि तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते आपको एक ही लक्ष्य की ओर ले जाते हैं। हर इंसान की अपनी एक गरिमा है। इंसानों के बीच कोई भेदभाव नहीं है।"

    उन्होंने कहा, "मैंने असल में यह बात 2018 में दिल्ली में कही थी। वहाँ मुस्लिम भाई भी मौजूद थे और उन्होंने मुझसे एक सवाल पूछा। आप एक हिंदू संगठन हैं। आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं। तो हम मुसलमानों का क्या होगा? क्या आप हमें बाहर निकाल देंगे? मैंने कहा, नहीं। यह हिंदू सोच नहीं है। अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू धर्म की मूल भावना के अनुसार नहीं चल रहा है। अगर आप सच में हिंदू जीवन-पद्धति का पालन करना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि रास्ते तो कई हैं, लेकिन वे सभी एक ही परम सत्य की ओर ले जाते हैं।"

  • मेसी इवेंट के टिकट खरीदारों के लिए राहत, बंगाल सरकार करेगी 33 हजार फैंस का रिफंड

    मेसी इवेंट के टिकट खरीदारों के लिए राहत, बंगाल सरकार करेगी 33 हजार फैंस का रिफंड

    कोलकाता
    राष्ट्रीय खेल दिवस पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में 2025 के लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था का मुद्दा उठाया. साथ ही, उन्होंने यह भी ऐलान किया कि युवा भारती स्टेडियम में कार्यक्रम के लिए टिकट खरीदने वाले कुल 33 हजार फैंस को उनकी टिकट के पैसे वापस किए जाएंगे। 

    दरअसल, बीते साल 13 दिसंबर को स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी कोलकाता पहुंचे थे. यहां उनका कार्यक्रम होना था. मेसी को देखने के लिए देश के कई हिस्सों से उनके फैंस आए थे. दर्शकों ने बस मेसी के लिए 4 हजार से 6 हजार तक की टिकट खरीदी थी. लेकिन इस कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था हुई. जिसके बाद फैंस द्वारा यह मांग की गई कि उनकी टिकट के पैसे वापस किए जाएं, लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। 

    अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में बताया है कि रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है. और जल्द ही सभी लोगों को उनके पैसे वापस कर दिए जाएंगे. शनिवार को पश्चिम बंगाल में खेल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मेसी के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था को लेकर पिछली सरकार को भी घेरा है. उन्होंने TMC सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हर खेल क्षेत्र या संगठन पर राजनीति का नियंत्रण क्यों होना चाहिए? अब जो बदलाव होंगे, वह उस सिस्टम का कायापलट करेंगे। 

    राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने बेहतरीन खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे. उन्होंने TMC सरकार पर वार करते हुए कहा कि जिन खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं, उनमें से कई खिलाड़ियों के कागजात 11 सालों से मुख्यमंत्री कार्यालय में धूल फांक रहे थे. शुभेंदु ने कहा कि बंगाल में प्रतिभा, बुद्धि, समर्पण और फोकस है लेकिन जरूरी सिस्टम, पहल और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी. उनका कहना है कि वे इस दिशा में बड़े बदलाव करेंगे।  

    खेल क्षेत्र में अपनी सरकार द्वारा किए जाने वाले कामों का रोडमैप बताते हुए शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार ने खेल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ का बजट रखा है. यह बजट पूरे साल के लिए नहीं बल्कि आठ महीनों के लिए है. उन्होंने बताया कि BJP सरकार राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में छोटे इनडोर स्टेडियम बनाएंगी, जिसमें टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट और जिम शामिल होंगे. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक साल में 294 स्टेडियम बनाना मुश्किल है इसलिए उनकी सरकार हर साल 100 स्टेडियम बनाएगी। 

  • PM मोदी के सामने उज्बेक बच्चों का शानदार डांस, ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’ पर झूमे नन्हे कलाकार

    PM मोदी के सामने उज्बेक बच्चों का शानदार डांस, ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’ पर झूमे नन्हे कलाकार

    नई दिल्ली
    विदेशी धरती, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और बैकग्राउंड में बज रहा हिंदी सिनेमा का एक ऐसा गाना, जिसकी धुन सुनते ही भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. मौका खास था और नजारा भी. उज्बेकिस्तान के नन्हे बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मशहूर हिंदी गाने 'उड़े जब जब जुल्फें तेरी' पर डांस किया। 

    बच्चों की इस रंगारंग परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. वीडियो में बच्चों को पूरे उत्साह के साथ डांस करते देखा जा सकता है. उनकी एनर्जी और गाने पर तैयार किए गए स्टेप्स ने माहौल को और खास बना दिया। 

    वीडियो में बच्चे लाल कालीन वाले हॉल में पूरे उत्साह के साथ थिरकते नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच के पास खड़े होकर बच्चों की इस प्रस्तुति का आनंद लेते दिखाई देते हैं। 

    परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद पीएम मोदी बच्चों से मिले और उन्हें स्नेह भरा आशीर्वाद दिया. कार्यक्रम में मौजूद भारतीय समुदाय के लोग तिरंगा लहराते और तालियां बजाते भी नजर आए। 

    पीएम मोदी ने की सांस्कृतिक कार्यक्रम की तारीफ
    प्रधानमंत्री मोदी ने भी ताशकंद में हुए इस सांस्कृतिक स्वागत का जिक्र सोशल मीडिया पर किया. उन्होंने भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों का एक आनंददायक उत्सव बताया। 

    कार्यक्रम में बॉलीवुड संगीत के साथ-साथ भारतीय और उज़्बेक नृत्य परंपराओं का संगम भी देखने को मिला. 'उड़े जब जब जुल्फें तेरी' पर प्रस्तुति के अलावा कथक और अंदिजान पोल्का के फ्यूजन डांस ने भी लोगों का ध्यान खींचा. कार्यक्रम में लाल बहादुर शास्त्री सेंटर के छात्रों ने कथक नृत्य की प्रस्तुति भी दी। 

    PM मोदी का उज्बेक राष्ट्रपति ने गर्मजोशी से किया स्वागत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय राजकीय दौरे पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे हैं. ताशकंद पहुंचने पर खुद उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से गले लगाकर स्वागत किया. राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की तरफ से किए गए इस ग्रैंड वेलकम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से गदगद हो गए. उन्होंने अपने स्वागत के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार जताते हुए कहा कि यह भारत और उज्बेकिस्तान के गहरे और तेज गति से बढ़ रहे द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है। 

    वहीं, पीएम मोदी ने ताशकंद स्थित होटल में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी काफी संख्या में शामिल रहे. भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी के स्वागत में जमकर ‘मोदी.. मोदी..’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष लगाए. इतना ही नहीं, भारतीय समुदाय की महिलाओं ने पीएम मोदी से हाथ पर राखी भी बांधी। 

    भारत-उज़्बेकिस्तान के रिश्तों की खूबसूरत झलक
    उज्बेक बच्चों का हिंदी गाने पर डांस सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था. इसमें दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मौजूद जुड़ाव की झलक भी दिखाई दी। 

    भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड संगीत का असर मध्य एशिया के कई देशों में लंबे समय से देखा जाता रहा है. ऐसे में ताशकंद में उज्बेक बच्चों का एक क्लासिक हिंदी गाने पर डांस करना भारत और उज्बेकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्तों की एक खूबसूरत तस्वीर बन गया। 

    वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. बच्चों की मासूमियत और भारतीय गाने पर उनके जोश भरे डांस को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। 

    ताशकंद यात्रा पर भारत-उज्बेकिस्तान के संबंधों को मजबूत करेंगे PM मोदी 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताशकंद के अपने दो दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक करेंगे. इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में विस्तृत रूप से उच्च स्तरीय बातचीत करेंगे। 

    शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे पीएम मोदी
    इसके अलावा, प्रधानमंत्री ताशकंद में स्थित शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि ये दोनों देशों के बीच के मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सभ्यतागत और जनस्तरीय संबंध लंबे वक्त से चले आ रहे हैं। 

    अपनी दो दिवसीय ताशकंद यात्रा पर जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यात्रा के दौरान मध्य एशिया के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ ट्रेड, इंवेस्टमेंट, डिजिटल कनेक्शन, डिफेंस और एनर्जी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। 

  • चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने छोड़ी नौकरी, सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट हुई वायरल

    चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने छोड़ी नौकरी, सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट हुई वायरल

     नई दिल्ली

    चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने X पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि 13 सालों की सेवा के बाद वे अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं. उन्होंने अपने इन 13 सालों के सफर को अविस्मरणीय बताया है. उन्होंने बताया कि साधारण परिवेश में रहते हुए उन्होंने हमेशा सफल और अच्छे जीवन का सपना देखा था। 

    IIT, IIM पास करने के बाद उन्हें लंदन में नौकरी मिली, लेकिन देश से दूर रहना उन्हें नागवार गुजरा. इसलिए वे भारत वापस लौट आई. दिव्या मित्तल ने अपने पत्र में अपने संघर्ष को याद करते हुए लिखा है कि कैसे दिन-रात एक करके उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई की. जिसके बाद उनकी लंदन में नौकरी लगी. लेकिन उनका कहना है कि 'सब कुछ' पा लेने पर भी उन्हें कुछ अधूरा लग रहा था. उन्हें यह खलता था कि वे अपने देश में नहीं हैं। 

    उन्होंने लिखा, "मैं चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों इसलिए वापस लौट आई और IAS बनने का सौभाग्य मिला। 

    उन्होंने कहा कि देवरिया और मिर्जापुर में काम करने के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला. उनका कहना है कि अपनी सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए यह महसूस किया कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है। 

    दिव्या का कहना है कि शुरू में उन्हें लगता था कि वे लोगों के लिए कुछ करने आई हैं, लेकिन इसे उन्होंने अपनी 'नासमझी' बताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों से सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान मिला. उन्होंने लिखा कि जब भी वे कभी थकी या परेशान हुई तो लोगों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी. उन्होंने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और सहयोगियों का भी आभार जताया है। 

    अंत में उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का जिक्र करते हुए बताया कि जब उनके गांव में पहली बार उन्होंने पानी पहुंचाया तो महिला ने तब कुछ कहा नहीं बस उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया. दिव्या ने कहा कि IAS का पद भले ही छूट गया हो लेकिन वह आशीर्वाद और देश के लिए बहुत कुछ करने का सपना आज और हमेशा उनके साथ रहेगा।