Author: NewseDay

  • अपराध रोकने पुलिस में किया फेरबदल, मुजफ्फरपुर में कई थानों के थानाध्यक्ष बदले

    अपराध रोकने पुलिस में किया फेरबदल, मुजफ्फरपुर में कई थानों के थानाध्यक्ष बदले

    मुजफ्फरपुर.

    अपराध नियंत्रण व विधि व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसके तहत मनियारी, औराई, गायघाट समेत छह थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है। पूर्व से जमे कई थानाध्यक्षों को क्राइम कंट्रोल में विफलता के लिए हटाया गया है।

    एसएसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञिप्ति में बताया गया कि कार्यकुशलता, लोकहित एवं रिक्ति के आधार पर इन पुलिस पदाधिकारियों को पुलिस उपमहानिरीक्षक तिरहुत क्षेत्र के अनुमोदन उपरांत पदस्थापित किया गया है। जारी सूची के अनुसार अहियापुर के अपर थानाध्यक्ष दारोगा जितेंद्र महतो को मनियारी थानाध्यक्ष बनाया गया है। औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह को गायघाट थानाध्यक्ष। औराई थाना में अनुसंधान इकाई में तैनात दारोगा हेमलता कुमारी को औराई थानाध्यक्ष। काजीमोहम्मदपुर थाना के अनुसंधान इकाई से दारोगा शिवचन्द्र यादव को बरियारपुर थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई कांटी थाना से दारोगा यशवंत कुमार मिश्रा को बोचहां थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई मोतीपुर थाना से दारोगा अमिता सिंह को महिला थानाध्यक्ष बनाया गया है।

    इसके अलावा मनियारी थानाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता को वहां से बदलकर अनुसंधान इकाई साइबर थाना में तैनात किया गया है।
    बोचहां थानाध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया को अनुसंधान इकाई सदर थाना में तैनात किया गया है। बरियारपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना, महिला थानाध्यक्ष सबिता कुमारी को प्रभारी एएचटीयू कोषांग एसएसपी कार्यालय और गायघाट थानाध्यक्ष सरूण कुमार मंडल को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना में तबादला किया गया हैं। 

  • बैलगाड़ी से पहुंची बारात, देसी थीम वाली शादी ने ताजा की पुराने दिनों की यादें

    बैलगाड़ी से पहुंची बारात, देसी थीम वाली शादी ने ताजा की पुराने दिनों की यादें

    समस्तीपुर.

    शहर की सड़कों पर बुधवार की शाम कुछ अलग ही था। न डीजे की कानफोड़ू आवाज, न रोशनी की चकाचौंध, न लग्जरी गाड़ियों की कतार। अगर कुछ था तो बैलों की सधी हुई चाल, लकड़ी की बैलगाड़ियों की मद्धिम चरमराहट और लोकगीतों की कोमल तान। यह नजारा देख हर राहगीर ठिठक गया, मोबाइल कैमरे निकल आए और एक ही सवाल गूंजने लगा, अब भला बैलगाड़ी से भी कोई बरात जाता है? 

    आलोक की अनूठी शादी
    यह अनोखी और पूरी तरह देसी थीम वाली बरात शहर के जाने-माने कारोबारी प्रदीप सेठ के पुत्र आलोक की शादी की थी। गोला रोड स्थित होटल से जब शाम ढलते ही बरात निकली, तो मानो समय कुछ पल के लिए पीछे लौट गया। दूल्हा रथ पर सवार था। सिर पर सेहरा, चेहरे पर सादगी भरी मुस्कान और मन में परंपरा को जीने का संकल्प। उसके पीछे-पीछे 22 सजी-धजी बैलगाड़ियों का कारवां धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। 

    बैलगाड़ी की शाही सवारी 
    इन बैलगाड़ियों पर बैठे बाराती किसी शाही सवारी का आनंद ले रहे थे। कहीं सोफा सेट लगे थे, तो कहीं गद्दों पर बैठकर लोग लोकधुनों के साथ झूम रहे थे। करीब दो किलोमीटर का यह सफर तय कर जब बरात मथुरापुर स्थित गजराज पैलेस पहुंची, तब तक यह केवल एक विवाह जुलूस नहीं रह गई थी, बल्कि चर्चा का विषय बन चुकी थी। इस बारात की खास बात यह थी कि यह पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त थी। न धुएं का गुबार, न शोर-शराबा। सिर्फ उल्लास, अपनापन और प्रकृति के साथ सामंजस्य। बैलगाड़ी के पहियों की आवाज, फूलों की खुशबू और लोकगीतों की तान ने ऐसा दृश्य रचा, जैसे गांव की आत्मा खुद इस विवाह की साक्षी बन गई हो।

    पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    कार्यक्रम संयोजक और पशुप्रेमी महेंद्र प्रधान बताते हैं कि इस देसी और पर्यावरण-संवेदनशील आयोजन के लिए आसपास के गांवों से 35 जोड़ी बैलगाड़ियों को बुलाया गया था। सभी को पारंपरिक अंदाज में सजाया गया। कुछ खास मेहमानों के लिए बैलगाड़ियों पर सोफा लगाए गए, जबकि बाकी में गद्दों की व्यवस्था की गई थी। जब यह अनोखी बरात सड़क पर निकली, तो देखने वालों के चेहरे पर हैरानी और मुस्कान एक साथ थी। किसी ने कहा,“यह तो असली शादी है”, तो किसी ने इसे परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर मेल बताया। शोर और दिखावे के इस दौर में यह देसी थीम वाली शादी यह संदेश दे गई कि सादगी, संस्कृति और पर्यावरण के साथ भी उत्सव उतना ही भव्य हो सकता है। वहीं दूल्हा आलोक ने कहा कि कुछ अलग करने की चाहत थी, लेकिन उसका यह स्वरूप होगा, सोचा नहीं था।

  • लाड़ली बहनों की 25 हजार की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें कारण

    लाड़ली बहनों की 25 हजार की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें कारण

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में प्रदेश में 1.31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, जो जनवरी 2026 तक घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई हैं। यानी बीते 27 महीनों में 6.28 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं।

    सरकार के मुताबिक योजना से बाहर हुई अधिकतर महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाता है। इसी बीच एक और बड़ी वजह सामने आई है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि उनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही समग्र आईडी रिकवर होगी, इन महिलाओं की रुकी हुई किस्त फिर से जारी कर दी जाएगी।

    विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए रजिस्ट्रेशन बंद थे, तो आंकड़ों में बढ़ोतरी कैसे हुई? इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया। 

    27 महीने कम गईं 6 लाख से अधिक महिलाएं

    जब लाड़ली बहना योजना की शुरूआत हुई तो 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड थीं। जिनकी संख्या पिछले 27 महीने में घटकर केवल 1.25 से अधिक रह गई हैं। यानी करीब 6 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। सरकार के द्वारा जानकारी दी गई कि इसमें अधिकतम वह महिलाएं हैं। जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है।
    25 हजार से अधिक महिलाएं का भुगतान बंद

    प्रदेश में 25 हजार से अधिक लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया है क्योंकि इनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई है। जैसे ही दोबारा समग्र आईडी रिकवर हो जाएंगी। भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
    कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल पेश किया कि जब नए रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो संख्या में बढ़ोत्तरी कैसे हो गई। इसका मंत्री ने लिखित में देने से मना कर दिया।

    क्या तकनीकी गड़बड़ी और उम्र सीमा की वजह से हजारों जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर हो रही हैं? और क्या सरकार इस डेटा गड़बड़ी पर ठोस कदम उठाएगी?

  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सबूत जुटाने में जुटी पुलिस, मामले की जांच में नई तेज़ी

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सबूत जुटाने में जुटी पुलिस, मामले की जांच में नई तेज़ी

    प्रयागराज

    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के हाई प्रोफाइल मुकदमे में मंगलवार को जांच ने रफ्तार पकड़ ली। पुलिस ने एक नाबालिग पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया, जबकि दूसरे पीड़ित के बयान और साक्ष्यों के मिलान की प्रक्रिया जारी है। टीम ने माघ मेला क्षेत्र में कथित घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर शिविरों की स्थिति, वहां की आवाजाही और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की।

    यह मुकदमा अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दो नाबालिगों को बयान के लिए प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर पॉक्सो की विशेष अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और पूर्व में दर्ज कराए गए बयानों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और मेला क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि कथित घटनाओं के समय संबंधित लोग किस स्थान पर मौजूद थे।

    साधु-संतों और चश्मदीदों से होगी पूछताछ

    पुलिस की विवेचना अब केवल तकनीकी साक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। जांच टीम ने उस शिविर क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया है जहाँ कथित अनुष्ठान आयोजित होने की बात कही गई है। पुलिस अब आसपास के शिविरों के संचालकों, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और नियमित आने-जाने वाले साधु-संतों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

    पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उस विशेष अवधि में नाबालिगों की उपस्थिति वहां देखी गई थी और क्या किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक आसपास के लोगों को थी। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जांच के हर चरण की वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ या पक्षपात का आरोप न लगाया जा सके।

    उच्चाधिकारियों की निगरानी में हो रही है जांच

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है। जांच के अगले चरण में आरोपित पक्ष से भी विस्तृत पूछताछ की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उधर, अविमुक्तेश्वरानंद ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की केक काटते हुए फोटो वायरल की है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और शिकायतकर्ता की मिलीभगत से उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल फोटो की सत्यता और संदर्भ की जांच की जा रही है। इससे विवेचना की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ‘जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी, न कि आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।’

    अविमुक्तेश्वरानंद ने दाखिल की अग्रिम जमानत की अर्जी

    प्रयागराज। अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज़ होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर जल्दी सुनवाई होने की संभावना है। आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर प्रयागराज में नियुक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के आदेश के क्रम में रविवार को झूंसी थाने में पॉस्को एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज़ किया गया था, जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।

    इसे देखते हुए गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। झूंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज़ होने के बाद विवेचना को तेज कर दिया है। पीड़ितों का बयान लेने के लिए पुलिस हरदोई गई थी। ऐसे में मुकदमे की गंभीर धाराओं को देखते हुए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है।

  • PM मोदी के प्रस्थान के तुरंत बाद ईरान पर अटैक की अटकलें, ओवैसी ने भड़के

    PM मोदी के प्रस्थान के तुरंत बाद ईरान पर अटैक की अटकलें, ओवैसी ने भड़के

    नई दिल्ली

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी एक पोस्ट में ओवैसी ने इस कदम को फिलिस्तीन के प्रति भारत के ऐतिहासिक समर्थन के साथ विश्वासघात करार दिया है। ओवैसी ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी की यात्रा खत्म होते ही अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है।
    गाजा को लेकर ओवैसी की सख्त टिप्पणी

    ओवैसी ने अपने पोस्ट की शुरुआत में ही गाजा की स्थिति को 'नरसंहार' करार दिया। उन्होंने लिखा कि गाजा में जो कुछ भी हो रहा है, उसे इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। एआईएमआईएम प्रमुख ने इजरायल के प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए उन्हें 'युद्ध अपराधी' कहा, जिसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है। उन्होंने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे समय में इजरायल जाना और एक 'युद्ध अपराधी' को गले लगाना भारत की स्थापित विदेश नीति के खिलाफ है।

    ओवैसी ने कहा कि भारत हमेशा से फिलिस्तीनी लोगों और उनके अधिकारों का समर्थन करता आया है। उनके अनुसार, मौजूदा प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत के उस लंबे समय से चले आ रहे सैद्धांतिक समर्थन के साथ सीधा धोखा है। ओवैसी ने मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की भी आशंका जताई है। उन्होंने अंदेशा जताया कि प्रधानमंत्री के इस दौरे के समाप्त होने के बाद अमेरिका, ईरान पर हमला कर सकता है। उन्होंने अपनी इस पोस्ट का अंत 'जायोनिज्म मुर्दाबाद' के नारे के साथ किया है, जो इजरायल की राजनीतिक विचारधारा 'जायोनिज्म' के प्रति उनके कड़े विरोध को दर्शाता है।
    कांग्रेस ने भी बोला हमला

    कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल दौरे से पहले बुधवार को आरोप लगाया था कि जब पूरी दुनिया इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना कर रही है तो प्रधानमंत्री मोदी वहां 'नैतिक कायरता' का परिचय देने जा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू गाजा में थे और उन्होंने वहां संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन बल की भारतीय टुकड़ी से मुलाकात की थी। 29 नवंबर 1981 को भारत ने फलस्तीन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। 18 नवंबर 1988 को भारत ने औपचारिक रूप से फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी।'

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'मुझे आशा है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपनी आगामी इजराइल यात्रा पर नेसेट को संबोधित करते हुए गाजा में हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का उल्लेख करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे।' उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत अपने पूरे इतिहास में जो सही है, उसके लिए खड़ा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा, 'हमें दुनिया को सत्य, शांति और न्याय की रोशनी दिखाना जारी रखना चाहिए।'
    ऐतिहासिक दौरे पर पीएम मोदी, गाजा शांति योजना का जिक्र

    बता दें कि प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय इजरायल दौरे पर हैं। एक दिन पहले उन्होंने इजरायल की संसद 'नेसेट' में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजरायल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है।

    मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक 'सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है'। उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री इजरायल की प्रतिनिधि सभा, नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यहां पहुंचे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इजरायल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया।

  • 16 मार्च को होंगे चुनाव, हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर नॉमिनेशन शुरू

    16 मार्च को होंगे चुनाव, हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर नॉमिनेशन शुरू

    पंचूकला.

    9 अप्रैल को खाली होने जा रही हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। खाली सीटों को भरने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नॉमिनेशन भर सकेंगे।

    वोटिंग के लिए 16 मार्च की डेट फाइनल की गई है। भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। अभी ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। 16 मार्च को वोटिंग के बाद शाम को रिजल्ट जारी होगा। वहीं ईसीआई के जारी नोटिफिकेशन में हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है। पंकज अग्रवाल अभी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। वहीं असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को दी गई है।

  • CET एग्जाम में शामिल हुए लाखों युवा, मुख्यमंत्री के बेटे ने भी भरा था सरकारी नौकरी का फार्म

    CET एग्जाम में शामिल हुए लाखों युवा, मुख्यमंत्री के बेटे ने भी भरा था सरकारी नौकरी का फार्म

    पंचूकला.

    हरियाणा में तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) की गंभीरता और महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी ने भी परीक्षा के लिए आवेदन फार्म भरा था अनिकेत सैनी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और इस समय उनका द्वितीय वर्ष चल रहा है।

    अनिकेत आवेदन फार्म भरने के बाद 26 व 27 जुलाई को हुई सीईटी की परीक्षा सिर्फ इसलिए नहीं दे पाए, क्योंकि उस समय दिल्ली की एक लॉ कंपनी में उनकी इंटर्नशिप चल रही थी। मुख्यमंत्री के बेटे अनिकेत द्वारा सीईटी की परीक्षा के लिए फार्म भरने की सूचना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूचा विपक्ष राज्य में बाहरी युवाओं को नौकरियां देने, हरियाणवी युवाओं की अनदेखी करने तथा राज्य के युवाओं को नौकरियां नहीं मिलने के आरोप लगा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

    हरियाणा के युवाओं को मिल रहीं नौकरियां
    उनका मानना है कि जब दूसरे राज्यों में हरियाणा के युवाओं को नौकरियां मिल सकती हैं तो फिर हरियाणा में बाहरी राज्यों के युवा मैरिट के आधार पर नौकरियां क्यों नहीं प्राप्त कर सकते। हरियाणा लोक सेवा आयोग के आंकड़ों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि बाहरी युवाओं के नौकरी पाने का प्रतिशत दो से तीन ही है, जबकि बाकी पदों पर हरियाणवी युवा ही नौकरियां कर रहे हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा सरकार ने हर साल 15 से 16 हजार 500 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इनमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की नौकरियां करीब 15 हजार और हरियाणा लोक सेवा आयोग की नौकरियां एक हजार से डेढ़ हजार प्रतिवर्ष शामिल हैं। अभी तक कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एक लाख 60 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से करीब 18 हजार नौकरियां दी चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जब हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब साल 2022 में पहली बार सीईटी हुआ था।

    13.58 लाख युवाओं ने किया आवेदन
    उसके तीन साल बाद 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सीईटी हुआ है। अब सरकार चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए सीईटी के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सीईटी की परीक्षा के लिए 13.48 लाख युवाओं ने आवेदन भरे थे, जिनमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी भी एक अभ्यर्थी रहे हैं। इनमें से करीब 12 लाख ने परीक्षा दी और आठ लाख य़ुवा पास हुए। इन पास युवाओं के लिए सरकार ने अब तक करीब 13 हजार नौकरियों के अवसर प्रदान कर दिए हैं और करीब 10 हजार पदों पर नौकरियां जल्द निकलने वाली हैं।

    सीएम का दावा- हम योग्य युवाओं को नौकरी दे रहे सीएम के बेटे द्वारा नौकरी के लिए प्रारंभिक परीक्षा का फार्म भरने से लेकर रिक्शा चलाने वाले व ठेला खींचने वाले लोगों के घर भी सरकारी नौकरियां लगी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि जिस मुहिम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चालू किया था, वह आज भी उसी तरह से अनवरत जारी है। विपक्ष कमियां ढूंढता रहे और हम गरीब व जरूरतमंदों को मैरिट के आधार पर नौकरियां देते रहेंगे।

  • रट्टा नहीं अब तर्क और समझ से मिलेंगे अंक, CBSE Exam में अब रटने का दौर खत्म

    रट्टा नहीं अब तर्क और समझ से मिलेंगे अंक, CBSE Exam में अब रटने का दौर खत्म

    लुधियाना.

    सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की बोर्ड परीक्षाओं में अब पारंपरिक यानी रटे-रटाए सवालों का युग समाप्त हो रहा है। बोर्ड ने अपनी मूल्यांकन पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड (योग्यता आधारित), केस बेस्ड और सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्नों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है।

    इस नए बदलाव का उद्देश्य शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक बनाना है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब प्रश्नपत्र इस तरह तैयार किए जा रहे हैं जो छात्र की सिर्फ याद्दाश्त का नहीं, बल्कि उनकी तर्क शक्ति, विश्लेषण क्षमता और किसी विशेष परिस्थिति को समझने की क्षमता का आकलन कर सकें। इस नए पैटर्न में ‘असर्शन-रीजन’ (कथन-कारण) आधारित सवालों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढौतरी की गई है। कैमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी और कक्षा 10वीं के अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी इसी तरह के चुनौतीपूर्ण और समझ पर आधारित प्रश्नों की प्रधानता रहेगी, ताकि छात्रों को विषय की गहराई तक ले जाया जा सके।

    विशेषज्ञों के अनुसार कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नों को बढ़ाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे छात्र रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को बेहतर तरीके से समझेंगे। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे एन.सी.ई.आर.टी. के हर सिद्धांत को गहराई से पढ़ें, सैंपल पेपर हल करते समय प्रश्नों की भाषा और तर्क को समझें तथा प्रतिदिन केस-स्टडी आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।

  • राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार, मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए सैनिक शहीद

    राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार, मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए सैनिक शहीद

    संगरूर.

    पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि वे भारतीय सेना में तैनात थे और पिछले 21 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। मणिपुर में चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से हुई।

    अचानक फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। शहादत की खबर मिलते ही गांव महलां चौक सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आसपास के इलाकों के लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदना जता रहे हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।

    परिवार में छाया मातम
    परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह मिलनसार, बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्हें गांव का हर व्यक्ति सम्मान देता था। इस बीच शहादत को लेकर मुआवजे और सरकारी सहायता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह मैहलां ने राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और गांव में उनकी याद में स्मारक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र घोषणा नहीं करती तो संगठन स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

    लोग वीर सपूत को अंतिम विर्दा देने की तैयारी में जुटे
    प्रशासन की ओर से एसडीएम दिड़बा ने जानकारी दी कि शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं। गुरप्रीत सिंह की शहादत ने एक बार फिर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साहस और बलिदान को उजागर किया है।

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हलचल, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम तय

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हलचल, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम तय

    मुंबई 

    अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लेने की खबर है। पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार तय किया है। इस निर्णय को अजित पवार के बाद पार्टी की कमान तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

     राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आज गुरुवार को मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में होने जा रही है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पिछले महीने बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी था।

    पार्थ पवार नहीं, सुनेत्रा पर लगी मुहर

    अजित पवार के निधन के बाद से ही सवाल उठ रहा था कि पार्टी का अगला मुखिया कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम भी काफी ऊपर था, लेकिन पार्टी के अनुभवी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर भरोसा जताया है। महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे ने भी सुनेत्रा पवार के नाम का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज होने वाली बैठक में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से सुनेत्रा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपेगी। सुनेत्रा पहले ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं, और अब संगठन की कमान संभालना उनके लिए एक नई परीक्षा होगी।

    राज्यसभा की सीट पर अब बेटे का कब्जा

    नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ परिवार और पार्टी के भीतर पदों का नया बंटवारा भी शुरू हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाली हुई इस राज्यसभा सीट के लिए पार्टी ने पार्थ पवार को अपना उम्मीदवार बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब पिता की विरासत को सुनेत्रा राज्य में संभालेंगी, जबकि दिल्ली की राजनीति में पार्थ पवार पार्टी का चेहरा बनेंगे। हालांकि, सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

    क्या सुप्रिया सुले देंगी सुनेत्रा को वॉकओवर?

    अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। एनसीपी (अजित गुट) यहाँ से सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश यह है कि इस उपचुनाव को 'निर्विरोध' कराया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने की यह एक राजनीतिक परंपरा होनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसके संकेत दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो बारामती से सुनेत्रा पवार की जीत तय है और यह पवार परिवार के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट को कम करने का एक बड़ा जरिया भी बन सकता है।

    संगठन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक

    आज वर्ली में होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि अजित पवार के बिना पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ है। कार्यकर्ताओं में अपने चहेते नेता को खोने का गम तो है, लेकिन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वे नई ऊर्जा तलाश रहे हैं। आगामी उपचुनाव और संगठन को मजबूती देने के लिए सुनेत्रा के पास बहुत कम समय है। क्या वे अजित पवार के उस करिश्मे को बरकरार रख पाएंगी जिसने एनसीपी को महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रखा था? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के इतिहास में सुनेत्रा पवार के उदय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।