Author: NewseDay

  • सिंगापुर मामले में नया मोड़: आरोपी महिला ने जुबीन को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

    सिंगापुर मामले में नया मोड़: आरोपी महिला ने जुबीन को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

    गुवाहाटी
    संगीत जगत के दिग्गज जुबीन गर्ग की सितंबर 2025 में सिंगापुर में हुई रहस्यमयी मौत के मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। शुक्रवार को गुवाहाटी सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मुख्य आरोपी संगीतकार अमृतप्रभा महंता और जुबीन के दो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों (PSOs) की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

    सत्र न्यायाधीश ने अमृतप्रभा महंता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, जिनके लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष के तर्क प्रथम दृष्टया यह दर्शाते हैं कि महंता ने अन्य मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची, जिसने जुबीन गर्ग की मृत्यु की राह आसान कर दी।

    महंता उन चार लोगों में से एक हैं जिन पर पुलिस ने सितंबर 2025 में सिंगापुर में गर्ग की मौत के सिलसिले में हत्या का आरोप लगाया है। गर्ग वहां नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने वाले थे। बाकी तीन लोग नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल सिंगापुर के ऑर्गनाइज़र श्यामकानु महंता, गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और एक और साथी म्यूज़िशियन शेखर ज्योति गोस्वामी हैं।

    अपनी बेल याचिका में महंता के वकील ने कहा कि उन्होंने असम और उसके बाहर गर्ग के साथ परफॉर्म किया था और उनके कहने पर वह सिंगापुर में फेस्टिवल के लिए उनके साथ गई थीं। वह 29 साल की महंता के लिए पिता जैसे थे। इसमें कहा गया है कि पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उन्हें गर्ग के साथ वही कमरा दिया गया है और वह विदेश में कमरे के इस अलॉटमेंट पर कोई आपत्ति नहीं कर सकती थीं और क्योंकि उन्हें अपने पिता जैसे व्यक्ति के साथ उसी कमरे में रहने के लिए कहा गया था, इसलिए वह उसी कमरे में रहीं। उन्हें पिछले दिन तक यॉट राइड के बारे में पता नहीं था।
    क्या हैं आरोप?

    असम पुलिस की चार्जशीट में अमृतप्रभा महंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सिंगापुर के होटल रूम में जुबीन को अत्यधिक शराब पीने के लिए उकसाया। उन्होंने जुबीन के स्वास्थ्य और नींद की कमी के बारे में उनके मैनेजर या पत्नी को सूचित नहीं किया। उन्होंने जुबीन को उस गंभीर नशे की हालत में बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में तैरने के लिए प्रोत्साहित किया।

    दूसरी ओर, जुबीन के दो पीएसओ नंदेश्वर बोराह और परेश बैश्य पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात (पैसे के दुरुपयोग) का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने उस पैसे का गबन किया जो जुबीन का था, जो कि समाज पर बुरा असर डालने वाला एक गंभीर अपराध है।
    सिंगापुर और भारत के बीच कानूनी पेच

    जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजरस द्वीप पर एक यॉट यात्रा के दौरान हुई थी। सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट में जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि जुबीन अत्यधिक नशे में थे और उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। वहां की पुलिस इसे एक दुर्घटना (डूबने से मौत) के रूप में देख रही है। वहीं, भारत में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने इसे हत्या और साजिश का मामला मानते हुए 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
    जुबीन की पत्नी की अपील

    जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले के लिए एक विशेष अदालत और त्वरित सुनवाई की मांग की है। गरिमा का कहना है कि जब तक मुकदमा पूरा नहीं हो जाता, किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी 2026 की तारीख तय की है।

  • आलिया भट्ट ने किया कबूल, सोशल मीडिया से दूरी बनाने का करती हैं रोज विचार

    आलिया भट्ट ने किया कबूल, सोशल मीडिया से दूरी बनाने का करती हैं रोज विचार

    मुंबई 
       बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के लिए भी जानी जाती हैं. हाल में एक्ट्रेस ने इसे लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. जिसके मुताबिक साल 2022 में मां बनने के बाद आलिया की जिंदगी में काफी कुछ बदल गया है.

    'एस्क्वायर इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में आलिया ने अपने फेम, निजी जिंदगी और सोशल मीडिया के दबाव के बारे में दिल खोलकर बात की. उन्होंने बताया कि कई बार उनका मन करता है कि वे अपना सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह डिलीट कर दें और दुनिया की इस चकाचौंध से दूर सिर्फ अपने काम पर ध्यान दें. 

    सोशल मीडिया डिलीट करने का मन
    आलिया ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया डिलीट करने से वह उन लोगों से कट जाएंगी जिन्होंने लंबे समय से उन्हें सपोर्ट किया है. उन्होंने कहा, 'कई बार मैं सुबह उठती हूं और सोचती हूं, ठीक है, मैं बस अपना सोशल मीडिया डिलीट करना चाहती हूं और एक ऐसी एक्ट्रेस बनना चाहती हूं जो सिर्फ एक्टिंग करे. मैं बार-बार इस बातचीत में शामिल नहीं होना चाहती. मुझे पता है कि इससे उन बहुत से लोगों से मेरा कॉन्टैक्ट खत्म हो जाएगा, जिन्होंने शुरुआत से मुझे सपोर्ट किया है, और मैं ऐसा नहीं करना चाहती.'

    एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'जब अपनी पर्सनल लाइफ को सच में शेयर करने की बात आती है. अब मेरी पर्सनल लाइफ इतनी पर्सनल है कि मुझे थोड़ी मुश्किल होती है. मेरा फोटो एल्बम राहा की तस्वीरों से भरा है. मुझे सच में अपनी तस्वीरें लेने के लिए मेहनत करनी पड़ती है.' एक्ट्रेस ने मां बनने को एक बहुत बड़ा बदलाव बताया, जो किसी इंसान के शरीर और सोच को बदल देता है.

    आलिया के परिवार के बारे में
    आलिया ने कई सालों तक एक्टर रणबीर कपूर को डेट किया. उन्होंने अप्रैल 2022 में शादी की. उनकी पहली बच्ची राहा का जन्म उसी साल नवंबर में हुआ था. रणबीर और आलिया ने क्रिसमस 2023 पर राहा के साथ पहली बार पब्लिक में आकर अपने फैंस को सरप्राइज दिया.

     

  • OnePlus Fans के लिए खुशखबरी! Amazon पर इस फोन पर 12,000 रुपये तक का डिस्काउंट

    OnePlus Fans के लिए खुशखबरी! Amazon पर इस फोन पर 12,000 रुपये तक का डिस्काउंट

    मुंबई 

    OnePlus 13 पर आकर्षक ऑफर मिल रहा है. इस फोन को आप कई हजार रुपये के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं. स्मार्टफोन पर 12 हजार रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है, जिसे आप आसानी से भुना सकते हैं. डिस्काउंट के साथ ये फोन Amazon पर मिल रहा है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ये फोन 61,999 रुपये की कीमत पर लिस्ट है. कंपनी ने इस फोन को 69,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था. ये कीमत फोन के 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की है. ऐमेजॉन पर ये फोन 8 हजार रुपये के फ्लैट डिस्काउंट पर मिल रहा है. इसके अलावा आप बैंक ऑफर का फायदा उठा सकते हैं. फोन पर 4 हजार रुपये का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है. 
           

    इसके अलावा आप स्मार्टफोन पर एक्सचेंज ऑफर और लो-कॉस्ट EMI का भी फायदा उठा सकते हैं. सभी ऑफर्स के बाद फोन की कीमत घटकर 57,999 रुपये हो जाती है. OnePlus 13 में 6.82-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए सिरेमिक गार्ड ग्लास इस्तेमाल किया गया है.        

    फोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite पर काम करता है. इसमें 50MP + 50MP + 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. वहीं फ्रंट में कंपनी ने 32MP का सेल्फी कैमरा दिया है.     
          
    फोन को पावर देने के लिए 6000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 100W की वायर्ड चार्जिंग और 50W की वायरलेस चार्जिंग मिलती है. स्मार्टफोन वायरलेस रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करता है. 

  • ChatGPT ट्रांसलेट की एंट्री: स्मार्ट अनुवाद का दावा, गूगल ट्रांसलेट से कितना बेहतर?

    ChatGPT ट्रांसलेट की एंट्री: स्मार्ट अनुवाद का दावा, गूगल ट्रांसलेट से कितना बेहतर?

     नई दिल्ली

    OpenAI ने एक और नया टूल लॉन्‍च कर दिया है जो बहुत से लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकता है। ChatGPT Translate नाम से आए टूल का मुख्‍य काम अनुवाद करना है, लेकिन इस टूल की सबसे खास बात है कि यह जरूरत देखकर अनुवाद करता है। उदाहरण के लिए आप किसी आर्टिकल को बिजनेस के लिए फॉर्मल ट्रांसलेट करवा सकते हैं जबकि बच्‍चों के लिए उसे और आसान भाषा में तैयार कराया जा सकता है। चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी लगभग 50 भाषाओं में अनुवाद कर सकता है। इसमें हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाएं शामिल हैं।

    गूगल ट्रांसलेट जैसा इंटरफेस
    चैटजीपीटी ट्रांसलेट का इंटरफेस, गूगल ट्रासंलेट जैसा ही है। इसमें दो बॉक्‍स हैं। एक बॉक्‍स में कंटेंट डालना होगा। दूसरे बॉक्‍स में आप भाषा का चुनाव करेंगे, जिसमें आपको ट्रांसलेशन चाहिए। वैसे तो चैटजीपीटी में पहले से ट्रांसलेशन की सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब इसे एक अलग प्रोडक्‍ट के तौर पर ले आया गया है। यह वेबसाइट और मोबाइल दोनों पर काम करेगा। एनबीटी टेक ने जब इस टूल को टेस्‍ट किया तो यह वेब ब्राउजर पर काम कर रहा था। ओपनएआई ने इस टूल के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं दी है। यह भी नहीं बताया है कि उसने इसमें कौन सा मॉडल इस्‍तेमाल किया है।

    इन भारतीय भाषाओं में सपोर्ट
    चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी हिंदी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तम‍िल, तेलेगु, ऊर्दू जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट कर रहा है। यानी यह लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा दे रहा है।

    ChatGPT ट्रांसलेट VS Google ट्रासंलेट
    ChatGPT ट्रांसलेट में टेक्‍स्‍ट, इमेज और वॉइस ट्रांसलेशन की सुविधा देने की बात कही गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हमें इमेज ट्रांसलेशन काम करता हुआ नहीं दिखा। यह फीचर अगले कुछ दिनों में आ सकते हैं। अच्‍छी बात यह है कि ट्रांसलेशन को अपने मुताबिक बदला जा सकता है। गूगल ट्रांसलेशन में एक बार जो ट्रांसलेट हो जाता है, वह बदला नहीं जाता। चैटजीपीटी ट्रांसलेशन में आप एआई से यह कह सकते हैं कि उसे किस अंदाज में बदले। यह फीचर भविष्‍य की ओर इशारा करता है जिसका मुख्‍य मकसद किसी बात को सिर्फ अनुवाद की शक्‍ल में पेश ना करके उसे आसान और समझने वाली बातचीत में बदलना है।

  • सीरीज का क्लाइमेक्स मैच: सैमसन की लय और अक्षर की सेहत तय करेगी भारत की रणनीति

    सीरीज का क्लाइमेक्स मैच: सैमसन की लय और अक्षर की सेहत तय करेगी भारत की रणनीति

    तिरुवनंतपुरम
    खिताब का प्रबल दावेदार भारत टी20 विश्व कप से पहले शनिवार को यहां जब न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेलने के लिए उतरेगा तो उसे उम्मीद रहेगी कि संजू सैमसन अपने घरेलू दर्शकों के सामने फॉर्म में वापसी करने और अक्षर पटेल फिटनेस हासिल करने में सफल रहेंगे।

    विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने प्रयोग करते हुए पांच मुख्य गेंदबाजों को ही खिलाया तथा ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे से गेंदबाजी नहीं करवाई। भारत यह मैच हार गया था लेकिन इससे श्रृंखला के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि भारतीय टीम पहले ही इसे अपने नाम कर चुकी थी।

    जैसा कि श्रृंखला के पिछले मैचों में देखा गया, भारत अपने गेंदबाजी विभाग में एक बार फिर फेरबदल कर सकता है। भारतीय टीम प्रबंधन पिछले दो मैचों में आराम देने के बाद मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को मौका दे सकता है।

    बल्लेबाजी विभाग में शायद ज्यादा बदलाव न हों, लेकिन टीम प्रबंधन सैमसन पर नजर रखेगा। अपनी निर्भीक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सैमसन इस श्रृंखला में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। उनकी फॉर्म के बजाय उनकी तकनीकी कमजोरी चिंता का विषय है जिससे उनका आत्मविश्वास भी डगमगा गया है। वह सात फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले बड़ी पारी खेलने के लिए बेताब होंगे।

    सैमसन अब अपनी गृह नगर में खेलेंगे और यहां के अपने समर्थकों के सामने शायद वह अपनी खोई हुई लय को फिर से प्राप्त कर लें। टीम के आगमन के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो से यह स्पष्ट हो गया कि वह देश के इस हिस्से में सुपरस्टार हैं।

    कप्तान सूर्यकुमार यादव को हवाई अड्डे के निकास द्वार पर अपने ‘चेट्टा’ (बड़े भाई) के लिए मजाक में रास्ता साफ करते हुए देखा गया, जहां सैकड़ों प्रशंसक सैमसन और उनके साथियों की एक झलक पाने के लिए कतार में खड़े थे।

    ईशान किशन के रूप में भारतीय टीम के पास सैमसन का मजबूत विकल्प मौजूद है। उन्होंने इस श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज को अज्ञात चोट के कारण पिछले मैच से बाहर बैठना पड़ा था।

    ऑलराउंडर अक्षर भी नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उंगली में चोट लगने के बाद से नहीं खेले हैं। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे मैच से पहले नेट पर गेंदबाजी की थी।

    भारत टी20 विश्व कप में अपना पहला मैच सात फरवरी को मुंबई में खेलेगा और वह उससे पहले जीत हासिल करना चाहेगा। इस तरह से देखा जाए तो भारत इस मैच को औपचारिकता नहीं मानेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत से शैली, ताकत और गहराई से भरपूर टीम का आत्मविश्वास और भी बढ़ेगा।

    न्यूजीलैंड की टीम बिल्कुल यह नहीं चाहेगी कि ऐसा हो। उसकी टीम पहले तीन मैचों में वे भारत के आक्रामक रवैये के सामने बेबस नजर आई, लेकिन विशाखापत्तनम में उन्होंने भारत के प्रमुख बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की।

    अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव को आउट करने के बाद, न्यूजीलैंड के गेंदबाज शिवम दुबे की तूफानी बल्लेबाजी के बावजूद बाकी बल्लेबाजों को रोकने में सफल रहे। अब उन्हें पता चल गया है कि यह भारतीय टीम अजेय नहीं है और 3-2 का अंतर उन्हें आगामी बड़े मुकाबलों से पहले मानसिक रूप से मजबूत करेगा।

    ग्रीनफील्ड स्टेडियम में ढेरों रन बनते रहे हैं। भारत ने यहां खेले गए अपने चार टी20 मैचों में से तीन जीते हैं, जिसमें 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीता गया एक मैच भी शामिल है। लेकिन जैसा कि कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा, कीवी टीम अब जानती है कि भारत को हराने के लिए क्या करना जरूरी है। ऐसे में यहां एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

    सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट के टीम में शामिल होने से न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को काफी मजबूती मिली है। न्यूजीलैंड की टीम हालांकि गेंदबाजी में सुधार की उम्मीद कर रही होगी। उसके प्रमुख तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन टीम में शामिल है लेकिन वह अंतिम एकादश में जगह बना पाते हैं या नहीं, यह उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा।

    टीम इस प्रकार हैं:
    भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उप-कप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई।

    न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रैसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे (विकेटकीपर), जैकब डफी, जैक फाक्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, ईश सोढ़ी, लॉकी फर्ग्यूसन।

    मैच शाम सात बजे शुरू होगा।

     

  • भारतीय DRDO तैयार कर रहा ऐसा सिस्टम, S-400 पुरानी बात, जेट जैसे JF-17, J-10 होंगे बेअसर

    भारतीय DRDO तैयार कर रहा ऐसा सिस्टम, S-400 पुरानी बात, जेट जैसे JF-17, J-10 होंगे बेअसर

    बेंगलुरु 

    भारत डिफेंस सेक्‍टर में खुद को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. मिसाइल, तोप-टैंक, फाइटर जेट, एंटी मिसाइल सिस्‍टम के साथ ही अल्‍ट्रा मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी से लैस एयर डिफेंस सिस्‍टम भी डेवलप किया जा रहा है. 21वीं सदी में टेक्‍नोलॉजी ने बड़ी छलांग लगाई है. रक्षा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है. तकनीक ने युद्ध और सशस्‍त्र संघर्ष के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है. अब ड्रोन वॉरफेयर का समय आ गया है. इसके अलावा लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों ने पूरी दुनिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है. सामरिक तौर पर भारत की स्थिति काफी संवेदनशील है. हमारी देश की सीमाएं एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन से लगती हैं. इस्‍लामाबाद और बीजिंग की नीतियों से हर कोई वाकिफ है, ऐसे में भारत के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करना जरूरी ही नहीं, बल्कि अनिवार्य हो चुका है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन-पाकिस्‍तान की युगलबंदी देखने को मिली थी.

    चीनी फाइटर जेट और मिसाइल के साथ ही तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्‍तेमाल भारत पर अटैक करने में किया गया था. इन सब सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत ने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत नेशनल एयर डिफेंस सिस्‍टम विकसित करने पर काम कर रहा है. इस प्रोजेक्‍ट को साल 2035 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रखा गया है. इसके पूरी तरह से अस्तित्‍व में आने के बाद देश के हर हिस्‍से को किसी भी एरियल थ्रेट से सुरक्षित रखा जा सकेगा. मिशन सुदर्शन चक्र के तहत प्रोजेक्‍ट कुश (Project Kusha) पर काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि प्रोजेक्‍ट कुश इस तक पावरफुल होगा कि कई मायनों में रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम भी इसके सामने बौना पड़ जाएगा.

    भारत अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के तहत चल रहा प्रोजेक्ट कुश देश के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल बनकर उभर रहा है. आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) के प्रमुख अंकथि राजू ने इस कार्यक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य स्वदेशी इंटरसेप्टर मिसाइल प्रणाली विकसित करना है, जिसकी क्षमता रूस के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बराबर या कुछ मामलों में उससे भी बेहतर होगी. प्रोजेक्ट कुशा के तहत तीन प्रकार की इंटरसेप्टर मिसाइलें विकसित की जा रही हैं, जिन्हें M1, M2 और M3 नाम दिया गया है. ये तीनों मिलकर एक लेयर्ड एयर डिफेंस शील्ड बनाएंगी, जो लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और हाई-वैल्यू एयरबोर्न एसेट्स जैसे खतरों से देश की सुरक्षा करने में सक्षम होगी. यह प्रणाली भारत को लंबी दूरी की वायु रक्षा में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

     

    इतना खास क्‍यों है प्रोजेक्‍ट कुश?
    डिफेंस प्रोग्राम की पहली कड़ी M1 इंटरसेप्टर मिसाइल होगी, जिसकी मारक क्षमता लगभग 150 किलोमीटर तय की गई है. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोट के अनुसार, यह रेंज मौजूदा कई मध्यम दूरी की एयर डिफेंस मिसाइलों से अधिक है. उदाहरण के तौर पर S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम में इस्‍तेमाल की जाने वाली 9M96E2 मिसाइल की अधिकतम रेंज करीब 120 किलोमीटर मानी जाती है. ऐसे में M1 न केवल दूर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम होगी, बल्कि हाई-प्रिसिजन और इंस्‍टेंट रिएक्‍शन समय के साथ हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. दूसरी मिसाइल M2 को 250 किलोमीटर की रेंज के साथ विकसित किया जा रहा है. यह क्षमता इसे S-400 प्रणाली में इस्तेमाल होने वाली 48N6DM और 48N6E3 जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों की श्रेणी में खड़ा करती है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, M2 प्रोजेक्ट कुश की रीढ़ साबित होगी, क्योंकि यह हाई-स्‍पीड और हाई-अल्‍टीट्यूड पर उड़ रहे टार्गेट को भी प्रभावी ढंग से नष्ट करने में सक्षम होगी. इससे इंडियन एयर डिफेंस नेटवर्क की पहुंच और विश्वसनीयता दोनों में बड़ा इजाफा होगा.

    सबसे महत्वाकांक्षी घटक M3 इंटरसेप्टर है, जिसकी वर्तमान रेंज 350 किलोमीटर बताई गई है. हालांकि, पहले सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक इसके दायरे को 400 किलोमीटर तक बढ़ाने पर भी काम चल रहा है. यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह मिसाइल रूस की S-400 प्रणाली में इस्‍तेमाल 40N6E मिसाइल के बराबर पहुंच प्रदान करेगी. इतनी लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदने की क्षमता भारत को दुश्मन के हवाई क्षेत्र के भीतर गहराई तक निगरानी और प्रतिरोध का अवसर देगी, जिससे सामरिक बढ़त और डेटरेंस पावर दोनों में इजाफा होगा. DRDO अधिकारियों के अनुसार, M3 इंटरसेप्टर का पहला परीक्षण 2028 तक किए जाने की संभावना है. इस अवधि में इसके प्रोपल्शन सिस्टम, गाइडेंस तकनीक और रडार इंटीग्रेशन को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा, ताकि यह मिसाइल अपने तय प्रदर्शन मानकों को पूरा कर सके या उनसे आगे निकल सके. विशेषज्ञों का मानना है कि जब M3 का पहला परीक्षण होगा, तब तक इसकी क्षमताएं लगभग 400 किलोमीटर की रेंज के आसपास पहुंच सकती हैं.

    चीन-पाकिस्‍तान का हमला होगा बेकार

    प्रोजेक्ट कुश केवल तकनीकी उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा नीति में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करता है. अब तक भारत को लंबी दूरी की वायु रक्षा के लिए काफी हद तक इंपोर्टेड सिस्‍टम्‍स पर निर्भर रहना पड़ा है. प्रोजेक्‍ट कुश के सफल होने से न केवल विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी नई तकनीक, रोजगार और निर्यात के अवसर मिलेंगे. रणनीतिक दृष्टि से देखें तो यह परियोजना भारत के मल्‍टी-लेयर्ड एयर डिफेंस नेटवर्क को और सशक्त बनाएगी. M1, M2 और M3 की संयुक्त तैनाती से देश को मध्यम, लंबी और लंबी दूरी तक व्यापक सुरक्षा कवच मिलेगा. इससे सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और किसी भी संभावित हवाई खतरे के खिलाफ त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी. प्रोजेक्ट कुश भारत की रक्षा अनुसंधान क्षमताओं और रणनीतिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनता जा रहा है. यदि यह कार्यक्रम तय समयसीमा और लक्ष्यों के अनुरूप सफल होता है, तो भारत न केवल अपनी जरूरतों को स्वदेशी तकनीक से पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भी एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में उभर सकता है. प्रोजेक्‍ट कुश के तहत डेवलप इंटरसेप्‍टर मिसाइल्‍स चीन और पाकिस्‍तान के हर हमले को नाकाम करने में सक्षम होंगी.