Author: NewseDay

  • राजधानी का नाम बदलेगा? बीजेपी सांसद की मांग से छिड़ी नई बहस

    राजधानी का नाम बदलेगा? बीजेपी सांसद की मांग से छिड़ी नई बहस

    नई दिल्ली
    केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के फैसले पर केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद अब दिल्ली की नई पहचान की मांग भी उठ गई है। भाजपा के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ' करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर अपनी दलीलें पेश की हैं।

    दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ऐसा कदम भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी स्थान पर,संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, जिससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके।

    विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का सुझाव
    खंडेलवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी लेटर लिखा है और उनसे अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक लेटर में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

    और क्या दलीलें
    खंडेलवाल ने कहा कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक साक्ष्य और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं यह स्थापित करती हैं कि वर्तमान दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थल है, जो पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी थी, जैसा कि महाकाव्य महाभारत में वर्णित है। महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के तट पर बसा एक समृद्ध और भव्य नगर बताया गया है, जो आज की दिल्ली के भौगोलिक स्वरूप से पूरी तरह मेल खाता है।

    उन्होंने आगे बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है। खंडेलवाल ने कहा कि 'दिल्ली' नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं। लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

    सांसद ने बताया क्या होगा फायदा
    खंडेलवाल ने कहा, 'इंद्रप्रस्थ राजधानी की मूल सभ्यतागत पहचान का प्रतीक है, जबकि दिल्ली इतिहास के एक बाद के चरण को दर्शाता है। राजधानी का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की प्राचीन विरासत से उसके संबंध को पुनर्स्थापित करेगा और भारत की सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करेगा।' खंडेलवाल ने यह भी कहा कि भारत में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पुनर्स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज प्रमुख उदाहरण हैं।

    उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम पहले से ही दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों और स्थानों में प्रचलित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऐतिहासिक नाम को समाज में स्वाभाविक स्वीकृति प्राप्त है। खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की राजधानी की सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे राष्ट्रीय गौरव मजबूत होगा और विश्व के सामने भारत की प्राचीन विरासत और भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत होगी।

    औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग
    उन्होंने गृह मंत्री श्री अमित शाह से आग्रह किया कि इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य विशेषज्ञों से परामर्श कर इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाए। खंडेलवाल ने कहा, 'यह कदम न केवल एक ऐतिहासिक विसंगति को दूर करेगा, बल्कि भारत की महान सभ्यता की विरासत को सम्मान देने और उसे संरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा।'

     

  • दिल्ली सरकार की नई पहल, मददगारों को 25 हजार का कैश रिवार्ड

    दिल्ली सरकार की नई पहल, मददगारों को 25 हजार का कैश रिवार्ड

    नई दिल्ली

    दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘राहवीर’ योजना को दिल्ली में लागू करने का फैसला लिया है। जल्द ही योजना को लागू किया जा सकता है। योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आप सरकार में यह योजना मात्र दो हजार रुपये की थी। साथ ही, कुछ समय से यह योजना बंद भी थी।
    मानवता का परिचय दे सकें

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मानवीय पहल को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक पुरस्कार की व्यवस्था की है ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता कर सकें और मानवता का परिचय दे सकें।

    लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम जनता को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है।

    केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि अगर ज्यादा लोग आगे आकर मदद करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के भय से मदद करने से बचते हैं, लेकिन यह योजना उस भय को दूर कर लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

    तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे

    उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में प्रतिदिन हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकता है। यह योजना कई परिवारों को असमय शोक से बचाने में सहायक हो सकती है। मदद करने वाले को प्रोत्साहन राशि और कानूनी संरक्षण मिलने से ज्यादा लोग दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे, जिससे अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे।

    संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता दोनों को मजबूत करेगी। इन नियमों के तहत ऐसे नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है जो किसी घायल, असहाय या संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता करते हैं।

    गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर पुरस्कार के पात्र होंगे

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, जिसने किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दी हो और उसे गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचाया हो, वह पुरस्कार के लिए पात्र होगा।

    ऐसे प्रत्येक मामले में राह-वीर को 25 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो भी उसे अधिकतम 25 हजार रुपये ही प्रदान किए जाएंगे।

    इस योजना के तहत वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

    यहां बता दें इससे पहले दिल्ली में केजरीवाल सरकार के समय सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के ही उद्देश्य से फरिश्ते योजना लागू की गई थी। इसमें केवल 2000 की सम्मान राशि दिए जाने का प्रविधान था। मगर यह योजना कुछ सालों बाद बंद हो गई थी।

    योजना के क्रियान्वयन को जिलास्तर पर मूल्यांकन समिति बनेगी

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयनित राह-वीरों को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में आनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए अलग बैंक खाता रखा जाएगा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर दर्ज किया जाएगा। केंद्र राज्यों को प्रारंभिक अनुदान भी प्रदान करेगा।

     

  • आदिवी शेष ने दो अलग-अलग किरदारों को साथ निभाने पर की बात

    आदिवी शेष ने दो अलग-अलग किरदारों को साथ निभाने पर की बात

    मुंबई,

    अभिनेता आदिवी शेष इस समय दो बिल्कुल अलग दुनिया वाली फिल्मों ‘डकैत और जी 2’ में काम कर रहे हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के ज़रिए आदिवी शेष अपने अभिनय की अलग-अलग झलक दिखा रहे हैं।डकैत में वह एक देसी, ग्रामीण और भावनाओं से भरे किरदार में नज़र आएंगे। यह फिल्म कच्ची, धूल-भरी और कठोर दुनिया को दिखाती है, जहां उनका किरदार हालात और जज़्बात के बीच जीने की लड़ाई लड़ता है। यह कहानी भावनाओं और इंसानी संघर्ष पर आधारित है।वहीं जी 2 में उनका अंदाज़ बिल्कुल अलग है। इसमें वह एक स्मार्ट, स्टाइलिश और ग्लोबल इंटेलिजेंस स्पाई के रूप में नज़र आएंगे। यह किरदार दिमाग, रणनीति और बड़े स्तर की कहानी पर आधारित है।

    आदिवी शेष ने इन दोनों अलग किरदारों को एक साथ निभाने पर कहा, “मुझे सबसे ज़्यादा जो चीज़ उत्साहित करती है, वह है इन दोनों दुनियाओं का अलग होना। डकैत में सब कुछ भावनात्मक, सहज और पूरी तरह देसी है।यह जीने की जंग, दर्द और इंसानी फैसलों की कहानी है। वहीं जी2 में तरीका बिल्कुल अलग है। यह ज़्यादा रणनीतिक, नियंत्रित और इंटेलिजेंस पर आधारित है, जो एक स्टाइलिश और ग्लोबल दुनिया में सेट है। इन दोनों मानसिकताओं के बीच बदलाव करना रचनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यही मेरे लिए इस दौर को खास और संतोषजनक बनाता है।”
    एक तरफ मिट्टी और संघर्ष से जुड़ी कहानी, तो दूसरी तरफ इंटेलिजेंस और रणनीति की तेज दुनिया। आदिवी शेष एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी और दमदार कलाकारों में से एक हैं।

     

  • महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    नई दिल्ली

    स्‍मार्टफोन ब्रैंड सैमसंग ने अपनी A और F सीरीज की डिवाइसेज को महंगा कर दिया है। टिप्‍सटर अभिषेक यादव ने यह जानकारी शेयर की है। बताया है कि आने वाले दिनों में OnePlus 15R के दाम भी करीब 4 हजार रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि वनप्‍लस की तरफ से आध‍िकारिक जानकारी इस बारे में नहीं आई है। बताया जा रहा है कि Samsung Galaxy A56, A36 और Galaxy F17 5G के मॉडलों की कीमत बढ़ाई गई है। बढ़े हुए दाम 25 फरवरी से लागू हो गए हैं। आइए जानते हैं कौन सा मॉडल कितना महंगा हुआ है।

    Smartphones A और F सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी
    टिप्‍सटर पर भरोसा किया जाए तो Galaxy A56 (8/256) की कीमत अब 44,999 रुपये हो गई है। इसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। Galaxy A56 (12/256) के दाम अब 48,999 रुपये हो गए हैं। इसमें 2 हजार रुपये की बढ़ाेतरी हुई है। Galaxy A36 (8/256) मॉडल की कीमत 36,499 रुपये हो गई है जो पहले से 1 हजार रुपये अधिक है। Galaxy A36 (12/256) के दाम अब 40,499 रुपये हो गए हैं जो 2 हजार रुपये पहले से ज्‍यादा हैं।

    वहीं, Galaxy F17 5G (4/128) मॉडल के दाम अब 16,499 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (6/128) के दाम अब 17,999 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (8/128) के दाम अब 19,999 रुपये हो गए हैं। इन्‍हें 1,500 रुपये बढ़ाया गया है।

    OnePlus 15R भी होगा महंगा?
    टिप्‍सटर के दावों पर भरोसा किया जाए तो OnePlus 15R को भी महंगा किया जा सकता है। यह स्‍मार्टफोन वनप्‍लस की सबसे लेटेस्‍ट लॉन्‍च ड‍िवाइस है। भारत में इसे 47,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब कहा जा रहा है कि कंपनी 1 मार्च के इसके दाम बढ़ा सकती है। अभिषेक यादव ने अपडेटेड MOPs शेयर किए हैं। दावा है कि वनप्‍लस 15R को 4 हजार रुपये महंगा किया जा सकता है, जिसके बाद फाेन के दाम 51999 रुपये हो जाएंगे। यह 256 जीबी मॉडल की कीमत होगी। वहीं, 512 जीबी मॉडल के दाम बढ़ाकर 56999 रुपये किए जा सकते हैं।

    क्‍यों बढ़ रहे स्‍मार्टफोन्‍स के दाम?
    स्‍मार्टफोन्‍स की कीमतें बढ़ने की प्रमुख वजह रैम और स्‍टोरेज है। इनके दाम में बढ़ोतरी हो रही है। एआई के कारण दुन‍ियाभर की कंपनियां धड़ाधड़ रैम और स्‍टोरेज के लिए ऑर्डर दे रही हैं। हाल ही में WD यानी वेस्‍टर्न डिजिटल ने बताया था कि उसके पास स्‍टोरेज के अगले 1 साल के ऑर्डर आ गए हैं। इसका असर स्‍मार्टफोन की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।

  • Hamdard को मिली सुप्रीम कोर्ट में बड़ी राहत, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक मानकर 12.5% की बजाय देना होगा 4% VAT

    Hamdard को मिली सुप्रीम कोर्ट में बड़ी राहत, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक मानकर 12.5% की बजाय देना होगा 4% VAT

      नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज के लोकप्रिय ड्रिंक 'रूह अफ़ज़ा' (Rooh Afza) को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि रूह अफ़ज़ा को फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट की कैटेगरी में रखा जाएगा और इस पर 12.5% के बजाय केवल 4% वैट लगेगा. यह फैसला उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2008 (यूपी वैट अधिनियम) के तहत कर निर्धारण से जुड़ा है.

    जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि कई राज्यों में रूह अफ़ज़ा को पहले से ही रियायती दर पर टैक्स के दायरे में रखा गया है, जिससे हमदर्द की दलील मजबूत होती है. पीठ ने यह भी माना कि उत्पाद को फ्रूड ड्रिंक मानने की व्याख्या 'न तो कृत्रिम थी और न ही अव्यावहारिक, बल्कि व्यावसायिक रूप से मान्य और वास्तविक' थी.

    अदालत ने कहा कि रूह अफ़ज़ा को अधिनियम की अनुसूची-II की प्रविष्टि 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है. इसलिए संबंधित आकलन वर्ष के दौरान यह उत्पाद 4 प्रतिशत की रियायती वैट दर पर कर योग्य होगा. इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज की अपील स्वीकार कर ली और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक मानते हुए अधिक वैट लगाने की बात कही गई थी.

    असेसमेंट ईयर 2007-08 और 2008-09 के लिए, हमदर्द ने रूह अफ़ज़ा की बिक्री पर 4 प्रतिशत की कम दर से वैट का भुगतान किया, यह दावा करते हुए कि यह प्रोसेस्ड या प्रिजर्व्ड फ्रूट, फ्रूट स्क्वैश, फ्रूट ड्रिंक और फ्रूट जूस की श्रेणी में आता है. कर अधिकारियों ने इससे असहमति जताई और रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक माना जिस पर उच्च वैट लागू होता है. प्रथम अपीलीय प्राधिकरण और कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल के समक्ष हमदर्द की अपीलें खारिज हो गईं.

    ट्रिब्यूनल ने माना कि आम बोलचाल और व्यावसायिक भाषा में, हमदर्द के इस उत्पाद को फ्रूट ड्रिंक के बजाय शरबत के रूप में समझा जाता है. जुलाई 2018 में, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमदर्द द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन याचिकाओं को खारिज कर दिया और ट्रिब्यूनल के निर्णय को बरकरार रखा. हमदर्द ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने कर अधिकारियों और हाई कोर्ट के तर्क को खारिज कर दिया और हमदर्द के पक्ष में फैसला सुनाया.

  • इजरायल में पीएम मोदी की पहुंच, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे अधिक सर्च हुआ

    इजरायल में पीएम मोदी की पहुंच, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे अधिक सर्च हुआ

    नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंच गए हैं. इजरायल यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में इस वक्त सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. दुनिया भर के विमानों के मूवमेंट पर नजर रखने वाला पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार के डेटा बताते हैं कि इस वक्त पीएम मोदी की फ्लाइट मूवमेंट को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. 

    पीएम नरेंद्र बुधवार को दो दिनों की इजरायल यात्रा पर निकले हैं. फ्लाइटरडार एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग करता है. इसका मुख्य काम है दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, स्पीड, ऊंचाई, रूट, फ्लाइट नंबर आदि दिखाना है. फ्लाइटरडार के अनुसार बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन में एंट्री कर रही थी उस वक्त इसे 7184 लोग लाइव ट्रैक कर रहे थे. 

    पीएम मोदी का विमान इजरायल के लिए पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से एवॉइड कर रहे हैं. पीएम मोदी की फ्लाइट दिल्ली से निकलकर गुजरात होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा, इसके बाद सऊदी अरब पहुंचा, यहां से उनका प्लेन सऊदी अरब के एयर स्पेस बीच से होकर गुजरा. इसके बाद उनका विमान जॉर्डन पहुंचा. जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है. 

    पीएम मोदी एयर इंडिया वन से इज़रायल जा रहे हैं.  यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह Boeing 777-300ER या कभी-कभी दो विमानों का फ्लीट होता है, जो स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आता है. इस विमान में कमांड सेंटर, सिक्योर कम्युनिकेशन और डिफेंस सिस्टम्स शामिल होते हैं. 

    पीएम मोदी 25 फरवरी 2026 को सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए. उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. भारत से इजरायल की डायरेक्ट फ्लाइट लगभग 6-7 घंटे की होती है. 

  • होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव, चल समारोह हेतु हुआ निर्णय

    ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी संपन्न

     भोपाल
     इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में  पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी । 

    अतः होलिका  दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन  पश्चात धुलेंडी  उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण  4 तारीख को ही किया जाना चाहिए। 

     लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की  रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।

  • डिप्टी CM शिवकुमार का बयान- पुरानी पीढ़ी नहीं रह सकती, पार्टी को चाहिए नया खून, बढ़ा सस्पेंस

    डिप्टी CM शिवकुमार का बयान- पुरानी पीढ़ी नहीं रह सकती, पार्टी को चाहिए नया खून, बढ़ा सस्पेंस

    बेंगलुरु 

    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में 'नए खून' को शामिल करने का समर्थन करते हुए कहा है कि पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती और पार्टी के भविष्य के लिए 'नई सोच' जरूरी है। शिवकुमार ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में पहली बार विधायक बने नेताओं की मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की मांग का समर्थन किया।

    उन्होंने कहा, 'पार्टी को नए खून और नई सोच की जरूरत है। मैं नए खून का समर्थन करता हूं।' उन्होंने कहा, 'पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती।' पहली बार निर्वाचित हुए विधायकों द्वारा संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत वरिष्ठ नेताओं को लिखे गए पत्र के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने यह बात कही।
    विधायकों ने की मंत्री पद की मांग

    कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उप मुख्यमंत्री शिवकुमार समेत प्रदेश नेतृत्व को एक संयुक्त ज्ञापन में विधायकों ने आग्रह किया है कि कम से कम पांच नवनिर्वाचित विधायकों को मंत्री पद दिया जाए। विधायकों ने अपने पत्र में कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, कर्नाटक की जनता ने पहली बार कांग्रेस पार्टी से विधानसभा के लिए 38 सदस्यों को चुना है और इस तरह एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विधानसभा में नए युवा चेहरों को देखना चाहते हैं।'
    दलित सीएम के मुद्दे पर बोले शिवकुमार

    दलित मुख्यमंत्री होने संबंधी मुद्दे पर अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एच सी महादेवप्पा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की कोई भी जानकारी नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने महादेवप्पा का बयान सुना। वह हमारे आलाकमान हैं और शायद उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी हो। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।'

    जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी आलाकमान ने उन्हें और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दिल्ली बुलाया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुझे कोई फोन नहीं आया है। मुझे अपने विभाग से संबंधित कुछ काम के लिए दिल्ली जाना है।' मंत्रियों के बयानों पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी चुप्पी की आलोचना पर शिवकुमार ने कहा, 'मंत्रियों और विधायकों को नियंत्रित करना मुख्यमंत्री का काम है। मैं पार्टी को इसकी जानकारी देने का काम कर रहा हूं।'

  • टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा धमाका, पथुम निसांका पहुंचे 200+ रन क्लब में, विराट कोहली के साथ नाम दर्ज

    टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा धमाका, पथुम निसांका पहुंचे 200+ रन क्लब में, विराट कोहली के साथ नाम दर्ज

    नई दिल्ली
    भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका के बल्लेबाज पथुम निसांका शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने इस संस्करण में अब तक 208 रन बना चुके हैं और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में साहिबजादा फरहान और शिमरन हेटमायर के बाद सूची में तीसरे नंबर पर हैं। पथुम निसांका ने टी-20 विश्व कप 2026 का पहला शतक जड़कर शतकों का सूखा खत्म किया था। उन्होंने इस संस्करण में 200 से अधिक रन बनाकर एक खास उपलब्धि हासिल की है और विराट कोहली और जोस बटलर के क्लब में शामिल हो गए हैं।

    टी-20 विश्व कप क्रिकेट के इतिहास पथुम निसांका ने विराट कोहली के उस विशेष रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है जिसे हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका अब उस एलीट क्लब का हिस्सा बन गए हैं, जिन्हें टी-20 विश्व कप के अलग-अलग संस्करणों में तीन बार 200 से अधिक रन बनाने का गौरव हासिल है। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और 'रन मशीन' के नाम से मशहूर विराट कोहली लंबे समय से इस रिकॉर्ड सूची में शीर्ष पर काबिज रहे हैं। कोहली ने टी-20 विश्व कप के 2014, 2016 और 2022 के संस्करणों में अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए हर बार 200 रनों का आंकड़ा पार किया था। विराट के बाद इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने भी इस खास रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। बटलर ने साल 2021, 2022 और 2024 के टी-20 विश्व कप आयोजनों में लगातार तीन बार 200 से ज्यादा रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की है। अब निसांका इस सूची में शामिल होने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

    श्रीलंका के पथुम निसांका की इस उपलब्धि ने क्रिकेट पंडितों को प्रभावित किया है, क्योंकि उन्होंने बहुत ही कम समय में बड़े दिग्गजों की बराबरी कर ली है। निसांका ने साल 2021 और 2022 के टूर्नामेंट में अपनी शानदार बल्लेबाजी की छाप छोड़ी थी और अब 2026 के आंकड़ों के साथ उन्होंने तीसरी बार 200 से अधिक रन बनाने का कारनामा पूरा कर लिया है।

    टी-20 विश्व कप में सबसे अधिक बार 200 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज
    विराट कोहली- 2014, 2016, 2022
    जोस बटलर- 2021, 2022, 2024
    पथुम निसांका- 2021, 2022, 2026

    विराट कोहली ने 2014 के विश्व कप में 319 रन बनाए थे और भारत को फाइनल तक पहुंचाया था। 2016 के टी-20 विश्व कप में कोहली ने 273 रन बनाए थे। कोहली ने 2022 के विश्व कप में अपनी शानदार छाप छोड़ी थी और भारत को कुछ मैच जिताए थे। कोहली ने इस संस्करण में 296 रन बनाए थे। बटलर के लिए साल 2021 का टी-20 विश्व कप शानदार रहा था और इस पूरे संस्करण में उन्होंने 269 रन बनाए थे। दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप 225 रन बनाए थे और 2024 के एडिशन में 214 रन जड़े थे। निसांका ने 2021 टी-20 विश्व कप में 221 रन बनाए थे। 2022 के एडिशन में उन्होंने 214 रन जोड़े और अब तक 2026 में 208 रन बना चुके हैं।

  • मुंबई में 25 बांग्लादेशी गिरफ्तार, कोलकाता से दिल्ली और गुजरात के रास्ते पहुंचे थे

    मुंबई में 25 बांग्लादेशी गिरफ्तार, कोलकाता से दिल्ली और गुजरात के रास्ते पहुंचे थे

    मुंबई 
     मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित यारी रोड इलाके में वर्सोवा पुलिस स्टेशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और पिछले कई वर्षों से मुंबई शहर में ठिकाना बनाए हुए थे। गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में 21 ट्रांसजेंडर, 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ये सभी लोग देर रात यारी रोड स्थित एक दरगाह में एकत्रित होने वाले हैं। सूचना के आधार पर वर्सोवा पुलिस की एंटी-टेरर सेल (एटीसी) टीम ने इलाके में छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में भारतीय और बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद किए हैं।

    उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी बांग्लादेश से अवैध रूप से पहले कोलकाता पहुंचे थे। इसके बाद वे दिल्ली और गुजरात होते हुए मुंबई आए। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।

    वर्सोवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच जारी है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिससे शहर में और लोगों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को खोजने के लिए टीम पहले ही बनाई गई थी, जो लगातार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।