Author: NewseDay

  • नाथद्वारा में मनाया कोकिलाबेन का 92वां जन्मदिन, अंबानी परिवार ने श्रीनाथजी के किए दर्शन

    नाथद्वारा में मनाया कोकिलाबेन का 92वां जन्मदिन, अंबानी परिवार ने श्रीनाथजी के किए दर्शन

    जयपुर.

    पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर मंडल की उपाध्यक्ष कोकिला बेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पूरे परिवार के साथ श्रीजी प्रभु के दर्शन किए। पूरे परिवार ने युवाचार्य विशाल बावा से आशीर्वाद लिया। कोकिला बेन के 92वें जन्मदिन के अवसर पर पूरा अंबानी परिवार अपने ईष्ट प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचा।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चैयरमेन मुकेश अंबानी, उनके भाई अनिल अंबानी, पुत्र आकाश अंबानी, बहु श्लोका अंबानी, पुत्र अनंत अंबानी, बहु राधिका अंबानी, अंशुल अंबानी, अनमोल अंबानी, नीना बेन कोठारी, दीप्ति सालगांवकर सहित पूरे अंबानी परिवार एवं धनराज नाथवानी ने श्रीजी प्रभु की संध्या आरती के दर्शन किए। दर्शन पश्चात युवाचार्य विशाल बावा ने अंबानी परिवार के सभी सदस्यों का फेंटा बांधकर, रजाई व ऊपरना ओढ़ाकर एवं प्रसाद प्रदान कर मंदिर की परंपरानुसार समाधान किया। सभी ने विशाल बावा का आशीर्वाद लिया। वल्लभ कुल की दीक्षिता बहू ने भी आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं।

    इस दौरान पूरे परिवार ने गोस्वामी तिलकायत इंद्रदमन (राकेश) महाराज और राजेश्वरी गोस्वामी से वीडियो कॉल पर आशीर्वाद लिया। तिलकायत ने कोकिला बेन को जन्मदिन पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। महाप्रभुजी की बैठक में 51 वेदपाठी ब्राह्मणों ने स्वस्ति वाचन एवं मंगलाचरण के पाठ किए। मोती महल चौक में भजन गायन कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    अंबानी परिवार के दर्शन सहित सभी कार्यक्रमों के दौरान श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, तिलकायत के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, बोर्ड सदस्य समीर चौधरी, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडेय, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, समाधानी उमंग मेहता, जमादार विट्ठल सनाढ्य, कैलाश पालीवाल, मोती महल निगरा गोपी वर्मा, सेवा विभाग सहित सेवादार मौजूद रहे।

  • The Bluff Review: प्रियंका का हॉलीवुड एक्शन देसी ‘एनिमल्स’ के लिए चुनौती, पसीने छूटेंगे

    The Bluff Review: प्रियंका का हॉलीवुड एक्शन देसी ‘एनिमल्स’ के लिए चुनौती, पसीने छूटेंगे

    मुंबई 

    देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेजन प्राइम की फिल्म 'द ब्लफ़' में जिस अवतार में हैं, वो न जाने कितने मेल एक्टर्स का ड्रीम रोल है. फिल्म में प्रियंका कुछ को खंजर-तलवार से काट दे रही हैं. कुछ को जिंदा फूंक दे रही हैं. और कितनों को तो उन्होंने सीधा बम से उड़ा दिया है. हालांकि, एक-आध बार आप सोच सकते हैं कि उनका शिकार करने आए एक मीडियम साइज पाइरेट शिप में इतने ज्यादा आदमी फिट कैसे हुए! मगर ये सब बातें अभी साइड रखते हैं. जब प्रियंका इतनी भौकाली एक्शनबाजी के साथ अल्टिमेट पाइरेट अवतार में जलवाफरोश हों, तो कितने बंदे कट-पिट रहे हैं इससे क्या फर्क पड़ता है. आने दो.

    एक आइलैंड, एक पाइरेट और एक परिवार
    पाइरेट कैप्टन कॉनर (कार्ल अर्बन) ने आदतन समंदर में दिखी एक अनजान शिप पर कब्जा कर लिया है. जिसके कैप्टन टी एच बॉडेन (इस्माइल क्रूज कॉर्डोवा) के पास कॉनर को एक गोल्ड बिस्किट मिला है. सालों पहले कॉनर की पाइरेट गैंग से उसके एक साथी ने बगावत की थी और बक्सा भर सोना लेकर फरार हो गया था. बॉडेन के पास मिला बिस्किट उसी बक्से वाला है. सालों से अपना वो माल और उस गद्दार साथी को तलाश रहा कॉनर का अगला टारगेट अब वो आइलैंड है, जहां बॉडेन का घर है.

    घर में बॉडेन की बहन है, एक विकलांग बेटा है. इन्हें संभाल रही है बॉडेन की बीवी एरसेल (प्रियंका चोपड़ा). इन्हें उठाने गए कॉनर गैंग के पहले जत्थे को बहुत बुरी तरह 10 ही मिनट में पता चल जाता है कि एरसेल को सिर्फ एक हाउसवाइफ समझकर उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है. गलतियां तो ठीक हो जाती हैं, पर उसके लिए आदमी जिंदा होना चाहिए. ईश्वर बेचारों की आत्मा को शांति दे.

    कॉनर की गैंग को जल्द ही पता चलने वाला है कि एरसेल कौन है, क्या कर सकती है और किस हद तक कर सकती है. उन पर होने वाली ये ज्ञानवर्षा स्टाइलिश, धारदार एक्शन और बिग स्क्रीन हीरोइज्म का शानदार शाहकार है. यहां 'ब्लफ़' भूगोल का शब्द है. समंदर की उफान मारती लहरों की काट-छांट से किनारे की जमीन में गुफानुमा खाली जगहें बन जाती हैं. बॉडेन के आइलैंड पर ऐसे ही एक 'ब्लफ़' में कॉनर गैंग का शिकार होना है. इसीलिए फिल्म का टाइटल है 'द ब्लफ़'.

    एक्शन का जलवा, राइटिंग का हलवा
    मार्वल की सुपरहीरो फिल्में और एक्शन थ्रिलर्स लेकर आने वाले रूसो बंधुओं के मामले में ये गारंटी रहती है कि एक्शन सांसें रोक देने वाला होगा. कॉनर के बंदों की एरसेल से पहली 'मीटिंग' का एक्शन सच में सांसें रोक देने वाला लगता है. दो वजहों से. एक तो आपको अनुमान नहीं है कि ऐसा होने वाला है और फाइट सीन्स का डिजाइन वाकई दमदार है. लेकिन जब आपको पता लग चुका है कि एरसेल क्या करने वाली है, तो आगे का सहारा यही बचता है कि एक्शन डिजाइन लगातार और धांसू होता जाए. 'द ब्लफ़' में ऐसा थोड़ा कम हुआ है.

    फ्रैंक ई फ्लावर्स ने प्रियंका की एक्शन स्टार इमेज को एक लेवल और ऊंचा तो किया है. प्रियंका ने ये जिम्मेदारी अपने मजबूत कंधों पर खूब संभाली भी है. मगर इस एक्शन हाइवे के दाएं-बाएं थोड़ी माहौलबाजी के लिए कोई खोखा-टपरी नहीं है. कॉनर से डरने की एक ही वजह है कि खुद प्रियंका का किरदार उससे घबराता है. इसके अलावा कॉनर के पीछे ऐसा कोई सबप्लॉट नहीं है, जो उसका जलवा बताता हो. वो तो कार्ल अर्बन खुद इतने स्टाइलिश स्वैग वाले एक्टर हैं कि अपने काम से आपका ध्यान बांधे रखते हैं.

    प्रियंका के रहस्यमयी किरदार की बैकस्टोरी भी थोड़ी और गहराई चाहती थी. कॉनर के सेकंड इन कमांड ली (टेमुएरा मॉरिसन) और एरसेल का इंटरेक्शन माहौल बना रहा था. इसे फिल्म थोड़ा और एक्सप्लोर करती तो मजा आ जाता. हॉलीवुड में लंबे समय से कोई पाइरेट फिल्म नहीं बनी है. 'द ब्लफ़' ये कमी स्टाइलिश तरीके से पूरी तो करती है, पर एक बेहतरीन पाइरेट फिल्म बनने से कुछ मीटर पीछे रह जाती है.

    कुल मिलाकर 'द ब्लफ़' बहुत जल्दी तय कर लेती है कि उसे प्रियंका और कार्ल के फेस-ऑफ पर ही रहना है. उसे प्रियंका के किरदार का करंट खतरनाक अंदाज ही दिखाना है, पास्ट स्ट्रगल्स पर ज्यादा ध्यान नहीं देना. इसलिए कई किरदारों और बैकस्टोरीज को अधपका छोड़ दिया गया है, जिससे आधी फिल्म 'ये होता तो मजा आ जाता' अंदाज में देखनी पड़ती है. लेकिन ये कमी प्रियंका से इस बात का जरा भी क्रेडिट नहीं छीन सकती कि वो एक अल्टिमेट एक्शन स्टार हैं. और उनका ब्लडी पाइरेट अवतार 'द ब्लफ़' देख डालने की पर्याप्त वजह है.

  • ‘रॉयल डिलीवरी’ का मजेदार वीडियो, Blinkit वाले अंकल घोड़े पर बैठकर ऑर्डर लेकर पहुंचे

    ‘रॉयल डिलीवरी’ का मजेदार वीडियो, Blinkit वाले अंकल घोड़े पर बैठकर ऑर्डर लेकर पहुंचे

    जयपुर

    राजस्थान की रंगीन संस्कृति और शाही अंदाज की झलक दिखाता एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति घोड़े पर सवार नजर आता है और उसकी पीठ पर ब्लिंकिट का चमकीला पीला डिलीवरी बैग टंगा हुआ है. पारंपरिक सवारी और आधुनिक डिलीवरी सिस्टम का यह मेल लोगों का ध्यान खींच रहा है.

    वीडियो में दिख रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति आराम से घोड़े पर बैठकर सड़क से गुजर रहा है. उसके पीछे लटका ब्लिंकिट का बैग साफ दिखाई देता है, जो आमतौर पर कंपनी के डिलीवरी पार्टनर्स इस्तेमाल करते हैं. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि वह सच में किसी ग्राहक का ऑर्डर पहुंचाने जा रहे थे या सिर्फ मजाकिया अंदाज में बैग लेकर निकले थे.

    इस अनोखे दृश्य ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब मनोरंजन दिया. कई लोगों ने इसे 'राजस्थान स्टाइल एक्सप्रेस डिलीवरी' करार दिया तो कुछ ने इसे 'रॉयल डिलीवरी सर्विस'का नाम दे डाला. एक यूज़र ने टिप्पणी की कि जहां देशभर में बाइक और स्कूटर से डिलीवरी होती है, वहीं राजस्थान में घोड़े से ऑर्डर पहुंचाना भी संभव है.

    कुछ लोगों ने इस वीडियो को परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम के रूप में देखा. उनका कहना है कि यह दृश्य दिखाता है कि तकनीक और संस्कृति साथ-साथ चल सकती हैं. वहीं कई यूजर्स ने बुजुर्ग की ऊर्जा और आत्मविश्वास की भी तारीफ की.

    हालांकि कंपनी की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन चुकी है.  
     

  • सीमा सुरक्षा पर भी होगी मैराथन बैठक, सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

    सीमा सुरक्षा पर भी होगी मैराथन बैठक, सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

    पूर्णिया.

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंच रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक के अपने इस दौरे में वे किशनगंज, अररिया व पूर्णिया जिले में सीमा सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे और फिर कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान 25 फरवरी को किशनगंज तो 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम होगा।

    नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में उनकी यह यात्रा सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश के कई दिग्गज पार्टी नेताओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बड़े पार्टी नेताओं का जमावड़ा भी यहां लगेगा और व्यस्त शिडयूल के बीच इन नेताओं से भी उनकी बातचीत होनी तय है।

    बंगाल विधानसभा चुनाव की बनेगी रणनीति
    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को आकार देंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल का बड़ा इलाका सीमांचल से जुड़ता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चित इस इलाके पर भाजपा की पहले से भी पैनी नजर रही है। पहले के चुनावों में उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। हालांकि गत विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम भाजपा को नहीं मिल पाया था। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री के तीन दिवसीय सीमांचल प्रवास को उस नजरिए से भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के इस परिक्षेत्र के कई बड़े नेता की मुलाकात भी केंद्रीय गृहमंत्री से संभव है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि उन नेताओं को चुनाव को लेकर गंभीर मंत्र भी मिलेंगे और फिर तय कार्ययोजना पर पार्टी काम करेगी। यह इसलिए भी अहम है कि गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन इस इलाके में रहे और मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन हाशिए पर चला गया था।

    भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों के संबंधित मुद्दों पर होगी बैठक
    पूर्णिया। तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात बजकर बीस मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां वे मे फेयर होटल में रात्रि विज्ञाम करेंगे। 27 फरवरी को वे दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ शाम चार बजे तक होटल में ही भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अहम बैठक करेंगे। शाम चार बजे बीस मिनट पर वे पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

    एक दिन पहले से ही बढ़ायी गई सुरक्षा
    केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन अभी से अलर्ट मोड में है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट जाने वाले विभिन्न रास्तों के साथ-साथ शहरी परिक्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला बदमाश ढेर, पंजाब के गुरदासपुर में बड़ा एनकाउंटर

    दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला बदमाश ढेर, पंजाब के गुरदासपुर में बड़ा एनकाउंटर

    गुरदासपुर.

    गांव आदियां स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिस कर्मियों की बेरहमी से हत्या के मामले में आरोपित रणजीत सिंह निवासी आदियां को बुधवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ में आरोपित जख्मी हो गया, जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह मुठभेड़ बुधवार सुबह हुई, जब पुलिस टीम आरोपित रणजीत सिंह की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

    घायल अवस्था में उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रणजीत सिंह शनिवार-रविवार की दरमियानी रात आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर हुए हमले में शामिल था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वहां तैनात होमगार्ड जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोलियों से हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल था और पुलिस पर सख्त कार्रवाई का दबाव था।

    पुलिस ने मंगलवार को ही इस केस के एक अन्य आरोपित दिलावर सिंह निवासी आलीनंगल को गिरफ्तार कर लिया था। दिलावर सिंह की पूछताछ में ही रणजीत सिंह और उसके दूसरे साथी इंद्रजीत सिंह निवासी आदियां के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। दिलावर ने बताया था कि रणजीत और इंद्रजीत भी हत्या में शामिल थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया था।

  • शिकायत निवारण का माध्यम बनेगी नारी अदालत, बैकुण्ठपुर में आपसी विवाद सुलझाएंगी महिलाएं

    शिकायत निवारण का माध्यम बनेगी नारी अदालत, बैकुण्ठपुर में आपसी विवाद सुलझाएंगी महिलाएं

    बैकुण्ठपुर.

    कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत सलका में नारी अदालत का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत मनसुख एवं ग्राम पंचायत सलका में गठित नारी अदालत के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया। नारी अदालत मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।

    यह ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संबंधित शोषण, घरेलू हिंसा, अधिकारों में कटौती एवं अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र के रूप में कार्य करेगी। नारी अदालत महिलाओं का एक सशक्त समूह है जिसमें समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं शामिल हैं। यह समूह विभिन्न प्रकार के विवादों के समाधान, परामर्श, साक्ष्यों के आधार पर निर्णय, आपसी सहमति से मध्यस्थता एवं सुलह तथा महिलाओं के अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा।

    इसके माध्यम से त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। नारी अदालत के संचालन से समाज में महिलाओं के अधिकारों, कानूनी विकल्पों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता में वृद्धि होगी। साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना एवं लैंगिक आधारित हिंसा जैसी घटनाओं में पीड़ित महिलाओं को सहयोग प्रदान करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • भोपाल में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन, 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी जुटे, हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

    भोपाल में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन, 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी जुटे, हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जेपी परिसर में पहुंच गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। दोपहर एक बजे न्याय यात्रा शुरू होगी, जो मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। जहां 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

    संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल आगे भी जारी रखेंगे। बुधवार से शुरू हुई हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। संघ के अनुसार मंगलवार रात को ही कई कर्मचारी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भोपाल के लिए बस, ट्रेन व किराए के वाहन से निकल गए थे, जो दोपहर तक यहां पहुंचेंगे।

    पुलिस ने की अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग

    कर्मचारियों की न्याय यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर के गेट पर बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी कर ली है। पुलिस उन्हें परिसर से बाहर नहीं निकलने देगी। उधर, कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है।

    समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि 2 फरवरी से संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। विभाग के अधिकारी हमारी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। यही कारण है कि बीते दो दिन से हम काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जाता रहे थे। आज संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं से न्याय यात्रा निकाल कर राजधानी में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जिससे हमारी मांगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच सकें।

    उन्होंने बताया कि यह यात्रा मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर से कर्मचारी आए हैं, सभी एक तरह का सामूहिक अवकाश लेकर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। यदि आज भी हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो सभी संविदा कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।

    30 हजार कर्मचारी, पूरे प्रदेश में असर

    संघ के अनुसार प्रदेश के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों सहित विभिन्न इकाइयों में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं।

    ये कर्मचारी रिपोर्टिंग कार्य, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, कुपोषित बच्चों की देखरेख और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। संघ का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो अस्पतालों की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    रिक्त पदों पर समायोजन या नियमितीकरण की मांग

    कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए।

    इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर ठोस नीति बनाकर स्थायी समाधान करने तथा न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।

    9 सूत्रीय मांगों में क्या शामिल

    संघ द्वारा प्रस्तुत 9 सूत्रीय मांगों में श्रम विभाग की 1 अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर सीधे खातों में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश की सुविधा, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल हैं।

    संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जबकि वे 12 से 14 घंटे तक कार्य कर अस्पतालों की रीढ़ बने हुए हैं।

    सामूहिक हड़ताल रहेगी जारी

    संघ ने बताया कि आंदोलन के चौथे चरण में 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल में शामिल रहेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो यह हड़ताल जारी रहेगी। कोमल सिंह ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।

    कई बार पत्र, ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कर्मचारियों में आक्रोश है।

    अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। कर्मचारियों का दावा है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके भविष्य की सुरक्षा के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।

  • ‘अगर मैं न होता तो PAK के 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते’, ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया नया खुलासा

    ‘अगर मैं न होता तो PAK के 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते’, ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया नया खुलासा

    वाशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध समेत आठ युद्धों को रोकने के अपने दावे को दोहराया. हालांकि, उन्होंने अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोककर 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई थी. ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते.

    ट्रंप का यह बयान भारत के खिलाफ मई 2025 में चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के बैकफुट पर होने का स्पष्ट संकेत देता है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, 'अपने पहले 10 महीनों में, कंबोडिया और थाईलैंड समेत मैंने आठ युद्ध रुकवाए. ये मजाक नहीं है. पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि अगर मैं हस्तक्षेप न करता तो 3.5 करोड़ लोगों की मौत होती.' ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 'स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन' के दौरान अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए ये दावे किए.

    ट्रंन ने इन आठ युद्धों को रोकने का किया दावा

    डोनाल्ड ट्रंप ने जिन युद्धों को सुलझाने का दावा किया है, उनमें- इजरायल और हमास, इजरायल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, भारत और पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो, रवांडा और कांगो, आर्मेनिया और अजरबैजान, कंबोडिया और थाईलैंड के बीच के संघर्ष शामिल हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने में भूमिका निभाने के ट्रंप के दावों को बार-बार खारिज किया है. संघर्ष को रोकने में ट्रंप की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चुटकी लेते हुए इससे इनकार किया था.

    भारत ने ट्रंप के दावे को हर बार किया खारिज
    उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान यूएस कहां था? मतलब अमेरिका की क्या भूमिका थी. इस पर कूटनीतिक भाषा में जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा था, 'यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स आफ अमेरिका में था.' उनके इस जवाब का मतलब था कि अमेरिका का भारत पाकिस्तान सीजफायर में कोई भूमिका नहीं थी. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज किया था. उन्होंने कहा था, 'पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) ने हॉटलाइन पर अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और संघर्ष खत्म का अनुरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ.'

  • हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: 590 करोड़ की हेराफेरी और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी, पूरा खेल हुआ बेनकाब

    हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: 590 करोड़ की हेराफेरी और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी, पूरा खेल हुआ बेनकाब

      चंडीगढ़

    हरियाणा में IDFC First Bank से जुड़ा करीब 590 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद सियासत से लेकर जांच एजेंसियों तक हड़कंप मच गया है. चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़े इस मामले में देर रात विजिलेंस ने मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सरकार का दावा है कि पूरी रकम वापस मंगा ली गई है. लेकिन सवाल अब भी बरकरार हैं. आखिर यह घोटाला हुआ कैसे?

    इस पूरे मामले में विजिलेंस ने 24 फरवरी की शाम करीब 6 बजे कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत चार आरोपियों अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. रिभव ऋषि, जो पहले बैंक में मैनेजर रह चुका था और फिलहाल AU Small Finance Bank में तैनात था, उस पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन के गबन की साजिश रची. अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल को खंगालने में जुट गई हैं.

    कैसे सामने आया 590 करोड़ का घोटाला
    इस पूरे मामले की शुरुआत एक सामान्य प्रक्रिया से हुई. हरियाणा सरकार ने फरवरी 2026 के आसपास एक आदेश जारी कर IDFC First Bank और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से डी-एम्पैनल कर दिया. विभागों को निर्देश दिया गया कि वे इन बैंकों में जमा अपने फंड को तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में ट्रांसफर करें.

    जब एक विभाग ने चंडीगढ़ स्थित बैंक शाखा से अपना खाता बंद करने और पैसा ट्रांसफर करने का अनुरोध किया, तब असली गड़बड़ी सामने आई. खाते में दिख रही रकम और वास्तविक बैलेंस में भारी अंतर था.

    जांच बढ़ी तो पता चला कि कई सरकारी खातों से जुड़ी रकम गायब है. शुरुआती जांच में करीब 490 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई, जो बाद में बढ़कर लगभग 590 करोड़ तक पहुंच गई.

    क्या था घोटाले का तरीका
    जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई हाई-टेक साइबर फ्रॉड नहीं था, बल्कि बेहद पारंपरिक तरीके से किया गया घोटाला था. आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी चेक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी खातों से पैसे निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए.

    इस पूरे खेल में फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पैसे के ट्रेल को छिपाया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इस साजिश का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि था, जो पहले IDFC फर्स्ट बैंक में मैनेजर रह चुका है और बाद में AU Small Finance Bank में तैनात था.

    बैंक और सरकार की त्वरित कार्रवाई
    घोटाला सामने आते ही बैंक और सरकार दोनों ने तेजी से कदम उठाए. बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. भारतीय रिजर्व बैंक को सूचना दी. इसके बाद KPMG से फोरेंसिक ऑडिट शुरू कराया.

    वहीं, हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को बैंक से पैसा निकालने के निर्देश दिए. खातों को तुरंत बंद करने को कहा. जांच के लिए विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को लगाया.

    इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा कि सरकार ने समय रहते गड़बड़ी पकड़ ली और हर पैसा सुरक्षित वापस ले लिया गया है.

    विपक्ष का हमला- CBI जांच की मांग
    इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है. विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उनका कहना है कि सिर्फ पैसा वापस आना काफी नहीं है. यह भी सामने आना चाहिए कि इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है और पैसा आखिर गया कहां.

    कांग्रेस नेता बीबी बत्रा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती और यह बताना होगा कि जनता का पैसा कैसे और कहां इस्तेमाल हुआ.

    सरकार की ओर से इस मामले में क्या कहा गया
    सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यह पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम को इतनी तेजी से रिकवर किया गया है. मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैतली के मुताबिक, सरकार ने खुद बैंक को गड़बड़ी की जानकारी दी और इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कराई गई.
    बाजार पर असर- निवेशकों को झटका
    इस घोटाले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा. IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ. अनुमान है कि कुछ ही घंटों में करीब 14,000 करोड़ का मार्केट वैल्यू मिट गया.

    RBI का बयान
    इस पूरे मामले पर संजय मल्होत्रा (RBI गवर्नर) ने कहा कि यह एक लोकलाइज्ड मामला है और इससे बैंकिंग सिस्टम पर कोई व्यापक खतरा नहीं है. हालांकि, RBI स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

    बड़ा सवाल- जिम्मेदार कौन?
    हालांकि सरकार ने दावा किया है कि पूरा पैसा वापस मिल गया है, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं. क्या यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत थी या बड़ा नेटवर्क? फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा कहां-कहां गया? क्या इसमें सरकारी अधिकारियों की भी भूमिका थी? सरकार ने संकेत दिए हैं कि कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, लेकिन अभी नाम उजागर नहीं किए गए हैं.

    अब इस पूरे मामले में आगे क्या?

    फिलहाल मामले की जांच जारी है. फोरेंसिक ऑडिट, बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन ट्रेल और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है. सरकार ने साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक से जुड़े हों या सरकारी तंत्र से जुड़ा हो.

     

  • लापरवाही रवैया और ‘अनफिट’ पर होगा एक्शन, बिहार पुलिस के जवानों को हर रोज लगानी होगी दौड़

    लापरवाही रवैया और ‘अनफिट’ पर होगा एक्शन, बिहार पुलिस के जवानों को हर रोज लगानी होगी दौड़

    भागलपुर.

    बिहार पुलिस सुनते ही एक तस्वीर उभरती थी- थुलथुल काया और उस पर वर्दी। अब यह तस्वीर बदलने वाली है। अब बिहार पुलिस के जवान और पदाधिकारी स्मार्ट दिखेंगे। चुस्त-दुरुस्त काया और उस पर सलीके से पहनी हुई वर्दी। पुलिस मुख्यालय ने अब स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस जवान और अधिकारियों को स्मार्ट बनाने का निर्णय लिया है।

    जी हां, अब पुलिस जवान और आफिसरों की प्रत्येक दिन सुबह में पुलिस केंद्र के मैदान पर हाजिरी लगेगी, जहां वे अपने बाडी को फिट रखने के लिए एक घंटे तक पसीना बहाएंगे। रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका के पुलिस केंद्र में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ लगा कर पुलिस जवान और अधिकारी थुलथुल काया से निजात पाकर खुद को फिट बनाएंगे।

    लापरवाह पुलिस कर्मियों पर होगी कार्रवाई
    अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले सिंथेटिक ट्रैक मुहैया कराने को हरी झंडी मिल गई है। बहुत जल्द सारी सुविधाएं पुलिस मुख्यालय पुलिस केंद्र में मुहैया करा दी जाएगी। पुलिस केंद्र में अब सिर्फ जिम खोलना ही मकसद नहीं है, बल्कि रोजाना जवानों को वहां उपस्थित हो वर्क-आउट भी करना है, जिसकी मानीटरिंग एसएसपी, एसपी, डीएसपी, सार्जेंट मेजर करेंगे। सुबह यदि पुलिसकर्मी बैरक या क्वार्टर में रहकर खर्राटे लेते रहेंगे या आराम तलबी दिखाएंगे तो उनका यह कृत्य लापरवाही की श्रेणी में लाया जाएगा और उनपर जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    वरीय पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचने लगे हैं अभ्यास में
    भागलपुर रेंज में जवानों की संख्या करीब चार हजार है। जिसमें हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक, इंस्पेक्टर को जोड़ दें तो यह संख्या पांच हजार के पार हो जाएगी। भागलपुर में जहां एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार समेत कई पदाधिकारी भी नियमित अभ्यास में पुलिस जवानों के बीच पहुंच रहे हैं। नवगछिया और बांका जिले में भी कमोवेश सक्षम पुलिस अधिकारियों की ऐसी उपस्थिति जवानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करेगी।

    वजन होगा कम, मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती
    पालीयूरेथेन या लैटेक्स से तैयार की जाने वाली सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से कई फायदे होते हैं। इस पर दौड़कर पुलिसकर्मी न सिर्फ अपनी वजन कम कर सकेंगे बल्कि उनकी मांसपेशियां भी मजबूत बन जाएगी। बैड कालेस्ट्रोल से उन्हें मुक्ति मिलेगी। उच्च रक्तचाप, हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते समय यदि पुलिसकर्मी गिर जाएं तो भी उन्हें चोटें कम आएगी।

    पुलिस मुख्यालय की तरफ से अभिनव प्रयोग
    चुस्त-दुरुस्त शरीर स्मार्ट पुलिसिंग का सबसे प्रमुख हिस्सा है। पुलिसकर्मी-पदाधिकारियों की टीम तभी बेहतर प्रदर्शन कर सकती जब वो पूरी तरह फिट और चुस्त-दुरुस्त हों। पुलिस मुख्यालय की तरफ से यह अभिनव प्रयोग पुलिसिंग को और बेहतर बना देगा।
    – विवेक कुमार, रेंज आईजी, भागलपुर।