Author: NewseDay

  • सीएम मोहन यादव का तंज: राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर जानने की मांग, नेता प्रतिपक्ष पर हमला

    सीएम मोहन यादव का तंज: राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर जानने की मांग, नेता प्रतिपक्ष पर हमला

    भोपाल 

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं। वे भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल में शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में ​शामिल होने प्रदेशभर से हजारों किसाए आए हैं। कांग्रेस की किसान चौपाल की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बताएं कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है! सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का सुझाव देना चाहिए।

    मध्यप्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सत्र का सातवां दिन है। सदन में प्रदेश के आगामी वित्त वर्ष के बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य मामलों में चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    दलहन, तिलहन फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सुझाव दें

    विधानसभा में राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान चौपाल का भी जिक्र हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, उनका स्वागत है… यदि वह चौपाल में किसानों की बात करें तो अच्छा है।

    सीएम मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खेती किसानी के संबंध में जमीनी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है, राहुल गांधी यह बताएं! दलहन, तिलहन में कौन-कौन सी फसल हो…उनका उत्पादन किस प्रकार बढ़ाएं…यह सुझाव दें। सीएम ने राहुल गांधी से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने की भी अपेक्षा की।

    विधानसभा भवन के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार द्वारा लिए किए अहम फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने दलहन, तिलहनों के उत्पादन और नीतियों के बारे में विस्तार से बताया।

    भोपाल में मोदी सरकार पर जमकर बरसे राहुल गांधी

    भोपाल के 'किसान महा चौपाल' में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों तक, प्रधानमंत्री मोदी को सीधे कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी, तब सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था.

    राहुल गांधी ने कहा, "नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक हिंदुस्तान के अंदर आ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. 2 घंटे बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जो उचित लगे वो करो. उस वक्त प्रधानमंत्री सेना प्रमुख से बात करने के बजाय अपने कमरे में छिपे थे."

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी सदन से भाग गए और उसी शाम राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर उस व्यापारिक समझौते (India-US Trade Deal) पर सहमति दे दी जो 4 महीने से रुका हुआ था. राहुल ने आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में सोया, कपास और दालें बेच सकेंगी, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे.

    उन्होंने कहा कि भारत को हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये का माल खरीदना होगा, जिससे हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब दबाव में किया गया क्योंकि मोदी 'कंप्रोमाइज्ड' हैं. राहुल गांधी ने कहा,  'हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा डेटा है. ⁠दूसरे नंबर पर चाइना है. ⁠आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुक़ाबला नहीं कर सकता है.'

     'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र

    राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े लाखों दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम दबाव बनाने के लिए उजागर किया गया.

    उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबंध स्पष्ट करने चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में आपराधिक मामले चल रहे हैं और इस पूरे प्रकरण का असली निशाना प्रधानमंत्री हैं, न कि अडाणी.

    उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के रिलीज होने से सरकार दबाव में है. राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें दम है तो अमेरिका के साथ इस जनविरोधी डील को रद्द करके दिखाएं."

    रैली में राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि “देश के किसान और युवा दबाव में लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं करेंगे.” भोपाल की इस रैली ने आने वाले राजनीतिक महीनों में केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं.

  • बुलडोजर देख व्यापारियों ने खौफ में खुद चलाए हथौड़े, भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बड़ी स्ट्राइक

    बुलडोजर देख व्यापारियों ने खौफ में खुद चलाए हथौड़े, भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बड़ी स्ट्राइक

    भीलवाड़ा.

    भीलवाड़ा शहर के सबसे पुराने और तंग रास्तों वाले सर्राफा बाजार में सोमवार को नगर निगम का 'पीला पंजा' खौफ की तरह गरजा। करीब सौ साल के इतिहास में यह पहला मौका था, जब इस व्यस्ततम बाजार में बुलडोजर की गर्जना सुनाई दी। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, सालों से अतिक्रमण की मार झेल रहे आमजन ने राहत की सांस ली।

    वहीं, नगर निगम ने बाजार क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र में सालों से दबी नालियों को भी अतिक्रमण एवं पक्के कब्जों से मुक्ति दिलाई। निगम की कार्रवाई से दहशत में आए सर्राफा व अन्य कारोबारी स्वयं दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने में जुट गए। लोग व व्यापारी भी कटर, हथौड़ा, गेती व फावड़ा, संबल लेकर खुद के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही प्रशासन के हटाने गिरे मलबे को समटने में जुट गए। बड़ा मंदिर से लेकर सांगानेरी गेट क्षेत्र के लोग तो अतिक्रमण का दस्ता पहुंचने से पहले ही स्वयं कब्जे हटाने में जुट गए।

    विरोध के बावजूद नहीं थमा 'पीला पंजा'
    क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि सर्राफा बाजार में पहली बार अतिक्रमण हटाने की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई। उन्होंने खुशी भी जाहिर की कि इस कार्रवाई से पुराना भीलवाड़ा के इस सर्राफा बाजार में आवागमन सहज हो सकेगा। दूसरी ओर कई व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन पीला पंजा नहीं रुका। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही।

    पांसल चौराहा क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण
    शहर में पुर रोड के पांसल चौराहा क्षेत्र में नगर निगम के दस्ते ने सड़कें के दोनों तरफ दुकानों के बाहर से होर्डिग्स व बैनर हटाए, दुकानों के टीन शेड भी खोल ले गए। केबिन व फर्नीचरों की भी जब्ती की गई।

    शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा एक्शन
    नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि सर्राफा बाजार की अतिक्रमण़ से सिकुड़ती राह को लेकर कई शिकायतें आमजन की तरफ से आ चुकी थीं। अतिक्रमण हटाने को लेकर क्षेत्र के लोगों को पूर्व में कई बार सूचित किया जा चुका। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर शहर में प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने के अभियान के तहत सोमवार को भी सर्राफा बाजार में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भीमगंज थाना से लेकर सर्राफा बाजार होते हुए पुराना भीलवाड़ा के शहीद चौक क्षेत्र से होते हुए सांगानेरी गेट चौराहा तक क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

    प्रशासन का सराहनीय कदम
    सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी महेश सोनी ने बताया कि सर्राफा बाजार में सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई स्वागत योग्य है। बाजार की सड़कों को कब्जे से मुक्त करने एवं सड़कों को चौड़ा किए जाने की जरूरत भी थी। शहर में नेहरू रोड को चौड़ा किए जाने के दौरान भी सर्राफा बाजार की सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्ययोजना बनी थी।

  • स्टारडम नहीं बना ढाल: हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह की लापरवाही पर जताई कड़ी नाराज़गी

    स्टारडम नहीं बना ढाल: हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह की लापरवाही पर जताई कड़ी नाराज़गी

    कर्नाटक

    गोवा में आयोजित इफ्फी 2025 में रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा' के एक सीन की नकल की थी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। अभिनेता के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने को लेकर शिकायत दर्ज हुई। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। आज मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें राहत मिली है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 'रणवीर सिंह को राहत देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक स्थानीय देवता का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के मामले में बॉलीवुड एक्टर के खिलाफ कोई सख्त कदम न उठाए।

    बेशक रणवीर सिंह को कोर्ट ने राहत दे दी हो, मगर साथ ही फटकार भी लगाई। गोवा में एक इवेंट के दौरान कर्नाटक के देवता का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के लिए एफआईआर रद्द करने की अभिनेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने बेंगलुरु पुलिस को यह निर्देश दिया। हालांकि, बेंच ने एक्टर को उनके बर्ताव के लिए फटकार भी लगाई और कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेंच ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, 'सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं होते'।

    रणवीर के खिलाफ हुई थी एफआईआर
    बता दें कि रणवीर सिंह ने 30 नवंबर, 2025 को गोवा में 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह के दौरान 'कांतारा' के सीन की नकल की थी। एक्टर की इस मिमिक्री और टिप्पणी से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एक वकील ने एक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए शहर की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के निर्देश पर शहर की पुलिस ने 'धुरंधर' के लीड एक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

    रणवीर सिंह का वर्क फ्रंट
    बता दें कि ने इफ्फी 2025 में कथित तौर पर चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया। इस दौरान 'कांतारा' मूवी फेम कन्नड़ एक्टर-डायरेक्टर ऋषभ शेट्टी भी मौजूद थे। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान रणवीर ने ऋषभ शेट्टी की खूब तारीफ की। उन्होंने 'कांतारा 3' में खुद काम करने की ख्वाहिश भी जताई। साथ ही फिल्म के एक सीन की नकल कर दी। रणवीर सिंह के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे अपनी आगामी फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी।

  • आस्था और कथा का संगम: गणेश-कार्तिकेय प्रसंग से जुड़ी मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की रोचक कहानी

    आस्था और कथा का संगम: गणेश-कार्तिकेय प्रसंग से जुड़ी मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की रोचक कहानी

    हमारे देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं। इससे पहले हम सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कहानी आपको बता चुके हैं। आज जानेंगे 12 ज्योतिर्लिंगों में से दूसरे नंबर के ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन के बारे में। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग को बहुत ही पवित्र माना गया है। श्रीशैलपर्वत (दक्षिण के कैलास के रूप में मशहूर) पर स्थित इस ज्योतिर्लिंग का हिंदू धर्म में खास महत्व है। वहीं महाभारत और महाशिवपुराण में भी इसका जिक्र किया गया है।

    माना गया है कि इस मंदिर में आकर अगर कोई भगवान शिव की पूजा करता है तो उसे अश्वमेध यज्ञ के बराबर का दर्जा मिलता है। इस ज्योतिर्लिंग में आकर मत्था टेकने वाले हर एक शख्स की मनोकामना पूरी होती है। मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग जितना दिव्य और भव्य नजर आता है, उतनी ही रोचक इसके पीछे की कथा है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इस ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?

    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की कहानी
    पौराणिक हिंदू कथाओं के अनुसार एक बार भगवान शिव और मां पार्वती के दोनों बेटों गणेश और कार्तिकेय की शादी को लेकर बात छिड़ी और कहा गया दोनों में इस बात को लेकर बहस हो गई कि सबसे पहले शादी किसकी होगी। इसके लिए ये सिद्ध करना था कि आखिर दोनों में से बड़ा कौन है? ऐसे में मां पार्वती ने कहा कि दोनों में से जो भी सबसे पहले दुनिया का चक्कर लगा लेगा, वही बड़ा होगा। इतना सुनते ही कार्तिकेय अपने मयूर वाहन पर बैठकर पृथ्वी का चक्कर लगाने चले गए। गणेश जी के लिए ऐसा करना मुश्किल हो रहा था, तब उन्होंने अपने माता-पिता यानी मां पार्वती और भगवान शिव की परिक्रमा की और कहा कि आप ही मेरी दुनिया हैं।

    जब रुठ गए कार्तिकेय
    जब कार्तिकेय पृथ्वी का चक्कर लगाकर वापस लौटे तो उन्हें अपनी हार की खबर मिली। उनके वापस लौटते से पहले ही गणेश जी का विवाह रिद्धि और सिद्धि नाम की कन्याओं के साथ हो गया था। कार्तिकेय को ये बर्दाश्त नहीं हुआ और वह रुठकर एक क्रोंच पर्वत पर चले गए। मां पार्वती और भगवान शिव के साथ-साथ कई देवी-देवताओं ने कार्तिकेय को मनाने की कोशिश की लेकिन वो लौटकर नहीं आए। उनके पीछे-पीछे दौड़ी चली आई ताकि उन्हें मनाया जा सके। पीछे-पीछे भगवान शिव भी जा पहुंचे।

    और दूर चले गए कार्तिकेय
    कार्तिकेय को जैसे ही पता लगा कि उनके माता-पिता वहीं आ रहे हैं तो वो और दूर चले गए। खैर वहां पहुंचते ही भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हो गए। यहां पर भगवान शिव की सबसे पहले जो पूजा हुई थी उसमें मल्लिका पुष्पों को उपयोग में लाया गया था। तभी से इसका नाम मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पड़ा। साथ ही ऐसी भी कहा गया कि मल्लिका मां पार्वती का नाम है तो अर्जुन भगवान शिव को कहा गया।

    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में दर्शन और आरती का समय
    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के पट सुबह 5 बजे से दोपहर साढ़े तीन तक खुले रहते हैं। इसके बाद शाम में 6 बजे से रात 10 बजे तक यहां पर दर्शन किए जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार इस टाइमिंग को ऊपर-नीचे भी कर दिया जाता है। यहां पर सुबह की आरती साढ़े 5 बजे होती है और शाम की आरती 5 बजे होती है। दर्शन और आरती से संबंधित जानकारी आप इस ज्योतिर्लिंग का आधिकारिक वेबसाइट पर भी ले सकते हैं। अपनी जरूरत के अनुसार आप यहां पर दर्शन के लिए टिकट भी ले सकते हैं।

  • सुनेत्रा पवार की जगह राज्यसभा जाएंगे पार्थ पवार, आधी रात को हुई घोषणा; BJP से कौन होगा उम्मीदवार?

    सुनेत्रा पवार की जगह राज्यसभा जाएंगे पार्थ पवार, आधी रात को हुई घोषणा; BJP से कौन होगा उम्मीदवार?

    मुंबई 

    महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।
    बीजेपी कोर कमेटी की आज बैठक

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
    बीजेपी चार सांसद भेज सकती है

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।
    महाविकास अघाड़ी के पास एक को भेजने की क्षमता

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • भजनलाल सरकार ने दी आईजी की ज़िम्मेदारी, राजस्थान में ‘लेडी सिंघम’ IPS डॉ. प्रीति चंद्रा रिटर्न्स!

    भजनलाल सरकार ने दी आईजी की ज़िम्मेदारी, राजस्थान में ‘लेडी सिंघम’ IPS डॉ. प्रीति चंद्रा रिटर्न्स!

    जयपुर.

    राजस्थान कैडर की सबसे तेज-तर्रार महिला पुलिस अधिकारियों में शुमार डॉ. प्रीति चंद्रा एक बार फिर एक्शन मोड में लौटने को तैयार हैं। दरअसल, सोमवार देर रात को जारी 21 आईपीएस अफसरों की तबादला सूची में डॉ चंद्रा का नाम भी शामिल है। भजनलाल सरकार ने उन्हें डीआईजी (आर्म्ड बटालियन) से पदोन्नत कर आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) नियुक्त किया है। यह पद पुलिस महकमे में रीढ़ की हड्डी माना जाता है, क्योंकि पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिम्मा सीधे तौर पर इसी पद के इर्द-गिर्द घूमता है।

    क्यों कहा जाता है 'लेडी सिंघम'?

    1. प्रीति चंद्रा का नाम सुनते ही चंबल के बीहड़ों के डकैतों से लेकर मानव तस्करी करने वाले गिरोहों तक के पसीने छूट जाते हैं। उन्हें यह खिताब उनके काम और उनकी दबंग छवि के कारण मिला है।
    2. बीहड़ों में दबिश: करौली में एसपी रहते हुए उन्होंने चंबल के दुर्गम बीहड़ों में घुसकर डकैतों का पीछा किया। उनके डर से हरिया गुर्जर जैसे 10 हजार के इनामी डकैत और कई अन्य खूंखार अपराधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था।
    3. देह व्यापार पर प्रहार: बूंदी में तैनाती के दौरान उन्होंने देह व्यापार के नरक में फंसी दर्जनों नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया और गिरोह के सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजा।

    कौन हैं डॉ. प्रीति चंद्रा? (पारिवारिक पृष्ठभूमि)
    प्रीति चंद्रा राजस्थान के सीकर जिले के कुंदन गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1979 में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी मां कभी स्कूल नहीं गईं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को 'सिंघम' बनाने के लिए समाज के हर दबाव का सामना किया।

    सफर: पत्रकारिता से पुलिस सेवा तक की 10 बड़ी बातें

    1. शिक्षिका से शुरुआत: IPS बनने से पहले प्रीति चंद्रा एक स्कूल शिक्षिका थीं। उन्होंने बीएड और एमफिल की डिग्री हासिल की है।
    2. पत्रकार बनने का सपना: जयपुर में एक लोकल केबल टीवी चैनल में न्यूज़ रीडर भी रहीं। उनका शुरुआती सपना एक पत्रकार बनने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
    3. बिना कोचिंग पहली बार में सफलता: उन्होंने 2008 में बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के, अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा क्रैक की और 255वीं रैंक हासिल की।
    4. बीकानेर की पहली महिला एसपी: प्रीति चंद्रा के नाम बीकानेर की पहली महिला पुलिस अधीक्षक (SP) होने का गौरव दर्ज है।
    5. चंबल के डकैतों का काल: करौली एसपी के रूप में उन्होंने वह कर दिखाया जो कई पुरुष अधिकारी नहीं कर पाए— बीहड़ों के डकैत गिरोहों का सफाया।
    6. मानव तस्करी के खिलाफ जंग: बूंदी और अलवर में उनकी तैनाती के दौरान मानव तस्करी गिरोहों पर की गई कार्रवाई आज भी मिसाल दी जाती है।
    7. भ्रष्टाचार पर लगाम: उन्होंने एसीबी (ACB) कोटा में भी अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्होंने कई भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा।
    8. अधिकारियों की जासूसी का मामला: बीकानेर में तैनाती के दौरान जब एक दरोगा ने उनकी जासूसी करने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे तुरंत पकड़वाकर जेल भिजवाया, जिससे विभाग में उनकी धाक जम गई।
    9. सादगी और सख्त अनुशासन: वे फील्ड में जितनी सख्त हैं, व्यक्तिगत जीवन में उतनी ही सरल और अनुशासित मानी जाती हैं।
    10. मुख्यधारा में वापसी: पिछले कुछ समय से वे तुलनात्मक रूप से शांत पदों (जैसे आर्म्ड बटालियन) पर थीं, लेकिन अब IG लॉ एंड ऑर्डर के रूप में उनकी 'पावरफुल' वापसी हुई है।
  • विजय और रश्मिका की शादी में मेहमानों को परोसा जाएगा जापानी खाना, ‘नो फोन’ पॉलिसी लागू

    विजय और रश्मिका की शादी में मेहमानों को परोसा जाएगा जापानी खाना, ‘नो फोन’ पॉलिसी लागू

    उदयपुर 

    आखिरकार फैंस का इंतजार खत्म हुआ! साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ी, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर में सात फेरे लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अपनी प्राइवेसी को लेकर यह कपल कितना सीरियस है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शादी के वेन्यू पर तीन लेयर की सुरक्षा की व्यवस्था है. लोकल पुलिस और हैदराबाद से आई खास टीम के साथ-साथ एक इंटरनेशनल सिक्योरिटी एजेंसी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. मकसद साफ है- शादी के हर पल को निजी रखा जाए और बिना किसी बाहरी दखल के सारे रस्मो-रिवाज शांति से पूरे हों. अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ‘द मेमेंटोज’ (आईटीसी होटल्स) को इस खास मौके के लिए चुना गया है, जहां सुरक्षा का घेरा इतना सख्त है कि परिंदा भी पर न मार सके.

    शादी की खबरों पर खुद मुहर लगाते हुए रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक बहुत ही प्यारा और इमोशनल नोट शेयर किया है. उन्होंने अपने फैंस को शुक्रिया कहते हुए लिखा कि जब उन्होंने खुद के लिए कुछ तय नहीं किया था, तब भी फैंस ने उन्हें ‘विरोश’ नाम देकर ढेर सारा प्यार दिया. कपल ने अपनी इस नई शुरुआत को ‘विरोश की शादी’ का नाम दिया है. इस जोड़ी ने 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में सगाई की थी और अब 26 फरवरी को वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. समारोह को छोटा और पर्सनल रखा गया है, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे. दोनों चाहते हैं कि यह पल उनके लिए यादगार और शोर-शराबे से दूर हो.

     दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में सात फेरे लेंगे और जिंदगी भर के लिए एक-दूजे का हाथ थामेंगे। जानकारी के अनुसार, शादी के जश्न को लेकर मेकर्स ने खास इंतजाम किए हैं, जिसमें मेहमानों के लिए जापानी खाना परोसा जाएगा। रश्मिका ने हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरी में पार्टी की झलक साझा की, जिसमें खूबसूरती से सजा हुआ टेबल और जापानी मेन्यू कार्ड साफ दिख रहा है। तस्वीर में लाइटिंग में सजा टेबल नजर आया। बीच में गुलाबी लिली और हल्के हरे हाइड्रेंजिया के फूलों की सजावट है, जिसे ताजे हरे सेब और अंगूरों के साथ सजाया गया है। यह सजावट ऑर्गेनिक और लग्जरी गार्डन लुक दे रही है। मेन्यू कार्ड पर जापानी डिशेज का जिक्र है, जो शादी से पहले के इस सेलिब्रेशन को ग्लोबल और रिफाइंड टच देता है। कपल सोमवार को उदयपुर पहुंच चुके हैं। शादी के मुख्य कार्यक्रम मेमेंटोस बाय आईटीसी होटल्स, एकाया उदयपुर में होगा।

    फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी मुलाकात
    भले ही शादी प्राइवेट हो रही है, लेकिन जश्न अभी बाकी है! उदयपुर में शादी के बाद यह कपल अपने दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री के साथियों के लिए दो बड़े रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. पहला भव्य रिसेप्शन 4 मार्च 2026 को हैदराबाद के आलीशान ‘ताज कृष्णा’ होटल में होगा, जिसमें टॉलीवुड और बॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ-साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी शामिल होने की उम्मीद है. इसके बाद, मुंबई में भी एक ग्रैंड पार्टी दी जाएगी. रश्मिका और विजय की पहली मुलाकात 2018 में फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी, जहां से शुरू हुई यह दोस्ती ‘डियर कॉमरेड’ तक पहुंचते-पहुंचते प्यार में बदल गई और अब यह खूबसूरत रिश्ता शादी के मुकाम तक पहुंच गया है.

     साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से होगी शादी, केले के पत्तों पर परोसा जाएगा भोजन!

    विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना के फैंस उनकी शादी की पहली तस्वीरें देखने को बेताब हैं. अब खबर आ रही है कि वे साउथ इंडियन परंपराओं के अनुसार शादी रचाएंगे. इस शादी में दक्षिण भारत के पारंपरिक रीति-रिवाजों का खास पालन किया जाएगा. मुमकिन है कि मेहमानों को केले के पत्तों पर भोजन परोसा जाए.

     बड़े फिल्मी सितारे नहीं फिल्ममेकर्स होंगे शामिल?

     रश्मिका-विजय देवरकोंडा की शादी में बड़े राजनेताओं के शामिल होने की खबर आ रही है, लेकिन कोई बड़े स्टार के शामिल होने की सुगबुगाहट नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी में किसी भी बड़े फिल्मी सितारे के शामिल होने की उम्मीद नहीं है. मेहमानों की लिस्ट में तेलंगाना के कुछ राजनेता और कुछ चुनिंदा फिल्म निर्देशकों के नाम शामिल हैं.

     24 फरवरी को मेहंदी सेरेमनी, 25 को 'हल्दी'-'संगीत' का जश्न

    विजय और रश्मिका की शादी का जश्न आज से शुरू है. सेलिब्रेशन की शुरुआत आज 24 फरवरी को ‘मेहंदी’ सेरेमनी के साथ होगी. इसके बाद 25 फरवरी को ‘हल्दी’ और ‘संगीत’ के इवेंट का आयोजन किया जाएगा. इन निजी लेकिन रॉयल प्री-वेडिंग फंक्शन्स में परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्तों के शामिल होंगे.

    'गीता गोविंदम' के सेट पर मिले, 'डियर कॉमरेड' में आए करीब, विजय-रश्मिका की क्यूट लव स्टोरी

    विजय और रश्मिका पहली बार ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर मिले थे. कहते हैं कि फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए थे. तब से लेकर अब तक, दोनों ने अपने निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की पूरी कोशिश की. वे अक्सर पब्लिक प्लेस पर साथ दिखते और डेटिंग की तमाम अफवाहों के बावजूद कपल ने शादी से पहले तक अपने रिश्ते को पूरी तरह प्राइवेट रखा था.

    शादी को पूरी तरह प्राइवेट और इंटिमेट रखा जा रहा है। सिर्फ करीबी परिवार और दोस्त ही शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इवेंट को गोपनीय रखने के लिए सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू है। मेहमानों से एनडीए (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) भी साइन करवाए जा रहे हैं ताकि कोई फोटो या वीडियो बाहर न लीक हो।

    विजय और रश्मिका की लव स्टोरी साल 2018 में शुरू हुई, जब दोनों ने ‘गीता गोविंदम’ में साथ काम किया। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का खूब प्यार मिला। इसके बाद दोनों ‘डियर कॉमरेड’ में फिर साथ नजर आए। इसके अलावा, वे कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।

    हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सालों तक प्राइवेट रखा, लेकिन अब आखिरकार शादी का ऐलान हो चुका है। शादी के बाद रिसेप्शन भी प्लान किया गया है।

  • एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी, खराब मौसम में क्यों उड़ा विमान?

    एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी, खराब मौसम में क्यों उड़ा विमान?

    चतरा.

    झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश होने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर इरफान अंसारी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी पहलुओं की जांच होगी और दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री एयर एंबुलेंस क्रैश में मारे गए लोगों को स्वजनों से मिलने के लिए मंगलवार की सुबह चतरा आए हुए थे।

    स्थानीय सदर अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले मंत्री मृतकों के शवों को देखा और पोस्टमार्टम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर ही उपायुक्त कीर्तिश्री जी एवं पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एयर एंबुलेंस क्रैश की झारखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी घटना है।

    दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई 
    उन्होंने कहा कि मृतकों के स्वजनों के साथ सरकार की पूरी संवेदना है। आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। घटना की सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जो कोई भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद किस परिस्थिति में उड़ान भर गया, यह भी जांच का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि झारखंड में चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर नहीं है। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर विकास विरोधी का आरोप लगाया।

    इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में भारत का उच्च तकनीक वाले अस्पताल बनाने की योजना है, लेकिन विपक्ष कहीं न कहीं से अवरूद्ध पहुंचाते रहता है। मौके पर स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, अपार समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी और भारी संख्या में सहवासी उपस्थित थे।

  • एमपी में मौसम का नया मोड़, 5 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल में मौसम शांत

    एमपी में मौसम का नया मोड़, 5 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल में मौसम शांत

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना इस बार पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र और दो सक्रिय द्रोणिकाओं के कारण कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बालाघाट, डिंडौरी समेत पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल और इंदौर में धूप खिलने के आसार हैं। 

    इन जिलों में असर ज्यादा
    मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव बना हुआ है। इसके चलते अनूपपुर, मंडला और सिवनी सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है।

    दिन में धूप, शाम को बदल गया मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदली। जबलपुर, रीवा, सीधी में बारिश हुई। वहीं, रात में भी मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिली।

    दिन में धूप, शाम को बदला रंग
    सोमवार को कई शहरों में सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम पलट गया। जबलपुर में धूल भरी आंधी चली और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं रीवा और सीधी में भी बारिश हुई। रात के समय ग्वालियर, मुरैना, सागर, दमोह और खरगोन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का असर दिखाई दिया।

    फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, लेकिन रात में पारा बढ़ा हुआ है। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया गया।

    फरवरी बना बरसाती महीना
    आम तौर पर फरवरी को सर्दी के विदा होने का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरा दौर चला, जो तीन दिन तक सक्रिय रहा। अब 23 फरवरी से चौथी बार बादलों ने दस्तक दी है और इसका असर अभी बना हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव
    बारिश से दिन का तापमान नीचे आया है, जबकि रात में ठंड कुछ कम हुई है। रविवार-सोमवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी रात का पारा 12 डिग्री से ऊपर रहा। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना हुआ है। कहीं धूप तो कहीं बादल और बारिश फरवरी के आखिरी दिनों में भी मौसम राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा। 

  • ईरान में सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, 4 की मौत, परमाणु शहर में मलबे का प्रसार

    ईरान में सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, 4 की मौत, परमाणु शहर में मलबे का प्रसार

     इस्फहान
    ईरान में युद्ध के माहौल के बीच सेना का एक हेलिकॉप्टर इस्फहान प्रांत में क्रैश कर गया है. सेना का हेलिकॉप्टर एक फ्रूट होलसेल मार्केट में क्रैश हुआ है. इस हादसे में अबतक 4 लोगों की मौत हो गई है. हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद ईरान के न्यूक्लियर प्लांट वाले प्रांत इस्फहान में हेलिकॉप्टर का मलबा फैल गया है. 

    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि हेलिकॉप्टर ईरानी आर्मी की एविएशन यूनिट का था और यह इस्फ़हान प्रांत के खोमेनी शाहर काउंटी के दारचेह शहर के फल और सब्ज़ी मार्केट एरिया में क्रैश हो गया. एजेंसी ने कहा कि क्रैश की वजह टेक्निकल गड़बड़ी थी. इस घटना में पायलट और को-पायलट के अलावा मार्केट के दो व्यापारी भी मारे गए. 

    रॉयटर्स ने बताया कि ईरान का एयर सेफ्टी रिकॉर्ड खराब है, यहां बार-बार क्रैश होते हैं, जिनमें से कई एयरक्राफ्ट 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले खरीदे गए थे और मेंटेनेंस के लिए ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स नहीं थे.

    पिछले हफ़्ते ईरान की रेगुलर एयर फ़ोर्स का एक US-बिल्ट F-4 फाइटर विमान पश्चिमी हमादान प्रांत में क्रैश हो गया था. जिसमें एक पायलट की ट्रेनिंग फ़्लाइट के दौरान मौत हो गई.ईरान की न्यूज एजेंसियां ये तो जरूर कह रही हैं कि हादसे की वजह तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन इसकी सही वजह नहीं पता चल पाई है.  यह क्रैश ऐसे समय में हुआ है जब US ने ईरान पर हमले की धमकी दी है.

    बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच यूरेनियम एनरिचमेंट और न्यूक्लियर हथियार रखने को लेकर चल रही बात अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस मुद्दे पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच काफी मतभेद है. 

    इस समय अमेरिकी खतरे को देखते हुए ईरानी मिलिट्री हाई अलर्ट पर है क्योंकि ट्रंप देश भर में अमेरिका की मिलिट्री ताकत बनाते हुए ईरान पर हमला करने के ऑप्शन पर विचार कर रहे हैं. पिछले हफ्ते ईरान की रेगुलर एयर फोर्स का एक US-बिल्ट F-4 फाइटर प्लेन पश्चिमी प्रांत हमादान में क्रैश हो गया था, जिसमें एक ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान एक पायलट की मौत हो गई थी.