Author: NewseDay

  • Gold-Silver Price अपडेट: अमेरिकी कारकों के बीच तेजी, निवेशकों में उत्साह बढ़ा

    Gold-Silver Price अपडेट: अमेरिकी कारकों के बीच तेजी, निवेशकों में उत्साह बढ़ा

     नई दिल्‍ली

    सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर सोना 400 रुपये चढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि चांदी के दाम में भी 8000 रुपये से ज्‍यादा की तेजी आई है. 5 मार्च वायदा वाली चांदी 2.75 लाख रुपये के ऊपर कारोबार कर रही है. 

    वहीं कुछ दिन पहले चांदी की कीमत 2.25 लाख रुपये के करीब थी और सोने के दाम 1.37 लाख रुपये पर बने थे, लेकिन कुछ ही दिनों में इन मेटल्‍स ने एक बार फिर तेजी दिखाई है. सोने चांदी के दाम में तेजी को लेकर एक्‍स्‍पर्ट्स का मानना है कि अमेरिका अलग- अलग खबरें आने के कारण इनके दामों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. 

    सोने-चांदी के दाम में फिर क्‍यों आई तेजी? 
    सोने और चांदी के दाम में तेजी का बड़ा कारण अमेरिका में हुए दो बड़े अपडेट हैं. अमेरिका में टैरिफ को लेकर अनिश्‍चितताएं बनी हुई हैं. इसके अलावा, निवेशक अमेरिका और ईरान  के बीच बातचीत में लेटेस्‍ट डेवलपमेंट को भी देख रहे हैं, जिस कारण निवेशक सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि आज सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली है. 

    जिनेवा में मीडिएटर ओमान के मुताबिक अमेरिका और ईरान ने तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत में कुछ प्रोग्रेस की खबर दी है. हालांकि, गुरुवार को घंटों की बातचीत के बावजूद, कोई साफ नतीजा नहीं निकला जिससे अमेरिका संभावित हमलों की संभावना को खारिज किया जा सके, जबकि इस इलाके में मिलिट्री की बड़ी तैयारी जारी है. सीधे शब्‍दों में कहें तो अभी अमेरिका और ईरान दोनों बातचीत में सहमत नहीं हो सके हैं, जिस कारण सोने और चांदी जैसे मेटल में तेजी देखी जा रही है. 

    दूसरी ओर, अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान के बीच भी वॉर शुरू हो गया है, जिस कारण गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम तेजी पर हैं और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है.  

    इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी के दाम
    इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार को सोने की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी रहीं.  स्पॉट गोल्ड 5,187.39 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.6% बढ़कर $88.81 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो बुधवार को तीन हफ्ते के हाई पर पहुंचने के बाद की तेजी है. 

  • पूर्व CM पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल, तमिलनाडु की राजनीति में उठा नया अध्याय

    पूर्व CM पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल, तमिलनाडु की राजनीति में उठा नया अध्याय

     चेन्नई

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सियासत में हलचल तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम आज सत्ताधारी पार्टी DMK में शामिल हो गए हैं. 

    DMK में शामिल होने के बाद ओपीएस ने कहा, 'आज मैंने अन्नादुराई की बनाई गई पार्टी डीएमके में खुशी-खुशी शामिल हो गया हूं. इसके लिए डीएमके नेता का धन्यवाद. डीएमके नेता स्टालिन अच्छे से पार्टी चला रहे हैं. ईपीएस के अहंकार और सत्ता के दुरुपयोग ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि AIADMK कभी चुनाव नहीं जीत सकती.'

    ओपीएस ने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री स्टालिन ने सुशासन दिया है और राज्य इसे देख रहा है. विशेषकर महिलाएं डीएमके सरकार के परिवार चलाने के लिए दी गई सुविधाओं से खुश हैं. ईपीएस तानाशाही तरीके से पार्टी चला रहे हैं और एआईएडीएमके पतन की ओर अग्रसर है.'

    दबाव में डीएमके में शामिल होने के सवाल पर, ओपीएस ने कहा, 'पिछले कई सालों में झेली गई कड़वाहट के कारण ये फैसला मैंने खुद लिया है. आगामी चुनाव में, अगर स्टालिन मौका देंगे तो मैं चुनाव लड़ूंगा. डीएमके का कोई विरोध नहीं कर सकता.'
    पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता रहा है. AIADMK में उनके और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच लंबे समय तक नेतृत्व संघर्ष चला, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने से साउथ तमिलनाडु का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है. यहां थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का समर्थन मजबूत माना जाता है.

    DMK कार्यकर्ता ने जताई खुशी

    पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर डीएमके कार्यकर्ता अभिषेक ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'ये एक शानदार दिन है. लोग साबित कर रहे हैं कि हम फिर से एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं. हम अभी मजबूत हैं और आगे और भी मजबूत होंगे. इसलिए, ये अच्छा होगा ये (ओपीएस के डीएमके में शामिल होने की संभावना) हमारी नेतृत्व क्षमता को दिखाता है कि कोई दूसरा (पूर्व) मुख्यमंत्री भी हमारे साथ जुड़ सकता है. हमें हराने वाला कोई नहीं है.'

    तीन बार मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेल्वम 

    बता दें कि ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि 6 महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार राज्य के सीएम पद का कार्यभार संभाला. लेकिन इस बार वो एक महीने तक ही इस पद पर बने रह सके. पनीरसेल्वम 2016 में तीसरी बार राज्य के सीएम बने थे, लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया था.

  • सहारनपुर का हाल: सड़क जाम और हनुमान चालीसा, कशिश-आजम मामले पर बढ़ा विवाद

    सहारनपुर का हाल: सड़क जाम और हनुमान चालीसा, कशिश-आजम मामले पर बढ़ा विवाद

     सहारनपुर 
     सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र स्थित सांगाठेड़ा गांव में एक युवती के दूसरे समुदाय के युवक के साथ लापता होने के बाद ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने सड़क पर बैठकर पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. युवती के पिता ने 24 फरवरी को तहरीर दी थी कि गांव का ही आजम नामक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तनाव बढ़ गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुला.

    युवती का वीडियो वायरल और परिजनों के आरोप

    लापता युवती कशिश ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से आजम के साथ गई है. उसने बताया कि वह डेढ़ साल से युवक को जानती है और घर वालों के टॉर्चर से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया. 

    युवती ने कोर्ट के कागज तैयार होने की बात कहते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि युवती की उम्र करीब 17 साल 5 महीने है, जिससे मामला कानूनी रूप से पेचीदा हो गया है.

    हिंदू संगठनों का तीखा तेवर और प्रदर्शन

    प्रदर्शन के दौरान राम विशाल दास (तथाचार्य) ने इसे 'जिहादी मानसिकता' का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक एजेंडे के तहत हिंदू बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है. संगठनों ने पुलिस को कल शाम तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक युवती की बरामदगी नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश और भारत स्तर पर उग्र रूप दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एकजुटता के दबाव में ही प्रशासन ने ठोस कार्रवाई का भरोसा दिया है.

    आपसी संवाद और शांति की अपील

    रणवीर धर्माचार्य ने प्रदर्शन के दौरान दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, लेकिन समाधान आपसी संवाद और कानूनी प्रक्रिया से ही निकलना चाहिए. उन्होंने स्थानीय नेताओं से भी शांति बहाली में सहयोग करने की उम्मीद जताई. रणवीर का तर्क है कि युवती की उम्र के आधार पर लड़के के खिलाफ मुकदमा बनता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन के आश्वासन पर ही फिलहाल धरना स्थगित किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे.

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम

    एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें, सर्विलांस और स्वाट टीम के साथ युवती की तलाश में जुटी हैं. परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है और वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण है. वायरल वीडियो की भी बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और उम्र के तथ्यों के आधार पर जल्द ही नियमानुसार बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी.

     

  • हेल्थ स्कीम का दायरा बढ़ा, 5 लाख तक कैशलेस इलाज का फायदा अब इन लोगों को

    हेल्थ स्कीम का दायरा बढ़ा, 5 लाख तक कैशलेस इलाज का फायदा अब इन लोगों को

     नई दिल्‍ली
    दिल्‍ली सरकार ने आयुष्‍मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत बड़ा बदलाव किया है. राज्‍य सरकार ने इस योजना का विस्‍तार करते हुए इसके तहत कुछ और लोगों को जोड़ा है, जिसमें विधवा और विकलांग सहायता योजनाओं से लाभ लेने वाले व्‍यक्ति शामिल हैं. इस कदम से दिल्‍ली में कैशलेस स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के लिए पात्र परिवारों की संख्‍या में इजाफा होने की उम्‍मीद है. 

    इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक के अस्पताल बीमा का लाभ दिया जाएगा. सरकार की ओर से दिया जाने वाला यह बड़ा सपोर्ट है, जिसके तहत कमजोर वर्ग के लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी खर्चों में कमी आती है. 

    अब  इस योजना में दिल्ली की लगभग 3.97 लाख विधवाओं और 1.31 लाख दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है.  अभी तक दिल्ली में करीब 5.5 लाख परिवार पहले से ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आते हैं और नए बदलाव के बाद यह संख्‍या और भी ज्‍यादा बढ़ जाएगी.

     उनके परिवार वाले भी ले सकेंगे लाभ
    कैबिनेट बैठक के दौरान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय की पुष्टि की और कहा कि उनके साथ ही उनके परिवार भी इस योजना के तहत लाभ उठाने के पात्र होंगे. यह बयान इस बात को दर्शाता है कि विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के आश्रितों को भी PMJAY के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए समावेशी नजरिया अपनाया जा रहा है.

    क्‍या है आयुष्‍मान भारत योजना? 
    भारत सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी. यह विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजना है. इस पहल का उद्देश्य करोड़ों भारतीय परिवारों, विशेष रूप से सीमित वित्तीय संसाधनों वाले परिवारों को, देशभर के लिस्‍टेड अस्पतालों तक कैशलेस और पेपरलेस सहायता देती है.

    इलाज के दौरान क्‍या-क्‍या कवर होता है? 
    पीएमजेएवाई योजना के तहत, हर पात्र परिवार को हर साल 5,00,000 रुपये तक का कैशलेस कवर मिलता है. इस योजना में शामिल सेवाओं में चिकित्सा जांच, परामर्श, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की देखभाल, दवाएं, ​​जांच, चिकित्सा प्रक्रियाएं, आवास, भोजन और यहां तक ​​कि उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताएं भी शामिल हैं. इस व्यापक कवरेज का उद्देश्य उन लोगों को वित्तीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करना है जिन्हें लागत के कारण अन्यथा बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. 

  • क्रिकेटर Rinku Singh के प‍िता का देहांत, बीमारी से चल रही थी कठिन लड़ाई

    क्रिकेटर Rinku Singh के प‍िता का देहांत, बीमारी से चल रही थी कठिन लड़ाई

     नई दिल्ली
    Rinku Singh Fathe
    r Death News: भारतीय क्रिकेटर र‍िंकू सिंह (Rinku Singh) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके पिता खानचंद्र स‍िंह ( Khanchandra Singh) का स्टेज-4 लिवर कैंसर से  जंग के बाद निधन हो गया. टी20 वर्ल्ड कप के बीच यह खबर सामने आने से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है.

    रिंकू सिंह के पिता पिछले कुछ समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. हाल में ही उनको हालत गंभीर होने पर ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली. प‍िता के न‍िधन की खबर सुनकर रिंकू सिंह चेन्नई से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं.  

     अस्पताल ने की पुष्ट‍ि 
    यथार्थ हॉस्पिटल के पीआरओ ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि चौथे स्टेज के कैंसर से जूझ रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने आज (27 फरवरी) सुबह 5 बजे यथार्थ हॉस्पिटल-ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आखिरी सांस ली. 

    बेहद नाजुक थी रिंकू के प‍िता की हालत 
    रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह की तबीयत बेहद नाजुक बनी हुई थी. वो ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थे और मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी. 

    टूर्नामेंट छोड़कर तुरंत घर लौटे थे रिंकू
    पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू T20 वर्ल्ड कप के बीच टीम कैम्प से निकलकर चेन्नई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां वे परिवार के साथ रहे. हालांकि वो गुरुवार (26 फरवरी) को ज‍िम्बाब्वे से खेलने के लिए टीम से जुड़ गए थे. 
     
    चेन्नई टी20 में ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ नहीं मिला मौका
    पारिवारिक शोक के चलते रिंकू के अगले मैचों में खेलने को लेकर सस्पेंस है. वो ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में टीम से बाहर रहे थे और उनकी जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया था. वहीं टीम में अक्षर पटेल की वॉश‍िंगटन सुंदर की जगह वापसी हुई थी. हालांकि ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में फील्ड‍िंग करते हुए वो नजर आए थे. 

    मुश्किल दौर से गुजर रहे रिंकू सिंह 
    यह समय रिंकू सिंह के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तर पर बेहद चैलेंज‍िंंग रहा  है. हालिया मैचों में उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इस टी20 वर्ल्ड कप में र‍िंकू सिंह ने टीम इंड‍िया के ल‍िए ज‍िम्बाब्वे मुकाबलों में हिस्सा लिया है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में नीचे होने की वजह से उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिला.

    अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ वह सिंगल डिजिट पर आउट हो गए. पाकिस्तान के खिलाफ जरूर उन्होंने 4 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर तेज कैमियो दिखाया. नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों पर 6 रन जोड़े, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. रिंकू ने पांच पारियों में 29 गेंदें खेलकर सिर्फ 24 रन बनाए थे. 

  • जिम्बाब्वे को हराकर भी सतर्क कप्तान, IND की जीत में हार्दिक-अर्शदीप रहे हीरो

    जिम्बाब्वे को हराकर भी सतर्क कप्तान, IND की जीत में हार्दिक-अर्शदीप रहे हीरो

    चेन्नई

    भारतीय टीम ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रनों से जीत हासिल की. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 257 रनों का टारगेट दिया. इस विशाल टारगेट के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए. पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी. ब्रायन बेनेट ने नााबाद 97 रन बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे.

    भारतीय टीम अब इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है. भारतीय टीम को अब अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज का 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में सामना करना है. भारतीय टीम यदि वेस्टइंडीज को हराती है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. भारत की जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया. जबकि जिम्बाब्वे अंतिम-4 की रेस से  बाहर हो चुका है.

    भारतीय टीम को सुपर-8 में अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनो से हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन उस हार से भारतीय टीम ने सबक लेते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों डिपार्टमेंट में दमदार खेल दिखाया. यानी भारतीय टीम का इस मुकाबले में कम्पलीट परफॉर्मेंस दिखा.

    अभिषेक का फॉर्म में लौटना सुखद
    सबसे प्लस प्वाइंट सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का फॉर्म में लौटना रहा. अभिषेक ने लगातार तीन पारियों में शून्य के स्कोर बनाए थे. जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 15 रन बना पाए थे. मगर अभिषेक जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह लय में दिखे. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. अभिषेक ने इस दौरान संजू सैसमन के साथ मिलकर 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की.

    ज‍िम्बाब्वे से जीतकर भी खुश नहीं सूर्या

    चेन्नई के एमए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे पर दमदार जीत दर्ज करने के बावजूद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) अपनी टीम की गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने साफ कहा कि जीत अहम है, लेकिन नॉकआउट से पहले टीम को और क्लीन‍िकल बनना होगा.

    गुरुवार (26 फरवरी को) मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद जरूरी था.

    हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ज‍िम्बाब्वे कभी भी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, फिर भी उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए. छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे श‍िवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च किए, जिसने भारतीय कप्तान को चिंतित किया.

    टीम इंड‍िया ने कैसे किया ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ प्रदर्शन
    कप्तान सूर्या ने यह भी बताया कि टीम ने इस अहम मैच से पहले पुरानी गलतियों को पीछे छोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा- हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा. हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया था. उससे हमें आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे.

    उन्होंने बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी का योगदान रहा और प्रदर्शन लगभग संपूर्ण था.

    स‍िकंदर रजा ने टीम इंड‍िया से हारने की क्या वजह बताई?
    जिम्बाब्वे के कप्तान स‍िकंदर रजान ने माना कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा.

    उन्होंने कहा- हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं. यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का प्राजारी है. अगर किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है. 

    जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे मैच में 250 से ज्यादा रन गंवाए, जिसने उसकी हार में बड़ी भूमिका निभाई. इस हार के साथ ही टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. अब वह अपना आखिरी मैच 1 मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी.

    तिलक नए रोल में ढल गए
    जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में तिलक वर्मा नए रोल में दिखे. तिलक मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 पर संघर्ष करते दिखे थे. लेकिन इस मैच में उन्हे नंबर-6 पर उतारा गया. टीम मैनेजमेंट का ये दांव क्लिक कर गया.  तिलक ने महज 16 बॉल पर नाबाद 44 रनों की पारी खेली. इस दौरान तिलक ने चार छक्के और तीन चौके लगाए.

    हार्दिक पंड्या की हार्ड हिंटिंग ने भी भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद किया. हार्दिक ने चार छक्के और दो चौके की मदद से 23 बॉल पर नाबाद 50 रन कूट डाले. हार्दिक ने भारतीय पारी की आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर ना सिर्फ अर्धशतकीय आंकड़ा टच किया, बल्कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशा को भी कम किया.

    भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी शानदार रही. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तो मिडिल ओवरों में कमाल की बॉलिंग की और तीन विकेट झटके. अर्शदीप ने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन खर्चे. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने विकेट तो नहीं लिए, लेकिन दोनों ने 3-3 ओवरों में एक समान 21 रन दिए. स्पिन गेंदबाजों वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 35-35 रन खर्च किए, साथ ही एक-एक विकेट लिया. शिवम दुबे जरूर आउट ऑफ कलर दिखे और एक विकेट लेने के लिए 2 ओवरों में 46 रन लुटाए.

  • अब AI देखेगा लीगल मैनेजमेंट सिस्टम का उल्लंघन, जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय

    अब AI देखेगा लीगल मैनेजमेंट सिस्टम का उल्लंघन, जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय

    भोपाल 
    जिले में विभिन्न मामलों को लेकर चल रहे कोर्ट प्रकरण का प्रबंधन अब लीगल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम से होगा। प्रशासन एआइ आधारित इस सॉफ्टवेयर को अपने यहां लागू करने जा रहा है। जिले के जो भी विभाग अपने यहां के कोर्ट प्रकरणों को दबाकर या लटकाकर बैठे हैं, वे सब जाहिर होंगे। अब ऐसे प्रकरणों को निपटाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले सामने आएंगे और उन पर कार्रवाई की रूपरेखा भी बनेगी। कलेक्ट्रेट से जुड़े हुए ही 150 के करीब कोर्ट केस अभी चल रहे हैं। जिले के सभी विभागों को मिलाने पर संख्या इससे चार गुना तक बनेगी।

    ऐसे समझें सिस्टम

    यह एक इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में काम करेगा, ताकि विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी देख सकें। कानूनी मामलों की प्रगति और पेंडेंसी पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनी डेटा सुरक्षित रहे और केवल अधिकृत व्यक्तियों की ही उस तक पहुंच हो।

    ऐसे करेगा काम

    -केस ट्रैकिंग: यह विभिन्न न्यायालयों में चल रहे सरकारी मामलों की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करेगा।

    – डाटा माइग्रेशन: पुराने कानूनी मामलों के डेटा को सिस्टम में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने का काम करेगा।

    दस्तावेजों का प्रबंधन: यह कानूनी दस्तावेजों, आदेशों और याचिकाओं को डिजिटल रूप में सहेज कर रखने में मदद करेगा।

    – अलर्ट और रिमाइंडर: आगामी पेशी और महत्वपूर्ण समय-सीमाओं के लिए रिमाइंडर देगा।
    ये होगा लाभ

    इसका सबसे बड़ा लाभ मेट्रो, नए आइएसबीटी समेत ब्रिज, सड़क और सार्वजनिक हित के संस्थानों को लेकर चल रहे जमीन संबंधी विवाद में होगा।  सिस्टम में प्रकरण से जुड़ा हर अपडेट और डिटेल सबमिट होगा, जिससे केस निपटाने में तेजी आएगी। प्रकरण पर निर्णय होने से जिले के ग्रामीण से लेकर शहरी प्रोजेक्ट और आमजन से जुड़े काम भी तेजी से हो पाएंगे। पेंशन प्रकरण से जुड़े केसों में भी न्याय होगा।

    नई तकनीक से जल्द निपटेंगे कोर्ट केस

    कोर्ट केस को शीघ्रता से निपटाने में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रकरण निपटान प्रक्रिया बेहतर व तेज होगी।

    – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
    600 केस की पेंडेंसी सुनकर कलेक्टर नाराज

    भोपाल. जिला समिति की बैठक में  600 पेंडिंग प्रकरणों पर कलेक्टर नाराज हुए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में पशुपालन, मत्स्य, स्व-सहायता समूह, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रकरण जो बैकों में भेजे गए हैं, उनके वितरण और लक्ष्य की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा, केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रकरण कई बैकों में लक्ष्य के अनुरूप निराकरण नहीं किए गए हैं। यह खेदजनक है। जिन बैंकर्स के प्रकरण स्वीकृत हो गए, उनका वितरण एक सप्ताह देने का कहा। लंबित प्रकरणों का 15 दिन में निराकरण का लक्ष्य दिया।

  • भीड़भाड़ वाली गलियों के लिए खास योजना, मिनी ई-बस सेवा शुरू करेगी दिल्ली सरकार

    भीड़भाड़ वाली गलियों के लिए खास योजना, मिनी ई-बस सेवा शुरू करेगी दिल्ली सरकार

    नई दिल्ली
    दिल्ली की संकरी गलियों और कॉलोनियों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने के लिए राजधानी में अब तक की सबसे छोटी 7 मीटर लंबी मिनी बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। यह नई बसें मौजूदा 9 मीटर लंबी DEVI इलेक्ट्रिक बसों से भी छोटी होंगी। दिल्ली सरकार ने लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने और मेट्रो स्टेशनों से फीडर सेवा बढ़ाने के उद्देश्य से इन 500 मिनी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की मंजूरी दी है।

    सरकार का निर्णय और टेंडर प्रक्रिया
    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। दिल्ली सरकार यह कदम पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत उठा रही है। फेज-2 के तहत कुल 3,330 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कॉम्पैक्ट बसें मुख्य मार्गों के साथ-साथ संकरी गलियों और अंदरूनी इलाकों में संचालन के लिए उपयुक्त होंगी।

    सड़कों पर जल्द दिखेंगी नई बसें
    परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि बसों की पहली खेप जल्द ही राजधानी की सड़कों पर दिखाई देगी। इन बसों की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से की जाएगी ताकि मौजूदा मार्गों का पुनर्गठन सुचारू रूप से हो सके। इस पहल से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यात्री सुविधा बढ़ेगी और मेट्रो स्टेशनों तक फीडर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    पूरी तरह इलेक्ट्रिक
    नई बसों की खरीद का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी CESL (कंपनी फॉर ईलेक्ट्रिफिकेशन ऑफ पब्लिक ट्रांसपोर्ट) संभाल रही है। इस योजना के तहत कुल 3,330 बसें शामिल हैं, जिनमें 500 मिनी 7 मीटर लंबी बसें, 2,330 नौ मीटर लंबी बसें और 500 बारह मीटर लंबी बसें शामिल हैं। सभी बसें लो-फ्लोर, वातानुकूलित और पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी।

    छोटी आकार की होने के बावजूद ये बसें मौजूदा 9 मीटर लंबी DEVI बसों जैसी सुविधाओं से लैस होंगी, जैसे लो-फ्लोर एंट्री, एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग और रियल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली। लो-फ्लोर डिजाइन विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहद लाभकारी होगा।

    वर्तमान में दिल्ली में कुल 5,336 सरकारी बसें चल रही हैं, जिनमें से 4,000 से अधिक इलेक्ट्रिक हैं। इनमें 1,200 से अधिक 9 मीटर लंबी DEVI बसें, करीब 2,000 बारह मीटर बसें और 100 मेट्रो फीडर बसें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च तक 5,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर होंगी और 2028 तक राजधानी में कुल बसों का बेड़ा बढ़कर 13,760 तक पहुँच जाएगा।

     

  • बढ़ा तनाव: किम जोंग उन ने दी परमाणु हमले की धमकी, दुनिया में मची हलचल

    बढ़ा तनाव: किम जोंग उन ने दी परमाणु हमले की धमकी, दुनिया में मची हलचल

    उत्तर कोरिया
    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने चेतावनी दी कि अगर उनकी सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न देश दक्षिण कोरिया को 'पूरी तरह से मिटा' सकता है। उन्होंने सियोल के साथ बातचीत करने से एक बार फिर इनकार कर दिया। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी की एक बैठक के समापन के दौरान उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए अपने नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वॉशिंगटन से बातचीत के लिए अपने रास्ते खुले रखे।

    हाल के वर्षों में किम ने सियोल के प्रति अपनी बयानबाजी को और तीखा कर दिया है और उसके साथ कूटनीति के प्रति अपनी अस्वीकृति पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सैन्य संघर्ष की आशंका नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाना है। इसके तहत किम के परमाणु हथियारों और मॉस्को तथा बीजिंग के साथ संबंधों के बल पर उत्तर कोरिया की अधिक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका स्थापित करना है।

    आधिकारिक न्यूज एजेंसी ने कहा कि किम ने अपनी परमाणु-संपन्न सेना को मजबूत करने के लिए नई हथियार प्रणालियों को विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उनके परमाणु और मिसाइल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास ने देश को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उभारा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका लंबे समय से रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना चाहता है तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित "शत्रुतापूर्ण" नीतियों को छोड़ना होगा।

    दक्षिण कोरिया ने क्या कहा
    दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया का अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण रूप में परिभाषित किया जाना खेदजनक है और सियोल शांति के प्रयासों को 'धैर्यपूर्वक' जारी रखेगा।

    ठप है अमेरिका से बातचीत
    विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2019 में वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद ठप है। किम ने दक्षिण कोरिया को 2024 में स्थायी दुश्मन घोषित कर संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।

    किम जोंग उन फिर बने नेता
    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सोमवार को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया था। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि हजारों प्रतिनिधियों की 'एकमत इच्छा' से किम को पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित इस कांग्रेस में शीर्ष नेता का चुनाव होता है।

     

  • 350 CCTV खंगालने के बाद खुला राज, फर्जी रेड से करोड़ों की लूट

    350 CCTV खंगालने के बाद खुला राज, फर्जी रेड से करोड़ों की लूट

    साउथ दिल्ली

    पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक बुज़ुर्ग कपल के घर पर नकली रेड करने वाले घरेलू नौकर और साली को गिरफ्तार कर लिया है। ED ऑफिसर बनकर रेड करने वाले तीन आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, कपल ने 13 फरवरी को नकली ED रेड की खबर दी थी।

    ED के वकील ने किया नकली रेड का खुलासा

    एडिशनल DCP ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि घटना 11 फरवरी की है। रेड के दौरान, रिटायर्ड डॉक्टर उषा सभरवाल ने जल्दी से अपने पोते कुणाल सभरवाल को एक एक्स्ट्रा फोन से कॉल किया। कुणाल ED का वकील है। उसने नकली रेड का खुलासा किया। तब तक, आरोपियों ने सारा कैश, ज्वेलरी और महंगी घड़ियां एक टेबल पर जमा कर ली थीं।

    दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस की गिरफ्त में आरोपित रेखा व पूजा।

    जब अलार्म बजा, तो आरोपी लगभग 4 लाख रुपये कैश और 6-7 महंगी घड़ियां लेकर भाग गए। CCTV फुटेज में एक नीली बलेनो कार न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से निकलती हुई दिखी। लगभग 350 CCTV फुटेज की जांच करने के बाद, टीम वैशाली के सेक्टर 4 में एक घर पहुंची। घरेलू नौकरानी रेखा देवी की भूमिका भी संदिग्ध लगी।
    रेखा और पूजा अरेस्ट

    उसे ट्रेस करने पर पता चला कि वैशाली में जिस घर में टीम पहुंची थी, वह रेखा की ननद पूजा राजपूत का था। टीम ने घर पर रेड की और रेखा और पूजा को अरेस्ट कर लिया। घर से कैश, 6-7 महंगी घड़ियां, एक पिस्टल, ITBP डिप्टी कमांडेंट की नकली यूनिफॉर्म और ID मिली।

    टीम पूजा के पति प्रकाश कुमार समेत तीन आरोपियों की तलाश कर रही है, जिसने नकली ऑफिसर बनकर लूटपाट की थी। प्रकाश कुमार ITBP में कांस्टेबल है।