Author: NewseDay

  • वाल्व फेल होते ही बढ़ा खतरा, दौसा में गैस टैंकर रिसाव पर जयपुर रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई

    वाल्व फेल होते ही बढ़ा खतरा, दौसा में गैस टैंकर रिसाव पर जयपुर रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई

    दौसा

    दौसा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर बीती रात गैस से भरे टैंकर में रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। घटना कैलाई बस स्टैंड के पास हुई, जब गुजरात से उत्तर प्रदेश जा रहा टैंकर कालाखोह के पास किसी अज्ञात वाहन से साइड में टकरा गया। टकराव से रोटो गेज वाल्व क्षतिग्रस्त हो गया और गैस रिसने लगी। चालक को इस रिसाव की जानकारी नहीं थी, लेकिन एक वाहन चालक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। सिकंदरा पुलिस ने टोल प्लाजा से पहले टैंकर को रोककर करीब 300 मीटर दूर कैलाई देवनारायण मंदिर के पास एक खेत में खड़ा करा दिया। उपखंड अधिकारी सिकराय नवनीत कुमार, नायब तहसीलदार डोण्ढीराम मीना, थाना प्रभारी अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी तैनात की गईं।
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    जैविक और रासायनिक खतरे को देखते हुए जयपुर से सेफ्टी टेक्निकल टीम को बुलाया गया। टैंकर में करीब साढ़े 17 टन गैस भरी हुई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाल्व को सुरक्षित रूप से बंद किया, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। इसके बाद टैंकर को जयपुर स्थित आईओसी प्लांट ले जाकर गैस खाली कराई गई।

    सेफ्टी अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अज्ञात वाहन से टकराने के कारण वाल्व में लीकेज हुआ था, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। देर रात अफरा-तफरी के बीच प्रशासन की सतर्कता और तकनीकी टीम की तत्परता से सड़क मार्ग सुचारु रूप से चालू कर दिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की हताहत की सूचना नहीं मिली।

  • हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

    हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

    मेरठ
    नमो भारत (RRTS) ट्रेन ने मेरठ को दिल्ली से इस कदर जोड़ दिया है कि अब देश की राजधानी के प्रमुख स्थल जैसे कनाट प्लेस, लालकिला, एम्स और आईजीआई एयरपोर्ट मेरठवासियों की सीधी पहुंच में आ गए हैं। नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच बढ़ते समन्वय ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि यात्रियों को 'एक ही ऐप' से दोनों ट्रेनों की टिकट बुक करने की सुविधा भी दे दी है। अब यात्रियों को दिल्ली मेट्रो के लिए अलग से लाइन में लगने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है।

    एम्स और शिक्षण संस्थानों के लिए वरदान
    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए नमो भारत एक लाइफलाइन साबित हो रही है। यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर के साथ एम्स (AIIMS) ले जाना हो, तो ट्रेन में इसके लिए विशेष प्रबंध हैं। शताब्दीनगर स्टेशन से सराय काले खां और फिर मेट्रो के जरिए मात्र 77 मिनट में एम्स पहुंचा जा सकता है, जिस पर कुल 212 रुपये का खर्च आता है। इसी तरह, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) जाने वाले छात्र अब मात्र 78 मिनट में और 183 रुपये खर्च कर अपने कॉलेज पहुंच सकते हैं। वहीं, जेएनयू (JNU) जाने के लिए न्यू अशोक नगर रूट से 96 मिनट का समय और 214 रुपये का खर्च आता है।
     
    एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की सीधी कनेक्टिविटी
    हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी यह सफर अब तनावमुक्त हो गया है। शताब्दीनगर से आनंद विहार और वहां से मेट्रो की विभिन्न लाइनों का उपयोग कर यात्री केवल 96 मिनट में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) पहुंच सकते हैं। इस पूरी यात्रा का कुल खर्च लगभग 247 रुपये बैठता है। वहीं, कश्मीरी गेट आईएसबीटी (ISBT) जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन से मेट्रो बदलना सबसे सस्ता और तेज विकल्प है, जहां यात्री 65 मिनट में महज 153 रुपये में पहुंच सकते हैं।

    पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों तक आसान पहुंच
    दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस और चांदनी चौक जैसे बाजारों तक पहुंचना अब बेहद सरल है। शताब्दीनगर से आनंद विहार होते हुए मात्र 59 मिनट में कनाट प्लेस और 70 मिनट में चांदनी चौक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, इंडिया गेट, सुप्रीम कोर्ट और नए संसद भवन (सेवा तीर्थ स्टेशन) जाने के लिए भी नमो भारत और ब्लू लाइन मेट्रो का तालमेल यात्रियों का समय बचा रहा है। प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी पॉइंट है, जहां मेरठ से आनंद विहार होकर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

    स्मार्ट कनेक्टिविटी और पार्किंग की सुविधा
    नमो भारत का शताब्दीनगर स्टेशन शहर के कई हिस्सों को जोड़ता है और यहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने के कारण यात्री इसे अपना मुख्य आधार बना रहे हैं। नमो भारत का मोबाइल ऐप न केवल टिकट बुकिंग में मदद करता है, बल्कि यात्रियों को यह भी गाइड करता है कि उन्हें किस स्टेशन पर ट्रेन बदलनी है, जिससे पहली बार दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर काफी आसान हो गया है।

  • सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

    परंपरा से प्रगति तक: मूंज शिल्प ने बदली रजनी बाला की दुनिया

    ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान
        
    कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान

    सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और नई संभावनाओं का दौर जारी है। महिलाएं अपने संकल्प और परिश्रम से आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लाक के गांव हरखपुर की रहने वाली रजनी बाला इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने मूंज उत्पादों में सिकहुला, भउका, दौरी, डोलची और कप जैसी कलाकृतियों को बढ़ावा देकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

    ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा
    रजनी बाला ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं कि मूंज शिल्प का हुनर उन्हें अपनी मां से विरासत में मिला। उनकी मां भी मूंज के उत्पाद तैयार करती थीं, जिससे बचपन से ही रजनी को इस कार्य का पारिवारिक वातावरण और व्यावहारिक अनुभव मिलता रहा। उसी सीख और लगन के दम पर आज रजनी विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में कैब चलाते हैं और रजनी के काम में पूरा सहयोग देते हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटा लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सुल्तानपुर के एक विद्यालय में अध्ययनरत है। 

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान
    मूंज के प्रत्येक उत्पाद की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन लाभ की दृष्टि से यह व्यवसाय काफी मजबूत है। रजनी बाला बताती हैं कि औसतन हर उत्पाद पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुद्ध लाभ हो जाता है। यदि किसी उत्पाद को तैयार करने में ₹100 की लागत आती है, तो उसका बाजार मूल्य लगभग ₹150 होता है। उनके व्यवसाय को अब अन्य राज्यों से भी पहचान मिल रही है। अब तक का उनका सबसे बड़ा और लाभदायक ऑर्डर राजस्थान से मिला, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 100 महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया। इस तरह रजनी बाला न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आजीविका से जोड़कर सामूहिक आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। 

    कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान
    रजनी बाला ने बताया कि उनके मूंज उत्पादों के निर्माण और विपणन में जिला उद्योग कार्यालय का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से जिला उपायुक्त सुश्री नेहा सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला। इसी सहयोग के चलते उन्होंने नोएडा, सुल्तानपुर के साथ-साथ लखनऊ और आसपास के अन्य जिलों में भी स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफलतापूर्वक बिक्री की है। सरकारी समर्थन और अपने परिश्रम के बल पर रजनी बाला आज स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनी हैं।

    सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव
    उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं प्रदेशभर में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। राज्य स्तर पर अब तक लाखों महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इन योजनाओं के प्रभाव से सुल्तानपुर सहित कई जिलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जो युवा कभी बेरोजगारी से जूझ रहे थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

    योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं और युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में भागीदारी निभाएं। विभिन्न विभाग अपने स्तर पर आवेदकों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल और सुलभ बनी रहे। साथ ही, समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सफल युवाओं और महिलाओं की प्रेरक कहानियां न केवल अन्य लोगों के लिए उत्साह का स्रोत बन रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी फैला रही हैं।

  • मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

    मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

    ग्वालियर
    ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं।
    युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी

    ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है।

    तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती

    दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है।

    निवेशकों में डर का माहौल
    बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

  • घबराईं सपना चौधरी: लाइव परफॉर्मेंस में अचानक हुआ Kiss, छेड़छाड़ का शिकार हुईं

    घबराईं सपना चौधरी: लाइव परफॉर्मेंस में अचानक हुआ Kiss, छेड़छाड़ का शिकार हुईं

     नई दिल्ली
    हरियाणवी क्वीन सपना चौधरी इन दिनों 'द 50' शो में दिखाई दे रही हैं. सपना का दबंग अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है. अब शो में सपना ने एक डांसर के तौर पर अपनी जर्नी पर बात की. सपना ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में काफी बुरा दौर देखा है. एक दफा उनकी जान को खतरा भी था. 

    सपना चौधरी का खुलासा

    सपना ने बताया कि उनके ऊपर करीब 35 केस रजिस्टर्ड हैं. कई जगहों पर उनके परफॉर्म       करने पर बैन तक लग गया है. अपने करियर के डार्क फेज पर बात करते हुए सपना चौधरी बोलीं- साल 2018 में बिग बॉस करने के बाद से मैंने बेहतर से बेहतर शोज करने शुरू कर दिए थे. उससे पहले इवेंट्स में हालात बहुत खराब थे. वहां कभी भगदड़ मच जाती थी, कभी कुर्सियां फेंकी जाती थीं तो कभी लड़ाइयां हो जाती थीं. मेरे ऊपर 35 केस हैं, क्योंकि मैंने शो किया और वहां भगदड़ मच गई. मैं बड़ौद, मेरठ…उस साइड बैन हूं. मेरे नाम से शो की परमिशन नहीं मिलेगी. 

    सपना ने अपने शो का एक खौफनाक इंसीडेंट भी याद किया. सपना बोलीं- एक दफा हमारे घर में पैसे नहीं थे. मेरी मां और मैं साथ बैठे थे. हम बस यही उम्मीद कर रहे थे कि कोई शो मिल जाए. फिर अचानक देर रात में मेरा फोन बजा. कॉल पर मुझे एक शो का ऑफर मिला, जो अगली रात को होने वाला था. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं शो करूंगी और मैंने तुरंत हां कह दिया था. मैं शो करने के लिए इतनी एक्साइटेड थी कि मैंने उसके बारे में कोई डिटेल ही नहीं पूछी. मैंने ये भी नहीं पूछा कि किस तरह का शो है. कहां हो रहा है और मुझे क्या करना होगा?

    'शाम को हम लोकेशन पर पहुंचे. वो एक फार्महाउस था. हम जैसे ही अंदर गए मैंने देखा वहां करीब 25-26 टेबलें लगी हैं और पीछे की तरफ सिर्फ 2 कुर्सियां थीं. हर टेबल पर ओपनली हथियार रखे थे. वहां मौजूद सभी लोग गैंगस्टर्स लग रहे थे. ऐसा लग रहा था कि कोई जेल से रिहा हुआ है और वो उसका जश्न मना रहे हैं.' 

    सपना संग हुई थी बदतमीजी

    पहले मैंने अकेले गाना गाया था और फिर किसी के साथ परफॉर्म किया था. मगर जब मैं अकेले परफॉर्म कर रही थी, तब एक शख्स लगातार मेरे पास आ रहा था और मेरे कान में कुछ बोल रहा था. मेरी मां ने पूछा- ये क्या कह रहा है? मैंने कहा कि ज्यादा शोर-शराबा होने की वजह से मैं ठीक से सुन नहीं पाई. वहां, करीब 50-55 आदमी थे. मेरी मां ने फिर उनसे रिक्वेस्ट की प्लीज अब हमें जानें दो. लेकिन उनमें से एक ने कहा- आप कैसे जा सकती हो? डांस तो अभी बाकी है. पहले डांस करो और फिर जाओ. क्या हमने आपको पेमेंट नहीं की है?

    सपना ने बताया कि उस वक्त वो काफी घबरा गई थीं. उन्हें लग रहा था कि वो लोग उन्हें शूट भी कर सकते हैं. सपना बोलीं- मैं स्टेज पर जाकर डांस करने लगी थी. अचानक वही, आदमी पीछे से मेरे पास आया और उसने मुझे गाल पर KISS कर लिया. 

    'मैं तभी तुरंत स्टेज से उतर गई और स्टेज के पीछे जाकर बैठ गई थी. मैंने कहा था- मैं अब और ये सब नहीं करूंगी. मुझे फर्क नहीं पड़ता आगे क्या होता है. मेरी मां ने फिर मेरा हाथ थामकर उन लोगों से बात की. मां ने उनसे कहा था- आप लोग किसी की बेटी-बहन को इनवाइट करते हो और फिर इस तरह बर्ताव करते हो. ये सही नहीं है. मेरी मां फिर मुझे लेकर वहां से जाने लगी थीं.'

    'हम जैसे-जैसे बाहर निकलने के लिए दरवाजे की तरफ बढ़ रहे थे, मैं अपनी मां को बोले जा रही थी कि ये लोग गोली मार सकते हैं. मुझे लग रहा था कि बुलेट कभी भी आ सकती है. किसी तरह हम से वहां से बाहर निकलकर कार में बैठे और तब मैंने सुकून भरी सांस ली. वो काफी खतरनाक मोमेंट था.' 

  • ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    भोपाल 

    पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे।

    कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा।

    दो नए ऑटो हट बनेंगे

    भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा।

    भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर

    भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा।

    यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी।

    भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम

  • पानीपत पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच, फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

    पानीपत पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच, फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

    पानीपत.

    सेक्टर-29 पार्ट-2 स्थित एक टेक्सटाइल मशीनरी फैक्ट्री मालिक के बेटे का अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। बदमाशों ने न केवल उसकी गाड़ी का पीछा किया, बल्कि फैक्ट्री के गेट पर दंगा करते हुए गार्ड के साथ बदतमीजी की और जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सेक्टर-18 निवासी आकांशु ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे जब वह अपनी फैक्ट्री से काम के सिलसिले में अपनी गाड़ी लेकर निकले।
    गेट के बाहर पहले से ही कृष्ण व उसका बेटा और 10-15 अन्य अज्ञात लोग 5-6 गाड़ियों के साथ खड़े थे। उन्हें देखते ही कृष्ण ने चिल्लाकर कहा, यह मुकेश का लड़का है, इसका पीछा करो।

    इसके बाद 2-3 गाड़ियों ने अपहरण की नीयत से आकांशु की गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर निकलने में कामयाब रहे। इसी दौरान फैक्ट्री के अकाउंटेंट विशाल ने फोन पर सूचना दी कि कई लोग फैक्ट्री के गेट पर दंगा कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड निशांत मलिक के साथ बदतमीजी की और धमकी दी कि मुकेश और उसके बेटे ने बहुत पैसे कमा लिए हैं।

  • जालंधर पुलिस ने खाली करवाया परिसर, एपीजे स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर पुलिस ने खाली करवाया परिसर, एपीजे स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर.

    पंजाब के जालंधर जिले के रामा मंडी स्थित स्कूल एपीजे को बम से उड़ाने की धमकी मिली। आरोपितों ने आतंकी संगठनों का नाम लेकर स्कूल को उड़ाने की धमकी दी है। हालांकि, यह किसी आतंकी संगठन की तरफ से आया है, यह अभी साफ नहीं हुआ। सूचना मिलते ही स्कूल में दहशत फैल गई।

    सारे बच्चों को और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि एपीजे स्कूल सहित कई अन्य स्कूलों को भी इस संबंध में थ्रेट ईमेल आई है, लेकिन अभी तक बाकी स्कूलों में जानकारी कंफर्म नहीं हो पाई है। इस समय फाइनल परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में स्कूलों के साथ-साथ विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में भी एक बार फिर से डर का माहौल सा बन गया है।

  • JRF परीक्षा में कोमलदीप सिंह ने पाई 6वीं रैंक, पंजाब के बकरी पालक ने रचा इतिहास

    JRF परीक्षा में कोमलदीप सिंह ने पाई 6वीं रैंक, पंजाब के बकरी पालक ने रचा इतिहास

    बुढलाडा.

    जून 2024 के दौरान यूजीसी नेट परीक्षा पास करने के बाद कस्बा बोहा के युवक कोमलदीप सिंह ने एक बार फिर जेआरएफ (ज्वाइंट रिसर्च फैलोसिप) परीक्षा में देश में 6वां रैंक हासिल करके पंजाब और मानसा जिले का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा में 8 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। कोमलदीप सिंह अब पीएचडी की पढ़ाई करेगा।

    बोहा के एक साधारण परिवार में जन्मे और पले बढ़े कोमलप्रीत सिंह की माता घर पर सिलाई का काम करती हैं और उसके पिता उसकी पढ़ाई व घर चलाने के लिए ईट भट्टे पर काम करते हैं और कोमलप्रीत भी कभी अपने पिता के साथ भट्टे पर काम करता है तो कभी बकरियां चराने के अलावा किताबों को हर समय अपने साथ रखते खाली समय में अपनी पढ़ाई भी पूरी कर लेता है और इस मेहनत के दम पर उसने यूजीसी नेट परीक्षा पास कर ली गई, लेकिन आगे बढ़ने के लिए पैसों की तंगी के कारण उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन यूनिवर्सिटी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दी गई सलाह ने उसे तरक्की का रास्ता दिखाया और अपनी मेहनत के बल पर जेआरएफ की परीक्षा को पास करने के बाद कोमलदीप को अब पीछे लौटकर देखने की जरूरत नहीं है।

    बकरी पालन के साथ साथ शिक्षा में प्रतिभावान बेटे की इस कामयाबी पर परिवार में हर किसी के चेहरे पर मुस्कान है और कहा जा रहा है कि उनका बकरी पालक किसी से कम नहीं है, यह सिर्फ मां लखवीर कौर और पिता हरजिंदर सिंह की मेहनत की जीत नहीं है, बल्कि यह हर उस नौजवान के लिए एक रास्ता है जो सोचता है कि हालात मात दे जाते हैं। नहीं उन्हें जीता जा सकता है। साथ ही वह मिसाल है जो बताती है कि हुनर और मेहनत से हालात को भी चुनौती दी जा सकती है।

    पूर्व विधायक मंगत राय बंसल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलवंत राय सिंगला, ठेकेदार गुरपाल सिंह, नगर काउंसिल अध्यक्ष व भाजपा नेता सुखपाल सिंह ने परिवार को बधाई दी और कहा कि कोमलदीप ने मुश्किलों को पीछे छोड़कर ऊंचाइयों को छूने के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी है और यूजीसी परीक्षा के बाद अब जेआरएफ परीक्षा पास करके इतिहास रच दिया है।

  • भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है।

    मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- 'आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।'

    पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग

    धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई।

    पहले भी मिली थी धमकी

    इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।

    ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी
    पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।

       प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
    लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें।

    दूसरी बार मिली धमकी
    जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।