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  • उत्तर प्रदेश में बिल्डिंग मैप पास कराना होगा आसान, योगी सरकार ने मॉडल भवन विनियम-2026 को दी मंजूरी

    उत्तर प्रदेश में बिल्डिंग मैप पास कराना होगा आसान, योगी सरकार ने मॉडल भवन विनियम-2026 को दी मंजूरी

    औद्योगिक प्राधिकरणों में भवन मानचित्र मंजूरी होगी आसान

    मॉडल भवन विनियम-2026 को योगी कैबिनेट की मंजूरी, निवेश और रियल एस्टेट क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

    लखनऊ,
     उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन मानचित्र और भूखंड अनुमोदन की प्रक्रिया अब और सरल, पारदर्शी एवं नागरिक अनुकूल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन विनियम, 2026’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई।

    सरकार का यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ नगरीय विस्तार, अवस्थापना विकास और निजी निवेश को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए विनियमों से भवन/भूखंड मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया सुगम होगी और विकसित किए जा सकने योग्य मूल्यवान भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    इससे विनिर्माण, पर्यटन, आईटी/आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ने के साथ सुनियोजित नगरीय विकास को भी गति मिलेगी। निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे व्यवसाय सुगमता और आर्थिक विकास को और मजबूती मिलेगी।

  • CM योगी का दावा- ‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बन रहा यूपी, स्वास्थ्य व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव

    CM योगी का दावा- ‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बन रहा यूपी, स्वास्थ्य व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव

    'स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश' बना यूपी: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर

    2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या थी मात्र 36, अब बढ़कर हुई 85 

    एमबीबीएस की सीटें 4690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हुईं

    उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश' की कहानी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के जरिए शुक्रवार को प्रदेशवासियों से साझा की। मुख्यमंत्री ने उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया। 

    वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के साथ नए मानक स्थापित कर रहा यूपी
    सीएम ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य क्षेत्र की लचर व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक गति से कार्य किया है। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया से होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

    उपचार की सुविधा का लगातार विस्तार
    मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां प्रदेश में वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 36 थी, वहीं आज यह बढ़कर 85 हो गई है। साथ ही, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन के लिए घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा का विस्तार हुआ है।

    उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त हैं प्रदेशवासी
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी आज गंभीर बीमारी के उपचार के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

  • उत्तर प्रदेश में 455 लेखपालों को मिली नई जिम्मेदारी, अब राजस्व निरीक्षक के पद पर करेंगे काम

    उत्तर प्रदेश में 455 लेखपालों को मिली नई जिम्मेदारी, अब राजस्व निरीक्षक के पद पर करेंगे काम

    योगी सरकार ने 455 लेखपालों को दी पदोन्नति, बने राजस्व निरीक्षक

    – राजस्व परिषद ने ऑनलाइन डीपीसी से पूरी की प्रक्रिया, जल्द जारी होंगे तैनाती के आदेश

    राजस्व निरीक्षक बनने से तहसील स्तर पर मजबूत होगा राजस्व कार्यों का पर्यवेक्षण

    लखनऊ
    योगी सरकार
    ने प्रदेश में राजस्व प्रशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रदेश के 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर पदोन्नति प्रदान की है। पदोन्नत कार्मिकों की तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।

    तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण और होगा प्रभावी
    उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा ने बताया कि पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। निर्धारित पात्रता मानकों और सेवा अभिलेखों के आधार पर कार्मिकों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद 455 लेखपालों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता के साथ ही समयबद्धता को भी बढ़ावा मिला है। पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण और प्रभावी होगा। वहीं, भूमि संबंधी मामलों, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों और अन्य राजस्व कार्यों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है।

    राजस्व मामलों के निस्तारण पर जोर
    बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

  • योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों को राहत, लगातार बांटे जा रहे भोजन के पैकेट

    योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों को राहत, लगातार बांटे जा रहे भोजन के पैकेट

    योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी

    बाढ़ प्रभावितों तक लगातार पहुंचाए जा रहे भोजन के पैकेट, जरूरतमंदों को दोनों समय मिल रहा भोजन

    महापौर सुषमा खर्कवाल ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से किया संवाद, जानीं समस्याएं

    बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

    एलडीए ने 26 पंपिंग सेट से तेज की जल निकासी

    एलडीए ने राहत कार्यों के लिए मैनपावर बढ़ाया, अधिकारी तीन शिफ्ट में कर रहे 24×7 निगरानी

    लखनऊ
     बाढ़ प्रभावित नागरिकों को राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम, एलडीए, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

    महापौर सुषमा खर्कवाल ने जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा जोन-6 के हयात नगर, सेहठा गांव और गुल्मी खेड़ा में नाव के माध्यम से पहुंचकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट, पेयजल और आवश्यक दवाएं वितरित की। साथ ही अधिकारियों को राहत सामग्री की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में 800 भोजन के पैकेट वितरित

    नगर निगम प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद नागरिकों तक भोजन के पैकेट पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में लगभग 800 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रभावित बस्तियों एवं गलियों में दिन के दोनों पहरों में 1450 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गए। प्रथम पहर में गृह निर्माण संस्था क्षेत्र में करीब 250 पैकेट, दौलत खेड़ा एवं मुन्नू खेड़ा में 180, हयात नगर एवं लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली में 150, तांड खेड़ा में 185, बरावन कला एवं एमसी सक्सेना के पीछे वाली गली में करीब 50 तथा हयात नगर के अन्य हिस्सों में 80 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। वहीं, दूसरे पहर में करीब 650 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। आवश्यकता और मांग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में दिन में दो समय भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    हेल्थ कैंप में व्यवस्थाओं की जांच

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने प्रभावित क्षेत्र में स्थापित हेल्थ कैंप का भी निरीक्षण कर दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य टीम से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से नागरिकों की ओर से प्राप्त सूचनाओं और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन के पैकेट तीनों समय नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

    एलडीए ने 26 पंपिंग सेट लगाए

    वहीं गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इकाना स्टेडियम, प्लासियो मॉल और आसपास के क्षेत्रों में हुए जलभराव से निपटने के लिए एलडीए ने राहत अभियान तेज कर दिया है। जिस स्थान से गोमती का पानी योजना क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, वहां बोल्डर और मिट्टी डालकर मजबूत अस्थायी अवरोध बनाया गया है। जल निकासी के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए गए हैं, जिससे गुरुवार शाम पांच बजे तक जलभराव की स्थिति में काफी सुधार दर्ज किया गया।

    लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद अलग-अलग पॉकेट में मैनपावर में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। निगरानी और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एलडीए के अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी तीन शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड और नौसेना शौर्य वाटिका को अग्रिम आदेशों तक आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है।

  • मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हर पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले, केवल चिन्हांकन तक सीमित न रहे जीरो पावर्टी अभियान: मुख्यमंत्री

    मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    अतिवृष्टि के बाद जहां बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल करें, 24×7 सक्रिय रहे टोल फ्री नंबर: मुख्यमंत्री

    कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण में तेजी के निर्देश, संचालन के लिए बनेगी नीति

    स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की 8वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने की प्रदेश में संचालित परियोजनाओं की समीक्षा

    लखनऊ,
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 'सीएम-समीक्षा' की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक में विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं को केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रखा जाए, उन्हें समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हों या फील्ड में तैनात अधिकारी, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं। भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति, निविदा और अंतरविभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए।

    एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    बैठक में ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की भी समीक्षा हुई। यहां 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक परियोजनाओं में आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के लिए कामकाजी महिला छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण के साथ उनके प्रभावी संचालन के लिए भी अच्छी और उपयोगी नीति तैयार की जाए।

    जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि चिन्हित 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में केवल पात्र परिवारों का चिन्हांकन पर्याप्त नहीं है, प्रत्येक पात्र परिवार को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो, जलभराव की स्थिति न बने और किसानों को अपनी उपज के साथ किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंडी परिसरों की नियमित निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

    हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल किया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 24×7 सक्रिय रखा जाए। प्रत्येक उपभोक्ता को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बिजली चोरी और लाइन लॉस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फीडरवार ऑडिट कर वास्तविक स्थिति सामने लाने के निर्देश दिए गए।

    अग्नि सुरक्षा की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

    लोक निर्माण विभाग की ₹50 करोड़ से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुबंध के अनुसार सभी कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि ₹454 करोड़ से 11,350 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनमें शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है तथा 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पठन-पाठन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर आपूर्ति में तेजी लाने और रियल टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

  • निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    जीबीसी@5.0 के लिए ₹7.55 लाख करोड़ की 7000 परियोजनाएं तैयार, सभी 75 जिलों को मिलेगा लाभ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की GBC@5.0 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेशकों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

    लगभग 7,000 परियोजनाओं में निवेश, पश्चिमांचल से बुंदेलखंड तक औद्योगिक विकास का विस्तार

    निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    हालिया सड़क हादसों पर मुख्यमंत्री ने जताया दु:ख, एक्सप्रेसवे पर 24×7 निगरानी और निजी क्षेत्र के सहयोग से ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के निर्देश

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उच्चस्तरीय बैठक में समारोह की तैयारियों के साथ प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। वर्तमान स्थिति के अनुसार जीबीसी@5.0 के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के जरिए ₹7.55 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    इन्वेस्ट यूपी की ओर से बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार परियोजनाएं, जिलों के स्तर पर निवेश सारथी पोर्टल से जुड़ी साढ़े तीन हजार से अधिक परियोजनाएं तथा इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिमांचल में करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपये, पूर्वांचल में 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बुंदेलखंड में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। बड़ी परियोजनाओं में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली करीब 90 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें लगभग पौने पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

    सेक्टरवार निवेश में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सीमेंट, फार्मा एवं रसायन, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल और पर्यटन प्रमुख हैं। डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब ₹1.8 लाख करोड़, ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक और रियल एस्टेट में ₹75 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं। विनिर्माण क्षेत्र में करीब पौने तीन लाख करोड़ रुपये तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। 

    बैठक में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के पहले से चौथे संस्करण तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जीबीसी 1 से 4 के माध्यम से 16 हजार से अधिक परियोजनाओं में 8 हजार से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं, जबकि 8 हजार से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं को प्रारंभ करने का अवसर नहीं है, यह प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को जीबीसी@5.0 में शामिल किया जा रहा है, उनकी तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी की जाए। निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

    निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों के भुगतान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी निवेशक को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो तथा पात्र निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में निवेश प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत बजट, अब तक किए गए भुगतान और आगामी अवधि में होने वाले वितरण की भी समीक्षा की गई। 

    बैठक में प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे पर हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं पर दु:ख व्यक्त करते हुए इनके कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबंधन, सुरक्षा कैमरों और रडार की निगरानी तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना पर भी काम करने को कहा गया।

  • चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज थे रामविलास पासवानः मुख्यमंत्री 

    राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि 

    रामविलास जी को जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में भी दिलाएंगेः मुख्यमंत्री

    सर्वाधिक मतों से जिताकर बिहार की जनता ने दिया बड़ा सम्मान, रामविलास जी का मिशन बढ़ा रहे चिरागः सीएम 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जुझारू तेवर वाले जननेता थे। उन्होंने अपने इस तेवर से सामाजिक चेतना को नया आयाम प्रदान किया। 50 वर्ष पहले बिहार में ऐसे युवा नेता का अभ्युदय हुआ था, जो उस समय दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज बना। बिहार की जनता ने उस स्वर को बड़ा सम्मान दिया और रामविलास जी को सबसे अधिक मतों से जिताकर संसद भेजा। उन्होंने भारतीय राजनीति के माध्यम से अपना जीवन सामाजिक चेतना को जागरूक करने और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपने का भारत बनाने के लिए समर्पित किया। 

    राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर सुशांत गोल्फ सिटी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपनी बातें रखीं। मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी ने भजनों का श्रवण करते हुए आध्यात्मिक गंगा में डुबकी लगाई।

    संसद में हमने साथ कार्य किया 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बतौर सांसद मुझे भी पासवान जी के साथ लंबे समय तक संसद में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ। उनके मन में भारत की परंपरा के प्रति सदैव श्रद्धा व सम्मान की भावना रही। दलित-वंचित को न्याय मिले, उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान व उचित स्थान मिले, अपने इस संकल्प को मंजिल तक पहुंचाने के लिए रामविलास जी ने निरंतर कार्य किया। 

    जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में दिलाएंगे
    सीएम ने बिहार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वहां उनकी पुण्यतिथि को राष्ट्रीय समारोह के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सीएम ने रामविलास पासवान के दृढ़ संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो बोला, उसके अनुरूप जीवन जिया। उत्तर प्रदेश में इस आयोजन के लिए सीएम ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार जताया और विश्वास दिलाया कि बिहार में जो सम्मान रामविलास पासवान को मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिलाएंगे।

    रामविलास जी के मिशन को बढ़ा रहे चिराग 
    सीएम ने कहा कि रामविलास पासवान की अनुपस्थिति खलती है, लेकिन इस बात की संतुष्टि है कि चिराग पासवान उनके मिशन को बढ़ाने के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं। पीएम मोदी जी के सान्निध्य में केंद्रीय मंत्री के रूप में चिराग पासवान अपनी आवाज को हर मंच के माध्यम से बढ़ा रहे हैं। 

    रामविलास जी की सदाशयता हृदय छू लेती थी
    सीएम ने कहा कि रामविलास जी ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को बिना भेदभाव आगे बढ़ाने का काम किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा नरेंद्र मोदी जी के मंत्रिमंडल में बतौर केंद्रीय मंत्री के रूप में, चुनावी जनसभाओं या अन्य अवसरों पर भी रामविलास जी की सहजता, स्नेह व सदाशयतापूर्ण व्यवहार हर किसी का हृदय छू लेता था।

  • एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    योगी सरकार के छह माह में एक लाख भर्ती के संकल्प में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी

    भर्ती प्रक्रिया में प्राचार्य से लेकर सहायक अध्यापक तक के पद शामिल

    रोजगार के साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी उपलब्ध होगा आवश्यक मानव संसाधन

    लखनऊ, 
     प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र में ही 17,059 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन भर्तियों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा, साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

    उच्च शिक्षा में 2,047 पदों पर अवसर

    आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 111 पद और सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं। सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस भर्ती से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद

    उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 897 पद तथा प्रवक्ता (पीजीटी) के 2,607 पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026, जबकि प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।

    बेसिक शिक्षा में 11,508 पदों की बड़ी भर्ती

    शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित भर्तियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। यहां सहायक अध्यापक प्राथमिक शहरी (अर्बन) के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) भी आयोजित की जा रही है।

    एक लाख भर्ती के लक्ष्य में शिक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका

    शिक्षा विभाग के इन आंकड़ों को देखें तो अकेले विज्ञापित 17,059 पद एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत हैं। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार के रोजगार मिशन में शिक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इनमें 11,508 पद अकेले प्राथमिक शहरी सहायक अध्यापकों के, 2,607 प्रवक्ता, 1,936 सहायक आचार्य, 897 माध्यमिक सहायक अध्यापक और 111 प्राचार्य के पद हैं। यानी भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न स्तरों को कवर किया गया है।

    रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती

    योगी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समयबद्ध भर्ती के जरिए रिक्त पदों को भरने की है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने से एक ओर प्रदेश के युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों, माध्यमिक शिक्षण संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। मिशन रोजगार के तहत हो रही ये भर्तियां युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी काम करेंगी।

  • मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी: मुख्यमंत्री योगी
     
    लखनऊ में रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद
     
    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल
     
    पिता के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रहे चिराग पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए रामविलास पासवान ने समर्पित किया जीवन
     
    राजनीतिक विचार अलग थे, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते थे पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    संसद में साथ बिताए दिनों को मुख्यमंत्री योगी ने किया याद, बोले- सहज व्यवहार से हर किसी का दिल जीत लेते थे
     
     लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि उन्हें बिहार में जो सम्मान मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनके योगदान को उत्तर प्रदेश में भी पूरा सम्मान मिलेगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
     
    सामाजिक न्याय की लड़ाई को दिया जीवन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वह दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज बने। बिहार की जनता ने उन्हें भारी मतों से संसद पहुंचाया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। समाज के वंचित वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाना उनका संकल्प था।
     
    उन्होंने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाई जा रही है। इसके लिए बिहार सरकार का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान ने जो कहा, उसी के अनुरूप जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।
     
    भारतीय परंपराओं के प्रति थी गहरी श्रद्धा
    मुख्यमंत्री योगी ने संसद में रामविलास पासवान के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारों में अंतर हो सकता था, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति उनके मन में उतनी ही श्रद्धा थी, जितनी दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता। वह चाहते थे कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान का व्यवहार बेहद सहज और स्नेहपूर्ण था। अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम करने के दौरान भी उनका यही स्वभाव रहा। सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में उनकी सदाशयता लोगों के हृदय को छू लेती थी।
     
    पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे चिराग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है। उनकी स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। संतोष इस बात का है कि उनके पुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री के रूप में वह विभिन्न मंचों से सामाजिक न्याय की आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया।
     
    भजनों के बीच दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजन का गायन हुआ। भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित लोगों ने रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, रामविलास पासवान के परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और अनुयायी मौजूद रहे।

  • योगी सरकार ने 17 हजार करोड़ से बदली यूपी की जेलों की सूरत, इंफ्रास्ट्रक्चर से तकनीक तक बड़ा बदलाव

    योगी सरकार ने 17 हजार करोड़ से बदली यूपी की जेलों की सूरत, इंफ्रास्ट्रक्चर से तकनीक तक बड़ा बदलाव

    योगी सरकार ने 17 हजार करोड़ से बदली यूपी की जेलों की सूरत

     योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और तकनीक पर दिया जोर

    पिछले नौ वर्षों में जेल विभाग के बजट में 215 फीसदी का इजाफा

     वर्ष 2017-18 में 913 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 2,877 करोड़ हुआ बजट

    लखनऊ
    योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। इस दौरान जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और नई तकनीक पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की। इसमें सबसे अधिक धनराशि जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की गयी। 

    जेल विभाग के बजट में 215 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
    डीजी, कारागार एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने बताया कि योगी सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही जेलों की व्यवस्थाओं को भी समय के अनुरूप बनाने पर जोर दिया है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश की जेल व्यवस्था में एक ओर जहां क्षमता विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक के जरिए सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल विभाग के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जेल विभाग के लिए कुल 913.07 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसके मुकाबले वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 2,877.58 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में जेल विभाग के बजट में करीब 215 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच जेल विभाग के लिए कुल 5,494.41 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया जबकि वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक यह राशि बढ़कर 11,913.53 करोड़ रुपये हो गई। यह बढ़ोतरी योगी सरकार की ओर से जेलों के विकास और आधुनिकीकरण को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है।

    जेलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
    डीजी ने बताया कि योगी सरकार की ओर से प्रदेश में नई जेलों के निर्माण के साथ ही बंदी क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अमेठी में 176.12 करोड़, महोबा में 203.42 करोड़, हाथरस में 184.94 करोड़, कुशीनगर में 228.31 करोड़, जौनपुर में 179.79 करोड़, और हापुड़ में 190.08 करोड़ की लागत से जिला कारागार का निर्माण किया जा रहा है। नई जेलों के निर्माण के साथ ही प्रस्तावित कारागारों के लिए भूमि की खरीद की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। संभल में प्रस्तावित जेल के लिए शासन की ओर से 24.56 करोड़, शामली में 96.20 करोड़, बलिया में 24.12 करोड़, सहारनपुर में 50.87 करोड़, अमरोहा में 32.28 करोड़ और चंदौली में 34.27 करोड़ रुपये भूमि के लिए स्वीकृत किए गये हैं।