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  • स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ा यूपी, ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ अभियान से 4.5 लाख जुड़े

    स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ा यूपी, ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ अभियान से 4.5 लाख जुड़े

    मेरी कटोरी, मेरा पोषण से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, योगी सरकार में स्वस्थ बचपन की दिशा में मजबूत पहल

    राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में 1,03,467 डिवाइस से जुड़े प्रतिभागी

    सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव: अपर मुख्य सचिव

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के बेहतर पोषण और स्वस्थ विकास को लेकर लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के साथ आयोजित इस डिजिटल कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट एनआईसी के माध्यम से किया गया। प्रदेशभर में 1,03,467 डिवाइस के जरिए प्रतिभागियों ने इसमें सहभागिता की। एक डिवाइस से एक से अधिक प्रतिभागियों के जुड़ने के कारण पोषण पाठशाला के माध्यम से करीब 4.5 लाख लाभार्थियों एवं प्रतिभागियों तक पोषण संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचा।

    छह माह बाद सही ऊपरी आहार पर फोकस

    पोषण पाठशाला का मुख्य उद्देश्य छह माह की आयु पूरी करने के बाद बच्चों को सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देने को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय को बताया गया कि बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए छह माह के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही ऊपरी आहार की आवश्यकता, उसके महत्व और बाल विकास में इसकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।

    यूट्यूब पर उपलब्ध कराए गए पोषण के वीडियो

    पोषण पाठशाला में विमोचित ऊपरी आहार एवं बाल पोषण से जुड़े सभी वीडियो विभागीय यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर दिए गए हैं। इससे अभिभावक और आमजन इन महत्वपूर्ण पोषण संदेशों को आसानी से देख सकेंगे और इन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकेंगे। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत हुई यह पहल बच्चों के बेहतर पोषण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि छह माह के बाद सही समय पर सही ऊपरी आहार बच्चों के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव है।

    सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव

    अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए छह माह की आयु पूरी होने के बाद सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देना बेहद जरूरी है। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के जरिए अभिभावकों और समुदाय को बाल पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं पोषण संबंधी सही जानकारी को घर-घर तक पहुंचाकर बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर उपनिदेशक आईसीडीएस अनुपमा शांडिल्य, सुरेश कुमार पाल, यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ डॉ. रवि नारायण परही, यूपी टीएसयू से डॉ. वंदना नायडू एवं डॉ. आनंद और पोषण अभियान के संयुक्त परियोजना समन्वयक अभिषेक दुबे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

  • अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटीज में स्थापित करने का है लक्ष्य, इस अभियान में एचसीएल बने भागीदारः मुख्यमंत्री योगी

    एचसीएल टेक के लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

    अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 एआई स्टार्टअप्स को लखनऊ में स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सरकार पूरा सहयोग देगी: मुख्यमंत्री

    लखनऊ को केवल आईटी सर्विसेज का केंद्र नहीं, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केंद्र बनाना होगा: सीएम

    एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया, दोनों की साझा यात्रा पर हर व्यक्ति को गौरव की अनुभूति: सीएम

    अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    बलिया से लेकर बिजनौर तक की यात्रा को अब मात्र 10 घंटे में पूरा कर सकते हैं: सीएम

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का संकल्प लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटीज में स्थापित करने का है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें विश्व स्तर के कम से कम 50 एआई स्टार्टअप्स को लखनऊ में स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरा सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने एचसीएल टेक को भी इस अभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया।

    एचसीएल टेक लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने एचसीएल को इसके लिए ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को केवल आईटी सर्विसेज का केंद्र नहीं, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केंद्र बनाना होगा। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर आगे बढ़ना होगा।

    एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया
    उन्होंने कहा कि एचसीएल की पांच दशक की यात्रा के संस्थापक शिव नाडर ने इसी उत्तर प्रदेश से शुरुआत की थी। आज यूपी की धरती से शुरू हुई यह यात्रा वैश्विक पहचान बना चुकी है। दस वर्ष पहले शिव नाडर के विजन के साथ लखनऊ में एचसीएल कैंपस की स्थापना ने इस यात्रा को नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया। दोनों की साझा यात्रा आज उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीएल कैंपस की सफलता के पीछे कर्मचारियों की मेहनत के साथ किसी मां की दुआ, किसी पिता का सपना और किसी परिवार का विश्वास भी जुड़ा है। जब लखनऊ की बेटी यहां से अपने करियर की उड़ान भरती है तो केवल उसकी जिंदगी नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार का जीवन बदलता है। उसकी सफलता आने वाली अनेक बेटियों के लिए नई राह और प्रेरणा बनती है।

    युवा वर्कफोर्स यूपी की सबसे बड़ी ताकत

    उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले यूपी के युवाओं को बेहतर करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता था। आज स्थिति बदल गई है। यूपी का युवा अपने करियर के लिए लखनऊ को चुन रहा है और दुनिया भर का युवा यूपी में आ रहा है। मुख्यमंत्री ने एचसीएल के कर्मचारियों से कहा कि वे केवल कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि अब उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी जमीन के साथ उसकी युवा और प्रतिभाशाली वर्कफोर्स है। आज वे गर्व से कहते हैं कि भारत की सबसे युवा वर्कफोर्स यूपी में है और उसकी प्रतिभा प्रदेश की सबसे बड़ी सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर अलग तरह की चर्चाएं होती थीं। आज प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। एक समय वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की चर्चा होती थी, आज वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन की चर्चा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। बलिया से बिजनौर तक करीब 1200 किलोमीटर की दूरी अब लगभग 10 घंटे में तय की जा सकती है, जबकि एक दशक पहले यही दूरी तय करने में कई दिन लगते थे।

    आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यूपी की नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का करीब 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जबकि देश में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में यूपी का योगदान करीब 60 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के माध्यम से प्रदेश का निर्यात करीब 12 से 15 हजार करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी एक दशक पहले करीब 3,800 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

    आईटी सेक्टर अब केवल नोएडा तक सीमित नहीं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेक्टर अब केवल नोएडा तक सी
    मित नहीं है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क संचालित हैं। प्रदेश में सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क कार्यरत हैं, जबकि वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में 12 आईटी और आईटीईएस स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। नई स्टार्टअप नीति के तहत नोएडा और लखनऊ को यू हब यानी डीप टेक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी और व्यापक एआई इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है।

    एचसीएल का विकास केवल बिजनेस तक सीमित नहीं

    मुख्यमंत्री ने एचसीएल के सामाजिक सरोकारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एचसीएल टेक ने उत्तर प्रदेश में केवल बिजनेस नहीं किया, बल्कि सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सीतापुर और बुलंदशहर में आवासीय कैंपस और स्कूलों के माध्यम से बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में एचसीएल के कार्यक्रम 50 लाख से अधिक लोगों और 3,000 से अधिक गांवों तक पहुंचे हैं। ग्रामीण महिलाओं और स्वयंसेवी समूहों को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने, बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर पैदा करने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों में बड़े कैंपस बनाना नहीं है। वास्तविक विकास तब है, जब गांव का किसान बेहतर तकनीक से जुड़े, बहन-बेटियों को आजीविका के नए अवसर मिलें, गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें तथा ग्रामीण युवा नई अर्थव्यवस्था और नए अवसरों का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि एक ओर एचसीएल का ग्लोबल टेक्नोलॉजी कैंपस और दूसरी ओर गांवों में सामुदायिक विकास के कार्यक्रम- ग्लोबल इनोवेशन और ग्रासरूट डेवलपमेंट का यह संगम ही इन्क्लूसिव ग्रोथ का वास्तविक मॉडल है।

    ‘डिजिटल इंडिया’ को लेकर भी कभी विरोधी दलों ने उड़ाई थी खिल्ली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का दूरदर्शी विजन देश के सामने रखा था, तब विरोधी दलों ने इसकी खिल्ली उड़ाई थी। लोग सवाल करते थे कि भारत में डिजिटल क्रांति कैसे संभव होगी। इसी तरह जब जनधन खाते खोले गए तो उनका भी मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि गरीबों के खाते खुलवाने से क्या होगा। लेकिन आज डीबीटी के माध्यम से गरीबों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने में तकनीक की निर्णायक भूमिका सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब पांच दशक पहले जब शिव नाडर जी ने एचसीएल की नींव रखी होगी, तब भी लोगों ने सवाल उठाए होंगे कि यह प्रयास कितना आगे बढ़ पाएगा, लेकिन उनके दूरदर्शी विजन ने एचसीएल को वैश्विक कंपनी के रूप में स्थापित किया। यूपी की धरती से शुरू हुई एचसीएल की वैश्विक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि बड़े सपनों और दूरदर्शी सोच पर शुरुआत में सवाल उठ सकते हैं, लेकिन विजन और सामर्थ्य उन्हें दुनिया के सामने सफलता की कहानी बना देते हैं।

    इस अवसर पर एचसीएल ग्रुप की अध्यक्ष रोशनी नादर मल्होत्रा, शिव नादर फाउंडेशन के अध्यक्ष शिखर मल्होत्रा, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ और निवर्तमान चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह, यूपी के आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आलोक कुमार और अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 

    उत्तर प्रदेश एचसीएल ग्रुप की कर्मभूमि, यहां की प्रतिभा और अवसरों पर हमारा अटूट विश्वास: रोशनी नादर

    एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश एचसीएल ग्रुप की कर्मभूमि और उसका घर है। इसी धरती ने संस्थापक शिव नादर के भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैप पर स्थापित करने के सपने को आधार दिया। उन्होंने कहा कि 2016 में लखनऊ में एचसीएल आईटी सिटी में निवेश का निर्णय केवल कारोबारी फैसला नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक था कि सही अवसर, इंफ्रास्ट्रक्चर और वातावरण उपलब्ध होने पर ग्लोबल टेक्नोलॉजी और टैलेंट महानगरों से बाहर भी विकसित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एचसीएल आईटी सिटी की 10वीं वर्षगांठ पर फेज-2 का शुभारंभ, 500 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्तर प्रदेश के युवाओं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। रोशनी नादर ने बताया कि एचसीएल स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर रहा है, जिससे उन्हें भविष्य के लिए फ्यूचर-रेडी स्किल्स और नए करियर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि एचसीएल फाउंडेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में करीब 50 लाख लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और राज्य सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास और आर्थिक प्रगति की इस यात्रा का हिस्सा बनना एचसीएल ग्रुप के लिए गौरव की बात है।

    मुख्यमंत्री ने एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 विस्तार का शुभारंभ किया। लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश से 20 एकड़ भूमि पर करीब 9.5 लाख वर्गफुट का नया क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नया आईटी भवन, करीब 5,000 सीटों की क्षमता, मल्टीलेवल कार पार्किंग और कैफेटेरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इस विस्तार से लखनऊ में करीब 6,000 नए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

    एचसीएल फाउंडेशन के पांच विशेष लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    इस अवसर पर एचसीएल फाउंडेशन के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े पांच विशेष लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें प्रतिमा देवी को करीब 1.5 लाख रुपये मूल्य का रोटावेटर एवं हैरो, चांदनी सिंह को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने पर प्रमाणपत्र एवं शॉल, छित्तो देवी को जलकुंभी हस्तशिल्प के माध्यम से आजीविका सृजन के लिए 50 हजार रुपये मूल्य की रस्सी निर्माण एवं फ्लैटनिंग मशीन, मास्टर लवकुश को क्लब फुट के सफल उपचार के लिए प्रमाणपत्र एवं शॉल तथा रोशनी को डेयरी आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन कार्यक्रम के तहत 30 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

  • उत्तर प्रदेश की प्रगति पर CM योगी का फोकस, स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक बदली प्रदेश की तस्वीर

    उत्तर प्रदेश की प्रगति पर CM योगी का फोकस, स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक बदली प्रदेश की तस्वीर

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया।

    वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?

    पूर्ववर्ती सरकारों ने अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग

    मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।

    मोबाइल से मॉड्यूल और माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

    2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

    भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है।

    कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।

    'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान
    सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार) लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

  • जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम, जेवर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, मंत्री सुनील शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत

    एविएशन के साथ आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर

    स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद

    नोएडा/लखनऊ
     उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की योगी सरकार की नीति को आज उस समय एक और अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला, जब स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाय बर्नार्ड पारमेलिन अपने करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पहुंचे। यह दौरा उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

    योगी सरकार की निवेश नीति से वैश्विक साझेदारी को मिल रहा विस्तार

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल वातावरण को अपनी विकास नीति का प्रमुख आधार बनाया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी व्यापक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेवर में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक हवाई संपर्क से जोड़ने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक, कारोबारी और निवेश गतिविधियों को नई गति देने की क्षमता रखता है। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का जेवर एयरपोर्ट दौरा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में स्विस तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के साथ बने इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहयोग का नया अवसर सामने आया है।

    आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा

    दौरे की शुरुआत एनआईए ऑफिस में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन ने भी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया और ग्रुप फोटो भी हुआ। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल दो हिस्सों में विभाजित हुआ। राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारी एयरसाइड तथा एटीसी टॉवर के विशेष निरीक्षण के लिए गए। वहीं प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम सहित एयरपोर्ट की विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ।

    एविएशन के साथ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग की उम्मीद

    करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 उद्योगपति शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने इस दौरे को केवल एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए संभावित आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों से राज्य में वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश का अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। ऐसे में स्विस राष्ट्रपति का जेवर दौरा एविएशन के अलावा आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और इससे जुड़े क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है।

  • ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान…

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार

    सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं

    पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा: मुख्यमंत्री

    पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?

    पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।

    मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

    2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

    भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।

    'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान 
    सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

  • UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    योगी सरकार में 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    – ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हुआ मानदेय, बढ़ी दर पर सितंबर-अक्टूबर के लिए धनराशि जारी

    – शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ

    – प्रत्येक माह ₹230.11 करोड़, दो माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान

    – जनपदवार आवंटित धनराशि के अनुसार मानदेय भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया है। ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹18 हजार प्रतिमाह किए गए मानदेय की बढ़ी दर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर माह के मानदेय के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। दोनों माह के मानदेय भुगतान के लिए जनपदवार धनराशि निर्धारित की गई है।

    सितंबर के मानदेय के लिए ₹230.11 करोड़ तथा अक्टूबर के लिए भी ₹230.11 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इस प्रकार दोनों माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संबंधित जनपदों को निर्धारित आवंटन के अनुसार भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    प्रदेश के लगभग 1.28 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के लिए सितंबर और अक्टूबर के मानदेय का जनपदवार आवंटन किया गया है। इसके माध्यम से बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

    मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि
    योगी सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में ₹8 हजार प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इससे मानदेय ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हो गया है, यानी इसमें 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ी दर से मानदेय मिलने से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा।

    “योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि कर उनके आर्थिक हितों को मजबूती दी है। बढ़े मानदेय के साथ सितंबर और अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी होना शिक्षामित्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    “मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में योगदान दे सकेंगे।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • योगी की मौजूदगी में बीजेपी के 8 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, UP राज्यसभा चुनाव में सबकी जीत पक्की

    योगी की मौजूदगी में बीजेपी के 8 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, UP राज्यसभा चुनाव में सबकी जीत पक्की

    राज्यसभा चुनाव

    मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में भाजपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन 

    भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से उतारे हैं आठ प्रत्याशी 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य में राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी आठों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार ने विधान भवन में नामांकन दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। 

    पर्चा दाखिला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी, बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

    बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी की जीत पक्की
    इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनंजय परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा के पास तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या नहीं थी। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का संकेत देते हुए कहा था कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

    सभी नए चेहरों को बनाया प्रत्याशी
    आपको बता दें भाजपा ने किसी भी मौजूदा राज्यसभा सांसद को रिपीट नहीं किया गया है। भाजपा ने मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। राधाकांत ओझा सपा सरकार में मंत्री रहे प्रतापगढ़ निवासी शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं। पार्टी ने ओबीसी वर्ग से तीन, दलित से दो, ब्राह्मण दो और एक ठाकुर चेहरे पर दांव लगाया है।

    वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा के सभी आठों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि घोषित हुए सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी बधाई दी।

  • उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी और टैलेंट को बढ़ावा, CM योगी आज HCLTech के कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

    उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी और टैलेंट को बढ़ावा, CM योगी आज HCLTech के कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एचसीएलटेक के कार्यक्रम में आज होंगे शामिल 

    पावरिंग टेक्नोलॉजी, टैलेंट एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन उत्तर प्रदेश थीम पर आयोजित होगा कार्यक्रम

    लखनऊ में एचसीएलटेक के 10 साल पूरे होने पर हो रहा समारोह  

    यूपी में टेक्नोलॉजी, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन पर होगा मंथन

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार (06 अक्टूबर) को एचसीएलटेक के लखनऊ में संचालन के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एचसीएल आईटी सिटी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की थीम पावरिंग टेक्नोलॉजी, टैलेंट एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन उत्तर प्रदेश रखी गई है। 

    सीएम योगी की मौजूदगी में एचसीएलटेक के सफर के साथ उत्तर प्रदेश में आईटी और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के विस्तार, रोजगार सृजन और भविष्य में निवेश की योजनाओं पर चर्चा होगी। इस दौरान एचसीएलटेक की अध्यक्ष रोशनी नादर मल्होत्रा और सीओओ राहुल सिंह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

    एचसीएलटेक और एचसीएल फाउंडेशन ने तकनीकी क्षेत्र के साथ सामाजिक सरोकारों में भी भागीदारी की है। फाउंडेशन की पहल के जरिए प्रदेश के 20 जिलों के करीब 3,000 गांवों में आजीविका, कृषि, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशन से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए गए हैं।

  • बाढ़ से निपटने और सिंचाई सुधार की दिशा में बड़ा कदम, यूपी में जर्जर जल संरचनाओं का हुआ कायाकल्प

    बाढ़ से निपटने और सिंचाई सुधार की दिशा में बड़ा कदम, यूपी में जर्जर जल संरचनाओं का हुआ कायाकल्प

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में सिंचाई तंत्र को अभेद्य बनाने और बाढ़ नियंत्रण की व्यवस्था को आधुनिक दिशा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जल ही जीवन है' और 'बूंद-बूंद का बेहतर उपयोग' के संकल्प को साकार करते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की जर्जर और दशकों पुरानी जल संरचनाओं का कायाकल्प कर दिया है। प्रदेश के प्रमुख बैराजों, बांधों, हेड रेगुलेटरों और अन्य जल यांत्रिक संरचनाओं के जर्जर गेटों को न केवल बदला गया है, बल्कि 60 से 70 फीट गहरे पानी के भीतर गेट बदलकर राज्य ने एक अभूतपूर्व तकनीकी कीर्तिमान भी स्थापित किया है।

    ओखला, गोमती और नरौरा बैराज का हुआ आधुनिकीकरण
    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के अनुसार, लंबे समय से देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुके गेटों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। 

    गोमती और हिंडन बैराज: लखनऊ स्थित गोमती बैराज के सभी 10 गेट और गाजियाबाद स्थित हिंडन बैराज के सभी 8 गेट सफलतापूर्वक बदले जा चुके हैं।

    ओखला व नरौरा बैराज: दिल्ली स्थित ओखला बैराज के 27 में से 18 गेट बदले गए हैं, जबकि बुलंदशहर के नरौरा बैराज के 61 में से 13 गेट बदले जा चुके हैं और 48 पर काम जारी है।

    अन्य प्रमुख संरचनाएं: पीलीभीत के चुक्का हेड रेगुलेटर के सभी 4 गेट, एटा के तातारपुर कनेक्टिंग व हेड रेगुलेटर के 20 गेट, और हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज के 8 खराब गेटों को विभाग की बीआईएस/आईएसओ प्रमाणित बरेली व झांसी कार्यशालाओं में निर्मित नए गेटों से बदला गया है।

    70 फीट गहरे पानी के भीतर बदली गई तकनीक, दूर हुई रिसाव की समस्या
    प्रदेश में पहली बार बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पानी के भीतर स्थित गेटों को बदलने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद ली गई।

    गहरे पानी में ऑपरेशन: ललितपुर के माताटीला बांध, मेजा-जरगो लिंक रेगुलेटर और कचनौदा बांध में लगभग 60 से 70 फीट की गहराई पर स्थित अंडर-स्लूइस गेटों को पानी के भीतर ही सफलतापूर्वक बदला गया।

    चंद्रप्रभा बांध में रिसाव बंद: चंदौली के चंद्रप्रभा बांध में 80 फीट गहराई पर स्थित गेटों से हो रहे रिसाव को गोताखोरों की मदद से स्थायी रूप से रोककर खरीफ और आगामी फसलों के लिए पानी सुरक्षित किया गया। 

    संभावित आपदाओं के लिए तैयार रखे गए 'स्पेयर गेट'
    मुख्य अभियंता (यांत्रिक) उपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार केवल वर्तमान संरचनाओं को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की संभावित आपदाओं और आकस्मिक खराबी से निपटने के लिए एडवांस तैयारी कर रही है।
     
    ओखला बैराज, मौदहा (हमीरपुर), लहचूरा (महोबा), खो बैराज (बिजनौर), घाघरा बैराज (बहराइच) और शारदा बैराज (लखीमपुर खीरी) जैसी अति-संवेदनशील जल संरचनाओं के लिए विशेष स्पेयर गेट तैयार कर सुरक्षित रखे गए हैं। इससे किसी भी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए गेट बदला जा सकेगा और जन-धन की संभावित क्षति को रोकते हुए किसानों को निर्बाध सिंचाई का पानी मिलता रहेगा।  

  • स्वच्छ और हरित स्कूलों की दिशा में यूपी ने रचा नया रिकॉर्ड, SHVR में 1.62 लाख विद्यालयों की भागीदारी

    स्वच्छ और हरित स्कूलों की दिशा में यूपी ने रचा नया रिकॉर्ड, SHVR में 1.62 लाख विद्यालयों की भागीदारी

    योगी सरकार में स्वच्छ-हरित विद्यालयों का बढ़ा कारवां, एसएचवीआर में 1.62 लाख स्कूलों ने दर्ज कराई भागीदारी

    स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में प्रदेश के 2.66 लाख स्कूलों में 1.86 लाख में शुरू हुई प्रक्रिया, 1.79 लाख का पंजीकरण

    1,62,054 विद्यालयों ने दर्ज कराई सहभागिता, प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत

     कानपुर देहात 83.17% के साथ प्रदेश में शीर्ष पर, मुजफ्फरनगर 82.24% और भदोही 77.62% के साथ टॉप-3 में

    कौशांबी 75.22% और ललितपुर 73.78% के साथ टॉप-5 में शामिल 

    – स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को विद्यालयी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में व्यापक सहभागिता सामने आई है। ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ यानी एसएचवीआर (SHVR—स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग) 2026-27 में 5 अक्टूबर तक प्रदेश के कुल 2,66,408 विद्यालयों में 1,86,196 में प्रक्रिया शुरू, 1,79,793 विद्यालयों का पंजीकरण और 1,62,054 विद्यालयों द्वारा सहभागिता पूर्ण की गई है। प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत दर्ज हुआ है।

    एसएचवीआर 2026-27 की यह स्थिति उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना के प्रति व्यापक सहभागिता को रेखांकित करती है। प्रदेश के अनेक जनपदों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है।

    स्वच्छता से हरित चेतना तक विद्यालयों की भागीदारी
    एसएचवीआर के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छ एवं हरित वातावरण को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित गतिविधियों और मानकों में विद्यालयों की सहभागिता को दर्ज किया जाता है। जनपदवार रिपोर्ट प्रदेश के सभी 75 जनपदों के विद्यालयों की स्थिति को दर्शाती है।

    कानपुर देहात प्रदेश में शीर्ष पर
    जनपदवार आंकड़ों में कानपुर देहात 83.17% अंतिम पूर्णता प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जनपद के कुल 2,876 विद्यालयों में से 2,392 विद्यालयों ने पूर्णता दर्ज की है। मुजफ्फरनगर 82.24% के साथ दूसरे और भदोही 77.62% के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद कौशांबी 75.22% और ललितपुर 73.78% के साथ शीर्ष पांच में शामिल हैं।

    टॉप-10 में शामिल जनपद
    अंतिम पूर्णता प्रतिशत के आधार पर टॉप-10 में कानपुर देहात (83.17%), मुजफ्फरनगर (82.24%), भदोही (77.62%), कौशांबी (75.22%), ललितपुर (73.78%), बाराबंकी (73.52%), रामपुर (71.90%), मऊ (71.50%), बुलंदशहर (70.25%) और सहारनपुर (68.90%) शामिल हैं।

    पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सहभागिता
    पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक विद्यालयों की व्यापक सहभागिता दर्ज हुई है। वाराणसी में 67.58%, मिर्जापुर में 68.29%, सोनभद्र में 68.51%, गोरखपुर में 60.83%, बुलंदशहर में 70.25% और सहारनपुर में 68.90% अंतिम पूर्णता प्रतिशत दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सामने आती है।

    1.86 लाख विद्यालयों में शुरू हुई भागीदारी
    प्रदेश के कुल 2,66,408 विद्यालयों में 1,86,196 विद्यालयों में एसएचवीआर की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि 1,79,793 विद्यालयों ने पंजीकरण कराया और 1,62,054 विद्यालयों ने इसे पूर्ण किया। यह आंकड़ा प्रदेशभर में एसएचवीआर 2026-27 के प्रति विद्यालयों की व्यापक और सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करता है।

    कोट:
    स्वच्छ एवं हरित विद्यालय स्वस्थ और जागरूक पीढ़ी की आधारशिला हैं। एसएचवीआर के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को और मजबूत किया जा रहा है।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    एसएचवीआर विद्यालयों को स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों के प्रति सक्रिय बनाने का प्रभावी माध्यम है। व्यापक सहभागिता से स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में सकारात्मक बदलाव को गति मिलेगी।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा