चेन्नई एयर शो से सबक, काशी में तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया तैयारियों का खाका, बोले- हमारे लिए स्टेट इवेंट
डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ का दिया उदाहरण, उसी स्तर पर तैयारी के निर्देश
हवा, गंगा और जमीन पर आपात स्थिति से निपटने का अलग प्लान, एनडीआरएफ की ली जाएगी विशेषज्ञता
तीन कंट्रोल रूम से जुड़ेगा मेडिकल रिस्पॉन्स, अस्पतालों तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित, 97 एंबुलेंस और 23 ब्लड बैंक रहेंगे तैयार
लखनऊ
चेन्नई एयर शो में अक्टूबर 2024 में सामने आई स्थिति से सबक लेते हुए काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारी की जा रही है। यहां किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवा, गंगा और जमीन, तीनों स्तर पर अलग रिस्पॉन्स प्लान रहेगा। एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी ली जाएगी। तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया है। प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है। उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ में अपनी शक्ति और तैयारी दिखा चुका है। उन्होंने उसी स्तर पर एयर शो की तैयारी करने के निर्देश दिए।
वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले प्रस्तावित है। तैयारियों के प्रजेंटेशन में चेन्नई एयर शो के दौरान भीड़ की स्थिति को अलग से रखा गया। इसके बाद काशी के लिए तैयार क्राउड मैनेजमेंट प्लान बताया गया है। इससे साफ है कि चेन्नई में सामने आई स्थिति को ध्यान में रखकर यहां आपात इंतजाम किए जा रहे हैं।
हवा में हादसा हो या गंगा में, पहले से तय रहेगा रिस्पॉन्स
एयर शो के दौरान किसी आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों को मौके पर व्यवस्था तय करने का इंतजार नहीं करना होगा। कार्ययोजना में हवा, पानी और जमीन पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान बनाने की बात है। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता ली जाएगी। यानी हवा में कोई आपात स्थिति बने, गंगा में घटना हो या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ें, तीनों के लिए पहले से रिस्पॉन्स तय रहेगा।
इसके लिए एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस को आपस में जोड़ा जाएगा। कार्ययोजना में इन एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रमुख जरूरत के रूप में रखा गया है। जरूरत पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट बुलाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव है।
तीन कंट्रोल रूम, अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर
इमरजेंसी में सूचना मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन के तीन कंट्रोल रूम होंगे। अस्पताल तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है। सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं।
मेडिकल बैकअप में आयोजन स्थल से 20 किमी के दायरे के सात सरकारी अस्पताल और 15 किमी के दायरे के सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं। 23 ब्लड बैंक भी चिह्नित हैं। वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। इस तरह जरूरत पड़ने पर 97 एंबुलेंस उपलब्ध होंगी।
21 समितियों को अलग-अलग जिम्मा
एयर शो की तैयारियों के लिए 21 समितियां बनाई गई हैं। किसी समिति को घाट संभालने हैं तो किसी को कंट्रोल रूम और मेडिकल कवर। आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत और आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अलग-अलग बांटी गई है। नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए एक घाट प्रबंधन समिति और रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए दूसरी समिति बनाई गई है।
पक्षियों पर नजर रखने के लिए भी अलग कमेटी
तैयारी में एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाई गई है। एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती पर यह समिति काम करेगी। सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ बनाई गई है। कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है।
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काशी में बड़े आयोजन के लिए तीन स्तर की इमरजेंसी व्यवस्था, CM योगी के सामने पेश हुआ तैयारियों का खाका
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विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की हो चुकी सीधी भर्ती: सीएम
2017 से पहले भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश-पहुंच की होती थी चर्चा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति-पत्र
विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की हो चुकी सीधी भर्ती: सीएम
उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी बढ़ रही आगे: मुख्यमंत्री
लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद आई सकारात्मक खेल संस्कृति से युवाओं व नागरिकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मैदान में मेधा, उपलब्धि पर सम्मान और प्रतिभा को राष्ट्र सेवा का अवसर, यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई खेल संस्कृति है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले खिलाड़ियों की अनदेखी व 2017 के बाद नई खेल नीति की भी चर्चा की।गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को दिए जाएंगे नियुक्ति-पत्र
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि इसी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए आज उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) एवं 132 आरक्षी (पीएसी) सहित कुल 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।2017 से पहले उपेक्षित था खेल कोटा
मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सरकारी सेवा के द्वार उस बदलाव की तस्वीर भी हैं, जो उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 के बाद देखी है। इससे पहले खेल कोटा उपेक्षित था और भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश व पहुंच की चर्चा होती थी।डबल इंजन सरकार ने खिलाड़ियों को रोजगार और सुरक्षित भविष्य से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने खेल प्रतिभाओं को रोजगार व सुरक्षित भविष्य से जोड़ा है। इसी का परिणाम है कि विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।मुख्यमंत्री ने सभी चयनित खिलाड़ियों को उनके स्वर्णिम भविष्य हेतु अनंत शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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यूपी में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स का निर्माण तेज, महिलाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
योगी सरकार तेजी से बना रही सुरक्षित और सुविधाजनक पिंक टॉयलेट
189 नगरीय निकायों में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर
प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक बनाए जा चुके हैं 950 पिंक टॉयलेट
स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत महिला केंद्रित स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार
बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर विकसित किए जा रहे पिंक टॉयलेट
लखनऊ,
शहरी स्वच्छता व्यवस्था को अधिक समावेशी और महिला केंद्रित बनाने के लिए योगी सरकार ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में पिंक टॉयलेट विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक करीब 950 पिंक टॉयलेट बनाए जा चुके हैं।महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित हो रहे पिंक टॉयलेट
विभागीय जानकारी के मुताबिक, 189 नगरीय निकायों में करीब 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण कार्य संबंधित प्रक्रिया प्रगति पर है। इन ब्लॉक्स में कुल 1,100 सीटें होंगी। वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय निकायों में पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण का आवंटन किया गया था। इन पिंक टॉयलेट्स को विशेष रूप से महिला उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के साथ रखरखाव पर विशेष फोकस
शहरों के बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अलग, सुरक्षित और सुविधाजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर विकास विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए बेहतर स्वच्छता सुविधाएं शहरी जीवन की आवश्यक जरूरतों में शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों को जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मौजूदा स्वच्छता परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और उपयोग योग्य स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पिंक टॉयलेट्स से शहरी स्वच्छता व्यवस्था बनी अधिक सुरक्षित और समावेशी
सरकार की इस पहल के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता व्यवस्था में उनकी आवश्यकताओं को केंद्र में रखने का प्रयास किया जा रहा है। पिंक टॉयलेट्स के विस्तार से शहरों में महिला-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा नगरीय स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, सम्मानजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं की सुविधा के अनुसार बनेंगे पिंक शौचालय
नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवश्यकतानुसार पिंक शौचालयों के निर्माण के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन नगरीय निकायों में इसकी आवश्यकता होगी, वहां मांग के अनुसार पिंक शौचालयों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर विकास विभाग तत्पर है।
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UP में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन, 20 IPS अफसरों का तबादला; बदले गए कई पुलिस कप्तान
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. शासन ने एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के 20 IPS अधिकारियों का तबादला किया है. इस फेरबदल में कई जिलों के कप्तान बदले गए हैं. बाराबंकी, बस्ती, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और जालौन समेत कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है।इन जिलों के बदले गए एसपी
तबादला सूची के मुताबिक सतीश गणेश को ADG क्राइम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं भगवान स्वरूप को ADG टेक्निकल के साथ ADG क्राइम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।जिलों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. रवीना त्यागी को बाराबंकी का SP, ओमवीर सिंह को बस्ती का SP और ए राजा को बलिया का SP बनाया गया है. वहीं सर्वेश मिश्रा को मऊ और विनय कुमार सिंह को गाजीपुर की कमान सौंपी गई है।
इन बड़े जिलों में कप्तानों का फेरबदल
- बागपत के SP सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बनाया गया है.
- मुजफ्फरनगर के वर्तमान SSP संजय कुमार को सेनानायक, 04वीं वाहिनी PAC, प्रयागराज के पद पर भेजा गया है.
- बस्ती के SP यशवीर सिंह को जौनपुर का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है.
- वहीं जौनपुर के निवर्तमान SP कुंवर अनुपम सिंह को SP (PAC मुख्यालय), लखनऊ भेजा गया है.
- लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात DCP रवीना त्यागी को बाराबंकी का नया SP बनाया गया है.
- वहीं बाराबंकी के निवर्तमान SP अर्पित विजयवर्गीय को लखनऊ में नया DCP बनाया गया है.
- गाजीपुर के SP इराज राजा को ट्रांसफर कर बलिया का नया SP बनाया गया है.
- जालौन के SP विनय कुमार सिंह को गाजीपुर जिले की कमान सौंपी गई है.
- DGP मुख्यालय में तैनात पूर्णेन्दु सिंह को बागपत का नया SP बनाया गया है.
- आजमगढ़ (नगर) के SP मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ का नया SP तथा मथुरा के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत को जालौन का नया SP बनाया गया है.
ADG स्तर पर किसे मिले जिम्मेदारी
ए0 सतीश गणेश: अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ) के पास से ADG अपराध का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है. वे अब पूर्ववत ADG (यातायात एवं सड़क सुरक्षा) की जिम्मेदारी संभालेंगे।भगवान एस0 श्रीवास्तव: अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं, लखनऊ) को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ ADG अपराध (Crime), लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का SSP बनाया गया है. इसके अलावा पूर्णेन्दु सिंह को बागपत, मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ और सुरेश चंद्र रावत को जालौन का SP बनाया गया है।
कमलेश बहादुर को SP लोक शिकायत बनाया गया
तबादला सूची में यशवीर सिंह को जौनपुर का SP बनाया गया है. कुंवर ज्ञानंजय सिंह को DCP प्रयागराज और अर्पित विजयवर्गीय को DCP लखनऊ की जिम्मेदारी मिली है. कमलेश बहादुर को SP लोक शिकायत बनाया गया है।इसके अलावा कुंवर अनुपम सिंह को PAC मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है, जबकि संजय कुमार को चौथी वाहिनी प्रयागराज का सेनानायक बनाया गया है. चिराग जैन को SP सिटी बरेली और मानुष पारीक को SP सिटी आजमगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है. आलोक राज नारायण को एडिशनल SP मथुरा बनाया गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है
आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है
मोदी-आबे की मित्रता पद से नहीं, विश्वास से बनी, पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली
"रुद्राक्ष" में शिंजो आबे सान की स्मृतियां संजोकर काशी ने दी सच्चे मित्र को श्रद्धांजलि
भारत-जापान की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के क्षेत्रों तक
2027 में राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष, स्मृति गलियारा अमृत पर्व की पहली भेंट
जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट, जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा
आज जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन
भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है
काशी और क्योटो दोनों अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं, दोनों ने सिखाया है कि विरासत को संभालकर भी विकास किया जा सकता है
वाराणसी,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम है। यहां आने वाला हर युवा यह सीख सकेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों के भविष्य को किस तरह नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिंजो आबे सान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत-जापान की मित्रता हर वर्ष पहले से और अधिक मजबूत होती जाए। वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलियारा केवल जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृतियों को संजोने वाला स्थान नहीं, बल्कि भारत और जापान की अटूट मित्रता, विश्वास और साझा विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे सान को विनम्र श्रद्धांजलि बताया।रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक है। जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और आज काशी उसी रुद्राक्ष में वहां के दोस्ती के प्रतीक जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोस्ती के एक नए आयाम को आगे बढ़ाने के साथ ही, 7 अक्टूबर को, ठीक 25 वर्ष पहले, आज ही के दिन 2001 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। हमारे प्रधानमंत्री और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच मित्रता की नींव भी उसी दौर में पड़ी थी। वर्ष 2007 में मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जापान गए। वहीं उनकी शिंजो आबे सान से पहली भेंट भी हुई थी। यह मित्रता पद से नहीं बनी थी, यह विश्वास से बनी थी। पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उसी मित्रता की स्मृति को समर्पित स्मृति गलियारे का उद्घाटन- इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त 2007 में प्रधानमंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा पर आए शिंजो आबे सान ने भारत की संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में है। 2014 में, क्योटो में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ। 2015 में, काशी की गंगा आरती में भारतीय आस्था का दर्शन किया। 2017 में, अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर भारत को मोबिलिटी क्रांति के नए युग में ले गए। 2018 में, शिंजो आबे सान ने प्रधानमंत्री मोदी जी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित कर दोनों देशों के संबंधों को एक पर्सनल टच दिया। दिल्ली मेट्रो, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की हर बड़ी छलांग में जापान हमेशा साथ खड़ा मिला है। आज लगभग 1400 जापानी कंपनियां भारत में कार्य कर रहीं हैं। अब भारत जापान की साझेदारी भविष्य के क्षेत्रों सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट। जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा। जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है। पीएम मोदी और स्वर्गीय आबे शान की मित्रता ऐसी ही थी। 2021 में उन्हें भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह एक सच्चे मित्र का सम्मान था। सितंबर 22 में प्रधानमंत्री जी स्वयं अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।जापान के रूप में सच्चा मित्र मिला
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है, निज दुख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दुख रज मेरु समाना, यानी अपने पहाड़ जैसे दुख को धूल समझे और मित्र के धूल जैसे दुख को पहाड़, यही मित्रता की कसौटी भी है। आज की दुनिया में जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन है। भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित हैं यानी विश्वास पर आधारित हैं।जापान के पास प्रिसिजन है, उत्तर प्रदेश के पास स्केल
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष फरवरी में मुझे जापान जाने का अवसर मिला। टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में बैठकर मैंने जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को नजदीक से देखा। जिस यामानाशी में आबे सान ने पीएम नरेंद्र मोदी जी को अपने घर आमंत्रित किया था, वही यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का पार्टनर है। अगस्त 2024 में यामानाशी के गवर्नर कोटोरो नागासाकी सान 200 से अधिक निवेशकों के साथ उत्तर प्रदेश आए थे। हम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यीडा क्षेत्र में 500 एकड़ में एक जापानी सिटी विकसित कर रहे हैं। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क की स्थापना की गई है। जापान के पास प्रिसिजन है, उत्तर प्रदेश के पास स्केल। 25 करोड़ लोगों का मार्केट, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क।यह गलियारा अमृत पर्व की पहली भेंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। भारत और जापान ऐसे देश हैं, जिन्होंने अपनी विरासत और परंपराओं को अपने दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाए रखा है। जापान की संस्कृति हजारों वर्षों की समृद्ध परंपरा में विकसित हुई और उस पर शिंतो तथा बौद्ध परंपराओं का गहरा प्रभाव रहा है। जापान लैंड ऑफ राइजिंग सन है और उत्तर प्रदेश लैंड ऑफ सन डायनेस्टी है, यानी भगवान राम उसी सूर्यवंश में पैदा हुए हैं और इसीलिए उत्तर प्रदेश लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी है। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा, भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े सभी तीर्थ उत्तर प्रदेश में हैं। जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो दोनों अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने सिखाया है कि विरासत को संभालकर भी विकास किया जा सकता है।भाषा अलग-अलग, भाव एक हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा अलग-अलग है, क्षेत्र अलग-अलग है, पर भाव एक हैं और मूल्य एक हैं। अभी तीन दिन पहले जापान के आइची, नागोया में एशियाई खेल संपन्न हुए हैं। भारत के खिलाड़ियों को जापान में जो आत्मीयता मिली, उसने हमारे खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अपनेपन का अनुभव कराने के लिए मैं जापान की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि यह गलियारा नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम है। यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है। आबे सान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत-जापान की मित्रता हर साल पहले से और अधिक मजबूत हो।इस अवसर पर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे की धर्मपत्नी अकी आबे, प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए हुए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यगण उपस्थित रहे।
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सीएम योगी ने जापानी मेहमानों का उन्हीं की भाषा में किया स्वागत
मुख्यमंत्री ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे की धर्मपत्नी अकी आबे और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का जापानी भाषा में स्वागत किया। उन्होंने कहा, "सेकाईदे मोत्तोमो फुराइतोशी बनारस ए योकोसो।" यानी कि दुनिया के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी में मैं आप सबका स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मां गंगा के पावन तट पर बसी देवाधिदेव महादेव भगवान विश्वनाथ की पावन नगरी अविनाशी काशी और भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश की भूमि सारनाथ एवं यहां की समस्त जनता जनार्दन की ओर से मैं श्रीमती अकी आबे सान एवं जापान से आए हुए सभी प्रतिनिधियों का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने अरिगातो गोजाइमासु कहकर सभी का धन्यवाद किया।
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UP में IT-ITES सेक्टर की बड़ी छलांग, एक्सपोर्ट ₹48 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ के करीब
एक लाख करोड़ के पार पहुंचा यूपी का आईटी एक्सपोर्ट
पांच साल में दोगुने से ज्यादा हुआ आईटी-आईटीईएस निर्यात, 48 हजार करोड़ से बढ़कर 1.02 लाख करोड़ के करीब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर, लखनऊ में बड़ी कंपनियों ने खोले कार्यालय
एसटीपीआई से 52,778 करोड़ और एसईजेड से 49,192 करोड़ रुपये का निर्यात
लखनऊ
यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।
एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुना
एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।
एसईजेड की रफ्तार ज्यादा
विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।
दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है। -

सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए
राज्यसभा चुनाव ने बता दिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणामः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी ने सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को किया संबोधित
सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने वर्चुअली सभा को संबोधित कियाभाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचानः सीएम
पीएम मोदी ने असंभव को बनाया संभवः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गांव से ग्लोबल तक पहुंची पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्राः सीएम योगी
पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को जीपीओ स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम ने 'जनसेवा से देशसेवा' प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर प्रहार किया। कहाकि राज्यसभा चुनाव ने बता दिया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। यह लड़ाई फिर 80-20 की हो गई है। 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का हिस्सा है। पीडीए का क्या हाल होगा, यह बाद में पता चलेगा।
भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहाकि नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक सेवा के अहर्निश 25 वर्ष पूरे होने पर हर भारतवासी के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के छोटे से गांव से निकलकर वह भारत को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता/ स्वयंसेवक ने वैश्विक स्तर पर देश को नई पहचान दिलाई। सीएम योगी ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी ने पद व गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय भीषण आपदा के कारण गुजरात में हाहाकार मचा था और देश भर में चिंता का माहौल था तो दूसरी ओर समाज-राष्ट्र विरोधी तत्व अराजकता व अव्यवस्था का तांडव पैदा करना चाहते थे। उन स्थितियों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया।सीएम ने उत्तर प्रदेश की महत्ता पर डाला प्रकाश
सीएम ने कहा कि 12 वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया के सामने सशक्त व समर्थ देश के रूप में प्रस्तुत किया। भारत के हर नागरिक के मन में विश्वास पैदा करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में नए भारत के निर्माण में सफलता प्राप्त की। जब मोदी जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब प्रधानमंत्री लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी जी थे, आज प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बतौर सांसद देश को नेतृत्व दे रहे हैं।गांव से ग्लोबल की है पीएम मोदी की यात्रा
सीएम ने इसे गांव से ग्लोबल की यात्रा बताया, कहाकि इस यात्रा ने प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन और युवाओं के मन में विश्वास पैदा किया है। हर बहन को सुरक्षा की गारंटी, किसान के जीवन में खुशहाली, नौजवान के सामने रोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया है।आर्थिक मोर्च पर सफल हुआ भारत, युवाओं के सामर्थ्य को मिल रही नई दिशा
सीएम ने कहाकि 12 वर्ष पहले भारत बॉटम-5 में गिना जाता था। भारत की गिनती सबसे खराब अर्थव्यवस्था में होती थी। प्रति व्यक्ति आय सबसे कम हुआ करती थी परंतु अब भारत ने आर्थिक मोर्चे पर टॉप-5 में स्थान बनाया है और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में भी सफलता प्राप्त की है। भारत में पहले कुछ हजार ही स्टार्टअप होते थे, आज ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत दुनिया में इसकी गूंज सुना रहा है। मिशन रोजगार के तहत नौजवानों के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। आत्मविश्वास से भरा युवा देश के लिए कुछ कर गुजरने का सामर्थ्य रखता है। उसकी प्रतिभा देश की ताकत और विश्वास देश का सामर्थ्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के सामर्थ्य को नई दिशा दे रहे हैं।भारत में है कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क
सीएम ने कहा कि एक समय रेलवे की स्पीड मीटरगेज तक सीमित रह गई थी। इलेक्ट्रिफिकेशन न होने के कारण ठहराव होता था। कोलकाता से दिल्ली पहुंचने में मालगाड़ी को कई दिन लगते थे। एक ही लाइन पर मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेन चलती थी परंतु अब देश में कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क है। रेलवे की ब्रॉडगेज, इलेक्ट्रिफिकेशन की सुविधा के साथ ही माल ढुलाई के लिए ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर है। वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत की विश्वस्तरीय सुविधा के साथ रेलवे नित नई ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी में भी भारत की उड़ान को इंगित किया। कहा कि 1947 के पहले से लेकर 2014 तक जितने एयरपोर्ट थे, आज उससे दोगुने हो गए हैं। हवाई चप्पल पहनने वाला भी अब हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है।हर हुनरमंद को मिल रहा सम्मान
सीएम ने कहा कि पहले यूपी में एक जिला-एक माफिया सत्ता के समानांतर सत्ता चलाते थे, लेकिन अब एक जिला- एक मेडिकल कॉलेज, एक उत्पाद, एक व्यंजन है। हर हुनरमंद कारीगरों व हस्तशिल्पियों को सम्मान मिल रहा है। सेवा के संकल्प का कार्यक्रम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार है डिजिटल इंडिया
सीएम ने कहाकि पहले आवास समेत अन्य सुविधाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जब जनधन अकाउंट खोले जा रहे थे तो लोग डिजिटल इंडिया का मखौल उड़ाते थे, कहते थे कि अकाउंट खोलकर गरीब का मजाक उड़ाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार था। अब डीबीटी के जरिए महिला, किसान, युवा, गरीब, श्रमिक आदि लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसा जाता है।पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, रसोई गैस का कनेक्शन, स्टार्टअप का इकोसिस्टम, हाईवे-एक्सप्रेसवे का बेहतरीन नेटवर्क, यूपी में इनलैंड वाटर वे की सुविधा संभव हुई है। पहले एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, यदि दुनिया ने चिप नहीं दिया तो इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग बंद हो जाती थी। अब भारत में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक उद्योग क्रियाशील हैं या निवेश हो रहा है। अब भारत चिप निर्यात के लिए आत्मनिर्भर हो रहा है।रक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में भी समृद्ध हुआ भारत
सीएम ने कहाकि एक समय भारत रक्षा क्षेत्र में दुनिया पर निर्भर रहता था, लेकिन आज हजारों करोड़ के डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग को दुनिया के अन्य देशों में पहुंचा रहा है। एक समय केवल दिल्ली में एम्स था, अटल जी ने इसे छह तक पहुंचाया और मोदी जी ने यह संख्या 23 कर दी। युवाओं के आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले आईआईटी, आईआईएम समेत इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का प्रत्येक क्षेत्र मोदी जी के विजन के परिणाम स्वरूप प्राप्त हो रहा है। पीएम मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी, ब्रजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विजय बहादुर पाठक, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, विधायक पंकज सिंह, नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, जय देवी, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
इनसेट
पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के उपरांत वर्चुअली रूप से देशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ का सामूहिक संकल्प दिलाया। वहीं लखनऊ में भाजपा पदाधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मशाल दी गई। इसके पश्चात यह यात्रा आगे की तरफ प्रस्थान की। -

दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी
प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण
भारत-जापान की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बनेगा स्मृति गलियारा, नई पीढ़ी के लिए होगा ‘क्लासरूम’
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में विकसित होगी जापानी सिटी, यामानाशी बना ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनर
जापान के पास टेक्नोलॉजी और यूपी के पास स्केल, सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंची दोनों देशों की साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन मित्र आबे की स्मृति को काशी में मिला स्थायी स्थान
दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी
वाराणसी
प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। सात अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है।
2007 में हुई थी दोनों नेताओं की पहली मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी।
वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है।
अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, “यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।”
गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं।
500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है।
इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
जापान की आस्था का रास्ता यूपी से
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है।
मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है।
आबे को याद कर छलके अकी के आंसू
जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए।
अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से निर्मित मोर का स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे। -

फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी
गांव से ग्लोबल तक की यात्रा है प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा: मुख्यमंत्री योगी
राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री बोले- फिर 80-20 की लड़ाई, 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए
पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे मोदी, मुख्यमंत्री योगी बोले- 25 वर्षों की यात्रा ने भारत को दी नई पहचान
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का आह्वान, सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता
फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी
सेमीकंडक्टर से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक आत्मनिर्भर हो रहा भारत, 12 से अधिक बड़े चिप उद्योगों का किया उल्लेख
यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की जगह अब मेडिकल कॉलेज, ओडीओपी और कुजीन बनी पहचान
डिजिटल इंडिया का मजाक उड़ाने वालों को जवाब, बोले- डीबीटी से अब पूरा पैसा पहुंच रहा लाभार्थियों के खाते में
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को गांव से ग्लोबल और जनसेवा से राष्ट्र सेवा की यात्रा बताया। बुधवार को हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गांव से निकले एक सामान्य कार्यकर्ता ने वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की यह यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन की यात्रा है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस यात्रा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय गुजरात भीषण आपदा से जूझ रहा था और समाज व राष्ट्र विरोधी तत्व अव्यवस्था पैदा करना चाहते थे। इन परिस्थितियों में उन्होंने गुजरात की कमान संभाली और उसे मॉडल स्टेट के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री के रूप में पिछले 12 वर्षों में भारत को समर्थ और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि नरेंद्र मोदी ने जब गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। आज नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
हर वर्ग के जीवन में परिवर्तन की यात्रा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह 25 वर्षों की यात्रा हर बहन को सुरक्षा की गारंटी देने, अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली लाने और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं मजबूत करने की यात्रा है। 12 वर्ष पहले भारत की गिनती फ्रैजाइल-5 में होती थी, जबकि आज देश टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है। कभी देश में कुछ हजार स्टार्टअप थे, आज इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक है। मिशन रोजगार के तहत युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
कनेक्टिविटी ने बदली देश की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी ने रेलवे के विद्युतीकरण, ब्रॉड गेज और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत के रूप में रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट की संख्या बढ़ी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हुआ है और यूपी में इनलैंड वॉटरवे की सुविधा भी मिली है।
चिप से डिफेंस तक बढ़ी आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय भारत एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर था। आज देश में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक बड़े उद्योग या तो क्रियाशील हो चुके हैं या उनमें भारी निवेश हो रहा है। भारत चिप निर्यात की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी देश अब हजारों करोड़ रुपये के डिफेंस उत्पाद दुनिया के देशों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स की संख्या छह से बढ़कर 23 तक पहुंची है। आईआईटी, आईआईएम और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अवसर बढ़े हैं।
यूपी की पहचान में आया बदलाव
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी में कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ सत्ता के समानांतर अराजकता पैदा करता था। अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ प्रदेश की पहचान हैं। हुनरमंद कारीगर और हस्तशिल्पी को उद्यमी बनाने का काम हो रहा है।
डिजिटल इंडिया और जनधन खातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का कभी मजाक उड़ाया गया था। उन्होंने इसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार बताया। कहा कि आज डीबीटी के जरिए दिल्ली और लखनऊ से भेजा गया पैसा सीधे गरीब, महिला, किसान, युवा और श्रमिक के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन का भी उल्लेख किया।
फिर 80-20 की लड़ाई : मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन के आखिर में उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा, “कल उत्तर प्रदेश के राज्यसभा के चुनाव ने बता दिया है कि विधानसभा का चुनाव परिणाम क्या होने जा रहा है।” इसके बाद उन्होंने कहा, “यह लड़ाई 80-20 की फिर आ गई है। 80 फीसदी एनडीए में और 20 फीसदी पीडीए में। पीडीए का क्या हाल होने वाला है, यह आपके सामने फिर आने वाला है।”
सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यकर्ताओं से सेवा ज्योति को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा से राष्ट्र सेवा के 25 वर्षों की यात्रा को जनता के बीच पहुंचाने के साथ विकसित भारत के संकल्प से लोगों को जोड़ना है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
पीएम मोदी ने देश का कायाकल्प किया : ब्रजेश पाठक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अविरल सेवा के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इन वर्षों में उन्होंने देश का कायाकल्प किया है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए देश का हर वर्ग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पानी, बिजली, स्कूल, अस्पताल, विश्वविद्यालय, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन
संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यों पर आधारित ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने सेवा ज्योति की स्थापना भी की।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेधा कुलकर्णी, सांसद संजय सेठ व बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, डॉ. महेंद्र सिंह, पंकज सिंह समेत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। -

काशी में गूंजेगा सेवा संकल्प का जयघोष, 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
सेवा संकल्प बाइक यात्रा का होगा समापन, वडनगर से काशी पहुंचे 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी जनसभा को करेंगे संबोधित
बाइक सेवा यात्रियों का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में होगा स्वागत, जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान होगी जनसभा
सीएम योगी आदित्यनाथ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ‘नमो बुक फेस्ट, काशी संस्करण’ का करेंगे अवलोकन
सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव उद्बोधन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा
वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी पहुंची बाइक यात्रा का बुधवार (7 अक्टूबर) को काशी में समापन होगा। सेवा संकल्प बाइक यात्रा में 500 कार्यकर्ता शामिल हैं। इस अवसर पर रोहनिया के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में दोपहर लगभग 2:30 बजे बड़ी जनसभा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संबोधित करेंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार दोपहर वाराणसी पहुंचेंगे। वह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘नमो बुक फेस्ट ,काशी संस्करण’ का अवलोकन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री जनसभा में शामिल होंगे। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का दर्शन-पूजन करेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की काशी में यह पहली जनसभा होगी। जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने और सेवा संकल्प बाइक यात्रा के प्रतिभागियों का काशी की गरिमा के अनुरूप भव्य स्वागत करने का आह्वान किया गया है।
भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह सभी बाइक सेवा यात्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान में सुबह नौ बजे बस से पहुंचेंगे। वहां सभागार में उनके स्वागत-अभिनंदन का कार्यक्रम होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बाइक यात्रियों का तिलक, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव उद्बोधन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा। कार्यक्रम के बाद सभी बाइक यात्री बस से मैदागिन पहुंचेंगे। वहां से पैदल काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा में आगे गुजरात की नदियों के जल से भरे 11 कलश और गंगाजल के 11 कलश, कुल 22 कलश रहेंगे। इनके साथ 51 महिलाएं चलेंगी। भाजपा के संगठन पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक, मंत्री, एमएलसी और कार्यकर्ताओं के साथ बाइक सेवा यात्री भी शामिल होंगे। कुल संख्या करीब 800 रहेगी। मंदिर में करीब एक घंटे तक पूजन-अनुष्ठान और जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे जगतपुर इंटर कॉलेज में होने वाली भाजपा की जनसभा में शामिल होंगे। यात्रा के अगले चरण में 8 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे सभी बाइक यात्री अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इसके बाद अयोध्या से दिल्ली पहुंचकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।