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  • अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष आयोजन और परिषद के सामाजिक समरसता कार्यक्रम में राज्य सरकार करेगी सहयोग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवी, विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता, एकात्मकता की भावना सशक्त बनाने वाले स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद को स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के लिए समुचित सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए रविन्द्र भवन सभाकक्ष में परिषद के पुरोधा और राष्ट्रवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था।  जब हमारा राष्ट्र विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा था और एक समरस वातावरण की आवश्यकता थी, तब स्व. अशोक सिंहल ने एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और जातिगत सद्भाव को बढ़ाने में राष्ट्र के नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। आज  धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद, नक्सलवाद की समाप्ति जैसे कार्य हुए हैं। देश में तीव्र विकास का वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। इसमें सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है।

    गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देंगे, मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कराएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी गोशालाओं की स्थापना, शहरों में कांजी हाउस समाप्त कर देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था की गई है। पंचायत स्तर तक गौपालक और गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है। गिर नस्ल के पशुधन से दूध के उत्पादन को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा।  अयोध्या में भगवान राम मुस्करा रहे हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे। प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज त्यौहार मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम को रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, गुफा मंदिर धाम, भोपाल और सुदेश शांडिल्य महाराज पीठाधीश्वर करुणाधाम आश्रम,विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय सह संगठन महामंत्री,  चौधरी ओ.पी. गोदिया, राष्ट्रीय कार्यवाह अध्यक्ष, वाल्मीकि महासभा  और स्व. सिंहल के निकट सहयोगी परिषद के पूर्व पदाधिकारी और म.प्र. वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक पांडे प्रान्त संघ संचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूज्य बुद्ध भूषण भदंत, रानी कमलापति बुद्ध विहार, विधायक रामेश्वर शर्मा के अलावा भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।

     

  • सिंहस्थ की राह आसान करने आगे आए CM यादव, पैतृक मकान पर खुद चलाई गेती

    सिंहस्थ की राह आसान करने आगे आए CM यादव, पैतृक मकान पर खुद चलाई गेती

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण

    उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद से लेकर जीवाजीगंज थाने तक 32 फ़ीट चौड़ी होगी रोड
    उज्जैनवासियों ने अपना मकान खुद पीछे हटाकर दी अनुकरणीय मिसाल

    उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन शहर के अब्दालपुरा क्षेत्र के के मूल निवासी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक मकान में खुद गेती चलाकर सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में एक अनूठी मिसाल कायम की है। अब्दालपुरा का मकान नं. 180 एक तरह से उज्जैन के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए हो रहे कार्यों की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार सुबह 10 बजे अब्दालपुरा पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद के पैतृक मकान पर गेती चलाई और सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए यह निजी मकान तोड़ने की शुरुआत की।

    हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना अब्दालपुरा

    अब्दालपुरा उज्जैन शहर की बहुत पुरानी बस्ती है। यहां पर एक तरफ खजूर वाली मस्जिद है और दूसरे छोर पर जीवाजीगंज थाना है। इसके बीच के 272 मकानों में अधिकांश मकान हिंदू, मुसलमान और बोहरा समुदाय के हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण में प्रत्येक समुदाय के लोग खुशी-खुशी इस अभियान से जुड़कर खुद ही अपना मकान तोड़ने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। उज्जैन शहर में हो रहे अनेक आवागमन मार्गों के चौड़ीकरण में यह मार्ग शहरवासियों को विकास में सहभागी बनने की प्रेरणा दे रहा है। यहां के कादर भाई कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण से उनकी सालों पुरानी इच्छा पूरी होने जा रही है। इस सड़क से वाहन निकलना मुश्किल था। अब आवागमन आसान होगा। वे कहते हैं कि इस इलाके में सभी मकानों की चौड़ाई चाहे कम-ज्यादा हो, लेकिन दिलों की गहराई काफी है। इस मार्ग के दोनों तरफ रहने वाले रहवासी सड़क चौड़ीकरण के लिए सहर्ष जगह देने को तैयार हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। हर व्यक्ति इस काम में अपनी सहभागिता कर रहा है। मुख्यमंत्री के निजी मकान के पड़ोसी पवन पांचाल कहते हैं कि यह चौड़ीकरण इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। सड़क चौड़ी होने के बाद यहां बनने वाले मकानों और दुकानों की वैल्यू बढ़ जाएगी और व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा, रोज़ का आवागमन तो सुगम होगा ही

    सड़क के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ.यादव की बहन एवं नगर निगम उज्जैन की सभापति श्रीमती कलवाती यादव का मकान है। यह मकान भी सड़क चौड़ीकरण की ज़द में आ रहा है। इसी लाइन में दूध की दुकान चला रहे नरेन्द्र जैन कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान भी टूटने से शहर में यह सन्देश जा रहा है कि यहां कोई खास नहीं है। आम हों या ख़ास, महाकाल की नगरी में सब बराबर हैं। सिंहस्थ के कामों में सभी सहभागी बन रहे हैं। सभी के मकान एक लाइन से और समान लंबाई में टूट रहे हैं। इसी गली में रहने वाले पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित उज्जैन का सपना साकार कर रहे हैं। इससे न केवल उज्जैन की तस्वीर बदलेगी, बल्कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों लोगों के आवागमन और उनके अच्छे प्रवास की सुविधाएं विकसित होंगी।

    जनहित को समर्पित व्यक्तित्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए जारी विकास एवं निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उज्जैन स्थित अपना पैतृक निवास एवं जन्म स्थान को जनहित के लिए समर्पित कर दिया। धर्मनगरी उज्जैन के विकास और लोक कल्याण के प्रति उनका यह समर्पण सेवा, संवेदनशीलता और जनहित के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने विकास कार्यों में सहभागी बनकर ख़ुद अपना मकान तोड़ने में सहयोग दिया, ये एक आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ में यहां 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। सिंहस्थ के लिए सबने बहुत योगदान दिया है। उन सभी का धन्यवाद, जिन्होंने बिना भेदभाव के, नि: संकोच सिंहस्थ आयोजन के लिए अपने देवस्थान (पूजा स्थल) तक पीछे कर लिए। यही उज्जैन के लोगों का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारी और नगर सौंदर्यीकरण के लिए उज्जैन के रहवासी स्वेच्छा से अपने पुश्तैनी घरों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। उनका यह योगदान अभिनंदनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रविवार की सुबह एक निजी न्यूज़ चैनल द्वारा राज्य स्तरीय मैराथन का आयोजन किया गया। सुबह की सैर और व्यायाम स्वस्थ शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मैराथन दौड़ प्रेरणादायी कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मैराथन में सम्मिलित होने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि दशहरा मैदान में आयोजित मैराथन में सहभागिता की तथा झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया तथा नागरिकजनों को नियमित योग एवं व्यायाम को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा शरीर परमात्मा का अनमोल प्रसाद है, जिसमें जीवन के अनेक रहस्य समाहित हैं। योग और आत्मचिंतन के माध्यम से हम अपने शरीर और जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रत्येक श्वास हमें जीवन और परमात्मा की उपस्थिति का अहसास कराती है। जन्म और मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य हैं, इसलिए हमें स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए। मैराथन में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी परमात्मा की कृपा से शिव और विष्णु तत्व के आधार पर सृष्टि के पिंड रूप में आए हैं। पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलता है और हमसे कार्बन डाई ऑक्साइड लेता है, ये प्रकृति के साथ हमारे संबंध का हिस्सा है। हमें पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पितृपक्ष आरम्भ हो गये हैं, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि अपने पितरों का आवाह्न कर उन सबके प्रति आत्मीय कृतज्ञता व्यक्त करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दृष्टि से हम सबके समक्ष एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से नितान्त परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को विशेष प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हम सबको बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

     

  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन और PM ई-बस सेवा शुरू, CM यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन और PM ई-बस सेवा शुरू, CM यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

    हम जो कहते हैं,करके भी दिखाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की बहुप्रतीक्षित मांग (शासकीय बसों का संचालन) पूरी होने पर इस स्वर्णिम सौगात के लिए प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि हम जो कहते हैं, वो करके भी दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' एवं 'पीएम ई-बस सेवा' के जरिए हमने अनंत चतुर्दशी के मंगल अवसर पर प्रदेशवासियों को खुशियों की अनंत सौगात दी है। उन्होंने कहा कि 25 सितम्बर को मध्यप्रदेश के नागरिकों, विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले हमारे भाई-बहनों के जीवन में सुगम परिवहन से सहज परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले दो दशकों में शासकीय बसों का संचालन बंद होने के कारण हमारे ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन का बड़ा अभाव बना हुआ था। दूर-दराज के कई गांव मुख्य सड़कों से कट गए थे। गांव-देहात के हमारे गरीबों, किसानों एवं छात्र-छात्राओं को आने-जाने के लिए सीमित साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने अपने 'संकल्प पत्र' में भी यह सेवा प्रारंभ करने का उल्लेख किया था। गत दिवस शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ इस सेवा का मंगल आरम्भ करते हुए संकल्प को धरातल पर साकार कर दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शुक्रवार को राज्यभर में 1,500 बसों से शुरू हुई इस सेवा को हमने वर्ष 2029 तक 15,000 बसों तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, ताकि प्रदेश के हर व्यक्ति तक सुगम बस परिवहन की सुविधा पहुंच सके।

     

  • CM को धमकी देने वाला मुंबई से पकड़ा, पुलिस करेगी वजह का खुलासा

    CM को धमकी देने वाला मुंबई से पकड़ा, पुलिस करेगी वजह का खुलासा

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बुधवार को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन वाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज भेजा।

    मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम लिखकर उन्हें जान से खत्म करने की बात कही गई थी। बाद में आरोपित ने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया।

    जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के वाट्सएप नंबर पर यह धमकी भरा मैसेज आया। इसमें लिखा था कि वह मुख्यमंत्री को जान से मार देगा और वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे।

    मैसेज में मुख्यमंत्री के बारे में अन्य आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत क्राइम ब्रांच पहुंचने के बाद गुरुवार को पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

    घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को क्राइम ब्रांच भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार को मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की, जिससे व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन मुंबई में सामने आई। इसके बाद पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस आरोपी को भोपाल ला रही है। यहां उससे धमकी देने के पीछे की वजह, संदेश में किए गए दावों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने धमकी भरे संदेश के स्क्रीनशॉट के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

    आरोपित मुंबई से गिरफ्तार
    क्राइम ब्रांच ने वाट्सएप मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस उसे भोपाल ला रही है।
    यहां उससे पूछताछ कर धमकी भेजने की वजह, मैसेज में किए गए दावों और उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस ने धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशाट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में सुरक्षित रखे हैं। मामले की जांच जारी है।

  • किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    तकनीक एवं नवाचार से बढ़ायेंगे किसानों का उत्पादन और आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया संवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। हम तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की सिंगरौली की रत्नगर्भा भूमि में अब प्राकृतिक खेती का तेजी से प्रसार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले के 3000 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर सिंगरौली जिले को कृषि के मामले में अग्रणी जिला बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जाधानी के रूप में मशहूर सिंगरौली जिले को अब प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को अनंत चतुर्दशी की मंगलकामनाएं भी दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि हम प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करेंगे। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर ले जाएगे। खाद्य प्रसंस्‌करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देंगे। एक जिला-एक उत्पाद से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देंगे। पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अंग बनाएगें। उन्होंने कहा कि हम खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन और गोपद नदी का संगम स्थल सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी है। कोदो और सामा यहां की प्रमुख फसलें है। सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर ही सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के प्रगतिशील किसानों से वीसी से संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती, अन्न उत्पादन और विशेषकर हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि परम्परागत खेती के बजाय जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में ज्यादा फायदा होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी सिंगरौली जिले में काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्‌करण की कई नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। सरकार द्वारा किसान भाइयों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण कर दिया गया है। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और भी बेहतर होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी खेती-किसानी में फसल विविधीकरण अपनाएं। उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रूचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन व्यवसाय से भी जुड़ें।

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डा. राजेश मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, कपिल यार्दे, राम लल्लन सिंह, जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में जिले भर से आए किसान बंधु उपस्थित थे।

     

  • अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर किया नमन
    लालघाटी स्थित श्रद्धेय दीनदयाल जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित

    भोपाल :
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जन संघ के संस्थापक श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ "एक पेड़ मां के नाम'' के अंतर्गत आम का पौधा रोपा। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सांरग, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपने संदेश में कहा कि हमारे प्रेरणा स्रोत श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। दीनदयाल जी के राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के विचारों से प्रेरणा लेते हुए हम समावेशी विकास के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

     

  • सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    उज्जैन 

     सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। विस्तारीकरण मार्ग में आड़े आ रहे मकानों को तोड़ा जा रहा है। इस जद में सीएम मोहन यादव का भी मकान आ गया है। उनके पैतृक मकान का कुछ हिस्सा टूटेगा। इसके साथ ही उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी इस जद में है।

    खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा तक चौड़ीकरण
    दरअसल, उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण होना है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है इसे 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इसमें सीएम मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    मध्यप्रदेश में सिंहस्थ महाकुम्भ 2028 की तैयारी के सिलसिले में उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। अब इस काम की जद में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनकी बड़ी बहन व निगम सभापति कलावती यादव का पैतृक मकान का भी आ गया है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने उनके मकानों की नप्ती कर लाल निशान लगा दिए हैं। उधर सीएम के परिजन भी शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं।

    बता दें कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ महाकुम्भ को देखते हुए उज्जैन की प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसमे इंदौर रोड सहित कई स्थानों पर पुल के निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं शहर के भीतर करीब 62 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शहर के सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्सन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा हैं। इसी के तहत शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर करीब 29 किमी लंबे घाट भी विकसित किए जा रहे है।

    730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना बाकी
    इसके साथ ही उज्जैन में कई मंदिरों व मस्जिदों सहित कई धर्म स्थलों के कुछ हिस्सों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, इसमे कंठाल, तेलीवाड़ा, सर्राफा, पाटनी बाजार जैसे कुछ इलाकों में सड़कों का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। अब खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    सीएम के घर पर लगाए लाल निशान
    नगर निगम की टीम ने प्रभावित मकानों की नपती कर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं।

    दादा ने बनवाया था मकान
    बताया जा रहा है कि सीएम मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं।

    अब यहां नहीं रहता है कोई
    हालांकि इस घर में अभी कोई नहीं रह रहा है। परिवार के सदस्य दूसरी जगह रहते हैं। लेकिन उनका आना-जाना लगा रहता है। नगर निगम की कार्रवाई को लेकर परिवार को कोई एतराज नहीं है। निगम ने लाल निशान लगा दिए हैं, जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

    किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा
    नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोग सहयोग भी कर रहे है।

    सिंहस्थ के लिए पूरे शहर में बदल रहा यातायात ढांचा
    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में केवल इस 730 मीटर मार्ग पर ही काम नहीं हो रहा है। शहर के कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और यातायात ढांचे में सुधार की योजनाएं चल रही हैं। अगस्त में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया था और अधिकारियों को निर्माण कार्य समय सीमा तथा गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित हिस्से हटाने में दिए जा रहे सहयोग का भी उल्लेख किया था। कंठाल, सती गेट, गोपाल मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी चौड़ीकरण तथा यातायात सुधार से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पुराने शहर और नए शहर के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और सिंहस्थ के दौरान यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना है।

    सिंहस्थ के दौरान क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग?
    उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक नगरों में शामिल है और महाकाल मंदिर के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सिंहस्थ के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में शहर के पुराने हिस्से की संकरी सड़कें, बाजार क्षेत्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले इलाके यातायात प्रबंधन के लिहाज से चुनौती बन जाते हैं। सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है। चौड़े मार्ग से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, पैदल यात्रियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण को केवल सिंहस्थ के कुछ महीनों की जरूरत के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसलिए शहर में किए जा रहे कई निर्माण कार्यों का उद्देश्य सिंहस्थ के साथ-साथ लंबे समय के लिए यातायात ढांचे को मजबूत करना भी है। मुख्यमंत्री ने हाल के निरीक्षण में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को विकास कार्यों की प्राथमिकताओं से जोड़ा था।

    272 भवनों के सामने भी बदलाव की चुनौती
    सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 272 भवनों के लिए यह प्रक्रिया व्यक्तिगत और व्यावसायिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी। पुराने शहर में कई मकान और दुकानें वर्षों से एक ही स्थान पर हैं। ऐसे में सड़क की सीमा में आने वाले हिस्से को हटाना संबंधित परिवारों और कारोबारियों के लिए आसान निर्णय नहीं होता। इसके बावजूद उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के लिए कई स्थानों पर नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने निर्माण का प्रभावित हिस्सा हटाने का सहयोग सामने आया है। अगस्त में मुख्यमंत्री ने भी सड़क चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की थी। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का इस परियोजना में आना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह वही प्रक्रिया है जिसमें शहर के अन्य लोगों की संपत्तियां भी प्रभावित हो रही हैं। परिवार की ओर से प्रभावित हिस्सा हटाने की सहमति जताए जाने के बाद अब परियोजना के अगले चरण में नगर निगम और प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    विकास बनाम विरासत की चुनौती
    उज्जैन के पुराने हिस्से में सड़क चौड़ीकरण अपने साथ एक दूसरी चुनौती भी लेकर आता है। यहां बड़ी संख्या में पुराने मकान, बाजार, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक महत्व वाली इमारतें मौजूद हैं। इसलिए सड़क का विस्तार करते समय यातायात जरूरतों के साथ पुराने शहर की पहचान और स्थानीय लोगों की संपत्तियों से जुड़े पहलुओं का संतुलन भी महत्वपूर्ण रहेगा। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक प्रस्तावित 730 मीटर का मार्ग इसी पुराने और घने शहर का हिस्सा है। 15 मीटर चौड़ाई हासिल करने के लिए 272 भवनों का प्रभावित होना बताता है कि परियोजना का असर काफी व्यापक है। प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि निर्माण और चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा हो, लेकिन साथ ही प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

    उज्जैन में बड़ा आधारभूत बदलाव
    सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में जिस बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, उसमें सड़क चौड़ीकरण महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान और उनकी बहन के घर का प्रभावित होना इस परियोजना को और चर्चा में ले आया है। फिलहाल नगर निगम की ओर से नपती और चिन्हांकन की प्रक्रिया सामने आई है और परिवार ने सार्वजनिक रूप से प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग की बात कही है। आगे की कार्रवाई परियोजना की स्वीकृत सीमा, प्रशासनिक प्रक्रिया और सड़क निर्माण की प्रगति के अनुसार होगी।

    1974 में बना था मकान, CM का बचपन बीता
    प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में यह मकान बनवाया था और इस मकान में ही उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव सहित सभी परिजनों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के 5 बच्चे हैं। इनमें नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बेटी ग्यारसी बाई और उज्जैन की नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। फिलहाल, इस मकान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहता है। सड़क चौड़ीकरण में इस मकान के साथ कलावती यादव के मकान का भी करीब 15 फीट हिस्सा आ रहा है।

    'शहर के विकास के लिए प्रभावित हिस्से को तोड़ने को तैयार'
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बहन और निगम सभापति कलावती यादव का कहना है कि वे शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में हमारा पैतृक मकान भी आ रहा है। इस इलाके में रहने वाले सभी लोग हमारे परिवार जैसे हैं। किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस, हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिन नागरिकों के मकान प्रभावित हो रहे हैं, उनकी समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • भोपाल से 351 सरकारी बसों की शुरुआत, 7 शहरों को मिलेगा परिवहन लाभ

    भोपाल से 351 सरकारी बसों की शुरुआत, 7 शहरों को मिलेगा परिवहन लाभ

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। 351 बसें 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवा देंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    CM मोहन यादव ने कहा- नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। इसका मकसद शहरों के साथ गांवों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ना है। सरकार ने 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी को "रोड नेटवर्क ऑफ मध्यप्रदेश विजन-2047" से अवगत कराया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में जारी विभिन्न विकास एवं सड़क परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    उन्होंने कहा- सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने और 2031 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा है। सेवा PPP मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें निजी ऑपरेटर भी शामिल होंगे। उन्हें विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे।

    – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज भोपाल के लालघाटी में अंत्योदय एवं एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता श्रद्धेय स्व. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उन्हें नमन किया।

    – इस अवसर पर उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रसेवा, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान एवं मानव कल्याण के प्रति समर्पित विचारों का स्मरण किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा –

    * प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेशवासियों का सपना पूरा हो रहा है।

    * पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के कर कमलों से 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है।

    * प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है।

    * राज्य परिवहन सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो रही है।

    * आज का दिन प्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक है।

    * यह परिवहन सेवा प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

    * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी।

    * इस सेवा की शुरुआत में बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।

    * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेशवासियों को बेहतर यात्री परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा –

    – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

    * प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है।

    * सर्वसुविधायुक्त बसें प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी सौगात हैं।

    * लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है।

    * सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए विभाग ने लोकपथ ऐप बनाया है।

    * लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन चुका है।

    * लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय-सारणी भी उपलब्ध होगी।

    * केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में जारी हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है।

    * केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने शहपुरा टोल नाके को अस्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दी है।
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  • एक साल में 85 हजार युवाओं को रोजगार, CM यादव ने दिए नियुक्ति पत्र

    एक साल में 85 हजार युवाओं को रोजगार, CM यादव ने दिए नियुक्ति पत्र

    मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनि निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा भी निकलता है। कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध हैं। खनिज महत्वपूर्ण विभाग है जिसमें पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करने वाले प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में नवनियुक्त 62 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थी।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रत्नगर्भा, वसुंधरा से जुड़कर नवनियुक्त खनि निरीक्षकों का भाग्योदय हो रहा है। आज का दिन इन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, साथ ही उनके जीवन में नया प्रकाश लाने वाला दिन भी है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक शासन से जुड़कर सिर्फ नौकरी ही प्राप्त नहीं कर रहे बल्कि सेवा का एक नया अवसर प्राप्त कर अपनी नई पहचान भी प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके माता-पिता और परिजन का आशीर्वाद एवं सहयोग भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी प्रगति के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को शासकीय सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी मानते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ ही विश्वास पत्र भी सौंपा है। सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते हुए ये युवा निश्चित ही सभी के लिए गर्व का कारण बनेंगे।  

    खनिज आय में वृद्धि

    प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई। नवनियुक्त खनि निरीक्षक प्रदेश के खनिज राजस्व को बढ़ाने का कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के माध्यम से 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए, जिसमें से 8 ब्लॉक में कोयला का उत्पादन शुरू हो गया हैं। छह अन्य कोयला खनन ब्लॉक में उत्पादन प्रारंभ करने के लिए माइन डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया गया है। छतरपुर जिले में 2 नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है।

    पन्ना जिले के अंतर्गत एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। भारत सरकार ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए मध्यप्रदेश ने अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है।

    नवनियुक्त खनि निरीक्षक बोले-"हमारे लिए आज होली और दीपावली दोनों की खुशी है"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों में से 5 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और नवनियुक्त खनि निरीक्षकों के साथ छायाचित्र खिंचवाया। कार्यक्रम में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों ने कहा कि आज उनके लिए होली और दीपावली जैसा खुशी का दिन है। वे अपने दायित्व को पूरी लगन से पूरा करेंगे।      

  • राजस्व समीक्षा बैठक में CM यादव का फोकस, आय बढ़ाने के दिए निर्देश

    राजस्व समीक्षा बैठक में CM यादव का फोकस, आय बढ़ाने के दिए निर्देश

    विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं विभागों के आय वृद्धि के प्रयास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास के लिए आय अर्जित करने वाले सहयोगी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभागों ने राजस्व में वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास किए हैं, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा वित्त वर्ष के अंतर्गत अर्जित राजस्व आय की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न मदों में अर्जित आय की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने राजस्व प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा आय वृद्धि के लिए किए गए प्रयासों, नवाचारों और अर्जित उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वित्त वर्ष के अंत तक शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि अनेक विभागों द्वारा वित्त वर्ष में निर्धारित राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं।

    इन क्षेत्रों में अग्रणी है मध्यप्रदेश

    बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर, खनिज, आबकारी, परिवहन, वन, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में प्रदेश कर संग्रहण में अग्रणी है। विभागों ने आय के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वित्त वर्ष के प्रारंभिक पांच महीनों में महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। आयकर फाइल रिटर्न करने के क्षेत्र में देश में, मध्यप्रदेश कभी 14 वें क्रम पर था। इस कार्य में प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।