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  • बालाघाट में 400 करोड़ के कामों का प्रस्ताव, स्वास्थ्य के साथ सड़क और पानी पर भी सरकार का फोकस

    बालाघाट में 400 करोड़ के कामों का प्रस्ताव, स्वास्थ्य के साथ सड़क और पानी पर भी सरकार का फोकस

    बालाघाट 
     केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन बालाघाट में विकास कार्यों का लेखा जोखा पेश करेगी. इसके लिए राज्य सरकार ने बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 400 करोड़ से अधिक की योजना तैयार की है. इस विकास योजना का खाका आज केन्द्रीय गृहमंत्री के सामने रखा जाएगा। 

    बालाघाट क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ही पेयजल, सड़क बिजली आदि की व्यवस्था बेहतर करने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार अगले एक साल में करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी.हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट पहुंचे थे और उन्होंने आदिवासी जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर सवाल खड़े किए थे। 

    बालाघाट के 5 ब्लॉक में होंगे 1500 काम
    आदिवासी जिले बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए राज्य शासन ने करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि से कई काम कराने का निर्णय किया है. इसके लिए मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने तमाम कामों को स्वीकृति दे दी है. इस पूरे प्लान को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन द्वारा रखा जाएगा। 

    इसके तहत राज्य शासन बालाघाट जिले के परसवाड़ा, बैहर, लांजी, बिरसा और किरनापुर में करीबन 1500 कामों को किया जाएगा. वहीं, विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले इन कामों के लिए जनजतीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सभी विभागों के बीच समन्वय का काम करेंगे। 

    सड़कों के निर्माण पर खर्च होंगे 269 करोड़ रुपये
    योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से सबसे अधिक राशि खर्च की जाएगी। पांचों विकासखंडों में 151 सड़क और सीसी रोड के निर्माण पर 268.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 69 पुलिया और कल्वर्ट के निर्माण के लिए 34.02 करोड़ रुपये तथा 60 स्टॉप डैम के लिए 35.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों का होगा निर्माण
    आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 20 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवन भी तैयार किए जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सोलर पैनल लगाने की भी योजना है।

    बच्चों की मौत वाले गांवों पर विशेष ध्यान
    जिले के डोंगरगांव, बोंदारी, कोंडेकसा, मछरदा, मातला और कोरका जैसे बैगा-गोंड बहुल गांवों में कुपोषण और बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। अब इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    पेयजल व्यवस्था भी होगी मजबूत
    पांचों विकासखंडों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को दी गई है। किरनापुर और लांजी में नल-जल योजना का काम पूरा हो चुका है। वहीं, जिन गांवों में नल-जल योजना के निर्धारित मापदंड पूरे नहीं होते, वहां पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

    बालाघाट में क्या-क्या काम होंगे?
    राज्य शासन बालाघाट में 400 करोड़ के विकास कार्यों को 13 विभागों के साथ मिलकर पूरा करेगी. इसके तहत 151 सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके. इस पर 268 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी. जिले के सभी ब्लॉक में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए 20 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य केन्द्र खोले जाएंगे. इसके अलावा सामुदायिक और स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाए जाएंगे. इनके निर्माण पर 3.11 करोड़ की राशि खर्च होगी। 

    देर रात 12 बजे भोपाल पहुंचे अमित शाह, मध्य प्रदेश गौपालक सम्मेलन में होंगे शामिल
    इसके अलावा अनाज वितरण की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए राशन दुकान और गोदाम का निर्माण किया जाएगा. इस पर 6.87 करोड की राशि खर्च होगी. बालाघाट में पेयजल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच ब्लॉक में नल जल योजना के कामों को तेजी से पूरा कराया जाएगा. जिन स्थालों पर पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां दूसरे विकल्पों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। 

     

  • ‘वैष्णव जन…’ की धुन से गूंजा भोपाल, CM मोहन यादव ने बताया संगीत साधकों का कुंभ

    ‘वैष्णव जन…’ की धुन से गूंजा भोपाल, CM मोहन यादव ने बताया संगीत साधकों का कुंभ

     भोपाल
     मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे का सभागार 2 अक्टूबर को माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे।

    कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है।

    असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'एक भारत – श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।

    भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे। कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    भारतीय माउथ आर्गन वादकों के सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 16 प्रदेशों से 180 प्रतिभागी वादक भोपाल आए हैं। यह एमपी का 13वां संस्करण है। पाल साहब ने गंगा किनारे कोलकाता से यह सफर शुरू किया था। जहां आप कार्यक्रम कर रहे हैं, वो राज्य तानसेन, बैजूबावरा, कुमार गंधर्व से जुड़ा है। सांदीपनी की नगरी कालों में काल महाकाल मानव सृष्टि का यह अपने आप में उदाहरण है। मोहन यादव ने कहा कि हमारे महाकाल मंदिर प्रांगण में प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस में बताया गया था कि हमें पहला वाद्य बनाने की जो प्रेरणा मिली, जब पानी की बूंद जब तालाब पर गिरती है तो ध्वनि निकलती है तो डमरू की कल्पना हुई। यह हमारा पहला वाद्य था जो महादेव का वाद्य है। मोहन यादव ने कहा कि जैसे ही महादेव को हमने स्मरण किया, भगवान कृष्ण की बांसुरी भी जो वाद्य है। बांस में सात स्वर बनते हैं।

    साधकों का स्वागत
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है। असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।

    संगीत की विधा को ऊंचाइयों तक ले जाएगा ये कार्यक्रम
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि हारमोनिका एसोसिएशन द्वारा भोपाल में आयोजित देश के 13वें सम्मेलन में सहभागी देशभर से पधारे माउथ ऑर्गन कलाकारों का मध्यप्रदेश की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत है। संगीत और कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के अभिन्न अंग हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कला, संगीत एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा कलाकारों को सम्मान और उचित मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ संगीत की इस मधुर विधा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • CM डॉ. यादव ने खरीदे खादी वस्त्र, चरखा चलाया और विजिटर बुक में लिखा संदेश

    CM डॉ. यादव ने खरीदे खादी वस्त्र, चरखा चलाया और विजिटर बुक में लिखा संदेश

    खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे मुख्यमंत्री
    राष्ट्रपिता को नमन किया, चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजिटर बुक में लिखा संदेश

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाकर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजि़टर बुक में अपना अनुभव संदेश भी अंकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खादी वस्त्रों के निर्माण से लेकर उनकी मार्केटिंग और इन वस्त्रों के विक्रय की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार आए खरीदारों से चर्चा की और कहा कि खादी से प्रेम बनाए रखें, हमेशा खादी अपनाएं और स्वदेशी की ओर बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हम सबको वोकल फॉर लोकल होने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की। गांधी जयंती के अवसर पर आज खादी वस्त्रों की खरीदी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने खरीदारी कर यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश अंकित करते हुए लिखा कि – आजादी के पूर्व स्वालंबन एवं ग्राम स्वराज के साथ आजादी की ललक लिये, देशभर में महात्मा गांधी ने खादी तथा सूत कातते हुये जो देशभक्ति और जनभावनाओं की जो अलख जगाई, वह कालातीत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: इसी भाव को पुर्नस्थापित करते हुए खादी के प्रति पूरे देश का प्रेम एवं अपनत्व जोड़ा है। आइये हम सब खादी अपनायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी को मूलमंत्र बनाया था। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बहिष्कार कर कपास से निर्मित स्वदेशी खादी को प्रोत्साहित किया। ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने के लिए यही खादी गांधी जी का अमोघ अस्त्र सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। स्वदेशी खादी को प्रोत्साहन मिलने से हमारी भारतीय मुद्रा देश से बाहर नहीं जाती है और इसी से हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खादी वस्त्र निर्माण से जुड़े नागरिक स्वाभिमान के साथ जीवन जियें, इस भाव को बनाए रखने के लिए गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी खादी और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार में खरीदारी कर रहे लोगों से चर्चा की और खादी के प्रति लगाव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीदारी कर रही सुविजयलक्ष्मी यादव से पूछा किस कक्षा में पढ़ती हो ? बालिका ने बताया सर, मेरा आज ही बीएससी बीएड का रिजल्ट आया है, जिसमें वह पास हो गई है। इसपर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्न होकर विजयलक्ष्मी को आशीर्वाद देकर उपहार स्वरूप अपना पेन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधि एवं खादी भंडार के स्टाफर्स उपस्थित थे।

     

  • दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचे CM यादव, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

    दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचे CM यादव, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया।

    इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।

    संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।

     

  • CM यादव बोले- सफल हो रहा सेवा संकल्प अभियान, 3-4 अक्टूबर को शिविर

    CM यादव बोले- सफल हो रहा सेवा संकल्प अभियान, 3-4 अक्टूबर को शिविर

    प्रदेश में सफल हो रहा है सेवा संकल्प अभियान 2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत 3 और 4 अक्टूबर को गावों और शहरों में लगेंगे शिविर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पन्न गतिविधियों की जानकारी लेकर आगामी कार्यक्रमों के संबंध में दिए निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ एक माह के सेवा संकल्प अभियान:2026 की गतिविधियों को अच्छी सफलता मिल रही है। अभियान में गत 12 दिवस अनेक अभिनव कार्य सम्पन्न हुए हैं। अभियान के शेष दिनों में ऐसे ही रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे जिससे जन-जन को जोड़ने का कार्य होगा। जनकल्याण की दिशा में जहां मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं वहीं सेवा संकल्प अभियान 2026 ने नागरिकों में उत्साह का संचार किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत हुई विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को अभियान की गतिविधियां जारी रखने के निर्देश दिए। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्रीगण प्रह्लाद पटेल, विजय शाह, विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, उदय प्रताप सिंह, सुनिर्मला भूरिया, श्रीमती प्रतिमा बागरी, नरेंद्र शिवाजी पटेल और मुख्यसचिव अशोक बर्णवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अन्य मंत्रीगण वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से प्रारंभ हुए एक माह अवधि के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से नागरिकों को जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के कार्यो की जानकारी प्राप्त की और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। मंत्री गण और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित हुए। अनेक मंत्री और जिला स्तर के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े।

    सेवा सेतु अभियान होगा 3 और 4 अक्टूबर को

    बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को सेवा सेतु अभियान आयोजित किया गया। अभियान में 3 अक्टूबर को ग्रामीण क्षेत्र और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में शिविर आयोजित होंगे, जिनके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इस अभियान में 3 अक्टूबर को साप्ताहिक जन विश्वास अभियान को भी जोड़ा जाएगा।

    सेवा के रंग- राष्ट्र के संग (भारत मंडल)

    प्रदेश के 6 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ और आलीराजपुर में निर्धारित थीम पर मानव रंगोली की परिकल्पना की गई है। इसके साथ ही सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत विद्यार्थी, उद्यमी, शिक्षक, अधिकारी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। कुल 16 फोकस सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। सेवा ज्योति कलश यात्रा 7 अक्टूबर को निकाली जाएगी, जिसके राज्य नोडल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और राज्य प्रभारी अधिकारी संजीव सिंह होंगे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इन यात्राओं में हितलाभ वितरण के साथ विकसित भारत और सेवा के संकल्प से जुड़े आयोजन होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 7 अक्टूबर को वर्चुअल संबोधन देंगे।

    आशीर्वाद का दीया गतिविधि से हुए शानदार शुरूआत

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को अभियान प्रारंभ हुआ, जिसके अंतर्गत प्रदेश में 3 करोड़ 87 लाख 80 हजार 463 दीयें जलाए गए। इसमें कुल 2 करोड़ 64 लाख 85 हजार 60 नागरिकों ने सहभागिता की। उज्जैन में दीपक जलाने का विश्व कीर्तिमान बनाया गया। उज्जैन में 33 लाख 27 हजार 125 दिए जलाये गए। इस गतिविधि के लिए नोडल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य प्रभारी अधिकारी संजय दुबे थे। जनसम्पर्क सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला बाल विकास, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग ने दायित्व संभाला।

    मेरे सपनों का भारत- भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता

    19 सितम्बर से 26 सितम्बर के बीच प्रदेश में 27 लाख 28 हजार 668 प्रतिभागियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में और 12 लाख 37 हजार 810 प्रतिभागियों ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। नोडल मंत्री उदय प्रताप सिंह और प्रभारी सचिव संजय गोयल ने इस गतिविधि का दायित्व वहन किया।

    नमो सेवा

    प्रदेश में 19 सितम्बर से प्रारंभ नमो सेवा गतिविधि के अंतर्गत 5 अक्टूबर तक सांस्कृतिक दलों द्वारा नुक्कड़ टोलियां बनाकर प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। अब तक 3033 कार्यक्रम हुए हैं जिनमें 5208 कलाकारों ने हिस्सा लिया है। इस गतिविधि के नोडल मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी और राज्य प्रभारी अधिकारी अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला हैं। संबंधित जिला प्रशासन के साथ जनसम्पर्क विभाग द्वारा दायित्व निभाया जा रहा है।

    आंगन मिलन सेवा

    प्रदेश में आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत 26 सितम्बर से गतिविधियां प्रारंभ हुई हैं, जो 5 अक्टूबर तक चलना हैं। आंगनवाड़ियों में 24 लाख 28 हजार 116 महिलाओं और बच्चों ने कार्यक्रम में भागीदारी की है। कुल 1 लाख 35 हजार 110 बहनों का सम्मान भी किया गया। प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया और राज्य प्रभारी अधिकारी श्रीमती जीवी रश्मि हैं1

    सेवा की कहानी

    प्रदेश में कुल 5 लाख 25 हजार 54 प्रेरक कहानियां प्राप्त हुई हैं। सेवा की कहानी प्रकल्प में राज्य नोडल मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और राज्य प्रभारी अधिकारी जनसम्पर्क आयुक्त और परिवहन सचिव मनीष सिंह हैं। सेवा की कहानी के अंतर्गत 17 सितम्बर से प्रारंभ गतिविधियां 17 अक्टूबर तक पूरे एक माह की अवधि में संचालित की जा रही हैं।

    वड़नगर से वाराणसी सेवा यात्रा

    इस गतिविधि की शुरूआत 17 सितम्बर से हुई है। अब तक 1706 नगरों और कस्बों में 6 लाख 48 हजार 520 नागरिकों की सहभागिता से कार्यक्रम सम्पन्न हुए हैं। मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल नोडल मंत्री हैं। सचिव टी इलैया राज राज्य प्रभारी अधिकारी हैं। यह गतिविधियां 7 अक्टूबर तक चलना है।

    सेवा मेरा योगदान

    प्रदेश में 10 गतिविधियों पर केंद्रित सेवा मेरा योगदान का संचालन 2 से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य शिविर, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में सेवा कार्य होंगे। दिव्यांगजन कल्याण और विद्यार्थी कल्याण की गतिविधियां भी राज्य नोडल मंत्री राकेश सिंह और राज्य प्रभारी अधिकारी श्रीमन शुक्ल के पर्यवेक्षण में होंगी।

    विकसित भारत संकल्प यात्रा

    प्रदेश में एक माह (17 सितम्बर से 17 अक्टूबर) की अवधि में विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत अन्य राज्यों के प्रतिनिधि और इनफ्लूएंसर्स प्रदेश भ्रमण पर आ रहे हैं। राज्य नोडल मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य प्रभारी अधिकारी सचिव मनीष सिंह इन गतिविधियों का पर्यवेक्षण और निर्देशन कर रहे हैं।

     

  • 12 पेंशन-सहायता योजनाओं से 57,56,334 हितग्राही लाभान्वित, पात्र लोगों तक पहुंच रहा लाभ

    12 पेंशन-सहायता योजनाओं से 57,56,334 हितग्राही लाभान्वित, पात्र लोगों तक पहुंच रहा लाभ

    प्रदेश की 12 पेंशन और सहायता योजनाओं में 57 लाख 56 हजार 334 हितग्राही हो रहे है लाभान्वित

    मुख्यमंत्री प्रतिमाह डीबीटी से हितग्राहियों के खातों में करते है राशि अंतरित

    भोपाल 

    प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सहायता योजनाएँ वृद्धजनों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल दे रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रतिमाह विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पेंशन राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित करते है। सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के 57 लाख 56 हजार 334 पात्र हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य सहायता योजना में का लाभ दिया जा रहा है।

    आयुक्त सामाजिक न्याय, द्वियांगजन कल्याण के. जी. तिवारी के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 15 लाख 75 हजार 79, राष्ट्रीय विधवा पेंशन में 5 लाख 46 हजार 920 और राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन में 84 हजार 623 हितग्राही लाभान्वित हैं। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 18 लाख 63 हजार 632 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन के 15 लाख 29 हजार 490 हितग्राही हैं।

    मुख्यमंत्री अविवाहित पेंशन में 3 हजार 992, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन में 63 हजार 590 और बहुदिव्यांग एवं बौद्धिक दिव्यांग सहायता अनुदान में 82 हजार 143 हितग्राही हैं। राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में 1 हजार 413, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 4 हजार 908, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 340 और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में 204 हितग्राही को दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गरीब, निराश्रित और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। पेंशन राशि दैनिक खर्चों में मदद के साथ हितग्राहियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आधार भी देती है। सरकार का संकल्प है कि सहायता समय पर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचे।

     

  • श्रीअन्न और धान उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन करायें किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    श्रीअन्न और धान उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन करायें किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान चौपाल बनें किसानों से संवाद का माध्यम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    श्रीअन्न और धान उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन करायें किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सेवा-संकल्प अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर के किसानों से किया वर्चुअल संवाद
    मुख्यमंत्री निवास से किया बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। अनूपपुर जिला जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जारी सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारियां अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा की जायें। राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया। ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया।

    राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्ज्वल है, किसान अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है।

    ग्रामीणों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और नि:शुल्क रजिस्ट्री के लाभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीणों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रगतिशील किसानों से संवाद

    बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर जिले के प्रगतिशील किसानों से वर्चुअल संवाद किया। किसानों ने कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा पशुपालन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की। पुष्पराजगढ़ के रमेश सिंह एवं अरुण कुमार चन्द्रवंशी ने आधुनिक कृषि यंत्रों एवं सिंचाई सुविधाओं से प्राप्त लाभ बताए। प्रेमलाल केवट ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जबकि रामभजन ने फसल प्रदर्शन एवं किसान खेत पाठशाला की जानकारी दी। पशुपालक माधव सिंह राठौर ने उन्नत पशुपालन एवं कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से बढ़े दुग्ध उत्पादन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को प्रोत्साहित किया।

    उन्नतशील किसान एवं मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

    बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन्नतशील किसानों एवं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मानित किया गया। उन्नतशील किसानों में रामप्रमोद साहू, ओम प्रकाश जोगी, फत्तेलाल जयसवाल, जीवनलाल एवं जगदीश सिंह को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर के मेधावी विद्यार्थियों दुर्गेश्वरी कोल, दुर्गा सिंह, धनश्वरी देवी, शुभा द्विवेदी एवं आकाश सिंह मरावी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

    प्रदर्शनी के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की दी गई जानकारी

    बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, उद्यानिकी फसलों, उन्नत पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन तथा शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय में वृद्धि के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, कलेक्टर रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।

     

  • मोहन सरकार की नई उधारी, ₹1500 करोड़ कर्ज लेकर इन कामों में होगा इस्तेमाल

    मोहन सरकार की नई उधारी, ₹1500 करोड़ कर्ज लेकर इन कामों में होगा इस्तेमाल

    भोपाल
     मध्य प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट के पहले एक बार फिर 1500 करोड़ का बजट लेने जा रही है. यह कर्ज सरकार विकास से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए लिया जा रहा है. ओपन मार्केट से लिए जा रहा यह कर्ज राज्य सरकार दो हिस्सो में ले रही है, इसे आगामी 18 और 30 सालों में चुकाया जाएगा. इस कर्ज के साथ मध्य प्रदेश पर कर्ज को बोझ बढ़कर 5 लाख 42 हजार 614 करोड़ हो जाएगा. इसके पहले राज्य सरकार ने 16 सितंबर को भी 2500 करोड़ का कर्ज लिया था। 

    सरकार लगातार ले रही कर्ज
    वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है. राज्य सरकार सितंबर माह में तीसरी बार कर्ज ले रही है. यह कर्ज सरकार सड़क सहित दूसरे विकास के कामों के लिए ले रही है. 1 सितंबर 2026 को राज्य सरकार ने 3600 करोड़ का कर्ज लिया था. यह कर्ज सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के जरिए दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटी की नीलामी से लिया गया था. इसमें 1600 करोड़ का कर्ज 18 साल के लिए और 2000 करोड़ का कर्ज 30 साल के लिए लिया गया था। 

    16 सितंबर को 2500 करोड़ का कर्ज लिया है. तीन अलग-अलग किस्तों में लिया गया यह कर्ज 8, 12 और 22 सालों में चुकाया जाएगा. अब राज्य सरकार 1500 करोड़ का लोन लेने जा रही है. यह कर्ज सरकार दो किस्तों 800 करोड़ और 700 करोड़ के रूप में ले रही है. पहला कर्ज सरकार 18 सालों के लिए ले रही है, जबकि 700 करोड़ का लोन सरकार 30 साल के लिए ले रही है। 

    मध्यप्रदेश पर कर्ज पहुंच 5.42 लाख करोड़
    लगातार लिए जा रहे कर्ज से मध्य प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता रहा है. वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पर कर्ज 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ करोड़ रुपए था. जबकि पिछले छह माह में राज्य सरकार 54 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले चुकी है. सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर कांग्रेस ने वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। 

    कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अविनीश बुंदेला ने आरोप लगाया है कि, ''सरकार के पास वित्तीय प्रबंधन नहीं है. सरकार लगातार कर्ज लेकर फिजूलखर्जी कर रही है. सुख सुविधाओं और सरकारी आयोजनों में कर्ज का पैसा उड़ाया जा रहा है. सरकार को जनता को बताना चाहिए कि पिछले सालों में लिया गया कर्ज कहां कहां खर्च किया गया है। 

  • अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष आयोजन और परिषद के सामाजिक समरसता कार्यक्रम में राज्य सरकार करेगी सहयोग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवी, विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता, एकात्मकता की भावना सशक्त बनाने वाले स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद को स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के लिए समुचित सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए रविन्द्र भवन सभाकक्ष में परिषद के पुरोधा और राष्ट्रवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था।  जब हमारा राष्ट्र विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा था और एक समरस वातावरण की आवश्यकता थी, तब स्व. अशोक सिंहल ने एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और जातिगत सद्भाव को बढ़ाने में राष्ट्र के नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। आज  धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद, नक्सलवाद की समाप्ति जैसे कार्य हुए हैं। देश में तीव्र विकास का वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। इसमें सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है।

    गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देंगे, मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कराएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी गोशालाओं की स्थापना, शहरों में कांजी हाउस समाप्त कर देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था की गई है। पंचायत स्तर तक गौपालक और गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है। गिर नस्ल के पशुधन से दूध के उत्पादन को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा।  अयोध्या में भगवान राम मुस्करा रहे हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे। प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज त्यौहार मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम को रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, गुफा मंदिर धाम, भोपाल और सुदेश शांडिल्य महाराज पीठाधीश्वर करुणाधाम आश्रम,विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय सह संगठन महामंत्री,  चौधरी ओ.पी. गोदिया, राष्ट्रीय कार्यवाह अध्यक्ष, वाल्मीकि महासभा  और स्व. सिंहल के निकट सहयोगी परिषद के पूर्व पदाधिकारी और म.प्र. वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक पांडे प्रान्त संघ संचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूज्य बुद्ध भूषण भदंत, रानी कमलापति बुद्ध विहार, विधायक रामेश्वर शर्मा के अलावा भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।