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  • ‘अपनी बस’ के लिए तैयार MP, CM ने रात में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    ‘अपनी बस’ के लिए तैयार MP, CM ने रात में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम गोविंदपुरा, बीएचईएल क्षेत्र में स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर शुक्रवार को होने वाली "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। प्रदेश में शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी की शुरुआत के शुभारंभ का कार्यक्रम भव्य रूप में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में कुल 351 बसें चलेंगी। परिवहन विभाग ने इंटरसिटी सेवा के लिए 2 रुपए प्रति किलोमीटर किराया तय किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशवासियों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर नई बसों की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की और बसों में बैठकर भी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।

    सेवा शुरू होने से पहले गुरुवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और अन्य व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद बसों का निरीक्षण भी किया और ड्राइवरों से बातचीत की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह मौजूद रहे।

    सीएम बोले- बेहतर सुविधा मिलेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा फिर शुरू होना ऐतिहासिक निर्णय है। आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के  उपस्थित थे।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। 

    एक विभाग के अंडर में आएंगी बसें
    सुगम परिवहन सेवा के तहत अलग-अलग बस एजेंसियों की सेवाओं को एक व्यवस्था के तहत लाया जाएगा। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत अन्य शहरों में भी बस सेवाएं एक विभाग के अंडर में होंगी।

    बसों को एकरूपता देने के लिए एक ही रंग में पेंट या स्टीकर लगाने का काम किया गया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े फोटो और वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने बताया कि संबंधित बस एजेंसियों ने ही यह काम किया है।

    इलेक्ट्रिक बसें भी चलेंगी

    सुगम परिवहन सेवा में ईजी मायट्रिप की सहायक कंपनी ईएमटीईवी/ईजी ग्रीनमोबिलिटी की बसें भी शामिल हैं। कंपनी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक सीटर बस को लंबी दूरी के सार्वजनिक परिवहन के लिए तैयार किया गया है।

    बस में प्रीमियम और एर्गोनॉमिक सीटिंग, व्यक्तिगत एयर वेंट और यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह दी गई है। प्रवेश और आवागमन को भी सुविधाजनक बनाने की व्यवस्था की गई है।

    पहले चरण में 7 शहरों में 351 बसों से शुभारंभ
    योजना के पहले चरण में 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। 

    शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें चलेंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी रूट पर दौड़ेगी। भोपाल से 106 बसें (23 इंटरसिटी-83 इंट्रासिटी), जबलपुर के लिए 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें दौड़ेंगी।

    3-पीपीपी मॉडल.. ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्न सुविधाएं
    बसों का संचालन पप्बिलक- प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉड
    ल पर होगा। इसके लिए अलग- अलग एजेंसियों से 3 सेवाओं और सुविधाओं के विकास के लिए अनुबंध किए हैं। पहला- निजी ऑपरेटरों से अनुबंध किया। दूसरा, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए अनुबंध किया है। इसके तहत बसों की लाइव लोकेशन, स्पीड, ड्राइविंग ट्रेनिंग आदि शामिल है। तीसरे मॉडल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए अनुबंध है। इसके तहत बस टर्मिनल, डिपो, बस स्टॉप और सड़क किनारे सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।

    सरकार की त्रिस्तरीय निगरानी
    बसों के सुगम संचालन के लिए सरकार ने राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है। यह रणनीति और नीति तय करेगी। निगरानी करेगी। इसके अधीन 7 क्षेत्रीय कंपनियां इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और सागर में बनाई गई हैं। इसके साथ ही कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति भी बनाई है। यह जमीनी निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के तहत हर साल बढ़ाई जाएंगी 2,500 से 3,000 बसें।

    ऐसी सुविधाएं-सुरक्षा
    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से बसों का संचालन, लोकेशन, टाइमिंग की रियल टाइम निगरानी होगी।
    मप्र यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर बनाए हैं।
    यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे।
    इमरजेंसी में तुरंत सहायता देने के लिए पैनिक बटन।
    व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से बस की लाइव लोकेशन।
    यात्रियों को बस संचालन एवं यात्रा से जुड़ी जानकारी देने पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम।

  • PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बोले CM यादव, सेवा भाव को बताया खास

    PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बोले CM यादव, सेवा भाव को बताया खास

    प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा भाव को भी किया चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा संकल्प बाईक यात्रा के राइडर्स से किया वर्चुअल संवाद
    प्रधानमंत्री मोदी को, प्रदेश के बाइक राइडर दीपेश गोटी ने अपनी यात्रा के साझा अनुभव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के पुंजापुरा में किया सेवा संकल्प बाइक राइडर्स का स्वागत
    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही है यात्रा
    सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्र धर्म की भावना के साथ काम किया है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी की शुरुआत हुई और आज वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के हर व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर की सौगात दी। इसके साथ ही राम राज्य की संकल्पना को साकार करते हुए हर गरीब को घर, पर्याप्त भोजन और बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वडनगर से वाराणसी जा रही युवाओं की बाइक यात्रा का देवास जिले के पुंजापुरा में स्वागत करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के प्रदेश के 35 लाख 42 हजार हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ 57 लाख रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करणावत पुलिस सहायता केंद्र को पुलिस थाना बनाने, पुलिस जवानों के लिए आवास निर्माण करने तथा शासकीय गोदाम के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सेवा संकल्प बाइक यात्रा में बाइक राइड भी की। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की। हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने बाइक राइडर्स के साथ पौधरोपण भी किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा सांसद वी.डी. शर्मा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

    शाजापुर जिले के निवासी हैं दीपेश गोटी

    प्रधानमंत्री मोदी ने वडनगर से वाराणसी के लिए निकाली गई ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल राइडर्स से अलग-अलग स्थानों से वर्चुअली संवाद किया। देवास जिले के पुंजापुरा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बाइक राइडर्स दल के सेवा यात्री दीपेश गोटी ने प्रधानमंत्री से संवाद में अब तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। शाजापुर जिले के निवासी गोटी ने बताया कि यात्रा के दौरान अन्य राज्यों के युवाओं से दूसरी भाषाएं सीखने और उनकी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिला है। रास्ते में पीएम आवास के हितग्राहियों से मुलाकात हुई। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को नमो ऐप से जोड़ा जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता को सराहा

    प्रधानमंत्री मोदी के वड़नगर में स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाने के सवाल पर दीपेश गोटी ने बताया कि उन्होंने अपने व्यापार-व्यवसाय की दृष्टि से कुछ स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबर लिए हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है। अब मध्यप्रदेश का भी मिजाज बदल रहा है। मध्यप्रदेश के युवा भी जहां जा रहे है, वहां व्यापार के अवसर खोज रहे हैं, उनमें उद्यमशीलता भरी है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने सेवा संकल्प यात्रा में 'माय प्रामिस टू मोदी जी' का नवाचार किया है, जिसमें 25 सेवा कार्य लिस्ट किए हैं और हर सेवा यात्री को किसी एक सेवा का संकल्प दिलाया जा रहा है।

    भारतीय संस्कृति में यात्राओं का विशेष महत्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यात्रा के दौरान सेवा, जनसंवाद और राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से यात्राओं का विशेष महत्व रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की सेवा के लिए अपने संकल्प से जीवन का प्रत्येक क्षण और अपना कण-कण राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रत्येक नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सक्रिय हैं ।

    पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितंबर से प्रदेशवासियों को मिलेगी सुगम परिवहन सुविधा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास का बागली तपोनिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी का कार्य क्षेत्र रहा है। समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के माध्यम से ही विकास और जनकल्याण की यात्रा निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सेवा और जनकल्याण की सभी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मध्यप्रदेश में 20 साल से बंद राज्य परिवहन निगम की बसों के संचालन का फिर श्रीगणेश होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, प्रदेश में हाइवे और एक्सप्रेस-वे भी तेजी से बनाए जा रहे हैं। राज्य परिवहन निगम की बसें नगरीय निकायों, एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे राज्यों तक भी चलाई जाएंगी। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का लाभ मिलेगा।

    राज्य सरकार किसानों, बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए सतत् सक्रिय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए संकल्पित है। माँ नर्मदा की कृपा से देवास जिले को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है। प्रदेश में अब तक सिंचित कृषि भूमि का रकबा 65 लाख हैक्टेयर तक पहुंच चुका है। वर्ष 2002-03 तक गेहूं का मूल्य 300-400 रुपए प्रति क्विंटल से आगे नहीं बढ़ा, लेकिन अब राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दे रही है। इस वर्ष एमएसपी पर 40 रुपए बोनस का लाभ देते हुए किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। दूसरी ओर, लाड़ली बहनों को राशि भी हर माह बैंक खाते में भेजी जा रही है। जिन बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, अगले वर्ष पात्रतानुसार उनके नाम भी जोडे जाएंगे। अब तक 55 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दी गई है।

    प्रदेश में प्राथमिक शाला स्तर पर शून्य हुई ड्रॉप आउट दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार देने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। शासकीय स्कूलों के मेधावी बच्चों को लैपटॉप, स्कूटी, साइकिलें, किताबें और स्कॉलरशिप दी जा रही है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर कभी 16 प्रतिशत थी, लेकिन हमारी सरकार के प्रयासों से अब ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 38 हजार करोड़ तय किया है।

    मध्यप्रदेश में सबसे कम है बेरोजगारी दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक 35 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी की बाइक सेवा यात्रा निकाली जा रही है। लगभग 17 हजार किलोमीटर यात्रा अर्थात आधी से अधिक दूरी मध्यप्रदेश की धरती पर तय होगी। प्रदेश का युवा जिम्मेदार और जागरुक बनें उनके आधार पर ही भविष्य का मध्यप्रदेश और देश समृद्ध बनेगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर नई भर्ती की है। एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। देवास के पुंजापुरा में हुए कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बागली विधायक मुरली भंवरा, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, राय सिंह सेंधव, राजीव खंडेलवाल, बहादुर मुकाती, राजेश यादव, मनीष सोलंकी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारीगण, सेवा संकल्प बाइक यात्रीगण, गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आगाज आज, CM मोहन यादव और गडकरी करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आगाज आज, CM मोहन यादव और गडकरी करेंगे शुभारंभ

    आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री  नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी

    संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा

    मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    भोपाल 

        भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

        राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए।

    मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू

        स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

        ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन

        यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

    वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार

        राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।
     

  • MP में नई परिवहन सेवा की शुरुआत, मोहन यादव और नितिन गडकरी करेंगे शुभारंभ

    MP में नई परिवहन सेवा की शुरुआत, मोहन यादव और नितिन गडकरी करेंगे शुभारंभ

    मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू होगी. 15 हजार बसों, PPP मॉडल, GPS-CCTV, डिजिटल ट्रैकिंग और EV-CNG बसों की योजना है। 

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि आने वाली तारीख 25 सितंबर से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शुरू की जाएगी. करीब दो दशक बाद प्रदेश में राज्य परिवहन व्यवस्था को नए मॉडल के साथ फिर से खड़ा करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना है. सरकार की योजना में भविष्य में प्रदेश में करीब 15 हजार बसों के संचालन की क्षमता विकसित करने की बात कही गई है। 

    20 साल बाद नई व्यवस्था के साथ बस सेवा की वापसी

    150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट का प्लान
    परिवहन सचिव मनीष सिंह के मुताबिक, प्रदेश के सभी 55 जिलों में रूट सर्वे किया जा चुका है. डेटा के आधार पर करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाने की योजना है। 

    बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी. साथ ही EV और CNG बसों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। 

    सरकार की व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे 

        PPP मॉडल के तहत बस संचालन
        Intelligent Transport Management System (ITMS)
        आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप का विकास

    सरकार का लक्ष्य है कि यात्रियों को 'सही बस, सही मार्ग और सही समय' के आधार पर भरोसेमंद परिवहन सेवा मिल सके। 

    भोपाल-इंदौर में Rapido के साथ पायलट प्रोजेक्ट
    समिट के दौरान MPYPIL और Rapido के बीच फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एमओयू भी हुआ. इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशन जैसी परिवहन सुविधाओं की जानकारी Rapido के तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। 

    महिलाओं की संचालित Rapido Pink बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा देने की योजना है. शुरुआती चरण में यह व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की जाएगी। 

    15 हजार बसों के साथ रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 5 लाख किमी का सड़क नेटवर्क है और यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने की संभावना है. प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करना सरकार के लिए चुनौती के साथ बड़ा अवसर भी है. उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और अन्य हितधारकों से मध्यप्रदेश की इस विकास यात्रा में भागीदार बनने की अपील की। 

    मुख्यमंत्री के मुताबिक नई बस सेवा से यात्रियों के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

    ई-बस और ग्रीन मोबिलिटी पर जोर
    नई परिवहन व्यवस्था में पर्यावरण-अनुकूल तकनीक को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि PPP मॉडल पर तैयार होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहरों से जोड़ेगा। 

    वहीं, एका मोबिलिटी के अध्यक्ष सुधीर मेहता ने बताया कि कंपनी पीथमपुर में अपना इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है. इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 हजार ई-बसों की बताई गई है। 

    MP Mobility Innovation Challenge भी लॉन्च
    समिट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने MP Mobility Innovation Challenge 2026 की भी शुरुआत की. इसका उद्देश्य प्रदेश की वास्तविक परिवहन समस्याओं के समाधान के लिए नई तकनीक और इनोवेशन तलाशना है। 

    चैलेंज में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रहेगा

        AI और डेटा आधारित इंटेलिजेंट मोबिलिटी
        वित्तीय और परिचालन स्थिरता
        समावेशी मोबिलिटी
        इंफ्रास्ट्रक्चर और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
        ग्रीन मोबिलिटी

    इस पहल के जरिए स्टार्टअप, MSME, शोधकर्ता, शैक्षणिक संस्थान और नवप्रवर्तक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में भाग ले सकेंगे। 

    25 सितंबर को मिलेगा ‘प्रदेश की अपनी बस सेवा’ का तोहफा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू होगा और 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए ‘प्रदेश की अपनी बस सेवा’ की सौगात मिलेगी। 

    इस योजना के जरिए सरकार सार्वजनिक परिवहन को सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे डिजिटल, सुरक्षित, तकनीक-सक्षम, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। 

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी, भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें 23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें 14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की 2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।
    साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार
    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

     

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से की जाएगी निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    निजी ऑपरेटरों की भी बढ़ेगी भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

     

  • CM मोहन यादव का बड़ा तोहफा, एक क्लिक में 35.42 लाख खातों में पहुंची सामाजिक सुरक्षा पेंशन

    CM मोहन यादव का बड़ा तोहफा, एक क्लिक में 35.42 लाख खातों में पहुंची सामाजिक सुरक्षा पेंशन

     देवास
    मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। देवास में गुरुवार को कई कार्यक्रम हुए, जिसमें मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया, इसी कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअल जुड़े, उन्होंने बाइक राइडर्स से संवाद किया और उनके अनुभव पूछे।

    मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को देवास में बाइक राइडर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद किया। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पैसा सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक पर 35.42 लाख हितग्राहियों के खाते में डाला। यह आयोजन देवास जिले के पुंजापुरा में हुआ। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, बागली विधायक भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवास जिले के पुंजापुरा में "सेवा संकल्प अभियान" अंतर्गत वड़नगर से वाराणसी सेवा यात्रा कार्यक्रम में सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से वर्चुअली संवाद किया। प्रधानमंत्री ने ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल देवास के दीपेश गोटी से संवाद किया।

    आपने तो गुजराती और राजस्थानी को पीछे छोड़ दिया
    पीएम नरेंद्र मोदी ने जब बाइक राइडर्स से बात कर रहे थे तो ऐसा वाकया भी हुआ जब जमकर ठहाके लग गए। देवास जिले के पुंजापुरा में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने यात्रा में शामिल शाजापुर जिले के दीपेश गोठी से बात कर रहे थे। मोदी ने दीपेश से पूछा कि यात्रा के दौरान जिनसे मिल रहे हो उनसे कुछ सीखने को मिला क्या? इस पर दीपेश ने कहा कि हम अलग-अलग क्षेत्रों की भाषा सीखने का प्रयास करते हैं। वहीं पीएम मोदी ने पूछा कि आप वडनगर में किसी से पहचान बनाई है कि छोड़ दिया सब। इस पर दीपेश ने कहा कि मैं वहां के व्यापारियों का नंबर लेकर आया हूं, क्योंकि मेरा भी व्यापार है। इस पर पीएम ने दीपेश से कहा कि अच्छा आपने तो सेवा के साथ अपना काम भी कर लिया। इस पर दीपेश के साथ बैठे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित अन्य ठहाके लगाकर हंसे। पीएम ने कहा कि आपने तो गुजराती और राजस्थानी को हरा दिया। अच्छी बात है कि मप्र का मिजाज एंटरप्रेन्योर का बन रहा है। मप्र का जवान भी व्यापार-कारोबार में रुचि ले रहा है।

    मोदी ने हरदा की माहेश्वरी धर्मशाला में भी बाईक राइडर्स से वर्चुअल संवाद किया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    पीएम के लिए क्या बोले मोहन यादव
    इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात भी बदला और देश भी बदला है। हमें गर्व है कि गुजरात से मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार प्रदेश का नेतृत्व करने वाले नरेंद्र मोदी आज तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारत को नई दिशा दे रहे हैं। यह वास्तव में एक अनूठा समय है। हमने राम राज्य की कल्पना साहित्य में पढ़ी और सुनी है। आज प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर राम राज्य की भावना को साकार करने का कार्य किया है। गरीब से गरीब व्यक्ति के पक्के मकान, उसके घर का चूल्हा, रोजगार और बच्चों की शिक्षा की चिंता करते हुए सरकार निरंतर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

    बस सेवाओं के लिए क्या बोले सीएम
    मोहन यादव ने कहा कि कल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुझे प्रसन्नता है कि 21 वर्ष पहले बंद हुई मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की बस सेवाएं पुनः प्रारंभ होने जा रही हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो चुका है और गांव-गांव तक सड़क एवं हाई-वे कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ आवागमन की सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के लिए सड़क परिवहन निगम की बसें तीन स्तरों पर संचालित की जाएंगी। नगरीय क्षेत्रों में, प्रदेश के भीतर विभिन्न मार्गों पर तथा अंतरराज्यीय मार्गों पर। इससे प्रदेश के यात्रियों को आवागमन की बेहतर और सुविधाजनक सेवा उपलब्ध होगी।

    पुलिस के 18000 पदों पर भर्ती
    प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है। एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें।

    कांग्रेस ने लोगों को प्यासा रखा
    मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों ने वर्षों तक इस क्षेत्र को प्यासा रखा। खेत सूखे रहे और लोग गरीब होते गए। भाजपा के मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती, स्वर्गीय बाबूलाल गौर एवं शिवराज सिंह चौहान के साथ हमारी सरकार में लगातार ₹65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर सबके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। अब किसान भाई – बहन वर्ष में दो से तीन फसल आसानी से ले सकते हैं।

  • विकास की नई रफ्तार पर मध्यप्रदेश, बढ़ती निवेश दर से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

    विकास की नई रफ्तार पर मध्यप्रदेश, बढ़ती निवेश दर से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

    बढ़ती विकास दर और तेज़ी से बढ़ता निवेश, नयी गति से विकास कर रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  भोपाल के एक निजी होटल में प्रतिष्ठित मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत – बढ़ता मध्यप्रदेश' कॉन्क्लेव को संबोधित किया। कान्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक स्थिति बनी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वास्तविक प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विकास दर टू-डिजिट में है और इस समय बेरोजगारी की दर न्यूनतम स्तर पर है। बड़ी संख्या में निवेशक मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नये अवसर भी तैयार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुकूल वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

    कॉन्क्लेव में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और उपलब्ध संभावनाएं इसे निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। प्रदेश में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां हमारे आर्थिक बदलाव का बड़ा कारण बनकर उभरीं हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के बलबूते देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश भी 2002-03 के बाद सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतकाल में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार रुपए थी। इसके अगले 20 साल में हमारी सरकार आने पर प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपए हो गई। उसके बाद हमारी सरकार बनी तो ढाई साल में 1 लाख 57 हजार रुपए हो गई। हमने अमृतकाल में वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हम दीर्घकालिक विजन के साथ नीतियों का निर्माण कर रहे हैं। सकारात्मक भाव के साथ कार्य कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने कई चुनौतियों को समाप्त किया है। बुंदेलखंड में देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (केन-बेतवा लिंक) और राजस्थान के साथ सालों पुराने जल बंटवारे के विवाद को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात मिली। केन-बेतवा लिंक से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को पानी मिलेगा, वहीं पीकेसी से राजस्थान और मालवा क्षेत्र के जिले लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश में पानी की कोई कमी नहीं है। दूसरी चुनौती थी- नक्सलवाद, जिसे हमने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में समाप्त किया है। मध्यप्रदेश तय समय-सीमा में लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक, बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध मुक्त जीवन पद्धति, श्रमिकों के आंदोलन नहीं होना जैसी विशेषताएं हैं। हमारा प्रदेश कृषि, अनाज उत्पादन और खनन क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश हीरा उत्पादक प्रदेश है। यहां टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की समृद्धि के लिए गुजरात मॉडल को हमने मध्यप्रदेश में लागू करने का प्रयास किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदीजी ने नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध का काम तेजी से पूर्ण कराया। जिससे गुजरात के साथ ही मध्यप्रदेश को भी सिंचाई सुविधा और बिजली आपूर्ति का लाभ मिला है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमतौर पर औद्योगिक निवेश का 10 प्रतिशत धरातल पर उतरता है। लेकिन मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले ढाई साल में 30 प्रतिशत निवेश जमीन पर आ चुका है। राज्य में उद्योग अनुकूल 25 नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था लागू हैं। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणी है। हमने रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने स्टॉफ की सैलरी में 5000 रुपए प्रति महीना वीजीएफ देना शुरू कर दिया है। राज्यों के बीच व्यापार-व्यवसाय और उद्योग स्थापना के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जीआईएस-2025 में आए 30 लाख करोड़ के निवेश में से अब तक 11 लाख करोड़ से अधिक धरातल पर आ चुका है और आगे भी काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में हमें आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन अगर चैट-जीपीटी, ग्रोक या अन्य प्लेटफॉर्म गलत उत्तर दें, तो उसे सही भी कराना चाहिए। जैसे मैंने चैट-जीपीटी से क्षिप्रा का नाम कालिदास के ग्रंथों के आधार पर 'शिप्रा' कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आबादी 9 करोड़ के आसपास है। सभी नौकरियों की संख्या 10 लाख है। हमारी सरकार बनने के बाद 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई। लगभग ढाई लाख लोगों को पदोन्नति दी गई। हर साल लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। हमारे एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में लगभग 2 करोड़ किसान खेती से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश स्वावलंबन की ओर बढ़ रहा है, हमारे युवा अब रोजगार देने वाले बन रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। देश में तीर्थाटन की पुरानी परंपरा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देवस्थानों को भव्य स्वरूप दिया है। पहले बाबा विश्वनाथ का कारिडोर बना, फिर महाकाल कॉरिडोर का विकास किया गया। श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन में तीर्थाटन में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2022 तक उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख होती थी, जो पिछले साल बढ़कर 8 करोड़ लोग आए और इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में जब 2028 के सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे तो उन्हें कोई कष्ट नहीं होना चाहिए। उज्जैन की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। आसपास के शहरों को कनेक्ट करते हुए हाईवे बनाए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसें प्रारंभ की जा रही हैं। ये नारंगी रंग की बसें देशभर में जाएंगी और मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी। इलेक्ट्रिस बसों को रजिस्ट्रेशन में छूट दी जाएगी। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का विशाल रोड नेटवर्क हैं। लोक निर्माण विभाग ने एक ऐप विकसित किया है, जिसमें गड्ढों की फोटो डालने पर उसे तुरंत ठीक कराया जाता है। हमारी सरकार लगातार लाड़ली बहनों के लिए राशि बढ़ा रही है। अब तक 55 हजार करोड़ रुपए की राशि बहनों को दे चुकी है। बहनों को रोजगार आधारित उद्योग में काम करने पर 5000 रुपए अलग से मिलते हैं। राज्य में तीन साल में बड़ा बदलाव आया है। परिवार की आय और जीवनशैली बदली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय स्कूल शिक्षा में रोल मॉडल बन चुके हैं। प्राइवेट स्कूलों के बच्चे शासकीय स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 38 हजार करोड़ किया है। बोर्ड परीक्षाओं में लगातार तीन साल तक शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले शासकीय स्कूलों के शिक्षकों को सरकार सम्मानित कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट में 50 प्रतिशत बच्चे शासकीय स्कूलों से आते हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश में जर्जर स्कूलों के लिए फंड जारी कर दिया है। अगले दो साल में प्रदेश का एक भी विद्यालय जर्जर भवन में नहीं लगेगा। बालाघाट से नक्सलवाद खत्म होने के बाद आज हम कोर एरिया में जा पा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर सालों से कोई विकास नहीं हुआ था। किसी को टीके नहीं लगाए गए थे। अब जरूरत है, सभी को एक साथ मिलकर काम करें। नदी जोड़ों अभियान 5 साल में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के जीवन का लक्ष्य गरीब के जीवन में उजाला लाना है। हमारी चुनाव प्रक्रिया तो अमेरिका तक पसंद करता है।

    एक निजी प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने अपने दोनों बेटों का विवाह सामूहिक आयोजन में किया। शादियों पर फिजूलखर्ची क्यों होनी चाहिए ? अगर कोई बड़े पद पर बैठा राजनेता अपने परिवार के लिए इस प्रकार के मितव्ययी निर्णय लेता है, तो यह समाज में ज्यादा प्रभावशील होता है।

     

  • सिंहस्थ सेवादूतों को मिलेगी खास ट्रेनिंग, भोपाल में बनेगा नया सेंटर

    सिंहस्थ सेवादूतों को मिलेगी खास ट्रेनिंग, भोपाल में बनेगा नया सेंटर

    सिंहस्थ सेवादूतों के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ट्रेनिंग सेंटर बनने तक सांदीपनि विद्यालय भवन-परिसरों में होगा सेवादूतों का प्रशिक्षण
    सिंहस्थ : 2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयं सेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा
    सिंहस्थ सेवा कार्य के लिए मुख्यमंत्री निवास में हुई भारत स्काउट एण्ड गाइड की विशेष संगोष्ठी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयं सेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशैली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किसुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा।

    मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की भूमिका को बेहतर तरीके से समझते हैं।

    संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। 

  • मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद में नए इनोवेशन और आइडिया पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद में नए इनोवेशन और आइडिया पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद 27 सितम्बर को भोपाल में

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टार्टअप संचालकों से होंगे रूबरू-नए आइडिया पर होगी चर्चा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 27 सितम्बर 2026 को आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, भोपाल में मुख्यमंत्री स्टार्टअप संवाद के तहत युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। संवाद में प्रदेश से लगभग 200 स्टार्टअप संचालक सम्मिलित होंगे।

    एमएसएमई आयुक्त श्री कुमार पुरषोत्तम ने मंगलवार को वी सी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों से अपने जिले के नव उद्यमियों को संवाद में सहभागिता करवाने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिंदुवार समीक्षा की। स्टार्टअप संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के युवा, नवाचारी एवं उभरते हुए स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद करेंगे।

    यह संवाद प्रदेश में विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम, युवाओं की उद्यमशील सोच, नवाचार तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं को समझने और उन्हें प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ स्टार्टअप संस्थापकों को अपने अनुभव, उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ एवं सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा।

    एमएसएमई विभाग ने स्टार्टअप संचालकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी जारी कर सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

     

  • मध्यप्रदेश को मिलेंगी 351 नई बसें, 25 सितंबर से शुरू होगी परिवहन सेवा

    मध्यप्रदेश को मिलेंगी 351 नई बसें, 25 सितंबर से शुरू होगी परिवहन सेवा

    प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भेल दशहरा मैदान भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    शुरुआती चरण में लगभग 1500 बसों का शुरू हो जाएगा संचालन

    भोपाल
      मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक  एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ होगा। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1500 बसें चलना शुरू हो जाएंगी। 

    दो श्रेणियों में शुरू होंगी बस सेवाएं

    कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों  की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी,  भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें  23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें  14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की  2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
     
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। 

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर 

    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। 

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी निगरानी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी। 

    पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी (PPP) को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा। 

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
     

  • CM यादव ने बताईं TMZ की खूबियां, 500 करोड़ से ज्यादा निवेश पर चर्चा

    CM यादव ने बताईं TMZ की खूबियां, 500 करोड़ से ज्यादा निवेश पर चर्चा

     सीएम डॉ. यादव ने बताईं TMZ की विशेषताएं, कंपनियों ने की 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर चर्चा

     मध्यप्रदेश को टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरु में उद्योगपतियों से किया वन-टू-वन संवाद
    – चिप डिजाइन, ड्रोन तकनीक, जीसीसी, डेटा सेंटर पर हुई अहम बातचीत
    – ग्वालियर टेलीकॉम जोन से लेकर मालवा-महाकौशल तक खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

    भोपाल/बेंगलुरु
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 सितंबर को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों से वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के एक सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार के लिए अपार संभावनाएं, मजबूत अधोसंरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और उद्योग-हितैषी नीतियां मौजूद हैं। राज्य सरकार हर निवेशक को सुरक्षित वातावरण, सिंगल विंडो सिस्टम से त्वरित अनुमतियां और नीतिगत सहयोग देने के लिए पूरी तरह तत्पर है। बेंगलुरु के तकनीकी इको सिस्टम और मध्यप्रदेश के औद्योगिक आधार के समन्वय से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं हर रोड शो में निवेशकों के साथ संवाद करते हैं और उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी रहते हैं, ताकि निवेश से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं का तत्काल समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पारदर्शी नीतियां लागू हैं और निवेशकों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद में विशेष रूप से ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की विशेषताओं और संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ-साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की नीतियां भविष्योन्मुखी हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण समूहों के विस्तार के लिए वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों ही तरह के आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करती हैं।

    थोलोन्स और सीजीआई से संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के दौरान आईटी एवं जीसीसी सेक्टर के दिग्गजों ने मध्यप्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने को लेकर गहरी रुचि दिखाई। थोलोन्स के चेयरमैन और सीईओ अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने प्रदेश में 210 करोड़ रुपये के निवेश से जीसीसी यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। सीजीआई के वाइस प्रेसिडेंट अतुल अगाशे ने मध्यप्रदेश में जीसीसी निवेश की संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश में विस्तार की मंशा जताई।

    सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा की। असेइक मावेन सिलिकॉन के संस्थापक एवं सीईओ शिवकुमार पी.आर. ने प्रदेश में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से 'चिप डिजाइन हाउस' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके प्रथम चरण में 25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज प्रायवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ पंकज गर्ग ने भी विभिन्न चरणों में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज स्थापित करने पर सहमति जताई।

    डीपटेक फंडिंग, डेटा सेंटर, स्पेसटेक और सस्टेनेबिलिटी में नए निवेश प्रस्ताव
    प्रदेश में स्टार्टअप्स और नई तकनीकों को गति देने के लिए डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड 'सीफंड' के नरेंद्र भंडारी ने मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की। नाइनस्टार्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्रायवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं सीईओ गोपाल कृष्णन ने मध्यप्रदेश में आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने पर विमर्श किया। स्पेसटेक के क्षेत्र में गैलेक्सी के सह-संस्थापक रक्षित भट्ट और पायल दवे ने अपनी सहभागिता को लेकर संवाद किया। इसके अलावा, मोबिलिटी एवं बाइक शेयरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली तथा पर्यावरण एवं सस्टेनेबिलिटी क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनी डोनाउ कार्बन इंडिया के सीईओ व एमडी वीरेंद्र चौधरी ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की।

    ड्रोन विनिर्माण और रक्षा तकनीक को मिलेगी नई गति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एयरबाउंड के संस्थापक नमन पुष्प, आइडियाफोर्ज की हेड ऑफ मार्केटिंग कुथि अरमनमाडा, नॉटिकल विंग्स के हेड ऑफ बिजनेस डेवलपमेंट रोहन फर्नांडीस, न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज के हेड ऑफ बिजनेस अश्विन शास्त्री और अनमैन्ड सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ यशवंत रेड्डी ने प्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण इकोसिस्टम विकसित करने के साथ-साथ निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एयरबाउंड की ओर से प्रतिनिधियों ने ड्रोन भेंट किया।

    प्रमुख टेक एवं कंसल्टिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने की भेंट
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैठक के दौरान एचपी एंटरप्राइजेज की ओर से जीसीसी क्षेत्र में कार्यरत जयंत और तारा,  जेडस्केलर आईटी कंपनी की ओर से श्रीनिधि तथा क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई क्षेत्र में कार्यरत कंपनी की ओर से अनुराग ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फुजित्सु कंसल्टिंग इंडिया प्रालि की ओर से विशाल अगस्त्या, कंट्री लीडर, इंडिया एवं कंसल्टिंग लीड, ग्लोबल डिलीवरी यूनिट तथा इनफिनिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नितिन मेहता, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं कंट्री हेड ने भी भेंट की।

    प्रदेश के सभी अंचलों में संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का संकल्प
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहकर इंदौर, उज्जैन, भोपाल के साथ-साथ जबलपुर और ग्वा
    लियर जैसे संभागों में भी औद्योगिक गतिविधियों को समान रूप से संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों में भारी उद्योगों के साथ एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों की स्थापना पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नागरिकों को सम्मानजनक रोजगार मिल सके। उपस्थित सभी प्रमुख निवेशकों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों, पारदर्शी कार्य प्रणाली और नेतृत्व की सक्रियता की सराहना की।