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  • MP में विकास कार्यों को रफ्तार, 13,790 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली स्वीकृति

    MP में विकास कार्यों को रफ्तार, 13,790 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली स्वीकृति

    बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत 140 विधानसभा क्षेत्रों में होगा खेल परिसरों का निर्माण- 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति
    शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति
    राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति
    नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति
    राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति
    ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
    2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
    म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति
    परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति
    उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति
    वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं के लिए की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति
    मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए।

    प्रदेश की खेल और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा। 16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय (भारित), परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए 4,000 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय निरंतरता मंजूर की गई। इसके अलावा वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 निरंतरता के साथ ही नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

    सिंचाई क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रूपये तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रूपये और 507 करोड़ 23 लाख रूपये की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, जिससे 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

    राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उ‌द्देश्य राजगढ़ जिले के 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षो 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। जावद नीमच परियोजना एक दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना है, जिससे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक (दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई) के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करते हुये क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना हैl

    राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की आगामी 05 वर्षो यानि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले की 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद् ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

    उल्लेखनीय है कि मंत्रि-परिषद् द्वारा 24 जनवरी 2025 को लिए निर्णय के अंतर्गत 900 मेगावाट ताप विद्युत क्रय से संबंधित अनुमोदन उक्त निविदा के निरस्त हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय में समाहित माना जाएगा। एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा/निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति दी है। प्रकरण में नियामक आयोग के अनुमोदन एवं आदेश के अनुसार समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है।

    140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण और संचालन के लिए मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हैलीपैड बनने से पीएमयोजना के हैलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा।

    ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त ग्राम न्यायालयों में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं कार्यालयीन व्ययों का भुगतान किया जाता है। ग्राम न्यायालयों में विधि अनुसार प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाता है

    म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 524 करोड़ रूपये की अनुमति प्रदान की है।

    परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "परिवार न्यायालयों की स्थापना" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 1 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "उच्च न्यायालय (भारित)" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना के लिए 62 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय योजना के लिए 664 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की लागत योजना के लिए 175 करोड़ रूपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण योजना के लिए 12 करोड़ 50 लाख रूपये, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम योजना के लिए 46 करोड़ 37 लाख रूपये और जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार योजना के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में प्राध्यापक के 1, सह- प्राध्यापक के 10 तथा सहायक प्राध्यापक के 02 पद इस प्रकार कुल 13 नवीन चिकित्सा शिक्षकों के पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। अब बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 एवं एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटे 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य है। इस दृष्टि से 13 नवीन शिक्षकीय पदों के सृजन एवं इस पर प्रतिवर्ष लगभग रुपए 03 करोड़ 78 लाख का व्यय आना संभावित है।

    मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद की बैठक में नवगठित जिले मैहर व पांदुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय एवं सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने तथा उक्त कार्यालयों में पद स्वीकृत करने एवं कार्यालय संचालन के लिए व्यय भार के लिए वित्तीय प्रावधान किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद् ने नवगठित मैहर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित कर उचेहरा विकासखंड को नवगठित जिला मैहर में शामिल नहीं किये गया है अतः विकासखण्ड उचेहरा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में शामिल करते हुए जिला कार्यालय मैहर के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। नवगठित पांढुर्णा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 03 नवीन स्थायी पद स्वीकृत करने तथा कार्यालय सहायक के लिए 01 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

     

  • प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद पर विचार-मंथन के लिए भोपाल में एकत्र हुईं विद्युत कम्पनियां
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढ़कर देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का होटल मैरिएट में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पुस्तक 'सैलियंट पॉवर स्टैटिस्टिक्स वर्ष 2024-25 से 2025-26' विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के इस साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विद्युत कम्पनियों के प्रतिनिधि तथा ऊर्जा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

    मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाईयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जब जी-20 सम्मेलन में ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं।

    राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं, लेकिन सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है।

    सस्ती भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी कार्यशाला

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव से गुजर रहा है। हमारी जिम्मेदारी केवल बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि उसे विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती बनाना है। भविष्य के लिए हमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का ऐसा संतुलित मिश्रण विकसित करना होगा, जिससे ऊर्जा संक्रमण की लागत न बढ़े और उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार न पड़े।

    मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में नई संगठनात्मक संरचना और नई भर्तियों को मिली स्वीकृति, निश्चित ही हमारी विद्युत कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से ऐसे व्यावहारिक सुझाव निकलेंगे जो हमारी वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कर सकेंगे। कार्यशाला सस्ती और भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार ने कांफ्रेस के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कॉन्फ्रेंस में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

     

  • मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार, हर विधानसभा में स्टेडियम-हेलीपैड की तैयारी

    मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार, हर विधानसभा में स्टेडियम-हेलीपैड की तैयारी

    भोपाल 
    मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट की बैठक की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी।

    जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।

    25 को भोपाल से होगा सुगम बस सेवा का शुभारंभ
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि कैबिनेट के अंदर महत्वपूर्ण विषयों को लाया गया। इसमें परिवहन विभाग में रोडवेज बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को किया जा रहा है। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसमें नितिन गडगरी के शामिल होंगे। रूट और आम यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान बसों का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। 2030-31 तक 14981 बसों को चलाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि दूरदराज के गांव में इस सेवा से जुड़ सके। सीसीटीवी कैमरे रहे। जीपीएस सिस्टम रहेगा, जिससे यात्रियों को पता चलता रहे कि बस कितना लेट हो रही है या कितनी दूर है। तो व्यवस्थित मॉडल हम बना रहे हैं। सरकार अपनी कोई बस नहीं लगा रही है, सारे के सारे बस ऑपरेटरों की भागीदारी के साथ ही सुविधाओं की मॉनिटरिंग भी हो। एक वैज्ञानिक तरीके से पूरे मॉडल को विकसित कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव स्वयं इसके अध्यक्ष भी हैं और पूरे देश में इस तरह का यह पहला मॉडल है।

    230 विधानसभा सीटों पर बनेंगे स्टेडियम
    मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा। यह सिर्फ मैदान वाला स्टेडियम नहीं होगा। इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल होंगे। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन मिलेगी, वहां पूरी सुविधा बनेगी।

    हर कॉम्प्लेक्स की लागत करीब सात करोड़ रुपए होगी। एक कॉम्प्लेक्स में 10 से 12 खेल शामिल किए जाएंगे। इनमें पांच से छह खेल इनडोर होंगे। चार से पांच खेल आउटडोर होंगे। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है। अगले पांच साल में इस पर 960 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    अभी 230 में से 140 सीटों पर ऐसी सुविधा नहीं है। इन सभी 140 जगहों पर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। बाकी 90 जगहों की अधूरी सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। हर जगह ट्रेनिंग के लिए कोच भी रखे जाएंगे।

    स्टेडियम में बनेगा हेलीपैड
    इस योजना में एक नई और खास बात भी जोड़ी गई है। हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हेलीपैड भी बनेगा। यह हेलीपैड मैदान के बीच में बनाया जाएगा। इसका मकसद एयर एंबुलेंस सेवा को मजबूत करना है। अभी कई गांवों में तुरंत हेलीपैड बनाना मुश्किल होता है।

    इसमें काफी समय लग जाता है। अब यह हेलीपैड 24 घंटे और सातों दिन तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी।

    2800 मेगावाट बिजली को मंजूरी
    कैबिनेट ने बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके मुताबिक अभी मध्य प्रदेश में बिजली सरप्लस है। लेकिन आने वाले सालों में नए उद्योग तेजी से बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों का विस्तार हो रहा है। शहरों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।

    इस वजह से 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह अनुमान एक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ने लगाया है। थर्मल पावर प्लांट बनने में पांच से सात साल लगते हैं। इसी वजह से सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

    कैबिनेट ने 1900 मेगावाट नई बिजली खरीदने की मंजूरी दी। इसके साथ ही 900 मेगावाट का पुराना करार भी जोड़ा गया। इस तरह कुल 2800 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदी जाएगी। इससे 2037 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी।

    961 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
    इसके अलावा कैबिनेट ने कई पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन पर करीब 961 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस पर अब तक 1000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब इसमें 262 करोड़ रुपए का नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पूरा होने पर इससे 400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।

    इसी तरह नीमच-जावद की सिंचाई परियोजना पर भी टेंडर फिर से लगाए गए हैं। इस पर करीब 4197 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधि विभाग की कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। ग्राम न्यायालय योजना को 2031 तक बढ़ाया गया है। परिवार न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता मिली है।

    25 सितंबर से शुरू होगी बस सेवा
    बैठक में परिवहन विभाग का भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। उस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

    मार्च तक करीब 1000 बसें इस योजना से जुड़ेंगी। ये सभी बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। सरकार खुद कोई बस नहीं खरीदेगी। सरकार सिर्फ रूट तय करेगी और निगरानी करेगी। किराया भी परिवहन विभाग के तय रेट पर ही रहेगा।

    हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इससे बस की लोकेशन ऑनलाइन पता चलती रहेगी। साल 2030-31 तक कुल 14,981 बसें इस योजना में जुड़ेंगी। मंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल है। पहले सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी। अब मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू हो रही है।

    हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, हेलीपेड
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि एक और फैसला खेल जगत के लिए हुआ है। मध्यप्रदेश की हर विधानसभा में एक-एक स्टेडियम बनाया जाएगा। यह स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की अवधारणा बनाई गई है, जिसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होंगे। मल्टीपर्पस काम्पलेक्स होंगे। जमीन की उपलब्धता और रोड की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसे डेवलप किया जाएगा। बच्चे यहां अपनी खेल प्रतिभा को निखार पाएंगे। यह पहली बार हो रहा है कि विधानसभा और ब्लाक लेवल पर संसाधनों के साथ खेल परिसर बनाए जा रहे हैं। इसका नाम रखा गया है मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स। इसे अगले 5 सालों में 960 करोड़ की लागत का प्रावधान किया है। 140 विधानसभा ऐसे हैं जहां खेल की सुविधा नहीं है। 90 जगह है, जिसे अपडेट करेंगे। इसमें नई चीज जोड़ रहे हैं, इन काम्पलेक्स के बीच हेलीपेड बनेगा, जिससे एयरएंबुलेंस की सेवा गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके। यह मैदान के बीच में बनेगा, जो हमेशा उपलब्ध रहेगा। यह अपने आप में नया प्रयोग है।
    और क्या फैसले हुए

    पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के अंतर एक रिपोर्ट आई है कि 2037 तक आज भी हम ऊर्जा में सरप्लस मानते हैं, औद्योगों का जो जाल बिछा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने 2037 की मांग को देखते हुए 1800 + 900 मेगावाट को पर्चेस करने का फैसला लिया है।

    दूरसंचार के क्षेत्र में मिलेगी ऊचाइयां
    सीएम आज बेंगलुरू में आयोजित रोड शो में जा रहे हैं। ग्वालियर में स्थापित दूरसंचार केंद्र के कार्यक्रम के सिलसिले में बेंगलुरू में रहेंगे। टेलिकाम के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयां मिलेगी। मध्यप्रदेश में ग्रीन फील्ड नए हाईवे बनने जा रहे हैं। इंदौर से जबलपुर के बीच बनने वाले इस हाईवे को औद्योगिक कॉरिडेर के रूप में विकसित किया जाएगा।

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम बड़ी उपलब्धि
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि तीन करोड़ 88 लाख दीपक मध्यप्रदेश में प्रज्वलित हुए। उज्जैन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आए थे, उन्होंने 32 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित हुए, यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए प्रधानमंत्री के प्रति भावना प्रकट करने का अवसर रहा है। आशीर्वाद के दीये के साथ ही रक्तदान का भी बडा आयोजन हुआ। पूरे प्रदेश में 1100 स्थानों पर रक्तदान किया गया। उज्जैन में ही 25 हजार रक्तदान यूनिट का आयोजन सफल हुआ। इसी कार्यक्रम की अगली कड़ियों में 24-25 सितंबर को वडनगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिल यात्राएं निकल रही हैं और उनको प्रधानमंत्री स्वयं संबोधित करेंगे।

    शिक्षा के क्षेत्र में जीरो ड्रपआउट
    मध्यप्रदेश ने एक उपलब्धि और हासिल की है, वो स्कूल शिक्षा में। इस बार प्राथमिक स्तर पर जीरो ड्रापआउट रहा। उस लक्ष्य को मोहन यादव की सरकार ने प्राप्त कर लिया है। इसी के साथ दो दिन पहले सीएम मोहन यादव ने स्वयं माता चीता राधा को गांधी सागर के बाड़े में छोड़ा था। वहां अब 4 चीतों की संख्या हो गई है। यह वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश की अच्छी उपलब्धि है।

    जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।

  • ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने दक्षिण भारत से साझेदारी

    ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने दक्षिण भारत से साझेदारी

    टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में निवेश के लिए दक्षिण भारत से लेंगे सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ग्वालियर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी, डीपटेक और टेक्नोलॉजी सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पित है। राज्य में टेलीकॉम सेक्टर में भी औद्योगिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। दक्षिण भारत के निवेशकों का सहयोग प्राप्त करने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में मीडिया से चर्चा करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टीएमजेड में निवेश और इस जोन की खूबियों को बताने के लिए पहले नई दिल्ली और मुंबई में इन्वेस्टमेंट टू रोड शो का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तीसरा कार्यक्रम मंगलवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया जा रहा है। बेंगलुरु में निवेशकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। अन्य क्षेत्रों में निवेश में भी दक्षिण भारत के उद्यामियों का सहयोग प्राप्त हुआ है। टीएमजेड के लिए भी निश्चित ही सहयोग प्राप्त होगा।

    प्रदेश के नगरों के निकट उद्योगों का विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक टीएमजेड में निवेश को लेकर बेहतर रिस्पांस मिला है। ग्वालियर-चंबल अंचल औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए सबसे अनुकूल है। राज्य सरकार द्वारा इंदौर, उज्जैन, भोपाल और उसके बाद जबलपुर के आसपास भी उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में छोटे-बड़े सभी शहरों में भारी उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों से प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गरीब, युवा, किसान और नारी सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने वाला राज्य है। मध्यप्रदेश ने तेज गति से बेरोजगारी दर को नियंत्रित किया है।

     

  • MP में टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा, ग्वालियर जोन में निवेश जुटाने की तैयारी

    MP में टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा, ग्वालियर जोन में निवेश जुटाने की तैयारी

    बेंगलुरु में टेलीकॉम उद्योग के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को निवेश का नया केंद्र बनाने की तैयारी
    22 सितंबर को इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर टीएमजेड की संभावनाओं और नीतिगत सहयोग पर होगी चर्चा

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार अब देश के प्रमुख तकनीकी केंद्र बेंगलुरु के उद्योग जगत से सीधे संवाद करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 22 सितंबर को बेंगलुरु में टेलीकॉम क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

    ताज बेंगलुरु में होने वाले इस संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में उपलब्ध निवेश अवसरों, राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे सहयोग की जानकारी देंगे। टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और इससे जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

    ग्वालियर में टेलीकॉम उद्योग के लिए तैयार हो रहा नया आधार

    इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की प्रमुख विशेषताओं और निवेशकों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई तथा दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निवेशकों के सामने टीएमजेड से जुड़े अवसरों और नीति समर्थन की जानकारी रखेंगे।

    कार्यक्रम में टेलीकॉम उद्योग की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश के इच्छुक उद्योगों के साथ उनके प्रस्तावों और अपेक्षाओं पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के प्रश्नों और सुझावों पर संवाद करते हुए मध्यप्रदेश में निवेश के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और उपलब्ध सहयोग की जानकारी देंगे।

    केंद्र और राज्य के समन्वय से टेलीकॉम विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा

    इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में भारत सरकार के संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया भी शामिल होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उद्योग जगत की सहभागिता से होने वाला यह संवाद ग्वालियर टीएमजेड के विकास और टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

    बेंगलुरु के तकनीकी केंद्रों को भी देखेंगे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु प्रवास के दौरान टेलीकॉम और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संस्थानों का अवलोकन भी करेंगे। वे क्वालकॉम के आरएंडडी सेंटर तथा सिग्नलचिप इनोवेशन और सिग्नलट्रॉन सिस्टम का दौरा करेंगे। इन केंद्रों पर अनुसंधान, नवाचार और टेलीकॉम तकनीक के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी ली जाएगी। इसके माध्यम से बेंगलुरु के तकनीकी इकोसिस्टम और मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के बीच संभावित सहयोग के अवसरों को समझने का प्रयास होगा।

     

  • स्थापना दिवस पर किसानों पर फोकस, ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ होगी थीम

    स्थापना दिवस पर किसानों पर फोकस, ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ होगी थीम

    समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मनाया जाए प्रदेश का स्थापना दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृषि पर केन्द्रित होंगी प्रदर्शनियां और कृषि के क्षेत्र में नवाचार व उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
    सभी शासकीय भवनों पर स्थापना दिवस पर एक नवम्बर की रात्रि को की जाएगी रोशनी
    जनता की भागीदारी को करें प्रोत्साहित
    जिला स्तर पर भी होंगे आयोजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की बैठक में दिए निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। एक नवम्बर को वर्ष 2026 का मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कृषि विकास और किसान कल्याण पर केंद्रित हो। उन्नत कृषि, प्राकृतिक खेती, कृषि में नवाचार आदि पर विशेष रूप से प्रदर्शनियां आयोजित की जाएं तथा कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने और उपलब्धियां अर्जित करने वाले कृषकों, उद्यमियों, युवाओं को सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर गतिविधियों के साथ ही जिलों में भी उत्साह और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सभी शासकीय भवनों पर स्थापना दिवस पर एक नवम्बर की रात्रि में रोशनी की जाए। प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कला, योग्यता और क्षमता के प्रदर्शन का मौका प्रदान करने के लिये कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्थापना दिवस समारोह प्रदेश का उत्सव है। राज्य और जिलास्तरीय कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के संबंध में आज मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संजय कुमार शुक्ला, शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित संस्कृति तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    देशज व्यंजनों का लगेगा मेला

    बैठक में बताया गया कि 71वें मध्यप्रदेश स्थापना समारोह का राज्य स्तरीय समारोह लाल परेड ग्राउंड में होगा। इसके अंतर्गत विकसित मध्यप्रदेश-2047, एक जिला-एक उत्पाद, मध्यप्रदेश के जननायक, प्रदेश की पारम्परिक कलाओं, मंदिर स्थापत्य, भारत की ऋषि परम्परा, प्रदेश में विरासत से विकास और कृषि के क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस अवसर पर देशज व्यंजनों का मेला भी विशेष रूप से होगा। एक नवम्बर की शाम को भव्य स्तर पर सुगम संगीत पर कार्यक्रम होगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी।

    जिले की उपलब्धियों को किया जाए प्रदर्शित

    स्थापना दिवस समारोह में जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां, जिलावार उत्कृष्ट कार्यों और जिला उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, शहीद सैनिकों के परिजन और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूहों, स्टार्ट-अप से जुड़े व्यक्तियों को विशेष रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए बैठक व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा व्यवस्था आदि के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

     

  • CM यादव का बड़ा संदेश, मजबूत सड़कें ही विकास की बुनियाद

    CM यादव का बड़ा संदेश, मजबूत सड़कें ही विकास की बुनियाद

    सड़कें होती है क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने राजौदा-केलोद-डबलचौकी मार्ग का किया भूमि-पूजन
    क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
    सुखलिया से टिगरिया मार्ग का होगा निर्माण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार होती है। सड़कें अपने साथ क्षेत्र की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त्र करती हैं। गणेश उत्सव और सेवा संकल्प अभियान की मंगल बेला में हाटपिपलिया क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात मिल रही है। लगभग 98 करोड रुपए की लागत से बनने वाला 32 किलोमीटर लंबा, राजोदा- केलोद- डबल चौकी मार्ग, हाट पिपल्या को देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ेगा। यह मार्ग राजौदा से शुरू होकर केलोद होते हुए ग्राम डबल चौकी में इंदौर बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। इस क्षेत्र के निवासियों का इंदौर और बैतूल आना-जाना आसान होगा। सड़क से क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। देवास जिला मुख्यालय आने-जाने में करीब 40 से 45 किलोमीटर की दूरी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवास जिले के हाट पीपल्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजौदा-केलोद -डबल चौकी मार्ग के ग्राम केलोद में सपन्न भूमि-पूजन कार्यक्रम को मुख्य मंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक हाट पिपल्या मनोज चौधरी, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक मनोज चौधरी को उनके जन्म-दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    सेवा-संकल्प अभियान में सभी करें सहभागिता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के लोगों को सौगात देते हुए सुखलिया से टिगरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की। लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण 1140 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इससे 20 गांव की 20 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुलाई माह में सन्नोड़ के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट सांदीपनी विद्यालय भवन की सौगात दी गई है। हाट पिपल्या के विकास में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास के भाव को चरितार्थ किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में स्वामित्व योजना अन्तर्गत 50 लाख ग्रामीण अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी माताओं , बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। ग्राम केलोद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष देवास श्रीमती लीलाबाई भेरूलाल अटारिया, जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    जन-मन सभागार का निर्माण कार्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले करायें पूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    भवन विकास निगम की अधीन बनाई जायेगी रेवेन्यू जनरेटिंग बाडी – मुख्यमंत्री ने दी सहमति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र भवन विकास निगम के संचालक मंडल की पांचवीं बैठक में प्रस्तावों को दी मंजूरी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है। इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए। संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं।

    बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को  मंजूरी दी।‌ मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के  प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए।‌

    बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है। बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे बड़ी सुविधा होगी। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर CM यादव का बड़ा संदेश, संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे

    विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर CM यादव का बड़ा संदेश, संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे

    विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्कूटी केवल वाहन नहीं, विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का है पुरस्कार
    सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर
    बेटियों को अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों होते हैं सशक्त
    प्रदेश में शिक्षा का बजट बढ़कर हुआ 38 हजार करोड़ रुपये
    युवाओं के सामर्थ्य से साकार होगा विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना
    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार , समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।

    कक्षा की सफलता से कैरियर के सपनों तक, विद्यार्थियों को सतत प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना उन विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अध्ययन कर के बीच अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। आज प्रदेश के बच्चे पढ़-लिखकर पारंपरिक व्यवसायों और खेती-किसानी में भी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थी एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार से कृषि को लाभ का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी स्पष्ट सोच की सराहना करते हुए कहा , हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि किसान और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी भी आज चार्टेड एकांटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के सपने देख रहे हैं। विद्यार्थियों की यह सोच नए और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान है। देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

    बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है।

    राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दे रही है सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है।

    सांदीपनि विद्यालय सुविधाओं और पढ़ाई में निजी स्कूलों को पीछे छोड़ रहें हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है डिजिटल सुविधाओं का विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। हम सबने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव मनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), डिजिटल भुगतान व्यवस्था और कोविड-19 टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सहायता सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

    सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है भारत की युवा शक्ति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश-प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, यह देश की निरंतर बेहतर होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। दुनिया के समाने बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भारतवासी पूरी तरह सक्षम हैं। राज्य सरकार युवाओं की शक्ति और प्रतिभा का सम्मान करते हुए अमृतकाल में विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

    सभी स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज शासकीय स्कूलों के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिल रही है। बच्चों ने अपने अथक परिश्रम से अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। यह प्रदेशभर के अन्य स्कूली बच्चों के लिए एक प्रेरणा भी है। यह स्कूटी बच्चों के भविष्य को पंख लगाएगी और उनके सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे बच्चों के बीच किसी कार्यक्रम में आने और संवाद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी कोशिश सदैव बच्चों के चेहरे पर खुशी लाने की रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित है।

    युवाओं का चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है सपना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भावी लक्ष्यों के बारे में जाना। प्रदेश की की मेरिट सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से उन्हें कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रही हैं। किसान परिवार के आकाश साहू ने एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य तैयारियां जारी हैं। रवि केवट और मरियम खान ने भी बताया कि वह भी सीए बनने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं। मिनी जैन ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्रा रानी सांपले ने उच्च शिक्षा हासिल कर वकील बनने की बात कही, जबकि खुशी यादव ने एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्र शिव कुमार कौल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

     

  • मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में 10 छात्रों को मिली स्कूटी

    मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में 10 छात्रों को मिली स्कूटी

    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के अंतर्गत 10 मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की गई स्कूटी

    अनूपपुर 
     कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के अंतर्गत संयुक्त कलेक्ट्रेट परिसर अनूपपुर में मेधावी विद्यार्थी स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने जिले के 136 मेधावी विद्यार्थियों में से 10 विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनकी आगे की पढ़ाई के लिए आवागमन में सुविधा उपलब्ध हो रही है। यह सुविधा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने में सहयोगी बनेगी।

    उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज मिली यह स्कूटी आपकी मेहनत और प्रतिभा का सम्मान है। इसे केवल सुविधा के रूप में न देखते हुए अपने सपनों को पूरा करने के साधन के रूप में उपयोग करें। विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हुए शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व का विकास करें और अपने परिवार एवं जिले का नाम रोशन करें।

    मंत्री जायसवाल ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। अभिभावकों ने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं और शिक्षकों ने उन्हें ज्ञान एवं सही दिशा प्रदान की है। मेधावी विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिवार और शिक्षकों के लिए भी गौरव का विषय है।

    स्कूटी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। विद्यार्थियों ने कहा कि स्कूटी मिलने से आगे की पढ़ाई के लिए आवागमन आसान होगा और समय की भी बचत होगी। विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए आने-जाने वाले विद्यार्थियों को इससे सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता के लिए माता-पिता एवं शिक्षकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी पूरी मेहनत के साथ अध्ययन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के माध्यम से कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही स्कूटी उनकी शैक्षणिक उपलब्धि का सम्मान होने के साथ ही आगे की शिक्षा के लिए सुविधा और प्रेरणा का माध्यम बन रही है।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश जनजातीय आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह, कलेक्टर रत्नाकर झा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग सुसरिता नायक, जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मों सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।