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  • मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, 10 अप्रैल तक करें आवेदन; SIR पर CM मोहन यादव ने किया अलर्ट

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, 10 अप्रैल तक करें आवेदन; SIR पर CM मोहन यादव ने किया अलर्ट

     भोपाल 
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फार्म छह, घोषणा सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की स्थिति को लेकर एक्स पर पोस्ट कर यह बात कही। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की।

    निर्धारित प्रक्रिया पर विश्वास करें
    सीएम   मोहन यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेयेरशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगा रहे आरोप 
    बता दें मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विपक्षी पार्टियां विरोध कर रहा हैं। इसको लेकर सीजेपी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के सदस्यों वाली एक संवैधानिक संस्था को मिली शक्तियों का इस्तेमाल कानून के तहत जरूरी सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा हैं। इनके द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 माह के करीब 14 बार मतदात सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और आयोग के टेक्नोलॉजी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा हैं।  

    लोकतंत्र की मजबूती के लिए अद्यतन सूची जरूरी
    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि करें। आइए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    10 अप्रैल तक चलाया जा रहा है विशेष अभियान
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 10 अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वालों के साथ जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए, उनके नाम जोड़ने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा के नागरिकों ने किया अभिनंदन, बोले- राजधानी तक पहुंचना हुआ सुगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा के नागरिकों ने किया अभिनंदन, बोले- राजधानी तक पहुंचना हुआ सुगम

    कस्बों और नगरों से राजधानी तक पहुंचना हुआ है सुगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा क्षेत्र के नागरिकों ने किया मुख्यमंत्री निवास में अभिनन्दन

    गाडरवारा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गाडरवारा और नरसिंहपुर ही नहीं प्रदेश के अनेक कस्बों और नगरों से सड़क मार्ग द्वारा राजधानी तक पहुंचना सुगम हो गया है। सड़कों के शानदार नेटवर्क से यह संभव हुआ है। फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों ने नागरिकों की आवाजाही को आसान बनाया है। इसके साथ ही सिंचाई, कृषि, शिक्षा और अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। विकास की यह यात्रा तेज गति के साथ जारी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के लिए आए गाडरवारा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में विकास के लिए राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद आकार की गजमाला और स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यालय का नामकरण सांदीपनि महर्षि के नाम से किया गया है जिससे महर्षि के शिष्यों भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मैत्री भाव का महत्व विद्यार्थी समझ सकें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ाने का कार्य किया है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

    स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गत ढाई वर्ष में क्षेत्र को अनेक सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में जो स्वीकृतियां प्रदान की हैं, उनमें 20 किलोमीटर लंबाई की नगर चीचली- सालीचौका रोड शामिल है जिसकी लागत 60 करोड़ होगी। वर्तमान सिंगल रोड के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा समाप्त हो जाएगी। इस निर्माण कार्य के अंतर्गत दूधी नदी पर पुल भी बनाया जाएगा। इसके अलावा अर्जुन गांव- गाडरवारा मार्ग का निर्माण भी 27 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। यह 17.50 किलोमीटर लंबाई का मार्ग होगा। इससे मारेगांव, बसुरिया, अमाड़ा, पचामा और घुटंगा ग्रामों के निवासी भी लाभान्वित होंगे। साईं खेड़ा में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण होने से भविष्य में विद्युत प्रदाय अधिक सुचारू हो जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गाडवारा नगर में 5 करोड़ रुपए लागत से गौशाला के निर्माण और 35 सामुदायिक भवनों की स्वीकृति दी गई है। यही नहीं इंडोर स्टेडियम के निर्माण की मंजूरी भी प्रदान की गई है।

    अच्छी सड़कों ने बचाया समय, ईंधन और ऊर्जा

    कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बताया कि गाडरवारा क्षेत्र विकास के ऐसे आयाम प्राप्त कर रहा है जिसकी कल्पना नहीं की गई थी। गाडरवारा से भोपाल आने में कभी 6 से 8 घंटे का समय लगता था। अब सड़क मार्ग द्वारा लगभग 3 घंटे में यह दूरी तय करना संभव हो गया है। अच्छी सड़कों से समय, ईंधन और ऊर्जा की बचत हो रही है। नगर चीचली- सालीचौका, अर्जुन गांव- गाडरवारा मार्ग की स्वीकृति के साथ ही 13 अन्य मार्गों के निर्माण की पहल भी हुई है, जो क्षेत्र के नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

     

  • भोपाल में जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे रोजगार से AI-रोबोटिक्स तक भविष्य का रोडमैप

    भोपाल में जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे रोजगार से AI-रोबोटिक्स तक भविष्य का रोडमैप

    भोपाल 

    भोपाल में 6 अक्टूबर को सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।AI, रोबोटिक्स, ड्रोन जैसी भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान।मध्य प्रदेश की युवा शक्ति को रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ.

    मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं को कॅरियर और रोजगार के नए विकल्पों के साथ ही नवाचार और उभरती तकनीकों की संभावनाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूरी करने और युवाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।कॉन्क्लेव में रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और नई तकनीकों पर विशेष सत्र और गतिविधियां होंगी।

     विशेषज्ञों के साथ शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और स्टार्टअप भी इसमें शामिल होंगे। युवाओं को बदलते जॉब मार्केट, नए कौशल की जरूरत, स्वरोजगार की संभावनाओं और अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।कॉन्क्लेव में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, एमएसएमई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा समेत कई विभाग युवाओं के लिए संचालित योजनाओं और अवसरों की जानकारी देंगे। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप की ओर से भी स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी।कार्यक्रम में 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। 

    इनमें विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, संस्थाओं और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार, कॅरियर, प्रशिक्षण, अनुसंधान, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। विश्वविद्यालयों की ओर से ड्रोन तकनीक, नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और कॅरियर से जुड़े प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियां भी होंगी।

    युवा कॉन्क्लेव में भविष्य की तकनीकों को खास जगह दी गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और रिसर्च की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नई तकनीकों और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करना है।मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर के माध्यम से नवोदित उद्यम अपने उत्पाद और नए प्रयोग प्रदर्शित करेंगे। युवा इन स्टार्टअप के जरिए यह समझ सकेंगे कि किसी विचार को उत्पाद, सेवा और सफल उद्यम में कैसे बदला जा सकता है।

     कॉन्क्लेव में कॅरियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, आयुष, उद्योग, रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे। पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात जागरूकता, सामुदायिक पुलिसिंग और जन-सुरक्षा से जुड़े विषयों पर युवाओं के साथ संवाद किया जाएगा।CM मोहन यादव ने मंडला को दिया 460 करोड़ का तोहफा, टाइगर सफारी-जू से पान की खेती तक कई बड़े ऐलानयुवा कॉन्क्लेव में ज्ञान और मार्गदर्शन के साथ मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। 

    कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां युवाओं का उत्साह बढ़ाएंगी।सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को संवाद, कौशल, कॅरियर, रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ.

    मोहन यादव के साथ 20 हजार से अधिक युवाओं का संवाद और 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्ष इस आयोजन को प्रदेश के युवा केंद्रित बड़े आयोजनों में शामिल करेगा। सरकार का जोर युवा प्रतिभा और ऊर्जा को सही अवसर देकर विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने पर है।

  • युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    लोकतंत्र की मजबूती में हर जागरूक मतदाता की भागीदारी बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    18 वर्ष पूरा कर चुके युवा साथी मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य कराएं दर्ज

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। उन्होंने कहा कि "आईए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।"

     

  • MP की कृषि ताकत का बढ़ा दबदबा, ‘देश की फूड बास्केट बन चुका मध्यप्रदेश’: CM यादव

    MP की कृषि ताकत का बढ़ा दबदबा, ‘देश की फूड बास्केट बन चुका मध्यप्रदेश’: CM यादव

    मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृषि विभाग की टीम कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ तक पहुंचाती है
    कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है
    राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विभाग के 44 दिवंगत कर्मचारियों के परिजन को सौंपे अनुकम्पा नियुक्ति के पत्र
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक विभाग के कर्मचारी-अधिकारी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि विभाग सिर्फ डिपार्टमेंट का नाम नहीं यह, डेवलपमेंट का भी नाम है। कृषि में ही मध्यप्रदेश का विकास छुपा है, इस दृष्टि से मध्यप्रदेश की सुख-समृद्धि का रास्ता कृषि विभाग से होकर जाता है। प्रदेश के माथे से बीमारू राज्य का कलंक हटाने में बड़ी भूमिका कृषि विभाग की रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही टीम है जो सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ों तक पहुंचाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन और उनके आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम को रवींद्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल भेंटकर तथा फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर, भावांतर भुगतान योजना पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।  

     राज्य सरकार हर कदम पर कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति से उन्हें स्वयं को बहुत संतोष है। यह गर्व की बात है कि पदोन्नति के लिए एक दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने काम के प्रति अपने समर्पण को काम नहीं होने दिया। राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इसमें किसान कल्याण और कृषि विभाग के 1 हजार 725, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसके साथ ही 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार हर कदम पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में कठिन से कठिन फैसले लेकर भारत को नए दौर में पहुंचाया है। जापान में कल ही संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में पदकों की संख्या के आधार पर भारत को चौथा स्थान हासिल हुआ है। हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दुनिया की दिग्गज टीमों और उनके खिलाड़ियों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जियो और जीने दो के भाव पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। कृषि के आधार पर हमारी जीवनशैली शाकाहार को प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने दुनिया को बताया है कि शाकाहारी रहते हुए भी शरीर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने विभागों के बीच व्यवस्थाओं के संचालन को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया है। इस वर्ष प्रदेश पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

     अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती की जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निकट भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी लगातार चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। हमारी सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।

    प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं किसान पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की परेशानी को समझा और पदोन्नति देकर उसे दूर भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं किसान पुत्र हैं, वे प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री कंषाना ने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से किसान कल्याण के लिए लागू की गईं योजनाओं को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने का आहवान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों से पदोन्नतियों का रास्ता हुआ साफ

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों के फलस्वरूप 10 वर्ष से अधिक समय से बंद पदोन्नतियों का रास्ता साफ हुआ। कृषि विभाग में पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाता की समृद्धि के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात दी है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारी कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। कृषि संचालक उमाशंकर भार्गव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

     

  • मंडला को CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर का ऐलान

    मंडला को CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर का ऐलान

     मंडला को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात… टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर की घोषणा, घुघरी-मोहगांव में खुलेगा कॉलेज

     मंडला

    मंडला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मंडला में अब टाइगर सफारी-जू के साथ वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अक्टूबर को मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और प्रशासनिक अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं।

    मंडला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन हुआ। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंडला की पहचान और विरासत का उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला केवल एक जिला नहीं, बल्कि वीरता, जनजातीय गौरव और नर्मदा सभ्यता का संगम है। गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य, गोंड और बैगा जनजातियों की समृद्ध संस्कृति तथा मां नर्मदा मंडला की पहचान को विशेष बनाते हैं।

     टाइगर सफारी-जू की बड़ी घोषणा
    कार्यक्रम के दौरान मंडला के लिए सबसे बड़ी घोषणा टाइगर सफारी-जू और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर को लेकर रही।
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके की मांग पर मुख्यमंत्री ने मंडला में टाइगर सफारी-जू स्थापित करने की घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला आने वाले पर्यटकों को कई बार सफारी के दौरान बाघ या अन्य वन्यजीव देखने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में टाइगर सफारी-जू के माध्यम से पर्यटकों को बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा।
    इसके साथ ही यहां वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां घायल और बीमार वन्यप्राणियों के उपचार की व्यवस्था होगी।
    सरकार की इस घोषणा से मंडला में पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

    घुघरी और मोहगांव को कॉलेज की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी की।इस घोषणा से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कॉलेज की सुविधा मिलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एमएसएमई के माध्यम से चार और चिरौंजी जैसी लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य स्थानीय वनोपज को बाजार से जोड़ना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

    21 लाख से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के पर्व को प्रदेशवासी उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसी उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि वितरित की जा रही है।प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को करीब 149 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की गई।वहीं मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट जिले के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 की बोनस राशि के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये का वितरण किया गया।

    इसके साथ ही मंडला के पूर्व सामान्य और पश्चिम सामान्य वनमंडल की 84 वन समितियों के 39 हजार 399 सदस्यों को वर्ष 2025-26 की 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की गई।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वन आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।
    460 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

    मंडला जिले के लिए विकास के लिहाज से भी कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहा।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 74 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।इनमें 260 करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 47 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 200 करोड़ 2 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।लोकार्पित कार्यों में बिछिया एनएच-30 से सरई गेट मार्ग, सांदीपनि शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बिछिया का भवन, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन निवास, सांदीपनि विद्यालय घुटास और सांदीपनि विद्यालय सागर सहित शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।

    कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय की भी सौगात
    मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में नवीन एकीकृत कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन मंडला भी शामिल है, जिसकी लागत करीब 33 करोड़ 92 लाख रुपये बताई गई है।इसके साथ ही नवीन नर्सिंग कॉलेज मंडला, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज, पुलिस लाइन में आवास गृह और नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन का निर्माण भी शामिल है।पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन की लागत करीब 4 करोड़ 11 लाख रुपये है।वहीं पुलिस लाइन मंडला में 12 एनजीओ और 48 आरक्षक आवास गृह के निर्माण के लिए करीब 12 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।

     स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
    मुख्यमंत्री ने मंडला में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।मंडला में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक के लिए 16 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार सहित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

     किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
    मुख्यमंत्री ने मंडला में पान की खेती को विकसित करने की बात कही। इसके साथ ही पशुधन संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गांव-गांव में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिलना चाहिए और इसके लिए सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।वहीं सरकार की सुगम बस परिवहन सेवा का विस्तार गांव-गांव तक करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

    मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के 163 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की चाबी सौंपी।इसके साथ ही विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा का संदेश देते हुए हेलमेट भी पहनाए गए।
    कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों, योजनाओं और गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।

     जनप्रतिनिधियों ने भी रखी बात
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने मुख्यमंत्री के मंडला आगमन को जिलेवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय बताया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंडला सहित पूरे प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन जिले के विकास को नई गति देगा।वहीं सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार गरीब, किसान, श्रमिक और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि मंडला सहित पूरे क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंडला दौरा जिले के लिए कई बड़ी घोषणाओं और विकास कार्यों की सौगात लेकर आया।
    टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर, घुघरी और मोहगांव में कॉलेज, नया कलेक्ट्रेट भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नर्सिंग कॉलेज और करोड़ों रुपये के सड़क एवं अधोसंरचना कार्य मंडला के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
    अब इन घोषणाओं और भूमिपूजन किए गए कार्यों के धरातल पर उतरने का इंतजार रहेगा। इससे मंडला में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुविधाओं को कितनी नई दिशा मिलती है, यह आने वाला समय बताएगा।

  • भोपाल में 6 अक्टूबर को जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे AI-रोबोटिक्स और रोजगार का रोडमैप

    भोपाल में 6 अक्टूबर को जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे AI-रोबोटिक्स और रोजगार का रोडमैप

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की युवा शक्ति को रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं को कॅरियर और रोजगार के नए विकल्पों के साथ ही नवाचार और उभरती तकनीकों की संभावनाओं से भी रूबरू कराया जाएगा।

    उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूरी करने और युवाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    रोजगार से स्टार्टअप तक, युवाओं के लिए क्या-क्या होगा?
    कॉन्क्लेव में रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और नई तकनीकों पर विशेष सत्र और गतिविधियां होंगी। विशेषज्ञों के साथ शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और स्टार्टअप भी इसमें शामिल होंगे। युवाओं को बदलते जॉब मार्केट, नए कौशल की जरूरत, स्वरोजगार की संभावनाओं और अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

    17 विभाग बताएंगे रोजगार और योजनाओं की राह
    कॉन्क्लेव में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, एमएसएमई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा समेत कई विभाग युवाओं के लिए संचालित योजनाओं और अवसरों की जानकारी देंगे।

    मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप की ओर से भी स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी।
    80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्षों में दिखेगा भविष्य

    कार्यक्रम में 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। इनमें विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, संस्थाओं और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार, कॅरियर, प्रशिक्षण, अनुसंधान, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। विश्वविद्यालयों की ओर से ड्रोन तकनीक, नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और कॅरियर से जुड़े प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियां भी होंगी।

    AI से ड्रोन और रोबोटिक्स तक नई तकनीक पर फोकस
    युवा कॉन्क्लेव में भविष्य की तकनीकों को खास जगह दी गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और रिसर्च की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराया जाएगा।

    इसका मकसद युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नई तकनीकों और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करना है।

    आइडिया से बिजनेस तक का सफर समझेंगे युवा
    मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर के माध्यम से नवोदित उद्यम अपने उत्पाद और नए प्रयोग प्रदर्शित करेंगे। युवा इन स्टार्टअप के जरिए यह समझ सकेंगे कि किसी विचार को उत्पाद, सेवा और सफल उद्यम में कैसे बदला जा सकता है। कॉन्क्लेव में कॅरियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, आयुष, उद्योग, रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे।

    पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात जागरूकता, सामुदायिक पुलिसिंग और जन-सुरक्षा से जुड़े विषयों पर युवाओं के साथ संवाद किया जाएगा।

    जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे बढ़ाएंगे कार्यक्रम की रौनक
    युवा कॉन्क्लेव में ज्ञान और मार्गदर्शन के साथ मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां युवाओं का उत्साह बढ़ाएंगी।

    युवाओं को अवसर और नई दिशा देने की पहल
    सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को संवाद, कौशल, कॅरियर, रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ 20 हजार से अधिक युवाओं का संवाद और 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्ष इस आयोजन को प्रदेश के युवा केंद्रित बड़े आयोजनों में शामिल करेगा। सरकार का जोर युवा प्रतिभा और ऊर्जा को सही अवसर देकर विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने पर है।

     

  • अचानक चाय की दुकान पर रुके मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सास-बहू द्वारा संचालित ढाबे पर भी पहुंचे

    अचानक चाय की दुकान पर रुके मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सास-बहू द्वारा संचालित ढाबे पर भी पहुंचे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरेला में सड़क किनारे लगी दुकान पर पी चाय

    सास-बहु द्वारा संचालित ढाबे पर भी रुके मुख्यमंत्री
    बच्चों को फ्री कोचिंग दे रहे युवा का किया सम्मान

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज जबलपुर प्रवास के दौरान अनोखा अंदाज देखने मिला। मंडला में तेंदुपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से डुमना विमानतल आ रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे लगी चाय की दुकान अग्रवाल होटल पर रुके और यहाँ बैठकर चाय पी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय दुकान के संचालक से बात की। उन्होंने चाय के पैसे भी खुद चुकाये।

    मंडला से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सड़क मार्ग से जबलपुर आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय जन उनके स्वागत के लिए बरेला में शारदा माता मंदिर मंदिर के सामने एकत्र हो गए थे। मुख्यमंत्री ने लोगों को देख अपना काफिला रोका और चाय की दुकान पहुँच गये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला बरेला में सन राइज फेमिली ढाबे पर भी रुका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सास-बहु द्वारा संचालित इस ढाबे पर भी चाय पी। उन्होंने ढाबा संचालक श्रीमती आरती दुबे और उनकी बहु श्रीमती सुरभि दुबे से परिवार के सदस्यों के हालचाल जाने। डॉ. यादव ने यहाँ बरेला के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दे रहे युवा मयंक साहू का शाल ओढ़ाकर सम्मान भी किया उसके इस नेक कार्य की तारीफ की।

     

  • बुंदेली बोली की मिठास और माधुर्य पर बोले CM डॉ. यादव, युवाओं को लेकर कही बड़ी बात

    बुंदेली बोली की मिठास और माधुर्य पर बोले CM डॉ. यादव, युवाओं को लेकर कही बड़ी बात

    युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बुंदेली बोली में है माधुर्य और मिठास
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेली समागम का किया शुभारंभ
    बुंदेलखंडी मूवी बिन्नू की बारात के टीज़र और मोशन पोस्टर का किया विमोचन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत युवाओं का देश है। हम युवाओं को साथ लेकर ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अपने शौर्य के लिए जगज़ाहिर है। बुंदेली बोली भी आजकल बहुत लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि उसमें एक माधुर्य है, अपनत्व की मिठास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखण्ड के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र की संस्कृति, साहित्य ओर लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी हम सभी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रविन्द्र भवन में तीन दिवसीय बुंदेली समागम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। यह बुंदेली समागम 6 अक्टूबर तक चलेगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बिन्नू की बारात' नामक पूर्णत: बुंदेली बोली में निर्मित फीचर फिल्म के टीज़र और मोशन पोस्टर का विमोचन किया, साथ ही बुंदेलखंडी कलाकारों का सम्मान कर क्षेत्रीय समाजसेवियों को बुंदेली सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता श्री मुकेश तिवारी, अभिनेत्री सुश्री चाहत पांडे, श्री रोहित पंडित, कार्यक्रम के संयोजक श्री सचिन चौधरी, श्री विपुल तिवारी सहित बुंदेलखण्ड क्षेत्र के करीब 300 से अधिक अनेक जेन जी कंटेट क्रियेटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंटेट क्रियेटर्स के साथ संवाद में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम में पौधा बुंदेलखंडी वाद्ययंत्र 'तमूरा' भेंटकर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में बुंदेली कलाकारों द्वारा आकर्षक लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुंदेली बोली के प्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे।

     

  • मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मोहगांव और घुघरी में खुलेगा महाविद्यालय
    मंडला में लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी
    जिले में पान की खेती पुन: प्रारंभ की जाएगी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा
    मुख्यमंत्री ने 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 36.17 करोड़ की बोनस राशि
    84 वन समितियों के 40 हजार सदस्यों को दिया 26.56 लाख का काष्ठ लाभांश
    मंडला जिले को दी लगभग 460 करोड़ के 74 विकास कार्यों की सौगात
    मंडला में 8 वनमंडलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली वर्ष 2024 की बोनस राशि

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दौड़ में मंडला अब किसी से पीछे नहीं है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन आज हो गया है। मंडला से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण से प्रदेश का ड्रापआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और पूरे स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी दे रही हैं। यह मध्यप्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और सांदीपनि विद्यालयों का असर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले महीने ही मप्र सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सुगम बसों की सौगात दी हैं। अभी 1500 बसों के संचालन से प्रारंभ हुए इस कारवां को हम तेजी से और आगे लेकर जाएंगे।

    कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मंडला के वर्तमान लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी संबोधित कर क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी विभिन्न विकास कार्यों की मांगे रखीं। कार्यकम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, नवीनगिरि गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।