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  • सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी कूद, शेयर बाजार में 1000 अंकों का उछाल, जानें कारण!

    सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी कूद, शेयर बाजार में 1000 अंकों का उछाल, जानें कारण!

    मुंबई 

    शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई है. गिफ्ट निफ्टी सुबह तेजी के साथ भारतीय बाजार खुलने के संकेत मिल रहे थे. सेंसेक्स 1065 अंक की बढ़त के साथ 73761 पर खुला है और निफ्टी 336 अंक की तेजी के साथ 22849 पर ओपन हुआ है. ईरान और इजराइल वॉर के चलते सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बिकवाली हावी रही लेकिन आज ऑटो, मेटल, कैपिटल मार्केट, पीएसयू बैंक. डिफेंस में खरीदारी देखी जा रही है. डिफेंस सेक्टर में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है. इसके अलावा निफ्टी ऑटो और मेटल में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। 

    निफ्टी गेनर्स में एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, जियो फाइनेंशियल, एल एंड टी और Interglobe Aviation के शेयर्स शामिल हैं. वहीं, पावर ग्रिड के शेयर्स 1 फीसदी की गिरावट देखी जी रही है. लेकिन क्या आज जानते हैं कि इस ताबड़तोड़ तेजी के पीछे की वजह क्या है?

    इन वजहों से आई शेयर बाजार में तेजी
    इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि 5 दिन के लिए पावर प्लांट पर हमले के प्लान को टाल दिया गया है. ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. अमेरिका में डाउ 600 पॉइंट से ज्यादा चढ़ा और तेल की कीमतें भी काफी गिर गईं, हालांकि बाद में दोनों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई. फिलहाल तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं और करेंसी में बदलाव पर भी नजर रखना जरूरी है. सीएनबीसी के एनालिस्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है, जबकि 23,200–23,300 का लेवल आगे रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

    बैंकिंग शेयर्स में खरीदारी
    रिकवरी में बैंकिंग शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है. HDFC Bank, ICICI Bank और State Bank of India जैसे शेयरों में तेजी आई, जिससे पूरा बाजार को मजबूती मिली है. साथ ही ऑटो, कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली, जो दिखाता है कि तेजी सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है। 

    गिफ्ट निफ्टी ने दिए तेजी के संकेत
    GIFT Nifty जोकि भारतीय बाजार की शुरुआत का शुरुआती संकेत देता है, शुरुआती कारोबार में करीब 520 अंक तक उछल गया. इससे भी संकेत मिल रहा था कि बाजार 12 महीने के निचले स्तर के आसपास से रिकवरी दिखा सकता है. इसके अलावा एशियन मार्केट में भी तेजी के साथ कारोबार होते हुए नजर आया। 

    मंगलवार को रुपये में थोड़ी मजबूती देखने को मिली है, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट आई थी और ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के संकेत दिए थे. रुपया डॉलर के मुकाबले 93.64 पर खुला, जो पिछले सेशन के 93.9750 से बेहतर था, जब यह अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 93.98 तक पहुंच गया था. हालांकि, ईरान द्वारा बातचीत से इनकार करने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आगे की दिशा अभी साफ नहीं है. वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX), जोकि बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का संकेत देता है, 4% से ज्यादा गिरकर 25.60 पर आ गया है. निवेशकों के बीच अनिश्चितता कम हुई है और बाजार में डर थोड़ा कम हो गया है. जिससे तेजी का मूड देखा जा रहा है। 

  • ईरान युद्ध के असर से चांदी ₹15000 सस्ती, सोने की कीमत ₹8000 घटी

    ईरान युद्ध के असर से चांदी ₹15000 सस्ती, सोने की कीमत ₹8000 घटी

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Rate Crash) होने का सिलसिला जारी है. मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी है और ग्लोबल टेंशन चरम पर है, इसके बावजूद भी दोनों कीमती धातुएं लगातार सस्ती हो रही हैं. सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी अचानक 15,000 रुपये और सस्ती हो गई. 1 Kg Silver Price गिरकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो अब चांदी का भाव अपने हाई से 2 लाख रुपये से भी ज्यादा कम हो चुका है। 

    दूसरी कीमती धातु सोना भी सप्ताह के पहले दिन खुलने के साथ ही धड़ाम हो गई. एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव अपने पिछले बंद की तुलना में खुलने के साथ ही 8000 रुपये से ज्यादा गिर गया. शुरुआती वायदा कारोबार में दोनों कीमती धातुएं 5% से ज्यादा फिसलीं। 

    चांदी अब 2 लाख रुपये सस्ती 
    सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले शुक्रवार के बंद 2,26,772 रुपये प्रति किलो की तुलना में फिसलकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. यानी एक किलो चांदी 15,043 रुपये सस्ती हो गई. वहीं 29 जनवरी के अपने हाई लेवल 4,20,048 रुपये की तुलना में अब Silver Price Crash होकर 2,08,319 रुपये प्रति किलो तक कम हो चुका है। 

    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत होने के बाद से सोना-चांदी की कीमतें तेजी से गिरी हैं. अगर चांदी की बात करें, तो अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था और इससे एक दिन पहले 27 फरवरी का MCX Silver Rate 2,82,644 रुपये प्रति किलो था यानी ये अब तक 70,915 रुपये सस्ती हुई है। 

    सोना भी संभल नहीं पा रहा 
    जहां एक ओर चांदी की कीमत में तगड़ी गिरावट का सिलसिला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर सोने का भाव भी लगातार टूटता जा रहा है. MCX Gold Rate की बात करें, तो बीते शुक्रवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना 1,44,492 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,36,403 रुपये पर आ गया. इस तरह एक झटके में 10 Gram 24 Karat Gold 8,089 रुपये सस्ता हो गया। 

    हाई से 50000 रुपये सस्ता है सोना
    ईरान युद्ध (Iran War) की शुरुआत होने के बाद से सोने की कीमत भी लगातार क्रैश (Gold Rate Crash) नजर आई है. हमलों से पहले बीते 27 फरवरी को एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था और वर्तमान भाव से तुलना करें, तो इस अवधि में ये 25,701 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं Gold High से तुलना करें, तो सोने ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096  रुपये का अपना हाई लेवल छुआ था और यहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 56,693 रुपये गिर चुकी है। 

    सोना-चांदी में गिरावट की वजह
    आमतौर पर किसी भी आपदा या ग्लोबल टेंशन की स्थिति में सोना-चांदी की कीमतों में उछाल नजर आता रहा है, लेकिन इस बाद मामला अलग है और मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी टेंशन के बाद बावजूद Gold-Silver Rate Fall हो रहे हैं. इसके पीछे के कारण देखें, तो क्रूड ऑयल की कीमतों ने इजाफे और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. Crude महंगा होने से महंगाई का जोखिम बढ़ा है और डॉलर में मजबूती ने जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच भी कीमती धातुओं में तेजी पर ब्रेक लगाया है. बता दें कि हाई इंटरेस्ट रेट और Strong Dollar सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाते हैं. हालांकि, एक्सपर्ट गोल्ड-सिल्वर रेट में आगे तेजी की उम्मीद जता रहे हैं। 

     

  • काटजू अस्पताल का नया सेंटर: मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज अब हाईटेक सुविधाओं के साथ

    काटजू अस्पताल का नया सेंटर: मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज अब हाईटेक सुविधाओं के साथ

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में महिलाओं के इलाज को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मार्च सोमवार से काटजू अस्पताल में शुरू हो रहा स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर न सिर्फ प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी सेंटर होगा, बल्कि यहां बांझपन से लेकर सर्वाइकल कैंसर तक की आधुनिक जांच और इलाज एक ही जगह पर उपलब्ध होगा। 

    प्रदेश का पहला, सुविधाओं में बड़ा कदम
    यह मध्यप्रदेश का पहला सरकारी प्रिवेंटिव गायनी ऑन्कोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इससे पहले ऐसी सुविधाएं सीमित थीं और महंगे निजी अस्पतालों तक ही सिमटी थीं। इस सेंटर का उद्घाटन 23 मार्च को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल द्वारा किया जाएगा।

    अब भटकना नहीं पड़ेगा, एक ही जगह मिलेगा पूरा इलाज
    डॉ. कैलाशनाथ काटजू शासकीय अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि शुरू हो रहे इस अत्याधुनिक सेंटर में महिलाओं से जुड़ी लगभग हर बड़ी समस्या का समाधान होगा। इन्फर्टिलिटी (नि:संतानता), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स जैसी बीमारियों के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

    करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है।

    इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज

    इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी।

    कैंसर की शुरुआती पकड़, जान बचाने की तैयारी
    सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए वीआईए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे महिलाओं की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस सरकारी सेंटर में बांझपन का इलाज 40 हजार से 80 हजार रुपए के बीच हो सकेगा। वहीं, निजी अस्पतालों में यही इलाज 2.5 से 3 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। यानी आम लोगों को यहां 3 से 4 गुना तक सस्ता इलाज मिलेगा।

    हाईटेक मशीनें और आधुनिक इलाज की सुविधा
    करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सेंटर को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। यहां आईयूआई जैसी एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को काउंसलिंग से लेकर ट्रीटमेंट तक हर स्टेज पर मदद करेगी। 

    आधुनिक मशीनों से होगा इलाज
        केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा।
        कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी।
        लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा।

    रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है।

    किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या
    विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे
    सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

  • सेंसेक्स में 1800 अंक की गिरावट, निफ्टी 23,000 के नीचे, बाजार खुलते ही हुआ भारी नुकसान

    सेंसेक्स में 1800 अंक की गिरावट, निफ्टी 23,000 के नीचे, बाजार खुलते ही हुआ भारी नुकसान

    मुंबई 

    जिसका डर था वही हुआ, विदेशों से मिल रहे खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध बढ़ने और मिडिल ईस्ट में हाई पर पहुंची टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार का सेंटीमेंट सप्ताह के पहले दिन खराब किया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) ओपनिंग के साथ ही 1800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते के कुछ देर बाद 575 अंक के आसपास बिखर गया. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलती ही क्रैश
    शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही हड़कंप मचा हुआ नजर आया है. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 74,532.96 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 73,732 पर ओपन हुआ. इसके कुछ ही मिनटों में ये गिरावट और भी तेज हो गई, जिसके चलते Sensex करीब 1600 अंक गिरकर 72,977 के लेवल पर आ गया. वहीं इसके कुछ मिनटों बाद ही ये गिरावट और बढ़ गई और सेंसेक्स1800 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,724 पर कारोबार करने लगा। 

    न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि एनएसई का निफ्टी-50 भी खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,114 की तुलना में फिसलकर 22,824 पर ओपन हुआ था और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये मिनटों में 480 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,634 के लेवल पर आ गया और कुछ देर के कारोबार के बाद 575 अंक टूटकर 22,538 पर ट्रेड करता दिखा।

    खुलते ही धड़ाम हो गए ये शेयर
    सोमवार को बाजार में आए भूचाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीएसई लार्जकैप में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स को देखें, तो Tata Steel Share (4%), SBI Share (3%), Bajaj Finance Share (2.67%), HDFC Bank Share (2.60%), IndiGo Share (2.50%), Titan Share (2.50%), BEL Share (2.49%), Adani Ports Share (2.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

    विदेशी बाजारों से मिले थे गिरावट के संकेत 
    भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही विदेशों से निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. सोमवार को सभी एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 4.10 फीसदी टूटकर 50,800 के लेवल तक गिरकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसलकर 24,532 पर ट्रेड करता दिखा। 

    यही नहीं साउथ कोरिया के कोस्पी में कारोबार की शुरुआत के बाद ही अचानक बड़ा क्रैश आ गया और ये 5.10 फीसदी टूटकर 5,409 पर आ गया. इसके अलावा DAX (2.01%), CAC (1.90%) और FTSE-100 (1.50%) टूटे हुए थे। 

     

  • सीएम यादव का एक्शन, कलेक्टर और गुना एसपी की तत्काल सख्त कार्रवाई

    सीएम यादव का एक्शन, कलेक्टर और गुना एसपी की तत्काल सख्त कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने  सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।

    विभिन्न विभागों की समीक्षा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

    सहकारी बैंक महाप्रबंधक भी निलंबित 
    औचक निरीक्षण के दौरान सीधी जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे. विभागीय समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएम यादव ने बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कहीं भी पदस्थ हों, उन्हें जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी, पदभार संभालते ही शुरू हो जाती है, और प्रशासन में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है.

    IAS स्वरोचिष सोमवंशी का जीवन परिचय
    स्वरोचिष सोमवंशी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2012 बैच की अधिकारी हैं. 24 दिसंबर 1984 को जन्मी सोमवंशी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने B.Tech (Computer Science and Engineering) किया है. 3 सितंबर 2012 को IAS के रूप में नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुकी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोमवंशी अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं. वर्तमान कार्रवाई से पहले वे 11 मार्च 2024 से सीधी जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं.

    अधिकारियों पर गिरी गाज
    सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं।

    संतोषजनक नहीं मिली अधिकारी की भूमिका
    इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।

    गुना एसपी को भी हटाया
    वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है।

    ये है पूरा मामला
    गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

     

  • तूफान की मार के बाद नई चेतावनी, दो दिन तक सतर्क रहने की अपील

    तूफान की मार के बाद नई चेतावनी, दो दिन तक सतर्क रहने की अपील

    पटना

    बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

    फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
    India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा।

    26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी
    तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है।

    सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान
    हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है।

    तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

    बीते 24 घंटे में बारिश का हाल
    पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश।

    कल कैसा रहेगा मौसम?
    रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, अमेरिका से LPG शिपमेंट मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा

    मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, अमेरिका से LPG शिपमेंट मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा

    न्यू मंगलौर.

    मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आई हैं। अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी (LPG) लेकर चला एक बड़ा कार्गो जहाज कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    न्यू मंगलौर पोर्ट पर अमेरिका से आए इस एलपीजी जहाज का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हैं। शिपिंग मंत्रालय ने इस संकट के दौरान ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 14 से 31 मार्च तक कच्चे तेल और एलपीजी के लिए कार्गो शुल्क माफ करने का भी एलान किया है।
    शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव, राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में देश को आश्वस्त करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। हम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और वर्तमान में किसी भी बंदरगाह पर जाम की स्थिति नहीं है।"

    कम हुई रसोई गैस की पैनिक बुकिंग
    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी संकट अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मची 'पैनिक बुकिंग' में भारी गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने साफ किया कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है।

    भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार जोखिम भरे रास्तों से भी सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। बुधवार को यह भारतीय कच्चा तेल टैंकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ये दो भारतीय जहाज 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचे थे।

  • Commercial LPG को लेकर बड़ा अपडेट: बढ़ा आवंटन, साथ में लागू हुई सख्त शर्तें

    Commercial LPG को लेकर बड़ा अपडेट: बढ़ा आवंटन, साथ में लागू हुई सख्त शर्तें

    नई दिल्ली

    सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 20 फीसदी आवंटन मंजूर किया है। इससे कुल आवंटन बढ़कर 50 फीसदी हो गया है। घरेलू उत्पादन में सुधार के कारण स्थिति सामान्य हो रही है। पश्चिम एशिया में तीन सप्ताह के युद्ध से भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई थी। वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को युद्ध के कारण पहले एलपीजी आपूर्ति में कटौती की गई थी। घरेलू रसोई को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया गया था। बाद में उनकी आपूर्ति का एक पांचवां हिस्सा बहाल किया गया। सरकार ने राज्यों द्वारा पाइप गैस परियोजनाओं में तेजी लाने पर 10 फीसदी अतिरिक्त आपूर्ति की पेशकश की थी।

    सरकार ने शनिवार को रेस्तरां, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, सामुदायिक रसोई और रियायती खाद्य आउटलेट्स के लिए 20 फीसदी बढ़ी हुई आपूर्ति की घोषणा की। सरकार की ओर से एलपीजी के मामले में प्रवासी श्रमिकों को मदद पहुंचाने का भी भरोसा दिया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि कमर्शियल सिलिंडर का अतिरिक्त आवंटन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण और पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर निर्भर करेगा। एक आधिकारिक बयान में यह भी बताया गया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर है और फिलहाल कोई कमी नहीं है।

    पश्चिम एशिया संकट के बाद क्या बदलाव किया गया था, अब क्या बदला?

    पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव (ईरान-इस्राइल संघर्ष) के कारण पैदा हुई एलपीजी की किल्लत को कम करने के लिए, भारत सरकार ने कमर्शियल (19 किलो) एलपीजी सिलिंडर का कोटा बढ़ाकर 50% कर दिया है। यह कदम होटल, रेस्तरां, और छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए उठाया गया है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दिल्ली सहित कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सामान्य खपत का केवल 20% (लगभग 1,800 सिलेंडर/दिन) ही सीमित कर दी गई थी, ताकि घरेलू रसोई गैस की प्राथमिकता सुनिश्चित की जा सके। अब केंद्र सरकार ने अतिरिक्त कोटा जारी करते हुए इसे बढ़ाकर 50% कर दिया है।

    आपूर्ति दबाव कम करने के उपाय

    सरकार आपूर्ति दबाव कम करने के लिए पाइप प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की ओर बदलाव को बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों से शहर गैस वितरण नेटवर्क के लिए अनुमोदन में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। खुदरा दुकानों पर कोई ईंधन की कमी नहीं बताई गई है।

    प्राकृतिक गैस आपूर्ति और अन्य कदम

    घरेलू पीएनजी और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) परिवहन सहित प्राथमिकता वाले खंडों को प्राकृतिक गैस की पूरी आपूर्ति मिल रही है। औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी सामान्य आपूर्ति का करीब 80 फीसदी प्राप्त हो रहा है। अतिरिक्त कदमों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि शामिल है। बुकिंग अंतराल भी बढ़ाया गया है ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा हो। राज्यों को वैकल्पिक ईंधन विकल्प प्रदान करने के लिए अतिरिक्त केरोसिन आपूर्ति भी की गई है।

    निगरानी और समुद्री क्षेत्र की स्थिति

    राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। देशभर में 3,500 से अधिक छापे मारे गए हैं। इन छापों के परिणामस्वरूप करीब 1,400 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए गए हैं। अधिकांश राज्यों ने आपूर्ति और वितरण की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला स्तरीय निगरानी समितियां स्थापित की हैं। समुद्री क्षेत्र में, सरकार ने बताया कि 22 भारतीय-ध्वज वाले जहाज और 611 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।

  • MP के शहर में 100 ई-बसें दौड़ेंगी, यात्रियों के लिए 10 रूट और नई सुविधाएं

    MP के शहर में 100 ई-बसें दौड़ेंगी, यात्रियों के लिए 10 रूट और नई सुविधाएं

    ग्वालियर
    ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है।

    हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर

    बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।

    ऐसे चलेगी ई-बस सेवा
    पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा।

    10 रूट किए गए फाइनल
    शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा।

    15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन
    ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं।

    58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान
    बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी।

    बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
    पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।

     

  • उमा भारती का बड़ा बयान, राजनीति से कभी नहीं हटूंगी, लंबा जीने की है इच्छा

    उमा भारती का बड़ा बयान, राजनीति से कभी नहीं हटूंगी, लंबा जीने की है इच्छा

    टीकमगढ़

     मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम और  BJP का फायर ब्रांड नेता उमा भारती  Uma Bharti Statement  के एक नए बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल है। टीमकमढ़ में उमा भारती ने ये बड़ा बयान दिया है। उमा भारती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेनी वाली है, जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में डटी रहेंगी। इस दौरान उन्होंने लोगों से साथ देने की भी अपील की।दरअसल  टीकमगढ़ में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ये बड़ी अपील करते हुए हुंकार भरी है।

    सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आई
    Uma Bharti  उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में रहेंगी, लोगों से भावुक अपील करते हुए भारती न अपने लंबे जीवन और संघर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा. इस मौके पर अपनी सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आईं हैं। उन्होंने कहा कि उनका बहुत लंबा जीने का मन है और इसके लिए उन्हें समाज और  लोगो के समर्थन की जरूरत है।

    जब मैं चल न पाऊं तो लोग उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें-उमा
    उमा भारती ने कहा कि कभी ऐसा समय आए और उम्र के साथ ऐसी स्थिति आ जाए कि वह खुद चल न पाएं, तो लोग उन्हें उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें, लेकिन वह काम करना बंद नहीं करेंगी। उमा भारती ने वाणी, आंख और कान की सलामती पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें दिखाई देगा, कानों से सुनाई देगा और बोलने योग्य रहेंगी तब तक वह जनता के हितों के लिए संघर्ष करती रहेंगी

    उमा बोलीं- जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं
    भारती ने वीरांगना अवंती बाई लोधी के प्रति गहरी आस्था व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह वीरांगना के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ही जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं रहती लेकिन जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उन्हें लड़ने की ताकत देता है।