Tag: featured

  • हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी

    योगी सरकार 142 बीपीएचयू के जरिए उपलब्ध कराएगी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

    यूपी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्लॉक स्तर तक होगा व्यापक कायाकल्प

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी 

    इंचार्ज, रजिस्ट्रेशन रूम से लेकर वेटिंग रूम और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब बनाई जाएंगी

    पीएचसी और सीएचसी के अंदर कराया जाएगा निर्माण

    लखनऊ
     प्रदेश में स्वा
    स्थ्य सेवाओं को ब्लॉक स्तर तक मजबूत और आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। योगी सरकार राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित करने जा रही है। इन यूनिटों के जरिये ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जांच, पंजीकरण और प्राथमिक उपचार की बेहतर सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग रूम, सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब समेत कई आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इनका निर्माण मौजूदा पीएचसी और सीएचसी के भीतर ही कराया जाएगा, ताकि पहले से उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।

    ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी
    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार की योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन इकाइयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी और मरीजों को जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम रहेगी।

    सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी
    ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को अब छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ब्लॉक स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार आएगा।

    गांव के करीब मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएचयू मॉडल के लागू होने के बाद ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा। इससे मरीजों को पंजीकरण से जांच तक की कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हो सकेंगी।

    जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में होगा काम
    जनपद स्तर पर जिला पंचायतों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर निर्माण के लिए समस्त कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में किए जाएंगे। ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की इन घटकों की योजना बनाने एवं निगरानी में शामिल किया जाएगा।

  • एमपी में सड़कों का डिजिटल सर्वेक्षण, 71210 किलोमीटर की सड़कों को किया गया माप

    एमपी में सड़कों का डिजिटल सर्वेक्षण, 71210 किलोमीटर की सड़कों को किया गया माप

    भोपाल 

     मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने अधोसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल करते हुए “लोक निर्माण सर्वेक्षण एप” और GIS आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के माध्यम से कार्य प्रणाली में नवाचार का नया अध्याय जोड़ा है। विभाग ने यह महसूस किया कि सड़कों, पुलों और भवनों से संबंधित पूर्ण एवं प्रमाणिक डेटा के अभाव में योजनाओं का निर्माण अक्सर अनुमान के आधार पर करना पड़ता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यह संकल्प लिया कि सुधार की शुरुआत प्रमाणिक डेटा से की जाएगी। “आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है” इस कहावत को चरितार्थ करते हुए “लोक निर्माण सर्वेक्षण एप” का विकास किया गया, जिससे विभाग की परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक और डिजिटल सर्वे संभव हो सका। इसके अंतर्गत अब तक राज्य की 71210 किलोमीटर सड़कों का डिजिटल सर्वेक्षण कराया जा चुका है।

    ऐप के माध्यम से प्रदेश में तीन दिवसीय विशेष सड़क सर्वेक्षण अभियान संचालित किया गया, जिसमें विभाग के अभियंता स्वयं मैदान में उतरकर अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण करने में जुटे। सर्वेक्षण के दौरान सड़क की चौड़ाई, पेवमेंट का प्रकार, राइट ऑफ वे (ROW), शोल्डर तथा सड़क की वर्तमान स्थिति सहित विभिन्न तकनीकी मापदंडों का डिजिटल रूप से डेटा संकलित किया गया।

    2975 शासकीय भवनों तथा 1426 पुलों का सर्वे भी किया
    व्यापक सर्वेक्षण में अब तक 71,210 किलोमीटर से अधिक सड़कों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जा चुका है। इसके साथ ही 2975 शासकीय भवनों तथा 1426 पुलों का सर्वे भी किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान नगरीय निकाय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा अन्य एजेंसियों की सड़कों के साथ लोक निर्माण विभाग की सड़कों की सीमाएं भी स्पष्ट रूप से चिन्हित की गई हैं। इससे विभाग के पास अपनी प्रत्येक परिसंपत्ति का अद्यतन, डिजिटल और प्रमाणिक डेटा उपलब्ध हो गया है, जिसके आधार पर अब निर्णय अनुमान के बजाय तथ्यात्मक आधार पर लिए जा सकेंगे।

    प्रमाणिक GIS आधारित डेटा उपलब्ध होने के बाद विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क प्लानिंग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पहले योजनाएं पारंपरिक पद्धति से कागजों पर तैयार की जाती थीं, किंतु अब पहली बार भास्कराचार्य संस्थान के तकनीकी सहयोग से विभाग के इंजीनियरों द्वारा प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल पर GIS आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए एक विशेष “मास्टर प्लान मॉड्यूल” विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की कनेक्टिविटी का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकता है। इस मॉड्यूल के जरिए यह स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है कि किन पर्यटन स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

    लोक निर्माण विभाग की यह पहल केवल एक योजना नहीं बल्कि प्रदेश के अधोसंरचना विकास के लिए तकनीक आधारित दीर्घकालिक दृष्टि का परिचायक है। GIS, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से भविष्य में सड़क निर्माण और उन्नयन की योजनाएं अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी। यह पहल प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन और सुदृढ़ अधोसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।

  • पापाराव और उसके 17 साथियों का सरेंडर, बस्तर में नक्सलवाद के अंत की ओर एक कदम

    पापाराव और उसके 17 साथियों का सरेंडर, बस्तर में नक्सलवाद के अंत की ओर एक कदम

    जगदलपुर

    इंद्रावती के घने जंगलों से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जो बस्तर के दशकों पुराने हिंसक अध्याय के अंत का संकेत देती नजर आ रही है। लंबे समय से सक्रिय शीर्ष माओवादी कमांडर पापा राव के आत्मसमर्पण की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

    बताया जा रहा है कि पापा राव अपने 17 साथियों के साथ हथियारों सहित समर्पण के लिए जंगल से बाहर निकल चुका है। उसे सुरक्षित लाने के लिए सुरक्षा बलों की विशेष टीम इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के भीतर रवाना हो चुकी है। यदि यह आत्मसमर्पण सफल होता है, तो इसे बस्तर में माओवादी हिंसा के अंत की निर्णायक शुरुआत माना जा रहा है।

    पापाराव उर्फ मंगू (56) ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में DKSZCM मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है।

    इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी। देवा के सरेंडर करने के बाद अब पापाराव ही एक मात्र ऐसा नक्सली बचा है जो फाइटर है। बाकी बचे हुए अन्य टॉप कैडर्स के नक्सली उम्र दराज हो चुके हैं। पापाराव के सरेंडर करते ही बस्तर से माओवाद का सफाया तय माना जा रहा है।

    पापा राव का समर्पण
        करीब 25 लाख रुपये के इनामी पापा राव वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का अहम सदस्य रहा है। लंबे समय तक बस्तर में माओवादी गतिविधियों की कमान उसके हाथों में रही।

        ऐसे में उसका आत्मसमर्पण केवल एक व्यक्ति का सरेंडर नहीं, बल्कि पूरे संगठनात्मक ढांचे के कमजोर पड़ने का प्रतीक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे शेष कैडर का मनोबल भी टूटेगा और वे भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित होंगे।

    साल भर में ऐसे बिखरा संगठन
    पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।

    जबकि मिशिर बेसरा और गणपति ये 2 बड़े टॉप के नक्सली बचे हैं, जो वर्तमान में संगठन चला रहे हैं। बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा है जो लड़ाकू है। अगर इसका एनकाउंटर होता है या फिर गिरफ्तारी और सरेंडर होता है तो निश्चित ही नक्सल संगठन खत्म है।

    लगातार ऑपरेशन से टूटा नेटवर्क
    पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने माओवादी नेटवर्क पर लगातार सर्जिकल और रणनीतिक हमले किए हैं। बसव राजू, गुडसा उसेंडी, कोसा, हिड़मा और सुधाकर जैसे बड़े कमांडरों के मारे जाने से संगठन की रीढ़ पहले ही टूट चुकी थी। इसके अलावा भूपति, देवजी, मल्लाजी रेड्डी, रुपेश और सुजाता समेत करीब 2700 माओवादियों के आत्मसमर्पण ने संगठन को बिखेर दिया है। अब बस्तर में करीब 50 माओवादी ही सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनमें कोई बड़ा नेतृत्वकर्ता नहीं बचा है।

    विकास ने बदली तस्वीर
    माओवाद के कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण ग्रामीणों का घटता समर्थन भी रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी ‘जनताना सरकार’ का प्रभाव था, वहां अब सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा कैंप स्थापित हो चुके हैं। सरकार की पुनर्वास नीति और रोजगार के अवसरों ने युवाओं को मुख्यधारा की ओर आकर्षित किया है। इससे माओवादियों का सामाजिक आधार लगभग समाप्त हो गया है।

    झारखंड में बची अंतिम चुनौती
    हालांकि बस्तर, ओडिशा और तेलंगाना में माओवादी प्रभाव काफी हद तक खत्म हो चुका है, लेकिन झारखंड अब भी एक चुनौती बना हुआ है। वहां पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा अपने 70-80 साथियों के साथ सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसकी लोकेशन का पता लगाया जा चुका है, लेकिन उसने अपने ठिकानों के आसपास बारूदी सुरंगों का जाल बिछा रखा है, जिससे ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

    लक्ष्य के करीब सुरक्षा एजेंसियां
    केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा खत्म करने के लक्ष्य के बीच तेजी से बदले हालात सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माने जा रहे हैं। पापा राव का संभावित आत्मसमर्पण इस लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम हो सकता है। यदि झारखंड में भी अंतिम अभियान सफल रहता है, तो देश माओवादी हिंसा के लंबे दौर से पूरी तरह मुक्त हो सकता है।

    जिनके सरेंडर या एनकाउंटर के बाद खत्म होगा एंटी नक्सल ऑपरेशन

    1. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति उर्फ रमन्ना उर्फ राजन्ना, 3.5 करोड़ का इनाम

    2. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सर्निमल उर्फ सुनील, 1.30 करोड़ का इनाम

    1. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति, 3.6 करोड़ का इनाम

    गणपति भाकपा (माओवादी) का पूर्व महासचिव था। 1992 में वो पीपुल्स वॉर ग्रुप (PWG) का महासचिव बना और 2004 में CPI (माओवादी) बनने के बाद 2018 तक इसकी कमान संभाली। पोलित ब्यूरो मेंबर और सेंट्रल कमेटी में एडवाइजर है। 1992 से लेकर 2018 तक जितने नक्सली हमले हुए, सब इसी के नेतृत्व में हुए।

    गणपति पर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार ने 1-1 करोड़ का इनाम रखा है। जबकि आंध्र ने 25 लाख, झारखंड ने 12 लाख और NIA ने 15 लाख का इनाम रखा है। ओडिशा, प. बंगाल और तेलंगाना ने भी गणपति पर इनाम की घोषणा कर रखी है।

    2003 में आंध्र प्रदेश के CM रहे चंद्रबाबू नायडू पर हमले का आइडिया और स्ट्रैटजी दोनों गणपति की थी। नक्सलियों के संगठन में मौजूद हमारे सोर्स के मुताबिक, नायडू पर हमले का आइडिया पोलित ब्यूरो के कई मेंबर्स को जोखिम भरा लगा था। कई लोग इसके सपोर्ट में भी नहीं थे। हालांकि गणपति इससे पीछे हटने को राजी नहीं हुआ। नायडू पर हमले ने केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक को बड़ा झटका दिया था।

    ये सिर्फ अकेली घटना नहीं है, जो गणपति के नेतृत्व में अंजाम दी गई हो। ऐसी 10 बड़ी घटनाएं हैं, गणपति जिनका मास्टरमाइंड रहा।

    2. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर, 1.30 करोड़ का इनाम

    बेसरा झारखंड के गिरिडीह जिले के मदनडीह गांव का रहने वाला है। वो पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी का मेंबर है। इसके अलावा ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो मिलिट्री का इंचार्ज और प्रवक्ता है। मिशिर बेसरा ने कई बड़े हमलों के आइडिया से लेकर प्लानिंग और एग्जीक्यूशन में मुख्य भूमिका निभाई।

    एंबुश लगाने में माहिर:

    पहले एंटी नक्सल टीम का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया, 'बेसरा का सबसे बड़ा काम लेवी वसूलना है। इसके पकड़े गए साथियों ने बताया कि संगठन के लिए बेसरा सबसे ज्यादा पैसा इकट्ठा करता है। टीम को बढ़ाने के लिए वो अपने इलाके के सबसे अच्छे लड़ाकों को रिक्रूट करता है। एक लीडर की तरह हमले की रणनीति बनाता है और खुद भी लड़ता है।

    अधिकारी आगे बताते हैं, 'वो लड़ाकों को ट्रेंड करने के लिए पूरे देश में जाता है। बेसरा के जैसा एंबुश संगठन में कुछ ही लोग लगा पाते हैं। यही वजह है कि उसे पकड़ने के लिए मेरे वक्त तक (2023 तक) करीब 8 टीमें तैनात की गई थीं। अब तो और भी टीमें बन गई हैं।'

    ‘बेसरा लड़ाकों का घेरा बनाने, एंबुश लगाने और बंकर बनाने में माहिर है। उसका काम हमले की रणनीति बनाना और एग्जीक्यूट होने तक उसकी निगरानी करना है। वो अपने इलाके में नई भर्तियां भी करता है। 1990 से नक्सली गतिविधियों में एक्टिव है। उसे कोल्हान-सारंडा जंगलों में किए गए कई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है।’

  • रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, किसानों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की निरंतर मेहनत

    रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, किसानों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की निरंतर मेहनत

    रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन

    11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

    770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि

    रायपुर

     चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे। 

        इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
         उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

    योजना से बहुउद्देशीय लाभ

           इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। 

    योजना से लाभन्वित ग्राम

    परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

  • एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेज़बानी पंजाब को, बैडमिंटन की मेज़बानी भी मिली: सीएम भगवंत मान

    एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेज़बानी पंजाब को, बैडमिंटन की मेज़बानी भी मिली: सीएम भगवंत मान

    जालंधर 

    पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया।
    उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे।

    इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं।

    इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा।

    जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच
    खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे।

    इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा।

    इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।

     

  • दिल्ली विधानसभा और मेट्रो को बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता भी निशाने पर

    दिल्ली विधानसभा और मेट्रो को बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता भी निशाने पर

    नई दिल्ली

     दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है। 

    दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है। 

    बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है। 

    बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। 

    बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

  • तेल संकट में सऊदी अरब और UAE से राहत, भारत के लिए कई टैंकर भेजे गए, सरकार ने दी जानकारी

    तेल संकट में सऊदी अरब और UAE से राहत, भारत के लिए कई टैंकर भेजे गए, सरकार ने दी जानकारी

    मुंबई 

    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच अब भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक UAE से दो LPG कैरियर और सऊदी अरब से एक कच्चे तेल का कैरियर भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। वहीं नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने बढ़ते हुए शिपिंग संकट के चलते ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है।

    जानकारी के मुताबिक भारतीय झंडे वाले जहाज पाइन गैस और जग वसंत लगभग एक साथ ही चल रहे थे। दोनों जहाज सोमवार सुबह 6 बजे UAE के बंदरगाहों से भारत के लिए रवाना हुए। ईरान ने इन दोनों LPG जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी भी दे दी है। वहीं ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन LPG जहाजों को 24 घंटे तक सुरक्षा दे रहे हैं।

    जहाज में कितना LPG?
    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि दोनों जहाज पर लगभग 92,000 टन एलपीजी है। उन्होंने कहा, ''यात्रा शुरू हो चुकी है।'’ शिपिंग मंत्रालय के अनुसार जग वसंत के 26 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि पाइन गैस 28 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंच सकता है। इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक भी सवार हैं।

    सऊदी से आ रहा तेल टैंकर
    इसके अलावा, MT Kallista नाम का एक कच्चे तेल का कैरियर सऊदी अरब के यान्बू बंदरगाह पर तेल भर रहा है और मंगलवार को जेद्दा बंदरगाह होते हुए भारत के पारादीप बंदरगाह के लिए रवाना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के समन्वय से, पनामा के झंडे वाले यह जहाज भी अदन की खाड़ी से गुजरेगा और भारतीय नौसेना इसकी हिफाजत करेगी।

    भारतीय टैंकरों ने ईरान को दी फीस?
    भले ही रिपोर्ट्स में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा मोटी फीस लिए जाने की खबरें थीं, लेकिन भारत ने अपने LPG टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने के लिए ईरान को कोई पैसा नहीं दिया है। भारत में ईरानी दूतावास ने सोमवार को ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया है।

    इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना से कहा है कि वह भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी के आसपास अपने कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जहाजों को तैनात करे। वहीं भारतीय झंडे वाले सभी जहाज़ों के कप्तानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत संकट के समय उनके साथ खड़ा है।

    कितने टैंकर फंसे?
    बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कुल मिलाकर लगभग 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान संभवत: सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से जाने की अनुमति दे सकता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, निषादराज समाज की पंचायत जल्द होगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, निषादराज समाज की पंचायत जल्द होगी

    शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रता निश्चल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त‍समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है।

    कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक संदीप जायसवाल, दीपक टंडन सोनी, वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।

     

  • जंग खत्म करेंगे, लेकिन… – ईरान का अमेरिका को दो शर्तों के साथ सीधा जवाब, 9 अप्रैल तक खत्म हो सकता है युद्ध!

    जंग खत्म करेंगे, लेकिन… – ईरान का अमेरिका को दो शर्तों के साथ सीधा जवाब, 9 अप्रैल तक खत्म हो सकता है युद्ध!

    वाशिंगटन/ तेहरान 

    अमेरिका अब ईरान जंग खत्म करने को रेडी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने का दावा है कि कि ईरान अब युद्ध नहीं लड़ना चाहता. वह समझौता करना चाहता है. उनकी मानें तो अमेरिका सीजफायर को लेकर ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ प्रोडक्टिव बातचीत हो रही है. वहीं ईरान ने ट्रंप के दावों को फेक ही बता दिया है. ईरान का कहना है कि मार्केट को मेनुपुलेट करने के लिए ट्रंप ईरान जंग पर ऐसा दावा कर रहे हैं. अब सवाल है कि क्या सच में ईरान जंग खत्म करने को तैयार नहीं हैं? वह भी तब जब उसके सारे टॉप लीडर्स मारे जा चुके हैं. अब ईरान ने भी अपनी मंशा जाहिर कर दी है. ईरान ने ट्रंप को सीधा जवाब दिया है कि वह भी युद्ध खत्म करने को तैयार है, मगर उसकी कुछ शर्तें हैं। 

    जी हां, ईरान भी अमेरिका और इजरायल संग युद्ध खत्म करना चाहता है. मगर वह ऐसे ही जंग खत्म नहीं करना चाहता. उसकी कुछ शर्तें हैं. ईरान का कहना है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते और अमेरिका द्वारा युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर दी जाती. जी हां, ईरान अब अमेरिका से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई चाहता है. साथ ही वह अपने ऊपर लगे सारे सैंक्शन्स हटवाना चाहता है. ये दोनों चीजें अमेरिका मान लेता है तो फिर ईरान इस युद्ध को आगे नहीं बढ़ाएगा और डोनाल्ड ट्रंप की बात मान लेगा। 

    क्या मानेंगे डोनाल्ड ट्रंप?
    मगर सवाल है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान की इन शर्तों को मानेंगे? दरअसल, ईरान के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि युद्ध का अंत ईरान के हाथ में है. ईरान इसे तभी समाप्त मानेगा जब अमेरिका से पूर्ण मुआवजा मिले और भविष्य में हस्तक्षेप न करने की गारंटी हो. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को ‘समाप्त करने की दिशा में’ विचार करने की बात कही थी. ट्रंप प्रशासन ने तेल की कीमतों में भारी उछाल को नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर कुछ प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटाए हैं, जिससे लगभग 140 मिलियन बैरल तेल बाजार में आ सकता है. लेकिन ईरान इसे अपनी जीत के रूप में देख रहा है और अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। 

    ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
    ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी दोहराया कि युद्ध अमेरिका द्वारा शुरू किया गया था और इसके सभी परिणामों के लिए वाशिंगटन जिम्मेदार है. उन्होंने मुआवजे, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य अड्डों की वापसी और भविष्य में हमलों की गारंटी की मांग की है. ईरान का कहना है कि बिना इन शर्तों के कोई युद्धविराम स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

    ट्रंप का क्या दावा?
    वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को उस ईरानी नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया, जिसके साथ अमेरिका तीन सप्ताह से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि वार्ताकार एक ‘शीर्ष व्यक्ति’ है, जो उस देश में ‘सबसे सम्मानित’ है. खबरों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। 

    व्हाइट हाउस का जवाब
    इधर, समाचार एजेंसी ANI ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क किया और पूछा कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति मिशन के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत स्टीव विटकॉफ, और व्यवसायी व अमेरिका के राष्ट्रपति के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर इस सप्ताह इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे? इस पर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने जवाब दिया, ‘ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा. यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में की जा रही अटकलों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए। 

    9 अप्रैल तक खत्म हो जाएगा युद्ध?

     मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर एक नई और दिलचस्प जानकारी सामने आ रही है. इजराइली मीडिया आउटलेट वाईनेट ने एक अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे युद्ध को अप्रैल महीने की 9 तारीख तक खत्म करने की योजना बना रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 9 अप्रैल को युद्ध समाप्त करने की संभावित तारीख तय की है. अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक ही चलता है तो इसका मतलब है कि लड़ाई और बातचीत में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। 

    रिपोर्ट ये भी कहती है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता इसी हफ्ते के अंत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है. इसे लेकर न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी जानकारी दी है कि दोनों पक्षों में बात के लिए इस्लामाबाद को चुना जा सकता है. हालांकि इजरायली रिपोर्ट में ये भी कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल डे के मौके पर नेतन्याहू सम्मानित करने का वादा कर चुके हैं. अगर तब तक ये युद्ध रुका नहीं, तो ये सम्मान समारोह भी टल जाएगा और ट्रंप ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते। 

    क्यों 9 अप्रैल तक खत्म होगा युद्ध?
    दरअसल दिसंबर, 2025 के अंत में इजराइल
    के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद एक विशेष सम्मान देने का वादा किया था. यदि 9 अप्रैल तक युद्ध खत्म होता है, तो यह ट्रंप के लिए इजराइल के स्वतंत्रता दिवस यानि 21-22 अप्रैल के दौरान वहां यात्रा करने और इजराइल प्राइज लेने का मौका देगा. ये देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इसके बाद भी आने वाले तीन हफ्तों के लिए आगे की योजनाएं बनाई जा रही हैं। 

    इजरायल-अमेरिका के बीच बात भी नहीं?
    इजराइल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि उनकी सेना ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई यहूदी त्योहार पासओवर तक जारी रखेगी, जो इस साल 1 से 8 अप्रैल के बीच पड़ रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेरी के साथ अपने संपर्कों की जानकारी इजराइल को नहीं दी थी. एक इंटरव्यू में यह भी कहा गया कि गालिबाफ अमेरिका के साथ बातचीत की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 

    अब तक युद्ध में क्या-क्या हुआ?
        यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था. शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यह संघर्ष लगभग एक महीने तक चल सकता है, लेकिन 11 मार्च को उन्होंने कहा कि यह किसी भी समय खत्म हो सकता है। 

        23 मार्च को ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर हमला नहीं करेगा और तेहरान के साथ बातचीत की बात कही थी. हालांकि, ईरान ने इस तरह की किसी भी बातचीत से इनकार किया है। 

        इससे पहले अमेरिका ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया जाएगा. इसके जवाब में ईरान ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो वह पूरे मध्य पूर्व में ऊर्जा, आईटी और पानी शुद्धिकरण से जुड़े ढांचों को निशाना बनाएगा। 

        दुनिया की लगभग 20% ऑयल एंड एलएनजी सप्लाई होर्मुज से होकर गुजरती है. इस संघर्ष का असर यूक्रेन समेत अन्य देशों पर भी पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार इससे ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है और आगे गैस की कीमतों तथा सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। 

     

  • दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति

    दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी

    शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी

    रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत
    दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति
    शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों और उनकी निरंतरता की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति के अलावा शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। मंत्रि-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति सहित अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

    शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी

    मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 1 जुलाई, 2025 से 03 प्रतिशत की वृद्धि करते हुये कुल 58 प्रतिशत के मान से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया। छठवें वेतनमान के कार्मिकों एवं निगम / मंडल / उपक्रम के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में कार्यरत पांचवें एवं चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।

    स्वीकृति अनुसार 1 जुलाई, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छः समान किश्तों में किया जायेगा। प्रथम किश्त का भुगतान मई माह में, द्वितीय किश्त का भुगतान माह जून में, तृतीय किश्त का भुगतान माह जुलाई में, चतुर्थ किश्त का भुगतान माह अगस्त में, पांचवी किश्त का भुगतान माह सितम्बर में और छठवी किश्त का भुगतान माह अक्टूबर में किया जायेगा।

    एक जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2026 की अवधि में सेवानिवृत और मृत शासकीय सेवकों के संबंध में उन्हें अथवा नामांकित सदस्य को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। राज्य शासन के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 01 जनवरी, 2026 से सातवें वेतनमान अंतर्गत 58 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत स्वीकृत करते हुये छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी, 2026 के पत्र पर सहमति प्रदान की गई।

    रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत

    मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा जिले की महाना माईक्रो सिंचाई परियोजना की लागत 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।

    शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों/पुलिस/होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरूष अभ्यर्थी को 1 हजार रूपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रूपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जायेगी।

    स्वीकृति अनुसार प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों द्वारा भरी जायेगी। इसके अंतर्गत नि:शुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जायेगी।

    दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाने का निर्णय लिया गया है।

    आंगनवाड़ी में अति कम वजन (SUW)के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार में वृदि्ध की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गयी वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रूपये से बढ़ाकर 12 रूपये किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

    लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रूपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रूपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रूपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रूपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

    जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिये वित्तीय राशि 102 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

    खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रूपये, विभागाध्यक्ष कार्यालय म.प्र. राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की योजना के लिए राशि 354 करोड़ 03 लाख रुपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 3.90 करोड़ रूपये, नियंत्रक नापतोल कार्यालय के लिए 16 करोड़ 50 लाख रुपये और खाद्य आयोग के गठन के लिए 16 करोड़ रूपये सहित 22 विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन की स्वीकृति प्रदान की गई है।