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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का अहम योगदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का अहम योगदान

    व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा सभी क्षेत्रों में सिंधी समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री निवास में होगी सिंधी समाज की पंचायत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी चेटीचंड पर्व की मंगलकामनाएं

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ रही है। हर समुदाय की परंपराओं और संस्कृति को सम्मान देना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। चाहे व्यापार हो, शिक्षा हो या समाज सेवा, सिंधी समाज ने अपने परिश्रम समर्पण और सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज के नववर्ष के रूप में मनाये जाने वाले भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज बंधुओं को पर्व की मंगलकामनाएं दीं। विधायक भगवान दास सबनानी तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चेटीचंड नव वर्ष के आरंभ का प्रतीक होने के साथ आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमें भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं के अनुरूप सद्भाव, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज ने संघर्ष और कठिनतम परिस्थितियों में स्वयं को पुनः स्थापित करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लगभग 1200 वर्ष पहले राजा दाहिर द्वारा विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया योगदान इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश विभाजन की कठिनाइयों का भी सिंधी समाज ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया तथा संघर्ष कर पुन: स्वयं को स्थापित कर अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हेमू कालानी का स्मरण किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवानी के योगदान की सराहना की।

    विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव आम आदमी की समस्याओं की प्रति संवेदनशील हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और प्रदेशवासियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।

     

  • ईद की नमाज के बाद भोपाल में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारे, सुन्नी और शिया के अलग-अलग कार्यक्रम

    ईद की नमाज के बाद भोपाल में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारे, सुन्नी और शिया के अलग-अलग कार्यक्रम

     भोपाल 

    ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया।

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया।

    भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा।

    इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही।

    उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई।

    करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।”

    इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे।

    शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।

     

  • तेल-गैस होर्मुज से 3-4 दिन में बंदरगाहों तक पहुंचेगा’, अमेरिकी अधिकारी का महत्वपूर्ण खुलासा

    तेल-गैस होर्मुज से 3-4 दिन में बंदरगाहों तक पहुंचेगा’, अमेरिकी अधिकारी का महत्वपूर्ण खुलासा

    नई दिल्‍ली

    अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने शुक्रवार को कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से तीन-चार दिनों के भीतर एशिया तक आपूर्ति पहुंच जाएगी। 

    यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने समुंद्र में फंसे ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा दिया है और 30 दिनों के लिए इन प्रतिबंधों से ढील दी है. इससे पहले वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. इस कदम का उद्देश्य ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के कारण बढ़ती कीमतों को कम करना है। 

    फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्‍यू में क्रिस राइट ने कहा कि कुछ ही दिनों में, तीन या चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद तेल की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सकेगा. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण ईरान की कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता सीमित हो गई है, जिससे तेल का भंडार बाजारों तक पहुंच नहीं पा रहा है। 

    ईरान से प्रतिबंध हटाया 
    अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल टैंकरों को छूट दी है. अब ये तेल टैंकर एशिया के बंदरगाहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं. अमेरिका ने 1 महीने यानी 19 अप्रैल तक इसमें छूट दी है। 

    गौरलब है कि वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कार्रवाइयों के बाद कीमतों में भारी उछाल आया है. प्रतिबंध हटाने से आपूर्ति की समस्‍या खत्‍म हो सकती है। 

    गंभीर संकट का समाना कर सकती है दुनिया
    ऊर्जा अधिकारियों ने बाजार के दबाव को कम करने और इन आपूर्तियों पर निर्भर अन्य क्षेत्रों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए तेल की सप्‍लाई बनाए रखने पर जोर दिया है. इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति बहाल करने में 6 महीने तक का समय लग सकता है. फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्‍यू में बिरोल ने चेतावनी दी कि दुनिया इतिहास के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर सकती है। 

    इसके अलावा, सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान से संबंधित आपूर्ति में रुकावटें अप्रैल के अंत तक जारी रहती हैं, तो तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी अधिक हो सकती है. अनुमानों के अनुसार, 180 डॉलर प्रति बैरल की दर पर अमेरिकियों को 7 डॉलर प्रति गैलन से अधिक भुगतान करना होगा। 

  • ट्रंप का बड़ा बयान, मिशन ईरान खत्म होने के बाद जंग पर लग सकता है ब्रेक

    ट्रंप का बड़ा बयान, मिशन ईरान खत्म होने के बाद जंग पर लग सकता है ब्रेक

    वाशिंगटन

    अमेरिका-ईरान युद्ध के 21वें दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला 'एग्जिट प्लान' साझा किया है.  'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के 'बेहद करीब' है और अब वह मध्य पूर्व में जारी अपने बड़े सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने (Winding Down) पर विचार कर रहा है। 

    ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उन उपलब्धियों को गिनाया जिन्हें वे जीत का आधार मान रहे हैं' उन्होंने कहा, 'हमने ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा औद्योगिक आधार, नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है' ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियारों के करीब न पहुंच सके। 

    इस दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों-इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत की सुरक्षा सुनिश्चित की है और आगे भी उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। 

    ट्रंप के इस बयान का सबसे अहम हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा को लेकर था. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो देश इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल अपने तेल और व्यापार के लिए करते हैं, अब सुरक्षा और पुलिसिंग की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर मदद कर सकता है, लेकिन यह जिम्मेदारी अन्य देशों को निभानी चाहिए। 

    ट्रंप ने तर्क दिया, 'अमेरिका इस रास्ते का उपयोग नहीं करता है, इसलिए अन्य देशों को आगे आना चाहिए'' उन्होंने इसे उन देशों के लिए एक 'आसान सैन्य अभियान' बताया और कहा कि ईरान का खतरा खत्म होने के बाद अमेरिका की मुख्य भूमिका की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। 

    आपको बता दें कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. हाल के हफ्तों में यहां हमलों और तनाव के कारण वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ा है. ट्रंप के इस बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब युद्ध को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। 

  • अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री

    अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री

    श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम 

    सनातन विरोध वाले स्थानों पर नहीं जाती वर्तमान पीढ़ी: सीएम योगी

    अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री 

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना

    मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया में युद्ध चल रहे और हम कर रहे रामराज्य की अनुभूति

    अयोध्या/लखनऊ
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है।

    हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चा भारतीय आनंदित
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। 

    राम मंदिर को अंधविश्वास बताने वाले सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। 

    श्रीराम मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का बना प्रतीक 
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि भारत इसलिए भारत बना है, क्योंकि इसे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और भारत की आस्था ने सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में बनाए रखा। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ जुड़कर न केवल प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी के मन में भी आनंद की अनुभूति हो रही है।

    2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु आए उत्तर प्रदेश 
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करने उत्तर प्रदेश आए। अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुम्भ, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने जितने लोग आए, उतनी आबादी कई देशों की नहीं है। यह नया और बदलता भारत है। वर्तमान पीढ़ी अब दिग्भ्रमित नहीं है, वह सही दिशा में जा रही है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। लोग किसी ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाते, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है।

    सीएम योगी ने बलिदान देने वाले रामभक्तों, संतों को किया नमन 
    सीएम ने राम मंदिर निर्माण यज्ञ में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों/श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले रामभक्तों के साथ ही संतों व दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल आदि को नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया।

    इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मां अमृतानंदमयी (अम्मा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भैया जी, श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों के पारिवारिक सदस्यों समेत हजारों रामभक्त मौजूद रहे।

  • असम चुनाव 2026: Himanta Biswa Sarma का नामांकन दाखिल, लगातार 7वीं बार लड़ेंगे चुनाव

    असम चुनाव 2026: Himanta Biswa Sarma का नामांकन दाखिल, लगातार 7वीं बार लड़ेंगे चुनाव

    गुवाहाटी
    असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उनका सातवां चुनाव है। मुख्यमंत्री सरमा ने जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र भरा है। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहला चुनाव हारने के बाद लगातार पांच चुनाव जीते हैं और इस बार भी उन्हें अपने क्षेत्र की जनता का पूरा समर्थन मिलने की उम्मीद है। विपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम हेमंता सरमा ने कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें एक संस्था मानती है, तो यह उनके लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस ने मुझे एक संस्था के स्तर तक पहुंचा दिया है, तो मुझे इससे खुश होना चाहिए, न कि विवाद करना चाहिए।" शुक्रवार की सुबह ही मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है न कि कोई दान।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "हमारी संस्कृति कोई नारा नहीं है, यह हमारे त्योहारों, हमारी प्रार्थनाओं और हमारे लोगों में जीवित है।" उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को जीवित रखने वाले समुदायों के साथ खड़ा रहना सरकार का कर्तव्य है।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसके तहत हर रास समिति को 25,000 रुपए की मदद दी जा रही है, जिससे रास उत्सव को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके। यह उत्सव असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का अहम हिस्सा है।

    इसके अलावा, राज्य में 8,000 से अधिक पूजा समितियों को 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित हो सकें। सरकार ने 620 उदासीन भक्तों के लिए हर महीने 1,500 रुपए की सहायता भी सुनिश्चित की है, जो आध्यात्मिक परंपराओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • जंग की आहट महंगी पड़ी: ईरान तनाव से पेट्रोल कीमतों में बड़ा इजाफा

    जंग की आहट महंगी पड़ी: ईरान तनाव से पेट्रोल कीमतों में बड़ा इजाफा

    नई दिल्ली
    पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है।

    इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है।

    फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।

     

  • राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

    राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है।

    मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। 

    इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश
    आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा।

    मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका
    भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

    चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में
    गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

    दिल्ली तक पहुंचा मामला
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।

     2028 चुनाव की तैयारी
    भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

    सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं।

    कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद

    राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं—

    महिला आयोग

    अनुसूचित जाति आयोग

    अनुसूचित जनजाति आयोग

    पिछड़ा वर्ग आयोग

    अल्पसंख्यक आयोग

    इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    कब आएगी सूची?
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है।

    इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें 
    आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

  • ओलावृष्टि और बारिश ने मचाई हलचल, 34 जिलों में अलर्ट, फसलों को हुआ नुकसान

    ओलावृष्टि और बारिश ने मचाई हलचल, 34 जिलों में अलर्ट, फसलों को हुआ नुकसान

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी।

    आज यहां ओले गिरने का अलर्ट
    मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में बारिश और आंधी
    भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है।

    सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी
    सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।  

    इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी
    भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।

    मंडला में 3.8 मिमी बारिश
    मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

    जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश
    जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।  

    छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता
    इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।  

    शुजालपुर में रुक-रुक बारिश
    शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है। 

    अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे
    मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी।

    खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता
    खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है।

    50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर
    क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।

    इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा
    वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। दिन में तापमान 33.6 डिग्री तक दर्ज हुआ। रात 9 बजे के बाद अचानक मौसम बदला। दक्षिण-पश्चिमी हवा तेज हुई और बारिश होने लगी। 52 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इस दौरान शहर के अनेक हिस्सों में बिजली गुल हो गई और अंधेरा पसर गया।

    मौसम विभाग ने इंदौर समेत खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, देवास व अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। अगले 2 दिनों तक वज्रपात, झंझावात व झोंकदार हवा चलने की चेतावनी दी है। गुरुवार को इंदौर में अधिकतम तापमान 33.6 व न्यूनतम 18.4 डिग्री रहा। तेज हवा के साथ जोरदार बिजली कड़की। कई इलाकों रीगल तिराहा, छोटी ग्वालटोली, एमजी रोड, पलासिया, विजयनगर, स्कीम न. 114 आदि स्थानों पर बिजली गुल हो गई। मौसम विभाग ने आगर, दक्षिण धार, खंडवा, ओंकारेश्वर में आंधी के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका जताई है।

    तेज हवा आंधी के साथ रतलाम में बारिश
    इधर, रतलाम में तेज हवा और आंधी के साथ गुरुवार शाम शहर में बारिश का दौर शुरू हुआ। हवा का वेग इतना तेज रहा की दोपहिया वाहन चालकों को यहां वहां रुकना पड़ा। सुबह से हो रही उमस और गर्मी से लोगों ने राहत पाई। शहर के अलावा जिले के ​शिवगढ़, रावटी, सैलाना में भी बारिश का दौर शाम को जारी रहा।

    बैतूल के मुलताई में चने आकार के ओले गिरे, रानीपुर में बारिश
    वहीं, बैतूल जिले में खासकर मुलताई समेत आसपास के इलाकों में गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे बारिश हुई। यही नहीं, यहां करीब 10 मिनट चने के आकार के ओले भी गिरे। गोपाल तलाई, नरखेड़ और प्रभात पट्टन में भी बारिश व ओलावृष्टि हुई। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रानीपुर इलाके में भी सुबह बारिश हुई। रानीपुर के साथ जुवाड़ी, मेहकार, हीरावाड़ी, मयावानी, रतनपुर, शोभापुर, चारगांव और कतियाकोयलारी गांवों में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से फसलों को नुकसान बताया जा रहा है। किसान नरेंद्र कुमार महतो ने बताया कि इस समय गेहूं, चना, बटना और सरसों की फसलें पककर पूरी तरह तैयार हैं। बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, बारिश से गर्मी से राहत भी मिली है।

    ग्वालियर में झमाझम
    सूबे के ग्वालियर जिले में भी सुबह से बारिश का दौर शुरु हो गया है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिन में सर्दी का एहसास हुआ।

  • कुवैत रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले से भारी नुकसान, आग में कई यूनिट्स बंद, तीन को फांसी

    कुवैत रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले से भारी नुकसान, आग में कई यूनिट्स बंद, तीन को फांसी

    तेहरान 
    अमेरिका–ईरान युद्ध अपने 20वें दिन पूरे होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में हमले तेज हो गए हैं. हालांकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह “कहीं भी सेना तैनात करने” पर विचार नहीं कर रहे हैं. वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि वो यह जंग जीत रहे हैं और ईरान युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया है. नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा।

    ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमला किया है जिससे उसे नुकसान पहुंचा है. जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेज रहा है।

    कुवैत की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक
    कुवैत ने जानकारी दी है कि मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर रात में ड्रोन हमला हुआ, जिससे कुछ यूनिट्स में आग लग गई. KPC के अनुसार, दमकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई की और सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यूनिट्स को बंद कर दिया गया।

    ईरान पर अचानक हमला करना सरप्राइज था- डोनाल्ड ट्रंप
    व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर हमले का उल्लेख किया, जिस पर प्रधानमंत्री ताकाइची कुछ असहज दिखाई दीं।

    ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हालिया हमलों से पहले किसी को जानकारी नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका सरप्राइज देना चाहता था. उन्होंने आगे कहा कि सरप्राइज के महत्व को जापान से बेहतर कौन समझ सकता है, जैसे कि पर्ल हार्बर हमले से पहले भी कोई सूचना नहीं दी गई थी।

    ईरान ने मोजतबा खामेनेई का ‘रेयर वीडियो’ किया जारी
    अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही जंग जारी है, लेकिन अभी तक जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने मोजतबा खामेनेई का एक रेयर वीडियो जारी किया है।

    ट्रंप को कौन बता सकता है कि क्या करना है? – बेंजामिन नेतन्याहू
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह दावा खारिज किया है कि उन्होंने अमेरिका को इजरायल-ईरान संघर्ष में शामिल किया है. नेतन्याहू ने कहा, “क्या सच में कोई सोचता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है?”

    ईरान पर किए गए हमले का आज 20वां दिन है. इस दौरान युद्ध में कोई कमी नहीं आई है. साथ ही युद्ध थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी है. इसी क्रम में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब के भी मारे जाने की ताजा खबर सामने आई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसकी पुष्टि की है. इस तरह पिछले दो दिनों में ईरान के तीन ताकतवर लोग मारे गए. इससे पहले मंगलवार को इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे. इस बीच ईरान ने लारिजानी के मारे जाने के बदले में इजराइल और खाड़ी देशों में हमले तेज कर दिए. अबु धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि अबु धाबी में हबशान गैस प्लांट को हाल ही में रोकी गई मिसाइलों के मलबे से हुई एक घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया है।

    ऑफिस ने आगे बताया कि अधिकारी बाब ऑयलफील्ड और गैस प्लांट में हुई घटनाओं पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की, गैस प्लांट में काम रोक दिया गया है, और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. कतर में बीती रात फारसी खाड़ी में अहम ऊर्जा इंफ़्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनियों के बाद कतर की एक बड़ी फैसिलिटी में आग लगने की खबरें आई और सऊदी अरब के ऊपर हवाई खतरों को रोका गया. कतर के गृह मंत्रालय ने बुधवार को पर एक पोस्ट में बताया कि सिविल डिफेंस की टीमें रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई।

    यह जगह प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक अहम केंद्र है और कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. सऊदी अरब, कुवैत और अन्य अरब देशों को भी बुधवार को ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार का सामना करना पड़ा, जिन्हें हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा बीच में ही रोक दिया गया. वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान का होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग पर अपनी कड़ी पकड़ छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. यह जलडमरूमध्य तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

    यूरोपियन देशों और जापान ने होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमलों की निंदा की

    लंदनः यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान के नेताओं ने गुरुवार को खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों और तेल और गैस प्लांट समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरानी हमलों की निंदा की, क्योंकि इस इलाके में संघर्ष बढ़ रहा है. एक जॉइंट स्टेटमेंट में, देशों ने ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने पर चिंता जताई और तेहरान से धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों, और स्ट्रेट को ब्लॉक करने वाली दूसरी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील की, और यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 2817 का पालन करने की अपील की।

    बयान में कहा गया, "नेविगेशन की आज़ादी इंटरनेशनल कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी भी शामिल है." बयान में ईरान की कार्रवाइयों के दुनिया भर में असर पर ज़ोर दिया गया, खासकर सबसे कमज़ोर आबादी पर, और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले हमलों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई. देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का करने की कोशिशों में मदद करने की तैयारी जताई और दूसरे देशों की तैयारी की प्लानिंग का स्वागत किया।

    बयान में आगे कहा गया, "UNSC रेज़ोल्यूशन 2817 के मुताबिक, हम इस बात पर ज़ोर देते हैं कि इंटरनेशनल शिपिंग में इस तरह की दखलअंदाज़ी और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इस बारे में, हम तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों पर तुरंत पूरी रोक लगाने की मांग करते हैं." होर्मुज स्ट्रेट एक ज़रूरी ट्रांज़िट रूट है जो आम तौर पर हर दिन 15 मिलियन बैरल कच्चा तेल और 5 मिलियन बैरल तेल प्रोडक्ट्स को हैंडल करता है, जो दुनिया भर के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 परसेंट है।