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  • यूपी में महिला ई-रिक्शा पायलटों का उद्घाटन, अयोध्या और अन्य 5 जिलों में हुई शुरुआत

    यूपी में महिला ई-रिक्शा पायलटों का उद्घाटन, अयोध्या और अन्य 5 जिलों में हुई शुरुआत

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश में महिला ई-रिक्शा पायलटों की फौज तैयार की जा रही है, जिससे बालिकाओं और महिलाओं को विद्यालय, कार्यस्थल और अन्य जरूरी स्थानों तक सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक परिवहन मिल सकेगा। इस योजना के तहत शुरुआत में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 1000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी में इस सुविधा की शुरुआत कर दी गई है, जबकि लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, देवरिया, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में इसे जल्द शुरू किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका सीधा रिश्ता महिला सुरक्षा से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के लिए अब महिला चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा बेहतर समाधान बनकर उभर रही है।

    उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के तकनीकी सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम ने अब तक प्रभावी परिणाम दिए हैं। पांच जनपदों में 119 महिलाओं को ई-रिक्शा देकर उद्यमी बनाया जा चुका है। वहीं, 629 महिलाओं को संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है और 244 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया गया है। इस पहल से जुड़ी महिलाएं अब सिर्फ वाहन ही नहीं चला रहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक धुरी भी बन रहीं हैं। योजना से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक पहुंचने की बात इस मॉडल की सफलता को और मजबूत बनाती है।

    ‘सेफ मोबिलिटी’ का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। इससे बेटियों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी, कामकाजी महिलाओं का सफर सुरक्षित बनेगा, गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेंगी।

    महिला सुरक्षा, सम्मानजनक परिवहन और स्वरोजगार इन तीनों मोर्चों पर एक साथ असर डालने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश को नई पहचान दे रही है। यही वजह है कि महिला सुरक्षा में यूपी अब मॉडल स्टेट के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ता दिख रहा है और ई-रिक्शा महिला पायलटों की यह नई फौज गांवों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की तैयारी में है।

  • बंगाल-सिक्किम में फटेंगे बादल, 80KM वेग से बारिश, UP-बिहार में अगले 72 घंटे भारी बारिश का खतरा

    बंगाल-सिक्किम में फटेंगे बादल, 80KM वेग से बारिश, UP-बिहार में अगले 72 घंटे भारी बारिश का खतरा

    कलकत्ता

     देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। 

    बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

        पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है। 

        IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। 

    दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम

    दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी। 
    उत्तर प्रदेश में भारी बारिश

        उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। 

        मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। 

    बिहार में मौसम का बदलाव

        बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 

        6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है। 

    राजस्थान में मौसम ने ली करवट

    राजस्थान में भी मौसम ने करवट ले ली है और कई इलाकों में इसका असर साफ देखा जा सकता है. 6 से 8 अप्रैल के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभागों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 7 अप्रैल को इन गतिविधियों का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है, जब कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी की स्थिति बन सकती है. इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि 8 अप्रैल के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना जताई गई है। 
    मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश

    मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. 8 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे किसानों को नुकसान हो सकता है. हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो स्थानीय स्तर पर असर डाल सकती है. इस मौसमीय बदलाव के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम की अस्थिरता बनी रहेगी। 
    पहाड़ी राज्यों का मौसम

        उत्तराखंड: उत्तराखंड में 6 और 7 अप्रैल को मौसम काफी सक्रिय रहने की संभावना है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इससे यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

        हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 7 और 8 अप्रैल को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में तेज हवाएं और बारिश हो सकती है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है.

        जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में 8 और 9 अप्रैल को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है. निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है. 12 अप्रैल के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है.

    दक्षिण भारत का भी जान लीजिए हाल

    दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है, खासकर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में. यहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. नमी बढ़ने के कारण वातावरण में बदलाव आया है और इससे मौसम का मिजाज प्रभावित हुआ है. कुछ इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है, लेकिन बारिश के कारण उमस भी महसूस हो सकती है. यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। 
    नॉर्थ ईस्ट में होगी लगातार बारिश

    पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय बना हुआ है और यहां लगातार बारिश हो रही है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. 8 और 9 अप्रैल को मौसम और ज्यादा गंभीर हो सकता है, जब भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 

    5 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब:

    क्या आने वाले दिनों में मौसम और खराब होगा?

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिन तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि जारी रह सकती है. इसके बाद धीरे-धीरे सुधार की संभावना है, लेकिन पूरी तरह स्थिर होने में समय लग सकता है.

    किसानों के लिए यह मौसम कितना खतरनाक है?

    यह मौसम किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं और फल-सब्जियों की फसल पर असर पड़ सकता है. किसानों को सतर्क रहने और फसल की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है.

    क्या बिजली गिरने का खतरा ज्यादा है?

    हां, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. खुले स्थानों पर रहने से बचें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों. सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

    तापमान पर इसका क्या असर पड़ेगा?

    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है. इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम ठंडा और नम बना रहेगा.

    लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

    खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें. तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम अपडेट पर नजर रखें. किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

  • मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा: दो राज्यों को जोड़ने वाला फोर लेन बायपास होगा सांस्कृतिक पुल

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा: दो राज्यों को जोड़ने वाला फोर लेन बायपास होगा सांस्कृतिक पुल

    दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (ज़िला झाँसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा।

    केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है। झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पाँच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।

     

  • जालंधर में बढ़ी सुरक्षा, DPS और मेयर वर्ल्ड समेत कई स्कूलों को बम से धमकी

    जालंधर में बढ़ी सुरक्षा, DPS और मेयर वर्ल्ड समेत कई स्कूलों को बम से धमकी

    जालंधर 
     पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है।

    जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना
    जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
    धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद 
    फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है।

    साइबर सेल कर रही जांच
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

    ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां
    धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

    बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र
    ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी
    प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं
    केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार
    उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

    उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

    10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

    अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • युद्ध की आग में जलती दुनिया, ईरान-अमेरिका संघर्ष से गहराया वैश्विक खाद्य संकट, 4.5 करोड़ लोगों पर भुखमरी का साया

    युद्ध की आग में जलती दुनिया, ईरान-अमेरिका संघर्ष से गहराया वैश्विक खाद्य संकट, 4.5 करोड़ लोगों पर भुखमरी का साया

     नई दिल्ली

    ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच एक रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ईरान ने इसे अपनी जीत बताया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे बड़ी सैन्य सफलता करार दिया है।

    ईरान ने रविवार को दावा किया कि दक्षिण इस्फहान में अमेरिका को कड़वी हार का सामना करना पड़ा। यह बयान उस समय आया जब एक अमेरिकी एफ-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य को बचा लिया गया, जो विमान गिरने के बाद लापता हो गया था।

    ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने कहा कि इस घटना ने अमेरिकी सेना की कमजोरी को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनल्ड ट्रंप जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान एक सी-130 श्रेणी का विमान भी मार गिराया गया। जोल्फाघरी ने इसे ईरानी सेना की बहादुरी और साहस का उदाहरण बताया।

    ट्रंप ने बताया बड़ी सफलता
    जहां ईरान इसे अपनी जीत बता रहा है, वहीं डोनल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की बड़ी सफलता कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि घायल पायलट अब सुरक्षित है और यह मिशन अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक है।

    ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में कई विमान और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन के इलाके में जाकर दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाना सेना की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के आसमान में अमेरिका की ताकत और नियंत्रण को दिखाता है।

    ऑपरेशन के दौरान टकराव
    ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 विमान को निशाना बनाया गया। कुछ तस्वीरों में रेगिस्तानी इलाके में धुआं उठता हुआ भी दिखाया गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ईरानी लोगों ने भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी की। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं।
    युद्ध का बढ़ता असर

    इस संघर्ष का असर अब आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई अहम समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध जून तक जारी रहा, तो दुनिया भर में 4.5 करोड़ और लोग भूख के संकट में फंस सकते हैं।

    पहले से ही 32 करोड़ लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। इस बीच मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।

  • हरियाणा में स्लीपर सेल की तलाश तेज, पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में मेवात बेल्ट से संदिग्ध युवक धरे गए

    हरियाणा में स्लीपर सेल की तलाश तेज, पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में मेवात बेल्ट से संदिग्ध युवक धरे गए

    पलवल

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के तार मेवात से फिर जुड़ गए हैं। नूंह, हथीन, तावड़ु और पलवल से कई बार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। ताजा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी ने पाक के लिए जासूसी के शक में पलवल और मेवात से आठ युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों एजेंसियों का स्टाफ पाक जासूसी के कथित स्लीपर सेल की तलाश में जुटा है.

    युवकों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को भी हथीन के गांव पावसर में पहुंचकर टीम ने हिरासत में लिए गए युवकों के घरों में जाकर जांच की। जांच गोपनीय ढंग से कई गई। बहीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल स्टाफ ने संबंधित युवकों की गतिविधियों की जानकारी ली। टीम के अन्य केंद्रीय एजेंसी के लोग भी शामिल रहे।

    2017 से जुड़े हैं तार
        सूत्रों के अनुसार, साल 2017 में एक संदिग्ध कश्मीर युवक हथीन के गांव पावसर आया था। उसने एक धर्मस्थल में शरण ली थी।
        इस दौरान उसके संपर्क में स्थानीय युवक आए और धीरे-धीरे नूंह जिले के कुछ युवक भी उसके नेटवर्स में जुए गए।
        बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति खुद को कश्मीरी बताता था और पावसर के अलावा मेवात के तावड़ू सहित अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा।
        आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था और क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था।

    कुछ समय बाद वहां से चला गया
    सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवक कुछ समय बाद यहां से चला गया, लेकिन अपने बनाए संपर्कों के जरिए सक्रिय बना रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पावसर के चार युवकों को हिरासत में लिया, जिन्हें आगे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया। अबतक कुल आठ युवकों से पूछताछ की जा चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संदिग्धों को एजेंसियों के हवाले किया है और आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियां ही देगी।

    पहले भी सामने आ चुके हैं जासूसी के मामले
    पिछले वर्ष 28 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने आलीमेव निवासी तौफीक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय सूचनाएं पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी तक पहुंचाने का आरोप था। उसने पाकिस्तानी की यात्रा भी की थी। इसके अलावा यूट्यूबर वसीम अकरम को भी कोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर पाक दूतावास के कर्मचारी दानिश के संपर्क में था।

     

  • MP का शराब बाजार प्रभावित: आबकारी विभाग ने निर्यात पर कड़ा प्रतिबंध लगाया

    MP का शराब बाजार प्रभावित: आबकारी विभाग ने निर्यात पर कड़ा प्रतिबंध लगाया

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश में बीयर का संकट बढ़ता जा रहा है। बीयर का सीमित स्टॉक होने की वजह से आबकारी विभाग ने अन्य राज्यों में बीयर के निर्यात पर रोक लगा दी है। शराब के प्रीमियम ब्रांड का स्टॉक भी सीमित है। इसके साथ ही प्रदेश में नई शराब दुकानों के संचालन के शुरुआती दिनों में ही सप्लाई और बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ठेकेदारों का कहना है कि प्रीमियम ब्रांड्स के बिना दुकान चलाना लगभग असंभव है, लेकिन इन कंपनियों के लोकप्रिय ब्रांड्स की बिलिंग ही शुरू नहीं हो पाई है। ठेकेदारों का आरोप है कि आबकारी विभाग समय पर माल उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जिसके कारण कई दुकानों में शुरुआती दिनों से ही बेचने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद नहीं है। ऐसे में ठेकेदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुकान में माल ही नहीं होगा, तो वे करोड़ों रुपये की आबकारी ड्यूटी कैसे जमा करेंगे।

    स्थिति यह है कि आठ से 10 दिन केवल स्टॉक उपलब्ध कराने में ही निकल सकते हैं। ग्रीष्म ऋतु में बीयर सीजन का पीक पीरियड होता है। यदि इस दौरान दुकानों पर बीयर और प्रीमियम ब्रांड्स उपलब्ध नहीं हुए, तो ठेकेदारों को शुरुआती चरण में ही भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, यही एक बड़ा कारण है कि कई स्थानों पर ठेके उठाने को लेकर उत्साह कम दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई, बिलिंग और ब्रांड उपलब्धता जैसे बुनियादी मुद्दे ठेका आवंटन से पहले ही अंतिम रूप से तय कर लिए जाने चाहिए थे।

  • भूकंप से दहशत: ओडिशा के कोरापुट से बस्तर तक हिलने लगी जमीन, CCTV में कैद घटना

    भूकंप से दहशत: ओडिशा के कोरापुट से बस्तर तक हिलने लगी जमीन, CCTV में कैद घटना

    जगदलपुर.

    छत्तीसगढ़ के जगदलपुर/बस्तर संभाग में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। जगदलपुर समेत आसपास के कई इलाकों में जमीन हिलने से लोग घबरा गए और एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

    नैशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप रात 11:31 बजे आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे स्थित था।

    कुछ सेकंड की दहशत, फिर सामान्य हुआ माहौल
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक ही महसूस हुए, लेकिन अचानक जमीन हिलने से लोग घबरा गए। कई लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर खड़े हो गए। झटके थमने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

    CCTV में कैद हुई घटना
    शहर के कई इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भूकंप के दौरान की हलचल रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झटकों के दौरान पंखे और अन्य सामान हिलते नजर आए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।

    कम जोखिम वाले क्षेत्र में भूकंप से बढ़ी चिंता
    बस्तर क्षेत्र को अब तक भूकंपीय दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित और कम संवेदनशील माना जाता रहा है, जहां बड़े या बार-बार भूकंप आने की घटनाएं सामान्यतः दर्ज नहीं होतीं। ऐसे में अचानक झटकों का महसूस होना न केवल आम लोगों के लिए डर और आशंका का कारण बना है, बल्कि विशेषज्ञों और भूविज्ञानियों के लिए भी यह एक गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना में कोई सूक्ष्म बदलाव हो रहा है, जिसे अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा। भूविज्ञानियों का मानना है कि भले ही यह भूकंप तीव्रता में मध्यम था, लेकिन इसका असर और स्थान महत्वपूर्ण है, इसलिए इस तरह की घटनाओं का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी हो जाता है। भविष्य में संभावित जोखिमों का आकलन करने, भूकंपीय गतिविधियों के पैटर्न को समझने और समय रहते आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए इस क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग और रिसर्च की जरूरत महसूस की जा रही है।

    प्रशासन सतर्क, स्थिति पर नजर
    भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भूकंप के दौरान घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षित स्थानों पर जाएं। साथ ही भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना के लिए जागरूक और तैयार रहने की सलाह दी गई है।

    भूवैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय
    बस्तर जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस होना वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय बन गया है। विशेषज्ञ अब इस क्षेत्र की भूगर्भीय गतिविधियों पर और गहन नजर रखेंगे, ताकि भविष्य में संभावित जोखिम का आकलन किया जा सके।

  • घबराएं नहीं! देश के पेट्रोल पंपों पर तेल का फुल स्टॉक, सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी

    घबराएं नहीं! देश के पेट्रोल पंपों पर तेल का फुल स्टॉक, सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी

    नई दिल्ली  
    सरकार ने एक बार फिर से देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल या एलपीजी की पैनिक बायिंग यानी घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है. जारी बयान में सरकार ने कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से जुड़ी रुकावटों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त और सुचारू बनी हुई है. इसमें भरोसा दिलाते हुए कहा गया है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से लेकर कुकिंग गैस तक बिना रुकावट के मिल रही है.

    पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को सरकार की ओर से नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी करने से बचने की अपील की गई. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है. पैनिक बायिंग से बचने की अपील करने के साथ ही मंत्रालय की ओर से साफ हिदायत दी गई कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और ऊर्जा बचाएं.

    बयान में साफ कहा गया कि सरकार ने घरेलू LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई को खासतौर पर घरों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए प्राथमिकता पर रखा है. इसके अलावा रिफाइनरी प्रोडक्शन बढ़ाकर डिमांड को मैनेज करने के लिए उपाय लागू किए गए हैं. इनमें LPG रिफिलिंग के बीच के समय को बढ़ाना भी शामिल है.

    जमाखोरी पर एक्शन जारी
    रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल-गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. इसके तहत 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा अब तक 27 डीलरों को निलंबित किया जा चुका है.

    मंत्रालय की ओर से आंकड़े पेश करते हुए कहा गया है कि जियो-पॉलिटिकल स्थिति के कारण सप्लाई पर दबाव है, लेकिन इसके बावजूद सेंटर्स पर एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं की गई है. बीते शुक्रवार को करीब 51 लाख LPG Cylinder बांटे गए, जिनमें से ऑनलाइन बुकिंग कुल डिमांड का 95% था.

    'पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हैं'
    अन्य कदमों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को होर्मुज संकट से पहले के स्तर के 70% तक सीमित कर दिया गया है. इसके अलावा डिमांड को पूरा करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक फ्यूल ऑप्शन का इस्तेमाल हो रहा है. इसके साथ ही मंत्रालय ने आगे कहा कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ काम कर रही हैं, और देश भर के पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं.