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  • कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की जीत अब निर्विरोध

    कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की जीत अब निर्विरोध

    मुंबई 
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेगी, जहां से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के मृत्यु के बाद चुनाव मैदान में हैं। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा- अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।

    कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे।

    क्या बोले थे शरद पवार?
    पवार ने कहा- कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते। हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई। अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा।

    अजित पवार की पत्नी एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया।

    सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की
    राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की। उन्होंने कहा- अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।"

    रोहित पवार ने किया था अनुरोध
    इससे पहले, राकांपा (शप) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके। रोहित पवार ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

    सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले। कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

    सुनेत्रा पवार के बेटे ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
    पवार की मृत्यु के कारण ही बारामती में उपचुनाव जरूरी हो गया है। चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की। रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

    सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे सहित कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। राकांपा (शप) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। बारामती विमान दुर्घटना की लगातार उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे रोहित पवार ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आज दिल्ली में मौजूद सुनेत्रा पवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलेंगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगी।"

    भाजपा ने दी थी चेतावनी
    शरद पवार नीत राकांपा (शप) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने राकांपा अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।

    बावनकुले ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।" एक अन्य सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि असम और केरल में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार अधिक मजबूत होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाएंगे।

  • ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, PM मोदी ने ममता बनर्जी पर बोला बड़ा हमला, बंगाल में बनेगी डबल इंजन सरकार

    ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, PM मोदी ने ममता बनर्जी पर बोला बड़ा हमला, बंगाल में बनेगी डबल इंजन सरकार

    आसनसोल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी। 

    बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें। 

    पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है। 

    इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती। 

    उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है। 

    पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। 

    बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है। 

    पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी। 

    प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें। 

    PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं। 

    TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है। 

    पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर से प्रगति की राह पर आए। 

    'जो नंदीग्राम में हुआ, वही भवानीपुर में होने जा रहा है', ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो हाल नंदीग्राम में किया था इस साल वही हाल भवानीपुर में होने जा रहा है. बंगाल का चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है बल्कि बंगाल की भव्यता को लौटाने का चुनाव है. इस बार निर्मम सरकार की विदाई होगी। 

    ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में यह चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है. यह चुनाव बंगाल की पुरानी शान वापस लाने का चुनाव है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह चुनाव विकसित बंगाल की नींव मजबूत करने का चुनाव है. इसका सबसे पहला और बड़ा कदम होगा इस निर्दयी सरकार को हटाना. पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. देश के कई राज्य तरक्की की राह पर चल रहे हैं, लेकिन टीएमसी की निर्दयी सरकार बंगाल को पीछे खींच रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल को फिर से गौरवशाली बनाने के लिए इस बार बदलाव जरूरी है. जनसभा में मौजूद लोगों से उन्होंने अपील की कि वे इस चुनाव में बंगाल की भलाई के लिए वोट दें। 

     

  • India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट युद्ध ने ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंचा दी थी. हालांकि, अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर इसके टूटने की खबरें भी सुर्खियां बनी हुई है. बीते कुछ समय में वैश्विक संकट ने तमाम देशों का हाल-बेहाल किया, लेकिन फिर भी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यस्था पर इसका असर कम ही देखने को मिला। 

    अब विश्व बैंक ने भी इसे माना है और Global Tension के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में इजाफा कर खुशखबरी दी है. World Bank ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी FY27 में 6.6 फीसदी की रफ्तार से भागेगी. बता दें कि कोरोना महामारी जैसे हालातों में भी भी भारत ने अपना दम दिखाया था और इस माहामारी के संकट से सबसे तेजी के साथ उबरी थी और दुनिया ने इसका लोहा माना था। 

    ग्लोबल टेंशन के बीच दी खुशखबरी
    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को अप्रैल 2026 के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट को जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले अक्तूबर 2025 में वर्ल्ड बैंक ने 6.3% की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया था. India GDP Growth Rate को लेकर नया अनुमान जाहिर करने के साथ ही वैश्विक निकाय ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर (India's Economic Growth Rate) FY26 में अनुमानित 7.6% से कम रहने की बात कही है।  

    वर्ल्ड बैंक ने ये चेतावनी भी दी 
    विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में India GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाने के साथ ही आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर यानी GST Rates में कमी से FY27 की पहली छमाही में उपभोक्ता डिमांड को समर्थन मिलता रहेगा. हालांकि, इसके साथ ही चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि (Global Energy Price Hike) से कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों के खर्च करने की क्षमता सीमित होगी। 

    खाना पकाने के फ्यूल के साथ ही फर्टिलाइजर्स पर ज्यादा सब्सिडी के कारण सरकारी खपत में ग्रोथ धीमी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट में इजाफा होने के बीच इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में कमी आ सकती है। 

    साउथ एशिया की ग्रोथ में कमी 
    विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावटों के चलते दक्षिण एशिया में ग्रोथ 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र की ग्रोथ कई तरह से प्रभावित हो सकती है। 

  • Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    तिरुवनंतपुरम/ बरपेटा

    देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में वोटिंग चल रही है। कुल 296 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह 9 बजे तक असम में 17.87%, केरलम में 16.23% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान हुआ।

    पुडुचेरी के सीएम CM रंगास्वामी वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ तक मोटरसाइकिल से पहुंचे। यहां आने से पहले उन्होंने मंदिर में पूजा भी की। केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने भी सुबह ही मतदान किया। असम के सीएम हिमंता ने गुवाहाटी में मां कामाख्या मंदिर में पूजा की है।

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जोरहाट के DCB गर्ल्स हाई स्कूल में बनाए गए एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा, "लोगों में उत्साह की एक लहर है। हमें पूरा भरोसा है कि हम असम के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए एक 'नया असम' बनाएंगे।

    असम सीएम ने मां कामाख्या के मंदिर में की पूजा-अर्चना
    असम के मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "आज असम में मतदान का दिन है। मुझे मतदान के दिन मां कामाख्या के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मैंने मां से प्रार्थना की कि असम समृद्ध हो और राज्य के लोग आगे बढ़ें।"

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, असम में सुबह 9 बजे तक 17.87 प्रतिशत मतदान हुआ है. वहीं, शुरुआती दो घंटों में पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत और केरल में 16.23 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    असम में माजुली जिले में सबसे अधिक 20.03 प्रतिशत वोटिंग हुई है, मोरीगांव जिले में 19.96 प्रतिशत, दरांग में 19.74 प्रतिशत, गोलपाड़ा में 19.66 प्रतिशत और जोरहाट में 19.01 प्रतिशत मतदान हुआ है। सुबह 9 बजे तक असम के कामरूप जिले में सबसे कम 15.36 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    वहीं, सुबह 9 बजे तक केरल के एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 17.80 प्रतिशत और कासरगोड जिले में सबसे कम 15.08 प्रतिशत मतदान हुआ है। 

    बता दें कि केरल में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसतन छह से सात प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 27 लाख है, जो 30,000 से अधिक मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। 

    चार क्षेत्रों- पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम से मिलकर बने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से 24,919 वोटर पहली बार वोट डालेंगे। कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 

    असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। असम में लगभग 25.05 मिलियन पंजीकृत मतदाता हैं जो इन चुनावों में हिस्सा लेने के योग्य हैं। राज्य ने वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्र बनाए हैं। 

    126 सदस्यों वाली असम विधानसभा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है, जिसमें भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस को सरकार में वापसी की उम्मीद है। यह चुनाव 2023 में इस पूर्वोत्तर राज्य में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव होगा। 

    केरल की 140 विधानसभा सीटों पर चुनावों में तीन गठबंधनों के बीच मुकाबला है, जिसमें एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए आमने-सामने हैं। केरल का लेफ्ट फ्रंट लगातार पांचवीं बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। हालांकि, इस बार माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के सामने सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, क्योंकि कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा नीत एनडीए उसे कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 

    पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश में अभी 'ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस' (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है। 

    केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं।

    असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे।

    असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स

        केरलम तिरुवनंतपुरम में एक्टर मोहनलाल ने वोट किया। केरलम भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम में वोट किया। वे नेमम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

        केरलम के सीएम पिनाराई विजयन ने कन्नूर में आरसी अमला बेसिक अपर प्राइमरी स्कूल में वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी ने त्रिशूर में मतदान किया।

        असम के बरपेटा में सुबह से तेज बारिश के कारण वोटिंग में परेशानी आई। पुडुचेरी में रोबोट ने पोलिंग बूथ पर आने वाले वोटर्स का स्वागत किया।

    ईसरो के पूर्व वैज्ञानिक मंबी नारायणन ने डाला अपना वोट
    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने तिरुवनंतपुरम के ईनचक्कल एलपी स्कूल में अपना वोट डाला।

    'इस सरकार को जाना ही होगा', बोले केसी. वेणुगोपाल
    अपना वोट डालने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम 100 सीटों का आंकड़ा पार करने जा रहे हैं। मेरा यही अनुमान है। पिछले दो-तीन दिनों में कई खुलासे सामने आए हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर है। मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से सत्ता-विरोधी लहर है और यह दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। केरल की जनता यह तय करेगी कि इस मुख्यमंत्री को जाना होगा और इस सरकार को भी जाना होगा। यूडीएफ इस राज्य के आम लोगों के लिए बेहतरीन गारंटियों का वादा कर रहा है। लोग उन गारंटियों पर भरोसा करेंगे और हमें वोट देंगे।"

    असम में भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने डाला अपना वोट
    भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने गुवाहाटी में अपना वोट डाला और नागरिकों से 'लोकतंत्र के उत्सव' में भाग लेने का आग्रह किया।

    कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अंबलपुझा के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'हमें जनता पर और जनता को हम पर भरोसा', बोले केरलम के सीएम विजयन
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "झूठा प्रचार एलडीएफ को नहीं हरा सकता। हमें हमेशा लोगों पर भरोसा रहा है और लोगों को हम पर भरोसा है। पिछले दस सालों से हम लोगों के साथ चले हैं और यह सफर जारी रहना चाहिए। हम लोगों के साथ हैं और लोग हमारे साथ हैं। सांप्रदायिक प्रचार हमें नहीं हरा सकता।"

    पुडुचेरी के पूर्व सीएम ने डाला अपना वोट
    पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वी. नारायणसामी ने VOC सरकारी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'विकास की बात करने पर मजबूर हुई कांग्रेस', वोट डालने के बाद बोले राजीव चंद्रशेखर
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "यह एक बेहद अहम चुनाव है। मुझे खुशी है कि एक वोटर और एक उम्मीदवार के तौर पर मैं इसका हिस्सा हूं। मैं हर वोटर से गुजारिश करता हूं कि वे इस अहम चुनाव में अपना वोट डालें और अपने वोट को बदलाव का जरिया बनाएं। भाजपा की वजह से ही कांग्रेस और सीपीएम को विकास की बात करने पर मजबूर होना पड़ा है। इस चुनाव में भाजपा-एनडीए का मजबूत प्रदर्शन राजनीतिक माहौल को बदल देगा और नेताओं को और ज्यादा जवाबदेह बनाएगा।"

    'अब केवल नतीजों का इंतजार', वोट डालने के बाद बोले केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
    केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, "केरल के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। भाजपा ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक चुनावी अभियान की हर बारीकी तक पहुंच बनाई है। वह उन सभी क्षेत्रों तक पहुंची है और हर अंतिम छोर को छुआ है। अब हम केवल नतीजों का इंतजार कर सकते हैं। आप भली-भांति जानते हैं कि पहले और बाद में क्या बदलाव आया है।"

    'केरल में शानदार जनादेश की उम्मीद', बोले केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन
    केंद्रीय मंत्री और कांजीरापल्ली से एनडीए उम्मीदवार जॉर्ज कुरियन ने कहा, "हमें केरल में एनडीए के लिए एक शानदार जनादेश की उम्मीद है और हम लोगों से एनडीए के पक्ष में मतदान करने का आग्रह कर रहे हैं।"

    केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने डाला अपना वोट
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने डाला अपना वोट
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर के पिनाराई आरसी अमला प्राइमरी स्कूल में विधानसभा चुनावों के लिए अपना वोट डाला।

    पीएम मोदी ने असम विधानसभा के लिए कही ये बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जैसे ही असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू हुआ है, मैं असम की जनता से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

     

  • अन्नदाताओं को राहत: उर्वरकों पर केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    अन्नदाताओं को राहत: उर्वरकों पर केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दी है जो अन्नदाताओं के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय है। खरीब सीजन- 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन-2026 के लिए फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी के लिए 41 हजार 533.81 करोड़ की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। गत वर्ष स्वीकृत राशि से यह 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। वैश्विक चुनौतियों और अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझानों के बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उर्वरक रियायती, किफायती एवं उचित दरों पर उपलब्ध हों और उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

    मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय कृषि लागत को संतुलित कर किसानों की आय और उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 कृषि और कृषक कल्याण वर्ष है। इस नाते ऐसे निर्णय मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसानों को नई तकनीक से अवगत करवाने के लिए उन्नत कृषि महोत्सव भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को शिक्षित जागरूक बनाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान हितैषी इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय मंत्रीमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

     

  • मिलर का ब्लंडर और आखिरी गेंद का रोमांच: दिल्ली हार गई 1 रन से

    मिलर का ब्लंडर और आखिरी गेंद का रोमांच: दिल्ली हार गई 1 रन से

    नईदिल्ली 
    इंडियन प्रीमियर
    लीग के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में 8 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स ने आखिरी गेंद पर दिल्ली कैपिटल्स को हराकर सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की. मैच का नतीजा अंतिम गेंद तक झूलता रहा, जहां डेविड मिलर की एक छोटी सी चूक दिल्ली पर भारी पड़ गई.यह मुकाबला द‍िल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में खेला गया। 

    211 रन के टारगेट का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 209 रन ही बना सकी और जीत से महज एक रन दूर रह गई। 

    आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे. प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी कर रहे थे. मिलर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच को आखिरी गेंद तक पहुंचा दिया. लेकिन चौथी गेंद पर सिंगल लेने से इनकार करना उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। 

    अंतिम गेंद पर दिल्ली को 2 रन चाहिए थे. प्रसिद्ध ने धीमी बाउंसर डाली, जिसे मिलर कनेक्ट नहीं कर सके. रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव क्रीज से बाहर रह गए और जोस बटलर ने स्टंपिंग कर मैच गुजरात की झोली में डाल दिया. दिल्ली ने वाइड के लिए रिव्यू लिया, लेकिन गेंद सही करार दी गई। 

    जान‍िए आख‍िरी ओवर का रोमांच 
    19वें ओवर तक टाइटन्स का खेल पूरी तरह नियंत्रण में था और घरेलू टीम को अंतिम दो ओवरों में 36 रन चाहिए थे. इससे पहले वो स‍िराज के ओवर में 23 रन जड़ चुके थे। 

    प्रसिद्ध कृष्णा को अंतिम छह गेंदों पर 13 रन का बचाव करना था.विप्रज निगम पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद आउट हो गए, जिससे मिलर को अंतिम तीन गेंदों पर 8 रन बनाने थे.इसके बाद चौथी गेंद पर लॉन्ग-ऑफ पर एक बड़ा हिट लगाया गया जिसने दिल्ली कैपिटल्स के लिए लगभग मैच तय कर दिया। 

    लेकिन पांचवी गेंद जो प्रसिद्ध कृष्णा ने डेविड मिलर को फेंकी, उस पर कोई रन नहीं नहीं आया. शॉर्ट ऑफ लेंथ की बॉल को एंगल से खेला, मिलर ने घूमकर डीप स्क्वायर लेग पर पुल किया. जब कुलदीप को वापस भेजा गया तो वह आधे रास्ते पर थे. मिलर खुद ऐसा करना चाहते थे. अगर स्कोर बराबर होता तो सिंगल मिल जाता और अगर कुलदीप चूक भी जाते, तो भी मैच टाई हो जाता. इसके बाद समीकरण 1 गेंद पर 2 रन हो गया। 

    आखिरी गेंद पर 2 रन चाहिए थे, प्रसिद्ध ने धीमी बाउंसर फेंकी जिसे मिलर ने कनेक्ट नहीं किया, और रन के लिए चले गए, जिससे कुलदीप यादव क्रीज से बाहर हो गए। 

    रिव्यू में वाइड बताया गया लेकिन इसे फेयर डिलीवरी माना गया, जिससे मिलर निराश हुए.यह दिल्ली कैपिटल्स की इस सीजन की पहली हार थी, जबकि टाइटन्स ने आखिरकार तीसरी कोशिश में पूरे पॉइंट हासिल किए। 

    10 साल में वॉशिंगटन सुंदर ने जड़ी पहली IPL फिफ्टी
    सुंदर को भारत के बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिना जाता है, लेकिन आईपीएल में अपने पहले अर्धशतक तक पहुंचने में उन्हें पूरे 10 साल लग गए. 68 मैच और 48 पारियों के बाद सुंदर ने आखिरकार बल्ला उठाकर जश्न मनाया। 

    दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सुंदर ने 32 गेंदों में 55 रन बनाए. उनकी इस पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी, बल्कि वॉशिंगटन सुंदर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है. अपने पूरे आईपीएल करियर में सुंदर को बल्लेबाजी के पर्याप्त मौके नहीं मिले और जब भी मौका मिला, वह उसे बड़े स्कोर में बदल नहीं पाए। 

    इससे पहले आईपीएल में उनका सबसे बड़ा स्कोर 49 रन था, जो उन्होंने पिछले सीजन में बनाया था. बता दें कि सुंदर ने 2017 में पहली बार आईपीएल खेला था. लेकिन उनके बल्ले से फिफ्टी नहीं आई थी. आईपीएल में सुंदर ने 4 टीमों के लिए खेला है और अबतक कुल 588 रन बनाए हैं। 

    इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने जोस बटलर के साथ मिलकर 103 रन की साझेदारी की. बटलर ने भी अर्धशतक लगाया और दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मैच का रुख बदल दिया.

    ऐसी रही सुंदर की बल्लेबाजी
    सुंदर की पारी को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है. शुरुआत में उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों में लगभग 29 रन बनाए. इसके बाद उन्होंने थोड़ा समय लिया और अगली 16 गेंदों में 15 रन जोड़े. फिर आखिरी चरण में उन्होंने दोबारा तेजी से रन बनाना शुरू किया। 

    गुजरात टाइटंस ने अंत में 4 विकेट पर 210 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. यह स्कोर ऐसे गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आया, जिसे मजबूत माना जाता है। 

    बटलर-ग‍िल-सुंदर चमके
    इससे पहले, जोस बटलर ने 27 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई. उन्होंने मुकेश कुमार के एक ओवर में तीन छक्कों सहित 23 रन बटोरे. पावरप्ले में दिल्ली ने 68 रन बना लिए थे। 

    बटलर के आउट होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 70 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच छक्के शामिल थे. वॉशिंगटन सुंदर ने भी 32 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. गुजरात ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 210 रन बनाए। 

    दिल्ली की ओर से केएल राहुल ने 52 गेंदों में 92 रन की पारी खेली, जबकि पथुम निसांका ने 41 रन बनाए. दोनों के बीच 76 रन की साझेदारी हुई, जिससे टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी। 

    हालांकि, म‍िड‍िल ओवर्स में राशिद खान ने तीन विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया. इसके बाद दिल्ली की पारी लड़खड़ा गई. आखिरी ओवर से पहले दिल्ली को 36 रन चाहिए थे. मिलर ने मोहम्मद सिराज के ओवर में 23 रन बनाकर मैच में जान डाल दी, लेकिन अंत में उनकी एक गलती टीम को भारी पड़ गई। 

     म‍िलर का ओवरकॉन्फ‍िडेंस पड़ा द‍िल्ली पर भारी
    सीजन की शुरुआत में लगातार दो करीबी मुकाबले हारने वाली गुजरात टीम इस बार आखिरकार जीत की ओर झुकी. हालांकि, दिल्ली के डेविड मिलर लगभग हीरो बन गए थे, लेकिन आखिरी दो गेंदों में लिया गया उनका फैसला टीम पर भारी पड़ गया। 

    मैच का टर्निंग पॉइंट: राशिद का जादू
    गुजरात की जीत के असली हीरो राशिद खान रहे. उन्होंने 4 ओवर में 17 रन देकर 3 विकेट झटके. 10वें ओवर में उनकी दो गेंदों पर दो विकेट ने मैच का रुख बदल दिया. इसी ओवर में उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज समीर रिजवी को गोल्डन डक पर बोल्ड किया. अंत में अक्षर पटेल का विकेट लेकर उन्होंने रन रेट बढ़ा दिया। 

    आखिरी ओवर (दिल्ली को 13 रन चाहिए थे)

    1️⃣ पहली गेंद: चौका- बल्लेबाज व‍िप्रज न‍िगम ने बढ़िया शॉट लगाया, मैच में जान आ गई
    अब समीकरण: 9 रन, 5 गेंद

    2️⃣ दूसरी गेंद: विकेट-शॉट खेलने के चक्कर में न‍िगम आउट
     अब: 9 रन, 4 गेंद

    3️⃣ तीसरी गेंद: कुलदीप यादव ने स‍िंगल लेकन डेविड मिलर को स्ट्राइक दी
    अब: 8 रन, 3 गेंद

    4️⃣ चौथी गेंद: म‍िलर ने  छक्का जड़ द‍िया- मैच लगभग दिल्ली के हाथ में
    अब: लगभग जीत तय, 2 गेंद और 2 रन चाहिए थे

    5️⃣ पांचवीं गेंद: मिलर ने सिंगल लेने से मना किया
     यहीं गेम बदल गया, स्ट्राइक अपने पास रखी अब: 2 रन, 1 गेंद

    6️⃣ छठी गेंद (आखिरी): मिस, मिलर गेंद नहीं खेल पाए
    रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव रन आउट, दिल्ली 1 रन से हार गई

    दिल्ली की यह सीजन की पहली हार रही, जबकि गुजरात ने तीसरे प्रयास में जीत का खाता खोला. दिल्ली के लिए लुंगी एंगिडी सबसे किफायती गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट लिया। 

    GT की सबसे कम अंतर से जीत (रनों के हिसाब से)

        1 रन बनाम DC, दिल्ली, 2026
        6 रन बनाम MI, अहमदाबाद, 2024
        7 रन बनाम LSG, लखनऊ, 2023
        8 रन बनाम KKR, मुंबई DYP, 2022
        14 रन बनाम DC, पुणे, 2022

    DC की 1 रन से हार

        बनाम CSK, चेन्नई, 2015
        बनाम GL, दिल्ली, 2016
        बनाम RCB, अहमदाबाद, 2021
        बनाम GT, दिल्ली, 2026

     

  • गुजरातियों पर की गई टिप्पणी के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने मांगी माफी, व्यक्त किया सम्मान

    गुजरातियों पर की गई टिप्पणी के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने मांगी माफी, व्यक्त किया सम्मान

    नई दिल्ली

    केरल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन फिर भी वह खेद व्यक्त करते हैं।

    खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।''

    दरअसल, पिछले दिनों केरल चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हालांकि, इस दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों का जिक्र किया, जिससे काफी विवाद हुआ। खरगे ने कहा था, "मोदी जी, आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।"

    खरगे की टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की थी और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है और माफी की मांग की। खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल थे। गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।

    पटेल ने कहा, ''ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।''

    वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ''राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद "जहर" को दर्शाती हैं। संघवी ने कहा, ''अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।''

  • मंत्री विश्वास सारंग ने यूसीसी पर दी प्रतिक्रिया, कांग्रेस पर साधा निशाना

    मंत्री विश्वास सारंग ने यूसीसी पर दी प्रतिक्रिया, कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल 

    समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में एकरूपता लाने के लिए एक समान कानून जरूरी है, जिससे हर नागरिक का भविष्य सुरक्षित हो सके। मंत्री सारंग ने कहा कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए यह जरूरी है कि सभी नागरिकों पर एक जैसा कानून लागू हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून में जाति और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए।  

    कांग्रेस जाति और धर्म में बांटने की राजनीति करती है 
    उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा विभाजन की राजनीति की है। कांग्रेस ने जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर तुष्टिकरण की राजनीति की और अल्पसंख्यकों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार पिछली गलतियों को सुधारने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लागू होने से देश में एकरूपता आएगी, विकास को गति मिलेगी और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे। 

    किसानों के गेंहू का एक-एक दाना खरीदा जाएगा 
    मंत्री ने गेहूं उपार्जन को लेकर कहा कि सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों के गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। किसी तरह की कोई समस्या या संशय नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर गेहूं खरीदी को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की पूरी फसल को सरकार खरीदेंगी। वहीं, मंत्री ने सहकारिता चुनाव को लेकर कहा कि प्रदेश में सहकारिता चुनाव जल्द पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले से जारी है, कहीं कोई रोक नहीं हैं। सरकार सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने कहा कि मोहन सरकार का चुनाव के जरिए संस्थाओं को और सक्रिय बनाने पर जोर हैं।  

  • एमपी में मौसम का बिगड़ा मिजाज: 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट, ओलों का अनुमान

    एमपी में मौसम का बिगड़ा मिजाज: 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट, ओलों का अनुमान

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं। 

    ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक'
    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

    IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है।

    इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं।

    हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। 

    नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। 

    11 अप्रैल को नया सिस्टम
    मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।

    तेज आंधी भी चलेगी
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा।

    भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
    अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

    20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था।

    भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान
    मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है। 

    ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है.

    भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था.

    हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी। 

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट:
    ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

  • ईरान को मुआवजा देगा अमेरिका, लेकिन शर्तें हैं बहुत सख्त!3640 मौतें, 90 हजार घर गिरे

    ईरान को मुआवजा देगा अमेरिका, लेकिन शर्तें हैं बहुत सख्त!3640 मौतें, 90 हजार घर गिरे

    तेहरान 

    अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम का ऐलान हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से मिले 10 बिंदु बातचीत आगे बढ़ाने का आधार हैं। खबर है कि इसमें ईरान ने एक शर्त यह भी रखी है कि उसे हुए नुकसान का मुआवजा भी दिया जाएगा। सबसे बड़ी राहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना मानी जा रही है, जिसपर दुनिया का तेल वितरण टिका हुआ था।

    3640 मौतें, 90 हजार घर गिरे

    जंग में लेबनान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, यूएई, ओमान जैसे देश भी शामिल हो गए। लगभग 40 दिन तक मिसाइलें, ड्रोन और बमबारी चलती रही. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार कुल मौतें करीब 3640 बताई जा रही हैं. हजारों लोग घायल हुए हैं. बहुत बड़ी संपत्ति का नुकसान हुआ है। 

    जंग कब शुरू हुई और फैली?
    28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकाने, परमाणु सुविधाएं और सरकार से जुड़े स्थान निशाने पर थे. ईरान ने इसे जवाब दिया और इजरायल पर मिसाइल व ड्रोन दागे. साथ ही उसने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए। 

    ईरान ने खाड़ी देशों पर भी हमले किए क्योंकि वहां अमेरिकी ठिकाने हैं. लेबनान में हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर रॉकेट दागे. यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल को निशाना बनाया. इस तरह एक छोटा सा संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल गया. कई देशों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और तेल-गैस की कीमतें आसमान छूने लगीं। 

    इस 40 दिन की जंग में सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को हुआ. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वहां 2076 लोग मारे गए. 26500 से ज्यादा घायल हुए. इनमें आम नागरिक भी शामिल हैं. लेबनान में 1497 मौतें हुईं और हजारों लोग घायल हुए. इजरायल में 26 लोग मारे गए जबकि 7183 घायल हुए. अमेरिकी सैनिकों में 13 मौतें हुईं और 200 से ज्यादा घायल हुए। 

    खाड़ी देशों में कुल 28 मौतें बताई गई हैं. इनमें कुवैत में 7, बहरीन में 3, सऊदी अरब में 2, यूएई में 12, ओमान में 3 और कतर में कुछ घायल हुए. इराक में 109 मौतें और दर्जनों घायल. जॉर्डन में 29 घायल, सीरिया में 4 मौतें और साइप्रस में भी कुछ नुकसान हुआ. 
    कुल मिलाकर मौतों की संख्या 3640 के आसपास पहुंच गई है. घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है – ईरान अकेले में 26,500 से ऊपर. असली आंकड़े इससे भी ज्यादा हो सकते हैं क्योंकि स्थिति तेजी से बदल रही है। 

    इमारतों और संपत्ति का भारी नुकसान
    जंग ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि शहरों और गांवों को भी तबाह कर दिया. कुल 90 हजार घर पूरी तरह बर्बाद हो गए. स्कूलों पर भी बहुत असर पड़ा – 760 स्कूल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए. अस्पतालों की संख्या 307 बताई गई है जो या तो बमबारी में टूट गए या इस्तेमाल नहीं हो पा रहे. हजारों व्यावसायिक इमारतें, दुकानें, बाजार और फैक्टरियां भी नष्ट हुईं। 

    ईरान में कई शहरों में आवासीय इलाके, स्कूल और अस्पताल प्रभावित हुए. लेबनान में भी बड़े पैमाने पर घर और इमारतें गिर गईं. इजरायल में कुछ इलाकों में क्षति हुई लेकिन वहां की एयर डिफेंस ने कई हमलों को रोक लिया. खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्लांट, बंदरगाह और एयरपोर्ट पर हमले हुए जिससे ऊर्जा उत्पादन प्रभावित हुआ. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल परिवहन बाधित होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गईं। 
    ईरान इस जंग का मुख्य केंद्र रहा. वहां सबसे ज्यादा मौतें और घायल हुए. उसके परमाणु और सैन्य कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा. लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े इलाकों में भारी बमबारी हुई जिससे आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इजरायल ने अपनी मजबूत रक्षा व्यवस्था से कई हमलों को रोका लेकिन कुछ मौतें और चोटें हुईं। 

    खाड़ी देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन आदि ने ईरानी हमलों का सामना किया. इन देशों में ज्यादातर हमले ऊर्जा सुविधाओं पर थे. हालांकि इन देशों की एयर डिफेंस ने ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया, फिर भी कुछ मौतें और संपत्ति का नुकसान हुआ। 

    ईरान ने रखीं हैं 10 शर्तें

    एक-दूसरे पर हमला न करना

    Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण बने रहना

    यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना

    सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना

    सभी माध्यमिक प्रतिबंधों को हटाना

    UNSC के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना

    IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना

    ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा देना

    क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों को वापस बुलाना

    सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, जिसमें लेबनान के 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' के खिलाफ युद्ध भी शामिल है।

    ट्रंप का बयान
    ट्रंप ने लिखा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर से हुई बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने मुझसे ईरान पर आज रात होने वाले विनाशकारी हमले को रोकने का अनुरोध किया था। साथ ही ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरा, तत्काल और सुरक्षित तरीके से खोलने के मद्देनजर मैं दो सप्ताह के लिए ईरान पर दो हफ्ते के लिए बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हो गया हूं।'

    ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो हफ्तों का संघर्ष विराम समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करेगा।'

    पाकिस्तान में होगी वार्ता
    पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान ने तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जताई है। शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, ताकि 'सभी विवादों का समाधान' निकाला जा सके।

    चीन की है अहम भूमिका?
    एपी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीन ने ईरान के नेताओं से बातचीत करके उन्हें अमेरिका से युद्धविराम का रास्ता तलाशने के लिए राजी करने की कोशिश की। दो अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि बातचीत के दौरान चीनी अधिकारी ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे। एक अधिकारी ने कहा कि चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है और वह मुख्य रूप से पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र समेत मध्यस्थों के साथ काम कर रहा है।