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  • वृंदावन में दर्दनाक बोट हादसा, 10 की मौत, 5 लापता, घंटों बाद दलदल में फंसी बोट

    वृंदावन में दर्दनाक बोट हादसा, 10 की मौत, 5 लापता, घंटों बाद दलदल में फंसी बोट

    वृंदावन

    वृंदावन में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। जब यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा स्टीमर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम पहुंची। राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक एक पर्यटक के शव को बाहर निकला गया है।

    वृंदावन में शुक्रवार को पीपा पुल से टकराने के बाद स्टीमर पलट गया। जिससे उसमें सवार सभी लोग डूब गए। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक एक पर्यटक का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

    प्रशासन के अधिकारी मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
    पुलिस और प्रशासन मिलकर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। गोताखोर यमुना के गहरे पानी में डूबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुंच गए हैं। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। दुर्घटनास्थल पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई है। जिससे बचाव कार्य में थोड़ी परेशानी हो रही है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और रेस्क्यू टीम का सहयोग करने की अपील कर रहा है। बचाव कार्य तेजी से जारी है। हर संभव कोशिश की जा रही है कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

    इनकी हुई मौत, लापता लोगों की तलाश जारी, तीन से पांच तक हो सकती संख्या
    वृंदावन स्टीमर हादसे में सपना अरोरा, इशान कटारिया, कविता बहल, आशा रानी, मीनू बंसल, राकेश गुलाटी, अंजू, प्रिंसी, करोरी, मधुर बहल की मौत हुई है। वृंदावन में हादसा हुए 3 घंटे हो चुके हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है। स्टीमर और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। आर्मी, पीएसी और गोताखोर लगातार सर्च कर रहे हैं।

    डीआईजी बोले- लापता लोगों की संख्या 3 से 5 तक हो सकती
    डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालुओं का एक दल नाव से यात्रा कर रहा था। दो नावों में कुल 33 लोग सवार थे। जिनमें से एक नाव में 25-27 लोग थे। और वही हादसे का शिकार हो गई। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। जबकि 12 लोग सुरक्षित बचा लिए गए हैं। 3 से 5 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। उनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि वे बाहर निकल गए हैं या अब भी फंसे हुए हैं।

    10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग
    बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है। 

    कैसे डूबी बोट?
    स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए। 

  • ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, ब्लड मनी की मांग; इरादे हुए स्पष्ट

    ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, ब्लड मनी की मांग; इरादे हुए स्पष्ट

    तेहरान 

    पाकिस्तान में बातचीत से पहले ईरान ने अपने इरादे बता दिए हैं। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का कहना है कि आक्रमण करने वालों को बगैर सजा दिए छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान शहीदों के लिए ब्लड मनी की भी मांग करेगा। इसके अलावा भी उन्होंने कई मांगें रखी हैं। उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दो सप्ताह का सीजफायर हुआ है और पाकिस्तान में आगे की वार्ता होनी है।

    खामेनेई ने इस युद्ध में ईरान की जीत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, 'आज तक के हालातों को देखते हुए यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि आप ईरान की बहादुर जनता, इस मैदान में असली विजेता रहे हैं।'

    रखी हैं ये मांगें
    खामेनेई ने कहा, 'हम अपराधी हमलावरों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। हम हर चोट का हर्जाना, शहीदों के लिए ब्लड मनी और इस जंग में अपाहिज हुए सैनिकों के लिए मुआवाजा जरूर लेंगे। साथ ही, हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रबंधन को यकीनन एक नए स्तर पर ले जाएंगे।' उन्होंने साफ किया है कि अस्थायी सीजफायर का मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है।

    ईरान ने रख दी लेबनान वाली शर्त
    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम लागू करने के लिए लेबनान में इजरायली हमलों का तुरंत रुकना एक अहम शर्त है। उन्होंने कहा कि ईरान की 10-सूत्रीय योजना के तहत प्रस्तावित युद्धविराम 'ईरानी नेतृत्व और जनता के बलिदान का परिणाम' है। उन्होंने कहा कि अब देश कूटनीति, रक्षा तथा जनभागीदारी के स्तर पर एकजुट रहेगा।

    ट्रंप जता चुके हैं आशंका
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौते के प्रभावी होने को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने गुरुवार को कहा, 'ईरान बहुत खराब काम कर रहा है। ईरान तेल को होर्मुज से गुजरने देने के संदर्भ में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे शर्मनाक कहेंगे।' उन्होंने कहा, 'हमारे बीच ऐसा कोई समझौता नहीं है।'

    पाकिस्तान की वार्ता पर नजर
    अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजराइली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हो गए। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्ध-विराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है।

  • विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद सुरक्षा में बढ़ी चौकसी

    विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद सुरक्षा में बढ़ी चौकसी

    पटना  

    बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला।

    सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया
    इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ।

    किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में
    बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है।

    सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी
    इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

  • 20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटे नीतीश कुमार, दिल्ली में शपथ ग्रहण के बाद अब बिहार में नई सरकार के गठन की हलचल तेज

    20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटे नीतीश कुमार, दिल्ली में शपथ ग्रहण के बाद अब बिहार में नई सरकार के गठन की हलचल तेज

    पटना  

     बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण किया। सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने रिकॉर्ड कायम कर लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ही हासिल किया। चारों सदनों में बैठने वाले दूसरे सीएम नीतीश कुमार बने हैं। नीतीश कुमार गुरुवार को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ शपथ ग्रहण करने के लिए पटना से दिल्ली गए थे। आज शाम वे पटना लौट सकते हैं

    नीतीश कुमार ने आज से अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। अब वे पटना लौटेंगे और अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देंगे।बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की बैठक करेंगे और खरमास के बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी। नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है।

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा।

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा।

    आज का शपथ ग्रहण नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में वापसी की शुरुआत है। 2005 में दिल्ली की राजनीति छोड़कर पटना गए और बिहार के सीएम बने। करीब 20 सालों की स्टेट पारी निभाने के बाद वे दिल्ली लौट रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के समय उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा, बीजेपी सांसद जेपी, निर्मला सीतारमण, नड्डा, राजीव प्रताप रूडी, बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, मंत्री जमा खान, रामनाथ ठाकुर समेत बीजेपी और जदयू के कई नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद दिल्ली से पटना तक सियासी तपिश और बढ़ गई है।

  • पाकिस्तान रवाना हुआ 1763 श्रद्धालुओं का जत्था, वैसाखी के मौके पर गुरुधामों के करेंगे दर्शन

    पाकिस्तान रवाना हुआ 1763 श्रद्धालुओं का जत्था, वैसाखी के मौके पर गुरुधामों के करेंगे दर्शन

    अमृतसर

    वैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। 

    “जो बोले सो निहाल” के जयकारों के बीच रवाना हुए इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।

      जानकारी के अनुसार, देशभर से करीब 2800 सिख श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह जत्था अगले 10 दिनों के दौरान ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा।

    श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार इन गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और यह उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने वाहेगुरु से प्रार्थना की कि हर संगत को इस पवित्र अवसर का लाभ मिले।

    एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि संगत की अरदासों के फलस्वरूप यह अवसर मिलता है, जिससे श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने यात्रा की सफलता और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास की।

    इस दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा है और इसे जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।

    जत्थे के टीम लीडर सुरजीत सिंह तुगलवाला ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और एसजीपीसी हर साल यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी यात्रा सुचारू रूप से संपन्न होगी।

    32 श्रद्धालुओं के आवेदन हुए रद्द
    एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया, जबकि 32 श्रद्धालुओं के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी।

    खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं।

    करतारपुर साहिब का मार्ग खोलने की मांग
    श्रद्धालुओं ने सरकारों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब का मार्ग खोला जाए।उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला, उनमें निराशा भी देखी गई।

    14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस
    एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा और इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और 1763 श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं।

     

  • जेम क्रय नीति-2024 से प्रदेश के कार्यों में बढ़ी पारदर्शिता, शुचिता, समावेशिता व तीव्रता

    जेम क्रय नीति-2024 से प्रदेश के कार्यों में बढ़ी पारदर्शिता, शुचिता, समावेशिता व तीव्रता

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की जेम पोर्टल के कार्यों की सराहना 

    मुख्यमंत्री जी ने जेम क्रय नीति व वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर किए गए क्रय की समीक्षा की 

    जेम क्रय नीति-2024 से प्रदेश के कार्यों में बढ़ी पारदर्शिता, शुचिता, समावेशिता व तीव्रता 

    जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22,337 करोड़ की खरीद की गई 

    जेम पोर्टल के रिवर्स ऑक्शन पद्धति द्वारा प्रदेश को 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई 

    महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों के व्यवसाय में 48 प्रतिशत एवं स्टार्टअप उद्यमियों के व्यवसाय में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए क्रय एवं 26 नवंबर 2024 को जारी की गई जेम क्रय नीति की बुधवार को समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम क्रय नीति की सराहना की।

    मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि केंद्र सरकार ने इसे आदर्श नीति घोषित करते हुए अन्य प्रदेशों को भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने को कहा। इस नीति से शासकीय क्रय में शुचिता, पारदर्शिता व समावेशिता में भारी वृद्धि हुई, जिससे प्रदेश सरकार को निरंतर आर्थिक व सामाजिक लाभ भी प्राप्त हो रहे हैं। 

    मुख्यमंत्री जी ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22,337 करोड़ की खरीद जेम पोर्टल द्वारा की गई, जो सरकार की पारदर्शी नीति को प्रमाणित करती है। उत्तर प्रदेश द्वारा खरीद में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। इस बढ़ोतरी में उत्तर प्रदेश आधारित सूक्ष्म व लघु उद्योग का योगदान 82 प्रतिशत पाया गया है। 

    मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि जेम पोर्टल के रिवर्स ऑक्शन पद्धति द्वारा 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई। इसके साथ ही महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों के व्यवसाय में 48 प्रतिशत एवं स्टार्टअप उद्यमियों के व्यवसाय में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

    इस पारदर्शी प्रक्रिया के कारण शासकीय क्रय प्रक्रियाओं में शिकायतों में भी 80 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई, जिससे क्रय प्रक्रिया त्वरित एवं प्रभावी हो सकी।

    बेहतर जेम क्रय प्रणाली के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के क्रेताओं को कुल 42,648 करोड़ का व्यवसाय प्राप्त हुआ। इसमें से इन्हें 15,617 करोड़ का व्यवसाय उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ, जबकि शेष 27 हजार से अधिक का व्यवसाय केंद्र सरकार व अन्य राज्यों द्वारा मिला। यह राज्य सरकार के विक्रेताओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। 

    मुख्यमंत्री जी को राज्य के जेम पोर्टल पर यूपी के शीर्ष 10 विभाग द्वारा की गई खरीद से भी अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अन्य विभाग भी अनिवार्य जेम पोर्टल पर खरीद को प्रभावी बनाएं। राज्य की क्रय प्रक्रिया को और बेहतर-पारदर्शी बनाने के लिए जेम पोर्टल को कोषागार से एकीकरण एवं केंद्रीय व्यवस्था के अनुरूप पद आधारित स्थायी क्रय समिति का गठन किए जाने का निर्देश दिया, जिससे क्रय प्रक्रिया सुव्यवस्थित, उत्तरदायी, पारदर्शिता व त्वरित ढंग से हो सके।

  • प्रदेश में आधी रात को प्रशासनिक बदलाव, 26 IAS अफसरों का तबादला, प्रियंक मिश्रा बने कलेक्टर

    प्रदेश में आधी रात को प्रशासनिक बदलाव, 26 IAS अफसरों का तबादला, प्रियंक मिश्रा बने कलेक्टर

     भोपाल
    मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है। 

    2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

    इनको मिली नई जिम्मेदारी 

    भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे।

    तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए।

    दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा।

    14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल
    14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।

    पहली बार जिले की कमान

        राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया
        शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर
        बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

    पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी

        प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।
        नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी।

    प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया

    प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया
    तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है। 

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले
    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है।

    इनको जिले से हटाया
    शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 

    इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा
    विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। 

    इन कलेक्टर के जिले बदले
    श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। 

    संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल
    कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे.

    शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी.

    अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे.

    श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे.

    एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी

    राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

    डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।

     

  • कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की जीत अब निर्विरोध

    कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की जीत अब निर्विरोध

    मुंबई 
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेगी, जहां से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के मृत्यु के बाद चुनाव मैदान में हैं। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा- अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।

    कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे।

    क्या बोले थे शरद पवार?
    पवार ने कहा- कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते। हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई। अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा।

    अजित पवार की पत्नी एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया।

    सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की
    राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की। उन्होंने कहा- अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।"

    रोहित पवार ने किया था अनुरोध
    इससे पहले, राकांपा (शप) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके। रोहित पवार ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

    सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले। कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

    सुनेत्रा पवार के बेटे ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
    पवार की मृत्यु के कारण ही बारामती में उपचुनाव जरूरी हो गया है। चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की। रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

    सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे सहित कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। राकांपा (शप) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। बारामती विमान दुर्घटना की लगातार उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे रोहित पवार ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आज दिल्ली में मौजूद सुनेत्रा पवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलेंगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगी।"

    भाजपा ने दी थी चेतावनी
    शरद पवार नीत राकांपा (शप) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने राकांपा अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।

    बावनकुले ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।" एक अन्य सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि असम और केरल में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार अधिक मजबूत होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाएंगे।

  • ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, PM मोदी ने ममता बनर्जी पर बोला बड़ा हमला, बंगाल में बनेगी डबल इंजन सरकार

    ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, PM मोदी ने ममता बनर्जी पर बोला बड़ा हमला, बंगाल में बनेगी डबल इंजन सरकार

    आसनसोल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी। 

    बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें। 

    पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है। 

    इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती। 

    उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है। 

    पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। 

    बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है। 

    पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी। 

    प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें। 

    PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं। 

    TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है। 

    पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर से प्रगति की राह पर आए। 

    'जो नंदीग्राम में हुआ, वही भवानीपुर में होने जा रहा है', ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो हाल नंदीग्राम में किया था इस साल वही हाल भवानीपुर में होने जा रहा है. बंगाल का चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है बल्कि बंगाल की भव्यता को लौटाने का चुनाव है. इस बार निर्मम सरकार की विदाई होगी। 

    ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में यह चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है. यह चुनाव बंगाल की पुरानी शान वापस लाने का चुनाव है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह चुनाव विकसित बंगाल की नींव मजबूत करने का चुनाव है. इसका सबसे पहला और बड़ा कदम होगा इस निर्दयी सरकार को हटाना. पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. देश के कई राज्य तरक्की की राह पर चल रहे हैं, लेकिन टीएमसी की निर्दयी सरकार बंगाल को पीछे खींच रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल को फिर से गौरवशाली बनाने के लिए इस बार बदलाव जरूरी है. जनसभा में मौजूद लोगों से उन्होंने अपील की कि वे इस चुनाव में बंगाल की भलाई के लिए वोट दें। 

     

  • India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट युद्ध ने ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंचा दी थी. हालांकि, अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर इसके टूटने की खबरें भी सुर्खियां बनी हुई है. बीते कुछ समय में वैश्विक संकट ने तमाम देशों का हाल-बेहाल किया, लेकिन फिर भी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यस्था पर इसका असर कम ही देखने को मिला। 

    अब विश्व बैंक ने भी इसे माना है और Global Tension के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में इजाफा कर खुशखबरी दी है. World Bank ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी FY27 में 6.6 फीसदी की रफ्तार से भागेगी. बता दें कि कोरोना महामारी जैसे हालातों में भी भी भारत ने अपना दम दिखाया था और इस माहामारी के संकट से सबसे तेजी के साथ उबरी थी और दुनिया ने इसका लोहा माना था। 

    ग्लोबल टेंशन के बीच दी खुशखबरी
    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को अप्रैल 2026 के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट को जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले अक्तूबर 2025 में वर्ल्ड बैंक ने 6.3% की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया था. India GDP Growth Rate को लेकर नया अनुमान जाहिर करने के साथ ही वैश्विक निकाय ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर (India's Economic Growth Rate) FY26 में अनुमानित 7.6% से कम रहने की बात कही है।  

    वर्ल्ड बैंक ने ये चेतावनी भी दी 
    विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में India GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाने के साथ ही आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर यानी GST Rates में कमी से FY27 की पहली छमाही में उपभोक्ता डिमांड को समर्थन मिलता रहेगा. हालांकि, इसके साथ ही चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि (Global Energy Price Hike) से कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों के खर्च करने की क्षमता सीमित होगी। 

    खाना पकाने के फ्यूल के साथ ही फर्टिलाइजर्स पर ज्यादा सब्सिडी के कारण सरकारी खपत में ग्रोथ धीमी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट में इजाफा होने के बीच इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में कमी आ सकती है। 

    साउथ एशिया की ग्रोथ में कमी 
    विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावटों के चलते दक्षिण एशिया में ग्रोथ 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र की ग्रोथ कई तरह से प्रभावित हो सकती है।