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  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

     नई दिल्ली

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है। 

    नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। 

    नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं। 

    कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी
    मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में। 

    फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक
    IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है। 

    कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में
    IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। 

  • Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Shardiya Navratri 2026
     मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है. नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा.

    इस बार नवरात्र को लेकर एक विशेष धार्मिक मान्यता सामने आ रही है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगत जननी मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि, शांति और स्थिरता का संकेत देता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि देवी की सवारी से जुड़े ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं.

    तो आइए पंडित श्रीपति त्रिपाठी जी से जानते हैं, इस वर्ष शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगी? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के प्रमुख दिन कौन-कौन से हैं? और इस बार देवी का आगमन और गमन किस वाहन पर होगा?

    11 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्र
    11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा. इस दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी.

    नवरात्र के पहले दिन घर में कलश स्थापना करके मां भगवती की आराधना शुरू की जाती है. श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत, जप, पाठ और साधना की जाती है.

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
    पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसी दौरान कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है.

    हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय समय के अंतर के कारण मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है. इसलिए श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.

    नवरात्र में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ
    नवरात्र केवल व्रत रखने का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति की उपासना और आत्मिक साधना का भी समय माना जाता है. आश्विन शुक्ल पक्ष की नवरात्र को आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना के साथ भगवान श्रीराम की रावण पर विजय से भी जोड़ा जाता है. नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या योग्य ब्राह्मण और पुरोहित से संकल्प लेकर इसका पाठ करवाना धार्मिक रूप से पुण्यकारी माना जाता है. मान्यता है कि मां भगवती की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
    अब जानते हैं नवरात्र के प्रमुख दिनों और उनसे जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में.

    16 अक्टूबर, शुक्रवार को बेलवरण पूजा होगी. बेलवरण दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है. खासतौर पर बंगाल और पूर्वी भारत की दुर्गा पूजा परंपराओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है.

    17 अक्टूबर को महा सप्तमी
    17 अक्टूबर, शनिवार को महा सप्तमी से जुड़ी पूजा होगी. पंचांग के अनुसार, सुबह 8:58 बजे के बाद सप्तमी से संबंधित पूजा की जाएगी.

    इसी दिन नवरात्र की कई महत्वपूर्ण परंपराएं पूरी की जाएंगी. नौपत्रिका प्रवेश, निशा पूजा और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी.

    इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां दुर्गा के पट भी खोल दिए जाएंगे. यानी 17 अक्टूबर से दुर्गा पूजा का उत्साह और भी बढ़ जाएगा और भक्त मां के दर्शन कर सकेंगे.

    18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी
    18 अक्टूबर, रविवार को श्री दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है.

    अष्टमी का दिन नवरात्र साधना में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्या पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. इसी दिन विशेष पूजा और महानिशा पूजा का भी विधान रहेगा.

    19 अक्टूबर को संधि पूजा और महानवमी
    19 अक्टूबर, सोमवार को अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधि पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार, संधि पूजा का विशेष समय सुबह 6:53 बजे रहेगा. अष्टमी और नवमी के मिलन का यह समय धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए संधि पूजा को विशेष विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाता है. इसी दिन महानवमी का पर्व भी मनाया जाएगा.

    20 अक्टूबर को विजयादशमी और विसर्जन
    20 अक्टूबर, मंगलवार को उदया तिथि के अनुसार नवमी रहेगी और नवमी तिथि सुबह 9:35 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा. इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा. मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी दिन किया जाएगा.

    हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
    धार्मिक मान्यता और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. देवी का हाथी पर आगमन धार्मिक परंपराओं में बेहद शुभ माना जाता है. हाथी को समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है. इसलिए मान्यता है कि देवी के हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बन सकता है.

    विशेष रूप से कृषि प्रधान समाज में अच्छी वर्षा का विशेष महत्व होता है. हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि देवी की सवारी से संबंधित ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं.

    मां दुर्गा की आराधना में रखें श्रद्धा और संयम
    इस प्रकार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शुरू होने वाला शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. नवरात्र केवल बाहरी उत्सव का पर्व नहीं है. यह अपने भीतर की शक्ति को पहचानने, मन को शुद्ध करने और मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा को मजबूत करने का अवसर भी है.

    इन नौ दिनों में हम मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक देवी के प्रत्येक स्वरूप में शक्ति, भक्ति और जीवन से जुड़े अलग-अलग संदेश छिपे हुए हैं.

    इस नवरात्र अपने घर में श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मां भगवती की पूजा करें. यदि संभव हो तो प्रतिदिन देवी मंत्रों का जाप करें, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या देवी कवच का पाठ करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता जरूर करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और सकारात्मक भावना के साथ हो.

  • भोपाल में अस्पताल की मनमानी पर कार्रवाई, G+1 की परमिशन के बावजूद 4 मंजिलें खड़ी कीं; अब होगी तोड़ने की तैयारी

    भोपाल में अस्पताल की मनमानी पर कार्रवाई, G+1 की परमिशन के बावजूद 4 मंजिलें खड़ी कीं; अब होगी तोड़ने की तैयारी

    भोपाल 
     राजधानी में नियमों को ताक पर रखकर भवन खड़े करने और उनका मनमाना उपयोग करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। एक दिन पहले दो केमिकल फैक्ट्रियों को सील करने के बाद बुधवार को भवन अनुज्ञा शाखा ने रेडक्रास सोसायटी स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को सील कर दिया।

    निगम के अनुसार, भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा इस भवन के लिए जी प्लस वन की अनुमति कामकाजी महिला छात्रावास के प्रयोजन से दी थी, लेकिन मौके पर निर्माण चार मंजिला मिला। यानी स्वीकृति से तीन मंजिल अधिक निर्माण कर दिया गया। ऊपर से उसी भवन में अस्पताल संचालित हो रहा था।

    नियमों का उल्लंघन
    निगम ने इसे स्वीकृत अधिभोग का उल्लंघन मानते हुए 21 अगस्त को नोटिस जारी किया था और 12 सितंबर को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन उच्च न्यायालय चला गया था। हालांकि, बाद में अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय से अपना आवेदन वापस ले लिया, जिसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।

    स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण के चलते अब निगम प्रशासन अस्पताल की इमारत को तोड़ने की कार्रवाई भी कर सकता है। अतिरिक्त निर्माण को लेकर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है।

    स्वास्थ्य विभाग निरस्त कर चुका है रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस
    वहीं इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर 19 गंभीर कमियां सामने आ चुकी हैं। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया था। निगम के अनुसार, भवन में फायर सेफ्टी नार्म्स के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूर्व में नहीं पाई गई थीं।

        सिद्धांता अस्पताल के भवन को स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित किए जाने पर सील किया गया है। साथ ही अतिरिक्त निर्माण को लेकर भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम

     

  • काशी में बड़े आयोजन के लिए तीन स्तर की इमरजेंसी व्यवस्था, CM योगी के सामने पेश हुआ तैयारियों का खाका

    काशी में बड़े आयोजन के लिए तीन स्तर की इमरजेंसी व्यवस्था, CM योगी के सामने पेश हुआ तैयारियों का खाका

    चेन्नई एयर शो से सबक, काशी में तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया तैयारियों का खाका, बोले- हमारे लिए स्टेट इवेंट
     
    डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ का दिया उदाहरण, उसी स्तर पर तैयारी के निर्देश
     
    हवा, गंगा और जमीन पर आपात स्थिति से निपटने का अलग प्लान, एनडीआरएफ की ली जाएगी विशेषज्ञता
     
    तीन कंट्रोल रूम से जुड़ेगा मेडिकल रिस्पॉन्स, अस्पतालों तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
     
    170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित, 97 एंबुलेंस और 23 ब्लड बैंक रहेंगे तैयार
     
     लखनऊ

     चेन्नई एयर शो में अक्टूबर 2024 में सामने आई स्थिति से सबक लेते हुए काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारी की जा रही है। यहां किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवा, गंगा और जमीन, तीनों स्तर पर अलग रिस्पॉन्स प्लान रहेगा। एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी ली जाएगी। तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया है। प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है। उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ में अपनी शक्ति और तैयारी दिखा चुका है। उन्होंने उसी स्तर पर एयर शो की तैयारी करने के निर्देश दिए।
     
    वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले प्रस्तावित है। तैयारियों के प्रजेंटेशन में चेन्नई एयर शो के दौरान भीड़ की स्थिति को अलग से रखा गया। इसके बाद काशी के लिए तैयार क्राउड मैनेजमेंट प्लान बताया गया है। इससे साफ है कि चेन्नई में सामने आई स्थिति को ध्यान में रखकर यहां आपात इंतजाम किए जा रहे हैं। 
     
    हवा में हादसा हो या गंगा में, पहले से तय रहेगा रिस्पॉन्स
    एयर शो के दौरान किसी आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों को मौके पर व्यवस्था तय करने का इंतजार नहीं करना होगा। कार्ययोजना में हवा, पानी और जमीन पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान बनाने की बात है। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता ली जाएगी। यानी हवा में कोई आपात स्थिति बने, गंगा में घटना हो या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ें, तीनों के लिए पहले से रिस्पॉन्स तय रहेगा। 
     
    इसके लिए एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस को आपस में जोड़ा जाएगा। कार्ययोजना में इन एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रमुख जरूरत के रूप में रखा गया है। जरूरत पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट बुलाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव है। 
     
    तीन कंट्रोल रूम, अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर
    इमरजेंसी में सूचना मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन के तीन कंट्रोल रूम होंगे। अस्पताल तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है। सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं। 
     
    मेडिकल बैकअप में आयोजन स्थल से 20 किमी के दायरे के सात सरकारी अस्पताल और 15 किमी के दायरे के सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं। 23 ब्लड बैंक भी चिह्नित हैं। वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। इस तरह जरूरत पड़ने पर 97 एंबुलेंस उपलब्ध होंगी। 
     
    21 समितियों को अलग-अलग जिम्मा
    एयर शो की तैयारियों के लिए 21 समितियां बनाई गई हैं। किसी समिति को घाट संभालने हैं तो किसी को कंट्रोल रूम और मेडिकल कवर। आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत और आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अलग-अलग बांटी गई है। नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए एक घाट प्रबंधन समिति और रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए दूसरी समिति बनाई गई है। 
     
    पक्षियों पर नजर रखने के लिए भी अलग कमेटी
    तैयारी में एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाई गई है। एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती पर यह समिति काम करेगी। सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ बनाई गई है। कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है।

  • निवेश से कौशल विकास तक, छत्तीसगढ़ के लिए सफल रहा सिंगापुर दौरा; ₹43,600 करोड़ की FDI प्रतिबद्धताएं

    निवेश से कौशल विकास तक, छत्तीसगढ़ के लिए सफल रहा सिंगापुर दौरा; ₹43,600 करोड़ की FDI प्रतिबद्धताएं

    रायपुर : ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और वैश्विक साझेदारियां : छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से भरा रहा सिंगापुर दौरा

    तीन दिनों की लगातार बैठकों और संवाद से निवेश, कौशल विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए द्वार खुले

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौटा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रदेश को ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले यह अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं।

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रथम ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ कौशल विकास के क्षेत्र में ITE Education Services, Singapore के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किया। वहीं Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

    एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण तक बड़े निवेश

    सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो सकती है।

    इसी प्रकार Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. को सोलर क्षेत्र के साथ साथ 300 मेगावाट की सम्बन्धित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव भी प्रस्ताव हुआ। वहीं 22 देशों में कार्यरत वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर बनेंगे।

    इन निवेश प्रस्तावों का लाभ प्रदेश के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेगा। युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को बड़ी वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के किसानों और कृषि उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक बढ़ेगी।

    युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

    भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया। इसके अंतर्गत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर विकसित करने पर काम किया जाएगा।

    SING Forum में दुनिया के सामने रखी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा

    Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुGan Siow Huang, SBF के चेयरमैन Mark Lee, सीईओ Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestlé और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

    फोरम के दौरान आयोजित ‘फायरसाइड चैट’ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने।

    सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

    मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट की। इस दौरान भारत-सिंगापुर के मजबूत संबंधों को राज्य स्तर पर और विस्तार देने तथा निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ सीईओ राउंडटेबल

    मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद हुआ।

    Global Finance & Technology Network (GFTN) के साथ हुई चर्चा में प्रदेश के युवाओं को एआई और डिजिटल फाइनेंस का प्रशिक्षण देने तथा छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और बाजारों तक पहुंच दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। Aquatech Pacific Holdings Pte Ltd के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, जबकि Adroit Overseas Pte Ltd ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई।

    हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी वैश्विक साझेदारी की पहल

    सिंगापुर यात्रा के दौरान Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group के साथ हुई बैठकों ने छत्तीसगढ़ में हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के लिए सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।

    Gardens by the Bay के अनुभव और विश्वस्तरीय कार्यप्रणाली का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने तथा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बेहतर और अधिक हरित सार्वजनिक स्थल तैयार करने में किया जा सकेगा।

    Mandai Wildlife Group के साथ नंदनवन जंगल सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दिशा में सहयोग से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर यात्रा को छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा, “इस यात्रा ने दुनिया के सामने यह स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। हम निवेश प्रस्तावों के साथ नई साझेदारियां और आगे बढ़ने का स्पष्ट रोडमैप लेकर लौटे हैं। अब हमारी सरकार प्रत्येक निवेशक के साथ निरंतर और गंभीरता से फॉलो-अप करेगी, ताकि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। हमारा लक्ष्य है कि इन निवेशों से प्रदेश के युवाओं के लिए नए करियर और रोजगार के अवसर बनें तथा हमारे उद्यमियों और स्थानीय उद्योगों के लिए विकास के नए द्वार खुलें।”

    तीन दिवसीय सिंगापुर प्रवास के दौरान हुए निवेश प्रतिबद्धताओं, कौशल विकास समझौते और विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के साथ बनी साझेदारी छत्तीसगढ़ को निवेश, तकनीक, कौशल, हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

  • LIC Housing Finance Loan Case: 4 कंपनियों का बड़ा प्रस्ताव, सुभाष चंद्रा मामले में 10% ब्याज के साथ चुकाएंगी बकाया

    LIC Housing Finance Loan Case: 4 कंपनियों का बड़ा प्रस्ताव, सुभाष चंद्रा मामले में 10% ब्याज के साथ चुकाएंगी बकाया

     नई दिल्ली
    एस्सेल ग्रुप (Essel Group) के चेयरमैन सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) की पर्सनल गारंटी से जुड़े एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लोन (LIC Housing Finance Loan) मामले में सेटलमेंट का एक नया प्रस्ताव सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, कर्ज लेने वाली चार कंपनियों ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 100 फीसदी बकाया मूलधन और उस पर 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करने का प्रस्ताव दिया है। 

    इस मामले में यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब इससे पहले ₹22,006 करोड़ के क्लेम के मामले में एनसीएलटी से 99.97 फीसदी हेयरकट मिलने को सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भारी-भरकम व्यक्तिगत कर्ज माफी बताए जाने को लेकर सुभाष चंद्रा ने आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि इस मामले को भारी-भरकम व्यक्तिगत कर्ज माफी के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए. चंद्रा के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर किसी लेंडर्स से पैसे नहीं लिए थे. उनका कहना था कि वह सिर्फ एस्सेल ग्रुप से जुड़ी कर्ज लेने वाली कंपनियों के लिए पर्सनल गारंटर थे। 

    किन कंपनियों ने लिया था कर्ज?

    यह मामला उन कंपनियों के कर्ज से जुड़ा है, जिनके लिए सुभाष चंद्रा पर्सनल गारंटर थे. वसंत सागर प्रॉपर्टीज लिमिटेड और पैन इंडिया इन्फ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से कुल ₹500 करोड़ का कर्ज लिया था. वहीं, डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और स्प्रिट इन्फ्रापावर प्रोजेक्ट ने ₹480 करोड़ का लोन लिया था। 

    क्या है नया सेटलमेंट प्रस्ताव?
    सूत्रों के मुताबिक, इन चारों कंपनियों ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को सेटलमेंट प्रस्ताव सौंपे हैं. प्रस्ताव में 100 फीसदी मूलधन 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करने की बात कही गई है. ये वही कंपनियां हैं, जिनके कर्ज के संबंध में सुभाष चंद्रा ने पर्सनल गारंटर की भूमिका निभाई थी. एनसीएलटी से 99.97 फीसदी हेयरकट मिलने के मामले में सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा था कि ₹22,006 करोड़ का आंकड़ा कार्यवाही में दाखिल किए गए क्लेम को दर्शाता है। 

    उनके मुताबिक, इस राशि को उनका व्यक्तिगत बकाया कर्ज नहीं माना जाना चाहिए. सुभाष चंद्रा ने कहा था कि ₹21,696 करोड़ के क्लेम मंजूर किए गए थे, जबकि सेटलमेंट प्लान का विरोध करने वाले लेंडर्स के कुल क्लेम करीब 3,992 करोड़ रुपये थे. इसमें से 620 करोड़ रुपये के क्लेम पहले ही निपटाए जा चुके थे, जिससे लगभग 3,372 करोड़ रुपये की राशि बची थी। 

    लेंडर्स से बातचीत भी जारी
    सुभाष चंद्रा ने आगे कहा था कि कर्ज लेने वाली कंपनियों ने आपत्ति जताने वाले कई लेंडर्स को करीब ₹1,113 करोड़ का भुगतान करने की पेशकश की थी. उन्होंने यह भी कहा था कि इन लेंडर्स के साथ बातचीत जारी है. फिलहाल एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के सामने रखे गए नए सेटलमेंट प्रस्ताव में चारों कंपनियों की ओर से 100 फीसदी मूलधन और 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान की पेशकश की गई है. अब आगे की तस्वीर इन सेटलमेंट प्रस्तावों पर होने वाली प्रगति और आपत्ति जताने वाले लेंडर्स के साथ चल रही बातचीत के नतीजों से साफ होगी। 

  • पंजाब-CBI विवाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख आज साफ होगा, मान सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

    पंजाब-CBI विवाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख आज साफ होगा, मान सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज गुरुवार को पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच कर रही है। 

    हाईकोर्ट के इसी आदेश के बाद सीबीआई ने मंगलवार शाम 5 बजे CM भगवंत मान के चंडीगढ़ कैंप ऑफिस, सीएम के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के घर समेत पंजाब में 8 जगहों पर रेड की। टीमों ने लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई रात 11 बजे तक चली।

    इसके बाद घुम्मन समेत 6 लोगों को समन जारी किया गया। उन्हें चंडीगढ़ में CBI ऑफिस में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बता दें कि ED ने CM ऑफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ED ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बताया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की।

    पंजाब सरकार ने CBI जांच रोकने की मांग की
    पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र और संघीय ढांचे से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए बुधवार या गुरुवार को मामले को लेने की बात कही थी।

    हाईकोर्ट ने CBI को FIR और जांच के आदेश दिए
    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी पर CBI जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ED के आरोपों की जांच के दौरान ही उनकी पुष्टि या खंडन होगा।

    ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के आरोप लगाए
    ED ने जुलाई-अगस्त में पंजाब DGP को भेजी चिट्ठियों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। ED के आरोपों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित प्रभाव का जिक्र था। एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था।

    CBI ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया
    हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और RS नागरा के नाम शामिल हैं। इसके बाद मंगलवार को CBI ने इनसे जुड़े 8 ठिकानों पर तलाशी ली।

     

    पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला

        ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।
        CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।
        सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।
        तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।
        जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।
        हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

  • विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री साय

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रधानमंत्री मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, दृढ़ संकल्प और जनकल्याण की प्रेरक गाथा – मुख्यमंत्री साय

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री साय

    ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो में जीवंत हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी जीवन यात्रा

    ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ में रेल, जनजातीय विकास और निवेश के क्षेत्र में खुल रहे नई प्रगति के द्वार

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए। समारोह में आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संघर्ष से सेवा और सेवा से राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। लगभग 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया है। देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में शासन की योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग बने हैं तथा विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हुई है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत के निर्माण के साथ हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए भी पूरी शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को 13 अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से जनभागीदारी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।

    *प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जानने का अवसर मिला। उनका जीवन विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है।

    उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भाव के माध्यम से देश का नेतृत्व करने तक की प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनसेवा का हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

    *प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है।

    उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। बस्तर में शांति, विकास और जनविश्वास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को देश के प्रभावी रूप से नक्सलवाद मुक्त होने की उपलब्धि रेखांकित की थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बस्तर का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े और वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्राप्त हों।

    *किसानों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।  केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसान हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    *महतारी वंदन से मजबूत हुआ महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक  20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देने के साथ परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूत कर रही है।

    *छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा अभूतपूर्व विस्तार*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 51 हजार करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। नई रेल परियोजनाओं और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर रेल नेटवर्क से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी।

    *जनजातीय गांवों में मजबूत हो रही बुनियादी सुविधाएं*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान, उनकी संस्कृति का संरक्षण और उनके क्षेत्रों का समग्र विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में रहा है।

    उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गांवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विकास की पहुंच बढ़ने से वहां रहने वाले परिवार तेजी से शासन की योजनाओं और सुविधाओं से जुड़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी संस्कृति और परंपराओं का गौरव है। सरकार का प्रयास है कि विकास की यात्रा में जनजातीय अंचल न केवल सहभागी बनें, बल्कि प्रदेश की प्रगति के प्रमुख केंद्र के रूप में आगे आएं।

    *वैश्विक निवेश के मानचित्र पर उभर रहा छत्तीसगढ़*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत के प्रति बढ़े विश्वास का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। हमारी सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति, पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल वातावरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं।

    उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ हुई चर्चा में छत्तीसगढ़ के प्रति निवेशकों में व्यापक उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति और निवेश-अनुकूल वातावरण से प्रभावित होकर 15 बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वन-टू-वन चर्चा में छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रुचि दिखाई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और छत्तीसगढ़ को आधुनिक उद्योग, तकनीक एवं नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जो समृद्ध भी हो, आत्मनिर्भर भी हो और देश की विकास यात्रा में अग्रणी योगदान भी दे।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत-2047 का निर्माण केवल सरकार का संकल्प नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से जुड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य है।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए देश की आर्थिक प्रगति और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा, अर्थव्यवस्था, अधोसंरचना, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और जनकल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने देश की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से लेकर विकसित भारत-2047 के संकल्प तक प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने ऐसे लक्ष्य रखे हैं, जिन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र समर्पण की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • MP Tourism को मिली नई डिजिटल उड़ान, बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का लोकार्पण

    MP Tourism को मिली नई डिजिटल उड़ान, बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का लोकार्पण

    देखो पूरा देश, पर सबसे पहले मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है
    वैश्विक पर्यटकों के लिए एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और अत्याधुनिक डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का हुआ लोकार्पण
    34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल
    असीम पर्यटन संभावनाओं को आकर्षित करेगा ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ : मंत्री लोधी
    ‘मुखयमंत्री डा. यादव ने किया मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट ; 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ
    प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 6 महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान, निवेश प्रोत्साहन के तहत दिए गए 2 लेटर ऑफ अवार्ड

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन तक ले जाने का जो लक्ष्य रखा है, टूरिज्म उसका एक बहुत बड़ा पार्ट है। प्रधानमंत्री मोदी के तीन मंत्रों – देखो अपना देश, वोकल फ़ॉर लोकल और ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ने भारत के पर्यटन को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या और संभावनाएं दोनों बढ़ रही है क्योंकि पर्यटन अब सिर्फ़ घूमने-फिरने और प्रकृति को एक्सप्लोर करने का ही विषय नहीं रहा, यह हमारी कला-संस्कृति के प्रसार, रोज़गार, निवेश और आर्थिक विकास का माध्यम बन चुका है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से कहा कि यद्यपि पर्यटन के लिए पूरे देश में अनेकानेक स्थल हैं, तथापि जब भी पर्यटन के लिए निकलें, तो सबसे पहले अपने मध्यप्रदेश को ही चुनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रदेश के पर्यटन विकास, पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि और टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों व होमस्टे संचालकों जैसे हितग्राहियों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग को शेयर करने का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है। अब टूरिस्ट ऐसे ट्रैवल डेस्टिनेशन पर जाना पसंद करता है , जहां सुंदर और शांत वातावरण हो। ट्रैकिंग और एडवेंचर के साथ वेलनेस ओर स्पिरिचुअल टूरिज्म भी अब तेजी से ट्रेंड कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर 2022 से चीता पुनर्स्थापना के बाद वन पर्यटन बढ़ा है। टेक्नोलॉजी अब पर्यटन का अंग बन चुकी है। हमने 20 चीते लाकर यहां काम शुरू किया था। इनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा आश्रय स्थल बन गया है। मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए तेजी से काम हो रहे हैं, यही कारण है कि हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन के मामले में नए-नए रिकार्ड बना रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2024 की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आध्यात्मिक और वन्य जीव पर्यटन अब मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। प्रकृति प्रेमियों  के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग है। हमारे 12 नेशनल पार्क और 9 टाइगर रिजर्व जैव विविधता से भरा हुआ  खजाना हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के दूर-दराज से आए अतिथियों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, पर्यट न जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप कुछ दिन तो हमारे मध्यप्रदेश में गुजारिये, आप इसे भूल नहीं पाएंगे क्योंकि जो भी एक बार यहां आता है, वह हमारा ही हो जाता है। इसलिए एक बार मध्यप्रदेश घूमने का अनुभव जरूर लें।

    ट्रैवल मार्ट से वैश्विक पर्यटन बाजार में मजबूत होगी मध्यप्रदेश की पहचान : राज्यमंत्री लोधी

    संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी के  मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव  के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।मध्यप्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत , प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध परंपराएं और आध्यात्मिक धरोहर देश- दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां के विविध पर्यटन अनुभवों ने हमेशा पर्यटकों का दिल जीता है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर नए नवाचार और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, नए पर्यटन अवसरों को विकसित करने और मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

    एमपी ट्रैवल मार्ट 2026: प्रदेश के आर्थिक और पर्यटन विकास का सशक्त मंच:  मुख्य सचिव बर्णवाल

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि आज हम “इंटीग्रेट, इनोवेट और इंस्पायर” (एकीकृत करें, नवाचार करें और प्रेरित करें) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025 में हमारे पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 57% अधिक है। ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ की आतिथ्य परंपरा का अनुभव लीजिए, क्योंकि 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' मध्यप्रदेश को विकास के नए शिखर पर ले जाने की इस यात्रा में साझीदार बनने का एक सशक्त मंच है।

    आयोजन से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि को मिलेगी और गति : महेंद्र प्रताप सिंह

    फिक्की मध्यप्रदेश और आईटो के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन का भविष्य ‘एक्सपीरियंस टूरिज्म’ में है, जहां पर्यटक केवल स्थलों को देखें नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, कला, शिल्प, खान-पान और ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस करें। पर्यटन अब सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अनुभवों, कहानियों और नए संबंधों को संजोने का माध्यम बन रहा है। ‘देखो अपना देश, सबसे पहले मध्यप्रदेश’ इसी अनुभव को आगे बढ़ाने की एक सोच है।

    कार्यक्रम के दौरान, पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, वही मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    कार्यक्रम के दौरान, पर्यटन के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। एमपी ट्रैवल मार्ट के उद्देश्यों और कार्यक्रम की रुपरेखा पर प्रकाश डाला मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का हुआ आदान-प्रदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और विभिन्न संस्थाओं के बीच छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इनमें ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, मोटरस्पोर्ट्स, फिल्म एवं कंटेंट निर्माण, AI आधारित डिजिटल पर्यटन तथा वन्यजीव पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

    Explurger के साथ AI आधारित डिजिटल पर्यटन एवं पर्यटक अनुभव को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग किया गया। इसके तहत AI एजेंट के माध्यम से चयनित गंतव्यों पर बहुभाषी डिजिटल सहायता, पर्यटक मार्गदर्शन एवं स्टोरीटेलिंग उपलब्ध कराने के साथ 100 पर्यटन गंतव्यों पर चरणबद्ध रूप से 1,000 QR बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इस अवसर पर Explurger के निदेशक जितेन भाटिया उपस्थित रहे।

    वहीं राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ बांधवगढ़, सतपुड़ा एवं कान्हा टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित वन्यजीव पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए समझौता हुआ, जिसमें ₹520 करोड़ के संभावित निवेश और 375 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना है। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे।

    ग्राम स्टे–कनेक्टिंग विलेजेज ऑफ इंडिया के साथ ग्रामीण पर्यटन, डिजिटल दृश्यता एवं होमस्टे की ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ, जिसमें संस्थापक एवं CEO परीक्षित सिंह उपस्थित रहे।

    TVF तथा KRARK फैमिली ऑफिस एवं प्रमोटर ग्रुप के साथ फिल्म निर्माण, कौशल विकास, कंटेंट निर्माण एवं फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए समझौता हुआ, जिसमें निदेशक अर्णव उपस्थित रहे।

    एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के साथ साहसिक पर्यटन के विकास एवं सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने पर सहयोग किया गया; इस अवसर पर पद्मएवं ATOAI के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज उपस्थित रहे। NATRAX के साथ मोटरस्पोर्ट्स एवं साहसिक पर्यटन के विकास तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए समझौता हुआ, जिसमें निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल उपस्थित रहे।

     पर्यटन परियोजाओं की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड  किए गए प्रदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में पर्यटन परियोजाओं की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर अनूप शर्मा को ग्राम ओरछा, जिला निवाड़ी में ₹50 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से रिसॉर्ट परियोजना स्थापित करने के लिए एलओए प्रदान किया गया।

     वीरेंद्र जादौन को लक्ष्मीपुर पैलेस , जिला पन्ना में ₹10 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से हेरिटेज होटल परियोजना स्थापित करने के लिए एलओए प्रदान किया गया।

    एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' का लोकार्पण

    वैश्विक पर्यटकों को अधिक सुगमता और आधुनिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, 'टेलमी डिजीइन्फोटेक' के सहयोग से विकसित 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' (डायनेमिक डिजिटल कॉफी टेबल बुक) का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें 360-डिग्री व्यू, AI स्टोरीटेलिंग, VR (वर्चुअल रियलिटी) लिंक्स और ऑडियो नरेशन जैसी अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    "अमृतस्य मध्यप्रदेश" से बिखेरी संस्कृति की झलक

    कोरियोग्राफर सुमैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य नाटिका 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' ने अपनी अलौकिक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इस भव्य प्रस्तुति ने 'ओम' की गूँज के साथ शुरू होकर भीमबेटका, सांची, खजुराहो, ग्वालियर और ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों से होते हुए मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और वस्त्र परंपराओं को जीवंत किया।

    इसमें राज्य के वन्यजीवों, उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और पावन नर्मदा के आध्यात्मिक वैभव को बेहद सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया।अंत में मां नर्मदा जी की आरती और वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ के दिव्य दृश्यों के साथ यह संपूर्ण कलात्मक यात्रा भारतीय शास्त्रीय और लोक परंपराओं को पिरोते हुए पूर्णता को प्राप्त हुई।

    विदेशी टूर ऑपरेटर्स के अनुभव आधारित वीडियो हुए लॉन्च

    प्रदेश में फैम टूर पर आए विदेशी टूर ऑपरेटर्स के अनुभव आधारित वीडियो का प्रसारण किया गया जिनमें उन्होंने मध्य प्रदेश की सुंदरता, होमस्टे और वन्यजीवों के अपने अनूठे अनुभवों को साझा किया। इन वीडियो के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों की मनमोहक झलक और मेहमाननवाज़ी को प्रस्तुत किया गया।

    इस अवसर पर केंद्रीय सचिव पर्यटन मंत्रालय भुवनेश कुमार, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, विस्क्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के निदेशक एस. वेंकट एन. रेड्डी, ग्रुप ए.आर.एम. (ए.आर.एम. फूड्स) के चेयरमैन अतुल अग्रवाल, प्रसिद्ध शेफ, लेखक एवं टेलीविज़न प्रस्तोता रणवीर बराड़, अनादिरिशा टाइगर कैप प्रा. लि. के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वेद खन्ना और ईईएमए के अध्यक्ष दीपक चौधरी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। इस प्रतिष्ठित वैश्विक महाकुंभ में 34 से अधिक देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स, देश भर के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स और प्रतिष्ठित फिल्मी हस्तियों सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।     

  • पर्यटन के क्षेत्र में MP की बड़ी तैयारी, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार

    पर्यटन के क्षेत्र में MP की बड़ी तैयारी, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार

    पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार पर्यटन निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू के साथ प्रदान किये लेटर ऑफ अवॉर्ड
    पर्यटन निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक में आए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्य जीव संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है और राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एमपी ट्रैवल मार्ट : 2026’ के दौरान मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने और निजी निवेश को गति प्रदान करने के उद्देश्य से देश-विदेश के प्रमुख पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और स्टेकहोल्डर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया तथा निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किए गए।

    सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश एमओयू

    निवेश संवर्धन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट एवं लक्जरी होटल परियोजनाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में 920 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर ए.आर.एम. फूड्स का प्रतिनिधित्व कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने किया।

    निवेशकों को त्वरित अनुमतियों का भरोसा और रोजगार सृजन को मिलेगी गति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों, संस्थाओं और उद्यमियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि आवंटन, अधोसंरचना विकास और आवश्यक स्वीकृतियों को समयबद्ध रूप से पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश प्रस्तावों और लेटर ऑफ अवॉर्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

    कौशल विकास, हेरिटेज संरक्षण और फिल्म पर्यटन में हुए एमओयू

    पर्यटन विकास, योजना और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में एसीएडी, इंदौर के साथ फिल्म निर्माण शिक्षा, पर्यटन एवं कंटेंट निर्माण के लिए समझौता (एमओयू) हुआ। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए एमओयू हुआ।

    कौशल विकास अन्तर्गत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। इसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें संस्थान का प्रतिनिधित्व प्रो. प्रशांत के. गौता ने किया। वहीं, द्रोणह के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप एवं संरक्षण योजना तैयार करने के लिए एमओयू किया गया, जिसमें श्रीमती शिखा जैन ने प्रतिनिधित्व किया।

    इसके अतिरिक्त, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं के विकास, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, एमपीएसटीडीसी तथा जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व डीआईजी हरिंदर सिंह तोमर एवं रितेश ठाकुर ने किया।

    हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में आए निवेश प्रस्ताव

    वन-टू-वन बैठकों के दौरान हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में अन्य बड़े निवेश प्रस्ताव भी सामने आए। एटमॉस्फियर ग्रुप के प्रबंध निदेशक सौभाग्य महापात्रा ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्य जीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की।

    रेनी ग्रुप के निदेशक पंकज फुलवानी ने मांडू में 350 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक लुनेरा सराय को ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ (130 करोड़ रुपये) के रूप में विकसित करने, खजुराहो में कुटनी डैम के सामने वॉटर फ्रंट रिसॉर्ट (125 करोड़ रुपये), सीधी में ‘स्टोरी बाय आईटीसी’ (35 करोड़ रुपये) और मैहर में बाणसागर डैम के पास रिसॉर्ट सहित कुल 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के संबंध में चर्चा हुई।

    सर्व ग्रुप के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (मढ़ई) में ‘ताज सफारीज’ के साथ 40 एकड़ में 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्य जीव रिसॉर्ट और राज्य में कुल 300 करोड़ रुपये के समग्र निवेश संबंधी चर्चा की। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने तथा रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी व मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया।

    वन्य जीव पर्यटन और होटल विस्तार में प्रमुख समूहों ने दिखाई रुचि

    वन्य जीव पर्यटन को गति देने के लिए रामको ग्रुप (जेकेआर हॉस्पिटैलिटी) की प्रबंध निदेशक सुशारदा दीपा ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित करने की योजना प्रस्तुत की।इसके साथ ही वराय होटल्स के सीएमडी शैलेश कलवाडिया ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट, इवॉल्व बैक ग्रुप के अब्राहम जॉर्ज रामापुरम ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट और अनाशविश टाइगर कैंप के विनोद सिंह राजपुरोहित ने ‘द लीला’ के साथ मिलकर कान्हा व सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर चर्चा की।

    विसक्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के एस. वेंकट रेड्डी, जूस्टा होटल्स के आशीष वोहरा, अंबुजा नियोतिया के अवनीश कोहली और अहिल्या एक्सपीरिएंसेज के यशवंत राव होलकर ने भी प्रदेश में होटल व डेस्टिनेशन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की गहरी रुचि दिखाई।

    फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक प्रचार और फूड टूरिज्म पर विमर्श

    फिल्म पर्यटन के तहत ‘द वायरल फीवर’ (टीवीएफ) के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब-सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म हब के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। सुप्रसिद्ध अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार पर विचार रखे, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म विकसित करने पर सुझाव दिए।

    विभिन्न अंचलों में रिसॉर्ट व पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में नई पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए निवेशकों और उद्यमियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। इसके अंतर्गत निवाड़ी जिले के ओरछा में रिसॉर्ट व बहुउद्देश्यीय पर्यटन परियोजना के लिए मेसर्स अन्या पॉलीटेक एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (यशपाल यादव), बैतूल के ग्राम गुरगुंडा में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स हेवन टेक्नो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड (राजेंद्र ठाकुर) तथा ग्राम बोथिया में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए संदीप सोनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड दिया गया।

    नीमच के ग्राम बस्सी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती स्वाति गोयल, मंदसौर के ग्राम कंगहट्टी में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए जैनम जैन तथा गांधी सागर में इको-टूरिज्म गतिविधि के लिए रघुराज सिंह चौधरी को अनुबंध पत्र सौंपे गए। रायसेन के ग्राम मुरलीखेड़ी में रिसॉर्ट एवं अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए मेसर्स टेक्नो प्लानर्स एलएलपी (आशीष भदौरिया) तथा सागर जिले के ग्राम सलैया गंज में होटल/रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स ज्ञानोदय ग्रुप (मूरत सिंह) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए।

    हेरिटेज होटल और राजमार्गों पर वे-साइड एमिनिटीज की स्थापना को मंजूरी

    सीहोर जिले के ग्राम लावाखेड़ी में रिसॉर्ट परियोजनाओं के लिए संजेश रघुवंशी, आलोक कटारिया तथा मेसर्स साई हरदा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स (आकाश सचदेवा) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। उज्जैन जिले के ग्राम ब्रजराज खेड़ी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए शैलेश कलवारिया तथा पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर पैलेस में हेरिटेज होटल प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती रत्न जादौन को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया गया।

    राजमार्गों पर पर्यटकों एवं यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मार्ग सुविधा केंद्रों (वे-साइड एमिनिटीज) की स्थापना के लिए भी लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। इसके अन्तर्गत खजुराहो-पन्ना मार्ग पर सुविधा केंद्र के लिए मेसर्स नीलम कंस्ट्रक्शन (श्रीमती नीलम सिंह), जबलपुर-भोपाल मार्ग स्थित ग्राम तेंदूखेड़ा में सुविधा केंद्र के लिए दुर्गा दास पटेल तथा उज्जैन-मक्सी मार्ग स्थित ग्राम हरसोदन में मार्ग सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए पाटीदार फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (पुरुषोत्तम पाटीदार एवं आकाश पाटीदार) को अनुबंध पत्र प्रदान किए गए।

    एमआईसीई, साहसिक पर्यटन और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन

    प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों (एमआईसीई) और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से ईमा के अध्यक्ष दीपक चौधरी और विजक्राफ्ट इंटरनेशनल के सह-संस्थापक सबास जोसेफ ने बड़े आयोजनों के संबंध में विचार-विमर्श किया। एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज ने पर्यावरण-अनुकूल एडवेंचर टूरिज्म पर बल दिया।

    टीबीओ ग्रुप के प्रबंध निदेशक अंकुश निझावन ने ‘टीबीओ एकेडमी’ के जरिए पर्यटन हितधारकों के कौशल विकास का प्रस्ताव दिया। टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार तथा एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना ने अनछुए पर्यटन गंतव्यों के प्रचार की रूपरेखा रखी। तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक्सप्लर्जर के संस्थापक जितिन भाटिया ने पर्यटन स्थलों पर एआई-आधारित सहायक ‘एआई एजेंट’ की तैनाती का प्रस्ताव रखा।