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  • ‘कांग्रेस अपने कमजोर होने पर आत्ममंथन करे’, CM मोहन यादव का राहुल गांधी पर तीखा हमला

    ‘कांग्रेस अपने कमजोर होने पर आत्ममंथन करे’, CM मोहन यादव का राहुल गांधी पर तीखा हमला

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने कहा कि लगातार चुनावों में कांग्रेस की पराजय के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। कांग्रेस को यह विचार करना चाहिए कि तमिलनाडु में वह लंबे समय से कमजोर क्यों हैं, पश्चिम बंगाल में दशकों से सत्ता से बाहर क्यों हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित अनेक राज्यों में उसका जनाधार क्यों कमजोर हुआ है। इन सवालों का जवाब चुनाव आयोग को दोष देने में नहीं, बल्कि पार्टी के संगठन और नेतृत्व की कमजोरियों के आत्ममंथन में मिलेगा।

    डा. मोहन यादव गुरुवार को सीएम हाउस में तीन एजेंसियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जिस चुनाव आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से उसे कई राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला, उसी चुनाव आयोग पर लगातार सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर ही अविश्वास है, तो केरल में कांग्रेस की जीत का क्या अर्थ है? हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, वहां भी इसी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव हुए हैं। तमिलनाडु में भी राजनीतिक परिस्थितियों के मुताबिक गठबंधन और सरकार में भागीदारी के निर्णय लिए जाते हैं।

    भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
    डा. यादव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां चुनाव की पूरी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था के तहत चुनाव आयोग के माध्यम से संपन्न होती है। चुनावी पराजय को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। लगातार हार के बाद अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास लोकतंत्र के हित में नहीं है।

    आत्ममंथन करें राहुल गांधी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी पार्टी के प्रदर्शन और नेतृत्व का आत्ममंथन करना चाहिए। लगातार मिल रही पराजय के लिए चुनाव आयोग अथवा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया के सामने मजबूती के साथ खड़ा है। एक अत्यंत साधारण परिवार से निकलकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे मोदी ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को स्थापित किया है। उनकी लोकप्रियता को कम करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। कांग्रेस को चाहिए कि वह अपनी कमजोरियों को स्वीकार करे, संगठन को मजबूत बनाए और जनता के बीच अपना विश्वास पुनः स्थापित करे।

  • UPI फीस पर बड़ा अपडेट, 2027 तक टल सकता है फैसला; Paytm समेत पेमेंट कंपनियों के शेयर लुढ़के

    UPI फीस पर बड़ा अपडेट, 2027 तक टल सकता है फैसला; Paytm समेत पेमेंट कंपनियों के शेयर लुढ़के

    नई दिल्ली

    देश में 2,000 रुपये से ज्‍यादा के UPI ट्रांजैक्‍शन पर 15 अक्‍टूबर से लगने वाले MDR चार्ज को इस साल टाला जा सकता है. व्‍यापारियों के संगठनों ने इस संबंध में NPCI को प्रस्‍ताव भेजा है. व्‍यापारियों ने आग्रह किया है कि 15 अक्‍टूबर से लागू होने वाले UPI-MDR चार्ज को फेस्टिव सीजन या फिर इससे भी आगे 31 दिसंबर तक टाल‍ दिया जाए. आग्रह है कि अगले साल की शुरुआत से ये चार्ज लागू किया जाए। 

    हालांकि, NPCI ने सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है.सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है. अगर व्‍यापारिक संगठनों का प्रस्‍ताव मान लिया जाता है तो ये व्‍यापारियों के लिए त्‍यौहारों के मौसम में बड़ी राहत होगी. कारण कि इस दौरान बंपर सेल होती है और बड़ी संख्‍या में लोग UPI से शॉपिंग करते है। 

    वित्त मंत्री से भी किया गया है आग्रह 
     एक बड़े व्‍यापारिक सूत्र ने बताया कि व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से  UPI लेनदेन पर MDR लगाने को टालने का आग्रह किया है. ट्रेडर्स ने वित्त मंत्री से अपील की है कि UPI के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR के प्रस्ताव को 6 हफ्ते के लिए टाल दिया जाए। 

    वित्त मंत्री को दिए एक लिखित मेमोरेंडम में व्यापारी संगठनों ने कहा है कि MDR को लेकर व्यापारियों में  संशय की स्थिति है. इसलिए इसे लागू करने की तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 किया जाए। 

    कितना MDR देना होगा?
    पिछले महीने यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी ने ₹2,000 से ज्यादा के कुछ लेनदेन पर 0.4 फीसदी यानी 40 बेसिस प्वाइंट MDR तय किया था. MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट की प्रक्रिया के लिए मर्चेंट की तरफ से संबंधित बैंक या भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों को दिया जाता है. आसान उदाहरण से समझें तो ₹2,000 के लेनदेन पर 0.4 फीसदी के हिसाब से ₹8 और ₹10,000 के लेनदेन पर ₹40 का शुल्क बनता है. हालांकि यह शुल्क किन लेनदेन पर लागू होगा और किस श्रेणी में कितनी दर होगी, यही फिलहाल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी उलझन बनी हुई है। 

    जनवरी तक टालने की मांग क्यों?
    पेमेंट इंडस्ट्री का कहना है कि यूपीआई में कार्ड पेमेंट की तरह एक समान फी स्ट्रक्चर नहीं है. यूटिलिटी बिल, लोन की किस्त और कैपिटल मार्केट से जुड़े लेनदेन के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं. इन अलग-अलग श्रेणियों और उनके नियमों को लेकर कंपनियों और मर्चेंट्स के बीच भ्रम है. यही वजह है कि पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े कई संगठन चाहते हैं कि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले तैयारी के लिए कुछ और समय दिया जाए। 

    फेस्टिव सीजन भी बड़ी वजह
    15 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने की तारीख ऐसे समय पड़ रही है, जब देश में त्योहारी खरीदारी शुरू हो चुकी होगी. एक सूत्र के मुताबिक, पेमेंट इंडस्ट्री के कई निकायों और मर्चेंट्स ने NPCI से कहा है कि MDR लागू करने की तारीख को फेस्टिव सीजन खत्म होने तक टाल दिया जाए. इंडस्ट्री को चिंता है कि महंगाई के दबाव के बीच त्योहारी बिक्री के दौरान कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है. इसका असर उनकी कमाई और ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है. यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ कारोबारी MDR का बोझ किसी न किसी तरीके से ग्राहकों पर डालने की कोशिश कर सकते हैं। 

    UPI और कार्ड पेमेंट में क्या फर्क?
    कार्ड पेमेंट में हर मर्चेंट की एक कैटेगरी होती है. कार्ड नेटवर्क इसी आधार पर लेनदेन को प्रोसेस और उसकी जांच करते हैं. कार्ड में MDR की दरें भी अपेक्षाकृत एक जैसी व्यवस्था में होती हैं. यूपीआई में स्थिति थोड़ी अलग है. यहां अलग-अलग तरह के पेमेंट के लिए अलग नियम और शुल्क की व्यवस्था बनाई गई है. इनमें से कुछ ऐसे भुगतान भी हैं, जिन्हें कार्ड के जरिए किया ही नहीं जा सकता. यूपीआई के लोकप्रिय होने से पहले लोन की किस्त या कैपिटल मार्केट से जुड़े कई भुगतान नेट बैंकिंग, IMPS, NEFT और RTGS जैसे माध्यमों से किए जाते थे. इन माध्यमों पर शुल्क की अलग व्यवस्था थी। 

    लोन रीपेमेंट को लेकर सबसे ज्यादा उलझन
    लोन की किस्त के भुगतान को लेकर भी MDR व्यवस्था में पेमेंट इंडस्ट्री के बीच सवाल हैं. कुछ मामलों में बैंक पैसे भेजने वाले और पाने वाले, दोनों पक्षों से शुल्क लेते थे. कैपिटल मार्केट से जुड़े पक्षों का तर्क है कि ब्रोकिंग अकाउंट में पैसे डालना पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पेमेंट की तरह है. इसलिए ब्रोकिंग कंपनियों पर MDR नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के लेनदेन से उन्हें सीधे कमाई नहीं होती। 

    मैनुअल लोन पेमेंट पर भी सवाल
    छोटी रकम वाले कई लोन में ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है. इसकी एक वजह यह होती है कि ग्राहक के बैंक खाते में तय समय पर पर्याप्त बैलेंस नहीं होता. इसके बाद ग्राहक खुद मैनुअल तरीके से लोन की किस्त जमा करता है. यहीं से नया सवाल खड़ा होता है. मैनुअल पेमेंट को फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन पेमेंट माना जाता है, तो उस पर 0.4 फीसदी MDR लग सकता है. वहीं NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पेमेंट पर ₹5 की फ्लैट फीस का प्रावधान है. अब बैंक और पेमेंट एग्रीगेटर्स के सामने यह सवाल है कि लोन रीपेमेंट और सामान्य फाइनेंशियल सर्विस ट्रांजैक्शन में अंतर कैसे किया जाए. इसी वजह से नई व्यवस्था के लागू होने से पहले नियमों को लेकर और स्पष्टता की मांग की जा रही है। 

    अब NPCI के फैसले पर नजर
    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 अक्टूबर से MDR लागू होगा या इसे जनवरी 2027 तक टाल दिया जाएगा. इंडस्ट्री की मांग NPCI तक पहुंच चुकी है और वित्त मंत्रालय के साथ भी चर्चा जारी बताई जा रही है. अगर NPCI तारीख नहीं बदलता है, तो तय नियम के मुताबिक 15 अक्टूबर से पात्र ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू हो जाएगा. वहीं अगर मांग स्वीकार होती है, तो कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को तैयारी के लिए कुछ और समय मिल सकता है. अब अगले दो दिनों में NPCI के फैसले पर सबकी नजर है. इसी से साफ होगा कि 15 अक्टूबर की डेडलाइन बरकरार रहती है या यूपीआई MDR पर जनवरी 2027 तक राहत मिलती है। 

    UPI-MDR चार्ज पर क्‍या है प्रस्‍ताव? 
    NPCI के मुताबिक, 2,000 रुपये से ऊपर के पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्‍शन पर 0.4 % का MDR चार्ज लागू किया जाना है। 

    इस हिसाब से 75,000 रुपये के लेनदेन पर चार्ज 300 रुपये बनते हैं.हालांकि एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है। 

    ऐसे में 75,000 रुपये से ऊपर के जो भी ट्रांजैक्‍शन होंगे, उनपर अधिकतम यानी 300 रुपये MDR चार्ज लिए जाने का प्रावधान है। 

    2,000 रुपये से ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं?
    2,000 रुपये से ज्यादा के सिर्फ तय Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा. सामान्य दर 0.4% होगी, जबकि 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये होगा। 

    रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी सेक्टरों में 2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर सिर्फ 5 रुपये का फ्लैट MDR होगा। 

    अहम बात ये है कि ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा. बैंकों को निर्देश दिया गया है कि व्यापारी इसका बोझ ग्राहकों पर न डालें। 

    96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं
    सरकार के मुताबिक, करीब 96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे. ₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। 

    इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी रकम पर फ्री रहेगा. छोटे व्यापारियों को UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख तक मिलने वाली रकम पर भी MDR नहीं लगेगा. RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी MDR शून्य रहेगा। 

  • तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM विष्णु देव साय बोले- किसी तरह का भ्रम न रखें

    तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM विष्णु देव साय बोले- किसी तरह का भ्रम न रखें

    तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’, तेलीबांधा चौक भी इनमें शामिल

    मुख्यमंत्री ने कहा – न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है

    महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त होगी जारी, दुर्ग जिले को मिलेंगी विकास कार्यों की सौगात

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM मोदी का विपक्ष पर तंज, DBT की बचत से डीपफेक और डिजिटल सुरक्षा तक की चर्चा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM मोदी का विपक्ष पर तंज, DBT की बचत से डीपफेक और डिजिटल सुरक्षा तक की चर्चा

      नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रह गया है. यह सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुका है. इसी दौरान उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का भी जिक्र किया। 

    पीएम ने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे हैं. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस वजह से जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो चुकी है, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?

     '5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे'

    पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल व्यवस्था से सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए लोगों तक सरकारी सहायता पहुंची है. इससे व्यवस्था में होने वाली लीकेज को रोकने में मदद मिली है। 

    उन्होंने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में पहुंचे. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई. पीएम ने कहा कि यह कोई छोटी रकम नहीं है. उनके मुताबिक, यह पैसा गलत हाथों में जाने से बचा है। 

    पीएम मोदी ने इसी बात को लेकर सवालिया अंदाज में कहा कि जिन लोगों की बिना मेहनत की कमाई बंद हो गई है, वे मोदी से प्यार करेंगे क्या? उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने सही काम किया या नहीं. पीएम ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जाना चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना के बावजूद वह इस काम को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि वह इसे पूरा करके रहेंगे। 

    पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 साल में मोबाइल फोन की भूमिका काफी बदल गई है. अब यह सिर्फ बातचीत करने का साधन नहीं है. मोबाइल के जरिए सरकारी सेवाएं भी लोगों तक पहुंच रही हैं. उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं. लोगों को कई कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का तरीका बदला है। 

     डीपफेक और साइबर सुरक्षा पर भी की बात
    प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने डेटा की सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने डीपफेक जैसी तकनीक से पैदा होने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. पीएम ने कहा कि डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ढांचे की जरूरत है. उन्होंने डेटा और डिजिटल सुरक्षा को लेकर देशों के बीच सहयोग की जरूरत बताई। 

    पीएम मोदी ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इसमें छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा देश और विदेश के कई उद्योगपति और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग शामिल हुए। 

     

  • जनहित के कामों को मिले प्राथमिकता, डिप्टी CM अरुण साव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    जनहित के कामों को मिले प्राथमिकता, डिप्टी CM अरुण साव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

    कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

    अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव

    त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश

    रायपुर. 
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।

    योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें। 

    निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा

    उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। 

    उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

    ’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा। 

    साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो। 

    पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश

    साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    ’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’

    उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।

    उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

  • चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ 
    चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

    धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…

        पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।
        पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
        चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
        आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा।

    वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।

      अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान
    धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया।

    अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।
     
    वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी
    साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। बराड़ ने वेंडर्स से रोजाना काम के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि वेंडिंग जोन में उन्हें काम करने के दौरान किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही है और उपलब्ध सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।

    वेंडर्स ने मौके पर अपनी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी ने अधिकारियों के साथ वेंडिंग जोन को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और वेंडर्स को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली गई। धनास में एक ही दौरे के दौरान पुलिस थाना, अस्पताल और वेंडिंग जोन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा से प्रशासन का फोकस इलाके की बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर आया। फिलहाल पुलिस थाना और 80 बेड के अस्पताल के लिए जमीन तय करना अगला अहम चरण है। जमीन चिह्नित होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं का प्लान तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।

     

  • पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    चंडीगढ़

    कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे।

    इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा।

    परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है।

    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की।

    मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

     पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

    परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता
    मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

    इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए।

    वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश
    परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।

     

  • विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    विष्णु के सुशासन में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेपरि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच

    फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक, गौरेला में पनीर का नमूना जांच में पाया गया असुरक्षित

    विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।

    विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें।

    पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित

    जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।

    संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।

    खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

    नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील

    विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें।

    नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

  • शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    भोपाल
     केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में किलकारियां गूंजी हैं। वह एक बार फिर से दादा बने हैं। छोटी बहू ऋद्धि ने बेटे को जन्म दिया है। उसका नाम अभी अहान रखा गया है। अस्पताल से शिवराज सिंह चौहान ने खुशनुमा पल के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।

    सौभाग्य का सूर्योदय हुआ
    शिवराज सिंह चौहान ने एक्स प
    र वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है। कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने है, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है।

    इला को भाई मिल गया
    उन्होंने आगे लिखा कि कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाडली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है। बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है। वहीं, संदीप जैन और स्वाति जैन को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई।

    अहान के जन्म के साथ कार्तिकेय और अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं, जबकि परिवार की लाड़ली इला को छोटा भाई मिला है। शिवराज ने लिखा कि अहान की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह उनके लिए ईश्वर का अनमोल आशीर्वाद है।उन्होंने अहान के नाना-नानी संदीप जैन और स्वाति जैन को भी बधाई दी है।

    पोते के जन्म से बेहद खुश हैं शिवराज सिंह चौहान
    शिवराज सिंह चौहान ने पोते के जन्म की खुशखबरी साझा करने के लिए एक वीडियो शेयर की है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ' आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है. बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है. कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने हैं, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है। 

    उन्होंने आगे लिखा, 'कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाड़ली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है. बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है. यs हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है. संदीप जैन जी और स्वाति जैन जी को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई। 

    पोते को प्यार से गोद में लेते दिखे शिवराज सिंह चौहान
    वीडियो में शिवराज सिंह चौहान नर्स से अपने नवजात पोते को अपने हाथों में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके बगल में उनकी पत्नी भी खड़ी हैं, जो अपने पोते को प्यार से निहार रही हैं. वीडियो में पोते का चेहरा दिल के इमोजी से छिपाया हुआ है। 

    ‘अहान’ नाम में छिपा है खास मतलब
    शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोते का नाम ‘अहान’ रखा है, जो सुनने में जितना प्यारा है, इसका मतलब भी उतना ही खास है. ‘अहान’ एक मशहूर भारतीय और हिंदू नाम है. संस्कृत में इसका संबंध ‘अहन’ या ‘अह’ शब्द से माना जाता है, जिसका अर्थ ‘दिन’ होता है. आमतौर पर ‘अहान’ का अर्थ भोर, सूर्योदय, सुबह की पहली किरण या नई शुरुआत माना जाता है. ये नाम नई सुबह, रोशनी और जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। 

    पोती के नाम का मतलब भी है खास
    शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2026 को पोती का जन्म हुआ था. उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा था. ये नाम संस्कृत से लिया गया है और इसका संबंध धरती, वाणी और उर्वरता की देवी से माना जाता है. वैदिक ग्रंथों में इला को ‘इदा’ नाम से भी जाना जाता है. उन्हें सरस्वती और भारती के साथ भी पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की बेटी और बुध देव की पत्नी थीं. उनके पुत्र का नाम पुरूरवा था। 

    जनवरी में पोती इला के दादा बने थे
    शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और अमानत के घर 21 जनवरी 2026 को बेटी का जन्म हुआ था। दिल्ली के एम्स में जन्मी इस बच्ची का नाम इला रखा गया।

    पोती के जन्म पर शिवराज ने सोशल मीडिया पर लिखा था- आज हमारे घर लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता और अमानत मां बनी हैं, जबकि वे खुद दादा और साधना दादी बनी हैं।

    छोटे बेटे हैं कुणाल
    दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं। कुणाल उनके छोटे बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी पहले हुई थी। कुणाल की शादी ऋद्धि से हुई है। ऋद्धि पहली बार मां बनी हैं। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर हैं। शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह के चेहरे पर दादा-दादी बनने की खुशी देखी जा सकती है।

    पोती के साथ भी बिताते हैं समय
    गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को अपने कार्यों के बाद जब भी खाली समय मिलता है तो वह अपनी पोती के साथ व्यतीत करते हैं। सोशल मीडिया पर कई बार वह पोती को खेलाते हुए वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उन्हें फिर से दादा-दादी बनने पर लोग बधाई भी दे रहे हैं।

     

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

     नई दिल्ली

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है। 

    नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। 

    नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं। 

    कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी
    मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में। 

    फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक
    IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है। 

    कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में
    IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।