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  • जीआईएस : 2027 में ‘साझेदार देश’ के रूप में जुड़ने का आमंत्रण

    जीआईएस : 2027 में ‘साझेदार देश’ के रूप में जुड़ने का आमंत्रण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस–2027) में सात देशों को ‘साझेदार देश’ के रूप में जुड़ने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न देशों के साथ निवेश और व्यापारिक साझेदारी को ठोस परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता की कसौटी निवेश प्रस्तावों का धरातल पर क्रियान्वयन होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित राउंड टेबल बैठक में जापान, मेक्सिको,रूस,कोरिया गणराज्य, थाईलैंड,मिस्र अरब गणराज्य एवं साउथ अफ्रीका के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिनिधियों के विचारों को सुनते हुए कहा, “आपकी बातें मेरे साथ भोपाल जाएँगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनवरी 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट   का नौवाँ संस्करण आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि साझेदार देश (पार्टनर कंट्री) के रूप में आने वाले देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ वे स्वयं बैठक करेंगे। प्रतिनिधिमंडल उनके साथ भोज में भी शामिल होंगे। उनकी रुचि के अनुरूप पीथमपुर की औद्योगिक संभावनाओं से लेकर साँची की सांस्कृतिक विरासत तक प्रदेश के विविध पहलुओं से परिचित कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट   के बाद से मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी यही सुनिश्चित करने पर जोर होगा कि जो कहा जाए, वह धरातल पर उतरे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष अक्टूबर में मुंबई में कई राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने विभिन्न देशों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया है और आने वाले वर्ष में इस साझेदारी को और विस्तार देना चाहता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रिटेन की कंपनी हेलियॉन के निवेश निर्णय का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने जून में पीथमपुर में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से कारखाना स्थापित करने का निर्णय लिया। परियोजना के लिए 40 एकड़ से अधिक भूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वयं मध्यप्रदेश आए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न विकल्पों के बीच पीथमपुर का चयन प्रदेश के प्रति कंपनी के भरोसे को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि जापान के सौ वर्ष से अधिक पुराने टोप्पन समूह ने भी अपनी नई इकाई के लिए पीथमपुर को चुना है। लगभग 950 करोड़ रुपये की इस परियोजना का पूरा निवेश विदेश से होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोरिया की ई.सी.डी.एस. के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने भारत में अपनी पहली इकाई के लिए उज्जैन में लगभग 780 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस इकाई में कैंसर की जाँच के किट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश में जो बात मेज़ पर होती है, वह धरातल पर उतरती है।”

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक और लैटिन अमेरिका के 15 देशों के साथ व्यापार एवं निवेश मंच का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन आयोजनों को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजनयिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने देशों की राजधानियों तक यह संदेश पहुँचाएँ कि मध्यप्रदेश , जीआईएस–2027 में उनके देश को साझेदार देश के रूप में देखना चाहता है।उन्होंने संबंधित देशों के द्विपक्षीय चैंबरों से मध्यप्रदेश को जोड़ने और उनकी वार्षिक आम सभा भोपाल में आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कई चैंबर इसके लिए सहमत हो चुके हैं और प्रदेश की टीम उनके संपर्क में है।

    मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आने का आत्मीय निमंत्रण देते हुए कहा कि वे प्रदेश के अतिथि होंगे। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है। और हृदय का स्वभाव है, सबको जोड़ना। हम आपके देशों से इसी भाव से जुड़ना चाहते हैं।”

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। उन्होंने राजनयिक प्रतिनिधियों को सिंहस्थ में आने का भी निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यापारिक साझेदारी के साथ भारत की आत्मा को निकट से देखने का अवसर होगा।

    महावाणिज्य दूतों ने सराहीं मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं, सहयोग के अवसरों पर हुआ सकारात्मक संवाद

    राउंड टेबल बैठक में जापान की महावाणिज्य दूत सुश्री हितोमी सातो ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं की सराहना की। उनके साथ जापान और मध्यप्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के अवसरों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

    मेक्सिको के प्रमुख वाणिज्य दूत अदोल्फो गार्सिया एस्त्रादा ने मध्यप्रदेश में व्यापार एवं निवेश के अवसरों को उत्साहजनक बताया। उनसे आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    रूस के महावाणिज्य दूत इवान वाई. फेतिसोव ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन के प्रयासों की सराहना की। उनके साथ विभिन्न एग्रीकल्चर,फ़ूड प्रोसेसिंग एवं एनर्जी क्षेत्रों में निवेश एवं व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ।

    कोरिया गणराज्य के महावाणिज्य दूत डोंगवान यू ने मध्यप्रदेश के निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक संभावनाओं को सराहा। बैठक में कोरिया गणराज्य और मध्यप्रदेश के बीच निवेश एवं व्यापारिक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई।

    थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरिपोर्न सुपानिमितविसेतकुल ने मध्यप्रदेश की विकास संभावनाओं और निवेशकों के साथ संवाद की पहल की सराहना की। उनके साथ व्यापार एवं निवेश संबंधों के विस्तार के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

    मिस्र अरब गणराज्य की महावाणिज्य दूतमती डालिया तवाकोल ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य सरकार के निवेश प्रोत्साहन प्रयासों की सराहना की। उनसे आपसी आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।

    दक्षिण अफ्रीका के महावाणिज्य दूत जेडोन लेबाने ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और व्यापार की संभावनाओं को सराहा। उनके साथ निवेश एवं व्यापारिक सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

    बैठक में संबंधित देशों की जीआईएस–2027 में ‘साझेदार देश’ के रूप में संभावित सहभागिता तथा मध्यप्रदेश के साथ सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई। 

  • ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    ‘अखिलेश यादव को न राम प्यारे हैं, न कृष्ण’, सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए राजभर बोले- 2027 में हम जीतेंगे 350 सीट

    ‘12 बजे तक अखिलेश करते हैं अली-अली, उसके बाद बजरंगबली’- सपा प्रमुख पर ओपी राजभर का बड़ा हमला

    ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    'अखिलेश यादव शिवपाल को फूटी आंख भी नहीं देखना चाहते'- राजभर

    'सपा में शिवपाल की हालत झुनझुना बजाने वाले जैसी': अखिलेश पर ओपी राजभर का निशाना

    ओपी राजभर ने सपा को बताया डूबती नांव, 2027 को लेकर कहा- NDA के साथ लड़ेंगे चुनाव

    लखनऊ,
     योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में हम 350 सीट जीतने जा रहे हैं। वहीं अयोध्या में हो रही कथा में अखिलेश यादव के जाने को लेकर राजभर ने कहा, “उनको ना तो राम प्यारे हैं और ना ही कृष्ण प्यारे हैं, अखिलेश यादव खुद को कृष्ण का वशंज बताते हैं लेकिन वो मथुरा और अयोध्या नहीं जाते। उन्हें डर लगा रहता है कि मुस्लिम सपा का साथ न छोड़ दें।”

    राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव 12 बजे तक अली-अली करते हैं। उसके बाद बजरंगबली करते हैं। अखिलेश यादव का हाल माया मिली ना राम वाला है।” उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव कांग्रेस को चालू पार्टी बता चुके हैं। कांग्रेस सपा को भाजपा की बी टीम बता चुकी है। 2027 में कोई लड़ाई नहीं है।”

    वहीं सपा में शिवपाल यादव की स्थिति को लेकर ओपी राजभर ने कहा, “शिवपाल की स्थिति बैंड पार्टी में झुनझुना बजाने वाले जैसी हो गई है जिसे सुर-ताल से कोई मतलब नहीं होता। वही हाल उनका भी है।”

    उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव शिवपाल यादव को फूटी आंख से भी नहीं देखना चाहते हैं। अभी उनको लोहिया ट्रस्ट से भी हटा दिया। अभी मैंने सुना कि अब कार्यालय में भी शिवपाल जाएंगे तो अखिलेश से पूछकर जाएंगे। यह सब अविश्वास ही तो है। अखिलेश यादव हमेशा शिवपाल यादव को अपमानित करने का काम करते हैं।”

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर राजभर का बयान
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर ओपी राजभर ने कहा, “कांग्रेस-सपा को तो ज्ञानेश कुमार को धन्यवाद देना चाहिए कि निष्पक्ष चुनाव करवाया। जिसमें 37 सीट सपा को, 6 सीट कांग्रेस को मिली।”

    उन्होंने कहा, “अगर चोरी होती, तो 2019 में लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 303 सीट जीती। चोरी करती, तो बढ़ता न। और 2024 में 240 ही आई। यह क्या साबित करता है?”

    राजभर ने कहा, “2014 के पहले पूरे देश के सिस्टम पर कब्जा कांग्रेस का था। चुनाव आयोग कांग्रेस का था। तो क्या कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर के मोदी जी को प्रधानमंत्री बना दिया? 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा उत्तर प्रदेश के सारे सिस्टम पर था। तो क्या अखिलेश जी ने योगी जी को मुख्यमंत्री बना दिया?”

    उन्होंने आगे कहा, “अब मोदी जी और योगी जी दोनों लोग मिलकर के जनता का काम करने लगे, तो जनता उन पर विश्वास करने लगी और राहुल-अखिलेश को छोड़ दिया। तो अब यह लोग सोच रहे हैं कि अब प्रदर्शन करें कि आगामी चुनाव के बाद जनता से हम लोग कह सकें कि भाई वोट चोरी हो गई। बस इसी नाते लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। और कोई बात नहीं है।”

    2027 को लेकर क्या बोले राजभर?
    2027 को लेकर ओम प्रकाश राजभर से सवाल हुआ कि क्या सुभासपा भाजपा के साथ रहेगी या कहीं जाएगी? इस पर राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव भी तो 8 बार समझौता किए, बसपा से, आरएलडी से, कांग्रेस से, सुभासपा से। उनसे नहीं कोई पूछता है।” राजभर ने कहा कि हम लोग NDA के साथ हैं। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा, “सपा डूबती हुई नैया है, जिसे डूबना हो वही उस पार्टी में जाए।"

  • एंटीलिया केस में सचिन वाजे की कारों पर हाईकोर्ट की नजर, BMW-Volvo और 2 Mercedes समेत 5 गाड़ियां

    एंटीलिया केस में सचिन वाजे की कारों पर हाईकोर्ट की नजर, BMW-Volvo और 2 Mercedes समेत 5 गाड़ियां

     मुंबई

    एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत रद्द करने की NIA की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत में जब सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की जा रही महंगी और लग्जरी गाड़ियों का ब्योरा सामने आया, तो जजों की बेंच भी हैरान रह गई। मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच कर रही थी. एनआईए की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह कोर्ट के सामने जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान पढ़ रहे थे। 

    इन बयानों में साल 2021 की एक घटना का भी जिक्र था. गवाह ने बताया कि जब वाजे को लगा कि मामला बिगड़ सकता है और एनआईए जांच में आ सकती है, तब उसने अपने साथियों के साथ अपने मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को नष्ट करने और उन्हें मीठी नदी में फेंकने की बात कही थी। 

    'काली मर्सिडीज में बैठा था वाजे'
    अनिल सिंह ने एक गवाह का बयान पढ़ते हुए बताया कि वाजे ने अपने साथियों को अपने साथ आने के लिए कहा. इसके बाद सभी लोग नीचे आए और एक काली मर्सिडीज में बैठे. गवाह के मुताबिक, कार में बैठने के बाद वाजे ने फिर सभी से अपने मोबाइल फोन बंद करने को कहा। 

    यह सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पूछा कि यह मर्सिडीज किसकी थी? क्या यह वाजे की अपनी कार थी? अनिल सिंह ने जवाब दिया कि हां, यह कार वाजे की थी। 

    इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी वाजे के नाम पर था? बेंच ने कहा कि आमतौर पर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को मर्सिडीज चलाते हुए देखने को नहीं मिलता। 

    अनिल सिंह ने कहा कि ऐसे कई अधिकारी हैं. इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी इंस्पेक्टर जनरल के पास मर्सिडीज है? उन्होंने जवाब दिया कि हो सकता है IG के पास भी न हो, यहां तक कि कमिश्नर के पास भी न हो, लेकिन असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर के पास मर्सिडीज हो सकती है. ऐसा कोई नियम नहीं है कि कमिश्नर के पास मर्सिडीज होनी ही चाहिए। 

    कोर्ट ने कहा कि यह ऐसी बात है जिस पर पुलिस कमिश्नर को भी ध्यान देना चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पहले यह देखना जरूरी है कि कार वास्तव में वाजे की ही थी या नहीं। 

    बेंच ने कहा कि जब वर्दी में रहे किसी व्यक्ति पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया जाता है तो पूरे मामले को समझने के लिए उसकी पूरी स्थिति देखना जरूरी है. उसकी नौकरी के प्रति ईमानदारी, उसका काम, उसकी पोस्टिंग, उसने किस तरह काम किया और वर्दी में रहते हुए उसका व्यवहार कैसा रहा, इन सभी बातों को भी ध्यान में रखना होगा। 

    कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के दौरान सामने आई ऐसी चीजों को समझना जरूरी है, क्योंकि रिकॉर्ड में बार-बार वाजे के इन महंगी गाड़ियों में घूमने की बात सामने आ रही है. बेंच ने पूछा कि आखिर ये गाड़ियां किसकी थीं और वाजे इनका इस्तेमाल क्यों कर रहा था। 

    CM के घर भी महंगी कार से जाता था वाजे
    कोर्ट के सामने रखे गए कई बयानों में बताया गया कि वाजे अपनी महंगी मर्सिडीज से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' भी जाता था. सुनवाई के दौरान अनिल सिंह ने यह भी बताया कि वाजे दक्षिण मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में करीब 100 दिनों तक रहा था। 

    इस पर कोर्ट ने पूछा कि वह वहां इतने लंबे समय तक कैसे रह रहा था. बेंच ने यह भी पूछा कि उस समय वाजे की महीने की सैलरी कितनी थी. अनिल सिंह ने बताया कि फिलहाल उसकी सैलरी करीब 90 हजार रुपये महीना है। 

    BMW से लेकर लैंड क्रूजर तक, पांच महंगी गाड़ियां
    सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने वाजे के पास इस्तेमाल की गई पांच गाड़ियों की लिस्ट भी रखी गई. इसमें सफेद BMW, काली Volvo, सफेद Mercedes, सफेद Toyota Land Cruiser Prado और  काली Mercedes शामिल हैं. लिस्ट देखने के बाद कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा, 'इसके पास 5 कारें हैं!

    अनिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन कार डीलरों के बयान भी दर्ज किए गए थे, जिन्होंने वाजे को ये गाड़ियां बेची थीं. इन गाड़ियों और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जांच में सामने आई थी। 

    वाजे पर वसूली का भी मामला
    सचिन वाजे पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के साथ कथित वसूली के मामले में भी सीबीआई ने केस दर्ज किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब जांच एजेंसी पूरे मामले को वसूली से जोड़ रही है तो वाजे की महंगी गाड़ियों, होटल में रहने और दूसरे खर्चों से जुड़ी जानकारी भी मामले को समझने के लिए अहम हो सकती है. सीबीआई के मामले में विशेष अदालत ने बाद में वाजे को सरकारी गवाह बनने के लिए माफी दे दी थी. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वह अब भी आरोपी है। 

  • चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज थे रामविलास पासवानः मुख्यमंत्री 

    राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि 

    रामविलास जी को जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में भी दिलाएंगेः मुख्यमंत्री

    सर्वाधिक मतों से जिताकर बिहार की जनता ने दिया बड़ा सम्मान, रामविलास जी का मिशन बढ़ा रहे चिरागः सीएम 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जुझारू तेवर वाले जननेता थे। उन्होंने अपने इस तेवर से सामाजिक चेतना को नया आयाम प्रदान किया। 50 वर्ष पहले बिहार में ऐसे युवा नेता का अभ्युदय हुआ था, जो उस समय दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज बना। बिहार की जनता ने उस स्वर को बड़ा सम्मान दिया और रामविलास जी को सबसे अधिक मतों से जिताकर संसद भेजा। उन्होंने भारतीय राजनीति के माध्यम से अपना जीवन सामाजिक चेतना को जागरूक करने और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपने का भारत बनाने के लिए समर्पित किया। 

    राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर सुशांत गोल्फ सिटी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपनी बातें रखीं। मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी ने भजनों का श्रवण करते हुए आध्यात्मिक गंगा में डुबकी लगाई।

    संसद में हमने साथ कार्य किया 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बतौर सांसद मुझे भी पासवान जी के साथ लंबे समय तक संसद में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ। उनके मन में भारत की परंपरा के प्रति सदैव श्रद्धा व सम्मान की भावना रही। दलित-वंचित को न्याय मिले, उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान व उचित स्थान मिले, अपने इस संकल्प को मंजिल तक पहुंचाने के लिए रामविलास जी ने निरंतर कार्य किया। 

    जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में दिलाएंगे
    सीएम ने बिहार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वहां उनकी पुण्यतिथि को राष्ट्रीय समारोह के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सीएम ने रामविलास पासवान के दृढ़ संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो बोला, उसके अनुरूप जीवन जिया। उत्तर प्रदेश में इस आयोजन के लिए सीएम ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार जताया और विश्वास दिलाया कि बिहार में जो सम्मान रामविलास पासवान को मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिलाएंगे।

    रामविलास जी के मिशन को बढ़ा रहे चिराग 
    सीएम ने कहा कि रामविलास पासवान की अनुपस्थिति खलती है, लेकिन इस बात की संतुष्टि है कि चिराग पासवान उनके मिशन को बढ़ाने के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं। पीएम मोदी जी के सान्निध्य में केंद्रीय मंत्री के रूप में चिराग पासवान अपनी आवाज को हर मंच के माध्यम से बढ़ा रहे हैं। 

    रामविलास जी की सदाशयता हृदय छू लेती थी
    सीएम ने कहा कि रामविलास जी ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को बिना भेदभाव आगे बढ़ाने का काम किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा नरेंद्र मोदी जी के मंत्रिमंडल में बतौर केंद्रीय मंत्री के रूप में, चुनावी जनसभाओं या अन्य अवसरों पर भी रामविलास जी की सहजता, स्नेह व सदाशयतापूर्ण व्यवहार हर किसी का हृदय छू लेता था।

  • आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की बड़ी छलांग! अगले दशक में $8 ट्रिलियन पार होने का अनुमान

    आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की बड़ी छलांग! अगले दशक में $8 ट्रिलियन पार होने का अनुमान

    नई दिल्ली
    दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही हैं. कहीं महंगाई दबाव बना रही है, तो कहीं कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक रफ्तार के लिए चुनौती बने हुए हैं. इन सबके बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी रफ्तार बनाए रखने में सफल रही है. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म 'कोहलबर्ग क्राविस रॉबर्ट्स एंड कंपनी' (Kohlberg Kravis Roberts & Co. – KKR) का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था के आगे अभी लंबी ग्रोथ की गुंजाइश है और अगले 10 साल में यह 8 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के स्तर तक पहुंच सकती है। 

    केकेआर ने अक्टूबर 2026 की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लेवल पार कर चुका है. अब यहां से अर्थव्यवस्था के फिर दोगुना होने की राह बनती दिख रही है. फर्म के मुताबिक, पिछले एक दशक में किए गए कई ढांचागत सुधारों, डिजिटलाइजेशन और लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने भारत की विकास क्षमता को मजबूत किया है। 

    सुधारों का असर अब दिख रहा

    केकेआर के मुताबिक, 2014 के बाद भारत में कई ऐसे बड़े बदलाव हुए, जिनका असर धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था की बुनियाद पर पड़ा है. इनमें वस्तु एवं सेवा कर (GST), इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और लेबर मार्केट का ज्यादा औपचारिक होना शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता को बढ़ाया है. केकेआर का मानना है कि ऐसे ढांचागत सुधारों का असर किसी एक तिमाही में नहीं, बल्कि कई वर्षों में दिखाई देता है. फर्म के मुताबिक, ये बदलाव भारत के लिए 10-11% की नॉमिनल GDP ग्रोथ के रास्ते को सहारा दे सकते हैं। 

    अभी पूरी नहीं भारत की ग्रोथ स्टोरी
    केकेआर का कहना है कि भारत की आर्थिक कहानी अभी पूरी नहीं हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, आगे की ग्रोथ सिर्फ नए सुधारों से नहीं आएगी, बल्कि पहले से लागू किए गए सुधारों का पूरा असर सामने आने से भी अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है. फर्म के अनुसार, अर्थव्यवस्था के ज्यादा औपचारिक होने से कारोबार और कैश फ्लो से जुड़े जोखिमों में कमी आई है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के लंबे समय के आउटलुक को मजबूती मिली है। 

    बढ़ती आय और खपत बड़ा सहारा
    भारत की बढ़ती आय और घरेलू खपत भी केकेआर की नजर में लंबी अवधि की बड़ी ताकत है. जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ती है, वैसे-वैसे सामान और सेवाओं पर खर्च भी बढ़ता है. इससे अर्थव्यवस्था में मांग बनी रहती है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी इस रफ्तार के लिए छोटी अवधि में चुनौती बन सकती है. रिपोर्ट में करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के कच्चे तेल की कीमत का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इससे कुछ समय के लिए ग्रोथ धीमी हो सकती है. हालांकि, केकेआर के मुताबिक सरकारी नीतियों ने इस बार घरेलू परिवारों पर उतना बोझ नहीं डाला है, जितना पिछले तेल संकटों के दौरान देखने को मिला था। 

    सर्विसेज बनीं ग्रोथ की बड़ी ताकत
    भारत के लिए सर्विसेज सेक्टर भी आर्थिक विकास का एक अहम इंजन बनकर उभरा है. केकेआर के मुताबिक, सर्विसेज एक्सपोर्ट अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC भी पारंपरिक आईटी सर्विसेज के साथ-साथ ग्रोथ का बड़ा स्रोत बनते जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विसेज का योगदान भारत की रियल GDP ग्रोथ में आधे से ज्यादा है. आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस क्षेत्र के विकास का अगला बड़ा चरण बन सकता है। 

    इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भी अहम
    केकेआर ने भारत के लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को भी अर्थव्यवस्था की क्षमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण फैक्टर बताया है. सड़क, रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं, बल्कि लंबे समय में कारोबार की लागत और समय को कम करने में भी मदद मिलती है. कुल मिलाकर, केकेआर की रिपोर्ट भारत की लंबी अवधि की आर्थिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश करती है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों जैसी वैश्विक चुनौतियां बीच-बीच में रफ्तार पर असर डाल सकती हैं. इसके बावजूद केकेआर का अनुमान है कि अगले 10 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 8 ट्रिलियन डॉलर से आगे जाने की राह पर है। 

     

  • टीबी मुक्त मध्यप्रदेश की तैयारी तेज, JOSH टीमों के जरिए घर-घर होगी स्क्रीनिंग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी मुक्त मध्यप्रदेश की तैयारी तेज, JOSH टीमों के जरिए घर-घर होगी स्क्रीनिंग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी उन्मूलन के लिए युवा शक्ति तैयार, JOSH टीमें घर-घर स्क्रीनिंग में करेंगी सहयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी उन्मूलन के लिए JOSH (जॉइंट स्क्वॉड फ़ॉर हेल्थ) टीम का किया शुभारंभ
    स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण
    टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सघन स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश में अब तक 1.12 लाख टीबी मरीजों की समय पर पहचान की जा चुकी है। पहले जहां 25 से 30 हजार मरीज ही चिन्हित हो पाते थे, वहीं व्यापक स्क्रीनिंग से अधिक मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से 6 माह तक दवा लेने, पौष्टिक आहार और निक्षय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर ‘टीबी चैंपियन’ बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के साथ वर्ष 2047 तक विकसित और हेल्दी भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल आज गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में JOSH (जॉइंट स्क्वॉड फ़ॉर हेल्थ) टीम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से राष्ट्रव्यापी स्तर पर JOSH टीम का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) नरेंद्र शिवाजी पटेल, आयुक्त स्वास्थ्य एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की डीन डॉ. कविता सिंह, सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के समय पर एंटी-नेटल चेकअप (एएनसी) कराने और ग्राम पंचायतों से इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज एवं फैटी लिवर के साथ सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग का भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा निःशुल्क जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता और जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि JOSH टीमें युवाओं की शक्ति को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल हैं। माय भारत के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स की ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित टीमें घर-घर स्क्रीनिंग अभियान में सहयोग करेंगी तथा संभावित मरीजों की पहचान, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 8 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, 3 निक्षय मित्रों तथा 5 स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। भोपाल जिले की लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त पंचायत की श्रेणी में शामिल बैरसिया ब्लॉक की बांदरुआ, उनीदा, उमरिया, मणिखेड़ी एवं रानी खजूरी तथा फंदा ब्लॉक की निपनिया सूखा, खामखेड़ा एवं कोडिया ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को निरंतर पोषण एवं सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए डॉ. मनोज निगम, डॉ. प्रेमलता गोयल एवं श्रीमती मोनिका रोबोट को निक्षय मित्र सम्मान प्रदान किया गया। टीबी स्क्रीनिंग एवं संभावित मरीजों की पहचान में उत्कृष्ट योगदान के लिए पीपुल्स हॉस्पिटल एवं डॉ. आर.के. दीक्षित को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ भोपाल, को प्रदेश में सर्वाधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने, डॉ. अनिमेश सिंह, डीटीओ भोपाल, को उत्कृष्ट समन्वय एवं प्रबंधन, के.के. सिंह, टीबीएचवी, को सर्वाधिक फील्ड स्क्रीनिंग, महेश शर्मा, लैब टेक्नीशियन, को सर्वाधिक NAAT जांच तथा श्रीमती ज्योतिमाला रावोल, रेडियोग्राफर, को सर्वाधिक एक्स-रे जांच के लिए सम्मानित किया गया।

    सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ भारत के लक्ष्य प्राप्ति को मिलेगी गति: राज्य मंत्री पटेल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। JOSH टीम के माध्यम से माय भारत स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट्स जन-जागरूकता, स्क्रीनिंग और संभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को और गति मिलेगी।

    राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। इनमें MY Bharat स्वयंसेवक, NCC कैडेट्स, NTEP टीम, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की फैकल्टी एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। भोपाल जिले के दो ब्लॉक्स की JOSH टीम के MY Bharat स्वयंसेवकों एवं NCC कैडेट्स ने मुख्य अतिथियों के साथ सामूहिक छायाचित्र भी लिया। कार्यक्रम से प्रदेश के सभी 55 जिलों के जनप्रतिनिधि, सरपंच, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट्स, माय भारत स्वयंसेवक एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। प्रदेशभर से 5,000 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में ऑनलाइन सहभागिता की और टीबी सहित जन-स्वास्थ्य अभियानों को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

     

  • एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    योगी सरकार के छह माह में एक लाख भर्ती के संकल्प में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी

    भर्ती प्रक्रिया में प्राचार्य से लेकर सहायक अध्यापक तक के पद शामिल

    रोजगार के साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी उपलब्ध होगा आवश्यक मानव संसाधन

    लखनऊ, 
     प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र में ही 17,059 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन भर्तियों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा, साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

    उच्च शिक्षा में 2,047 पदों पर अवसर

    आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 111 पद और सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं। सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस भर्ती से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद

    उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 897 पद तथा प्रवक्ता (पीजीटी) के 2,607 पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026, जबकि प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।

    बेसिक शिक्षा में 11,508 पदों की बड़ी भर्ती

    शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित भर्तियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। यहां सहायक अध्यापक प्राथमिक शहरी (अर्बन) के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) भी आयोजित की जा रही है।

    एक लाख भर्ती के लक्ष्य में शिक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका

    शिक्षा विभाग के इन आंकड़ों को देखें तो अकेले विज्ञापित 17,059 पद एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत हैं। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार के रोजगार मिशन में शिक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इनमें 11,508 पद अकेले प्राथमिक शहरी सहायक अध्यापकों के, 2,607 प्रवक्ता, 1,936 सहायक आचार्य, 897 माध्यमिक सहायक अध्यापक और 111 प्राचार्य के पद हैं। यानी भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न स्तरों को कवर किया गया है।

    रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती

    योगी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समयबद्ध भर्ती के जरिए रिक्त पदों को भरने की है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने से एक ओर प्रदेश के युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों, माध्यमिक शिक्षण संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। मिशन रोजगार के तहत हो रही ये भर्तियां युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी काम करेंगी।

  • बस्तर से गूंजा सहकारिता का संदेश, जगदलपुर में राष्ट्रीय वर्कशॉप शुरू; विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर से गूंजा सहकारिता का संदेश, जगदलपुर में राष्ट्रीय वर्कशॉप शुरू; विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर से सहकारिता का नया सूर्योदय

    जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ

    सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद

    अंतिम छोर तक जनमानस को लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डाॅ. आशीष भूटानी

    रायपुर
    मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।

            सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।

             छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।

          सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।

         सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टाॅल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।

             बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी: मुख्यमंत्री योगी
     
    लखनऊ में रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद
     
    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल
     
    पिता के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रहे चिराग पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए रामविलास पासवान ने समर्पित किया जीवन
     
    राजनीतिक विचार अलग थे, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते थे पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    संसद में साथ बिताए दिनों को मुख्यमंत्री योगी ने किया याद, बोले- सहज व्यवहार से हर किसी का दिल जीत लेते थे
     
     लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि उन्हें बिहार में जो सम्मान मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनके योगदान को उत्तर प्रदेश में भी पूरा सम्मान मिलेगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
     
    सामाजिक न्याय की लड़ाई को दिया जीवन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वह दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज बने। बिहार की जनता ने उन्हें भारी मतों से संसद पहुंचाया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। समाज के वंचित वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाना उनका संकल्प था।
     
    उन्होंने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाई जा रही है। इसके लिए बिहार सरकार का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान ने जो कहा, उसी के अनुरूप जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।
     
    भारतीय परंपराओं के प्रति थी गहरी श्रद्धा
    मुख्यमंत्री योगी ने संसद में रामविलास पासवान के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारों में अंतर हो सकता था, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति उनके मन में उतनी ही श्रद्धा थी, जितनी दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता। वह चाहते थे कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान का व्यवहार बेहद सहज और स्नेहपूर्ण था। अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम करने के दौरान भी उनका यही स्वभाव रहा। सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में उनकी सदाशयता लोगों के हृदय को छू लेती थी।
     
    पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे चिराग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है। उनकी स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। संतोष इस बात का है कि उनके पुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री के रूप में वह विभिन्न मंचों से सामाजिक न्याय की आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया।
     
    भजनों के बीच दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजन का गायन हुआ। भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित लोगों ने रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, रामविलास पासवान के परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और अनुयायी मौजूद रहे।

  • आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में केदार कश्यप ने बच्चों-महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण पर जागरूकता का जोर

    आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में केदार कश्यप ने बच्चों-महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण पर जागरूकता का जोर

    बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप

    आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता पर दिया जोर

    रायपुर, 
     वन मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

    बच्चों से किया, महिलाओं के पोषण पर विशेष फोकस के निर्देश
    वन मंत्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। जहां बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार और गर्भावस्था में उचित पोषण की सलाह दी। इस दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार हुआ।

    सेवाभाव के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन का सम्मान
    मंत्री कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहायिका सहित छह महिलाओं को उनके सेवाभाव और योगदान के लिए सम्मानित किया।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।